Tag: SummerTips

  • मच्छरों और बदबू से परेशान हैं? कूलर में डालें फिटकरी और पाएं ठंडी, साफ और सुरक्षित हवा

    मच्छरों और बदबू से परेशान हैं? कूलर में डालें फिटकरी और पाएं ठंडी, साफ और सुरक्षित हवा


    नई दिल्ली । भीषण गर्मी और उमस भरे मौसम में एयर कूलर आम लोगों के लिए राहत का सबसे सस्ता और असरदार साधन बन जाता है खासकर मिडिल क्लास परिवारों में कूलर का उपयोग तेजी से बढ़ जाता है लेकिन इसके साथ एक बड़ी समस्या भी सामने आती है और वह है कूलर के टैंक में जमा गंदा पानी और उससे आने वाली बदबू यह समस्या न केवल असहजता पैदा करती है बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी खतरा बन सकती है

    दरअसल कूलर में जमा पानी कुछ ही दिनों में गंदा होने लगता है और उसमें बैक्टीरिया तथा सूक्ष्म जीव पनपने लगते हैं यही कारण है कि कूलर चलाने पर कमरे में सीलन और बदबू महसूस होती है इसके अलावा रुका हुआ पानी मच्छरों के पनपने के लिए सबसे अनुकूल जगह बन जाता है जिससे डेंगू मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है

    ऐसी स्थिति में अगर आप इस समस्या से राहत पाना चाहते हैं तो आपकी रसोई में मौजूद एक साधारण सी चीज फिटकरी बेहद कारगर साबित हो सकती है फिटकरी का उपयोग सदियों से पानी को साफ करने के लिए किया जाता रहा है और इसके पीछे वैज्ञानिक कारण भी है जब फिटकरी को पानी में डाला जाता है तो यह उसमें मौजूद गंदगी के सूक्ष्म कणों को आपस में जोड़ देती है जिससे वे भारी होकर टैंक की तली में बैठ जाते हैं और ऊपर का पानी साफ और पारदर्शी हो जाता है

    कूलर के टैंक में फिटकरी का एक छोटा सा टुकड़ा डालने से पानी लंबे समय तक साफ बना रहता है और उसमें गंदगी जल्दी जमा नहीं होती इसके साथ ही यह मच्छरों के लार्वा के पनपने की संभावना को भी कम कर देता है क्योंकि फिटकरी पानी के रासायनिक संतुलन में ऐसा बदलाव लाती है जो मच्छरों के लिए अनुकूल नहीं होता

    इसके अलावा फिटकरी में प्राकृतिक एंटीसेप्टिक गुण पाए जाते हैं जो पानी में मौजूद बैक्टीरिया और हानिकारक जीवाणुओं को नियंत्रित करने में मदद करते हैं यही वजह है कि कूलर से आने वाली बदबू भी धीरे धीरे खत्म हो जाती है जब पानी साफ और बैक्टीरिया मुक्त होता है तो कूलर से निकलने वाली हवा भी ताजी और ठंडी महसूस होती है

    हालांकि फिटकरी का उपयोग करते समय कुछ सावधानियां बरतना जरूरी है विशेषज्ञों के अनुसार कूलर के टैंक में बहुत अधिक मात्रा में फिटकरी डालना सही नहीं है एक छोटा सा टुकड़ा ही पर्याप्त होता है अधिक मात्रा में उपयोग करने से पानी की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है

    इसके साथ ही केवल फिटकरी पर निर्भर रहना भी सही नहीं है कूलर की नियमित सफाई बेहद जरूरी है टैंक और पैड्स को समय समय पर साफ करना चाहिए ताकि फंगस और गंदगी जमा न हो सके बेहतर स्वास्थ्य के लिए हर तीन से चार दिन में कूलर का पानी पूरी तरह बदलना एक अच्छी आदत है

    अगर आप इन आसान घरेलू उपायों को अपनाते हैं तो न केवल कूलर की बदबू और गंदगी से छुटकारा पा सकते हैं बल्कि अपने परिवार को मच्छरों से होने वाली खतरनाक बीमारियों से भी सुरक्षित रख सकते हैं

  • गर्मियों में आंखों को दें तुरंत राहत, ठंडा कॉटन पैड है सबसे आसान और असरदार उपाय

    गर्मियों में आंखों को दें तुरंत राहत, ठंडा कॉटन पैड है सबसे आसान और असरदार उपाय


    नई दिल्ली । गर्मियों का मौसम जहां शरीर को थका देता है वहीं आंखों पर भी इसका गहरा असर देखने को मिलता है। तेज धूप गर्म हवा और बढ़ता स्क्रीन टाइम आंखों में जलन सूजन और थकान जैसी समस्याओं को जन्म देता है। मोबाइल कंप्यूटर और लैपटॉप पर घंटों काम करने से आंखें ड्राई हो जाती हैं और उनमें भारीपन महसूस होने लगता है। ऐसे में एक सरल घरेलू उपाय ठंडा कॉटन पैड आंखों को तुरंत राहत देने में बेहद कारगर साबित होता है।

    आयुर्वेद और स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी आंखों की देखभाल के लिए ठंडे सेक को फायदेमंद मानते हैं। आयुष मंत्रालय द्वारा भी आंखों की थकान और जलन से राहत के लिए ठंडे कॉटन पैड के इस्तेमाल की सलाह दी गई है। यह उपाय पूरी तरह सुरक्षित है और इसे किसी भी उम्र के लोग आसानी से अपना सकते हैं।

    ठंडे कॉटन पैड का उपयोग करना बेहद आसान है। सबसे पहले चेहरे को साफ पानी से धो लें ताकि धूल और पसीना हट जाए। इसके बाद साफ और मुलायम कॉटन पैड लें और उन्हें ठंडे पानी में भिगो दें। हल्का सा निचोड़कर अतिरिक्त पानी निकाल लें ताकि पैड ज्यादा गीला न हो। फिर आराम से लेट जाएं और आंखें बंद करके दोनों आंखों पर कॉटन पैड रख लें। करीब 10 मिनट तक इसी स्थिति में आराम करें और गहरी सांस लेते रहें।

    यह ठंडा सेक आंखों की मांसपेशियों को तुरंत आराम देता है और सूजन को कम करता है। साथ ही आंखों में रक्त संचार बेहतर होता है जिससे थकान और भारीपन दूर होता है। अगर चाहें तो पानी में गुलाब जल की कुछ बूंदें मिलाकर इसका उपयोग कर सकते हैं जिससे आंखों को अतिरिक्त ताजगी और सुकून मिलता है।

    इस उपाय को दिन में एक बार या जरूरत के अनुसार किया जा सकता है। खासकर तब जब आप लंबे समय तक स्क्रीन पर काम कर चुके हों या धूप में रहने के कारण आंखों में जलन हो रही हो। शाम के समय इसे करना ज्यादा फायदेमंद माना जाता है क्योंकि इस समय आंखों को आराम की जरूरत होती है।

    हालांकि यह उपाय सामान्य थकान और जलन के लिए बेहद प्रभावी है लेकिन अगर आंखों में लगातार दर्द धुंधलापन या कोई गंभीर समस्या बनी रहती है तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। इसके अलावा ध्यान रखें कि हमेशा साफ कॉटन पैड का इस्तेमाल करें और पानी बहुत ज्यादा ठंडा न हो।

    इस तरह ठंडा कॉटन पैड एक सरल सस्ता और प्रभावी तरीका है जो गर्मियों में आंखों को राहत देने के साथ उन्हें स्वस्थ बनाए रखने में भी मदद करता है। नियमित उपयोग से आंखें तरोताजा रहती हैं और दिनभर की थकान आसानी से दूर हो जाती है।