Tag: subsidy

  • LPG Rule Change: 1 अक्टूबर से सब्सिडी वाले सिलेंडर के लिए बदलेगा नियम, जानें क्या करना होगा ?

    LPG Rule Change: 1 अक्टूबर से सब्सिडी वाले सिलेंडर के लिए बदलेगा नियम, जानें क्या करना होगा ?


    नई दिल्ली। LPG उपभोक्ताओं के लिए 1 अक्टूबर 2026 से नया नियम लागू होने जा रहा है। अब घरेलू LPG सिलेंडर को लागू सब्सिडी के साथ रेगुलेटेड रिटेल सेलिंग प्राइस (RSP) पर बुक करने के लिए Biometric Aadhaar Authentication (BAA) पूरा करना जरूरी होगा। जिन उपभोक्ताओं का यह ऑथेंटिकेशन पहले ही हो चुका है, उन्हें दोबारा प्रक्रिया नहीं करनी होगी। सरकार के मुताबिक, 19 सितंबर 2026 तक 27.43 करोड़ सक्रिय घरेलू LPG उपभोक्ता यानी 89.9% पहले ही BAA पूरा कर चुके हैं।

    1 अक्टूबर से क्या बदलेगा?

    पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के मुताबिक, 1 अक्टूबर से जिन घरेलू LPG उपभोक्ताओं ने Biometric Aadhaar Authentication पूरा नहीं किया है, उनके लिए सब्सिडी के साथ RSP पर रिफिल बुकिंग BAA पूरा होने के बाद ही उपलब्ध होगी। यानी ऑथेंटिकेशन पूरा कराने के बाद ही सब्सिडी वाले रेट पर रिफिल बुक किया जा सकेगा।

    हालांकि, सरकार ने स्पष्ट किया है कि BAA नहीं कराने वाले उपभोक्ताओं को LPG मिलना पूरी तरह बंद नहीं होगा। ऐसे उपभोक्ता अपनी पसंद दर्ज कराने के बाद स्थानीय उपलब्धता के आधार पर 5 या 10 किलो के सिलेंडर बाजार कीमत पर बिना सब्सिडी के ले सकेंगे।

    जिन्हें पहले ही करा लिया, उन्हें कुछ नहीं करना

    अगर किसी LPG उपभोक्ता का Biometric Aadhaar Authentication पहले ही पूरा हो चुका है, तो उसे यह प्रक्रिया दोबारा कराने की जरूरत नहीं है। ऐसे उपभोक्ताओं को रिफिल पहले की तरह मिलता रहेगा।

    सरकार का कहना है कि BAA का उद्देश्य सब्सिडी वाले LPG सिलेंडर का लाभ वास्तविक और पात्र परिवारों तक पहुंचाना है। इससे घरेलू सब्सिडी वाले सिलेंडरों के व्यावसायिक और औद्योगिक इस्तेमाल को रोकने, डुप्लीकेट कनेक्शन की पहचान करने और अपात्र कनेक्शन हटाने में मदद मिलेगी।

    27.43 करोड़ उपभोक्ता करा चुके हैं BAA

    पेट्रोलियम मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 19 सितंबर 2026 तक देश में 27.43 करोड़ सक्रिय घरेलू LPG उपभोक्ताओं ने Biometric Aadhaar Authentication पूरा कर लिया था। यह कुल सक्रिय घरेलू LPG उपभोक्ताओं का 89.9% है।

    उपभोक्ताओं को पहले 30 जून 2026 तक BAA पूरा करने के लिए कहा गया था। बाद में समयसीमा कई बार बढ़ाई गई। इसे 31 जुलाई, 7 अगस्त, 15 अगस्त, 23 अगस्त, 31 अगस्त, 7 सितंबर और अंत में 14 सितंबर 2026 तक बढ़ाया गया था। अब 1 अक्टूबर से सब्सिडी वाले रिफिल की बुकिंग के लिए BAA पूरा होना जरूरी होगा।

    घर बैठे भी पूरा कर सकते हैं ऑथेंटिकेशन

    LPG उपभोक्ताओं के लिए BAA पूरा करने के कई विकल्प उपलब्ध हैं। इसके लिए गैस एजेंसी के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है।

    डिलीवरी के समय: LPG सिलेंडर की डिलीवरी के दौरान डिलीवरी कर्मचारी OMC के मोबाइल ऐप के जरिए मौके पर ही ऑथेंटिकेशन पूरा कर सकता है।

    गैस एजेंसी पर: उपभोक्ता अपने LPG डिस्ट्रीब्यूटर के शोरूम पर जाकर भी Biometric Aadhaar Authentication करा सकते हैं।

    मोबाइल ऐप से: घर बैठे संबंधित ऑयल मार्केटिंग कंपनी के मोबाइल ऐप से भी प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। इंडेन के लिए IndianOil ONE, भारत गैस के लिए HelloBPCL और HP गैस के लिए HP PAY ऐप का इस्तेमाल किया जा सकता है।

    सितंबर में 14.2 किलो सिलेंडर पर करीब 210 रुपए की सब्सिडी

    सरकार के मुताबिक सितंबर 2026 में 14.2 किलो के घरेलू LPG सिलेंडर पर निहित सब्सिडी करीब 210 रुपए प्रति सिलेंडर है। जून 2026 में यह राशि 721 रुपए प्रति सिलेंडर तक पहुंच गई थी। सरकार का कहना है कि घरेलू LPG को किफायती बनाए रखने के लिए सब्सिडी को वास्तविक पात्र उपभोक्ताओं तक पहुंचाना जरूरी है।

    1 अक्टूबर से पहले करा लें BAA

    जिन उपभोक्ताओं ने अब तक Biometric Aadhaar Authentication नहीं कराया है, उन्हें सरकार ने 1 अक्टूबर से पहले यह प्रक्रिया पूरी करने की सलाह दी है। यह सुविधा शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में उपलब्ध है। LPG सेवाओं से संबंधित सहायता के लिए उपभोक्ता 1800 2333 555 टोल-फ्री हेल्पलाइन पर संपर्क कर सकते हैं।

  • सब्सिडी का लाभ लेने वाले LPG ग्राहकों के लिए 1 अक्टूबर से बदलेगा ये नियम…

    सब्सिडी का लाभ लेने वाले LPG ग्राहकों के लिए 1 अक्टूबर से बदलेगा ये नियम…


    नई दिल्ली।
    घरेलू एलपीजी सिलेंडर (Domestic LPG cylinder) पर सब्सिडी का लाभ लेने वाले उपभोक्ताओं के लिए जरूरी खबर है। दरअसल, 1 अक्टूबर 2026 से सब्सिडी के साथ विनियमित खुदरा बिक्री मूल्य (RSP) पर घरेलू LPG रिफिल बुक कराने के लिए बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण (Biometric Aadhaar Authentication- BAA) पूरा करना अनिवार्य होगा। अगर ऐसा नहीं कराया तो सब्सिडी का लाभ मिलने में दिक्कत हो सकती है।


    क्या है इसका मकसद?

    बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण से यह सुनिश्चित होता है कि सब्सिडी वाली एलपीजी केवल वास्‍तविक और योग्‍य परिवारों तक पहुंचे। प्रत्‍येक कनेक्शन को आधार-प्रमाणित उपभोक्‍ता से जोड़ने से सब्सिडी वाले घरेलू सिलेंडरों का कॉमर्शियल और औद्योगिक इस्तेमाल के लिए डायवर्जन रोकने में मदद मिलती है। इसके अलावा, डुप्लीकेट और अयोग्य कनेक्शन हटते हैं। वहीं, सब्सिडी पहुंचाने का तरीका पारदर्शी और सही लोगों तक पहुंचने वाला बनता है। इस प्रक्रिया का उद्देश्‍य किसी भी वास्‍तविक परिवार को एलपीजी से वंचित करना नहीं है और प्रत्‍येक योग्य उपभोक्‍ता इसे कई आसान तरीकों से पूरा कर सकते हैं।


    कितने लोग कर चुके बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण

    पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने शनिवार को बताया कि 19 सितंबर तक देश के 27.43 करोड़ सक्रिय घरेलू एलपीजी उपभोक्ता यानी 89.9 प्रतिशत अपना बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण पूरा कर चुके हैं। इन उपभोक्ताओं को दोबारा प्रमाणीकरण कराने की जरूरत नहीं होगी और उन्हें रिफिल पहले की तरह मिलता रहेगा।


    एक अक्टूबर से पहले करना जरूरी

    जिन उपभोक्ताओं ने अभी तक बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण पूरा नहीं किया है, वे एक अक्टूबर से पहले इसे पूरा कर सकते हैं। यह प्रक्रिया एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी के समय भी पूरी की जा सकती है। डिलीवरी कर्मचारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (ओएमसी) के मोबाइल ऐप के माध्यम से मौके पर ही प्रमाणीकरण करा सकता है। इसके अलावा उपभोक्ता अपने एलपीजी वितरक की दुकान पर जाकर भी यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। उपभोक्ताओं के लिए घर बैठे मोबाइल ऐप से स्वयं ई-केवाईसी पूरा करने का विकल्प भी उपलब्ध है।

    इंडेन के ग्राहक इंडेनऑइलवन, भारत गैस के ग्राहक हेलोबीपीसीएल और एचपी गैस के ग्राहक एचपी पे ऐप के माध्यम से यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। स्वयं ई-केवाईसी करने के संबंध में वीडियो ट्यूटोरियल पीएमयूवाई पोर्टल पर उपलब्ध है।

    जिन उपभोक्ताओं ने बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण पूरा नहीं किया है, उनके लिए प्रमाणीकरण पूरा होने के बाद सब्सिडी के साथ खुदरा बिक्री मूल्य पर रिफिल बुकिंग शुरू हो जाएगी। हालांकि, जो उपभोक्ता बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण नहीं कराना चाहते या किसी कारण से इसे पूरा करने में सक्षम नहीं हैं, उनके लिए भी एलपीजी प्राप्त करने का विकल्प रहेगा।


    LPG पर करीब ₹210 की सब्सिडी

    सरकार घरेलू LPG को उपभोक्ताओं के लिए किफायती बनाए रखने के लिए वित्तीय सहायता भी दे रही है। सितंबर 2026 में 14.2 किलोग्राम के घरेलू LPG सिलेंडर पर निहित सब्सिडी करीब ₹210 प्रति सिलेंडर बताई गई है।

  • पीएमईजीपी योजना से धमतरी के शाकिर खान ने शुरू किया होटल, अब 6 से 7 युवाओं को दे रहे रोजगार

    पीएमईजीपी योजना से धमतरी के शाकिर खान ने शुरू किया होटल, अब 6 से 7 युवाओं को दे रहे रोजगार

    नई दिल्ली ।छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के रहने वाले शाकिर खान ने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम यानी पीएमईजीपी योजना का लाभ लेकर अपना कारोबार शुरू किया है। कभी खुद का व्यवसाय शुरू करना उनके लिए एक सपना था, लेकिन बैंक ऋण और सरकारी सब्सिडी की मदद से उन्होंने होटल स्थापित किया। अब वह अपने कारोबार के जरिए खुद रोजगार पाने के साथ 6 से 7 युवाओं को रोजगार भी दे रहे हैं।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर केंद्र सरकार की पीएमईजीपी योजना को स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़कर देखा जा रहा है। योजना का उद्देश्य ऐसे लोगों को अपना कारोबार शुरू करने में मदद करना है, जो रोजगार की तलाश में हैं और अपना व्यवसाय स्थापित करना चाहते हैं। इसके तहत बैंक ऋण के साथ सरकारी सब्सिडी का लाभ उपलब्ध कराया जाता है।

    शाकिर खान के लिए इस योजना का लाभ उनके कारोबारी सफर में महत्वपूर्ण साबित हुआ। उन्होंने बताया कि पहले खुद का व्यवसाय शुरू करना केवल एक सपना था। कारोबार शुरू करने के लिए आवश्यक आर्थिक संसाधन जुटाना उनके लिए आसान नहीं था। पीएमईजीपी योजना के तहत बैंक से ऋण मिलने और सरकारी सब्सिडी का लाभ मिलने के बाद उनके लिए होटल शुरू करना संभव हो सका।

    होटल शुरू होने के बाद उनका कारोबार आगे बढ़ा और अब वह अपने काम को संचालित कर रहे हैं। शाकिर के मुताबिक, इस योजना ने उनके उद्यमी बनने के सपने को पूरा करने में मदद की। उनका कहना है कि यदि उन्हें पीएमईजीपी योजना का सहयोग नहीं मिलता तो अपना व्यवसाय शुरू करने का सपना अधूरा रह सकता था।

    शाकिर खान का उदाहरण इस बात से जुड़ा है कि सरकारी वित्तीय सहायता का इस्तेमाल करके कोई व्यक्ति अपना रोजगार स्थापित करने के साथ अन्य लोगों के लिए भी रोजगार का अवसर तैयार कर सकता है। होटल में फिलहाल 6 से 7 युवा काम कर रहे हैं। इस तरह उनका कारोबार उनके लिए आय का साधन बनने के साथ दूसरे युवाओं के रोजगार से भी जुड़ा है।

    पीएमईजीपी योजना का उद्देश्य युवाओं, महिलाओं और ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़े लोगों के लिए स्वरोजगार के अवसर तैयार करना है। इसके माध्यम से उद्योग, सेवा और छोटे व्यवसाय शुरू करने के लिए वित्तीय सहायता और सब्सिडी उपलब्ध कराई जाती है। योजना के तहत कारोबार शुरू करने के इच्छुक लोगों को बैंक वित्तपोषण के माध्यम से अपना उद्यम स्थापित करने का अवसर मिलता है।

    शाकिर खान ने योजना को युवाओं के लिए आत्मनिर्भर बनने और आर्थिक रूप से मजबूत होने में मददगार बताया। उनके अनुसार, कारोबार शुरू करने के लिए आर्थिक सहयोग मिलने से उन लोगों को आगे बढ़ने का अवसर मिलता है, जिनके पास अपना व्यवसाय शुरू करने की इच्छा तो होती है, लेकिन पर्याप्त संसाधन नहीं होते।

    पीएमईजीपी के जरिए शाकिर ने धमतरी में अपना होटल शुरू किया और अब वह स्वयं उद्यमी के रूप में काम कर रहे हैं। उनके कारोबार से जुड़े 6 से 7 युवाओं को भी रोजगार मिला है। इस तरह उनकी व्यक्तिगत कारोबारी शुरुआत अब अन्य लोगों की आजीविका से भी जुड़ गई है।

    शाकिर की कहानी स्वरोजगार के उस पहलू को सामने रखती है, जिसमें सरकारी योजना के जरिए व्यवसाय शुरू करने वाले व्यक्ति आगे चलकर दूसरे लोगों के लिए भी काम के अवसर तैयार कर सकते हैं। पीएमईजीपी के तहत मिलने वाले ऋण और सब्सिडी के सहारे उन्होंने अपने सपने को कारोबार में बदला और रोजगार देने वाले उद्यमी के रूप में आगे बढ़े।

  • LPG e-KYC की समयसीमा आज खत्म, सरकार ने अभी नहीं बढ़ाई डेडलाइन, उपभोक्ताओं के लिए वेरिफिकेशन जरूरी

    LPG e-KYC की समयसीमा आज खत्म, सरकार ने अभी नहीं बढ़ाई डेडलाइन, उपभोक्ताओं के लिए वेरिफिकेशन जरूरी

    नई दिल्ली ।देशभर के एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए 23 अगस्त 2026 की तारीख महत्वपूर्ण है, क्योंकि घरेलू गैस कनेक्शन से जुड़े ई-केवाईसी की बढ़ाई गई समयसीमा आज समाप्त हो रही है। इंडेन गैस, एचपी गैस और भारत गैस के उपभोक्ताओं को आधार आधारित बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण की प्रक्रिया पूरी करने के लिए पहले 16 अगस्त तक का समय दिया गया था, जिसे बाद में बढ़ाकर 23 अगस्त किया गया था। फिलहाल इस समयसीमा को आगे बढ़ाने की कोई आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई है।

    ई-केवाईसी का उद्देश्य एलपीजी उपभोक्ताओं की पहचान और कनेक्शन से जुड़ी जानकारी का सत्यापन करना है। बड़ी संख्या में ग्राहक इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए अपने संबंधित गैस वितरक केंद्रों का रुख कर रहे हैं। जिन उपभोक्ताओं ने अभी तक अपना सत्यापन पूरा नहीं किया है, उनके लिए आज प्रक्रिया पूरी करना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    ई-केवाईसी लंबित रहने की स्थिति में उपभोक्ताओं को भविष्य में गैस कनेक्शन से जुड़ी सेवाओं में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। सत्यापन नहीं होने पर कनेक्शन की सेवाओं, रिफिल बुकिंग या सब्सिडी से संबंधित लाभ प्रभावित होने की आशंका है। हालांकि किसी भी उपभोक्ता के मामले में वास्तविक कार्रवाई संबंधित नियमों और तेल विपणन कंपनियों की प्रक्रिया के अनुसार होगी।

    ई-केवाईसी पूरा करने के लिए उपभोक्ताओं को अपने गैस कनेक्शन से जुड़े विवरण और आधार से संबंधित जानकारी तैयार रखनी चाहिए। ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध होने पर संबंधित गैस कंपनी के आधिकारिक डिजिटल माध्यम से प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। जिन लोगों को ऑनलाइन सत्यापन में परेशानी हो रही है, वे अपने गैस वितरक से संपर्क कर बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।

    समयसीमा बढ़ाने की संभावना को लेकर फिलहाल उपभोक्ताओं के बीच सवाल बने हुए हैं। इससे पहले निर्धारित अंतिम तारीख को उपभोक्ताओं की सुविधा और तकनीकी समस्याओं से जुड़ी शिकायतों के बीच आगे बढ़ाया गया था। लेकिन 23 अगस्त के बाद नई समयसीमा घोषित की गई है या नहीं, इसे लेकर आधिकारिक सूचना का इंतजार करना होगा। इसलिए जिन ग्राहकों का ई-केवाईसी अभी बाकी है, उन्हें केवल डेडलाइन बढ़ने की उम्मीद पर निर्भर रहने के बजाय उपलब्ध समय में सत्यापन पूरा करने की कोशिश करनी चाहिए।

    एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए सब्सिडी और घरेलू सिलेंडर से जुड़े लाभ भी ई-केवाईसी व्यवस्था से जुड़े हुए हैं। खासकर प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए पहचान सत्यापन महत्वपूर्ण है। सत्यापन प्रक्रिया पूरी नहीं होने पर संबंधित लाभों पर असर पड़ सकता है, इसलिए पात्र उपभोक्ताओं को अपनी स्थिति समय रहते जांच लेनी चाहिए।

    इस बीच 23 अगस्त को घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। 14.2 किलोग्राम के घरेलू सिलेंडर के दाम शहर के अनुसार अलग-अलग हैं। दिल्ली में इसकी कीमत 942 रुपये, मुंबई में 941.50 रुपये, जयपुर में 945.50 रुपये और कोलकाता में 968 रुपये बताई गई है। पटना में घरेलू सिलेंडर की कीमत 1,031.50 रुपये है, जबकि लखनऊ में यह 979.50 रुपये और हैदराबाद में 994 रुपये है।

    वहीं 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतें भी शहर के हिसाब से अलग हैं। दिल्ली में इसकी कीमत 2,738 रुपये, मुंबई में 2,691.50 रुपये और पटना में 3,018 रुपये बताई गई है। घरेलू और व्यावसायिक सिलेंडरों की कीमतों में अंतर के साथ उपभोक्ताओं को अपने कनेक्शन की स्थिति और लागू नियमों की जानकारी भी रखनी चाहिए।

    ई-केवाईसी को लेकर किसी भी अंतिम निर्णय के लिए उपभोक्ताओं को संबंधित गैस कंपनी और सरकारी स्तर से जारी आधिकारिक सूचना पर ही भरोसा करना चाहिए। अगर आज तक सत्यापन नहीं हुआ है, तो जल्द से जल्द प्रक्रिया पूरी करना भविष्य में संभावित असुविधा से बचने का सबसे सुरक्षित विकल्प है।

  • PMUY योजना में सब्सिडी प्राप्त करने वालों की संख्या 2025 में बढ़कर 10.35 करोड़ हुई

    PMUY योजना में सब्सिडी प्राप्त करने वालों की संख्या 2025 में बढ़कर 10.35 करोड़ हुई


    नई दिल्ली । प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना पीएमयूवाई के तहत लाभ पाने वाले लोगों की संख्या 2025 में बढ़कर 10.25 करोड़ हो गई है। यह जानकारी पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की ओर से शुक्रवार को दी गई। पीएमयूवाई के तहत सरकार गरीब परिवारों को 14.2 किलो वाले एलपीजी सिलेंडर पर 300 रुपए की सब्सिडी देती है और एक साल में एक परिवार अधिकतम नौ सिलेंडर्स पर यह सब्सिडी ले सकता है।

    इससे देश में एलपीजी की खपत बढ़ाने में मदद मिली है। वित्त वर्ष 2024-25 में देश में प्रति परिवार औसत खपत बढ़कर 4.47 सिलेंडर हो गई है जो कि पहले वित्त वर्ष 2019-20 में 3 थी। वहीं वित्त वर्ष 2025-26 में इसके 4.85 प्रति परिवार तक पहुंचने की उम्मीद है।सरकार ने बयान में कहा कि बकाया आवेदन को निपटाने और ज्यादा परिवारों तक एलपीजी गैस को पहुंचाने के लिए सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान 25 लाख अतिरिक्त एलपीजी कनेक्शन जारी करने को मंजूरी दी है। आधार ऑथेंटिकेशन में तेजी लाकर सब्सिडी टारगेटिंग और पारदर्शिता में सुधार किया गया।

    1 दिसंबर 2025 तक बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन ने पीएमयूवाई के 71 प्रतिशत और नॉन-पीएमयूवाई के 62 प्रतिशत उपभोक्ताओं को कवर किया।सरकार ने बताया कि देश भर में चलाए गए ‘बेसिक सेफ्टी चेक’ अभियान ने ग्राहक सुरक्षा को मजबूत किया है। ग्राहकों के घरों पर 12.12 करोड़ से अधिक फ्री सेफ्टी इंस्पेक्शन किए गए और 4.65 करोड़ से अधिक एलपीजी होज रियायती दरों पर बदले गए जिससे घरेलू एलपीजी इस्तेमाल में जागरूकता और सेफ्टी स्टैंडर्ड में काफी सुधार हुआ।

    मंत्रालय ने पेट्रोलियम मार्केटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर भी ध्यान दिया। 90000 से अधिक रिटेल आउटलेट्स को डिजिटल पेमेंट की सुविधा दी गई जिन्हें 2.71 लाख से ज्यादा पीओएस टर्मिनलों का सपोर्ट मिला।मंत्रालय ने आगे कहा कि सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन कवरेज बढ़कर 307 ज्योग्राफिकल इलाकों तक पहुंच गई है। सितंबर 2025 तक पीएमजी घरेलू कनेक्शन की संख्या बढ़कर 1.57 करोड़ और सीएनजी स्टेशन की संख्या बढ़कर 8400 से अधिक हो गई है।