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  • बेल आउट पैकेज पर गुजारा करने वाला पाकिस्तान अब विश्व बैंक और IMF में बड़ी भूमिका में

    बेल आउट पैकेज पर गुजारा करने वाला पाकिस्तान अब विश्व बैंक और IMF में बड़ी भूमिका में


    इस्लामाबाद।
    IMF के बेल आउट पैकेज (Bailout package) से गुजर बसर करने वाला पाकिस्तान (Pakistan) अब बड़ी टेबल पर बैठता हुआ नजर आएगा। जी हां, IMF से 1.2 अरब डॉलर के पैकेज की मंजूरी का इंतजार कर रहा पाकिस्तान अब इस वैश्विक संस्था के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स (Global Institution Board of Governors) की अध्यक्षता करने जा रहा है। पाकिस्तान सरकार के मुताबिक 1953 के बाद यह पहली बार है, जब इस्लामाबाद इस पद पर बैठेगा। बता दें, इस पद के तहत पाकिस्तान उन बैठकों की अध्यक्षता करेगा, जिनमें सदस्य देशों के वित्त मंत्री और केंद्रीय बैंकों के गवर्नर शामिल होते हैं। हालांकि कर्ज देने के मामले में पाकिस्तान की कोई सीधी भूमिका नहीं होगी।

    पाकिस्तान सरकार की तरफ से बताया गया कि बैंकॉक में हुए विश्व बैंक और IMF की वार्षिक बैठकों के दौरान वहां पाकिस्तान के गवर्नर अहद खान चीमा को 2027 के लिए आगामी अध्यक्ष के रूप में नामित किया गया है। पाकिस्तान की तरफ से इस नियुक्ति को एक ऐतिहासिक पल करार दिया गाय है।

    कर्ज लेकर पलने वाला देश अब बड़ी भूमिका में
    पाकिस्तान अपनी स्थापना के बाद लगातार IMF से बेल आउट पैकेज ले चुका है। 1950 में IMF की स्थापना के बाद करीब 25 बार पाकिस्तान IMF की मदद लेकर अपना देश चलाने की कोशिश कर रहा है। बार-बार IMF के पास जाने से पता चलता है कि पाकिस्तान को अपनी बाहरी देनदारियों को पूरा करने के लिए पर्याप्त विदेशी मुद्रा जुटाने में लगातार मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इसके साथ ही, देश में महंगाई और फंडिंग का दबाव भी बना हुआ है।

    वर्तमान की स्थिति में पाकिस्तान IMF से करीब 1.2 बिलियन डॉलर निकालने की जुगत में है। इसमें एक्सटेंटेड फंड फैसिलिटी और जलवायु जोखिमों से निपटने के लिए दी जाने वाली मदद शामिल है। लेकिन इस पैसे को निकालने के लिए IMF के कार्यकारी बोर्ड की मंजूरी जरूरी है, जो कि अभी तक मिली नहीं है।


    पाकिस्तान का अर्थव्यवस्था का मॉडल अस्थिर- विश्वबैंक

    आईएमएफ की तरफ से पाकिस्तान को लगातार एक अस्थिर अर्थव्यवस्था वाला देश कहा जाता रहा है। विश्व बैंक ने भी हाल में पाकिस्तान के विकास मॉडल को अस्थिर ही बताया था। विश्व बैंक की तरफ से कहा गया था कि पाकिस्तान में सार्वजनिक खपत का उच्च स्तर, कम उत्पादकता और भारी मात्रा में कर्ज लेना। अब असली चुनौती यह है कि क्या ये लोन ऐसे विकास को बढ़ावा दे सकते हैं, जिससे भविष्य में किसी और ‘बेलआउट’ (आर्थिक मदद) की जरूरत न पड़े।

    पाकिस्तान शुरुआत से ही दुनिया के लिए एक बड़ा संकट बनकर उभरता रहता है। एक इस्लामिक देश, जिसके पास परमाणु हथियार है। वह अपने आप की मदद करने के लिए दुनिया को लगातार इस मामले में चैक पर रखता है कि वह आतंकवाद से लड़ रहा है। अगर उसकी मदद नहीं की गई, तो परमाणु हथियार खतरे में पड़ सकते हैं। इसलिए पश्चिम एशिया से लेकर अमेरिका तक पाकिस्तान और उसकी सेना का अपने मन मुताबिक उपयोग करके पैसे के जरिए इस्लामाबाद की सत्ता के संभाले रहते हैं।

    शहबाज शरीफ की सरकार के आने के बाद IMF और सऊदी अरब ने खुले मन से पाकिस्तान की मदद की है। IMF का कहना है कि पश्चिमी एशिया में चल रहे संघर्ष के बावजूद, पाकिस्तान ने अपनी व्यापक आर्थिक स्थिरता बनाए रखी है। इसमें मजबूत नीतियों और IMF के लोन कार्यक्रम के तहत मिली मदद ने अहम भूमिका निभाई है। वित्त वर्ष 2026 की पहली तीन तिमाहियों में वास्तविक GDP में 4 प्रतिशत की वृद्धि हुई। हालाँकि, ऊर्जा की बढ़ती कीमतों और सप्लाई में रुकावटों के कारण विकास की गति धीमी हो गई, जिससे पूरे साल के लिए विकास दर 3.6 प्रतिशत रहने का अनुमान है।

  • रणवीर सिंह की प्रलय में दिखेगा बिल्कुल अलग अंदाज, वायरल वीडियो ने सर्वाइवल ड्रामा और जॉम्बी कहानी को लेकर बढ़ाया रोमांच

    रणवीर सिंह की प्रलय में दिखेगा बिल्कुल अलग अंदाज, वायरल वीडियो ने सर्वाइवल ड्रामा और जॉम्बी कहानी को लेकर बढ़ाया रोमांच

    नई दिल्ली । रणवीर सिंह इन दिनों अपनी आगामी फिल्म प्रलय की शूटिंग में व्यस्त हैं। फिल्म का पहला शेड्यूल मुंबई में शुरू हो चुका है और इसी दौरान शूटिंग सेट से सामने आए एक वीडियो ने अभिनेता के नए लुक को लेकर चर्चा तेज कर दी है। वीडियो में रणवीर सिंह काफी अलग अंदाज में दिखाई दे रहे हैं। उनके साथ फिल्म की अभिनेत्री कल्याणी प्रियदर्शन और अन्य कलाकार भी नजर आ रहे हैं।

    शूटिंग के दौरान सामने आए वीडियो में रणवीर मटमैले कपड़ों में दिखाई दे रहे हैं। उनके आसपास कैमरा और शूटिंग से जुड़े उपकरण नजर आते हैं। वीडियो में उनका किरदार अपनी पीठ पर एक बच्ची को लेकर चलता हुआ दिखाई देता है। यह दृश्य सामने आने के बाद फिल्म की कहानी को लेकर दर्शकों की उत्सुकता बढ़ गई है। हालांकि बच्ची का रणवीर के किरदार से क्या संबंध है और कहानी में उसकी भूमिका कितनी महत्वपूर्ण होगी, इसकी जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है।

    रणवीर सिंह के इस नए लुक को लेकर सोशल मीडिया पर भी काफी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कई यूजर्स ने अभिनेता के लुक की तारीफ की और इसे उनकी पिछली फिल्मों से अलग बताया। कुछ लोगों ने फिल्म को बड़े स्तर की परियोजना बताते हुए उम्मीद जताई कि रणवीर एक बार फिर दर्शकों को प्रभावित करेंगे। वहीं कुछ यूजर्स ने वीडियो में दिखाई दे रहे माहौल के आधार पर उनके किरदार को जॉम्बी से जोड़कर अनुमान लगाया है। हालांकि इन अटकलों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

    प्रलय की कहानी दुनिया के खत्म होने जैसी स्थिति और इंसानों के सामने पैदा होने वाले अस्तित्व के संकट पर आधारित बताई जा रही है। फिल्म को सर्वाइवल ड्रामा के रूप में पेश किया जाएगा। इसकी कहानी भविष्य के मुंबई में दिखाई जाएगी, जहां परिस्थितियां तेजी से बिगड़ती हैं। बताया जा रहा है कि शहर में जॉम्बी की संख्या बढ़ने के बाद लोगों के सामने खुद को बचाने और अपने करीबियों की सुरक्षा करने की चुनौती खड़ी होगी।

    फिल्म की खासियत इसका भविष्य का माहौल और सर्वाइवल पर केंद्रित कहानी बताई जा रही है। ऐसे समय में जब शहर की व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित होने लगेगी, कहानी के पात्रों को मुश्किल परिस्थितियों के बीच फैसले लेने होंगे। रणवीर सिंह का किरदार भी इसी संघर्ष का हिस्सा होगा। शूटिंग से सामने आया उनका लुक संकेत देता है कि फिल्म में एक्शन के साथ भावनात्मक पहलुओं को भी महत्व दिया जा सकता है।

    प्रलय का निर्देशन जय मेहता कर रहे हैं। फिल्म का पहला शेड्यूल मुंबई में शुरू हो चुका है। कहानी और किरदारों से जुड़ी ज्यादातर जानकारी अभी सीमित रखी गई है, इसलिए सेट से सामने आने वाला हर नया दृश्य दर्शकों के बीच चर्चा का विषय बन रहा है। रणवीर का यह लुक भी इसी वजह से तेजी से लोगों का ध्यान खींच रहा है।

    रणवीर सिंह के काम से ब्रेक लेने की खबरें भी इसी बीच चर्चा में हैं। बताया जा रहा है कि फिल्म के अगले शेड्यूल से पहले वह परिवार के साथ समय बिताने के लिए लंबी छुट्टी ले सकते हैं। बच्चे के जन्म के बाद उनके कुछ समय तक काम से दूर रहने की संभावना जताई जा रही है।

    फिलहाल प्रलय से सामने आए रणवीर सिंह के लुक ने फिल्म के प्रति दर्शकों की दिलचस्पी बढ़ा दी है। पीठ पर बच्ची को लेकर चलते अभिनेता के दृश्य ने कहानी के भावनात्मक और सर्वाइवल पहलू को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं। अब दर्शकों को फिल्म के आधिकारिक लुक और रणवीर के किरदार से जुड़ी अधिक जानकारी का इंतजार है।

  • एक मां की आखिरी धड़कन बनी किसी की पहली उम्मीद, हार्ट ट्रांसप्लांट ने लिखा जिंदगी का नया अध्याय

    एक मां की आखिरी धड़कन बनी किसी की पहली उम्मीद, हार्ट ट्रांसप्लांट ने लिखा जिंदगी का नया अध्याय

    नई दिल्ली: कभी-कभी जिंदगी ऐसे मोड़ पर ले आती है, जहां एक परिवार का सबसे बड़ा दुख किसी दूसरे के लिए नई उम्मीद बन जाता है। एक ऐसी ही भावनात्मक और प्रेरणादायक घटना में एक मां का दिल अब किसी और के सीने में धड़क रहा है, जिसने 14 साल के एक बच्चे को नई जिंदगी दे दी। यह कहानी केवल एक सर्जरी की नहीं, बल्कि साहस, त्याग और इंसानियत की गहरी मिसाल है।

    एक महिला को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां तमाम कोशिशों के बावजूद डॉक्टरों ने उन्हें ब्रेन डेड घोषित कर दिया। यह उनके परिवार के लिए बेहद कठिन समय था। ऐसे हालात में जहां हर कोई अपने दुख में डूब जाता है, वहीं उनके परिवार ने एक बड़ा और संवेदनशील निर्णय लिया। उन्होंने अंगदान की अनुमति देकर यह सुनिश्चित किया कि उनकी प्रिय की धड़कन किसी और की जिंदगी में उम्मीद बन सके।

    इसी बीच, एक 14 वर्षीय बच्चा लंबे समय से दिल की गंभीर बीमारी से जूझ रहा था। उसकी हालत लगातार बिगड़ रही थी और हर गुजरते दिन के साथ खतरा बढ़ता जा रहा था। डॉक्टरों के अनुसार, हार्ट ट्रांसप्लांट ही उसके जीवन को बचाने का एकमात्र विकल्प था। परिवार लगातार किसी उपयुक्त डोनर का इंतजार कर रहा था, और आखिरकार वह अवसर सामने आया जिसने सब कुछ बदल दिया।

    जैसे ही डोनर हार्ट उपलब्ध हुआ, तुरंत एक विशेष मिशन शुरू किया गया। दिल को सुरक्षित तरीके से एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाना एक बड़ी चुनौती थी, क्योंकि इसमें हर मिनट की अहमियत होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया, जिससे रास्ते को पूरी तरह खाली कर दिया गया और दिल को बेहद कम समय में अस्पताल तक पहुंचाया गया। यह तेज और सटीक व्यवस्था इस पूरी प्रक्रिया की सफलता के लिए बेहद जरूरी साबित हुई।

    अस्पताल पहुंचते ही विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने बिना समय गंवाए ऑपरेशन शुरू किया। यह एक जटिल और संवेदनशील प्रक्रिया थी, जिसमें हर कदम पर सावधानी और सटीकता की जरूरत होती है। कई घंटों की मेहनत और समर्पण के बाद आखिरकार हार्ट ट्रांसप्लांट सफलतापूर्वक पूरा किया गया। इसके बाद बच्चे को गहन चिकित्सा कक्ष में रखा गया, जहां उसकी स्थिति स्थिर बनी हुई है और वह धीरे-धीरे रिकवरी की ओर बढ़ रहा है।

    इस पूरे घटनाक्रम में विभिन्न टीमों के बीच शानदार समन्वय देखने को मिला, जिसने इस मिशन को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई। लेकिन सबसे बड़ा योगदान उस परिवार का है, जिसने अपने निजी दुख को ताक पर रखकर एक अनजान बच्चे को जीवन देने का निर्णय लिया।

    यह घटना हमें यह सिखाती है कि इंसानियत का असली अर्थ क्या होता है। जब कोई अपने सबसे कठिन समय में भी दूसरों के लिए सोचता है, तो वह केवल एक जिंदगी नहीं बचाता, बल्कि समाज में उम्मीद और संवेदनशीलता की एक नई मिसाल कायम करता है। एक मां का दिल अब किसी और की धड़कन बन चुका है, और यही इस कहानी की सबसे बड़ी ताकत है।