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  • आसमान से बरस रही आग, जमीन पर बढ़ी मुश्किलें: गर्मी के साथ पानी और बिजली संकट ने बढ़ाई लोगों की परेशानी

    आसमान से बरस रही आग, जमीन पर बढ़ी मुश्किलें: गर्मी के साथ पानी और बिजली संकट ने बढ़ाई लोगों की परेशानी


    नई दिल्ली।देश के कई हिस्सों में पड़ रही भीषण गर्मी अब केवल मौसम की परेशानी नहीं रह गई है, बल्कि यह लोगों के दैनिक जीवन पर गहरा असर डालने लगी है। राजधानी सहित कई राज्यों में तापमान लगातार नए रिकॉर्ड छू रहा है और इसके साथ ही पानी तथा बिजली की बढ़ती समस्या ने आम लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। आसमान से बरसती आग और तपती सड़कों के बीच लोगों की दिनचर्या बुरी तरह प्रभावित होती दिखाई दे रही है। हालात ऐसे बन गए हैं कि कई क्षेत्रों में लोग राहत पाने के लिए संघर्ष करते नजर आ रहे हैं। गर्म हवाओं और तेज धूप ने शहरों से लेकर कस्बों तक लोगों की परेशानी को कई गुना बढ़ा दिया है।
    भीषण गर्मी के कारण पानी की खपत अचानक बढ़ी है, जिससे कई इलाकों में जल आपूर्ति पर दबाव साफ दिखाई देने लगा है। कुछ स्थानों पर लोगों को जरूरत के अनुसार पानी नहीं मिल पा रहा है, जिसके कारण लंबी कतारें और इंतजार की स्थिति बन रही है। सुबह से ही लोग पानी की व्यवस्था में जुट जाते हैं ताकि दिनभर की जरूरतें पूरी की जा सकें। लगातार बढ़ती गर्मी के बीच पानी की कमी ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। कई परिवारों के लिए यह स्थिति रोजमर्रा की बड़ी चुनौती बन चुकी है।

    दूसरी तरफ बिजली की मांग में भी तेजी से बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। एयर कंडीशनर, कूलर और अन्य उपकरणों के लगातार उपयोग से बिजली व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है। कई इलाकों में बिजली की अनियमित आपूर्ति लोगों की परेशानी का बड़ा कारण बन रही है। दिन के समय तेज गर्मी और रात में बिजली बाधित होने से लोगों की दिनचर्या और नींद दोनों प्रभावित हो रही हैं। बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों के लिए यह स्थिति और अधिक कठिन बनती जा रही है। लगातार गर्मी और बिजली की समस्या लोगों की सहनशक्ति की परीक्षा ले रही है।

    गर्मी का असर केवल शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी हालात चुनौतीपूर्ण होते जा रहे हैं। खेतों में काम करने वाले लोग तेज धूप के कारण लंबे समय तक बाहर नहीं रह पा रहे हैं। मजदूर वर्ग और रोजाना मेहनत करने वाले लोगों के लिए यह मौसम सबसे कठिन दौर साबित हो रहा है। सड़कों पर दोपहर के समय सामान्य दिनों की तुलना में काफी कम आवाजाही दिखाई दे रही है। लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकलना पसंद कर रहे हैं।

    विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार बढ़ता तापमान और बदलता मौसम भविष्य में और बड़ी चुनौतियां खड़ी कर सकता है। ऐसे हालात में स्वास्थ्य संबंधी सावधानी, पर्याप्त पानी का सेवन और धूप से बचाव बेहद जरूरी हो गया है। फिलहाल देश के कई हिस्सों में लोग गर्मी, पानी और बिजली की तिहरी चुनौती से जूझ रहे हैं और सभी की नजरें मौसम में राहत देने वाले बदलाव पर टिकी हुई हैं।

  • तेज गर्मी से बचने का आसान तरीका, ये मसाले शरीर को रखते हैं अंदर से ठंडा और हल्का..

    तेज गर्मी से बचने का आसान तरीका, ये मसाले शरीर को रखते हैं अंदर से ठंडा और हल्का..

    नई दिल्ली । जैसे-जैसे गर्मी अपने चरम पर पहुंच रही है, वैसे-वैसे इसका असर लोगों के शरीर पर भी साफ दिखाई देने लगा है। तेज धूप, गर्म हवाएं और बढ़ता तापमान शरीर को तेजी से थका रहा है। इस मौसम में अक्सर लोग कमजोरी, सिरदर्द, चक्कर और पेट से जुड़ी समस्याओं का सामना करते हैं। ऐसे हालात में केवल पानी पीना ही पर्याप्त नहीं माना जाता, बल्कि खानपान में ऐसे प्राकृतिक तत्वों को शामिल करना जरूरी हो जाता है जो शरीर को अंदर से ठंडक प्रदान कर सकें।

    आयुर्वेद और पारंपरिक घरेलू नुस्खों में कुछ ऐसे मसालों का जिक्र मिलता है जो गर्मियों में शरीर को संतुलित रखने में मदद करते हैं। ये मसाले न केवल पाचन को सुधारते हैं बल्कि शरीर के तापमान को भी नियंत्रित रखते हैं।

    इनमें सौंफ सबसे प्रमुख मानी जाती है। यह शरीर में ठंडक बनाए रखने में मदद करती है और पेट की गर्मी को कम करने का काम करती है। गर्मी के मौसम में इसका सेवन शरीर को हल्का और तरोताजा महसूस कराता है, साथ ही पाचन तंत्र को भी शांत रखता है।

    धनिया के बीज भी शरीर को राहत देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह शरीर में गर्मी और सूजन को कम करने में मदद करते हैं और पाचन क्रिया को बेहतर बनाते हैं। गर्मी के कारण होने वाली पेट की समस्याओं में यह काफी लाभकारी माना जाता है।

    इलायची का उपयोग भी गर्मियों में काफी फायदेमंद माना जाता है। यह शरीर को हल्का महसूस कराने के साथ-साथ गैस, एसिडिटी और पेट की जलन जैसी समस्याओं से राहत दिलाने में मदद करती है। इसका सेवन शरीर में ताजगी बनाए रखने में सहायक होता है।

    पुदीना को तो लंबे समय से प्राकृतिक ठंडक का स्रोत माना जाता रहा है। इसमें मौजूद तत्व शरीर को ठंडा रखने के साथ-साथ पाचन सुधारने में भी मदद करते हैं। गर्मियों में होने वाली पेट की समस्याओं में यह काफी असरदार साबित होता है और शरीर को तुरंत राहत देता है।

    अमचूर भी इस सूची में शामिल एक महत्वपूर्ण मसाला है। यह पाचन को सक्रिय करने में मदद करता है और शरीर में ताजगी बनाए रखता है। इसके प्राकृतिक गुण गर्मी के असर को कम करने और भूख को संतुलित करने में सहायक होते हैं।

    अगर गर्मियों में खानपान में इन प्राकृतिक मसालों को शामिल किया जाए तो शरीर को अंदर से ठंडक मिल सकती है और कई सामान्य स्वास्थ्य समस्याओं से बचाव संभव है। यह सरल उपाय बिना किसी दवा के शरीर को स्वस्थ और ऊर्जावान बनाए रखने में मदद कर सकता है।

  • समर स्किन केयर रूटीन त्वचा को ठंडा और चमकदार रखने के सबसे आसान घरेलू तरीके

    समर स्किन केयर रूटीन त्वचा को ठंडा और चमकदार रखने के सबसे आसान घरेलू तरीके


    नई दिल्ली । गर्मियों में तेज धूप, पसीना और बढ़ती गर्मी त्वचा पर सबसे ज्यादा असर डालते हैं। इस मौसम में चेहरा अक्सर चिपचिपा, बेजान और थका हुआ दिखने लगता है। ऐसे में स्किन को ठंडक देना और उसका प्राकृतिक निखार बनाए रखना बेहद जरूरी हो जाता है। महंगे प्रोडक्ट्स की बजाय घरेलू और प्राकृतिक उपाय त्वचा को सुरक्षित और स्वस्थ रखने में अधिक प्रभावी साबित हो सकते हैं।

    त्वचा की देखभाल के लिए सबसे पहले आता है एलोवेरा, जिसे एक प्राकृतिक कूलिंग एजेंट माना जाता है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और हाइड्रेटिंग गुण सनबर्न और जलन को कम करने में मदद करते हैं। धूप से लौटने के बाद ताजा एलोवेरा जेल लगाने से त्वचा को तुरंत राहत मिलती है और रात में लगाने पर यह त्वचा को गहराई से मॉइश्चराइज करता है।

    गर्मियों में त्वचा को ठंडा और फ्रेश रखने के लिए खीरा और गुलाब जल का मिश्रण भी बेहद उपयोगी है। खीरे का रस त्वचा को हाइड्रेट करता है, जबकि गुलाब जल त्वचा के pH संतुलन को बनाए रखने में मदद करता है। इस मिश्रण को स्प्रे बोतल में भरकर फेस मिस्ट की तरह इस्तेमाल करने से चेहरा पूरे दिन तरोताजा महसूस करता है।

    मुल्तानी मिट्टी और चंदन का फेस पैक भी गर्मियों में ऑयली स्किन के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है। यह अतिरिक्त तेल को नियंत्रित करता है, रोमछिद्रों को साफ करता है और मुंहासों की समस्या को कम करने में मदद करता है। साथ ही यह त्वचा को ठंडक देकर टैनिंग को भी हल्का करता है।

    त्वचा की नमी बनाए रखने के लिए दही और शहद का मिश्रण एक बेहतरीन उपाय है। दही में मौजूद लैक्टिक एसिड डेड स्किन को हटाने में मदद करता है, जबकि शहद त्वचा को मुलायम और मॉइश्चराइज करता है। इसे हफ्ते में दो बार लगाने से त्वचा की रंगत में सुधार देखा जा सकता है।

    इसके साथ ही शरीर को अंदर से हाइड्रेट रखना भी बेहद जरूरी है। दिनभर पर्याप्त पानी पीना और तरबूज, खीरा और संतरा जैसे फलों को डाइट में शामिल करना त्वचा की सेहत के लिए बहुत लाभकारी है। सही आहार और पर्याप्त पानी शरीर के तापमान को नियंत्रित रखते हैं, जिसका सीधा असर चेहरे की चमक पर दिखाई देता है।

    कुल मिलाकर, इन सरल और प्राकृतिक उपायों को अपनाकर गर्मियों में त्वचा को न केवल सुरक्षित रखा जा सकता है, बल्कि बिना किसी खर्च के प्राकृतिक ग्लो भी पाया जा सकता है।

    गर्मियों में तेज धूप, पसीना और बढ़ती गर्मी त्वचा पर सबसे ज्यादा असर डालते हैं। इस मौसम में चेहरा अक्सर चिपचिपा, बेजान और थका हुआ दिखने लगता है। ऐसे में स्किन को ठंडक देना और उसका प्राकृतिक निखार बनाए रखना बेहद जरूरी हो जाता है। महंगे प्रोडक्ट्स की बजाय घरेलू और प्राकृतिक उपाय त्वचा को सुरक्षित और स्वस्थ रखने में अधिक प्रभावी साबित हो सकते हैं।

    त्वचा की देखभाल के लिए सबसे पहले आता है एलोवेरा, जिसे एक प्राकृतिक कूलिंग एजेंट माना जाता है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और हाइड्रेटिंग गुण सनबर्न और जलन को कम करने में मदद करते हैं। धूप से लौटने के बाद ताजा एलोवेरा जेल लगाने से त्वचा को तुरंत राहत मिलती है और रात में लगाने पर यह त्वचा को गहराई से मॉइश्चराइज करता है।

    गर्मियों में त्वचा को ठंडा और फ्रेश रखने के लिए खीरा और गुलाब जल का मिश्रण भी बेहद उपयोगी है। खीरे का रस त्वचा को हाइड्रेट करता है, जबकि गुलाब जल त्वचा के pH संतुलन को बनाए रखने में मदद करता है। इस मिश्रण को स्प्रे बोतल में भरकर फेस मिस्ट की तरह इस्तेमाल करने से चेहरा पूरे दिन तरोताजा महसूस करता है।

    मुल्तानी मिट्टी और चंदन का फेस पैक भी गर्मियों में ऑयली स्किन के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है। यह अतिरिक्त तेल को नियंत्रित करता है, रोमछिद्रों को साफ करता है और मुंहासों की समस्या को कम करने में मदद करता है। साथ ही यह त्वचा को ठंडक देकर टैनिंग को भी हल्का करता है।

    त्वचा की नमी बनाए रखने के लिए दही और शहद का मिश्रण एक बेहतरीन उपाय है। दही में मौजूद लैक्टिक एसिड डेड स्किन को हटाने में मदद करता है, जबकि शहद त्वचा को मुलायम और मॉइश्चराइज करता है। इसे हफ्ते में दो बार लगाने से त्वचा की रंगत में सुधार देखा जा सकता है।

    इसके साथ ही शरीर को अंदर से हाइड्रेट रखना भी बेहद जरूरी है। दिनभर पर्याप्त पानी पीना और तरबूज, खीरा और संतरा जैसे फलों को डाइट में शामिल करना त्वचा की सेहत के लिए बहुत लाभकारी है। सही आहार और पर्याप्त पानी शरीर के तापमान को नियंत्रित रखते हैं, जिसका सीधा असर चेहरे की चमक पर दिखाई देता है। कुल मिलाकर, इन सरल और प्राकृतिक उपायों को अपनाकर गर्मियों में त्वचा को न केवल सुरक्षित रखा जा सकता है, बल्कि बिना किसी खर्च के प्राकृतिक ग्लो भी पाया जा सकता है।

  • घर पर बनाएं बाजार जैसी गाढ़ी और स्वादिष्ट लस्सी, जानिए आसान टिप्स और सही तरीका..

    घर पर बनाएं बाजार जैसी गाढ़ी और स्वादिष्ट लस्सी, जानिए आसान टिप्स और सही तरीका..

    नई दिल्ली। गर्मियों में ठंडे पेय की चाह बढ़ जाती है, लेकिन बाजार में मिलने वाले सॉफ्ट ड्रिंक्स और कोल्ड ड्रिंक्स में मौजूद केमिकल्स सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं। ऐसे में देसी पेय ‘लस्सी’ एक बेहतरीन और हेल्दी विकल्प है, जो न सिर्फ शरीर को ठंडक देती है बल्कि पोषण भी प्रदान करती है।

    अक्सर लोगों को लगता है कि बाजार जैसी गाढ़ी और स्वादिष्ट लस्सी घर पर बनाना मुश्किल है, लेकिन सही तरीके और कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखकर इसे आसानी से तैयार किया जा सकता है।

    अच्छी लस्सी के लिए दही का सही चयन जरूरी

    लस्सी बनाने के लिए ताजा और हल्का खट्टा दही सबसे उपयुक्त माना जाता है। बहुत ज्यादा खट्टा दही स्वाद को बिगाड़ सकता है। दही जितना फ्रेश होगा, लस्सी उतनी ही स्वादिष्ट बनेगी। लस्सी बनाने से पहले दही को अच्छी तरह फेंट लें, ताकि उसमें कोई गांठ न रहे और टेक्सचर स्मूद बने।

    मीठी और नमकीन लस्सी का सही संतुलन
    लस्सी को अपनी पसंद के अनुसार मीठा या नमकीन बनाया जा सकता है।
    – मीठी लस्सी के लिए चीनी, इलायची पाउडर और थोड़ा सा गुलाब जल मिलाएं।
    – नमकीन लस्सी के लिए काला नमक, भुना जीरा पाउडर और पुदीना डालने से स्वाद और बढ़ जाता है।
    लस्सी को मथते समय ध्यान रखें कि इसे ज्यादा देर तक ब्लेंड न करें, वरना इसका गाढ़ापन कम हो सकता है।

    ठंडक और परोसने का सही तरीका

    लस्सी को ठंडा बनाने के लिए बर्फ डाली जा सकती है, लेकिन अधिक बर्फ डालने से स्वाद हल्का हो जाता है। बेहतर है कि पहले से ठंडा दही इस्तेमाल करें। परोसते समय ऊपर से मलाई या ड्राय फ्रूट्स डालकर इसे और भी स्वादिष्ट बनाया जा सकता है। अगर देसी अंदाज में लस्सी का मजा लेना चाहते हैं, तो इसे मिट्टी के कुल्हड़ में सर्व करना एक अच्छा विकल्प है, जिससे इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है। इस तरह कुछ आसान टिप्स अपनाकर आप घर पर ही बाजार जैसी गाढ़ी, ठंडी और स्वादिष्ट लस्सी तैयार कर सकते हैं।

  • गर्मियों में डिहाइड्रेशन से बचने का मंत्र ताजे जूस से शरीर को रखें ठंडा और एक्टिव

    गर्मियों में डिहाइड्रेशन से बचने का मंत्र ताजे जूस से शरीर को रखें ठंडा और एक्टिव


    नई दिल्ली: भारत में गर्मियों का असर तेज होते ही स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को खानपान में सावधानी बरतने और शरीर को हाइड्रेट रखने पर जोर दिया है तेज धूप और बढ़ते तापमान के कारण शरीर में पानी और जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी तेजी से होने लगती है जिससे थकान चक्कर और कमजोरी जैसी समस्याएं सामने आती हैं ऐसे में ताजे और ठंडे प्राकृतिक जूस शरीर को राहत देने का सबसे आसान और प्रभावी उपाय बनकर सामने आए हैं

    विशेषज्ञों के अनुसार गर्मियों में ऐसे पेय पदार्थों का सेवन करना चाहिए जो शरीर को तुरंत ठंडक पहुंचाने के साथ साथ ऊर्जा भी दें इस लिहाज से तरबूज का रस सबसे लोकप्रिय विकल्प माना जाता है इसमें लगभग 90 प्रतिशत पानी होता है जो शरीर को तुरंत हाइड्रेट करता है और गर्मी से राहत दिलाता है

    इसी तरह नारियल पानी को प्राकृतिक एनर्जी ड्रिंक कहा जाता है इसमें मौजूद पोटेशियम और मिनरल्स शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाए रखते हैं और थकान को दूर करते हैं गर्मियों में नियमित रूप से इसका सेवन शरीर को तरोताजा बनाए रखता है

    नींबू और पुदीना से बना जूस भी बेहद फायदेमंद माना जाता है यह न केवल शरीर का तापमान नियंत्रित करता है बल्कि पाचन तंत्र को भी मजबूत बनाता है खीरे का जूस शरीर को डिटॉक्स करने में मदद करता है और पेट को ठंडक पहुंचाता है जिससे गर्मी में होने वाली जलन और एसिडिटी से राहत मिलती है

    पारंपरिक भारतीय पेय जैसे आम पन्ना और कोकम शर्बत भी लू से बचाने में काफी कारगर हैं ये शरीर को ठंडा रखने के साथ साथ ऊर्जा प्रदान करते हैं और हीट स्ट्रोक के खतरे को कम करते हैं वहीं अनानास और संतरे का जूस विटामिन सी से भरपूर होता है जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है

    स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि दिन के किसी भी समय इन जूसों का सेवन किया जा सकता है चाहे सुबह की शुरुआत करनी हो दोपहर की गर्मी से राहत चाहिए या शाम को थकान दूर करनी हो ये सभी विकल्प हर समय लाभकारी हैं खास बात यह है कि इन्हें घर पर आसानी से तैयार किया जा सकता है और इसमें किसी प्रकार के प्रिजर्वेटिव या अतिरिक्त चीनी की जरूरत नहीं होती

    विशेषज्ञ पैकेज्ड और डिब्बाबंद जूस से बचने की सलाह देते हैं क्योंकि इनमें अक्सर अतिरिक्त शुगर और प्रिजर्वेटिव्स होते हैं जो शरीर को नुकसान पहुंचा सकते हैं इसके मुकाबले ताजे फल और सब्जियों से बने जूस अधिक पोषक और सुरक्षित होते हैं

    गर्मियों में स्वस्थ रहने का सबसे सरल तरीका यही है कि शरीर को पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ मिलते रहें और इसके लिए प्राकृतिक जूस एक बेहतरीन विकल्प हैं जो न केवल हाइड्रेशन बनाए रखते हैं बल्कि शरीर को ठंडा और ऊर्जावान भी रखते हैं

  • एसी का तापमान 26 डिग्री सेट करने पर बिजली बिल में 30 फीसदी तक की कमी..

    एसी का तापमान 26 डिग्री सेट करने पर बिजली बिल में 30 फीसदी तक की कमी..


    भोपाल : गर्मी में बिजली की खपत बढ़ने से बिजली बिल अधिक आता है, लेकिन कुछ तरीके अपना कर बिजली बिल में कमी की जा सकती है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने कहा है कि एक शोध से यह साबित हुआ है कि एसी का तापमान 26 डिग्री पर सेट करने से बिजली बिल में 30 प्रतिशत तक कमी हो सकती है। शोध के अनुसार, प्रत्येक डिग्री तापमान में वृद्धि के परिणामस्वरूप स्प्लिट एसी की ऊर्जा खपत में 6 प्रतिशत की कमी आती है।

    मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अनुसार गर्मियों के दौरान एयर कंडीशनर के लगातार चलने के कारण बिजली का बिल चिंता का एक बड़ा कारण है। लेकिन एयर कंडीशनर का समझदारी से उपयोग करके आप इसे काफी हद तक कम कर सकते हैं। विद्युत वितरण कंपनी के द्वारा जारी सुझावों में सबसे महत्वपूर्ण है कि एसी को ऊंचे लेकिन आरामदायक तापमान पर चलाना चाहिए। विभिन्न एजेंसियों के शोधों से साबित हुआ है कि एसी के तापमान को 26 डिग्री सेल्सियस पर सेट करने से बिजली के बिल को 30 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है।

    दरसअल कमरे को तुरंत ठंडा करने के लिए तापमान को 18 डिग्री तक कम करना एक आम गलतफहमी है। जबकि 26 डिग्री सेल्सियस तक कम करने में लगने वाला समय वही रहता है, चाहे आप एसी का तापमान 18 या 26 डिग्री सेल्सियस पर सेट करें। जब आप कम तापमान सेट करते हैं, तो कमरे के तापमान को कम करने के लिए कंप्रेसर को अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ती है। इसके परिणामस्वरूप अधिक बिल आता है। यहां तक कि अगर आप थर्मोस्टेट को 18 डिग्री पर सेट करने के बाद कुछ मिनटों के भीतर एसी बंद कर देते हैं, तो विभिन्न लीक के माध्यम से ठंडी हवा के फैलने से तापमान तेजी से बढ़ जाएगा, जिससे आपका प्रयास व्यर्थ हो जाएगा।

    विशेषज्ञों का कहना है कि यदि आप थर्मोस्टेट को 26 डिग्री सेल्सियस पर सेट करते हैं और टाइमर को 2 घंटे के लिए सेट करते हैं और साथ में सीलिंग फैन चला देते हैं, तो यह आमतौर पर अच्छी नींद के लिए आरामदायक तापमान बनाए रखता है। इसलिए समझदारी से काम लेते हुए एसी को 26 डिग्री पर सेट करें तथा सीलिंग फैन एक या दो पाइंट पर जरूर चलाएं, ऐसा करने से बिजली बिल में कमी आ सकती है।