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  • बंगाल में नई सरकार का शपथ ग्रहण 9 मई को…. कौन होगा CM? अमित शाह खुद जाएंगे कोलकाता

    बंगाल में नई सरकार का शपथ ग्रहण 9 मई को…. कौन होगा CM? अमित शाह खुद जाएंगे कोलकाता


    कोलकाता।
    पश्चिम बंगाल (West Bengal.) में भाजपा (BJP) की शानदार जीत के बाद अब नई सरकार के गठन की तैयारी तेज हो गई है। शपथ ग्रहण नौ मई को कोलकाता (Kolkata.) के ब्रिगेड परेड ग्राउंड (Brigade Parade Ground) में सुबह दस बजे होने की संभावना है। सूत्रों का कहना है कि कार्यक्रम की तैयारियां शुरू हो गई हैं। मुख्यमंत्री के नाम पर मुहर लगते ही तैयारियों को अंतिम रूप दिया जाएगा। सूत्रों की मानें तो आठ मई को भाजपा विधायकों की बैठक होगी। इस सबमें सबसे अहम बात है पर्यवेक्षक के तौर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) का बंगाल जाना।

    अमित शाह (Amit Shah) के भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद शायद यह पहला मौका होगा कि जब वह किसी राज्य के नतीजे सामने आने के बाद बतौर पर्यवेक्षक उस राज्य का दौरा करेंगे। भाजपा के इतिहास पर नजर डालें तो यह कोई सामान्य घटना नहीं है। ऐसे में कयासों का दौर शुरू हो चुका है।


    कौन बनेगा बंगाल का मुख्यमंत्री?

    भाजपा ने असम और बंगाल में शानदार जीत दर्ज की है। असम में मुख्यमंत्री की कुर्सी के लिए वर्तमान मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा (Chief Minister Himanta Biswa Sarma) का नाम तय माना जा रहा है। पूरे देश की निगाहें बंगाल पर टिकी हुई हैं। राज्य में सरकार बनाने की कवायद के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह गुरुवार को पश्चिम बंगाल दौरे पर जा सकते हैं। भाजपा सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार शपथ ग्रहण से पहले गृह मंत्री का दौरा कई मायनों में अहम है। पर्यवेक्षक के रूप में गृह मंत्री दौरे के दौरान कई अहम फैसले कर सकते हैं। इसमें मुख्यमंत्री के साथ कैबिनेट मंत्रियों के नाम पर रणनीति बनेगी। बैठक में पश्चिम बंगाल में पार्टी के कई वरिष्ठ नेता शामिल हो सकते हैं।

    बंगाल के भाजपा के पहले मुख्यमंत्री बनने की रेस में शुभेंदु अधिकारी का नाम सबसे आगे चल रहा है। वह ममता बनर्जी के कार्यकाल में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका निभा चुके हैं। इसके अलावा, उन्हें पार्टी ने दो दो सीटों से उतारा था। उन्होंने नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों ही सीटों पर टीएमसी को मात दी है। पिछली बार उन्होंने नंदीग्राम में ममता बनर्जी को हराया था। इस चुनाव में उन्होंने भवानीपुर में भी ममता को ही मात दी है। इससे उनका कद भाजपा में और बड़ा हो गया है। हालांकि अमित शाह के पर्यवेक्षक बनाए जाने के बाद से यह चर्चा जरूर होने लगी है कि अगर सबकुछ सामान्य तरीके से होना होता तो गृह मंत्री खुद बतौर पर्यवेक्षक बंगाल का दौरा नहीं करते।


    शुभेंदु नहीं तो कौन बनेगा बंगाल का CM?

    भारतीय जनता पार्टी ने राज्यों में मुख्यमंत्री चुनने में हमेशा से चौंकाने वाले फैसले लिए हैं। राजस्थान, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और दिल्ली इसका ताजा उदाहरण हैं। तमाम कयासों पर विराम लगाते हुए भाजपा ने ऐसे नाम को आगे बढ़ाया जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। अब अमित शाह के दौरे के बाद से सवाल उठ रहा है कि बंगाल में भी भाजपा ऐसा ही कुछ तो नहीं करने जा रही है। हालांकि, बाकी राज्यों की तुलना में बंगाल की स्थिति काफी अलग है। यहां भाजपा को ऐसे नेतृत्व की जरूरत होगी जो पार्टी के भविष्य के हित में हो।

  • बिहार में सत्ता परिवर्तन की आहट: 14 अप्रैल को नए सीएम का ऐलान, 15 को शपथ ग्रहण संभव

    बिहार में सत्ता परिवर्तन की आहट: 14 अप्रैल को नए सीएम का ऐलान, 15 को शपथ ग्रहण संभव

    पटना। बिहार में नई सरकार के गठन को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पहली बार राज्य में अपना मुख्यमंत्री बनाने की दिशा में सक्रिय नजर आ रही है। इसी कड़ी में पार्टी ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान को विधायक दल के नेता के चयन के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया है।

    14 अप्रैल को होगा नेता का चयन

    शिवराज सिंह चौहान 14 अप्रैल को पटना पहुंचेंगे। उनकी मौजूदगी में भाजपा विधायक दल की बैठक में नए नेता के नाम पर मुहर लगेगी। इसके बाद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सहयोगी दल—जनता दल (यूनाइटेड), लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा और राष्ट्रीय लोक मोर्चा—की बैठकों के बाद संयुक्त बैठक में मुख्यमंत्री के नाम का औपचारिक ऐलान किया जाएगा।

    15 अप्रैल को शपथ ग्रहण की तैयारी

    सूत्रों के मुताबिक, नई सरकार का शपथ ग्रहण 15 अप्रैल को संभावित है। कार्यक्रम के लिए लोकभवन के साथ-साथ बापू सभागार को भी तैयार रखा गया है। पहले चरण में मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और कुछ वरिष्ठ मंत्री शपथ लेंगे, जबकि बाद में मंत्रिमंडल विस्तार किया जाएगा। समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत कई बड़े नेताओं के शामिल होने की संभावना है।

    राज्यपाल को सौंपा जाएगा दावा

    एनडीए विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद 14 अप्रैल की शाम को ही राज्यपाल के समक्ष सरकार बनाने का दावा पेश किया जाएगा।

    नीतीश सरकार की आखिरी कैबिनेट

    वर्तमान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 14 अप्रैल को सुबह 11 बजे कैबिनेट की अंतिम बैठक की अध्यक्षता करेंगे। यह बैठक उनके लंबे कार्यकाल की आखिरी कैबिनेट मानी जा रही है। बैठक में कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लग सकती है। इसके बाद वे डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित कर मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा सौंपेंगे।

    ‘हर जिम्मेदारी निभाऊंगा’—शिवराज

    पर्यवेक्षक नियुक्त किए जाने के बाद शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि वह पार्टी के एक समर्पित कार्यकर्ता के रूप में हर जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाएंगे।

    सीएम आवास पर बढ़ी हलचल

    इधर, पटना में मुख्यमंत्री आवास पर नेताओं की आवाजाही भी तेज हो गई है। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी समेत कई नेताओं ने नीतीश कुमार से मुलाकात कर आगे की रणनीति पर चर्चा की।

    बिहार की राजनीति अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है, जहां 14 और 15 अप्रैल की तारीखें सत्ता परिवर्तन की दिशा तय करेंगी।