Tag: SuicideCase

  • बस की टक्कर से ऑटो चालक की मौत करंट लगने से युवक ने तोड़ा दम फूड डिलीवरी बॉय ने उठाया आत्मघाती कदम

    बस की टक्कर से ऑटो चालक की मौत करंट लगने से युवक ने तोड़ा दम फूड डिलीवरी बॉय ने उठाया आत्मघाती कदम


    इंदौर । इंदौर में बुधवार रात और गुरुवार सुबह अलग-अलग इलाकों में हुई तीन दर्दनाक घटनाओं ने शहर को झकझोर दिया। एक ओर सड़क हादसे में ऑटो चालक की मौत हो गई तो दूसरी ओर पानी की मोटर चालू करते समय करंट लगने से एक युवक ने दम तोड़ दिया। वहीं लसूड़िया क्षेत्र में एक फूड डिलीवरी बॉय का शव फंदे पर लटका मिला। पुलिस ने तीनों मामलों में जांच शुरू कर दी है।

    पहली घटना तिलक नगर थाना क्षेत्र की है जहां निजी ट्रेवल्स की बस की टक्कर से 24 वर्षीय राजा गोयल की मौत हो गई। राजा अपने दोस्त मांझी के साथ बाइक से पिपल्याहाना स्थित एक दुकान पर सामान लेने गया था। देर रात लौटते समय तेज रफ्तार बस ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया लेकिन डॉक्टरों ने राजा को मृत घोषित कर दिया जबकि उसके साथी का इलाज जारी है।

    मृतक राजा शांति नगर मूसाखेड़ी का रहने वाला था और पेशे से ऑटो चालक था। उसके परिवार में पत्नी ढाई साल का बेटा और बड़ा भाई हैं। पुलिस ने हादसे के बाद बस को जब्त कर चालक को हिरासत में ले लिया है। दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है।

    दूसरी घटना आजाद नगर थाना क्षेत्र के इंदिरा एकता नगर की है। यहां 25 वर्षीय वसीम अपने घर में पानी की मोटर चालू कर रहा था। इसी दौरान अचानक उसे तेज करंट लग गया और वह जमीन पर गिर पड़ा। आसपास के लोग और परिजन उसे तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे लेकिन चिकित्सक उसकी जान नहीं बचा सके।

    वसीम भी ऑटो चालक था और अपने परिवार का मुख्य सहारा माना जाता था। उसके परिवार में दो छोटे बच्चे भाई और बहन हैं। पुलिस ने मामले में आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है और बिजली के करंट लगने की परिस्थितियों की जांच की जा रही है।

    तीसरी घटना लसूड़िया थाना क्षेत्र की है जहां 22 वर्षीय रजनीश ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। रजनीश मूल रूप से कटनी जिले का रहने वाला था और करीब छह महीने पहले रोजगार की तलाश में इंदौर आया था। वह अपने बड़े भाई शुभम के साथ किराए के मकान में रहकर फूड डिलीवरी का काम करता था।

    बुधवार देर रात जब शुभम काम से वापस घर लौटा तो काफी देर तक दरवाजा खटखटाने के बावजूद कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद मकान मालिक की मदद से कमरे का ताला तोड़ा गया। अंदर रजनीश का शव फंदे से लटका मिला। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

    पुलिस ने मृतक का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है। मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। ऐसे में आत्महत्या के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस परिजनों और परिचितों से पूछताछ कर सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

    इन तीनों घटनाओं ने अलग-अलग परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। सड़क सुरक्षा बिजली उपकरणों के सुरक्षित उपयोग और मानसिक स्वास्थ्य जैसे मुद्दे एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं। पुलिस ने सभी मामलों में जांच जारी रखते हुए लोगों से सतर्कता बरतने और किसी भी तरह की परेशानी होने पर समय रहते मदद लेने की अपील की है।

  • इंदौर में नवविवाहित युवक की आत्महत्या, पत्नी की शिकायत के बाद पुलिस जांच में जुटी

    इंदौर में नवविवाहित युवक की आत्महत्या, पत्नी की शिकायत के बाद पुलिस जांच में जुटी


    इंदौर। इंदौर के एरोड्रम थाना क्षेत्र में एक 27 वर्षीय युवक ने कथित तौर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों का कहना है कि घटना से कुछ समय पहले उसे पत्नी की शिकायत के आधार पर पुलिस पूछताछ के लिए थाने बुलाया गया था। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है और आत्महत्या के कारणों की पड़ताल की जा रही है।

    पुलिस के अनुसार पटेल नगर निवासी अभिषेक चौहान ने मंगलवार रात अपने घर में फंदा लगाकर जान दे दी। परिवार के लोगों ने बताया कि रात में जब उसका बड़ा भाई खाना देने कमरे में पहुंचा तो दरवाजा अंदर से बंद था। काफी आवाज लगाने के बाद भी कोई जवाब नहीं मिला। खिड़की से देखने पर अभिषेक फंदे से लटका दिखाई दिया। परिजन तुरंत उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

    परिजनों का आरोप है कि अभिषेक की पत्नी साधना नामदेव ने उसके खिलाफ प्रताड़ना की शिकायत दर्ज कराई थी। इसी शिकायत के सिलसिले में मंगलवार को पुलिस ने अभिषेक को एरोड्रम थाने बुलाकर पूछताछ की थी। परिवार का कहना है कि थाने से लौटने के बाद वह बेहद परेशान और शांत था। उसने किसी से ज्यादा बातचीत नहीं की और अपने कमरे में चला गया, जहां बाद में उसने यह कदम उठा लिया।

    परिवार के मुताबिक अभिषेक एयरपोर्ट पर टैक्सी चलाता था। इसी दौरान उसकी पहचान टैक्सी काउंटर पर काम करने वाली साधना से हुई थी। दोनों ने मई 2026 में प्रेम विवाह किया था। शादी के बाद दोनों के बीच पारिवारिक मुद्दों को लेकर मतभेद शुरू हो गए थे।

    परिजनों का कहना है कि साधना चाहती थी कि अभिषेक संयुक्त परिवार से अलग होकर उसके मायके के पास किराए के मकान में रहे, जबकि अभिषेक अपने परिवार से अलग नहीं होना चाहता था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था।

    वहीं, पत्नी ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि अभिषेक उसे घुमाने के बहाने ले गया और उसके साथ मारपीट की। उसने दहेज प्रताड़ना के आरोप भी लगाए थे। पुलिस इन आरोपों की भी जांच कर रही है।

    घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है। दोनों पक्षों के बयान, कॉल रिकॉर्ड और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर यह पता लगाया जाएगा कि युवक ने किन परिस्थितियों में यह कदम उठाया।

    पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने के बाद सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

  • भोपाल में शेफ की आत्महत्या सुसाइड नोट में लिखा कर्ज चुका दिया फिर भी रोज मांग रहे थे 10 हजार रुपये ब्याज

    भोपाल में शेफ की आत्महत्या सुसाइड नोट में लिखा कर्ज चुका दिया फिर भी रोज मांग रहे थे 10 हजार रुपये ब्याज


    मध्य प्रदेश। राजधानी भोपाल के रातीबड़ थाना क्षेत्र में कर्ज और कथित सूदखोरी से जुड़ा एक दर्दनाक मामला सामने आया है। कलियासोत डेम के पास तेरा शटर क्षेत्र में एक 37 वर्षीय शेफ का शव पेड़ से फंदे पर लटका मिला। मृतक की पहचान नीलबड़ स्थित बृजधाम कॉलोनी निवासी रामश्रवण पटेल के रूप में हुई है। वह कोलार रोड स्थित एक निजी बंगले में शेफ के तौर पर कार्यरत थे। घटना स्थल से उनकी बाइक और जेब से एक सुसाइड नोट मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है।

    परिजनों के अनुसार रामश्रवण मंगलवार दोपहर काम पर जाने की बात कहकर घर से निकले थे, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटे। बाद में कलियासोत क्षेत्र में उनका शव पेड़ से लटका मिला। सुसाइड नोट में लिखे मोबाइल नंबर के आधार पर पुलिस ने परिवार को सूचना दी। बुधवार सुबह पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा और मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी।

    मौके से मिले सुसाइड नोट में मृतक ने आरोप लगाया कि मकान निर्माण के लिए उसने एक व्यक्ति से लगभग 3.70 लाख रुपये उधार लिए थे। नोट के अनुसार उसने पूरी मूल राशि चुका दी थी, लेकिन इसके बावजूद उससे प्रतिदिन 10 हजार रुपये ब्याज की मांग की जा रही थी। मृतक ने यह भी लिखा कि एक निजी फाइनेंस कंपनी के रिकवरी एजेंट लगातार उस पर दबाव बना रहे थे, जिससे वह गहरे मानसिक तनाव में आ गया था।

    रामश्रवण के भाई अरुण पटेल ने बताया कि परिवार ने कर्ज चुकाने के लिए अपने गहने तक गिरवी रख दिए थे। इसके बावजूद वसूली करने वाले लगातार दबाव बना रहे थे। परिवार का कहना है कि पिछले कुछ समय से रामश्रवण बेहद तनाव में था और इसी कारण उसने यह कदम उठाया।

    परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि तीन दिन पहले रामश्रवण को चुनाभट्टी थाने बुलाया गया था, जहां उस पर कर्ज चुकाने का दबाव बनाया गया। हालांकि पुलिस ने इस आरोप से इनकार करते हुए कहा है कि फिलहाल ऐसी कोई आधिकारिक जानकारी उनके संज्ञान में नहीं है।

    रातीबड़ थाना प्रभारी रास बिहारी शर्मा के अनुसार शुरुआती जांच में आर्थिक दबाव और मानसिक तनाव की बात सामने आई है। उन्होंने बताया कि परिजनों ने यह भी जानकारी दी है कि चार दिन पहले रामश्रवण ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या का प्रयास किया था, लेकिन उस समय उसकी जान बच गई थी।

    पुलिस अब सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग का परीक्षण कराएगी। साथ ही मोबाइल कॉल डिटेल, वित्तीय लेन-देन और नोट में जिन लोगों का उल्लेख किया गया है, उनसे पूछताछ भी की जाएगी। जांच का एक अहम पहलू यह भी होगा कि कहीं कर्ज वसूली के नाम पर अवैध वसूली, धमकी या प्रताड़ना तो नहीं की गई।

    पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

  • शुजालपुर में किसान की संदिग्ध आत्महत्या, मानसिक तनाव की आशंका; शव ले जाने को भी झेलनी पड़ी परेशानी

    शुजालपुर में किसान की संदिग्ध आत्महत्या, मानसिक तनाव की आशंका; शव ले जाने को भी झेलनी पड़ी परेशानी


    शुजालपुर । मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले के शुजालपुर क्षेत्र से एक दुखद घटना सामने आई है जहां एक किसान की खेत पर कीटनाशक पीने से मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार पारिवारिक विवाद के बाद किसान घर से खेत गया था और वहीं उसने जहरीला पदार्थ पी लिया। कुछ घंटे बाद परिजन जब खेत पहुंचे तो वह अचेत अवस्था में मिला। उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है जबकि पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

    यह घटना शुजालपुर सिटी थाना क्षेत्र के ग्राम भ्राम ताजपुर गौरी की है। मृतक की पहचान 45 वर्षीय मांगीलाल पिता रेवाराम मालवीय के रूप में हुई है। वह खेती कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। परिवार में पत्नी और तीन बच्चे हैं। परिजनों के अनुसार रविवार सुबह करीब 11 बजे मांगीलाल रोज की तरह घर से खेत के लिए निकले थे। दोपहर बाद जब काफी देर तक वह वापस नहीं लौटे तो उनके भाई रमेश उन्हें देखने खेत पहुंचे। वहां मांगीलाल अचेत अवस्था में पड़े मिले।

    परिजन उन्हें तत्काल शुजालपुर सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। अस्पताल के डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस अस्पताल पहुंची और आवश्यक कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

    परिवार के सदस्यों ने बताया कि घर में कुछ समय से छोटे-मोटे पारिवारिक विवाद चल रहे थे। आशंका जताई जा रही है कि मानसिक तनाव के कारण मांगीलाल ने खेत पर पहुंचकर कीटनाशक पी लिया। हालांकि पुलिस का कहना है कि आत्महत्या के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच पूरी होने और सभी पहलुओं की पड़ताल के बाद ही की जाएगी।

    घटना के बाद एक और समस्या सामने आई जिसने परिजनों की पीड़ा और बढ़ा दी। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद नगर पालिका का शव वाहन उपलब्ध नहीं हो सका। जानकारी के अनुसार शव वाहन में डीजल खत्म होने और तकनीकी खराबी के कारण उसका उपयोग नहीं किया जा सका। मजबूरन परिजनों को निजी वाहन की व्यवस्था कर किसान का शव गांव ले जाना पड़ा। इस स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों ने भी नाराजगी जताई और कहा कि ऐसी आवश्यक सेवाएं हर समय उपलब्ध रहनी चाहिए ताकि शोकग्रस्त परिवारों को अतिरिक्त परेशानी का सामना न करना पड़े।

    शुजालपुर सिटी थाना के प्रधान आरक्षक निहाल सिंह ने बताया कि पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस सभी तथ्यों की जांच कर रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • घर में फंदे पर मिला 56 वर्षीय हलवाई का शव, आत्महत्या के कारणों की जांच में जुटी पुलिस

    घर में फंदे पर मिला 56 वर्षीय हलवाई का शव, आत्महत्या के कारणों की जांच में जुटी पुलिस


    देवास । देवास के त्रिलोक नगर क्षेत्र में गुरुवार को एक 56 वर्षीय हलवाई का शव उसके घर में फंदे से लटका मिला। घटना की सूचना मिलते ही इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया और मामले की जांच शुरू कर दी है।

    मृतक की पहचान अनिल ठाकुर पिता रामाश्रय ठाकुर के रूप में हुई है। वह पेशे से हलवाई थे और त्रिलोक नगर स्थित अपने घर में अकेले रहते थे। प्रारंभिक जांच में आत्महत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है।

    जानकारी के अनुसार, अनिल ठाकुर की पत्नी और बच्चे पिछले करीब एक वर्ष से कालानी बाग क्षेत्र में अलग रह रहे थे। घटना के समय घर में कोई अन्य व्यक्ति मौजूद नहीं था। जब मकान मालिक को काफी देर तक कोई हलचल नहीं दिखाई दी तो उन्होंने घर की स्थिति देखी। अंदर अनिल ठाकुर का शव फंदे से लटका मिला। इसके बाद उन्होंने तुरंत परिजनों को सूचना दी।

    सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे। पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।

    पुलिस ने इस मामले में मर्ग कायम कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि आत्महत्या के पीछे की वजह जानने के लिए परिजनों से पूछताछ की जा रही है। साथ ही अन्य सभी पहलुओं की भी जांच की जा रही है। फिलहाल किसी तरह का सुसाइड नोट मिलने की जानकारी सामने नहीं आई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • पिता की मौत के छह महीने बाद बेटे ने उठाया आत्मघाती कदम, घर में फंदे पर मिला शव, कारणों की जांच जारी

    पिता की मौत के छह महीने बाद बेटे ने उठाया आत्मघाती कदम, घर में फंदे पर मिला शव, कारणों की जांच जारी


    मध्य प्रदेशमध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक 19 वर्षीय युवक द्वारा कथित रूप से आत्महत्या किए जाने का’ मामला सामने आया है। अरेरा हिल्स थाना क्षेत्र के बल्लभ नगर स्थित घर में युवक का शव फंदे से लटका मिला। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि करीब छह महीने पहले युवक के पिता ने भी आत्महत्या की थी।

    पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान आकाश गौतम के रूप में हुई है। वह बेरोजगार था और अपनी मां तथा छोटे भाई के साथ रहता था। शुक्रवार सुबह उसकी मां रोज की तरह घरों में काम करने चली गई थीं, जबकि छोटा भाई खेलने के लिए बाहर निकल गया था। दोपहर के समय जब छोटा भाई घर लौटा तो उसने आकाश को कमरे में फंदे पर लटका देखा। इसके बाद परिजनों और आसपास के लोगों ने पुलिस को सूचना दी।

    घटना की जानकारी मिलते ही अरेरा हिल्स थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए। इसके बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भेजा गया। पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।

    पुलिस को घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। ऐसे में आत्महत्या के पीछे की वजह का अभी स्पष्ट पता नहीं चल सका है। जांच अधिकारी का कहना है कि परिवार के सदस्यों और आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है तथा सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

    प्रारंभिक पूछताछ में परिजनों ने बताया कि लगभग छह महीने पहले आकाश के पिता ने भी फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। परिवार का कहना है कि पिता की मृत्यु के बाद आकाश मानसिक तनाव में रहने लगा था। बताया गया कि इस दौरान उसे शराब की लत भी लग गई थी और समय के साथ उसकी स्थिति और बिगड़ती चली गई। हालांकि पुलिस इन दावों की भी जांच कर रही है और इन्हें अंतिम निष्कर्ष नहीं मान रही है।

    पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, परिजनों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल आत्महत्या के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच जारी है।

  • संचिता उगले मौत मामले में नया मोड़, पिता ने लगाए गंभीर आरोप, मानसिक दबाव की बात आई सामने

    संचिता उगले मौत मामले में नया मोड़, पिता ने लगाए गंभीर आरोप, मानसिक दबाव की बात आई सामने

    नई दिल्ली । टीवी और मनोरंजन जगत से जुड़ी अभिनेत्री Sanchita Ugale की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। 14 जून को उनके नालासोपारा स्थित आवास में मृत पाए जाने के बाद अब उनके परिवार ने गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे यह मामला और अधिक संवेदनशील हो  पुलिस मामले की सभी पहलुओं से जांच कर रही है।

    मृतका के पिता मछिंद्र उगले ने मीडिया से बातचीत में दावा किया है कि उनकी बेटी लंबे समय से मानसिक तनाव में थी। उन्होंने कहा कि हालांकि संचिता ने कभी स्पष्ट रूप से अपनी परेशानी साझा नहीं की, लेकिन उनके व्यवहार में बदलाव लगातार देखा जा रहा था। कभी वह सामान्य और खुश नजर आती थीं, तो कभी अचानक उदास और चिंतित हो जाती थीं। परिवार को यह अंदाजा हो गया था कि वह किसी गंभीर दबाव में हैं।

    परिवार के अनुसार, स्थिति को देखते हुए वे लगातार संचिता के साथ रहने की कोशिश करते थे ताकि वह अकेली न रहें। पिता ने बताया कि घर के सदस्य उनकी मानसिक स्थिति को लेकर सतर्क रहते थे और उन्हें सामान्य जीवन में बनाए रखने का प्रयास करते थे। हालांकि परिवार को कभी यह अंदेशा नहीं था कि स्थिति इतनी गंभीर हो सकती है।

    पिता ने यह भी आरोप लगाया कि उनकी बेटी पर लंबे समय से किसी प्रकार का दबाव बनाया जा रहा था। उनके अनुसार, संचिता ने कुछ बातें परिवार से साझा की थीं, जिनसे यह संकेत मिलता था कि वह मानसिक रूप से परेशान थीं। उन्होंने यह भी दावा किया कि उन पर बार-बार कुछ मांगें की जा रही थीं, जिनमें आर्थिक दबाव की बातें भी शामिल थीं। परिवार का मानना है कि इन परिस्थितियों ने उनकी बेटी को गहरे तनाव में धकेल दिया।

    घटना 14 जून की शाम नालासोपारा स्थित घर में सामने आई, जब संचिता अपने कमरे में बंद थीं। दरवाजा अंदर से बंद था और बाद में परिवार द्वारा दरवाजा खोलने पर उन्हें गंभीर हालत में पाया गया। तुरंत अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद पूरे परिवार और उनके परिचितों में शोक का माहौल है।

    मामले में पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि किन परिस्थितियों में यह घटना हुई और क्या वास्तव में किसी तरह का दबाव या प्रताड़ना इस मामले से जुड़ा है। पुलिस सभी डिजिटल और व्यक्तिगत पहलुओं की भी जांच कर रही है ताकि पूरी सच्चाई सामने आ सके।

    परिवार ने इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है और कहा है कि उन्हें अभी तक पूरी स्थिति स्पष्ट नहीं है। उनका कहना है कि वे सिर्फ इतना चाहते हैं कि सच सामने आए और यदि किसी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए।

    यह मामला अब केवल एक व्यक्तिगत त्रासदी नहीं रह गया है, बल्कि इसके साथ जुड़े आरोपों के कारण जांच का दायरा भी बढ़ गया है। पुलिस की आगे की कार्रवाई पर अब सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

    ल्ली । टीवी और मनोरंजन जगत से जुड़ी अभिनेत्री Sanchita Ugale की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। 14 जून को उनके नालासोपारा स्थित आवास में मृत पाए जाने के बाद अब उनके परिवार ने गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे यह मामला और अधिक संवेदनशील हो गया है। पुलिस मामले की सभी पहलुओं से जांच कर रही है।

    मृतका के पिता मछिंद्र उगले ने मीडिया से बातचीत में दावा किया है कि उनकी बेटी लंबे समय से मानसिक तनाव में थी। उन्होंने कहा कि हालांकि संचिता ने कभी स्पष्ट रूप से अपनी परेशानी साझा नहीं की, लेकिन उनके व्यवहार में बदलाव लगातार देखा जा रहा था। कभी वह सामान्य और खुश नजर आती थीं, तो कभी अचानक उदास और चिंतित हो जाती थीं। परिवार को यह अंदाजा हो गया था कि वह किसी गंभीर दबाव में हैं।

    परिवार के अनुसार, स्थिति को देखते हुए वे लगातार संचिता के साथ रहने की कोशिश करते थे ताकि वह अकेली न रहें। पिता ने बताया कि घर के सदस्य उनकी मानसिक स्थिति को लेकर सतर्क रहते थे और उन्हें सामान्य जीवन में बनाए रखने का प्रयास करते थे। हालांकि परिवार को कभी यह अंदेशा नहीं था कि स्थिति इतनी गंभीर हो सकती है।

    पिता ने यह भी आरोप लगाया कि उनकी बेटी पर लंबे समय से किसी प्रकार का दबाव बनाया जा रहा था। उनके अनुसार, संचिता ने कुछ बातें परिवार से साझा की थीं, जिनसे यह संकेत मिलता था कि वह मानसिक रूप से परेशान थीं। उन्होंने यह भी दावा किया कि उन पर बार-बार कुछ मांगें की जा रही थीं, जिनमें आर्थिक दबाव की बातें भी शामिल थीं। परिवार का मानना है कि इन परिस्थितियों ने उनकी बेटी को गहरे तनाव में धकेल दिया।

    घटना 14 जून की शाम नालासोपारा स्थित घर में सामने आई, जब संचिता अपने कमरे में बंद थीं। दरवाजा अंदर से बंद था और बाद में परिवार द्वारा दरवाजा खोलने पर उन्हें गंभीर हालत में पाया गया। तुरंत अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद पूरे परिवार और उनके परिचितों में शोक का माहौल है।

    मामले में पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि किन परिस्थितियों में यह घटना हुई और क्या वास्तव में किसी तरह का दबाव या प्रताड़ना इस मामले से जुड़ा है। पुलिस सभी डिजिटल और व्यक्तिगत पहलुओं की भी जांच कर रही है ताकि पूरी सच्चाई सामने आ सके।

    परिवार ने इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है और कहा है कि उन्हें अभी तक पूरी स्थिति स्पष्ट नहीं है। उनका कहना है कि वे सिर्फ इतना चाहते हैं कि सच सामने आए और यदि किसी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए।

    • सतना में सनसनी, पति-पत्नी के शव घर में फांसी के फंदे पर मिले

      सतना में सनसनी, पति-पत्नी के शव घर में फांसी के फंदे पर मिले


      सतना । मध्यप्रदेश के सतना जिले में बुधवार को एक दर्दनाक और सनसनीखेज मामला सामने आया, जहां पति-पत्नी के शव घर के अंदर फांसी के फंदे पर लटके मिले। घटना के बाद पूरे गांव में हड़कंप मच गया और इलाके में शोक का माहौल है। यह मामला रामपुर बघेलान थाना क्षेत्र के तिवनी गांव का है। पुलिस के अनुसार मृतकों की पहचान 45 वर्षीय मंगलदीन कोरी और उनकी 43 वर्षीय पत्नी शकुंतला कोरी के रूप में हुई है।

      जानकारी के मुताबिक बुधवार सुबह घर का दरवाजा खुला हुआ था, लेकिन काफी देर तक अंदर से कोई हलचल नहीं होने पर पड़ोसियों को शक हुआ। इसके बाद आसपास के लोगों ने घर के अंदर जाकर देखा तो पति-पत्नी के शव फांसी के फंदे पर लटके मिले। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास के लोगों से पूछताछ भी की।

      फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि मामला आत्महत्या का है या इसके पीछे कोई और वजह है। पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों का खुलासा हो सकेगा। घटना के बाद गांव में तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

    • श्योपुर में हड़कंप, दुकान विवाद में न्याय न मिलने पर बुजुर्ग ने कलेक्ट्रेट में की आत्मघाती कदम

      श्योपुर में हड़कंप, दुकान विवाद में न्याय न मिलने पर बुजुर्ग ने कलेक्ट्रेट में की आत्मघाती कदम

      श्योपुर । श्योपुर कलेक्ट्रेट में मंगलवार को जनसुनवाई के दौरान एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां शिकायतों से परेशान एक बुजुर्ग ने सल्फास खाकर आत्महत्या कर ली। गंभीर हालत में उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

      मृतक की पहचान देवेंद्र गोयल के रूप में हुई है, जो सब्जी मंडी क्षेत्र में दुकान के मालिक थे। बताया जा रहा है कि उनकी दुकान पर उनके ही परिवार के कुछ सदस्यों द्वारा कब्जा कर लिया गया था। इस मामले को लेकर वह लंबे समय से न्याय की गुहार लगा रहे थे।

      परिजनों और जानकारी के अनुसार, देवेंद्र गोयल ने 28 फरवरी को दुकान पर कब्जे की शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद उन्होंने 2 मार्च से लेकर 26 मई तक कई बार लिखित आवेदन दिए, लेकिन आरोप है कि उनकी शिकायतों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे वे लगातार परेशान चल रहे थे।

      मंगलवार को वह अपनी समस्या लेकर श्योपुर कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां जनसुनवाई चल रही थी। उस समय कलेक्टर शीला दाहिमा मौजूद नहीं थीं। डेप्युटी कलेक्टर देवेंद्र मीणा ने उनका आवेदन लिया। इसके बाद बाहर निकलते ही बुजुर्ग ने सल्फास खा लिया और मौके पर ही बेहोश होकर गिर पड़े।

      घटना के दौरान उन्होंने यह भी कहा कि वह तीन बार जनसुनवाई में आ चुके हैं, लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ। इसके बाद उन्हें तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन उनकी मौत हो गई।

      बताया जा रहा है कि पहले उन्होंने पुलिस में भी शिकायत दी थी, लेकिन मामला राजस्व विभाग से जुड़ा होने के कारण उन्हें वहां भेज दिया गया था। इसके बाद से वह लगातार दफ्तरों के चक्कर काट रहे थे। इस घटना ने पूरे प्रशासनिक तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और कलेक्ट्रेट परिसर में हड़कंप मच गया है। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

    • भोपाल में IPS अधिकारी की बेटी ने की आत्महत्या , घर में फांसी लगाकर दी जान

      भोपाल में IPS अधिकारी की बेटी ने की आत्महत्या , घर में फांसी लगाकर दी जान


      भोपाल । भोपाल में एक दर्दनाक घटना ने पूरे शहर को झकझोर दिया है, जहां एक IPS अधिकारी की नाबालिग बेटी ने आत्महत्या कर ली। यह घटना हबीबगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत पॉश इलाके चार इमली की बताई जा रही है, जहां छात्रा ने अपने घर पर फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर दी।

      जानकारी के अनुसार मृतिका 12वीं कक्षा की छात्रा थी और अपने परिवार के साथ रहती थी। घटना की सूचना मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया और तत्काल हबीबगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

      मृतिका की पहचान IPS अधिकारी संजीव कंचन की बेटी के रूप में हुई है, जो वर्तमान में पुलिस मुख्यालय PHQ में AIG के पद पर पदस्थ हैं। इस घटना के बाद परिवार और आसपास के लोगों में गहरा शोक फैल गया है।

      पुलिस को शुरुआती जांच में मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, जिससे आत्महत्या के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल सका है। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और हर एंगल से मामले की पड़ताल की जा रही है।

      जांच के तहत पुलिस मृतिका के मोबाइल फोन को खंगाल रही है, साथ ही उसके संपर्कों और हाल की गतिविधियों की भी जांच की जा रही है। परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ जारी है ताकि घटना के पीछे की वजहों का पता लगाया जा सके।

      पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तकनीकी जांच के बाद ही इस पूरे मामले में स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी। फिलहाल इस घटना ने पूरे शहर में शोक और चिंता का माहौल पैदा कर दिया है।