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  • ओटीटी प्लेटफॉर्म पर डेब्यू करने जा रहे अभिनेता सनी देओल ने पुरानी यादें कीं ताजा, फिल्म 'दामिनी' के अपने आइकॉनिक वकील के किरदार पर खुलकर की बात

    ओटीटी प्लेटफॉर्म पर डेब्यू करने जा रहे अभिनेता सनी देओल ने पुरानी यादें कीं ताजा, फिल्म 'दामिनी' के अपने आइकॉनिक वकील के किरदार पर खुलकर की बात

    नई दिल्ली। भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेताओं में शुमार सनी देओल जल्द ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपना कदम रखने जा रहे हैं। अपनी आने वाली नई फिल्म के ट्रेलर लॉन्च के विशेष अवसर पर अभिनेता ने अपने फिल्मी सफर और अतीत की कुछ बेहद खास यादों को साझा किया। इस दौरान उन्होंने साल 1993 में आई अपनी ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘दामिनी’ में निभाए गए वकील के यादगार किरदार पर खुलकर बात की। अभिनेता ने स्वीकार किया कि जब उन्होंने इस फिल्म में काम करने का फैसला लिया था, तब उन्हें इस बात का बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि उनका यह छोटा सा रोल दर्शकों के दिलों में इस कदर बस जाएगा और इतिहास रच देगा।

    अपनी आगामी कोर्टरूम ड्रामा फिल्म में भी सनी देओल एक बार फिर से वकील की भूमिका में नजर आने वाले हैं, जिसका सीधा जुड़ाव दर्शकों को उनकी पुरानी फिल्म से महसूस हो रहा है। ट्रेलर लॉन्च के कार्यक्रम के दौरान जब उनसे इस समानता के बारे में पूछा गया तो उन्होंने पुरानी यादों को ताजा करते हुए कहा कि वह उस समय हर हाल में उस फिल्म का हिस्सा बनना चाहते थे। उन्होंने बताया कि मूल कहानी में शुरुआत में उनका कोई बड़ा रोल नहीं था, लेकिन निर्देशक और उनके निर्माता दोस्तों के साथ बातचीत के बाद उन्हें इस छोटे से कैरेक्टर के बारे में बताया गया। उन्होंने इसके लिए तुरंत हामी भर दी क्योंकि वे इस खूबसूरत कहानी से जुड़ना चाहते थे।

    अभिनेता ने बातचीत को आगे बढ़ाते हुए कहा कि किसी भी कलाकार के लिए उसकी फिल्मों की यात्रा बेहद खूबसूरत होती है। उन्होंने सिनेमा प्रेमियों से फिल्मों का भरपूर आनंद लेने का आग्रह करते हुए कहा कि कोई भी यह पहले से तय नहीं कर सकता कि कौन सा किरदार दर्शकों को कितना प्रभावित करेगा। ‘दामिनी’ के उस छोटे से रोल ने देश के कोने-कोने में लोगों को अपना मुरीद बना लिया था। अभिनेता ने यह भी साझा किया कि उस फिल्म के बाद उन्हें काफी लंबे समय तक उस तरह का दमदार और प्रभावशाली कोर्टरूम ड्रामा किरदार निभाने का दोबारा मौका नहीं मिल सका था, जो अब जाकर उन्हें मिला है।

    इसी भव्य आयोजन के दौरान सनी देओल अपने परिवार और पिता को याद कर काफी भावुक भी नजर आए। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में जब उनसे उनके पिता और हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र के बारे में सवाल किया गया कि उन्हें उनके नाम से कितना गर्व महसूस होता है, तो सनी देओल खुद पर काबू नहीं रख पाए। उन्होंने बेहद संजीदगी और भरे गले से कहा कि वे हमेशा केवल अपने पापा के बेटे रहेंगे और उनके लिए इससे बढ़कर दुनिया में कुछ भी नहीं है। यह कहते हुए उनकी आंखें नम हो गईं, जिसने वहां मौजूद सभी लोगों को प्रभावित किया।

    डिजिटल माध्यम पर रिलीज होने जा रही यह नई फिल्म एक बार फिर से सनी देओल को उसी पुरानी दहाड़ और कानूनी दांव-पेंच वाले अवतार में वापस लेकर आ रही है, जिसका दर्शक लंबे समय से इंतजार कर रहे थे। फिल्म के ट्रेलर को दर्शकों की तरफ से काफी सकारात्मक प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं और इसमें उनके साथ कई अन्य दिग्गज कलाकार भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में दिखाई देंगे। इस नए प्रोजेक्ट से अभिनेता को काफी उम्मीदें हैं क्योंकि यह उनके करियर की नई पारी की शुरुआत माना जा रहा है।

  • 'गदर' के 25 वर्ष पूरे होने पर अमीषा पटेल का बड़ा खुलासा, सनी देओल संग उम्र के फासले के कारण फिल्म न करने की मिली थी सलाह

    'गदर' के 25 वर्ष पूरे होने पर अमीषा पटेल का बड़ा खुलासा, सनी देओल संग उम्र के फासले के कारण फिल्म न करने की मिली थी सलाह

    नई दिल्ली । भारतीय सिनेमा की सबसे प्रतिष्ठित और सफल फिल्मों में शुमार ‘गदर: एक प्रेम कथा’ की रिलीज को हाल ही में 25 वर्ष पूरे हो चुके हैं। इस ऐतिहासिक अवसर पर फिल्म की मुख्य अभिनेत्री अमीषा पटेल ने अपने शुरुआती करियर और फिल्म की कास्टिंग से जुड़े कई अनसुने व चौंकाने वाले पहलुओं को साझा किया है। एक साक्षात्कार के दौरान अपने बेबाक अंदाज के लिए जानी जाने वाली अभिनेत्री ने बताया कि जब उन्होंने इस प्रोजेक्ट को साइन किया था, तब फिल्म उद्योग और उनके आसपास के कई लोगों ने उन्हें इस फिल्म का हिस्सा न बनने की सख्त सलाह दी थी। विरोध की सबसे बड़ी वजह उनके और अभिनेता सनी देओल के बीच उम्र का एक लंबा फासला था, जिसे उस दौर के सिनेमाई पैमानों पर जोखिम भरा माना जा रहा था।

    फिल्म के निर्माण के समय की परिस्थितियों को याद करते हुए अभिनेत्री ने बताया कि उस वक्त उनकी उम्र महज 26 वर्ष थी, जबकि स्थापित सुपरस्टार सनी देओल 43 वर्ष के थे। इस बड़े आयु अंतर को लेकर केवल बाहरी लोग ही नहीं, बल्कि खुद वे भी शुरुआत में थोड़ी आशंकित थीं। एक नवागंतुक कलाकार के तौर पर उनके मन में यह स्वाभाविक सवाल था कि क्या दर्शकों को पर्दे पर यह जोड़ी स्वीकार्य होगी या नहीं। हालांकि, फिल्म की पटकथा और उसके गहरे विषय ने बाद में इस उम्र के फासले को पूरी तरह से पर्दे पर न्यायसंगत साबित किया, जिसने बाद में बॉक्स ऑफिस के सारे पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए।

    सिनेमाई संरचना पर बात करते हुए अभिनेत्री ने कहा कि भारतीय फिल्म उद्योग को उम्र के अंतर वाले किरदारों के रोमांस को पर्दे पर दिखाना जारी रखना चाहिए, बशर्ते कहानी में उसकी कोई ठोस और तार्किक वजह मौजूद हो। आजकल दर्शकों द्वारा कुछ फिल्मों को नापसंद किए जाने का एक मुख्य कारण यह भी है कि कहानियों में बिना किसी मजबूत संदर्भ के ऐसी कास्टिंग थोप दी जाती है। ‘गदर’ के मामले में यह अंतर कागजी तौर पर भले ही अजीब लग रहा था, लेकिन जब फिल्म परदे पर उतरी तो किरदारों के सामाजिक और पारिवारिक परिवेश ने इस अंतर को एक खूबसूरत मोड़ दे दिया।

    कहानी के दृष्टिकोण से यह फासला बेहद सटीक बैठता था क्योंकि फिल्म एक ऐसे सीधे-साधे और कम पढ़े-लिखे स्थानीय युवक तारा सिंह की कहानी थी, जिसे एक कॉन्वेंट स्कूल में पढ़ने वाली संभ्रांत परिवार की युवती सकीना से प्रेम हो जाता है। तारा सिंह के लिए सकीना एक ऐसी राजकुमारी की तरह थी, जिसे पाना सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से बेहद कठिन था। दोनों किरदारों के बीच धर्म, शिक्षा और जीवनशैली का एक बड़ा अंतर था, जिसे इस आयु वर्ग के अंतर ने और अधिक गहराई प्रदान की। यही कारण था कि दर्शकों ने दोनों के बीच के भावनात्मक जुड़ाव को बहुत शिद्दत से महसूस किया।

    मध्य प्रदेश। इस ऐतिहासिक प्रेम कहानी की सबसे बड़ी खूबसूरती यही थी कि दोनों किरदारों ने एक-दूसरे के परिवेश को पूरी तरह से आत्मसात कर लिया था। जहां सकीना ने भारतीय संस्कृति और तारा सिंह के परिवार को ससम्मान अपनाया, वहीं तारा सिंह भी अपने परिवार की खुशी के लिए सीमा पार जाने को सहर्ष तैयार हो गया। वह केवल उसी परिस्थिति में उग्र रूप धारण करता है जब उसकी व्यक्तिगत और राष्ट्रीय पहचान पर प्रहार किया जाता है। अभिनेत्री के इन ताजा बयानों ने एक बार फिर 25 वर्ष पुरानी यादों को ताजा कर दिया है और यह साबित किया है कि एक मजबूत पटकथा किसी भी रूढ़िवादी सिनेमाई मानदंड को बदलने की पूरी क्षमता रखती है।

  • आठ वर्ष के लंबे अंतराल के बाद बड़े पर्दे पर वापसी करेंगी प्रीति जिंटा, सनी देओल संग ऐतिहासिक ड्रामा फिल्म में निभाएंगी मुख्य भूमिका

    आठ वर्ष के लंबे अंतराल के बाद बड़े पर्दे पर वापसी करेंगी प्रीति जिंटा, सनी देओल संग ऐतिहासिक ड्रामा फिल्म में निभाएंगी मुख्य भूमिका

    नई दिल्ली । बॉलीवुड की लोकप्रिय अभिनेत्री प्रीति जिंटा एक लंबे अंतराल के बाद हिंदी सिनेमा जगत में जोरदार वापसी करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। सोशल मीडिया से लेकर फिल्म गलियारों तक इन दिनों उनकी आगामी फिल्म ‘बंटवारा 1947’ को लेकर जबरदस्त चर्चाएं हो रही हैं। यह फिल्म इसलिए भी बेहद खास मानी जा रही है क्योंकि इसके जरिए अभिनेत्री करीब आठ साल बाद बड़े पर्दे पर मुख्य भूमिका में नजर आएंगी। इससे पहले वर्ष 2018 में रिलीज हुई फिल्म ‘भैयाजी सुपरहिट’ की असफलता के बाद से उन्होंने ग्लैमर जगत से एक दूरी बना ली थी और उनका ध्यान मुख्य रूप से इंडियन प्रीमियर लीग और अपने परिवार पर केंद्रित हो गया था।

    सिनेमाई विशेषज्ञों के अनुसार, हिंदी सिनेमा में इन दिनों 90 के दशक के दिग्गज कलाकारों की दूसरी पारी बेहद सफल साबित हो रही है। इसी क्रम में सनी देओल ने भी हाल के वर्षों में बॉक्स ऑफिस पर ऐतिहासिक सफलता दर्ज की है, जिसके बाद अब उनकी पुरानी सह-कलाकार प्रीति जिंटा ने भी मैदान में उतरने का मन बना लिया है। आगामी फिल्म का पहला लुक और टीजर सामने आने के बाद से ही दर्शकों के बीच उत्सुकता काफी बढ़ गई है। इस देशभक्ति और भावनात्मक ड्रामा फिल्म में दोनों कलाकारों की जोड़ी एक बार फिर दर्शकों का मनोरंजन करने के लिए तैयार है।

    अभिनेत्री के पिछले करियर ग्राफ पर नजर डालें तो आठ साल पहले आई उनकी पिछली फिल्म कई तकनीकी बाधाओं और देरी के कारण बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाई थी। उस व्यावसायिक झटके के बाद अभिनेत्री ने किसी भी फिल्म में छोटे कैमियो रोल करने से भी परहेज किया था। हालांकि, अब ‘बंटवारा 1947’ के साथ वह अपनी कलात्मक क्षमता को साबित करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। फिल्म समीक्षकों का मानना है कि इस ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर आधारित फिल्म की मजबूत पटकथा अभिनेत्री के करियर को एक नया मोड़ दे सकती है।

    आने वाला समय अभिनेत्री के प्रशंसकों के लिए काफी रोमांचक होने वाला है क्योंकि यह बहुप्रतीक्षित फिल्म इसी वर्ष 14 अगस्त 2026 को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सिनेमाघरों में प्रदर्शित की जाएगी। इसके अलावा फिल्म उद्योग के भीतर से आ रही खबरों के मुताबिक, प्रीति जिंटा की यह वापसी केवल एक फिल्म तक सीमित नहीं रहने वाली है। वे इस वर्ष के अंत तक एक प्रमुख प्रोडक्शन हाउस के बैनर तले बनने वाली रोमांटिक क्राइम ड्रामा फिल्म की शूटिंग भी शुरू कर सकती हैं। साथ ही आगामी समय में कुछ अन्य बड़े निर्देशकों के प्रोजेक्ट्स और मशहूर वेब सीरीज के नए सीजन में भी उनकी भागीदारी को लेकर गंभीर चर्चाएं चल रही हैं।

  • 89 की उम्र में दुनिया को अलविदा कह गए धर्मेंद्र, अब सात समंदर पार मिला बड़ा सम्मान; हेमा मालिनी ने पहली बार साझा किया पूरे परिवार का दर्द।

    89 की उम्र में दुनिया को अलविदा कह गए धर्मेंद्र, अब सात समंदर पार मिला बड़ा सम्मान; हेमा मालिनी ने पहली बार साझा किया पूरे परिवार का दर्द।


    नई दिल्ली। भारतीय सिनेमा के ‘ही-मैन’ धर्मेंद्र भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं लेकिन उनकी विरासत और यादें आज भी करोड़ों दिलों में जिंदा हैं। 24 नवंबर 2025 को 89 वर्ष की आयु में उनके निधन ने पूरे देश को शोक में डुबो दिया था। हाल ही में लंदन में आयोजित 79वें BAFTA अवॉर्ड्स के ‘इन मेमोरियम’ सेगमेंट में जब उन्हें श्रद्धांजलि दी गई तो यह न केवल उनके परिवार के लिए बल्कि पूरे भारत के लिए गौरव का क्षण बन गया। धर्मेंद्र इस साल इस प्रतिष्ठित मंच पर सम्मानित होने वाले एकमात्र भारतीय कलाकार थे। इस भावुक मौके पर उनकी पत्नी और ‘ड्रीम गर्ल’ हेमा मालिनी ने पहली बार विस्तार से अपनी भावनाएं व्यक्त कीं और उन अफवाहों पर भी विराम लगाया जो लंबे समय से देओल परिवार के रिश्तों को लेकर उड़ रही थीं।

    हिंदुस्तान टाइम्स से बातचीत के दौरान हेमा मालिनी काफी भावुक नजर आईं। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र सिर्फ एक अभिनेता नहीं बल्कि एक प्रेरणा थे जिनके प्रशंसक दुनिया के हर कोने में मौजूद हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि धर्मेंद्र के बिना जीवन की कल्पना करना मुश्किल है और कई बार वह उन्हें याद कर रो पड़ती हैं। हेमा ने बताया कि धर्मेंद्र को उन्हें और उनकी बेटियों को डांस करते देखना बेहद पसंद था और वह हमेशा उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से फिट रहने के लिए प्रोत्साहित करते थे। उनके घर के स्टाफ से लेकर हर सहयोगी आज भी ‘साहब’ की कमी महसूस करता है जो इस बात का प्रमाण है कि वह एक बेहतरीन इंसान भी थे।

    सबसे महत्वपूर्ण बात हेमा मालिनी ने परिवार के बीच कथित ‘अनबन’ को लेकर कही। पिछले कुछ समय से यह अटकलें लगाई जा रही थीं कि हेमा और उनकी बेटियों ईशा-अहाना के संबंध सनी देओल बॉबी देओल और प्रकाश कौर के परिवार से ठीक नहीं हैं। लेकिन हाल ही में ‘बॉर्डर 2’ की स्क्रीनिंग पर जब पूरा परिवार साथ दिखा तो तस्वीर बदल गई। हेमा ने स्पष्ट शब्दों में कहा “पापा के लिए सब करेंगे चाहे ये बच्चे हों या वो सब धरम जी को बहुत प्यार करते थे। हमारे बीच कोई नेगेटिविटी नहीं है।उन्होंने आगे कहा कि वे अपने पारिवारिक पलों को सार्वजनिक करना पसंद नहीं करते इसका मतलब यह नहीं कि वे अलग हैं। हेमा के अनुसार धर्मेंद्र प्यार और उन मूल्यों का स्रोत थे जिन्होंने पूरे परिवार को एक सूत्र में पिरोए रखा है। आज भले ही वह शारीरिक रूप से मौजूद न हों लेकिन उनकी दी हुई सीख और संस्कार ही इस कमी को पूरा करने की ताकत दे रहे हैं।

  • हेमा मालिनी ने धर्मेंद्र की प्रेयर मीट में न जाकर लिया सही फैसला मनोज देसाई ने किया खुलासा

    हेमा मालिनी ने धर्मेंद्र की प्रेयर मीट में न जाकर लिया सही फैसला मनोज देसाई ने किया खुलासा


    नई दिल्ली । धर्मेंद्र के निधन के बाद उनके परिवार ने दो अलग-अलग प्रेयर मीट आयोजित की थीं। पहली प्रेयर मीट उनके बेटों सनी और बॉबी देओल द्वारा रखवाई गई थी जबकि दूसरी प्रेयर मीट हेमा मालिनी ने अपने घर में आयोजित की थी। अब इस मामले पर गैलेक्सी थिएटर के मालिक मनोज देसाई ने अपनी राय दी है जिसमें उन्होंने बताया कि हेमा मालिनी का यह कदम एक समझदारी भरा निर्णय था।

    मनोज देसाई ने क्यों कहा ‘हेमा ने सही फैसला लिया

    धर्मेंद्र के निधन से उनके परिवार और फैंस को गहरा सदमा लगा। दोनों प्रेयर मीट के दौरान भारी भीड़ जुटी थी और मनोज देसाई ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने विकी लालवाणी से बात करते हुए कहा “हेमा जी ने जो फैसला लिया वह बिल्कुल सही था। किसी भी प्रकार की विवाद से बचने के लिए उन्होंने अलग से प्रेयर मीट रखवाई। अगर वह सनी और बॉबी की प्रेयर मीट में शामिल होतीं तो शायद कोई न कोई विवाद उत्पन्न हो जाता। इसलिए यह सही था कि उन्होंने अपने घर पर एक अलग प्रेयर मीट रखवाई। मनोज का यह बयान इस बात की पुष्टि करता है कि धर्मेंद्र और हेमा मालिनी के बीच के रिश्ते गहरे थे लेकिन इस तरह के संवेदनशील मौकों पर परिवार के भीतर किसी भी तरह की तकरार से बचने के लिए हेमा का कदम समझदारी से लिया गया था।

    प्रेयर मीट में उमड़ी भीड़

    मनोज ने यह भी बताया कि प्रेयर मीट में शामिल होने के लिए लोगों की लंबी कतारें लग गई थीं। उन्होंने बताया “मेरी कार 86वें नंबर पर थी और मुझे इंतजार करना पड़ा क्योंकि इतनी भीड़ थी। सनी देओल से मेरी मुलाकात हुई और मैंने कहा कि इतनी भीड़ है इसलिए मैं फ्रंट गेट से आ रहा हूं। उन्होंने मुझे धन्यवाद कहा। उन्होंने इस बात का भी उल्लेख किया कि प्रेयर मीट के दौरान भजन भी गाए गए थे और यह एक बहुत ही भावुक अवसर था।

    धर्मेंद्र की प्रेयर मीटएक ऐतिहासिक घटना

    मनोज देसाई ने कहा “मैंने कई आर्टिस्ट की प्रेयर मीट में हिस्सा लिया है जैसे राजेश खन्ना और यश चोपड़ा की प्रेयर मीट में। लेकिन धर्मेंद्र जी जैसी प्रेयर मीट मैंने कभी नहीं देखी। ऐसा लगा जैसे पूरा देश वहां आ गया था। यह बयान इस बात को दर्शाता है कि धर्मेंद्र का प्रभाव इंडस्ट्री में कितना गहरा था और उनके निधन से जो खालीपन हुआ है वह केवल उनके परिवार के लिए नहीं बल्कि पूरे फिल्म इंडस्ट्री के लिए था।

    धर्मेंद्र के निधन के बाद उनके परिवार ने जो भी कदम उठाए वह उनके सम्मान और शांति को बनाए रखने के लिए थे। मनोज देसाई के बयान से यह साफ है कि हेमा मालिनी का अलग प्रेयर मीट रखना एक सही निर्णय था ताकि कोई भी विवाद न हो और धर्मेंद्र की यादों को शांति से श्रद्धांजलि दी जा सके। धर्मेंद्र का योगदान सिनेमा में हमेशा याद रखा जाएगा और उनके चाहने वालों के लिए यह एक अभूतपूर्व क्षण था।

  • धर्मेंद्र को ट्रिब्यूट  यमला पगला दीवाना की होगी दोबारा रिलीज़  1 जनवरी 2026 को थिएटर में

    धर्मेंद्र को ट्रिब्यूट यमला पगला दीवाना की होगी दोबारा रिलीज़ 1 जनवरी 2026 को थिएटर में


    नई दिल्ली । बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र की फिल्म यमला पगला दीवाना को 1 जनवरी 2026 को फिर से सिनेमाघरों में रिलीज करने की घोषणा की गई है। यह फिल्म 2011 में आई थी और उस समय दर्शकों के बीच एक हिट साबित हुई थी। फिल्म में धर्मेंद्र के साथ उनके बेटे सनी देओल और बॉबी देओल भी मुख्य भूमिका में थे। फिल्म एक फैमिली एंटरटेनर थी जिसे दर्शकों ने खासा पसंद किया था।

    धर्मेंद्र का निधन 24 नवंबर 2023 को हुआ था जिसके बाद से उनके परिवार और फैंस को गहरा सदमा पहुँचा था। इस दुखद घटना के बाद उनके परिवार ने श्रद्धांजलि देने के लिए कई प्रेयर मीट आयोजित की हैं और अब बॉलीवुड ने भी उन्हें सम्मान देने का निर्णय लिया है। फिल्म की री-रिलीज़ उनके योगदान को याद करने और उनकी कला को सलाम करने के रूप में की जा रही है।

    पारिवारिक और मनोरंजन की श्रेणी में इस फिल्म की सफलता को देखते हुए निर्माताओं ने यह कदम उठाया है। हालांकि पहले फिल्म की री-रिलीज़ डेट 19 दिसंबर 2025 तय की गई थी लेकिन हाल ही में इसे स्थगित कर 1 जनवरी 2026 कर दिया गया। यह निर्णय धर्मेंद्र की याद में एक उपयुक्त समय पर फिल्म को फिर से दर्शकों तक पहुंचाने के लिए लिया गया है।

    फिल्म यमला पगला दीवाना को समीर कौशिक ने डायरेक्ट किया था और यह एक शानदार कॉमेडी-ड्रामा थी जो आज भी टीवी और ओटीटी प्लेटफार्म पर बेहद लोकप्रिय है। इसके अलावा धर्मेंद्र की आखिरी फिल्म इक्कीस 25 दिसंबर 2025 को रिलीज़ होने वाली है जिसमें अमिताभ बच्चन के नाती अगस्त्य नंदा और अक्षय कुमार की भांजी सिमर भाटिया मुख्य भूमिका में हैं। धर्मेंद्र की कड़ी मेहनत और उनके अभिनय ने उन्हें बॉलीवुड में एक विशिष्ट स्थान दिलाया है और उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा।

  • धर्मेंद्र की 90वीं सालगिरह: दारा सिंह से कुश्ती सीखी, गिरते पेड़ को रोककर बचाई थी जान

    धर्मेंद्र की 90वीं सालगिरह: दारा सिंह से कुश्ती सीखी, गिरते पेड़ को रोककर बचाई थी जान


    नई दिल्ली /भारतीय सिनेमा के इतिहास में धर्मेंद्र वह नाम हैं जिनकी मुस्कान सादगी इंसानियत और दिलकश अदाएं आज भी लोगों के दिलों में ज़िंदा हैं। पर्दे पर वे जितने दमदार दिखते थे असल जिंदगी में उससे भी कई गुना ज्यादा संवेदनशील रिश्तों को निभाने वाले और ज़मीन से जुड़े इंसान थे। उनके 90वें जन्मदिन पर पद्मश्री भजन सम्राट अनूप जलोटा पद्मश्री बांसुरी वादक पंडित रोनू मजूमदार और एड गुरु-फिल्ममेकर प्रभाकर शुक्ल ने उनसे जुड़ी कई प्रेरणादायी और भावुक यादें साझा कीं।

    पंजाबी संस्कार सादगी और परिवार से गहरा लगाव

    अनूप जलोटा बताते हैं कि धर्मेंद्र के अंदर बचपन से ही उनके पिता के संस्कार बस गए थे। वे फगवाड़ा के रहने वाले थे जहां सादगी प्रेम और इंसानियत सबसे बड़ी पहचान मानी जाती है। मुंबई में शुरुआती दिनों के संघर्ष के बीच भी धर्मेंद्र अपने परिवार और दोस्तों से जुड़ाव नहीं भूलते थे। वे फैमिली मैन थे-पहली पत्नी और बच्चों से लेकर हेमा मालिनी तक सभी का सम्मान करते रहे। धर्मेंद्र बचपन से ही एक्टिंग के दीवाने थे। पहली बार दिलीप कुमार को देखने के बाद उन्होंने अभिनेता बनने का संकल्प ही मानो ले लिया था। अनूप जलोटा उन्हें याद करते हुए कहते हैं कि पहली मुलाकात में लगा जैसे कमरे की रोशनी बढ़ गई हो-लंबे गोरे सुंदर और व्यक्तित्व में अद्भुत चमक।

    बॉडी बिल्डिंग कल्चर के पहले दूत

    आज बॉलीवुड में फिटनेस ट्रेंड का बोलबाला है लेकिन इसकी शुरुआत धर्मेंद्र ने की थी। उनके समय में देवानंद या दिलीप कुमार जैसे सितारों पर फिटनेस का इतना जोर नहीं था। लेकिन धर्मेंद्र मानते थे कि एक्टर के लिए मजबूत शरीर जरूरी है। यही वजह है कि उनकी बाजुओं और कंधों की ताकत के किस्से आज भी मशहूर हैं।

    पंजाब से आने वालों के लिए धरम पाजी का घर एक सहारा

    धर्मेंद्र बेहद मददगार थे लेकिन कभी इसका ढिंढोरा नहीं पीटते। पंजाब से आने वाले लोग उनके घर के नीचे बने कमरों में रहते खाते रुकते। धरम पाजी बिना पहचान पूछे हर किसी की मदद कर देते थे।

    गजलों पर रो पड़ने वाले भावुक कलाकार
    अनूप जलोटा एक किस्सा सुनाते हैं कि दिल्ली जाते हुए ट्रेन में वे धर्मेंद्र को गजलें सुना रहे थे और धरम पाजी बार-बार भावुक होकर रो पड़ते थे। उनके अनुसार धर्मेंद्र जितने मजबूत बाहर से थे उतने ही नरमदिल अंदर से। गरम धरम और ढाबे का देहाती स्वाद
    पंडित रोनू मजूमदार बताते हैं कि गरम धरम ढाबे का आइडिया खुद धर्मेंद्र ने दिया था। उन्हें देसी खाने से बहुत लगाव था। दाल साग लस्सी-ये सब उनके पसंदीदा व्यंजन थे। उनकी उपस्थिति और उनके खेतों के अनाज से बने भोजन ने मुर्थल के इस ढाबे को बेहद लोकप्रिय बना दिया।

    बांसुरी की धुन सुनकर रो पड़े थे धर्मेंद्र

    फिल्म बेताब में सनी देओल को लॉन्च करते समय रोनू मजूमदार बांसुरी बजा रहे थे। उनकी धुन ऐसी थी कि सनी नहीं बल्कि धर्मेंद्र ही रो पड़े। भावुक होकर उन्होंने उन्हें 500 रुपए का नोट दिया जो रोनू आज भी सहेजकर रखते हैं। दारा सिंह को गोद में उठा लेने वाली ताकत
    धर्मेंद्र और दारा सिंह की दोस्ती जगजाहिर थी। एक बार कुश्ती देखते समय दारा सिंह ने जब विरोधी पहलवान को हराया तो खुशी में धर्मेंद्र ने उन्हें उठा लिया। लगभग 130-135 किलो के दारा सिंह को उठाना किसी आम इंसान के बस की बात नहीं थी। धर्मेंद्र अक्सर दारा सिंह के साथ कुश्ती के दांव-पेंच भी सीखते थे जो उनकी फिल्मों के लड़ाई वाले दृश्यों में साफ नजर आता है।

    गिरते पेड़ को रोककर कई लोगों की जान बचाई

    फिल्म लोहा की शूटिंग का किस्सा धार्मिक बहादुरी साबित करता है। तेज हवा के सीन के लिए पेड़ को काटा गया लेकिन कट ज़रूरत से ज्यादा गहरा हो गया और पेड़ सीधे सेट की ओर गिरने लगा। धर्मेंद्र दौड़े और अपने कंधे से पेड़ को रोककर क्रू मेंबर्स की जान बचा ली।

    600 पैक वाले धरम जी-खुद करते थे खतरनाक सीन
    फिल्म बंटवारा में एक बेकाबू ऊंट को धर्मेंद्र ने दोनों हाथों से रोक दिया था। वे स्टंटमैन का सहारा नहीं लेते थे। कहते हैं-उनके पास 6-पैक नहीं बल्कि 600-पैक की ताकत थी।

    ट्रक ड्राइवर से कपड़े मांगकर की शूटिंग

    फिल्म दो चोर के दौरान महेश भट्ट कॉस्ट्यूम भूल गए थे। डर के मारे उन्होंने धर्मेंद्र को बताया तो उन्होंने तुरंत एक असली ट्रक ड्राइवर से लुंगी कुर्ता और पगड़ी मांगकर वही पहनकर शूटिंग कर ली। यह उनकी प्रोफेशनलिज़्म की मिसाल है।

    83 साल की उम्र में भी कैमरे को दोस्त मानने वाला कलाकार
    प्रभाकर शुक्ल बताते हैं कि 83 वर्ष की उम्र में भी धर्मेंद्र सेट पर समय से पहले पहुंच जाते थे। कहते- कैमरा मेरा दोस्त है। वे डायलॉग खुद उर्दू में लिखते सभी के साथ फोटो खिंचवाते और अपनी शायरी सुनाते। उनकी सरलता और विनम्रता वही थी-जो एक सच्चे कलाकार की पहचान है।