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  • आयकर स्लैब से कम है सालाना कमाई तो भी भरें ITR… इसके फायदे जानकर रह जाएंगे हैरान

    आयकर स्लैब से कम है सालाना कमाई तो भी भरें ITR… इसके फायदे जानकर रह जाएंगे हैरान


    नई दिल्ली।
    एक अप्रैल 2026 से नया वित्तीय वर्ष (New Financial Year) शुरू हो चुका है और टैक्सपेयर (Taxpayer.) आयकर रिटर्न (Income Tax Return.-ITR) दाखिल करने की तैयारी कर रहे हैं। लेकिन, बहुत सारे ऐसे लोग हैं, जिनकी सालाना इनकम कमाई टैक्स स्लैब (Annual Income Tax Slab.) से कम है या कटौती के बाद उनकी टैक्स की देनदारी शून्य हो जाती है। ऐसे में उन्हें लगता है कि उन्हें अब आईटीआर दाखिल करने की जरूरत नहीं है, लेकिन टैक्स एक्सपर्ट्स कहते हैं कि ऐसे मामलों में ‘शून्य आईटीआर’ दाखिल की जा सकती है, जिसके अपने कई फायदे हैं।

    सभी के लिए आईटीआर भरना जरूरी
    इनकम टैक्स रूल्स के मुताबिक, उन सभी लोगों को आईटीआर जमा करना जरूरी है, जिनकी कुल इनकम मूल टैक्स छूट की सीमा से अधिक है। कई लोगों को गलतफहमी रहती है कि यदि उनकी सालाना आय ओल्ड टैक्स रिजीम में पांच लाख रुपये और नए टैक्स रिजीम में 12 लाख रुपये से कम है तो ITR भरना जरूरी नहीं है, लेकिन ऐसा नहीं है।

    टैक्स एक्सपर्ट्स के अनुसार, इस सीमा से कम आय होने पर टैक्स इसलिए नहीं देना पड़ता क्योंकि धारा 87ए के तहत ओल्ड टैक्स रिजीम में 12,500 रुपये और नए टैक्स रिजीम में 60 हजार रुपये तक की रिबेट मिलती है, लेकिन पुरानी व्यवस्था में छूट की वास्तविक सीमा अब सिर्फ 2.5 लाख रुपये है। वहीं, नई कर व्यवस्था में यह सीमा चार लाख रुपये है। अगर इससे एक रुपये भी अधिक आय है तो टैक्सपेयर के लिए आईटीआर दाखिल करना जरूरी है, भले ही उनका टैक्स शून्य हो। इसे जीरो आईटीआर भी कहते हैं।

    इन मामलों में जरूर भरें आईटीआर
    1. भारी-भरकम बिजली बिल का भुगतान

    नियमों के अनुसार, अगर टैक्सपेयर ने एक वित्त वर्ष के दौरान कुल मिलाकर एक लाख रुपये या उससे अधिक का बिजली बिल चुकाया है, तो आपके लिए आईटीआर दाखिल करना अनिवार्य है। भले ही उसकी कुल सालाना टैक्स स्लैब से कम हो। विभाग यह मानकर चलता है कि आपकी जीवनशैली और खर्च घोषित आय से मेल नहीं खा रहे हैं।

    2. विदेश यात्रा पर बड़ा खर्च
    अगर टैक्सपेयर ने विदेश यात्रा पर दो लाख या उससे ज्यादा खर्च किए हैं, तो आईटीआर भरना होगा। इस मामले में नियम बहुत स्पष्ट हैं। इसके अनुसार, विदेश यात्रा पर दो लाख से अधिक का खर्च उच्च श्रेणी के लेनदेन में शामिल होता है। इसलिए इस खर्च के कारण विभाग को सूचित करना अनिवार्य हो जाता है।


    3. बैंक खातों में बड़ी रकम जमा करना

    यदि व्यक्ति ने अपने बचत खाते में 50 लाख या उससे ज्यादा की नकद राशि जमा की है, तो आईटीआर भरना जरूरी है। ‘करेंट अकाउंट’ के मामले में यह सीमा एक करोड़ रुपये या इससे अधिक है। कई बार संपत्ति बेचने या निवेश की रकम प्राप्त होने पर इतनी बड़ी रकम खाते में प्राप्त होती है। बैंक इसकी जानकारी आयकर विभाग को देता है। ऐसे में टैक्सपेयर के लिए भी रिटर्न भरना अनिवार्य हो जाता है।


    4. इसके लिए भी जरूरी

    अगर किसी व्यक्ति का टीडीएस या टीसीएस 25,000 रुपये या उससे अधिक कटा है (बुजुर्गों के लिए ₹50,000), तो रिफंड लेने या न लेने, दोनों ही स्थितियों में रिकॉर्ड के लिए आईटीआर दाखिल करना होता है। इसके अलावा अगर अगर कुल व्यावसायिक बिक्री 60 लाख रुपये से अधिक है या पेशेवर आय 10 लाख रुपये से ज्यादा है, तब भी रिटर्न दाखिल करना अनिवार्य है।


    जीरो आईटीआर भरने के फायदे
    1. लोन लेना आसान

    होम लोन या व्यक्तिगत कर्ज देने से पहले बैंक या वित्तीय संस्थान पिछलने तीन वर्षों का आयकर रिटर्न मांगते हैं। इससे कर्ज मिलने की प्रक्रिया आसान हो जाती है।


    2. विदेश जाने के लिए भी मददगार

    विदेश यात्रा के लिए वीजा आवेदन करते समय संबंधित देश के दूतावास वित्तीय स्थिति जांचने करते हैं। इसके लिए भी आईटीआर मांगते हैं। इससे वीजा मिलना आसान हो जाता है।


    3. शेयर बाजार में निवेश पर बचा सकते हैं टैक्स

    शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड में अगर घाटा हुआ है, तो उस हानि को अगले कुछ सालों के लिए समायोजित (कैरी फॉरवर्ड) करने की सुविधा तभी मिलती है, जब आप समय पर आईटीआर दाखिल करते हैं।


    4. बिना आईटीआर टीडीएस रिफंड नहीं मिलेगा

    कई बार बैंक टैक्स दायरे में नहीं आने के बावजूद फिक्स डिपॉजिट (FD) के ब्याज पर टीडीएस काट लेते हैं। इसका रिफंड बिना आईटीआर दाखिल किए नहीं मिलेगा।


    विभाग के पास हर वित्तीय गतिविधि की जानकारी

    मौजूदा समय में आयकर विभाग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और डेटा एनालिटिक्स का भरपूर इस्तेमाल कर रहा है। वार्षिक सूचना विवरण (एआईएस) और टैक्सपेयर इंफॉर्मेशन समरी (टीआईए,) जैसे टूल्स के जरिए विभाग के पास आपके बैंक ब्याज, शेयर बाजार के निवेश, डिविडेंड और हाई-वैल्यू ट्रांजेक्शन की पूरी डिटेल मौजूद रहती है। ऐसी में अगर आप अपनी कमाई का ब्यौरा नहीं देते हैं, तो डाटा में विसंगति होने पर विभाग की ओर से नोटिस आने की संभावना बढ़ जाती है।


    ITR Slab (नई व्यवस्था)

    ₹0 से ₹4 लाख: शून्य
    ₹4 लाख से ₹8 लाख: 5%
    ₹8 लाख से ₹12 लाख: 10%
    ₹12 लाख से ₹16 लाख: 15%
    ₹16 लाख से ₹20 लाख: 20%
    ₹20 लाख से ₹24 लाख: 25%
    ₹24 लाख से अधिक: 30%


    पुरानी टैक्स व्यवस्था के स्लैब

    ₹0 से ₹2.5 लाख : शून्य
    ₹2.5 लाख से ₹5 लाख: 5%
    ₹5 लाख से ₹10 लाख : 20%
    ₹10 लाख से अधिक: 30%

  • हरलीन देओल ने खेली 64 रनों की मैच जिताऊ पारी… उनके 'रिटार्ड आउट' पर हरमनप्रीत कौर भी थी हैरान

    हरलीन देओल ने खेली 64 रनों की मैच जिताऊ पारी… उनके 'रिटार्ड आउट' पर हरमनप्रीत कौर भी थी हैरान


    नई दिल्ली।
    हरलीन देओल (Harleen Deol)…ये ऐसा नाम है जिस पर पिछले 24 घंटों में ‘क्रिकेट के गलियारों’ में खूब चर्चा हुई है। 14 जनवरी को दिल्ली कैपिटल्स (Delhi Capitals) के खिलाफ हुए मुकाबले में टीम हित में फैसला लेते हुए यूपी वॉरियर्स (UP Warriors) के मैनेजमेंट ने हरलीन देओल को रिटायर्ड आउट (Retired out) कर वापस बुलाया था। वहीं मुंबई इंडियंस के खिलाफ 15 जनवरी को हुए मैच में उन्होंने 64 रनों की मैच जिताऊ पारी खेल हर किसी को हैरान कर दिया। हरलीन तो मैच के बाद इमोशनल नजर आईं ही, वहीं मुंबई इंडियंस की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने भी उनकी तारीफ करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। हालांकि हरमन भी हरलीन को रिटायर्ड आउट करने से हैरान थीं।

    हरमनप्रीत कौर ने मैच के बाद कहा, “हां, बिल्कुल। मुझे लगता है कि उसने दिखा दिया है कि वह टीम में क्यों है और वह टीम के लिए क्या कर सकती है। और मुझे लगता है कि आज उसने बहुत अच्छी बैटिंग की और मुझे लगता है कि वह ऐसी खिलाड़ी है जो हमेशा अपनी टीम के लिए अच्छा करना चाहती है। हां, पिछले मैच में उसे रिटायर होते देखकर हैरानी हुई, लेकिन मुझे लगता है कि वह बहुत पॉजिटिव सोच के साथ आई और मुझे उम्मीद है कि वह इसे जारी रखेगी।”

    मुंबई इंडियंस ने इस मैच में पहले बैटिंग करते हुए यूपी वॉरियर्स के सामने जीत के लिए 161 रनों का टारगेट रखा था, यूपी ने इस स्कोर को 11 गेंदें और 7 विकेट शेष रहते हासिल कर लिया। हरमनप्रीत कौर ने मुंबई इंडियंस की सीजन की दूसरी हार पर कहा, “(यहां पार स्कोर क्या था?) मुझे लगा 180 या कुछ ऐसा, जिसकी हम तलाश कर रहे थे क्योंकि हम जानते थे कि इस ट्रैक पर पहले बैटिंग करना आसान नहीं है। लेकिन मुझे लगता है कि हमने पावरप्ले में काफी अच्छा किया। हमने विकेट नहीं गंवाया, लेकिन बदकिस्मती से बोर्ड पर रन काफी नहीं थे, लेकिन बाद में, मुझे लगता है कि नेट और निक ने हमें बेहतर स्थिति में पहुंचाया। लेकिन मुझे लगता है कि हरलीन को क्रेडिट जाता है जिस तरह से उन्होंने आज बैटिंग की।

    हां, मेरा मतलब है, जब ओस होती है तो चेज करना हमेशा बेहतर होता है। आज बहुत ज्यादा ओस थी। और मुझे लगता है, हां, टोटल सेट करना कुछ ऐसा है जिसका हम सच में इंतजार कर रहे हैं और उम्मीद है कि आने वाले मैचों में हम बेहतर अप्रोच के साथ आएंगे। (गेंद के साथ अपने दूसरे ऑप्शन इस्तेमाल करने पर) हां, मुझे लगता है कि यह उनके लिए टीम के लिए कुछ ओवर फेंकने का एक शानदार मौका था। मुझे लगता है कि उन्होंने ठीक-ठाक किया क्योंकि बहुत ज़्यादा ओस थी, गेंदबाज़, आप जानते हैं, अच्छी तरह से ग्रिप नहीं कर पा रहे थे, लेकिन मुझे लगता है कि स्कोर भी, आप जानते हैं, बोर्ड पर काफी नहीं था। तो मुझे लगता है, मुझे लगता है कि उन्होंने ठीक-ठाक बॉलिंग की।”