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  • इंदौर मेट्रो का कमर्शियल रन फिर अटका, 24 जून को खत्म होगी CMRS मंजूरी; दोबारा होगा सेफ्टी निरीक्षण

    इंदौर मेट्रो का कमर्शियल रन फिर अटका, 24 जून को खत्म होगी CMRS मंजूरी; दोबारा होगा सेफ्टी निरीक्षण


    मध्यप्रदेश । इंदौरवासियों का मेट्रो में सफर करने का इंतजार एक बार फिर लंबा होता नजर आ रहा है। सुपर कॉरिडोर से विजय नगर तक प्रस्तावित इंदौर मेट्रो का कमर्शियल रन फिर टल गया है। पहले जहां 18 जून को इसका शुभारंभ होने की उम्मीद जताई जा रही थी, वहीं अब स्थिति ऐसी बन गई है कि मेट्रो संचालन शुरू होने में और अधिक समय लग सकता है।

    मेट्रो परियोजना के तहत सुपर कॉरिडोर के लगभग 5.9 किलोमीटर लंबे हिस्से में संचालन की तैयारियां काफी पहले पूरी होने का दावा किया गया था। इसके बावजूद मेट्रो अभी तक ट्रायल और सीमित संचालन के दायरे से बाहर नहीं निकल पाई है। कमर्शियल रन शुरू नहीं होने के कारण यात्रियों को अभी भी मेट्रो सेवा का लाभ नहीं मिल पा रहा है।

    सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेलवे सेफ्टी (CMRS) द्वारा कमर्शियल रन के लिए दी गई मंजूरी की वैधता 24 जून को समाप्त हो रही है। मेट्रो अधिकारियों का मानना है कि मौजूदा परिस्थितियों में इस तारीख तक नियमित यात्री सेवा शुरू कर पाना मुश्किल दिखाई दे रहा है। यदि ऐसा होता है तो मेट्रो प्रबंधन को पूरी प्रक्रिया फिर से शुरू करनी पड़ेगी।

    सूत्रों के अनुसार, मंजूरी की अवधि समाप्त होने के बाद सीएमआरएस से दोबारा निरीक्षण कराना अनिवार्य होगा। इसके लिए नए सिरे से आवेदन, दस्तावेजी प्रक्रिया और तकनीकी परीक्षणों की आवश्यकता पड़ेगी। इस पूरी प्रक्रिया में लगभग एक महीने का समय लग सकता है। ऐसे में कमर्शियल रन की शुरुआत जुलाई या उससे आगे तक खिसकने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

    इंदौर मेट्रो रेल परियोजना के प्रबंध संचालक एस. कृष्ण चैतन्य ने भी स्वीकार किया है कि कमर्शियल रन की नई तारीख अभी निर्धारित नहीं की गई है। उन्होंने बताया कि 24 जून से पहले सीएमआरएस को दोबारा निरीक्षण के लिए पत्र भेजा जाएगा। निरीक्षण और आवश्यक स्वीकृतियां मिलने के बाद ही यात्री सेवाएं शुरू की जा सकेंगी।

    गौरतलब है कि पहले केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर के हाथों 18 जून को कमर्शियल रन का शुभारंभ प्रस्तावित था। कार्यक्रम की तैयारियां भी लगभग पूरी कर ली गई थीं, लेकिन राज्यसभा चुनाव की व्यस्तताओं के कारण यह आयोजन स्थगित कर दिया गया। इसके बाद उम्मीद थी कि 20 जून को केंद्रीय मंत्री के इंदौर दौरे के दौरान मेट्रो को हरी झंडी मिल सकती है, लेकिन फिलहाल ऐसा कोई कार्यक्रम तय नहीं किया गया है।

    बार-बार टल रहे कमर्शियल रन ने शहरवासियों की उत्सुकता को निराशा में बदलना शुरू कर दिया है। इंदौर देश के सबसे तेजी से विकसित हो रहे शहरों में शामिल है और यहां मेट्रो को शहरी परिवहन की बड़ी जरूरत माना जा रहा है। ऐसे में परियोजना के संचालन में लगातार हो रही देरी कई सवाल खड़े कर रही है।

    हालांकि मेट्रो प्रबंधन का कहना है कि सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी मानकों को पूरा करने के बाद ही सेवा शुरू की जाएगी। लेकिन फिलहाल इतना तय है कि इंदौरवासियों को मेट्रो की पहली नियमित सवारी के लिए अभी कुछ और समय इंतजार करना पड़ेगा।

  • इंदौर मेट्रो का फाइनल निरीक्षण शुरू, सुरक्षा जांच और ब्रेक सिस्टम की गति 80 किमी/घंटा

    इंदौर मेट्रो का फाइनल निरीक्षण शुरू, सुरक्षा जांच और ब्रेक सिस्टम की गति 80 किमी/घंटा



    नई दिल्ली। इंदौर मेट्रो के रेडिसन चौराहे तक विस्तार के लिए आज से सीएमआरएस (Commissioner of Metro Rail Safety) की टीम ने फाइनल निरीक्षण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सुपर कॉरिडोर स्टेशन नंबर-2 से शुरू हुए इस निरीक्षण में टीम मेट्रो की सुरक्षा, ट्रैक, सिग्नलिंग, रोलिंग स्टॉक और यात्री सुविधाओं का पूरा जायजा लेगी। निरीक्षण चार दिनों तक चलेगा और इसके बाद ही प्रबंधन कमर्शियल संचालन शुरू कर पाएगा।

    सीएमआरएस की छह सदस्यीय टीम की अगुवाई नीलाभ्र सेनगुप्ता कर रहे हैं। टीम ने निरीक्षण की शुरुआत सुपर कॉरिडोर-2 स्टेशन से की और लवकुश चौराहा व कुमेड़ी स्थित स्टेशनों तक का हिस्सा देखा। टीम 11 मेट्रो स्टेशनों, वायडक्ट, प्रवेश व निकासी गेट, सिग्नलिंग और इलेक्ट्रिकल सिस्टम का परीक्षण करेगी। निरीक्षण के दौरान मेट्रो को 80 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चलाकर ब्रेक सिस्टम का परीक्षण किया जाएगा, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि ट्रेन संचालन के दौरान यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता पर है।

    एमडी एस. कृष्ण चैतन्य ने निरीक्षण से पहले अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी स्टेशन परिसरों, ट्रैक और यात्री सुविधाओं को पूरी तरह तैयार रखा जाए। उन्होंने कहा कि सुरक्षा मानकों का पालन सर्वोपरि है और किसी भी लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    फिलहाल सुपर कॉरिडोर पर मेट्रो संचालन अस्थायी रूप से बंद रहेगा। यह बंदी चार दिन तक लागू रहेगी, ताकि निरीक्षण प्रक्रिया बिना किसी बाधा के पूरी हो सके। विजयनगर स्टेशन पर प्रवेश व निकासी गेट का कार्य अभी अधूरा है, इसलिए उसका निरीक्षण बाद में किया जाएगा। वहीं, मेघदूत गार्डन, बापट चौराहा, हीरानगर, चंद्रगुप्त चौराहा, आइएसबीटी, एमआर-10 रोड और भौरासला चौराहे के स्टेशनों पर लिफ्ट और फिनिशिंग का कार्य जारी है।

    यह फाइनल निरीक्षण इस बात का संकेत है कि इंदौर मेट्रो का रेडिसन तक संचालन मार्च माह के अंत तक शुरू होने की संभावना है। निरीक्षण के पूरा होने और सुरक्षा प्रमाणन मिलने के बाद, यात्रियों को सुपर कॉरिडोर से रेडिसन चौराहे तक सुविधा प्रदान की जाएगी।

    इंदौर मेट्रो परियोजना के अधिकारियों के अनुसार, स्टेशन, ट्रैक और सिग्नलिंग का निर्माण पूरी तरह से हो चुका है। अब मुख्य कार्य शेष है: यात्रियों के लिए सुविधाजनक प्रवेश-निकासी गेट, लिफ्ट और फिनिशिंग। यह कदम यात्रियों के लिए सुरक्षित और विश्वसनीय मेट्रो संचालन सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है।