गिरोह का खुलासा मार्च 2025 में
हथियार तस्करों और सोना व्यापारी से कनेक्शन
पुलिस जांच और आपराधिक इतिहास

हथियार तस्करों और सोना व्यापारी से कनेक्शन
पुलिस जांच और आपराधिक इतिहास

हिंदू, बौद्ध और ईसाई एकता परिषद ने एक बयान जारी कर दिसंबर महीने में कम से कम 51 लक्षित घटनाओं का खुलासा किया है, जिनमें 10 हत्याएं शामिल हैं। परिषद ने आगजनी, बलात्कार और लूटपाट के मामलों का विस्तृत विवरण देते हुए गंभीर चिंता व्यक्त की है कि ये अत्याचार 12 फरवरी को होने वाले मतदान से पहले अल्पसंख्यकों को डराने-धमकाने का एक सुनियोजित प्रयास प्रतीत होते हैं।
वहीं, मानवाधिकार पर्यवेक्षकों का मानना है कि हालिया हत्याएं कोई छिटपुट त्रासदी नहीं हैं, बल्कि ये राज्य की अपने सबसे कमजोर नागरिकों की रक्षा करने की क्षमता में आई व्यापक विफलता के संकेत हैं। जैसे-जैसे चुनाव की तारीख नजदीक आ रही है, अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और अंतरिम प्रशासन की स्थिरता को लेकर चिंता व्यक्त की है।

पुलिस ने मंगलवार दोपहर भंडारपुर गांव के निवासी मिथुन का शव बरामद किया। यह घटना पड़ोसी देश में धार्मिक अल्पसंख्यकों को निशाना बनाकर की जा रही हिंसा में तीव्र वृद्धि के बीच हुई है। मिथुन सरकार की मौत पिछले कुछ दिनों में सामने आई क्रूर हमलों की श्रृंखला में यह नई घटना है।
हिंदू, बौद्ध और ईसाई एकता परिषद ने एक बयान जारी कर दिसंबर महीने में कम से कम 51 लक्षित घटनाओं का खुलासा किया है, जिनमें 10 हत्याएं शामिल हैं। परिषद ने आगजनी, बलात्कार और लूटपाट के मामलों का विस्तृत विवरण देते हुए गंभीर चिंता व्यक्त की है कि ये अत्याचार 12 फरवरी को होने वाले मतदान से पहले अल्पसंख्यकों को डराने-धमकाने का एक सुनियोजित प्रयास प्रतीत होते हैं।
परिषद की रिपोर्ट में कहा गया है कि बांग्लादेश ने पहले भी राजनीतिक उथल-पुथल का सामना किया है, लेकिन वर्तमान समय में संस्थागत कमजोरी और बढ़ती सांप्रदायिक चिंता का खतरनाक संयोजन देखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि ये सब उस समय हो रहा जब देश 12 फरवरी 2026 को होने वाले संसदीय चुनावों की तैयारी कर रहा है। उन्होंने कहा कि शेख हसीना सरकार के 2024 में गिरने के बाद अंतरिम सरकार के कार्यकाल में अल्पसंख्यकों पर हमलों में तेजी आई है।
पिछले कुछ दिनों में हुई अन्य घटनाएं…
5 जनवरी को जेसोर जिले में हिंदू व्यापारी और समाचार पत्र के कार्यवाहक संपादक राणा कांति बैरागी की गोली मारकर हत्या
5 जनवरी को ही नरसिंगदी में किराने की दुकान मालिक मोनी चक्रवर्ती की धारदार हथियारों से हमला कर हत्या
3 जनवरी को शरियतपुर जिले में खोकोन चंद्र दास पर हमला, इलाज के दौरान अस्पताल में मौत
इससे पहले दिसंबर में राजबारी में अमृत मंडल की पीट-पीटकर हत्या और मयमनसिंह में दीपू चंद्र दास की भीड़ द्वारा पीटकर हत्या कर शव जलाने की घटनाएं सामने आई थीं।
वहीं, मानवाधिकार पर्यवेक्षकों का मानना है कि हालिया हत्याएं कोई छिटपुट त्रासदी नहीं हैं, बल्कि ये राज्य की अपने सबसे कमजोर नागरिकों की रक्षा करने की क्षमता में आई व्यापक विफलता के संकेत हैं। जैसे-जैसे चुनाव की तारीख नजदीक आ रही है, अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और अंतरिम प्रशासन की स्थिरता को लेकर चिंता व्यक्त की है।