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  • राधाकिशन दमानी ने सुंदरम फाइनेंस में बढ़ाई हिस्सेदारी, पहली तिमाही में खरीदे 2.37% शेयर

    राधाकिशन दमानी ने सुंदरम फाइनेंस में बढ़ाई हिस्सेदारी, पहली तिमाही में खरीदे 2.37% शेयर

    नई दिल्ली। शेयर बाजार के दिग्गज निवेशक और डीमार्ट के संस्थापक राधाकिशन दमानी तथा उनके परिवार की निवेश कंपनी ब्राइट स्टार इन्वेस्टमेंट्स ने गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) सुंदरम फाइनेंस में चालू वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही के दौरान 2.37 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदी है। कंपनी के नवीनतम शेयरहोल्डिंग पैटर्न से यह जानकारी सामने आई है।

    शेयरहोल्डिंग आंकड़ों के अनुसार, जून तिमाही के अंत तक ब्राइट स्टार इन्वेस्टमेंट्स के पास सुंदरम फाइनेंस के करीब 26.3 लाख शेयर थे, जो कंपनी की कुल 2.37 प्रतिशत हिस्सेदारी के बराबर हैं। इससे पहले मार्च 2026 और दिसंबर 2025 की शेयरहोल्डिंग सूची में ब्राइट स्टार इन्वेस्टमेंट्स का नाम शामिल नहीं था, जिससे संकेत मिलता है कि उस समय उसकी हिस्सेदारी एक प्रतिशत से कम या शून्य थी।

    उल्लेखनीय है कि सितंबर 2025 तिमाही में भी दमानी की निवेश कंपनी के पास सुंदरम फाइनेंस में 2.37 प्रतिशत हिस्सेदारी दर्ज की गई थी।

    गुरुवार को बीएसई पर सुंदरम फाइनेंस का शेयर 4,413.70 रुपये पर बंद हुआ।

    फोर्ब्स के अनुसार, राधाकिशन दमानी की अनुमानित कुल संपत्ति करीब 16 अरब अमेरिकी डॉलर है। डीमार्ट की मूल कंपनी एवेन्यू सुपरमार्ट्स में उनकी प्रमुख हिस्सेदारी है। इसके अलावा वे वीएसटी इंडस्ट्रीज, यूनाइटेड ब्रुअरीज और ब्लू डार्ट जैसी कंपनियों में भी निवेशक हैं।

    दो बार जारी कर चुकी है बोनस शेयर

    सुंदरम फाइनेंस अपने निवेशकों को दो बार बोनस शेयर दे चुकी है। कंपनी ने अगस्त 2008 और दिसंबर 2012 में 1:1 के अनुपात में बोनस शेयर जारी किए थे, यानी प्रत्येक एक शेयर पर एक अतिरिक्त बोनस शेयर दिया गया था।

    कंपनी के शेयरों के प्रदर्शन की बात करें तो पिछले पांच वर्षों में इनमें 71 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हालांकि, पिछले एक वर्ष में शेयर करीब 15 प्रतिशत कमजोर हुए हैं, जबकि वर्ष 2026 में अब तक इनमें 17 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई है। सुंदरम फाइनेंस के शेयर का 52 सप्ताह का उच्च स्तर 5,640 रुपये और निचला स्तर 4,000 रुपये रहा है।

  • Q4 में कंपनियों ने दिखाई कमाई की ताकत, किसी का मुनाफा 63% उछला तो कहीं आय और ऑपरेटिंग प्रदर्शन ने चौंकाया निवेशकों को

    Q4 में कंपनियों ने दिखाई कमाई की ताकत, किसी का मुनाफा 63% उछला तो कहीं आय और ऑपरेटिंग प्रदर्शन ने चौंकाया निवेशकों को

    नई दिल्ली। मार्च तिमाही के कारोबारी नतीजों ने कई कंपनियों के प्रदर्शन को लेकर बाजार में नई चर्चा छेड़ दी है। रियल एस्टेट, आईटी और वित्तीय सेवा क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों ने मजबूत आंकड़ों के जरिए यह संकेत दिया है कि कारोबारी गतिविधियों में तेजी बरकरार है। बेहतर कमाई, बढ़ते मुनाफे और ऑपरेशनल क्षमता में सुधार ने निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। खासकर कुछ कंपनियों के नतीजों ने बाजार को सकारात्मक संकेत दिए हैं।

    रियल एस्टेट सेक्टर की कंपनी Shriram Properties ने मार्च तिमाही में उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए अपने मुनाफे में जोरदार उछाल दर्ज किया। कंपनी का शुद्ध लाभ पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 63 प्रतिशत से अधिक बढ़ा। साथ ही कंपनी की कुल आय में भी मजबूत बढ़त देखने को मिली। कंपनी की परिचालन आय और मार्जिन में सुधार यह दर्शाता है कि प्रोजेक्ट डिलीवरी और आवासीय मांग ने कारोबारी रफ्तार को मजबूती दी है। बेहतर बिक्री और ग्राहक मांग ने कंपनी के प्रदर्शन में अहम भूमिका निभाई।

    वहीं आईटी समाधान क्षेत्र से जुड़ी Saksoft Limited ने भी स्थिर और संतुलित वृद्धि दिखाई है। कंपनी ने अपने मुनाफे और आय दोनों में बढ़त दर्ज की है। इसके साथ ही ऑपरेटिंग प्रदर्शन में सुधार और मार्जिन में मजबूती यह संकेत देती है कि डिजिटल सेवाओं और तकनीकी समाधान की मांग लगातार बढ़ रही है। कंपनी की परिचालन दक्षता में सुधार भी उसके प्रदर्शन को मजबूती देने वाला कारक माना जा रहा है।

    वित्तीय सेवा क्षेत्र की प्रमुख कंपनी Sundaram Finance Limited ने भी मार्च तिमाही में स्थिर प्रदर्शन किया। हालांकि कंपनी के शुद्ध लाभ में सीमित बढ़त देखने को मिली, लेकिन ब्याज से होने वाली आय में मजबूत वृद्धि दर्ज की गई। बढ़ते ऋण पोर्टफोलियो और वित्तीय गतिविधियों में सुधार ने कंपनी की कमाई को सहारा दिया है। इससे कंपनी की कारोबारी स्थिति पहले की तुलना में अधिक मजबूत दिखाई दे रही है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि तिमाही नतीजों में दिखाई दे रही यह मजबूती निवेशकों के भरोसे को बढ़ाने का काम कर सकती है। अलग-अलग क्षेत्रों की कंपनियों द्वारा दर्ज की गई ग्रोथ यह संकेत देती है कि आर्थिक गतिविधियां धीरे-धीरे गति पकड़ रही हैं। आने वाले समय में निवेशकों की नजर अब इस बात पर रहेगी कि यह प्रदर्शन अगले कुछ तिमाहियों में किस स्तर तक बरकरार रहता है।