Tag: Suicide attempt

  • अनूपपुर के कोतमा स्टेशन के पास दर्दनाक हादसा: चलती ट्रेन के आगे कूदा 21 वर्षीय युवक, गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती

    अनूपपुर के कोतमा स्टेशन के पास दर्दनाक हादसा: चलती ट्रेन के आगे कूदा 21 वर्षीय युवक, गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती


    मध्य प्रदेश:
    के अनूपपुर जिला अंतर्गत कोतमा रेलवे स्टेशन क्षेत्र में एक बेहद दर्दनाक और सनसनीखेज हादसा सामने आया है, जहां लहसुई फाटक के समीप एक 21 वर्षीय युवक चलती ट्रेन की चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना रविवार सुबह की बताई जा रही है, जब शहडोल से अंबिकापुर की ओर जाने वाली यात्री ट्रेन वहां से गुजर रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रेन की रफ्तार काफी तेज थी और उसी दौरान यह युवक अचानक ट्रैक पर आ गया। ट्रेन से जोरदार टक्कर लगने के कारण युवक उछलकर दूर जा गिरा, जिससे उसे बेहद गंभीर चोटें आई हैं। पहली नजर में स्थानीय लोगों और चश्मदीदों द्वारा इस पूरे मामले को आत्महत्या के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।

    हादसे के तुरंत बाद घटनास्थल पर भारी भीड़ जमा हो गई और इलाके में हड़कंप मच गया। इस संकट की घड़ी में वहां मौजूद स्थानीय युवाओं और रेलवे पुलिस बल के जवानों ने अनुकरणीय सतर्कता और मानवीय संवेदना का परिचय दिया। बिना एक पल गंवाए खून से लथपथ घायल युवक को संभाला गया और तुरंत एम्बुलेंस व वाहनों की व्यवस्था कर उसे नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोतमा में ले जाया गया। अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में डॉक्टरों की एक विशेष टीम तुरंत उपचार में जुट गई। चिकित्सा अधिकारियों के मुताबिक युवक की स्थिति अत्यंत नाजुक बनी हुई है और उसे सघन निगरानी में रखा गया है। स्थानीय लोगों की इस त्वरित प्रतिक्रिया को युवक की जान बचाने में सबसे अहम माना जा रहा है।

    इधर घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस और रेलवे के आला अधिकारी भी सक्रिय हो गए। पुलिस बल ने तत्काल अस्पताल पहुंचकर घायल की स्थिति का जायजा लिया और इसके साथ ही मौका-ए-वारदात पर जाकर साक्ष्य एकत्रित किए। पुलिस इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि युवक ने यह आत्मघाती कदम किन परिस्थितियों में और क्यों उठाया। जांच टीम इस बिंदु पर भी काम कर रही है कि यह वाकई आत्महत्या की कोशिश थी या फिर ट्रैक पार करते समय हुआ कोई अप्रत्याशित हादसा था। चूंकि मामला रेलवे ट्रैक और वन क्षेत्र के आस-पास का है, इसलिए प्रशासनिक सतर्कता के साथ सभी कोणों से जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।

    वर्तमान में घायल युवक की पहचान सुनिश्चित करने और उसके परिजनों का पता लगाने के प्रयास युद्ध स्तर पर जारी हैं ताकि उन्हें इस अनहोनी की सूचना दी जा सके। पुलिस आस-पास के गांवों और बस्तियों में युवक की तस्वीर और हुलिए के आधार पर पूछताछ कर रही है। कानूनगो और जांच अधिकारियों का कहना है कि परिजनों के सामने आने और युवक की स्थिति में थोड़ा सुधार होने के बाद ही घटना के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल क्षेत्र में शांति व्यवस्था कायम है और रेलवे प्रशासन द्वारा पटरियों के आस-पास सुरक्षा और निगरानी को और कड़ा कर दिया गया है।

  • बैतूल जेल में महिला कैदी ने चूड़ियां निगलकर आत्मघाती प्रयास किया, गम्भीर हालत में भोपाल रेफर

    बैतूल जेल में महिला कैदी ने चूड़ियां निगलकर आत्मघाती प्रयास किया, गम्भीर हालत में भोपाल रेफर

    नई दिल्ली। बैतूल जिला जेल की महिला बैरक में शनिवार सुबह हड़कंप मच गया, जब पति की हत्या के आरोप में बंद 21 वर्षीय कैदी पूनम उईके ने कांच की चूड़ियां पीसकर निगल लीं। घटना के बाद जेल प्रशासन तुरंत सक्रिय हुआ और महिला को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। स्थिति गंभीर होने के कारण उसे भोपाल रेफर कर दिया गया।

    पूनम अपने पति राजू उईके की हत्या के मामले में 18 दिसंबर 2025 से जेल में बंद है। घटना के समय बैरक में 18 अन्य महिला कैदी मौजूद थीं, लेकिन किसी को इसका पता नहीं चला। जेल में कड़ा सुरक्षा नियम होने के बावजूद पूनम के पास चूड़ियां कैसे पहुंचीं, यह एक गंभीर सवाल बन गया है। प्रभारी जेलर योगेश शर्मा ने बताया कि उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेज दी गई है और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है।

    जिला अस्पताल के सिविल सर्जन के अनुसार, पूनम के गले के अंदरूनी हिस्से में कांच के टुकड़ों से गहरे जख्म हुए हैं। इन जख्मों को और गंभीर नुकसान न पहुंचे, इसके लिए महिला को बेहतर इलाज के लिए भोपाल रेफर किया गया है।

    पूनम की पर्सनल लाइफ और आपराधिक रिकॉर्ड काफी जटिल है। वह अपने पति की हत्या में महाराष्ट्र के तीन युवकों के साथ शामिल थी। शुरुआती जांच में ऐसा प्रतीत होता है कि पूनम ने आत्मग्लानि या मानसिक तनाव के चलते यह कदम उठाया। चर्चा है कि पूनम का जेल में बॉयफ्रेंड भी मौजूद है, और यह घटना किसी दबाव या डिप्रेशन का नतीजा हो सकती है।

    घटना के बाद जेल प्रशासन ने महिला बैरक की निगरानी बढ़ा दी है। पुलिस और प्रशासन दोनों ही महिला के स्वास्थ्य पर नजर बनाए हुए हैं और उसके विस्तृत बयान लेने की तैयारी कर रहे हैं। इस घटना ने न केवल जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य और कैदियों की सुरक्षा के महत्व को भी उजागर किया है।

  • इटारसी में किन्नर गुटों का खूनी संघर्ष: थाने में तीन किन्नरों ने पीया फिनाइल, युवक पर कैंची से जानलेवा हमला

    इटारसी में किन्नर गुटों का खूनी संघर्ष: थाने में तीन किन्नरों ने पीया फिनाइल, युवक पर कैंची से जानलेवा हमला


    इटारसी । मध्य प्रदेश के इटारसी शहर में दो किन्नर गुटों के बीच वर्चस्व और इलाके के बंटवारे को लेकर चल रहा आपसी विवाद अब खतरनाक स्तर पर पहुँच गया हैजिसके परिणामस्वरूप एक ही दिन में हिंसा और आत्मघाती प्रयास की दो बड़ी घटनाएँ सामने आईं। यह विवाद पिछले लगभग दो माह से चल रहा है और शनिवार को यह खूनी संघर्ष में तब्दील हो गया।

    युवक पर कैंची से जानलेवा हमला

    विवाद की शुरुआत शनिवार दोपहर को तब हुई जब किन्नरों के एक गुट के कथित गुंडों ने ग्वाल बाबा नाला मोहल्ला निवासी एक युवक पर कैंची से अचानक हमला कर दिया। यह हमला इतना गंभीर था कि युवक लहूलुहान हो गया। इस जानलेवा हमले से शहर में तनाव और भय का माहौल बन गया। यह घटना स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि क्षेत्र के वर्चस्व को लेकर दोनों गुटों के बीच कितनी अधिक शत्रुता बढ़ चुकी है।

    थाना परिसर में तीन किन्नरों ने पीया फिनाइल

    हिंसा की इस घटना के कुछ घंटों बादशाम को विवाद ने एक और चौंकाने वाला मोड़ ले लिया। दूसरे गुट की तीन किन्नर इटारसी थाना परिसर पहुँचीं और वहाँ उन्होंने फिनाइल पी लिया।किन्नरों ने यह कदम पुलिस पर उनकी सुनवाई न करने और मामले को गंभीरता से न लेने का आरोप लगाते हुए उठाया। यह गंभीर आत्मघाती प्रयास पुलिस और प्रशासन पर तुरंत कार्रवाई करने का दबाव बनाता है।घटना के तुरंत बाद पुलिस हरकत में आई और तीनों किन्नरों को इलाज के लिए सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों ने तत्काल उपचार शुरू किया और बताया कि तीनों की हालत अब खतरे से बाहर है।

    विवाद निपटाने की विधायक की पहल

    इस गंभीर विवाद को शांत करने के लिए स्थानीय विधायक डॉ. सीतासरन शर्मा ने भी हस्तक्षेप किया था। किन्नर गुट की सदस्य नीलोफर ने बताया कि शनिवार को विधायक ने उनके विवाद का निपटारा करने के लिए उन्हें अपने कार्यालय में बुलाया था। वहाँ उन्हें यह समझाइश दी गई थी कि विधायक जल्द ही दोनों पक्षों की एक संयुक्त बैठक आयोजित करेंगे और इस मामले को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाएंगे।
    विधायक के हस्तक्षेप के बावजूदगुटों के बीच का तनाव इतना अधिक बढ़ गया कि हिंसा और आत्मघाती कदम जैसी घटनाएँ हुईं।पुलिस अब इन दोनों घटनाओं युवक पर हुए हमले और किन्नरों द्वारा थाने में फिनाइल पीने के संबंध में गहन जाँच कर रही है। पुलिस के सामने यह बड़ी चुनौती है कि वह इलाके के वर्चस्व को लेकर जारी इस संघर्ष को कैसे समाप्त करे और आगे की हिंसा को रोके।