Tag: T20 International

  • अजमतुल्लाह उमरजई ने T20 क्रिकेट में रचा इतिहास, नंबर-6 पर उतरकर ठोका 116 रन का तूफानी शतक, फुल मेंबर टीमों में ऐसा करने वाले पहले खिलाड़ी बने

    अजमतुल्लाह उमरजई ने T20 क्रिकेट में रचा इतिहास, नंबर-6 पर उतरकर ठोका 116 रन का तूफानी शतक, फुल मेंबर टीमों में ऐसा करने वाले पहले खिलाड़ी बने


    नई दिल्ली। अफगानिस्तान के स्टार ऑलराउंडर अजमतुल्लाह उमरजई ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में ऐसा कारनामा कर दिखाया है जिसने क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में उन्होंने मुश्किल परिस्थितियों में शानदार बल्लेबाजी करते हुए ऐतिहासिक शतक जड़ा। उनकी तूफानी पारी की बदौलत अफगानिस्तान ने न केवल मुकाबले में दमदार वापसी की बल्कि एक नया रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। उमरजई ने नंबर छह पर बल्लेबाजी करते हुए 50 गेंदों में 116 रन बनाए और अपनी टीम को ऐसी स्थिति से बाहर निकाला जहां हार लगभग तय मानी जा रही थी।

    मुकाबले में टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी अफगानिस्तान की शुरुआत बेहद खराब रही। टीम ने महज पांच रन के स्कोर पर अपने चार अहम विकेट गंवा दिए। शुरुआती झटकों से टीम उबर भी नहीं पाई थी कि 38 रन के स्कोर तक उसके पांच बल्लेबाज पवेलियन लौट गए। लगातार गिरते विकेटों ने अफगानिस्तान की मुश्किलें बढ़ा दी थीं और ऐसा लग रहा था कि टीम बहुत कम स्कोर पर सिमट जाएगी। इसी नाजुक मोड़ पर अजमतुल्लाह उमरजई ने मोर्चा संभाला और जिम्बाब्वे के गेंदबाजों के खिलाफ आक्रामक बल्लेबाजी शुरू कर दी।

    उमरजई ने अपनी पारी में पांच चौके और 12 गगनचुंबी छक्के लगाए। उन्होंने मैदान के चारों ओर आकर्षक शॉट खेलते हुए गेंदबाजों पर दबाव बनाया। उनकी बल्लेबाजी में आक्रामकता के साथ बेहतरीन नियंत्रण भी देखने को मिला। उन्होंने तेजी से रन बनाकर अफगानिस्तान के स्कोर को आगे बढ़ाया और टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। उनकी 116 रनों की पारी के दम पर अफगानिस्तान ने निर्धारित 20 ओवर में छह विकेट के नुकसान पर 222 रन बनाए और जिम्बाब्वे के सामने 223 रनों का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा।

    इस ऐतिहासिक पारी के साथ उमरजई ने फुल मेंबर अंतरराष्ट्रीय टीमों के बीच टी20 क्रिकेट में नंबर छह या उससे नीचे बल्लेबाजी करते हुए सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर का रिकॉर्ड अपने नाम किया। इससे पहले यह रिकॉर्ड अफगानिस्तान के ही मोहम्मद नबी के नाम था जिन्होंने 2017 में आयरलैंड के खिलाफ 89 रन बनाए थे। उमरजई ने इस उपलब्धि को पीछे छोड़ते हुए 116 रन की शानदार पारी खेली। इस प्रदर्शन ने एक बार फिर साबित किया कि वह केवल गेंदबाजी में ही नहीं बल्कि जरूरत पड़ने पर बल्लेबाजी में भी मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं।

    223 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी जिम्बाब्वे की टीम ने भी हार नहीं मानी। कप्तान सिकंदर रजा ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 56 गेंदों में 106 रन बनाए। उनकी पारी में पांच चौके और नौ छक्के शामिल रहे। रजा ने अकेले दम पर अफगानिस्तान के गेंदबाजों को चुनौती दी और टीम को जीत के करीब पहुंचाने की कोशिश की। हालांकि दूसरे छोर से उन्हें पर्याप्त सहयोग नहीं मिल सका। जिम्बाब्वे की टीम निर्धारित 20 ओवर में पांच विकेट खोकर 202 रन ही बना सकी।

    इस तरह अफगानिस्तान ने यह मुकाबला 19 रन से जीत लिया। उमरजई की ऐतिहासिक पारी टीम की जीत का सबसे बड़ा आधार बनी। इस जीत के साथ अफगानिस्तान ने मुकाबले के अलावा टी20 सीरीज भी अपने नाम कर ली। शुरुआती पांच विकेट जल्दी गंवाने के बाद जिस तरह उमरजई ने पारी को संभाला वह क्रिकेट प्रेमियों के लिए यादगार प्रदर्शन बन गया। उनका यह शतक अफगानिस्तान की टी20 क्रिकेट में बल्लेबाजी की ताकत और मुश्किल परिस्थितियों में वापसी करने की क्षमता का शानदार उदाहरण है।

  • न्यूजीलैंड ने भारत के खिलाफ ठोका 225 रन का पहाड़, ग्लेन फिलिप्स की तूफानी पारी से गेंदबाजों की उड़ी धज्जियां

    न्यूजीलैंड ने भारत के खिलाफ ठोका 225 रन का पहाड़, ग्लेन फिलिप्स की तूफानी पारी से गेंदबाजों की उड़ी धज्जियां


    नई दिल्ली। भारत और न्यूजीलैंड के बीच पांच मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज के पहले मुकाबले में कीवी बल्लेबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारतीय गेंदबाजों पर जमकर हमला बोला। हेगले ओवल के मैदान पर खेले जा रहे मुकाबले में न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में चार विकेट के नुकसान पर 225 रन बनाए। इस दमदार प्रदर्शन के साथ न्यूजीलैंड ने टी20 इंटरनेशनल में भारत के खिलाफ अपने सबसे बड़े स्कोर की बराबरी कर ली। इससे पहले टीम ने साल 2026 में तिरुवनंतपुरम के मैदान पर भी भारत के खिलाफ 225 रन बनाए थे। इसके अलावा हेगले ओवल में यह अब तक का सबसे बड़ा टी20 स्कोर भी रहा।

    न्यूजीलैंड की पारी की शुरुआत टिम सीफर्ट और फिन एलन ने आक्रामक अंदाज में की। दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए 49 रन जोड़कर टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई। सीफर्ट ने 17 गेंदों में 24 रन बनाए लेकिन वह अपनी अच्छी शुरुआत को बड़ी पारी में नहीं बदल सके। दूसरी ओर फिन एलन ने भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा। उन्होंने 24 गेंदों का सामना करते हुए 45 रन की तेजतर्रार पारी खेली। उनकी पारी ने न्यूजीलैंड के बड़े स्कोर की नींव तैयार की।

    इसके बाद डेरिल मिचेल ने भी उपयोगी योगदान दिया। उन्होंने 19 गेंदों में 28 रन बनाए लेकिन बड़ी पारी खेलने से पहले आउट हो गए। शुरुआती विकेट गिरने के बावजूद न्यूजीलैंड की रन गति पर कोई खास असर नहीं पड़ा। ग्लेन फिलिप्स और बेवन जैकब्स ने मैदान पर उतरते ही भारतीय गेंदबाजों के खिलाफ आक्रामक रुख अपना लिया। दोनों बल्लेबाजों ने तेजी से रन बटोरते हुए केवल 32 गेंदों में 73 रन की साझेदारी कर दी। इस साझेदारी ने भारतीय टीम की मुश्किलें बढ़ा दीं।

    बेवन जैकब्स ने महज 16 गेंदों में 31 रन बनाए। उनकी पारी में तेज बल्लेबाजी का शानदार नमूना देखने को मिला। दूसरी तरफ ग्लेन फिलिप्स ने एक छोर संभाले रखा और लगातार बड़े शॉट लगाते रहे। उन्होंने 27 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। फिलिप्स ने आखिरकार 40 गेंदों में 82 रन की विस्फोटक पारी खेली। उन्होंने अपनी पारी में आठ चौके और तीन छक्के लगाए। उनकी बल्लेबाजी के दम पर न्यूजीलैंड की टीम 225 रन के बड़े स्कोर तक पहुंचने में सफल रही।

    भारतीय गेंदबाज इस मुकाबले में न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों को रोकने में नाकाम नजर आए। अर्शदीप सिंह ने चार ओवर में 45 रन देकर एक विकेट हासिल किया। भुवनेश्वर कुमार ने चार ओवर में 49 रन खर्च किए और उन्हें कोई सफलता नहीं मिली। मयंक यादव ने चार ओवर में 40 रन देकर एक विकेट लिया। अक्षर पटेल भारत के सबसे महंगे गेंदबाज रहे। उन्होंने चार ओवर में 51 रन दिए और एक विकेट हासिल किया। नीतीश कुमार रेड्डी ने भी अपने चार ओवर में 40 रन खर्च किए।

    न्यूजीलैंड की बल्लेबाजी ने पहले ही मुकाबले में भारतीय टीम के सामने बड़ा लक्ष्य खड़ा कर दिया। अब भारतीय बल्लेबाजों के सामने इस लक्ष्य का पीछा करते हुए मजबूत शुरुआत करने और मुकाबले को रोमांचक बनाने की चुनौती रही।

  • वेस्टइंडीज के खिलाफ प्रिंस यादव की तूफानी बल्लेबाजी से प्रभावित हुए अभिषेक, बोले- बड़े शॉट लगाने का हुनर आने वाले समय में और निखरेगा

    वेस्टइंडीज के खिलाफ प्रिंस यादव की तूफानी बल्लेबाजी से प्रभावित हुए अभिषेक, बोले- बड़े शॉट लगाने का हुनर आने वाले समय में और निखरेगा


    नई दिल्ली । भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेले गए तीसरे टी20 इंटरनेशनल मुकाबले में भारतीय टीम ने 14 रन से जीत दर्ज की। इस मैच में जहां भारतीय बल्लेबाजों ने बड़े स्कोर की नींव रखी वहीं आखिरी ओवरों में प्रिंस यादव की छोटी लेकिन उपयोगी पारी भी चर्चा में रही। प्रिंस ने महज छह गेंदों पर नाबाद 13 रन बनाकर टीम के स्कोर को आगे बढ़ाने में अहम योगदान दिया। उनकी इस बल्लेबाजी से अभिषेक शर्मा भी प्रभावित नजर आए। अभिषेक ने प्रिंस की तारीफ करते हुए कहा कि वह उनकी बल्लेबाजी पहले देख चुके हैं और दिल्ली के क्रिकेट सर्कल में उनके नाम की चर्चा होती है।
    भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड की ओर से साझा किए गए वीडियो में प्रिंस यादव ने बताया कि तीसरे टी20 मुकाबले में बल्लेबाजी के लिए अभिषेक शर्मा ने उन्हें अपना बल्ला दिया था। प्रिंस के मुताबिक टीम के लिए किसी भी तरह से योगदान देना उनके लिए खुशी की बात है। चाहे बल्लेबाजी हो या गेंदबाजी अथवा फील्डिंग हर खिलाड़ी की कोशिश रहती है कि वह टीम की सफलता में अपना हिस्सा दे। उन्होंने मजाकिया अंदाज में बताया कि अभिषेक ने बल्ला देते समय उनसे कहा था कि उसकी बेइज्जती नहीं होनी चाहिए। प्रिंस ने कहा कि उन्होंने बल्ले की इज्जत रखते हुए कुछ अच्छे शॉट लगा दिए।
    वीडियो में प्रिंस के साथ मौजूद अभिषेक शर्मा ने उनकी बल्लेबाजी की क्षमता पर भरोसा जताया। अभिषेक ने कहा कि यदि किसी ने प्रिंस को बल्लेबाजी करते हुए नहीं देखा है तो उन्होंने उन्हें खेलते देखा है। दिल्ली में होने वाले सिंगल विकेट क्रिकेट में खिलाड़ियों को आमने-सामने अपनी बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों का हुनर दिखाना पड़ता है। अभिषेक के अनुसार प्रिंस में बड़े शॉट लगाने की क्षमता है और इसकी झलक वेस्टइंडीज के खिलाफ मुकाबले में भी देखने को मिली। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में प्रिंस का यह हुनर और निखरेगा। अभिषेक ने यह भी कहा कि बल्ला उनका था लेकिन गेंद को बाउंड्री के पार पहुंचाने में प्रिंस की ताकत और प्रतिभा का योगदान था।
    प्रिंस ने बातचीत के दौरान यह भी बताया कि इंग्लैंड में भी उन्होंने अभिषेक के बल्ले से बल्लेबाजी की थी और छक्का लगाया था। इसी वजह से अब वह जब भी बल्लेबाजी के लिए उतरेंगे तो अभिषेक से ही बल्ला लेने की कोशिश करेंगे। मैदान पर इस हल्की-फुल्की बातचीत ने दोनों खिलाड़ियों के बीच अच्छे तालमेल की झलक भी दिखाई।
    मैच में प्रिंस यादव ने भारत की ओर से नंबर 10 या 11 पर बल्लेबाजी करते हुए टी20 इंटरनेशनल में तीन या उससे अधिक बाउंड्री लगाने वाले चुनिंदा खिलाड़ियों की सूची में जगह बनाई। उन्होंने अपनी नाबाद 13 रन की पारी में तीन चौके लगाए। भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 223 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया। जवाब में वेस्टइंडीज की टीम सात विकेट गंवाकर 209 रन ही बना सकी और भारत ने मुकाबला 14 रन से अपने नाम कर लिया।
    इस जीत में भारतीय टीम के सामूहिक प्रदर्शन की अहम भूमिका रही। हालांकि प्रिंस यादव की छोटी पारी ने यह भी दिखाया कि निचले क्रम के बल्लेबाजों का योगदान टी20 क्रिकेट में कितना महत्वपूर्ण हो सकता है। अभिषेक शर्मा की तारीफ से प्रिंस का आत्मविश्वास बढ़ने की उम्मीद है और अब नजरें उनके आगे के प्रदर्शन पर रहेंगी।
  • गणेश चतुर्थी पर होगा India-Afghanistan T20 का महामुकाबला? ACB ने BCCI से मांगी 14 सितंबर की तारीख

    गणेश चतुर्थी पर होगा India-Afghanistan T20 का महामुकाबला? ACB ने BCCI से मांगी 14 सितंबर की तारीख


    नई दिल्ली। भारत और अफगानिस्तान के बीच सितंबर में होने वाली तीन मैचों की T20 इंटरनेशनल सीरीज को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। दोनों टीमों के बीच मुकाबलों का कार्यक्रम पहले ही तय हो चुका है लेकिन अब अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड यानी ACB इसमें एक बदलाव चाहता है। ACB ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी BCCI से संपर्क कर सीरीज के एक मुकाबले को 14 सितंबर को कराने का प्रस्ताव रखा है। खास बात यह है कि 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी है। फिलहाल दोनों बोर्ड के बीच इस प्रस्ताव पर बातचीत चल रही है और अंतिम फैसला BCCI की मंजूरी के बाद ही होगा।

    मौजूदा कार्यक्रम के मुताबिक भारत और अफगानिस्तान के बीच तीनों T20 मुकाबले दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेले जाने हैं। पहला मैच 13 सितंबर को दूसरा 15 सितंबर और तीसरा मुकाबला 17 सितंबर को निर्धारित है। BCCI ने भी इस कार्यक्रम की पुष्टि की है। अब ACB चाहता है कि 13 या 15 सितंबर को होने वाले मुकाबलों में से किसी एक को 14 सितंबर को आयोजित किया जाए। यानी मैचों की संख्या में कोई बदलाव नहीं होगा बल्कि सिर्फ एक मुकाबले की तारीख बदली जाएगी।

    सवाल यह है कि आखिर ACB सोमवार यानी 14 सितंबर को ही मुकाबला क्यों कराना चाहता है। दरअसल 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी का त्योहार है और इस मौके पर दिल्ली में आंशिक छुट्टी रहने की उम्मीद है। आमतौर पर सोमवार को क्रिकेट मैच कराने पर कामकाजी दिन होने के कारण स्टेडियम में दर्शकों की संख्या कम रहने की आशंका रहती है। लेकिन गणेश चतुर्थी के कारण छुट्टी और त्योहार का माहौल होने से ACB को उम्मीद है कि मैच के लिए बड़ी संख्या में दर्शक स्टेडियम पहुंच सकते हैं। इससे मुकाबले की दर्शक उपस्थिति और फैन एंगेजमेंट बेहतर होने की संभावना है।

    अगर BCCI इस प्रस्ताव पर सहमत हो जाता है तो भारत और अफगानिस्तान के बीच होने वाली सीरीज का एक मुकाबला गणेश चतुर्थी के दिन खेला जाएगा। हालांकि अभी इसे अंतिम कार्यक्रम नहीं माना जा सकता। जब तक BCCI की मंजूरी नहीं मिलती तब तक आधिकारिक शेड्यूल 13 15 और 17 सितंबर का ही रहेगा।

    इस सीरीज की एक और खास बात यह है कि मुकाबले भारत में होने के बावजूद इसे अफगानिस्तान की घरेलू सीरीज माना जा रहा है। सुरक्षा परिस्थितियों के कारण अफगानिस्तान लंबे समय से अपने कई अंतरराष्ट्रीय घरेलू मुकाबले विदेशों में आयोजित करता रहा है। इस बार दिल्ली को उसके होम मैचों के लिए चुना गया है। Reuters के मुताबिक भारत ने अफगानिस्तान को इस महत्वपूर्ण सीरीज की मेजबानी के लिए अपनी सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं।

    भारत और अफगानिस्तान के लिए यह सीरीज एशियन गेम्स की तैयारियों के लिहाज से भी अहम होगी। दोनों टीमें आगामी बड़े मुकाबलों से पहले T20 फॉर्मेट में अपनी तैयारियों को परखना चाहेंगी। दिल्ली में लगातार तीन मुकाबले होने से खिलाड़ियों को परिस्थितियों के अनुरूप खुद को ढालने का मौका भी मिलेगा।

    इस बीच भारत के बांग्लादेश दौरे को लेकर भी स्थिति बदलती नजर आ रही है। पहले सितंबर में भारतीय टीम के बांग्लादेश दौरे का कार्यक्रम सामने आया था लेकिन अब अफगानिस्तान के खिलाफ T20 सीरीज की पुष्टि के बाद उस दौरे की संभावना कम बताई जा रही है। ऐसे में सितंबर में भारतीय टीम के लिए अफगानिस्तान के खिलाफ दिल्ली में होने वाली T20 सीरीज महत्वपूर्ण मुकाबलों में से एक हो सकती है।

    फिलहाल क्रिकेट फैंस की नजर BCCI के फैसले पर है। अगर भारतीय बोर्ड ACB के प्रस्ताव को मंजूरी दे देता है तो 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी के दिन दिल्ली में भारत और अफगानिस्तान के बीच T20 मुकाबला देखने को मिल सकता है। यानी अभी मैच की तारीख बदली नहीं है लेकिन ACB की मांग ने सीरीज के कार्यक्रम में एक दिलचस्प ट्विस्ट जरूर ला दिया है।

  • 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने रचा इतिहास, पहला इंटरनेशनल अर्धशतक मां, परिवार और कोच को किया समर्पित

    15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने रचा इतिहास, पहला इंटरनेशनल अर्धशतक मां, परिवार और कोच को किया समर्पित


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी ने जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में ऐसी धमाकेदार पारी खेली, जिसने क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। महज 15 साल की उम्र में उन्होंने 19 गेंदों में 50 रन ठोककर न सिर्फ टीम इंडिया को शानदार शुरुआत दिलाई, बल्कि कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिए। मैच के बाद वैभव ने अपनी इस यादगार पारी को अपनी मां, परिवार, कोच और उन सभी लोगों को समर्पित किया, जिन्होंने उनके कठिन समय में उनका साथ दिया।

    हरारे में खेले गए मुकाबले में वैभव ने शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज अपनाया। उन्होंने केवल 18 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और 19 गेंदों की पारी में 4 चौके तथा 4 छक्के लगाए। इस प्रदर्शन के साथ वह टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे कम उम्र में अर्धशतक लगाने वाले बल्लेबाज बन गए।

    15 साल 118 दिन की उम्र में यह उपलब्धि हासिल कर वैभव ने इंग्लैंड के लुई ब्रूस का रिकॉर्ड तोड़ दिया, जिन्होंने 16 साल 56 दिन की उम्र में टी20 इंटरनेशनल फिफ्टी लगाई थी। इतना ही नहीं, वैभव अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे कम उम्र में अर्धशतक बनाने वाले बल्लेबाज भी बन गए। उन्होंने नेपाल के कुशल मल्ला का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया, जिन्होंने 2020 में 15 साल 340 दिन की उम्र में यह कारनामा किया था।

    बीसीसीआई द्वारा साझा किए गए वीडियो में वैभव ने कहा कि करियर की शुरुआत में ऐसी पारियां आत्मविश्वास को कई गुना बढ़ा देती हैं। उन्होंने बताया कि बल्लेबाजी के दौरान वह पूरी तरह अपनी लय में थे और अपनी स्वाभाविक खेल शैली पर भरोसा करते हुए शॉट्स लगाए। उन्होंने कहा कि यह अर्धशतक उनके परिवार, कोच और उन सभी लोगों के लिए है, जिन्होंने हर परिस्थिति में उनका हौसला बढ़ाया।

    मैच के दौरान अर्धशतक पूरा करने के बाद वैभव ने दोनों हाथों से सिर के ऊपर ‘ए’ का निशान बनाया। इस खास सेलिब्रेशन के बारे में उन्होंने खुलासा किया कि यह उनकी मां आरती को समर्पित था। वहीं, ‘थंब्स अप’ का इशारा उन्होंने भारतीय बल्लेबाज रिंकू सिंह के साथ हुई बातचीत से प्रेरित होकर किया।

    हरारे का मैदान वैभव के लिए लगातार यादगार साबित हो रहा है। इसी वर्ष उन्होंने आईसीसी अंडर-19 विश्व कप के फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ 80 गेंदों पर 175 रनों की ऐतिहासिक पारी खेली थी। इससे पहले सेमीफाइनल में अफगानिस्तान के खिलाफ 68 रन बनाकर भारत को रिकॉर्ड छठा अंडर-19 विश्व कप खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी।

    हालांकि इंग्लैंड के खिलाफ पिछली टी20 सीरीज में उन्हें तीन मौकों पर बड़ी पारी खेलने का अवसर नहीं मिला, लेकिन जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले ही मैच में उन्होंने शानदार वापसी कर अपनी प्रतिभा का परिचय दे दिया। वैभव ने कहा कि हरारे का माहौल उन्हें पसंद है, लेकिन वह इसे हल्के में नहीं लेते। उनका लक्ष्य हर मैच में टीम के लिए बेहतर प्रदर्शन करना और अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देना है।

    15 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में रिकॉर्डतोड़ अर्धशतक लगाकर वैभव सूर्यवंशी ने यह साबित कर दिया है कि भारतीय क्रिकेट को भविष्य का एक और बड़ा सितारा मिल चुका है।

  • ताश के पत्तों की तरह बिखरी टीम इंडिया, टी20 इतिहास की सबसे बड़ी हार से दहला भारतीय क्रिकेट

    ताश के पत्तों की तरह बिखरी टीम इंडिया, टी20 इतिहास की सबसे बड़ी हार से दहला भारतीय क्रिकेट


    नई दिल्ली । नॉटिंघम के ट्रेंट ब्रिज मैदान पर भारतीय क्रिकेट टीम को टी20 अंतरराष्ट्रीय इतिहास की सबसे बड़ी हार का सामना करना पड़ा। इंग्लैंड ने तीसरे टी20 मुकाबले में हर विभाग में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत को 125 रन से शिकस्त दी। 202 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम सिर्फ 76 रन पर ऑलआउट हो गई। यह रनों के अंतर से भारत की टी20 इंटरनेशनल में अब तक की सबसे बड़ी हार है।

    इससे पहले भारत को वर्ष 2019 में न्यूजीलैंड के खिलाफ 80 रन से हार मिली थी, लेकिन नॉटिंघम में मिली 125 रन की हार ने वह रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिया। इतना ही नहीं, 76 रन का स्कोर भारत का टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में दूसरा सबसे कम टीम स्कोर भी रहा। इससे पहले 2008 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारतीय टीम 74 रन पर सिमट गई थी।

    लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत की शुरुआत बेहद खराब रही। सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा केवल 10 रन बनाकर जोश टंग का शिकार बने। युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने कुछ आकर्षक शॉट जरूर लगाए, लेकिन वह भी सिर्फ 13 रन बनाकर जोफ्रा आर्चर की गेंद पर आउट हो गए। इसके बाद विकेटों का सिलसिला लगातार जारी रहा और कोई भी बल्लेबाज बड़ी साझेदारी नहीं बना सका।

    ईशान किशन 13 रन, कप्तान श्रेयस अय्यर बिना प्रभाव छोड़े पवेलियन लौट गए। अक्षर पटेल 10 रन, तिलक वर्मा 3 रन, हर्षित राणा 2 रन और शिवम दुबे भी केवल 2 रन बनाकर आउट हो गए। पूरी भारतीय बल्लेबाजी इंग्लैंड के तेज और स्पिन आक्रमण के सामने पूरी तरह बेबस नजर आई।

    इंग्लैंड की ओर से जोश टंग ने सबसे सफल गेंदबाजी करते हुए चार ओवर में 28 रन देकर चार विकेट झटके। जोफ्रा आर्चर ने तीन विकेट हासिल किए, जबकि अनुभवी स्पिनर आदिल रशीद ने दो विकेट लेकर भारतीय बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी।

    इससे पहले इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में सात विकेट पर 201 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया। फिल साल्ट ने 44 गेंदों में 70 रन की विस्फोटक पारी खेली। कप्तान जोस बटलर ने 36 रन बनाए, जबकि सैम करन ने अंतिम ओवरों में नाबाद 41 रन की तेजतर्रार पारी खेलकर टीम को 200 के पार पहुंचाया।

    इस जीत के साथ इंग्लैंड ने पांच मैचों की टी20 सीरीज में 2-0 की महत्वपूर्ण बढ़त बना ली है। वहीं भारतीय टीम के लिए यह हार कई सवाल छोड़ गई है। बल्लेबाजी क्रम का पूरी तरह फ्लॉप होना और बड़े लक्ष्य के सामने संघर्ष किए बिना ढह जाना टीम प्रबंधन के लिए चिंता का विषय बन गया है। अब सीरीज में वापसी के लिए भारत को अगले मुकाबले में हर विभाग में बेहतर प्रदर्शन करना होगा।

  • आदिल रशीद ने रचा इतिहास, टी20 इंटरनेशनल में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले दूसरे गेंदबाज बने

    आदिल रशीद ने रचा इतिहास, टी20 इंटरनेशनल में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले दूसरे गेंदबाज बने


    नई दिल्ली । टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में इंग्लैंड के अनुभवी लेग स्पिनर आदिल रशीद ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर ली है। भारत के खिलाफ तीसरे टी20 मुकाबले में शानदार गेंदबाजी करते हुए उन्होंने दो विकेट झटके और इसी के साथ टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाजों की सूची में दूसरे स्थान पर पहुंच गए। रशीद के नाम अब 166 विकेट दर्ज हो चुके हैं और उन्होंने न्यूजीलैंड के स्पिनर ईश सोढ़ी के 165 विकेट के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। इस सूची में अफगानिस्तान के स्टार स्पिनर राशिद खान 193 विकेट के साथ शीर्ष स्थान पर कायम हैं, जबकि न्यूजीलैंड के पूर्व तेज गेंदबाज टिम साउदी 164 विकेट के साथ तीसरे और श्रीलंका के वानिंदु हसरंगा 161 विकेट के साथ चौथे स्थान पर हैं।

    यह उपलब्धि ऐसे मुकाबले में आई जिसमें इंग्लैंड ने हर विभाग में भारत पर दबदबा बनाया। पहले बल्लेबाजी करते हुए इंग्लैंड ने निर्धारित 20 ओवर में सात विकेट के नुकसान पर 201 रन बनाए। टीम के लिए फिल साल्ट ने 44 गेंदों में 70 रन की आक्रामक पारी खेली, जबकि कप्तान जोस बटलर ने 21 गेंदों में 36 रन बनाए। अंतिम ओवरों में सैम करन ने 24 गेंदों में 41 रन की तेजतर्रार पारी खेलकर टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया।

    202 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम शुरुआत से ही दबाव में नजर आई। इंग्लैंड के गेंदबाजों ने लगातार अंतराल पर विकेट लेकर भारतीय बल्लेबाजी क्रम को पूरी तरह बिखेर दिया। पूरी भारतीय टीम महज 11.4 ओवर में 76 रन पर सिमट गई। सात बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा भी पार नहीं कर सके, जिससे भारत को टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के इतिहास की सबसे बड़ी हार का सामना करना पड़ा।

    गेंदबाजी में जोश टंग ने चार विकेट लेकर भारत की कमर तोड़ दी, जबकि जोफ्रा आर्चर ने तीन विकेट अपने नाम किए। आदिल रशीद ने भी कसी हुई गेंदबाजी करते हुए दो महत्वपूर्ण विकेट हासिल किए और अपने करियर में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि जोड़ ली।

    इस जीत के साथ इंग्लैंड ने पांच मैचों की टी20 सीरीज में 2-0 की बढ़त बना ली है। वहीं आदिल रशीद का यह रिकॉर्ड उनके लंबे और सफल टी20 करियर की एक और बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इंग्लैंड को उम्मीद होगी कि उनका अनुभवी स्पिनर आगे भी इसी तरह शानदार प्रदर्शन कर टीम को सीरीज में निर्णायक बढ़त दिलाने में अहम भूमिका निभाएगा।

  • शाई होप की कप्तानी पारी से वेस्टइंडीज की शानदार जीत, पहले टी20 में श्रीलंका को 7 विकेट से हराया

    शाई होप की कप्तानी पारी से वेस्टइंडीज की शानदार जीत, पहले टी20 में श्रीलंका को 7 विकेट से हराया


    नई दिल्ली।  कप्तान शाई होप की शानदार अर्धशतकीय पारी और गेंदबाजों के दमदार प्रदर्शन की बदौलत वेस्टइंडीज ने पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में श्रीलंका को 7 विकेट से हराकर तीन मैचों की सीरीज का विजयी आगाज किया। किंग्स्टन के ऐतिहासिक सबीना पार्क मैदान पर खेले गए मुकाबले में मेजबान टीम ने 148 रनों का लक्ष्य 19.2 ओवर में केवल तीन विकेट खोकर हासिल कर लिया।

    लक्ष्य का पीछा करने उतरी वेस्टइंडीज की शुरुआत बेहद आक्रामक रही। कप्तान शाई होप और ब्रैंडन किंग ने पहले विकेट के लिए तेजतर्रार साझेदारी करते हुए टीम को मजबूत आधार प्रदान किया। दोनों बल्लेबाजों ने महज 6.2 ओवर में 67 रन जोड़कर श्रीलंकाई गेंदबाजों पर दबाव बना दिया। ब्रैंडन किंग ने 22 गेंदों में 37 रन की विस्फोटक पारी खेली, जिसमें दो चौके और तीन छक्के शामिल रहे।

    किंग के आउट होने के बाद शिमरोन हेटमायर ने भी तेज शुरुआत की और 9 गेंदों में 17 रन बनाए। हालांकि वह अपनी पारी को बड़ी पारी में नहीं बदल सके और वानिंदु हसरंगा का शिकार बन गए। इसके बावजूद वेस्टइंडीज की रन गति पर कोई असर नहीं पड़ा।

    कप्तान शाई होप ने जिम्मेदारी संभालते हुए एक छोर पर डटे रहे और शानदार बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया। उन्होंने 54 गेंदों में नाबाद 65 रन बनाए, जिसमें पांच चौके और दो छक्के शामिल थे। होप ने संयम और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाते हुए टीम को जीत की मंजिल तक पहुंचाया। रोस्टन चेज ने 16 रन का योगदान दिया, जबकि रोवमैन पॉवेल 10 रन बनाकर नाबाद लौटे।

    श्रीलंका की ओर से गेंदबाजी में वानिंदु हसरंगा सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने दो महत्वपूर्ण विकेट हासिल किए, लेकिन अन्य गेंदबाज वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों पर प्रभावी दबाव बनाने में सफल नहीं हो सके।

    इससे पहले टॉस जीतकर बल्लेबाजी करने उतरी श्रीलंका की टीम निर्धारित 20 ओवर में 9 विकेट खोकर 147 रन ही बना सकी। टीम को पथुम निसांका और कुसल मेंडिस ने अच्छी शुरुआत दिलाई। दोनों ने पहले विकेट के लिए 41 रन जोड़े। निसांका 18 रन बनाकर आउट हुए, जबकि कुसल मेंडिस ने 23 गेंदों में 36 रन की उपयोगी पारी खेली।

    मध्यक्रम में लगातार विकेट गिरने से श्रीलंका की पारी लड़खड़ा गई। लसिथ क्रुस्पुल्ले बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए, जबकि पवन रत्नायके केवल चार रन ही बना सके। ऐसे कठिन समय में कामिंदु मेंडिस ने शानदार संघर्ष दिखाया और 39 गेंदों में 51 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली। उन्होंने अपनी पारी में चार चौके और दो छक्के लगाए। दासुन शनाका ने भी 22 रन का योगदान देकर टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाने में मदद की।

    वेस्टइंडीज की गेंदबाजी में जेसन होल्डर और शेमार जोसेफ ने अहम भूमिका निभाई। होल्डर ने चार ओवर में केवल 18 रन देकर तीन विकेट झटके, जबकि जोसेफ ने भी तीन विकेट हासिल कर श्रीलंका के बल्लेबाजी क्रम को झकझोर दिया। रोस्टन चेज ने भी एक विकेट अपने नाम किया।

    इस जीत के साथ वेस्टइंडीज ने तीन मैचों की टी20 श्रृंखला में 1-0 की बढ़त बना ली है। अब टीम की नजर अगले मुकाबले में जीत दर्ज कर सीरीज पर पकड़ मजबूत करने पर होगी, जबकि श्रीलंका वापसी के इरादे से मैदान में उतरेगा।

  • स्मृति मंधाना ने रचा इतिहास टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में रोहित शर्मा का रिकॉर्ड तोड़ बनीं भारत की सबसे सफल बल्लेबाज

    स्मृति मंधाना ने रचा इतिहास टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में रोहित शर्मा का रिकॉर्ड तोड़ बनीं भारत की सबसे सफल बल्लेबाज

    नई दिल्ली/डरबन। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की अनुभवी सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना ने खेल के सबसे छोटे प्रारूप में एक अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल करते हुए नया कीर्तिमान स्थापित किया है। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेली जा रही मौजूदा श्रृंखला के दौरान मंधाना ने वह मुकाम हासिल किया जो अब तक किसी भी भारतीय क्रिकेटर के नाम नहीं था। स्मृति मंधाना अब भारत की ओर से टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे अधिक रन बनाने वाली बल्लेबाज बन गई हैं। उन्होंने इस विशिष्ट उपलब्धि के मामले में भारतीय पुरुष टीम के पूर्व कप्तान और दिग्गज खिलाड़ी रोहित शर्मा के स्थापित रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है।

    मैदान पर अपनी कलात्मक बल्लेबाजी के लिए पहचानी जाने वाली मंधाना ने जैसे ही इस मुकाबले में व्यक्तिगत स्तर पर तेरहवां रन बनाया वैसे ही उन्होंने रोहित शर्मा के पूर्ववर्ती रनों के आंकड़े को पार कर लिया। रोहित शर्मा ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस प्रारूप से विदाई लेने से पहले जो शिखर स्थापित किया था उसे अब मंधाना ने नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है। स्मृति मंधाना के नाम अब एक सौ इकसठ मैचों में चार हजार दो सौ चवालीस रन दर्ज हो गए हैं जो उन्हें भारतीय क्रिकेट इतिहास का सबसे सफल टी20 बल्लेबाज बनाता है।

    मैच के घटनाक्रम पर नजर डालें तो विपक्षी टीम ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया था। भारतीय टीम ने निर्धारित ओवरों में सात विकेट खोकर एक चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया। हालांकि लक्ष्य का पीछा करते हुए विरोधी टीम ने अंतिम क्षणों में जीत हासिल कर ली लेकिन भारतीय खेमे के लिए मंधाना की यह व्यक्तिगत सफलता सबसे बड़ी चर्चा का विषय बनी रही। हार के बावजूद मंधाना के बल्ले से निकला यह रिकॉर्ड भारतीय महिला क्रिकेट के सशक्तिकरण और वैश्विक मंच पर उनकी बढ़ती धमक का प्रतीक बनकर उभरा है।

    विश्व स्तर पर सर्वाधिक टी20 रनों की सूची पर गौर करें तो स्मृति मंधाना अब दूसरे पायदान पर पहुंच गई हैं। उनसे आगे अब केवल न्यूजीलैंड की एक खिलाड़ी का नाम आता है जबकि भारतीय खिलाड़ियों की सूची में मंधाना अब शीर्ष पर विराजमान हैं। मंधाना के बाद रोहित शर्मा और फिर हरमनप्रीत कौर का स्थान आता है। मंधाना का यह सफर आने वाले समय में युवा महिला क्रिकेटरों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा। यह उपलब्धि केवल आंकड़ों का खेल नहीं है बल्कि यह महिला क्रिकेट के प्रति बदलते नजरिए और मैदान पर उनके अटूट समर्पण की जीत है।

  • साहिबजादा फरहान का विवादित बयान, सोशल मीडिया पर मची हलचल

    साहिबजादा फरहान का विवादित बयान, सोशल मीडिया पर मची हलचल



    नई दिल्ली। पाकिस्तान क्रिकेट के ओपनर साहिबजादा फरहान का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसने क्रिकेट फैन्स और पूर्व खिलाड़ियों को हैरान कर दिया है। वीडियो में फरहान ने सचिन तेंदुलकर, वीरेंद्र सहवाग, रोहित शर्मा और सईद अनवर जैसे दिग्गज बल्लेबाजों को पीछे छोड़ते हुए अहमद शहजाद को अपना पसंदीदा और सर्वश्रेष्ठ ओपनर बताया।

    सोशल मीडिया पर हुआ हंगामा
    फरहान के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर जमकर आलोचना हुई। 

    पूर्व पाकिस्तानी खिलाड़ियों की प्रतिक्रिया
    पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर बासित अली ने इस बयान को सुनकर मजाकिया अंदाज में कहा,

    “यह सौ फीसदी फेक है। साहिबजादा फरहान अभी पागल नहीं हुए हैं कि वे सचिन तेंदुलकर से ऊपर अहमद शहजाद को चुन लें। मैं हाथ जोड़कर कहता हूं, इस टॉपिक को यहीं खत्म कर दीजिए।”

    वहीं, कामरान अकमल ने कहा,

    “फरहान को अपने जवाब सोच-समझकर देना चाहिए था। अपना आइडल बताना ठीक है, लेकिन सचिन और सईद अनवर जैसे दिग्गजों से तुलना करना सही नहीं है। जवाब देने का तरीका बेहतर हो सकता था।”

    इस विवाद के बाद बासित अली और कामरान अकमल ने मिलकर फरहान से सार्वजनिक माफी भी मांगी।

    साहिबजादा फरहान का क्रिकेट करियर
    फरहान पाकिस्तान के लिए टी20 इंटरनेशनल में नियमित ओपनर बन चुके हैं। अब तक उन्होंने 37 टी20 मैचों में 917 रन बनाए हैं, जिसमें 8 अर्धशतक शामिल हैं। हालांकि उन्हें अभी तक वनडे और टेस्ट डेब्यू का मौका नहीं मिला है।

    आगामी टी20 वर्ल्ड कप में भूमिका
    साहिबजादा फरहान को आगामी टी20 वर्ल्ड कप के लिए पाकिस्तान की प्रोविजनल स्क्वाड में शामिल किया गया है। आईसीसी के नियमों के अनुसार 31 जनवरी तक टीम में बदलाव संभव है, इसके बाद किसी भी बदलाव के लिए आईसीसी की अनुमति आवश्यक होगी।