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  • गर्मियों का सुपरफूड पुदीना! ऊर्जा बढ़ाए और पाचन दुरुस्त रखे, जानें फायदे

    गर्मियों का सुपरफूड पुदीना! ऊर्जा बढ़ाए और पाचन दुरुस्त रखे, जानें फायदे


    नई दिल्ली।  देश के कई हिस्सों में गर्मी तेजी से बढ़ रही है। चिलचिलाती धूप और तपती गर्मी में ठंडक का अहसास देने के लिए पुदीना सबसे अच्छा और आसान प्राकृतिक उपाय है। हरी और सुगंधित पुदीना की छोटी-छोटी पत्तियां न सिर्फ ताजगी भरी खुशबू देती हैं, बल्कि तन और मन दोनों को शीतलता प्रदान करती हैं।
     
    गर्मियों में पुदीना का सेवन कई बीमारियों से बचाव में भी बेहद कारगर साबित होता है। पुदीना पोषक तत्वों से भरपूर होता है। इसमें मौजूद मेंथॉल शरीर को प्राकृतिक ठंडक देता है। गर्मी के दिनों में पुदीना चटनी, रायता, जूस, पन्ना, सलाद या पानी में मिलाकर पीने से गर्मी का असर काफी कम हो जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि पुदीना गर्मियों में शरीर का तापमान नियंत्रित रखने का सबसे सरल तरीका है।

    आयुर्वेद में पुदीना का खासा स्थान है और इसके सेवन से शरीर को कई लाभ मिलते हैं। पुदीना पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है। यह अपच, गैस, एसिडिटी और कब्ज जैसी समस्याओं से राहत दिलाता है, पेट को हल्का रखता है और भूख बढ़ाने में भी मदद करता है। पुदीना डिहाइड्रेशन से बचाव में भी कारगर है। गर्मियों में पसीना ज्यादा आने से शरीर में पानी की कमी हो जाती है। पुदीने का पानी पीने से डिहाइड्रेशन की समस्या नहीं होती और दिनभर ताजगी बनी रहती है। सिरदर्द और तनाव कम करता है,

    पुदीने की चाय सिरदर्द और मानसिक तनाव को दूर करने में बहुत फायदेमंद है। सुबह खाली पेट पुदीने वाला पानी पीने से पूरे दिन एनर्जी और ताजगी बनी रहती है।

    पुदीना एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है। यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है और मौसमी बीमारियों से बचाव में मदद करता है। इसके सेवन से पसीने की दुर्गंध कम या खत्म होती है। मोटापा घटाने में सहायक है। सूजन कम करने और रोगाणुरोधी गुण रखता है। साथ ही हृदय स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद है।

    आयुर्वेद में पुदीने को गर्मियों के लिए विशेष रूप से उपयोगी माना गया है। अमेरिका की नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के अध्ययनों में भी पुदीने के कई स्वास्थ्य लाभ बताए गए हैं, जिनमें सूजन-रोधी और एंटीऑक्सीडेंट गुण शामिल हैं।

    गर्मियों में पुदीने की मांग काफी बढ़ जाती है। पुदीना सस्ता, आसानी से उपलब्ध और बिना किसी साइड इफेक्ट वाला प्राकृतिक उपाय है। एक्सपर्ट इसे रोजाना अपने आहार में दही का रायता, पुदीने की चटनी, निंबू-पुदीना पानी या सलाद के रूप में शामिल करने की सलाह देते हैं।

  • गर्मी में गुलकंद का कमाल: थकान और पाचन समस्याओं से दिलाए राहत, शरीर को रखे ठंडा

    गर्मी में गुलकंद का कमाल: थकान और पाचन समस्याओं से दिलाए राहत, शरीर को रखे ठंडा


    नई दिल्ली।गर्मी का मौसम आते ही शरीर को ठंडक देने वाले पारंपरिक और प्राकृतिक उपायों की याद आने लगती है। इन्हीं में से एक है गुलाब की ताजा पंखुड़ियों से बना गुलकंद, जो न सिर्फ स्वाद में लाजवाब होता है बल्कि शरीर और मन दोनों को शीतल रखने में मदद करता है। बढ़ती गर्मी, थकान और पाचन संबंधी समस्याओं के बीच गुलकंद एक ऐसा घरेलू उपाय है, जो वर्षों से भारतीय रसोई का अहम हिस्सा रहा है।

    परंपरा और स्वाद का अनोखा संगम

    गुलकंद को बनाने की विधि जितनी सरल है, उतनी ही खास भी। ताजी गुलाब की पंखुड़ियों को चीनी या गुड़ के साथ मिलाकर धूप में धीरे-धीरे पकाया जाता है, जिससे इसकी प्राकृतिक मिठास और खुशबू बरकरार रहती है। यह सिर्फ एक खाद्य पदार्थ नहीं, बल्कि भारतीय परंपरा और घरेलू नुस्खों की पहचान भी है। पहले के समय में दादी-नानी इसे घर पर बनाकर बच्चों को खिलाती थीं, जिससे उनका स्वास्थ्य भी अच्छा रहता था और शरीर को ठंडक भी मिलती थी।

    गर्मी से राहत दिलाने में कारगर

    स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, गुलकंद की तासीर ठंडी होती है, जो शरीर के तापमान को संतुलित रखने में मदद करती है। गर्मियों में अक्सर थकान, चिड़चिड़ापन और बेचैनी महसूस होती है। ऐसे में गुलकंद का सेवन शरीर को भीतर से ठंडक देता है और मानसिक शांति भी प्रदान करता है। यह प्राकृतिक कूलेंट की तरह काम करता है, जिससे लू और अत्यधिक गर्मी के असर को कम किया जा सकता है।

    पाचन तंत्र के लिए फायदेमंद

    गुलकंद का एक बड़ा फायदा इसका पाचन पर सकारात्मक असर है। गर्मियों में अक्सर गैस, एसिडिटी और अपच जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं। रोजाना सीमित मात्रा में गुलकंद का सेवन पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है और पेट को ठंडा रखता है। यह भोजन को आसानी से पचाने में मदद करता है और पेट से जुड़ी असहजता को कम करता है।

    त्वचा और इम्यूनिटी को भी फायदा

    गुलकंद में एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाते हैं। गर्मी के कारण त्वचा पर पड़ने वाले असर-जैसे रूखापन, बेजानपन और जलन को कम करने में भी यह सहायक होता है। नियमित सेवन से त्वचा में प्राकृतिक निखार आता है और शरीर अंदर से तरोताजा महसूस करता है।

    सेवन के आसान और स्वादिष्ट तरीके

    गुलकंद को कई तरह से अपने आहार में शामिल किया जा सकता है। इसे सीधे चम्मच से खाया जा सकता है, ठंडे दूध या दही में मिलाकर शरबत बनाया जा सकता है या मिठाइयों जैसे हलवा, लड्डू और आइसक्रीम में इस्तेमाल किया जा सकता है। गर्मियों में गुलकंद वाला दूध या शरबत खासतौर पर लोगों का पसंदीदा पेय बन जाता है, जो स्वाद और सेहत दोनों का संतुलन बनाए रखता है।

    सावधानी भी है जरूरी

    हालांकि गुलकंद के कई फायदे हैं, लेकिन इसका सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए। इसमें मिठास अधिक होती है, इसलिए डायबिटीज के मरीजों को इसे लेने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए। साथ ही, घर का बना शुद्ध गुलकंद बाजार के पैकेट वाले उत्पादों से अधिक लाभकारी होता है।