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  • चेन्नई ने दर्ज की सबसे बड़ी जीत, रनों के अंतर से बनाया नया कीर्तिमान..

    चेन्नई ने दर्ज की सबसे बड़ी जीत, रनों के अंतर से बनाया नया कीर्तिमान..


    नई दिल्ली। क्रिकेट के ऐतिहासिक मैदान वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए सीजन के 33वें मुकाबले में चेन्नई ने मेजबान मुंबई को खेल के हर विभाग में पूरी तरह से पछाड़ दिया। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी चेन्नई की टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में 6 विकेट के नुकसान पर 207 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। चेन्नई की इस पारी के सूत्रधार सलामी बल्लेबाज संजू सैमसन रहे, जिन्होंने मात्र 54 गेंदों में नाबाद 101 रनों की शतकीय पारी खेलकर विपक्षी गेंदबाजों की धज्जियां उड़ा दीं। इस शतक के साथ सैमसन ने टी20 प्रारूप में रोहित शर्मा के 8 शतकों के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है और अब वे इस सूची में संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर पहुंच गए हैं।

    208 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी मुंबई की शुरुआत बेहद निराशाजनक रही। टीम ने महज 11 रनों के स्कोर पर अपने 3 महत्वपूर्ण विकेट गंवा दिए थे। सलामी जोड़ी और शुरुआती बल्लेबाज खाता खोलने में भी संघर्ष करते नजर आए। मध्यक्रम में सूर्यकुमार यादव (35) और तिलक वर्मा (37) ने 70 रनों की साझेदारी कर पारी को संभालने की कोशिश जरूर की, लेकिन स्पिन गेंदबाजों के घातक जाल के सामने मध्यक्रम ताश के पत्तों की तरह ढह गया। कप्तान और अनुभवी विदेशी खिलाड़ी भी बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए। पूरी टीम 19 ओवर में महज 104 रनों पर सिमट गई।

    गेंदबाजी में चेन्नई की ओर से अकील होसेन सबसे सफल रहे, जिन्होंने 4 विकेट चटकाकर मुंबई की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। वहीं नूर अहमद ने भी दो महत्वपूर्ण सफलताएं हासिल कीं। यह मैच चेन्नई के लिए भावनात्मक रूप से भी खास था, क्योंकि पूरी टीम ने अपने एक साथी खिलाड़ी की दिवंगत माता को श्रद्धांजलि देने के लिए काली पट्टी बांधकर मैदान संभाला था। उस तेज गेंदबाज ने भी व्यक्तिगत दुख के बावजूद टीम के लिए शानदार खेल दिखाया और एक विकेट हासिल किया। इस जीत के साथ ही चेन्नई ने मुंबई के खिलाफ सर्वाधिक जीत दर्ज करने वाली टीम बनने का गौरव भी प्राप्त कर लिया है।

    प्रशंसकों को इस मैच में कुछ दिग्गज खिलाड़ियों की वापसी की उम्मीद थी, लेकिन चोट और फिटनेस संबंधी कारणों से वे मैदान पर नहीं उतर सके। इस करारी हार ने मुंबई के लिए मौजूदा सीजन की राह को और अधिक चुनौतीपूर्ण बना दिया है, जबकि चेन्नई ने इस धमाकेदार प्रदर्शन से अंक तालिका में अपनी स्थिति काफी मजबूत कर ली है। वानखेड़े की पिच पर स्पिनरों का बोलबाला रहा, जहाँ मेहमान टीम के फिरकी गेंदबाजों ने बल्लेबाजों को क्रीज पर टिकने का कोई मौका नहीं दिया।

  • 9 गेंदों में फिफ्टी, रिकॉर्ड चकनाचूर: नेपाल की ऐतिहासिक जीत के नायक बने दीपेंद्र सिंह ऐरी

    9 गेंदों में फिफ्टी, रिकॉर्ड चकनाचूर: नेपाल की ऐतिहासिक जीत के नायक बने दीपेंद्र सिंह ऐरी


    नई दिल्ली । नेपाल क्रिकेट के इतिहास में एक नई सुबह तब दर्ज हुई जब टीम ने टी20 वर्ल्ड कप में स्कॉटलैंड को 7 विकेट से हराकर पहली जीत हासिल की। 12 सालों से बड़े मंच पर जीत का इंतजार कर रही नेपाल की टीम के लिए यह पल बेहद खास था और इस ऐतिहासिक जीत के केंद्र में रहे युवा ऑलराउंडर दीपेंद्र सिंह ऐरी। 171 रनों के चुनौतीपूर्ण लक्ष्य का पीछा करते हुए ऐरी ने महज 23 गेंदों में नाबाद 50 रन ठोक दिए। उनकी पारी में 4 चौके और 3 गगनचुंबी छक्के शामिल रहे। जब दबाव चरम पर था तब उनके बल्ले से निकली यह विस्फोटक पारी नेपाल की जीत की गारंटी बन गई। इस शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।

    24 जनवरी 2000 को जन्मे दीपेंद्र सिंह ऐरी नेपाल क्रिकेट की नई पीढ़ी के प्रतीक माने जाते हैं। अगस्त 2018 में उन्होंने नीदरलैंड के खिलाफ नेपाल के पहले वनडे मुकाबले में अंतरराष्ट्रीय पदार्पण किया था। कम उम्र में ही उन्होंने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी और उपयोगी ऑफ-स्पिन गेंदबाजी से टीम में अहम जगह बना ली। लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनकी असली पहचान तब बनी जब उन्होंने एशियाई खेलों में विश्व रिकॉर्ड कायम किया।

    चीन के हांग्जो में आयोजित एशियाई खेल 2022 के दौरान मंगोलिया के खिलाफ मुकाबले में ऐरी ने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का सबसे तेज अर्धशतक जड़ दिया। उन्होंने सिर्फ 9 गेंदों में फिफ्टी पूरी कर दुनिया को चौंका दिया। इस पारी में उन्होंने 10 गेंदों पर 8 छक्कों की मदद से 52 रन बनाए और उनका स्ट्राइक रेट 500 से भी अधिक रहा। इसके साथ ही उन्होंने भारतीय दिग्गज युवराज सिंह का 16 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। युवराज ने आईसीसी टी20 विश्व कप 2007 में इंग्लैंड के खिलाफ 12 गेंदों पर अर्धशतक बनाया था जो लंबे समय तक विश्व रिकॉर्ड रहा। ऐरी ने उस ऐतिहासिक उपलब्धि को पीछे छोड़ते हुए नया कीर्तिमान स्थापित किया।

    इतना ही नहीं अप्रैल 2024 में ACC प्रीमियर कप के दौरान कतर के खिलाफ उन्होंने एक ओवर में लगातार छह छक्के जड़ दिए और टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में ऐसा करने वाले दुनिया के तीसरे खिलाड़ी बने। उस मुकाबले में उनकी विस्फोटक बल्लेबाजी की बदौलत नेपाल ने 20 ओवर में 300 रन का आंकड़ा पार किया जो अपने आप में ऐतिहासिक उपलब्धि थी।

    आज दीपेंद्र सिंह ऐरी को नेपाल के सर्वश्रेष्ठ ऑलराउंडरों में गिना जाता है। वह आईसीसी टी20आई ऑलराउंडर रैंकिंग में भी शीर्ष खिलाड़ियों में शामिल हैं। उनकी खासियत है बड़े मंच पर निडर होकर खेलना और दबाव में टीम को जीत दिलाना। स्कॉटलैंड के खिलाफ उनकी नाबाद 50 रन की पारी ने यह साबित कर दिया कि वह सिर्फ रिकॉर्ड बनाने वाले खिलाड़ी नहीं बल्कि मैच जिताने वाले सितारे हैं। नेपाल क्रिकेट के लिए ऐरी नई उम्मीद नया आत्मविश्वास और नई पहचान बन चुके हैं। अगर उनका यही फॉर्म जारी रहा तो आने वाले समय में वे विश्व क्रिकेट के सबसे चर्चित ऑलराउंडरों में शामिल हो सकते हैं।

  • IND vs SA: हार्दिक पंड्या ने रचा इतिहास, 1000 रन–100 विकेट पूरे; गिल बने 2025 के नंबर-1 बैटर, रिकॉर्ड्स की बरसात

    IND vs SA: हार्दिक पंड्या ने रचा इतिहास, 1000 रन–100 विकेट पूरे; गिल बने 2025 के नंबर-1 बैटर, रिकॉर्ड्स की बरसात


    नई दिल्ली /भारत और साउथ अफ्रीका के बीच खेली गई टी-20 सीरीज का तीसरा मुकाबला यादगार बन गया। धर्मशाला में खेले गए इस मैच में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए साउथ अफ्रीका को 7 विकेट से हरा दिया। 118 रन के छोटे लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत ने 15.5 ओवर में ही मुकाबला अपने नाम कर लिया। इससे पहले साउथ अफ्रीका की पूरी टीम 20 ओवर में 117 रन पर सिमट गई थी।

    इस मैच की सबसे बड़ी उपलब्धि हार्दिक पंड्या के नाम रही। हार्दिक टी-20 इंटरनेशनल क्रिकेट में 1000 से ज्यादा रन बनाने और 100 विकेट लेने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए। उन्होंने यह ऐतिहासिक उपलब्धि 1939 रन और 100 विकेट के साथ हासिल की। खास बात यह है कि हार्दिक इस क्लब में शामिल होने वाले पहले फास्ट बॉलिंग ऑलराउंडर भी हैं। उनसे पहले इस सूची में केवल शाकिब अल हसन, मोहम्मद नबी और सिकंदर रजा जैसे स्पिन ऑलराउंडर शामिल थे। इसके अलावा हार्दिक भारत के लिए टी-20 इंटरनेशनल में 100 विकेट लेने वाले तीसरे गेंदबाज भी बन गए, उनसे पहले यह कारनामा जसप्रीत बुमराह और अर्शदीप सिंह कर चुके हैं।

    मैच में शुभमन गिल ने भी एक बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम किया। गिल ने 28 रनों की पारी खेलते हुए साल 2025 में तीनों फॉर्मेट टेस्ट, वनडे और टी-20) में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बनने का गौरव हासिल किया। उनके कुल रन 1764 हो गए हैं, जिससे उन्होंने वेस्टइंडीज के शाई होप 1753 रन को पीछे छोड़ दिया। गिल ने यह मुकाम अपनी पारी का 18वां रन बनाते ही हासिल कर लिया। ओपनिंग में अभिषेक शर्मा ने एक बार फिर आक्रामक अंदाज दिखाया। उन्होंने टी-20 इंटरनेशनल में तीसरी बार पारी की पहली ही गेंद पर छक्का जड़ा। इसके साथ ही वह ऐसा करने वाले इकलौते भारतीय बल्लेबाज बन गए। इससे पहले रोहित शर्मा, संजू सैमसन और यशस्वी जायसवाल यह उपलब्धि एक-एक बार हासिल कर चुके हैं।

    गेंदबाजी में वरुण चक्रवर्ती ने भी खास उपलब्धि दर्ज की। उन्होंने सिर्फ 30 पारियों में अपने 50 टी-20 इंटरनेशनल विकेट पूरे किए और इस मामले में भारत के दूसरे सबसे तेज गेंदबाज बन गए। उनसे आगे केवल कुलदीप यादव हैं, जिन्होंने 29 पारियों में यह आंकड़ा छुआ था। गेंदों के लिहाज से भी वरुण का प्रदर्शन शानदार रहा। उन्होंने 672 गेंदों में 50 विकेट पूरे कर लिए और इमरान ताहिर तथा राशिद खान जैसे दिग्गजों को पीछे छोड़ दिया। अर्शदीप सिंह ने भी एक बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम किया। वे टी-20 इंटरनेशनल के पावरप्ले ओवरों में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले भारतीय गेंदबाज बन गए। उन्होंने शुरुआती छह ओवरों में अब तक 48 विकेट चटकाए हैं और भुवनेश्वर कुमार को पीछे छोड़ दिया।

    मैच के दौरान कई रोचक मोमेंट्स देखने को मिले। अर्शदीप सिंह ने पहले ही ओवर में रीजा हेंड्रिक्स को DRS के जरिए आउट कर भारत को शुरुआती सफलता दिलाई। वहीं 15वें ओवर में ऐडन मार्करम को जीवनदान मिला, जब हर्षित राणा उनका कैच नहीं पकड़ सके। इसके बावजूद मार्करम ने 18वें ओवर में छक्का जड़कर अपनी फिफ्टी पूरी की। साउथ अफ्रीका के लिए यह मैच निराशाजनक रहा। क्विंटन डी कॉक टी-20 इंटरनेशनल में नौवीं बार शून्य पर आउट हुए, जो उनके करियर का एक नकारात्मक रिकॉर्ड है। कुल मिलाकर यह मुकाबला भारतीय टीम के लिए रिकॉर्ड्स और आत्मविश्वास से भरा रहा। बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग-तीनों विभागों में भारत ने साउथ अफ्रीका पर पूरी तरह दबदबा बनाए रखा और सीरीज में अपनी मजबूती साबित की।