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  • विराट कोहली, रोहित शर्मा और अभिषेक शर्मा भी नहीं कर सके थे जो कमाल, युवा वैभव सूर्यवंशी ने इंग्लैंड के खिलाफ टी20 डेब्यू मैच में दो छक्के जड़कर रचा वह इतिहास

    विराट कोहली, रोहित शर्मा और अभिषेक शर्मा भी नहीं कर सके थे जो कमाल, युवा वैभव सूर्यवंशी ने इंग्लैंड के खिलाफ टी20 डेब्यू मैच में दो छक्के जड़कर रचा वह इतिहास

    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट के युवा और उभरते हुए बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट पटल पर कदम रखते ही एक ऐसा अनोखा कीर्तिमान अपने नाम कर लिया है, जिसे विराट कोहली, रोहित शर्मा और अभिषेक शर्मा जैसे दिग्गज और आक्रामक बल्लेबाज भी अपने पदार्पण मैच में हासिल नहीं कर पाए थे। इंग्लैंड के खिलाफ मैनचेस्टर में खेले गए दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी के बहुप्रतीक्षित डेब्यू का इंतजार आखिरकार समाप्त हुआ, जहां टीम के उप-कप्तान तिलक वर्मा ने उन्हें मैच से पूर्व डेब्यू कैप सौंपी। अपने इस पहले ही मुकाबले में वैभव ने अपनी बल्लेबाजी की आक्रामकता और निडरता का परिचय देते हुए इतिहास की किताबों में अपना नाम दर्ज करा लिया।

    अपनी पहली अंतरराष्ट्रीय पारी में वैभव सूर्यवंशी हालांकि केवल 14 रन ही बना सके, लेकिन इस संक्षिप्त पारी के दौरान उन्होंने दो गगनचुंबी छक्के जड़े। उन्होंने मैच का पहला छक्का इंग्लैंड के सबसे तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर की गति का बेहतरीन इस्तेमाल करते हुए फाइन लेग की दिशा में लगाया। इसके बाद चौथे ओवर की पहली गेंद पर उन्होंने तेज गेंदबाज जोश टंग की धीमी गति की गेंद को भांपते हुए मिड विकेट की दिशा में एक और शानदार छक्का जड़ा। इन दो छक्कों की मदद से वह भारत के उन गिने-चुने बल्लेबाजों की विशिष्ट सूची में शामिल हो गए हैं, जिन्होंने अपने टी20 अंतरराष्ट्रीय डेब्यू मैच में एक से अधिक छक्के लगाने का कारनामा किया है।

    वैभव सूर्यवंशी अब भारत के छठे ऐसे खिलाड़ी बन गए हैं, जिन्होंने अपने टी20 पदार्पण मैच में एक से ज्यादा छक्के लगाए हैं। दिलचस्प बात यह है कि इस ऐतिहासिक सूची में पूर्व दिग्गज खिलाड़ी राहुल द्रविड़ और तेज गेंदबाज आशीष नेहरा जैसे नाम भी शामिल हैं। ‘द वॉल’ के नाम से प्रसिद्ध राहुल द्रविड़ ने भारत के लिए अपने एकमात्र टी20 मैच में इंग्लैंड के खिलाफ ही 21 गेंदों पर 31 रनों की पारी खेली थी, जिसमें उन्होंने तीन छक्के लगाए थे। वर्तमान भारतीय टीम के स्क्वॉड की बात करें, तो वैभव के अलावा केवल तिलक वर्मा और ईशान किशन ही ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने अपने डेब्यू मैच में यह कारनामा किया था। तिलक वर्मा ने साल 2023 में वेस्टइंडीज के खिलाफ अपने डेब्यू पर तीन छक्के लगाए थे, जबकि ईशान किशन ने साल 2021 में इंग्लैंड के खिलाफ चार छक्के जड़े थे।

    इस व्यक्तिगत उपलब्धि के बावजूद, मैनचेस्टर में खेले गए इस दूसरे टी20 मुकाबले में भारतीय टीम को हार का सामना करना पड़ा। भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए बोर्ड पर 190 रनों का मजबूत स्कोर खड़ा किया था। हालांकि, मेजबान इंग्लैंड क्रिकेट टीम ने इस बड़े लक्ष्य को 19वें ओवर में केवल चार विकेट खोकर हासिल कर लिया। इंग्लैंड की इस जीत के सूत्रधार जैकब बेथल रहे, जिन्होंने 76 रनों की नाबाद और मैच जिताऊ पारी खेली, जिसके लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच के पुरस्कार से भी नवाजा गया। इस हार के बाद भी वैभव सूर्यवंशी का यह निर्भीक प्रदर्शन भारतीय क्रिकेट के भविष्य के लिहाज से एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

  • दांबुला ट्राई-सीरीज में अफगानिस्तान के खिलाफ मैदान पर उतरेगी इंडिया-ए, वैभव सूर्यवंशी के आईपीएल वाले तूफानी अंदाज का फैंस को इंतजार

    दांबुला ट्राई-सीरीज में अफगानिस्तान के खिलाफ मैदान पर उतरेगी इंडिया-ए, वैभव सूर्यवंशी के आईपीएल वाले तूफानी अंदाज का फैंस को इंतजार

    नई दिल्ली। श्रीलंका की धरती पर आयोजित की जा रही ए-टीमों की त्रिकोणीय एकदिवसीय सीरीज का रोमांच अपने चरम पर पहुंच गया है। प्रतियोगिता के महत्वपूर्ण मुकाबले में आज इंडिया-ए की टीम का सामना अफगानिस्तान-ए के साथ होने जा रहा है। इस मुकाबले को लेकर क्रिकेट जगत में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है, क्योंकि भारतीय टीम में घरेलू और आईपीएल स्तर के कई उभरते हुए सितारे शामिल हैं। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड की चयन समिति ने इस दौरे पर युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों में खुद को परखने का एक बड़ा मंच प्रदान किया है, जहां सभी की निगाहें भारत की नई ओपनिंग जोड़ी और टीम के रणनीतिक प्रदर्शन पर टिकी हुई हैं।

    मैच के मुख्य आकर्षण भारत के 15 वर्षीय युवा सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी बने हुए हैं, जिन्होंने हाल ही में समाप्त हुए इंडियन प्रीमियर लीग के 2026 सीजन में अपनी बल्लेबाजी से तहलका मचा दिया था। राजस्थान रॉयल्स की ओर से खेलते हुए इस बाएं हाथ के विस्फोटक बल्लेबाज ने पूरे टूर्नामेंट में अपनी आक्रामक शैली का लोहा मनवाया था। उन्होंने सीजन के 16 मैचों में सर्वाधिक 776 रन बनाकर प्रतिष्ठित ऑरेंज कैप अपने नाम की थी। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 237.30 का रहा था, जो टी-20 क्रिकेट के इतिहास में किसी भी शीर्ष क्रम के बल्लेबाज के लिए बेहद असाधारण माना जाता है। उनके इसी फॉर्म को देखते हुए अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाले इस मैच में भारतीय फैंस को एक बार फिर बड़ी पारियों और आतिशी बल्लेबाजी की उम्मीद है।

    हालांकि इस ट्राई-सीरीज के पहले मुकाबले में श्रीलंका-ए के खिलाफ खेलते हुए भारतीय शीर्ष क्रम पूरी तरह लड़खड़ा गया था। उस मैच में वैभव सूर्यवंशी महज 14 रन बनाकर पवेलियन लौट गए थे, जिससे टीम इंडिया को शुरुआती झटके लगे थे। लेकिन क्रिकेट विश्लेषकों का मानना है कि एक या दो पारियों की विफलता इस युवा खिलाड़ी के आत्मविश्वास को कम नहीं कर सकती। तकनीकी रूप से सक्षम और लंबी पारियां खेलने में माहिर सूर्यवंशी अपनी पुरानी गलतियों से सीख लेकर इस मुकाबले में नई शुरुआत करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। दांबुला की पिच आमतौर पर शुरुआत में तेज गेंदबाजों को मदद करती है, जिससे भारतीय ओपनर्स के संयम और शॉट चयन की कड़ी परीक्षा होगी।

    दूसरी ओर विपक्षी टीम अफगानिस्तान-ए को हल्के में आंकना भारतीय टीम के लिए बड़ी भूल साबित हो सकता है। अफगानी टीम के पास कई ऐसे विश्वस्तरीय स्पिनर्स और तेज गेंदबाज मौजूद हैं जो किसी भी मजबूत बल्लेबाजी क्रम को ध्वस्त करने की क्षमता रखते हैं। विशेषकर सीमित ओवरों के क्रिकेट में अफगानिस्तान की ए-टीम ने पिछले कुछ समय में बेहतरीन खेल दिखाया है। ऐसे में भारतीय बल्लेबाजों को रन बनाने के लिए क्रीज पर समय बिताना होगा और पावरप्ले का बुद्धिमानी से इस्तेमाल करना होगा। कप्तान और टीम प्रबंधन ने मैच से पहले रणनीति को लेकर लंबी चर्चा की है, जिसमें मध्यक्रम को मजबूती देने और अंत के ओवरों में तेजी से रन बटोरने पर विशेष ध्यान दिया गया है।

    इस त्रिकोणीय श्रृंखला में आगे की राह तय करने के लिहाज से भारत के लिए यह मुकाबला जीतना बेहद अनिवार्य माना जा रहा है। युवा खिलाड़ियों के पास खुद को राष्ट्रीय चयनकर्ताओं की नजरों में बनाए रखने का यह सबसे बेहतरीन अवसर है। यदि वैभव सूर्यवंशी और उनके साथी बल्लेबाज आज के मैच में अफगानिस्तान के गेंदबाजी आक्रमण के खिलाफ एक बड़ा स्कोर खड़ा करने में सफल रहते हैं, तो भारतीय टीम की स्थिति सीरीज में काफी मजबूत हो जाएगी। पूरे देश के क्रिकेट प्रशंसकों की नजरें आज दोपहर शुरू होने वाले इस हाई-वोल्टेज मुकाबले के लाइव स्कोरकार्ड और भारतीय टीम के प्रदर्शन पर टिकी हुई हैं।

  • 'अगर सचिन क्रिकेट के भगवान हैं, तो वैभव हो सकते हैं भगवान का बेटा': पूर्व मुख्य चयनकर्ता कृष्णमाचारी श्रीकांत का बड़ा बयान, टीम मैनेजमेंट को दी खास सलाह

    'अगर सचिन क्रिकेट के भगवान हैं, तो वैभव हो सकते हैं भगवान का बेटा': पूर्व मुख्य चयनकर्ता कृष्णमाचारी श्रीकांत का बड़ा बयान, टीम मैनेजमेंट को दी खास सलाह

    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट के इतिहास में एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ने जा रहा है, जहां मात्र 15 वर्ष की आयु में एक युवा बल्लेबाज ने अपनी असाधारण प्रतिभा के दम पर सीनियर राष्ट्रीय टीम का दरवाजा खटखटाया है। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 में अपने बल्ले से रनों का अंबार लगाने वाले युवा बल्लेबाजी सनसनी वैभव सूर्यवंशी को चयनकर्ताओं ने आगामी आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के लिए घोषित भारतीय टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम में शामिल कर लिया है। इस चयन के साथ ही वैभव के पास मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर का दशकों पुराना ऐतिहासिक रिकॉर्ड तोड़ने का एक बेहद सुनहरा अवसर आ गया है।

    यदि वैभव सूर्यवंशी को आगामी दौरों पर किसी भी मुकाबले में भारत की ओर से खेलने का अवसर प्राप्त होता है, तो वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बन जाएंगे। इस अभूतपूर्व प्रतिभा को लेकर भारतीय क्रिकेट जगत में भारी उत्साह देखा जा रहा है। पूर्व भारतीय कप्तान और राष्ट्रीय चयन समिति के पूर्व मुख्य चयनकर्ता कृष्णमाचारी श्रीकांत ने वैभव की जमकर सराहना की है। उन्होंने अपने आधिकारिक डिजिटल मंच पर बयान देते हुए यहां तक कह दिया कि यदि सचिन तेंदुलकर को क्रिकेट का भगवान माना जाता है, तो वैभव सूर्यवंशी में क्रिकेट के भगवान का बेटा बनने की पूरी क्षमता दिखाई देती है।

    पूर्व मुख्य चयनकर्ता श्रीकांत ने हालांकि टीम प्रबंधन को एक बेहद महत्वपूर्ण तकनीकी सलाह भी दी है। उनका मानना है कि इस युवा खिलाड़ी के चयन में उम्र कोई बाधा नहीं है क्योंकि उन्होंने अपने शानदार प्रदर्शन और रनों के आधार पर टीम में जगह बनाई है। इसके बावजूद, टीम मैनेजमेंट को उन्हें अंतिम एकादश (प्लेइंग XI) में शामिल करने की जल्दबाजी से बचना चाहिए। श्रीकांत के अनुसार, वैभव को आगामी तीन वर्षों के लिए 16 सदस्यीय मुख्य टीम में स्थान की गारंटी दी जानी चाहिए, ताकि वे बिना किसी मानसिक दबाव के वरिष्ठ खिलाड़ियों के साथ रहकर खेल की बारीकियों को सीख सकें और खुद को अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए पूरी तरह परिपक्व कर सकें।

    क्रिकेट समीक्षकों के अनुसार, वैभव का यह फास्ट्रैक चयन उनके आईपीएल 2026 के अविश्वसनीय प्रदर्शन का परिणाम है, जहां उन्होंने पूरे सीजन में कुल 776 रन बनाकर प्रतिष्ठित ‘ऑरेंज कैप’ पर अपना अधिकार जमाया था। अपने करियर के दूसरे ही सीजन में यह कीर्तिमान रचने वाले वे दुनिया के सबसे युवा बल्लेबाज बने। इतना ही नहीं, इस 15 वर्षीय खब्बू बल्लेबाज ने एक ही आईपीएल सीजन में कुल 72 गगनचुंबी छक्के जड़कर वेस्टइंडीज के दिग्गज बल्लेबाज क्रिस गेल के बरसों पुराने ऐतिहासिक रिकॉर्ड को भी नेस्तनाबूद कर दिया था, जिसने चयनकर्ताओं को उन्हें सीनियर टीम में शामिल करने के लिए मजबूर किया।

    भारतीय टीम का आगामी आयरलैंड दौरा 26 जून से आधिकारिक तौर पर शुरू होने जा रहा है, जिसके तुरंत बाद टीम को इंग्लैंड के खिलाफ भी सीमित ओवरों की श्रृंखला खेलनी है। इसके अतिरिक्त, चयनकर्ताओं ने दूरगामी सोच का परिचय देते हुए वैभव सूर्यवंशी को आगामी एशियन गेम्स के लिए घोषित भारतीय क्रिकेट दल में भी स्थान दिया है। वर्तमान में शीर्ष क्रम में संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा जैसे आक्रामक सलामी बल्लेबाजों की मौजूदगी के बीच, यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि भारतीय टीम प्रबंधन इस युवा खिलाड़ी को कब और किस तरह अंतरराष्ट्रीय मंच पर पदार्पण करने का ऐतिहासिक अवसर प्रदान करता है।