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  • सात असफल IVF प्रयासों के बाद मिली खुशियों की सौगात, संभावना सेठ और अविनाश द्विवेदी बने जुड़वां बच्चों के माता-पिता

    सात असफल IVF प्रयासों के बाद मिली खुशियों की सौगात, संभावना सेठ और अविनाश द्विवेदी बने जुड़वां बच्चों के माता-पिता

    नई दिल्ली । टीवी और मनोरंजन जगत की चर्चित अभिनेत्री संभावना सेठ के जीवन में आखिरकार वह खुशी आ गई है जिसका उन्हें और उनके परिवार को वर्षों से इंतजार था। करीब दस वर्षों तक मातृत्व की राह में लगातार चुनौतियों और असफलताओं का सामना करने के बाद संभावना सेठ और उनके पति अविनाश द्विवेदी जुड़वां बच्चों के माता-पिता बन गए हैं। सरोगेसी के माध्यम से मिले इस सुखद उपहार ने न केवल उनके परिवार को नई खुशियां दी हैं, बल्कि उनके लाखों प्रशंसकों को भी भावुक कर दिया है।

    इस खुशखबरी की जानकारी कपल ने सोशल मीडिया के माध्यम से साझा की। अस्पताल से साझा की गई तस्वीरों में दोनों के चेहरे पर लंबे संघर्ष के बाद मिली सफलता और संतोष साफ दिखाई दे रहा था। तस्वीरों में संभावना की आंखों में खुशी के आंसू नजर आए, जबकि अविनाश उनके साथ खड़े होकर इस विशेष पल को महसूस करते दिखाई दिए। सोशल मीडिया पर साझा किए गए संदेश में कपल ने इस खुशी की तुलना समय से पहले आई दीपावली से करते हुए बताया कि उनके घर लक्ष्मी और गणेश के रूप में दो नई खुशियों का आगमन हुआ है।

    संभावना सेठ का मातृत्व का सफर आसान नहीं रहा। अभिनेत्री ने पहले भी कई अवसरों पर खुलकर बताया था कि मां बनने की उनकी इच्छा ने उन्हें वर्षों तक मानसिक, शारीरिक और भावनात्मक संघर्षों से गुजरने पर मजबूर किया। उन्होंने लगातार चिकित्सा उपचार कराए और सात बार आईवीएफ प्रक्रिया का सहारा लिया, लेकिन हर बार उन्हें निराशा का सामना करना पड़ा। कई बार गर्भधारण के बाद गर्भपात जैसी पीड़ादायक परिस्थितियों ने भी उनके जीवन को प्रभावित किया। इन असफलताओं के बावजूद उन्होंने उम्मीद नहीं छोड़ी और अपने लक्ष्य की ओर लगातार प्रयास करती रहीं।

    लगातार असफल चिकित्सा प्रयासों के बाद संभावना और अविनाश ने सरोगेसी का विकल्प चुना। यह निर्णय उनके जीवन का महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ। लंबे इंतजार और धैर्य के बाद आखिरकार उनके घर जुड़वां बच्चों का जन्म हुआ, जिसने उनके वर्षों पुराने सपने को साकार कर दिया। इस उपलब्धि को कपल ने भगवान की कृपा और अपने संघर्ष की जीत बताया है।

    उनकी इस खुशी में मनोरंजन जगत की कई हस्तियां भी शामिल हुईं। गौहर खान ने परिवार और नवजात बच्चों के लिए शुभकामनाएं देते हुए उनके सुखद भविष्य की कामना की। वहीं उर्फी जावेद, देबिना बनर्जी, किश्वर मर्चेंट और रोहित पुरोहित सहित कई कलाकारों ने उन्हें बधाई संदेश भेजे। सोशल मीडिया पर प्रशंसकों ने भी इस नए अध्याय के लिए कपल को शुभकामनाएं दीं।

    संभावना सेठ की यह कहानी केवल एक सेलिब्रिटी के माता-पिता बनने की खबर नहीं है, बल्कि उन हजारों दंपतियों के लिए प्रेरणा भी है जो लंबे समय तक संतान सुख के लिए संघर्ष करते हैं। उनका सफर यह संदेश देता है कि कठिन परिस्थितियों, असफलताओं और निराशाओं के बावजूद धैर्य, विश्वास और सही निर्णय जीवन में नई उम्मीदों के द्वार खोल सकते हैं। जुड़वां बच्चों के आगमन के साथ संभावना और अविनाश के जीवन में खुशियों का नया अध्याय शुरू हो गया है, जिसका इंतजार उन्होंने पूरे दस वर्षों तक किया था।

  • लंबे इंतजार के बाद खुशियों की दस्तक-संभावना सेठ ने साझा की प्रेगनेंसी की खबर…

    लंबे इंतजार के बाद खुशियों की दस्तक-संभावना सेठ ने साझा की प्रेगनेंसी की खबर…

    नई दिल्ली । करीब एक दशक तक चले संघर्ष और उम्मीदों के उतार-चढ़ाव के बाद आखिरकार संभावना सेठ के जीवन में खुशियों ने दस्तक दे दी है। लंबे समय से जिस पल का इंतजार किया जा रहा था, उसकी झलक अब सामने आ चुकी है और इस खबर ने उनके प्रशंसकों के बीच भी उत्साह भर दिया है।

    यह सफर उनके लिए आसान नहीं रहा। पिछले कई वर्षों में उन्हें बार-बार निराशा का सामना करना पड़ा, जिसमें स्वास्थ्य से जुड़ी चुनौतियां और इलाज की कठिन प्रक्रियाएं शामिल रहीं। बार-बार कोशिशों के बावजूद सफलता न मिलने से यह समय उनके लिए भावनात्मक रूप से बेहद कठिन रहा, लेकिन उन्होंने उम्मीद बनाए रखी।

    इस पूरे दौर में उन्होंने अलग-अलग मेडिकल विकल्पों का सहारा लिया और लगातार प्रयास जारी रखा। समय के साथ यह सफर और भी चुनौतीपूर्ण होता गया, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और आगे बढ़ती रहीं। अंततः लंबे इंतजार के बाद यह खुशी उनके जीवन में आई, जिसे उन्होंने बेहद भावुक अंदाज में साझा किया।

    इस खबर के सामने आने के बाद उनके चाहने वालों में खुशी की लहर है। लोग उन्हें लगातार शुभकामनाएं दे रहे हैं और उनके इस सफर को प्रेरणादायक बता रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी उन्हें ढेरों बधाइयां मिल रही हैं, जहां लोग उनकी हिम्मत और धैर्य की सराहना कर रहे हैं।

    संभावना सेठ की यह कहानी इस बात का उदाहरण बन गई है कि कठिन से कठिन समय के बाद भी उम्मीद और धैर्य से जीवन में नई शुरुआत संभव है।

  • इंदौर में IVF-सरोगेसी के नाम पर सनसनीखेज आरोप, नामी डॉक्टर पर दुष्कर्म और नवजात अपहरण का मामला दर्ज जांच के आदेश

    इंदौर में IVF-सरोगेसी के नाम पर सनसनीखेज आरोप, नामी डॉक्टर पर दुष्कर्म और नवजात अपहरण का मामला दर्ज जांच के आदेश


    इंदौर ।मध्य प्रदेश के इंदौर से एक बेहद गंभीर और सनसनीखेज मामला सामने आया है जहां IVF और सरोगेसी के नाम पर एक नामी डॉक्टर पर दुष्कर्म और नवजात शिशु के कथित अपहरण का आरोप लगा है। पीड़ित दंपति ने सबूतों के साथ पुलिस कमिश्नर से शिकायत की है जिसके बाद मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। फिलहाल महिला थाना पुलिस पूरे प्रकरण की जांच में जुट गई हैब
    शिकायत के अनुसार आरोपी खुद को Sri Aurobindo Hospital से जुड़ा वरिष्ठ डॉक्टर बताता था। दंपति का आरोप है कि कर्ज में डूबे होने का फायदा उठाकर उन्हें झांसे में लिया गया। पति द्वारा लिए गए उधार को एडजस्ट कराने का लालच देकर कथित डॉक्टर से मुलाकात करवाई गई। इसके बाद IVF के जरिए बच्चा दिलाने का आश्वासन दिया गया। 18 सितंबर 2023 को एक होटल में बुलाकर कथित साजिश रची गई।

    पीड़िता का कहना है कि उसे DNS Hospital और एक अन्य IVF सेंटर में भर्ती कराया गया। दो बार IVF प्रक्रिया असफल रहने के बाद आरोपी ने दबाव बनाना शुरू कर दिया। आरोप है कि फरवरी 2024 में होटल में बुलाकर उसे नशीला पदार्थ पिलाया गया और उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया गया। होश आने पर पति को झूठे ड्रग्स केस में फंसाने की धमकी दी गई।

    दंपति का यह भी आरोप है कि गर्भ ठहरने के बाद उन्हें अस्पताल के सामने एक कॉलोनी के फ्लैट में रखा गया जहां कमरों में कैमरे लगाए गए थे और आठ माह तक निगरानी में रखा गया। उन्हें बाहर जाने की अनुमति नहीं थी। 15 सितंबर 2024 को तबीयत बिगड़ने पर महिला को Motherhood Hospital में भर्ती कराया गया जहां 4 अक्टूबर 2024 को आठ माह के गर्भ के बाद बेटे का जन्म हुआ।

    सबसे गंभीर आरोप 9 अक्टूबर 2024 का है जब अस्पताल से डिस्चार्ज के दौरान कथित डॉक्टर और उसके साथियों ने नवजात को छीन लिया। पति का मोबाइल फोन फॉर्मेट कर सिम तोड़ने और झूठे केस में फंसाने की धमकी देने का भी आरोप है। दंपति का दावा है कि बाद में दशहरा मैदान पर एक दो बार बच्चे से मिलवाया गया और पिस्टल दिखाकर चुप रहने को कहा गया।

    इतना ही नहीं 26 नवंबर 2024 को फिर होटल में बुलाकर दबाव में एक क्षतिपूर्ति समझौते पर हस्ताक्षर करवाने का आरोप लगाया गया है। पीड़िता ने कथित फर्जी दस्तावेजों की तस्वीरें सुरक्षित रखने की बात कही है। साथ ही बच्चे का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने की धमकी देने का भी आरोप है।

    इस मामले में हाईकोर्ट एडवोकेट कृष्ण कुमार कुन्हारे और एडवोकेट डॉ. रूपाली राठौर के माध्यम से पुलिस कमिश्नर को शिकायत सौंपी गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए महिला थाना टीआई को तत्काल जांच के निर्देश दिए गए हैं। एडवोकेट डॉ. रूपाली राठौर ने कहा कि भारत में कमर्शियल सरोगेसी प्रतिबंधित है और केवल अल्ट्रोस्टिक सरोगेसी ही वैध है इसके बावजूद महिलाओं की मजबूरी का फायदा उठाकर शोषण के मामले सामने आ रहे हैं। फिलहाल पुलिस जांच के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी लेकिन आरोप बेहद गंभीर हैं और चिकित्सा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर रहे हैं।