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  • दर्दनाक घटना: फंदे पर युवक, नीचे मिली सरकारी टीचर की खून से सनी लाश

    दर्दनाक घटना: फंदे पर युवक, नीचे मिली सरकारी टीचर की खून से सनी लाश

    मध्यप्रदेश । मध्य प्रदेश के Satna जिले के कोलगवां थाना क्षेत्र में एक कमरे के अंदर दो शव मिलने से हड़कंप मच गया। कमरे के भीतर फर्श पर 29 वर्षीय सरकारी शिक्षिका पूनम अहिरवार का खून से लथपथ शव पड़ा था, जबकि उसके ऊपर 30 वर्षीय युवक अंबिकेश गौतम का शव फंदे से लटका हुआ मिला। यह घटना सामने आते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और पुलिस ने मामले की गंभीरता से जांच शुरू कर दी।

    मौके से मिला खून से सना तवा, बढ़ा रहस्य
    घटनास्थल से एक खून और बालों से सना तवा भी बरामद हुआ है, जिसे कथित तौर पर तीसरी मंजिल से नीचे फेंका गया था। यह सबूत इस केस को और भी रहस्यमयी बना रहे हैं। पुलिस की शुरुआती जांच में आशंका जताई गई है कि पहले युवती की हत्या की गई और बाद में युवक ने आत्महत्या कर ली।

    कैसे सामने आया मामला
    रीवा जिले के बेला गांव निवासी दो भाई एक ही कमरे में रहते थे। बड़ा भाई जब कमरे पर पहुंचा तो दरवाजा बाहर से बंद मिला। अंदर कूलर चलने की आवाज आ रही थी। फोन करने पर अंदर से ही रिंग बजने से शक गहरा गया। खिड़की से झांकने पर उसने फंदे पर युवक को देखा, जिसके बाद मकान मालिक की मदद से दरवाजा तोड़ा गया और अंदर भयावह दृश्य सामने आया।

    मृतका सरकारी टीचर, अनूपपुर की रहने वाली
    मृतका की पहचान Poonam Ahirwar के रूप में हुई है, जो अनूपपुर जिले की रहने वाली थीं और बाणसागर देवलोंद में वर्ग-1 की शिक्षिका थीं। परिजनों के अनुसार, वह 14 मई को घर से भोपाल जाने की बात कहकर निकली थीं, लेकिन सतना कैसे पहुंचीं, यह स्पष्ट नहीं है।

    पिता का आरोप तीसरे व्यक्ति की भूमिका संदिग्ध
    मृतका के पिता ने इस मामले में हत्या का शक जताते हुए कहा कि उनकी बेटी का एक फल व्यापारी से संबंध था और वह इस केस में संदेह जता रहे हैं। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि कमरे का ताला कैसे टूटा, हथियार कहां गया और क्या कोई तीसरा व्यक्ति इस वारदात में शामिल था।

     CCTV से मिला अहम सुराग
    पुलिस जांच में सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जिसमें 14 मई की रात दोनों को साथ कमरे की ओर जाते हुए देखा गया है। इससे यह संकेत मिलता है कि दोनों एक-दूसरे को पहले से जानते थे।

     पुलिस जांच में कई एंगल
    पुलिस अब इस मामले में
    कॉल डिटेल रिकॉर्ड
    सीसीटीवी फुटेज
    फॉरेंसिक रिपोर्ट
    के आधार पर जांच कर रही है ताकि घटना की असली सच्चाई सामने आ सके।

    सतना का यह डबल डेथ केस अब भी कई सवाल छोड़ गया है—हत्या, आत्महत्या या तीसरे व्यक्ति की भूमिका? जांच के बाद ही इस रहस्यमयी घटना की पूरी सच्चाई सामने आ सकेगी।

  • संदिग्ध हालात में मौत: पोस्टमॉर्टम पर पुलिस लेगी सेकंड ओपिनियन

    संदिग्ध हालात में मौत: पोस्टमॉर्टम पर पुलिस लेगी सेकंड ओपिनियन


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक 21 वर्षीय युवती पलक रजक की संदिग्ध मौत ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। पलक सोशल मीडिया पर रील्स बनाने के लिए जानी जाती थी और उसके हजारों फॉलोअर्स थे, लेकिन उसकी अचानक हुई मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

    परिवार का आरोप है कि पलक की मौत आत्महत्या नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या है। मायके पक्ष के अनुसार, शादी के बाद से ही पलक को ससुराल में लगातार दहेज को लेकर प्रताड़ित किया जा रहा था। आरोप है कि सास और देवर कार की मांग को लेकर उसे मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान करते थे, जबकि पति भी इस उत्पीड़न का विरोध नहीं करता था।

    सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि मौत से लगभग 30 मिनट पहले पलक ने अपने भाई और पिता को फोन कर कहा था कि उसे तुरंत वहां से ले जाया जाए, नहीं तो ससुराल वाले उसे मार डालेंगे। इसके बाद जब परिवार अस्पताल पहुंचा तो पलक का शव स्ट्रेचर पर पड़ा मिला।

    परिजनों ने दावा किया है कि उसके शरीर पर गले और पैरों सहित कई जगह चोट के निशान मिले हैं, जिससे यह आशंका और मजबूत होती है कि मौत से पहले उसने संघर्ष किया था। परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि शादी के समय दी गई एफडी भी ससुराल पक्ष ने जबरन तुड़वाकर अपने पास रख ली थी।

    पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि पलक पिछले कुछ दिनों से मानसिक तनाव में थी और उसने सोशल मीडिया पर कई पोस्ट और रील्स में अवसाद, घुटन और बेचैनी के संकेत दिए थे। कुछ रील्स में उसने सीधे तौर पर अपने मानसिक संघर्ष को भी व्यक्त किया था।

    मृत्यु से पहले पलक ने लगभग तीन दिनों तक भोजन नहीं किया था, यह बात भी जांच में सामने आई है। पुलिस अब उसके सोशल मीडिया अकाउंट, कॉल डिटेल और मेडिकल रिपोर्ट को गहराई से खंगाल रही है।

    फिलहाल पुलिस का शुरुआती अनुमान यह है कि मामला फांसी (हैंगिंग) का हो सकता है, लेकिन पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट को लेकर सेकंड ओपिनियन लिया जाएगा, ताकि पूरी सच्चाई सामने आ सके।

    यह मामला अब दहेज प्रताड़ना, मानसिक उत्पीड़न और सोशल मीडिया पर दिखने वाली जिंदगी के पीछे छिपे तनाव जैसे गंभीर मुद्दों की ओर इशारा कर रहा है।