Tag: Swachh Bharat Mission

  • साबरमती रिवरफ्रंट सफाई अभियान: स्वच्छता अभियान में उतरी जनता, मंत्री ऋषिकेश पटेल ने की अपील

    साबरमती रिवरफ्रंट सफाई अभियान: स्वच्छता अभियान में उतरी जनता, मंत्री ऋषिकेश पटेल ने की अपील

    नई दिल्ली । अहमदाबाद में मंगलवार को साबरमती नदी किनारे गांधी आश्रम के पास ‘स्वच्छ साबरमती महाअभियान’ के तहत बड़े स्तर पर सफाई अभियान चलाया गया। इस अभियान की शुरुआत राज्य सरकार की ओर से की गई, जिसमें गुजरात सरकार के कैबिनेट मंत्री ऋषिकेश पटेल के साथ-साथ कई जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक शामिल हुए। कार्यक्रम का उद्देश्य न केवल नदी किनारे की सफाई करना था, बल्कि लोगों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना और इसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का संदेश देना भी था।

    इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री ऋषिकेश पटेल ने कहा कि स्वच्छता केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, इसके लिए समाज की सक्रिय भागीदारी बेहद जरूरी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि सफाई को आदत में शामिल करें और अपने आसपास के क्षेत्रों को साफ-सुथरा रखना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि सरकार कूड़ा प्रबंधन और शहरी सफाई व्यवस्था को मजबूत करने पर लगातार काम कर रही है, लेकिन जब तक नागरिक स्वयं आगे नहीं आएंगे, तब तक स्वच्छता का लक्ष्य पूरी तरह हासिल नहीं किया जा सकता।

    कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया और साबरमती रिवरफ्रंट के आसपास के क्षेत्र में सामूहिक सफाई की गई। इस दौरान अधिकारियों और स्वयंसेवकों ने मिलकर कचरा हटाया और नदी किनारे के हिस्सों को साफ किया। अभियान के दौरान उपस्थित लोगों को स्वच्छता की शपथ भी दिलाई गई, जिसमें उन्होंने अपने आसपास साफ-सफाई बनाए रखने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया।

    मंत्री ऋषिकेश पटेल ने कहा कि यह अभियान केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि इसे निरंतर जन आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के ‘स्वच्छ भारत’ अभियान ने देशभर में स्वच्छता को लेकर एक नई सोच विकसित की है, और अब इसे और आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी नागरिकों की भी है। उन्होंने यह भी कहा कि जब समाज का हर वर्ग इस अभियान से जुड़ेगा, तभी वास्तविक परिवर्तन संभव होगा।

    इस कार्यक्रम में मंत्री दर्शना वाघेला, स्थानीय विधायक, नगर निगम के अधिकारी, पुलिसकर्मी और कई सामाजिक संगठन भी शामिल हुए। सभी ने मिलकर इस पहल को सफल बनाने में योगदान दिया और लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया। कार्यक्रम के दौरान रिवरफ्रंट पर विशेष सफाई व्यवस्था की गई और आसपास के इलाकों में भी स्वच्छता अभियान चलाया गया।

    इस पूरे आयोजन को सरकार की ओर से एक बड़े जन आंदोलन के रूप में प्रस्तुत किया गया, जिसका उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में स्वच्छता को स्थायी रूप से मजबूत करना है। अधिकारियों का मानना है कि ऐसे अभियानों से न केवल वातावरण साफ रहता है, बल्कि लोगों में जिम्मेदारी और अनुशासन की भावना भी विकसित होती है।

    अंत में यह संदेश स्पष्ट रूप से सामने आया कि स्वच्छता केवल प्रशासन का काम नहीं, बल्कि हर नागरिक की साझा जिम्मेदारी है। ऐसे अभियानों से समाज में सकारात्मक बदलाव की उम्मीद बढ़ती है और आने वाले समय में अहमदाबाद जैसे शहरों को और अधिक स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित बनाने में मदद मिलेगी।

  • स्वच्छता सर्वेक्षण में इंदौर-सूरत को टक्कर देने मैदान में उतरा भोपाल, 106 नोडल अफसरों ने संभाला मोर्चा

    स्वच्छता सर्वेक्षण में इंदौर-सूरत को टक्कर देने मैदान में उतरा भोपाल, 106 नोडल अफसरों ने संभाला मोर्चा


    नई दिल्ली। स्वच्छ सर्वेक्षण में देश के सबसे साफ शहरों की रेस अब और दिलचस्प हो गई है। इंदौर, सूरत और नवी मुंबई जैसे शहरों को चुनौती देने के लिए भोपाल नगर निगम ने इस बार पूरी ताकत झोंक दी है। राजधानी भोपाल ने सुपर स्वच्छ लीग में एंट्री के बाद अपनी रणनीति को पूरी तरह बदल दिया है और शहर को चमकाने के लिए 106 नोडल अधिकारियों को मैदान में उतार दिया गया है।

    नगर निगम कमिश्नर संस्कृति जैन खुद इस अभियान की निगरानी कर रही हैं। उनके निर्देशन में शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था को युद्ध स्तर पर सुधारने का काम जारी है। खासतौर पर उन इलाकों पर फोकस किया जा रहा है, जहां पहले गंदगी और अव्यवस्था की शिकायतें सबसे ज्यादा आती थीं।

    भोपाल की तंग गलियों, सरकारी क्वार्टर्स के पीछे के हिस्सों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में सुबह-सुबह सफाई कर्मचारी सड़कों से धूल हटाने, कचरा साफ करने, गड्ढे भरने और दीवारों की पुताई करने में जुटे नजर आ रहे हैं। नगर निगम ने साफ कर दिया है कि स्वच्छता अभियान में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हाल ही में गंदगी मिलने पर दो अधिकारियों को सस्पेंड भी किया गया है, जबकि कई अन्य को नोटिस जारी किए गए हैं।

    निगम का कहना है कि संसाधन सीमित होने के बावजूद टीम पूरी मेहनत से काम कर रही है। अशोका गार्डन, गिन्नोरी, नारायण नगर और बिजली नगर जैसे इलाकों में अब साफ-सफाई का असर दिखाई देने लगा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़कों पर कचरा कम हुआ है और दीवारों पर की गई पेंटिंग व सजावट से मोहल्लों की तस्वीर बदल रही है।

    इस बार उत्कृष्ट काम करने वाले सफाई कर्मचारियों और फील्ड वर्कर्स को विशेष सम्मान देने की भी तैयारी है। नगर निगम का लक्ष्य सिर्फ रैंकिंग सुधारना नहीं, बल्कि भोपाल को देश के सबसे स्वच्छ और सुंदर शहरों की सूची में मजबूत पहचान दिलाना है।

  • भोपाल निगम में इंजीनियरों के कार्य विभाजन में बड़ा फेरबदल: उदित गर्ग और आरआर जारोलिया के जिम्मे हटाए गए विभाग

    भोपाल निगम में इंजीनियरों के कार्य विभाजन में बड़ा फेरबदल: उदित गर्ग और आरआर जारोलिया के जिम्मे हटाए गए विभाग


    भोपाल। भोपाल नगर निगम में इंजीनियरों के बीच लंबे समय से चल रही कार्य विभाजन की कवायद को निगम आयुक्त संस्कृति जैन ने अंतिम रूप दे दिया है। नए आदेश के तहत निगम में प्रमुख इंजीनियरों के जिम्मे कई विभागों में बदलाव किए गए हैं।

    उदित गर्ग और जारोलिया के विभागों में बदलाव
    उदित गर्ग, जो कि चार विभागों के प्रभारी थे, उनसे स्वच्छ भारत मिशन और हाउसिंग फॉर ऑल शाखा का प्रभार छीन लिया गया। निगम सूत्रों के मुताबिक, गर्ग मूल रूप से पीएचई विभाग के इंजीनियर हैं और उन्होंने विभाग में वापसी के लिए आवेदन भी दिया है।

    वहीं आरआर जारोलिया, जो सिविल शाखा के प्रभारी थे, उनसे सिविल शाखा का काम भी हटा दिया गया। नए आदेश के अनुसार अब विधानसभा में पदस्थ कार्यपालन यंत्रियों की फाइलें सीधे अपर आयुक्त को भेजी जाएंगी।

    बिल्डिंग परमिशन और नगर निवेशकों में फेरबदल
    निगमायुक्त ने बिल्डिंग परमिशन शाखा में भी बदलाव किया है। अब यहां चार नगर निवेशक पदस्थ किए गए हैं, जिनमें नीरज आनंद लिखार को मुख्य नगर निवेशक का प्रभार सौंपा गया है।

    टीएंडसीपी से प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ ज्वाइंट डायरेक्टर लिखार को चीफ सिटी प्लानर (सीसीपी) का प्रभार मिला है। 8 कार्यपालन यंत्रियों में से सबसे वरिष्ठ जारोलिया को अधीक्षण यंत्री का प्रभार दिया गया।

    प्रमुख इंजीनियरों को सौंपी गई जिम्मेदारियां
    आरआर जारोलिया: प्रभारी एसई, यांत्रिकी योजना प्रकोष्ठ एवं विद्युत शाखा (जोन 01 से 21)

    आरके गोयल: ईई एवं विभागाध्यक्ष, हाउसिंग फॉर ऑल (एचएफए)

    अनिल तटवाड़े: ईई (सिविल एवं अतिक्रमण), उत्तर व मध्य विधानसभा, प्रभारी सिटी प्लानर (भवन अनुज्ञा)

    ए के साहनी: ईई (सिविल एवं अतिक्रमण), नरेला विधानसभा, प्रभारी सिटी प्लानर (भवन अनुज्ञा), प्रभारी प्रोजेक्ट एमआईएस व अतिक्रमण सेल

    प्रमोद मालवीय: ईई एवं विभागाध्यक्ष – प्रोजेक्ट, झील संरक्षण प्रकोष्ठ, स्वच्छ भारत मिशन

    एसके राजेश: ईई (सिविल एवं अतिक्रमण), हुजूर विधानसभा, प्रभारी सिटी प्लानर (भवन अनुज्ञा शाखा)

    ए के डेहरिया: ईई (सिविल एवं अतिक्रमण), दक्षिण-पश्चिम विधानसभा, प्रभारी सिटी प्लानर (भवन अनुज्ञा शाखा), दक्षिण-पश्चिम और गोविंदपुरा विधानसभा