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  • गर्मी में अजवाइन का सेवन क्यों कम किया जाता है? जानिए इसके पीछे के कारण और सही उपयोग

    गर्मी में अजवाइन का सेवन क्यों कम किया जाता है? जानिए इसके पीछे के कारण और सही उपयोग


    नई दिल्ली। अजवाइन (Carom Seeds) को आयुर्वेद में “गर्म तासीर” वाली औषधि माना जाता है। इसलिए गर्मियों में इसका अधिक सेवन शरीर में गर्मी बढ़ाकर कई स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है। जानिए इसके फायदे, नुकसान और सही उपयोग।

     गर्मी में अजवाइन का सेवन क्यों सीमित करना चाहिए?
    अजवाइन भारतीय रसोई का एक बेहद उपयोगी मसाला है, जो अपने औषधीय गुणों के लिए जाना जाता है। लेकिन आयुर्वेद के अनुसार इसकी तासीर गर्म होती है। यही कारण है कि गर्मी के मौसम में इसके सेवन को सीमित मात्रा में लेने की सलाह दी जाती है।

    गर्मियों में जब बाहर का तापमान पहले से ही अधिक होता है, तब शरीर का आंतरिक तापमान भी संतुलन बनाए रखने के लिए संघर्ष करता है। ऐसे में अजवाइन का अधिक सेवन शरीर में अतिरिक्त गर्मी पैदा कर सकता है, जिससे असहजता बढ़ सकती है।

     1. अजवाइन की गर्म तासीर बढ़ा सकती है शरीर की गर्मी
    अजवाइन में मौजूद सक्रिय तत्व शरीर में गर्मी उत्पन्न करते हैं। सर्दियों में यह गुण लाभकारी होता है, लेकिन गर्मियों में यही गुण शरीर को असंतुलित कर सकता है। इससे पसीना ज्यादा आना, बेचैनी और शरीर में जलन जैसी समस्या हो सकती है।

     2. पेट में जलन और एसिडिटी की समस्या
    गर्मी के मौसम में पाचन तंत्र पहले से ही संवेदनशील रहता है। ऐसे में अजवाइन का अधिक सेवन कुछ लोगों में एसिडिटी, सीने में जलन और पेट में गर्मी जैसी समस्याओं को बढ़ा सकता है। यह शरीर में एसिड-आधारित संतुलन को प्रभावित कर सकता है।

    3. डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ सकता है
    अजवाइन शरीर में पाचन क्रिया को तेज करती है, जिससे शरीर अधिक गर्मी उत्पन्न करता है। गर्मी के मौसम में जब शरीर पहले से ही पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी से जूझ रहा होता है, तब यह स्थिति डिहाइड्रेशन को बढ़ा सकती है।

     4. शरीर पर बढ़ता आंतरिक दबाव
    गर्मियों में शरीर को खुद को ठंडा रखने के लिए अतिरिक्त ऊर्जा खर्च करनी पड़ती है। ऐसे में अजवाइन का अधिक सेवन शरीर पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है, जिससे थकान, चिड़चिड़ापन और कमजोरी महसूस हो सकती है।

    5. सीमित मात्रा में फायदे भी हैं अजवाइन के
    हालांकि इसका मतलब यह नहीं कि अजवाइन का सेवन पूरी तरह बंद कर देना चाहिए। सीमित मात्रा में यह बेहद फायदेमंद होती है। यह गैस, अपच, पेट दर्द और सूजन जैसी समस्याओं में राहत देती है।

    कैसे करें गर्मियों में सही सेवन?
    बहुत कम मात्रा में सेवन करें
    अजवाइन को पानी में भिगोकर या उबालकर लें
    छाछ या दही के साथ संतुलित रूप में उपयोग करें
    खाली पेट अधिक सेवन से बचें

    अजवाइन एक औषधीय गुणों से भरपूर मसाला है, लेकिन हर चीज का सही समय और सही मात्रा में उपयोग ही लाभकारी होता है। गर्मियों में इसका सीमित सेवन शरीर को स्वस्थ रखता है, जबकि अधिक सेवन नुकसानदायक हो सकता है। संतुलन ही अच्छे स्वास्थ्य की कुंजी है।

  • गर्मियों की परफेक्ट डिश: मूंग दाल की खिचड़ी क्यों है सेहत और स्वाद का बेस्ट कॉम्बिनेशन

    गर्मियों की परफेक्ट डिश: मूंग दाल की खिचड़ी क्यों है सेहत और स्वाद का बेस्ट कॉम्बिनेशन


    नई दिल्ली। गर्मियों के मौसम में शरीर को हल्का और सुपाच्य भोजन की जरूरत होती है, ताकि पाचन तंत्र पर ज्यादा दबाव न पड़े। ऐसे समय में मूंग दाल की खिचड़ी सबसे बेहतर विकल्प मानी जाती है। यह न केवल पेट के लिए हल्की होती है, बल्कि शरीर को ठंडक और ऊर्जा भी देती है।
    मूंग दाल में भरपूर मात्रा में प्रोटीन, फाइबर और जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं, जबकि चावल के साथ मिलकर यह एक संतुलित आहार बन जाता है। यही वजह है कि इसे “बीमारों का खाना” भी कहा जाता है, क्योंकि यह शरीर को जल्दी रिकवर करने में मदद करता है।

    सेहत के लिए फायदे
    मूंग दाल की खिचड़ी सिर्फ स्वादिष्ट ही नहीं, बल्कि सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद है। यह पाचन को बेहतर बनाती है और एसिडिटी जैसी समस्याओं से राहत दिलाती है। जिन लोगों को कमजोरी या पेट से जुड़ी दिक्कतें रहती हैं, उनके लिए यह एक बेहतरीन आहार है।

    गर्मियों में जब शरीर डिहाइड्रेशन और थकान महसूस करता है, तब यह हल्का भोजन शरीर को तुरंत राहत देता है। इसमें अगर लौकी, गाजर या टमाटर जैसी सब्जियां मिलाई जाएं, तो इसका पोषण और भी बढ़ जाता है।

    मूंग दाल खिचड़ी बनाने की आसान विधि
    इस स्वादिष्ट और हेल्दी खिचड़ी को बनाना बेहद आसान है-

    सामग्री:
    1 कप चावल
    1/2 कप मूंग दाल (छिलके वाली)
    2 टेबल स्पून घी
    1 टी स्पून जीरा
    एक चुटकी हींग
    नमक स्वाद अनुसार
    हल्दी और सब्जियां (वैकल्पिक)

    बनाने की विधि:
    सबसे पहले चावल और मूंग दाल को अच्छे से धोकर 10–15 मिनट भिगो दें। अब कुकर में घी गर्म करें और उसमें जीरा और हींग डालकर तड़का लगाएं। इसके बाद हल्की सब्जियां डालकर थोड़ा भून लें। अब इसमें भीगे हुए चावल और दाल डालें, साथ में हल्दी और नमक मिलाएं। पर्याप्त पानी डालकर कुकर बंद करें और 2–3 सीटी आने तक पकने दें। जब कुकर ठंडा हो जाए, तो खिचड़ी को अच्छे से मिक्स करें और गर्मागर्म परोसें।

    क्यों बनाएं इसे रोजाना डाइट का हिस्सा?
    यह एक ऐसा भोजन है जो हर उम्र के लोगों के लिए सुरक्षित और फायदेमंद है। यह हल्का होने के बावजूद शरीर को जरूरी पोषण देता है और गर्मियों में लू व थकान से बचाने में मदद करता है। कुल मिलाकर, मूंग दाल की खिचड़ी गर्मियों के लिए एक परफेक्ट, हेल्दी और टेस्टी विकल्प है, जिसे आसानी से घर पर बनाया जा सकता है।