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  • राजा रघुवंशी के दोस्त अर्पित चौहान ने की आत्महत्या, साले के घर में फांसी लगाकर दी जान

    राजा रघुवंशी के दोस्त अर्पित चौहान ने की आत्महत्या, साले के घर में फांसी लगाकर दी जान


    इंदौर: के चर्चित ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी की हत्या के बाद अब उनके करीब 8 से 10 साल पुराने दोस्त अर्पित चौहान की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। अर्पित ने अन्नपूर्णा थाना क्षेत्र स्थित अपने साले के घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वह मूल रूप से एरोड्रम थाना क्षेत्र के अरिहंत नगर का रहने वाला था। राजा की मौत के बाद अर्पित उनके हिस्से का ट्रांसपोर्ट कारोबार संभाल रहा था। घटना के बाद राजा के भाई विपिन रघुवंशी ने अर्पित की मौत के कारणों की गहराई से जांच किए जाने की मांग की है। पुलिस पूरे मामले की परिस्थितियों और अर्पित की मौत के कारणों की जांच कर रही है।

    राजा रघुवंशी की मौत के बाद उनके ट्रांसपोर्ट कारोबार की जिम्मेदारी अर्पित चौहान ने संभाली थी। राजा के भाई विपिन रघुवंशी के मुताबिक, राजा, अर्पित और विपिन का साला मिलकर ट्रांसपोर्ट का काम देखते थे। राजा की मौत के बाद अर्पित ने उनके हिस्से का पूरा काम संभाल लिया था। विपिन ने बताया कि अर्पित और राजा की दोस्ती करीब 8 से 10 साल पुरानी थी। राजा की मौत के बाद भी अर्पित उनके परिवार के साथ मजबूती से खड़ा रहा और परिवार के सदस्य की तरह उनकी जिम्मेदारियों में साथ देता रहा। इसी वजह से परिवार के लोगों के साथ उसका करीबी संबंध बना हुआ था।

    विपिन रघुवंशी ने बताया कि वह अर्पित को अपने छोटे भाई की तरह मानते थे। उनके मुताबिक, जब राजा के बड़े भाई सचिन रघुवंशी के घर बेटे का जन्म हुआ था, तब परिवार ने इसे राजा का पुनर्जन्म मानते हुए खुशी मनाई थी। इस दौरान अर्पित भी परिवार के साथ था और वह इस मौके पर बेहद खुश था। विपिन ने यह भी बताया कि राजा की शादी की खरीदारी के दौरान अर्पित उनके साथ रहता था। राजा की शादी से जुड़े कार्यक्रमों के लिए जो कपड़े उन्होंने पसंद किए थे, अर्पित ने भी अपनी शादी के कार्यक्रमों के लिए उनसे मिलते-जुलते कपड़े खरीदे थे। इन घटनाओं से दोनों दोस्तों के बीच लंबे समय से चले आ रहे करीबी संबंधों का पता चलता है।

    अर्पित की मौत के बाद अब इस घटना को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। परिवार के मुताबिक, राजा की मौत के बाद अर्पित उनके ट्रांसपोर्ट कारोबार की जिम्मेदारी संभाल रहा था और परिवार के साथ भी संपर्क में था। ऐसे में उसने यह कदम क्यों उठाया, इसे लेकर उसके करीबी लोग सवाल कर रहे हैं। राजा के भाई विपिन रघुवंशी ने कहा कि अर्पित की मौत की गहराई से जांच होना जरूरी है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि उसने आत्महत्या जैसा कदम किन परिस्थितियों में उठाया। अर्पित ने अन्नपूर्णा थाना क्षेत्र स्थित अपने साले के घर में फांसी लगाई। पुलिस अब घटना से जुड़ी परिस्थितियों और मौत के कारणों की जांच कर रही है। इस घटना ने राजा रघुवंशी के परिवार और उनके करीबी लोगों के बीच एक और सवाल खड़ा कर दिया है।

  • USS अब्राहम लिंकन पर 8 नौसैनिकों ने की आत्महत्या की कोशिश, 286 दिन समुद्र में रही तैनाती

    USS अब्राहम लिंकन पर 8 नौसैनिकों ने की आत्महत्या की कोशिश, 286 दिन समुद्र में रही तैनाती


    वाशिंगटन।
    अमेरिकी नौसेना के विमानवाहक पोत USS अब्राहम लिंकन पर लंबे समय तक समुद्र में तैनाती के दौरान आठ नौसैनिकों द्वारा आत्महत्या की कोशिश किए जाने की जानकारी सामने आई है। अमेरिकी कार्यवाहक नेवी सेक्रेटरी हंग काओ ने सीएनएन को दिए एक पत्र में यह जानकारी दी है। यह पत्र उन्होंने सीनेटर किर्स्टन गिलीब्रांड के सवालों के जवाब में रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ की ओर से लिखा था।

    हंग काओ के मुताबिक, लिंकन की तैनाती शुरू होने के बाद से पूरे स्ट्राइक ग्रुप में आत्महत्या के कुल आठ प्रयास दर्ज किए गए। इनमें USS अब्राहम लिंकन के क्रू के साथ एयरविंग, डिस्ट्रॉयर स्क्वाड्रन और स्ट्राइक ग्रुप के साथ तैनात अन्य जहाजों के सैन्यकर्मी भी शामिल हैं। यह पोत ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियान के तहत लंबे समय तक समुद्र में तैनात रहा था।

    USS अब्राहम लिंकन करीब 286 दिन समुद्र में रहने के बाद एक सितंबर को थाईलैंड के एक पर्यटन शहर पहुंचा। उसकी तैनाती पहले मई में समाप्त होनी थी, लेकिन ईरान के साथ तनाव जारी रहने के कारण इसे आगे बढ़ा दिया गया था।

    समुद्र में कूदने की कोशिश की घटनाएं भी सामने आईं

    अगस्त में दो सैन्य समाचार पत्रों ने नौसैनिकों की मानसिक स्थिति और पोत पर काम करने की परिस्थितियों को लेकर रिपोर्ट प्रकाशित की थीं। इनमें कुछ सैन्यकर्मियों द्वारा समुद्र में कूदने की कोशिश किए जाने की जानकारी भी सामने आई थी। इसके बाद डेमोक्रेटिक सांसदों ने मामले की जांच की मांग की थी।

    काओ के अनुसार, मार्च में एक नौसैनिक को उसके साथियों ने समुद्र में कूदने से रोक लिया था। वहीं, अगस्त में एक सैन्यकर्मी वास्तव में समुद्र में कूद गया था। उसे बचा लिया गया और इलाज के लिए जहाज से बाहर भेजा गया।

    खाने और जरूरी सामान की कमी की शिकायतें

    पोत पर तैनात सैन्यकर्मियों की परिस्थितियों को लेकर अन्य शिकायतें भी सामने आई थीं। इनमें फफूंद की समस्या के अलावा भोजन और साबुन जैसी जरूरी वस्तुओं की कमी की खबरें शामिल थीं।

    काओ ने स्वीकार किया कि जहाज पर खाने के विकल्पों में अस्थायी रूप से कटौती की गई थी। हालांकि, उनके मुताबिक नौसैनिकों को रोजाना चार बार संतुलित भोजन उपलब्ध कराया जाता रहा। इससे पहले रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने पोत पर खराब परिस्थितियों से जुड़ी खबरों को गलत बताया था।

    ताजा जानकारी सामने आने के बाद सीनेटर किर्स्टन गिलीब्रांड ने सरकार पर सैन्यकर्मियों की परिस्थितियों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। लंबे समय तक समुद्र में तैनाती, मानसिक स्वास्थ्य और जहाज पर उपलब्ध सुविधाओं को लेकर सामने आई जानकारी ने अमेरिकी नौसेना में सैनिकों की स्थिति पर बहस को फिर तेज कर दिया है।

  • आईआईटी बॉम्बे छात्र साहिल की मौत मामले में नया खुलासा, आखिरी बातचीत में परीक्षा को लेकर कही थी ये बात

    आईआईटी बॉम्बे छात्र साहिल की मौत मामले में नया खुलासा, आखिरी बातचीत में परीक्षा को लेकर कही थी ये बात

    नई दिल्ली ।आईआईटी बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे की आत्महत्या के मामले में जांच के बीच उनकी आखिरी बातचीत को लेकर नया खुलासा सामने आया है। बताया जा रहा है कि मौत से कुछ घंटे पहले साहिल ने एक महिला मित्र से फोन पर बातचीत की थी। इस दौरान दोनों के बीच सेमेस्टर परीक्षा को लेकर चर्चा हुई थी। बातचीत के दौरान साहिल ने कहा था कि उनका पेपर अच्छा नहीं गया और यह भी कहा था कि उनसे गलती हो गई।

    जानकारी के मुताबिक, यह बातचीत 18 सितंबर की दोपहर करीब 2:30 बजे हुई थी। इसके कुछ घंटे बाद शाम के समय साहिल ने अपने हॉस्टल के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस बातचीत को साहिल की किसी व्यक्ति से हुई आखिरी बातचीत बताया जा रहा है। सामने आई जानकारी के अनुसार, इस दौरान साहिल ने जातिगत भेदभाव का कोई जिक्र नहीं किया था।

    साहिल की मौत से कुछ घंटे पहले परीक्षा को लेकर भी एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम हुआ था। बताया गया है कि सेमेस्टर परीक्षा के दौरान साहिल को कथित तौर पर मोबाइल फोन पर चैटजीपीटी का इस्तेमाल करते हुए पकड़ा गया था। इसके बाद परीक्षा से जुड़ी स्थिति को लेकर साहिल और महिला मित्र के बीच बातचीत हुई थी। इसी बातचीत में उन्होंने परीक्षा ठीक नहीं जाने की बात कही थी।

    साहिल की मौत की खबर मिलने के बाद उनकी महिला मित्र की तबीयत बिगड़ने की भी जानकारी सामने आई है। बताया गया है कि खबर सुनने के बाद उन्हें पैनिक अटैक आया, जिसके बाद अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। मामले की जांच कर रही पुलिस ने महिला मित्र का बयान भी दर्ज किया है। आखिरी बातचीत से जुड़े तथ्यों को जांच के महत्वपूर्ण हिस्से के तौर पर देखा जा रहा है।

    साहिल की मौत के बाद मामले की जांच को लेकर संस्थान स्तर पर भी कई कदम उठाए गए हैं। निष्पक्ष जांच के उद्देश्य से उस परीक्षा में निगरानी की जिम्मेदारी संभाल रहे प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला को छुट्टी पर भेज दिया गया है। वह उसी परीक्षा में इनविजिलेटर थे, जिसमें साहिल को मोबाइल फोन के इस्तेमाल के मामले में पकड़े जाने की बात सामने आई है।

    मामले की विस्तृत जांच के लिए 10 सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति भी गठित की गई है। समिति को एक सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने की जिम्मेदारी दी गई है। समिति की अध्यक्षता आईआईटी पलक्कड़ के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के चेयरपर्सन रमेश वेंकटेश्वरन कर रहे हैं। इसमें छात्रों के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया गया है।

    जांच समिति ने परीक्षा के दौरान की घटनाओं को समझने के लिए सीसीटीवी फुटेज की जांच शुरू कर दी है। इसके साथ ही उस कमरे में मौजूद छात्रों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं। जांच में परीक्षा के दौरान की परिस्थितियों, साहिल की आखिरी बातचीत और उनकी मौत से पहले हुए घटनाक्रम को अलग-अलग पहलुओं से देखा जा रहा है।

    साहिल की मौत के बाद जातिगत भेदभाव से जुड़े आरोपों और परीक्षा से संबंधित घटनाओं को लेकर अलग-अलग चर्चाएं सामने आई हैं। हालांकि, आखिरी बातचीत के संबंध में सामने आई जानकारी में परीक्षा को लेकर बातचीत का उल्लेख है और उसमें जातिगत भेदभाव की चर्चा नहीं होने की बात कही गई है। मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ सीसीटीवी फुटेज, छात्रों के बयान और अन्य उपलब्ध जानकारी के आधार पर घटनाक्रम की तस्वीर स्पष्ट होने की उम्मीद है।

  • MPSC छात्र की आत्महत्या के बाद अभिजीत दीपके परिवार से मिलेंगे, कर्ज और परीक्षा व्यवस्था को लेकर उठे सवाल

    MPSC छात्र की आत्महत्या के बाद अभिजीत दीपके परिवार से मिलेंगे, कर्ज और परीक्षा व्यवस्था को लेकर उठे सवाल

    नई दिल्ली । कॉकरोच जनता पार्टी फाउंडर अभिजीत दीपके MPSC परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्र के परिवार से मिलने पहुंच रहे हैं। छात्र ने पुणे में खुदकुशी कर ली थी। पुलिस को शक है कि कर्ज से परेशान होकर यह कदम उठाया गया है। मृतक की पहचान प्रथमेश देशमुख के रूप में हुई है।

    दीपके ने गुरुवार को पोस्ट किया, ‘मैं MPSC के एक छात्र प्रथमेश देशमुख के शोकाकुल परिवार से मिलने जा रहा हूं, जिन्होंने कल आत्महत्या कर ली थी।’ खबर है कि सीजेपी पदाधिकारी सौरभ दास भी नोएडा पहुंच रहे हैं, जहां वह प्रशासन की तरफ से 5 लाख का नोटिस पाने वाले छात्र अक्षत से मुलाकात करेंगे।

    पुलिस उपायुक्त कृषिकेश रावले ने बताया कि मृतक प्रथमेश देशमुख एमपीएससी परीक्षा की तैयारी के लिए पुणे के नवी पेठ इलाके में किराये के मकान में रह रहा था। उन्होंने बताया कि वह सुबह कमरे में फंदे से लटका हुआ पाया गया, जिसके बाद कुछ निवासियों ने पुलिस को सूचना दी। उन्होंने बताया कि आत्महत्या का सही समय पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

    सुसाइड नोट मिला

    पुलिस ने जानकारी दी है, ‘देशमुख कथित रूप से आर्थिक दबाव में था और उसे कई लोगों के करीब ढाई लाख रुपये लौटाने थे। उसका परिवार भी आर्थिक परेशानियों का सामना कर रहा था। उसने एक नोट छोड़ा है, जिसमें लोगों से लिए कर्ज और लौटाई जा चुकी रकम के बारे में जानकारियां दी गईं हैं।’

    बताया गया कि दो पन्नों के इस नोट में 8-19 लोगों के नाम लिखे हैं। पुलिस यह पता लगाने के लिए उसके परिवार के सदस्यों से पूछताछ कर रही है कि उसने पैसे क्यों उधार लिए थे और मामले की जांच जारी है।

    छत्रपति संभाजीनगर में हो रहा है प्रदर्शन

    मंगलवार को छत्रपति संभाजीनगर में MPSC में कथित भ्रष्टाचार और पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। खास बात है कि यह दीपके का गृहनगर भी है। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि आयोग में शीर्ष पदों पर साफ छवि वाले अधिकारियों को नियुक्त किया जाए। इससे पहले सोमवार को पुणे में भी प्रदर्शन हुआ था और देशमुख ने पुणे में ही आत्महत्या की है।

    इसके अलावा प्रदर्शनकारी पूर्व में हुई परीक्षाओं पर भी सवाल उठा रहे हैं और जांच की भी मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि कोरोना वायरस महामारी के बाद हुई परीक्षाओं को लेकर भी संदेह है। एक छात्र ने कहा था, ‘हमें पता होना चाहिए कि आखिर क्या हो रहा है। मैं चार साल से पढ़ाई कर रहा हूं और परीक्षाएं दे रहा हूं। आज पैसे वाले लोग इसका फायदा उठा रहे हैं।’

  • शिवपुरी में संदिग्ध मौत से सनसनी, पेड़ पर लटका मिला युवक; पुलिस हर पहलू की जांच में जुटी

    शिवपुरी में संदिग्ध मौत से सनसनी, पेड़ पर लटका मिला युवक; पुलिस हर पहलू की जांच में जुटी


    शिवपुरी । शिवपुरी जिले के कोलारस थाना क्षेत्र के लुकवासा चौकी अंतर्गत रामपुरी गांव में एक 23 वर्षीय युवक का शव पेड़ से फंदे पर लटका मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक के परिजनों ने इस मामले में पत्नी के मायके पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि युवक के साथ पहले मारपीट की गई और इसके बाद उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। वहीं पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर पोस्टमार्टम के बाद जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की बारीकी से पड़ताल की जा रही है।

    मृतक की पहचान रामपुरी निवासी मर्दन सिंह आदिवासी (23) के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार शुक्रवार रात मर्दन का अपनी पत्नी के साथ चरित्र शंका को लेकर विवाद हुआ था। विवाद के बाद शनिवार सुबह स्थिति और बिगड़ गई। मृतक के पिता गोविंद सिंह आदिवासी का आरोप है कि उनकी बहू ने अपने मायके वालों को गांव बुला लिया था। इसके बाद ससुराल पक्ष के लोगों ने मर्दन के साथ मारपीट की और उसकी पत्नी को अपने साथ ले गए।

    परिजनों का कहना है कि घटना के बाद दोनों पक्ष लुकवासा पुलिस चौकी पहुंचे थे। उनका आरोप है कि बाद में पुलिस ने मर्दन को भी चौकी बुलाया, जहां उसके साथ मारपीट की गई। हालांकि, इस आरोप की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। शाम के समय मर्दन अपने घर लौट आया था और अपने तीन वर्षीय बेटे को भी अपने साथ लेकर आया था।

    रविवार सुबह मर्दन घर से निकला, लेकिन काफी देर तक वापस नहीं लौटा। कुछ समय बाद ग्रामीणों ने गांव के बाहर स्थित एक नर्सरी में पेड़ से उसका शव फंदे पर लटका देखा। सूचना मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची, घटनास्थल का निरीक्षण किया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

    लुकवासा चौकी प्रभारी बैजनाथ मिश्रा ने बताया कि शनिवार को दोनों पक्ष चौकी आए थे, जहां बातचीत के बाद आपसी सहमति से समझौता कराया गया था। इसके बाद मृतक की पत्नी अपने मायके वालों के साथ चली गई थी, जबकि उनका तीन वर्षीय बेटा मर्दन अपने साथ घर ले गया था। रविवार सुबह युवक द्वारा आत्महत्या किए जाने की सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। फिलहाल शव का पोस्टमार्टम कराकर मर्ग कायम कर लिया गया है।

    पुलिस का कहना है कि मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों और दोनों पक्षों के बयानों के आधार पर लगाया जाएगा। परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की भी गंभीरता से जांच की जा रही है। यदि जांच में किसी तरह की आपराधिक भूमिका सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

    फिलहाल इस घटना के बाद गांव में शोक और तनाव का माहौल है। पुलिस ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और जांच पूरी होने तक संयम बनाए रखने की अपील की है।

  • सीहोर में युवक ने आत्महत्या से पहले बनाया वीडियो, 6 लाख की ठगी और ब्लैकमेलिंग के लगाए आरोप; थाने के सामने शव रखकर प्रदर्शन

    सीहोर में युवक ने आत्महत्या से पहले बनाया वीडियो, 6 लाख की ठगी और ब्लैकमेलिंग के लगाए आरोप; थाने के सामने शव रखकर प्रदर्शन


    सीहोर । सीहोर जिले के गोपालपुर थाना क्षेत्र के किशनपुर गांव में युवक मनीष पंवार की आत्महत्या के बाद मामला गरमा गया। रविवार को परिजनों ने शव को गोपालपुर थाने के सामने रखकर प्रदर्शन किया और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। प्रदर्शन के कारण सड़क पर लंबा जाम लग गया और मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बन गई।

    परिजनों का आरोप है कि मनीष की पत्नी कथित रूप से एक अन्य युवक के साथ चली गई थी। इस संबंध में 15 जुलाई को गोपालपुर थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी, लेकिन कई दिन बीतने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि इसी मानसिक तनाव के चलते मनीष ने शनिवार रात जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली।

    आत्महत्या से पहले मनीष द्वारा बनाया गया एक वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में उसने एक व्यक्ति पर ब्लैकमेलिंग, पत्नी के साथ अवैध संबंध और उससे करीब 6 लाख रुपए लेने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। मनीष ने दावा किया कि आरोपी पहले परिवार का विश्वासपात्र बनकर घर आता-जाता था और पत्नी को बहन बताकर भरोसा जीत लिया था। बाद में उसे दोनों के संबंधों की जानकारी मिली।

    वीडियो में मनीष ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी ने उसकी पत्नी के फोटो और वीडियो के जरिए ब्लैकमेल किया और पत्नी का पीछा छोड़ने के नाम पर उससे लाखों रुपए वसूल लिए। उसने यह भी कहा कि आरोपी के कहने पर उसने अपना व्यवसाय छोड़कर पशुपालन शुरू किया, लेकिन इसके बावजूद उसकी पत्नी उसे छोड़कर चली गई। मनीष ने अपने परिवार के लिए न्याय और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।

    घटना की सूचना मिलने पर एसडीओपी रोशन जैन मौके पर पहुंचे और परिजनों को निष्पक्ष जांच का भरोसा देकर प्रदर्शन समाप्त कराया। इसके बाद परिजनों ने युवक का अंतिम संस्कार किया।

    पुलिस का कहना है कि 15 जुलाई को दर्ज गुमशुदगी की रिपोर्ट में ब्लैकमेलिंग या अन्य गंभीर आरोपों का उल्लेख नहीं था। अब आत्महत्या के बाद सामने आए वीडियो और परिजनों के बयानों को जांच का हिस्सा बनाया गया है। अधिकारियों के मुताबिक वीडियो में लगाए गए आरोपों की सत्यता की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • भोपाल में दर्दनाक घटना लंबे समय से बीमारी और मानसिक तनाव से जूझ रहे बुजुर्ग ने किया सुसाइड

    भोपाल में दर्दनाक घटना लंबे समय से बीमारी और मानसिक तनाव से जूझ रहे बुजुर्ग ने किया सुसाइड


    भोपाल । मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के बैरागढ़ थाना क्षेत्र से एक बेहद दुखद घटना सामने आई है जहां लंबे समय से गंभीर बीमारी और मानसिक तनाव से जूझ रहे 60 वर्षीय बुजुर्ग ने घर के भीतर फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है जबकि पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि मृतक पिछले कई महीनों से पैरालिसिस की बीमारी से पीड़ित थे और इसी कारण गहरे अवसाद में चले गए थे।

    पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान मनोहर लाल रैकवार पिता मोहनलाल रैकवार निवासी बेटा गांव बैरागढ़ के रूप में हुई है। वह पेशे से प्लंबर थे और अपने परिवार के साथ रहते थे। करीब आठ महीने पहले उन्हें पैरालिसिस का अटैक आया था जिसके बाद उनके शरीर का एक हिस्सा ठीक से काम नहीं कर रहा था। बीमारी के चलते उनकी दिनचर्या पूरी तरह बदल गई थी और सामान्य काम भी दूसरों की मदद के बिना कर पाना मुश्किल हो गया था।

    परिजनों के अनुसार लगातार बिगड़ती सेहत और शारीरिक असहायता ने उन्हें मानसिक रूप से भी काफी परेशान कर दिया था। धीरे धीरे वह अवसाद की स्थिति में पहुंच गए थे और अधिकतर समय घर में ही रहते थे। बीमारी के कारण उनका सामाजिक और पेशेवर जीवन भी प्रभावित हो गया था जिससे उनकी चिंता और बढ़ती चली गई।

    शुक्रवार सुबह जब उनकी पत्नी नींद से उठकर घर की पहली मंजिल पर पहुंचीं तो उन्होंने मनोहर लाल को पाइप के सहारे बनाए गए फंदे पर लटका देखा। यह दृश्य देखकर उन्होंने तुरंत शोर मचाया जिसके बाद आसपास रहने वाले रिश्तेदार और पड़ोसी मौके पर पहुंचे। सभी ने मिलकर उन्हें नीचे उतारा लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना तत्काल बैरागढ़ थाना पुलिस को दी गई।

    सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। इसके बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। पुलिस ने मर्ग कायम कर पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में बीमारी और उससे उपजे मानसिक तनाव के कारण आत्महत्या की आशंका सामने आई है। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    यह घटना एक बार फिर इस बात की याद दिलाती है कि गंभीर बीमारी केवल शरीर को ही नहीं बल्कि मानसिक स्वास्थ्य को भी गहराई से प्रभावित कर सकती है। लंबे समय तक चलने वाली शारीरिक समस्याएं कई बार व्यक्ति को अवसाद और निराशा की ओर धकेल देती हैं। ऐसे समय में परिवार और समाज का भावनात्मक सहयोग तथा समय पर मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

    यदि कोई व्यक्ति लंबे समय से मानसिक तनाव अवसाद या निराशा से जूझ रहा हो तो उसकी भावनाओं को गंभीरता से लेना चाहिए और उसे अकेला नहीं छोड़ना चाहिए। समय पर संवाद और चिकित्सकीय सहायता कई बार किसी की जिंदगी बचा सकती है।

  • भाई का आरोप- काम की कमी और मानसिक अपमान झेल रही थीं अभिनेत्री, सुशांत सिंह राजपूत से जुड़ा आखिरी पोस्ट

    भाई का आरोप- काम की कमी और मानसिक अपमान झेल रही थीं अभिनेत्री, सुशांत सिंह राजपूत से जुड़ा आखिरी पोस्ट

    नई दिल्ली । टेलीविजन मनोरंजन उद्योग से आई एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली खबर ने पूरी इंडस्ट्री सहित प्रशंसकों को गहरे सदमे में डाल दिया है। कई लोकप्रिय धारावाहिकों में अपनी अदाकारी का जलवा बिखेर चुकीं बाईस वर्षीय उभरती हुई अभिनेत्री संचिता उगले के अचानक निधन से एक बार फिर चकाचौंध भरी इस दुनिया के पीछे छिपे मानसिक तनाव और दबाव की कड़वी सच्चाई सामने आ गई है। शुरुआती पुलिस जांच में इस घटना को कथित तौर पर आत्महत्या का मामला माना जा रहा है, जिसकी बारीकी से तफ्तीश की जा रही है।

    अभिनेत्री के असमय चले जाने के बाद उनके परिजनों और करीबी सहयोगियों की तरफ से आ रहे बयानों ने इस मामले में दुख और आक्रोश को और बढ़ा दिया है। संचिता की सह-कलाकार और बेहद करीबी दोस्त मेघा शर्मा ने मीडिया से बातचीत में खुलासा किया कि अभिनेत्री पिछले कुछ महीनों से गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं और मानसिक अवसाद के दौर से गुजर रही थीं। जनवरी महीने से ही उनका नियमित इलाज चल रहा था और वे अपनी कुछ निजी उलझनों को लेकर लगातार मानसिक रूप से परेशान चल रही थीं।

    करीबी सूत्रों के मुताबिक, संचिता अक्सर जिंदगी से हार मानने और हताशा से भरी बातें किया करती थीं, जिसके बाद उनके दोस्तों और परिजनों ने हमेशा उन्हें ढांढस बंधाया और सकारात्मक रहने के लिए प्रेरित किया। हालांकि, बीते कुछ दिनों से उनका फोन लगातार बंद आ रहा था, जिसने उनके करीबियों की चिंता बढ़ा दी थी। अपनी मौत से करीब दस दिन पहले वे एक ऑडिशन के सिलसिले में अपनी दोस्त के साथ गई थीं, जहां वे अपने भविष्य और अभिनय करियर को लेकर काफी आश्वस्त और सकारात्मक नजर आ रही थीं।

    दूसरी तरफ, इस संवेदनशील मामले में पुलिसिया कार्रवाई के बीच संचिता के भाई अविनाश उगले ने मनोरंजन जगत की कार्यशैली पर बेहद गंभीर और तीखे आरोप लगाए हैं। उनके भाई का कहना है कि ग्लैमर की इस दुनिया में लगातार मिलने वाला मानसिक दबाव, काम की अत्यधिक कमी और कार्यस्थल पर वरिष्ठों द्वारा कथित तौर पर किया जाने वाला अपमान उनकी बहन की मानसिक स्थिति बिगड़ने की मुख्य वजह बना। वह लंबे समय से इस बेइज्जती और उपेक्षा को चुपचाप सहन कर रही थीं, जिससे उनका आत्मविश्वास पूरी तरह टूट चुका था।

    मृतक अभिनेत्री के भाई ने इस पूरे घटनाक्रम का संबंध दिवंगत बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की त्रासदी से भी जोड़ा है। उन्होंने बताया कि संचिता का आखिरी सोशल मीडिया पोस्ट भी सुशांत सिंह राजपूत को ही समर्पित था, जिससे यह साफ झलकता है कि वे किस कदर अंदरूनी तौर पर अकेलेपन और मानसिक तनाव से जूझ रही थीं। गौरतलब है कि चौदह जून की शाम को संचिता अपने आवास पर अचेत अवस्था में पाई गई थीं, जिसके बाद अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था।

    टेलीविजन शोज के अलावा हाल ही में एक बड़ी फिल्म का हिस्सा रहीं संचिता उगले के इस कदम ने फिल्म सिटी के भीतर कलाकारों की मानसिक सुरक्षा पर एक बार फिर बहस छेड़ दी है। पुलिस प्रशासन ने इस मामले में अप्राकृतिक मृत्यु का मुकदमा दर्ज कर शव को अंत्यपरीक्षण के लिए भेज दिया है। जांच अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम की विस्तृत रिपोर्ट आने और अभिनेत्री के कॉल डिटेल्स व सोशल मीडिया अकाउंट्स की गहन पड़ताल के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पूरी तरह खुलासा हो सकेगा।

  • मंदसौर डबल मर्डर केस का खुलासा: कारोबारी दंपती की हत्या के बाद आरोपी ने खुद को मारी गोली, 5 महीने बाद जांच पूरी

    मंदसौर डबल मर्डर केस का खुलासा: कारोबारी दंपती की हत्या के बाद आरोपी ने खुद को मारी गोली, 5 महीने बाद जांच पूरी


    मध्यप्रदेश । मंदसौर शहर में 31 दिसंबर 2025 की रात हुई सनसनीखेज डबल मर्डर और आत्महत्या की घटना की जांच अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। करीब पांच महीने तक चली विस्तृत जांच, फॉरेंसिक रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयानों के आधार पर पुलिस इस निष्कर्ष पर पहुंची है कि राजस्थान के निम्बाहेड़ा निवासी सराफा कारोबारी विकास सोनी ने सोना कारोबारी दिलीप जैन और उनकी पत्नी रेखा जैन की हत्या की थी तथा इसके बाद खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी।

    पुलिस के अनुसार, 31 दिसंबर की रात विकास सोनी स्कूटी से मंदसौर स्थित गोल चौराहा क्षेत्र में दिलीप जैन के घर पहुंचा था। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि उस समय घर में रेखा जैन मौजूद थीं। कुछ देर बाद दिलीप जैन भी घर पहुंच गए। पुलिस जांच में मिले साक्ष्यों के अनुसार, तीनों के बीच सामान्य बातचीत हुई और उन्होंने साथ बैठकर चाय-नाश्ता भी किया।

    जांच रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ समय बाद दिलीप जैन और विकास सोनी के बीच पुराने कारोबारी लेन-देन को लेकर विवाद शुरू हुआ। पुलिस का कहना है कि इसी दौरान कथित रूप से विकास सोनी ने पहले हथियार निकालकर फायर करने की कोशिश की, लेकिन गोली नहीं चली। इसके बाद उसने चाकू से हमला कर दिया।

    फॉरेंसिक जांच और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार, दिलीप जैन पर कई बार चाकू से हमला किया गया, जिससे उनकी मौत हो गई। शोर सुनकर नीचे पहुंचीं रेखा जैन पर भी आरोपी ने हमला किया। गंभीर चोटों के कारण उनकी भी घटनास्थल पर ही मौत हो गई।

    पुलिस का कहना है कि वारदात के बाद आरोपी कुछ समय तक घर में ही मौजूद रहा और बाद में कथित रूप से अपनी कनपटी पर गोली मार ली। बैलिस्टिक और फॉरेंसिक जांच में यह पुष्टि हुई कि घटनास्थल से बरामद हथियार और गोली का संबंध आरोपी से था। गोली घर की छत में धंसी हुई मिली थी, जिसे जांच के दौरान जब्त किया गया।

    सिटी कोतवाली पुलिस ने मामले की जांच के दौरान घटनास्थल से पिस्टल, चाकू, कारतूस, सीसीटीवी रिकॉर्डिंग, फॉरेंसिक साक्ष्य तथा अन्य सामग्री जब्त की थी। पुलिस ने आसपास लगे कई सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली। जांच में आरोपी की आवाजाही स्पष्ट रूप से रिकॉर्ड हुई, जबकि किसी अन्य संदिग्ध व्यक्ति की मौजूदगी सामने नहीं आई।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हत्या और आत्महत्या की इस घटना के पीछे मुख्य कारण कारोबारी लेन-देन से जुड़ा विवाद था। हालांकि कथित बकाया राशि और आर्थिक विवाद से जुड़े सभी पहलुओं की भी जांच की गई। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस को किसी तीसरे व्यक्ति की भूमिका नहीं मिली।

    मामले में दर्ज अपराध की जांच पूरी कर पुलिस ने अपनी अंतिम रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को सौंप दी है। अब अदालत में खात्मा प्रतिवेदन (क्लोजर रिपोर्ट) प्रस्तुत करने की प्रक्रिया चल रही है।

    इस दर्दनाक घटना ने दो परिवारों को गहरा आघात पहुंचाया। एक ओर जैन दंपती के बच्चे अपने माता-पिता को खो चुके हैं, वहीं दूसरी ओर आरोपी के परिवार पर भी इसका गंभीर प्रभाव पड़ा है। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्य और वैज्ञानिक जांच इस निष्कर्ष की पुष्टि करते हैं कि यह मामला दोहरी हत्या और उसके बाद आत्महत्या का है।

  • इंदौर में ड्राइवर ने फांसी लगाकर दी जान, वीडियो बनाकर प्रेमिका समेत 5 लोगों को ठहराया जिम्मेदार

    इंदौर में ड्राइवर ने फांसी लगाकर दी जान, वीडियो बनाकर प्रेमिका समेत 5 लोगों को ठहराया जिम्मेदार


    मध्य प्रदेश। इंदौर के नंदा नगर क्षेत्र में एक युवक द्वारा आत्महत्या किए जाने का मामला सामने आया है। मृतक ने यह कदम उठाने से पहले एक वीडियो रिकॉर्ड किया था, जिसे उसने अपने भाई को भी भेजा। वीडियो में युवक ने अपनी प्रेमिका, उसकी बहन, भाई और अन्य लोगों को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया है। पुलिस ने वीडियो को जब्त कर लिया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।

    परदेशीपुरा थाना पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान 25 वर्षीय लविश लश्करी के रूप में हुई है। लविश मूल रूप से उज्जैन का निवासी था और इंदौर में किराये के मकान में रहकर ड्राइवर का काम करता था। गुरुवार को उसके द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या करने की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।

    परिजनों के अनुसार लविश का खंडवा निवासी एक युवती के साथ करीब दो वर्षों से प्रेम संबंध था। युवक द्वारा रिकॉर्ड किए गए वीडियो में दावा किया गया है कि वह लगभग डेढ़ वर्ष तक युवती के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रहा था। वीडियो में उसने कहा कि कुछ समय पहले युवती के परिजनों को इस संबंध की जानकारी हो गई थी, जिसके बाद वे युवती को अपने साथ ले गए और उसका मोबाइल फोन भी अपने कब्जे में रख लिया।

    मृतक ने वीडियो में यह भी कहा कि वह लंबे समय से युवती से संपर्क नहीं कर पा रहा था, जिससे वह मानसिक रूप से परेशान था। वीडियो में उसने अपनी मौत के लिए कुछ लोगों को जिम्मेदार बताते हुए कई आरोप लगाए हैं। हालांकि पुलिस का कहना है कि वीडियो में किए गए दावों और आरोपों की सत्यता की जांच की जा रही है तथा सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ाई जाएगी।

    पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम कराकर परिजनों के बयान दर्ज किए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही आत्महत्या के पीछे की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी।

    इसी बीच शहर में आत्महत्या के दो अन्य मामले भी सामने आए हैं। द्वारकापुरी क्षेत्र के अहीरखेड़ी निवासी 28 वर्षीय करण बलाई ने भी फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों के अनुसार उसकी कुछ समय पहले शादी हुई थी, लेकिन पत्नी के अलग होकर चले जाने के कारण वह मानसिक रूप से परेशान रहता था। गुरुवार शाम उसके पिता ने उसे कमरे में फंदे पर लटका हुआ पाया।

    वहीं आजाद नगर क्षेत्र में हम्माली का काम करने वाले 40 वर्षीय कन्हैया जायसवाल ने भी आत्मघाती कदम उठा लिया। पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर विवाद होने की जानकारी सामने आई है। कन्हैया के चार बच्चे हैं। घटना की जानकारी उस समय लगी जब देर रात उसकी पत्नी ने उसे फंदे पर लटका देखा।

    पुलिस तीनों मामलों में अलग-अलग जांच कर रही है और संबंधित परिस्थितियों तथा परिजनों के बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।