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  • टी20 क्रिकेट में जोस बटलर ने रचा नया इतिहास, वेस्टइंडीज के कीरोन पोलार्ड का महारिकॉर्ड किया ध्वस्त

    टी20 क्रिकेट में जोस बटलर ने रचा नया इतिहास, वेस्टइंडीज के कीरोन पोलार्ड का महारिकॉर्ड किया ध्वस्त

    नई दिल्ली । इंग्लैंड के अनुभवी विकेटकीपर बल्लेबाज जोस बटलर ने टी20 क्रिकेट में एक नया स्वर्णिम अध्याय जोड़ दिया है। उन्होंने अपने खेल के इस प्रारूप में सर्वाधिक रन बनाने का विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि को हासिल करने के क्रम में उन्होंने वेस्टइंडीज के पूर्व दिग्गज ऑलराउंडर कीरोन पोलार्ड के लंबे समय से चले आ रहे रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। बटलर की इस उपलब्धि से दुनिया भर के क्रिकेट जगत में उनके खेल कौशल की सराहना हो रही है।

    अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी शैली के लिए मशहूर बटलर ने मैच की शुरुआत से ही गेंदबाजों पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने एक ताबड़तोड़ अर्धशतकीय पारी खेलकर अपनी टीम को न केवल एक आसान और महत्वपूर्ण जीत दिलाई, बल्कि व्यक्तिगत स्तर पर भी एक बड़ा मुकाम हासिल किया। उनकी इस मैच जिताऊ पारी की बदौलत टीम ने अंक तालिका में अपनी स्थिति को काफी मजबूत कर लिया है और लगातार मिल रही हार के सिलसिले पर भी विराम लगा दिया है।

    इस रिकॉर्ड को अपने नाम करने के बाद इंग्लैंड के स्टार बल्लेबाज ने अपनी प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि ऐसे कीर्तिमान हासिल करना किसी भी खिलाड़ी के लिए गर्व की बात होती है। बटलर ने खेल भावना का परिचय देते हुए यह भी कहा कि रिकॉर्ड बनते ही टूटने के लिए हैं और आने वाले समय में नई पीढ़ी के युवा खिलाड़ी इससे भी बड़े मुकाम तय करेंगे। उनके इस सकारात्मक रुख की खेल प्रेमियों ने काफी सराहना की।

    यह ऐतिहासिक उपलब्धि बटलर के लिए इसलिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि पिछले कुछ समय से वह अपनी खराब फॉर्म को लेकर आलोचकों के निशाने पर थे। लगातार असफलताओं के बाद भी उन्होंने अपनी मेहनत और तकनीक पर काम करना जारी रखा। कठिन दौर से गुजरने के बाद की गई यह धमाकेदार वापसी उनके आत्मविश्वास और खेल के प्रति समर्पण को दर्शाती है।

    हालांकि टी20 क्रिकेट के इस शीर्ष स्थान के लिए आने वाले समय में मुकाबला और दिलचस्प होने की उम्मीद है। कीरोन पोलार्ड अभी भी विभिन्न वैश्विक लीगों में सक्रिय हैं और उनके पास वापसी का मौका रहेगा। इसके अलावा एलेक्स हेल्स, डेविड वॉर्नर और विराट कोहली जैसे दिग्गज बल्लेबाज भी इस रेस में ज्यादा पीछे न

  • टी20 में नंबर-1 बनी टीम इंडिया, जिम्बाब्वे का किया क्लीन स्वीप, तीसरा मुकाबला 35 रन से जीता

    टी20 में नंबर-1 बनी टीम इंडिया, जिम्बाब्वे का किया क्लीन स्वीप, तीसरा मुकाबला 35 रन से जीता


    हरारे।
    भारतीय क्रिकेट टीम ने तीसरे और अंतिम टी20 मुकाबले में जिम्बाब्वे को 35 रन से हराकर तीन मैचों की श्रृंखला 3-0 से अपने नाम कर ली। हाल ही में आईसीसी टी20 रैंकिंग में दोबारा शीर्ष स्थान हासिल करने वाली टीम इंडिया ने इस जीत के साथ अपने शानदार फॉर्म को भी बरकरार रखा।

    टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने निर्धारित 20 ओवर में 192 रन बनाए। जवाब में जिम्बाब्वे की टीम 20 ओवर में 157 रन ही बना सकी और भारत ने मुकाबला 35 रन से जीत लिया।

    भारत की जीत के नायक युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी रहे। उन्होंने 49 गेंदों में 81 रन की शानदार पारी खेली और टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया। उनके सलामी जोड़ीदार अभिषेक शर्मा मात्र 02 रन बनाकर आउट हो गए। इसके बाद ईशान किशन ने 29 रन और कप्तान श्रेयस अय्यर ने 27 रन का योगदान दिया। अंतिम ओवरों में रिंकू सिंह ने 14 गेंदों पर 25 रनों की तेज पारी खेलकर टीम का स्कोर 192 तक पहुंचाया।

    लक्ष्य का पीछा करने उतरी जिम्बाब्वे की शुरुआत खराब रही। तेज गेंदबाज मयंक यादव ने पहले मैच की तरह इस बार भी पारी की पहली ही गेंद पर ब्रायन बेनेट को आउट कर भारत को शानदार शुरुआत दिलाई। मयंक ने अपनी तेज और सटीक गेंदबाजी से तीन विकेट झटके और विपक्षी बल्लेबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा।

    डेब्यू कर रहे अशोक शर्मा ने भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपना पहला विकेट हासिल किया। हालांकि, उनके स्पेल के दौरान एक आसान कैच छूट गया था, लेकिन बाद में उन्होंने तदिवानाशे मरुमानी को क्लीन बोल्ड कर अपने करियर का पहला अंतरराष्ट्रीय विकेट दर्ज किया।

    हालांकि भारतीय टीम की फील्डिंग उम्मीद के अनुरूप नहीं रही और खिलाड़ियों ने कई आसान कैच छोड़े, फिर भी गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जिम्बाब्वे को लक्ष्य तक नहीं पहुंचने दिया।

    यह सीरीज जीत भारत के लिए इसलिए भी खास रही क्योंकि हाल ही में टीम ने आईसीसी टी20 रैंकिंग में फिर से दुनिया की नंबर-1 टीम का स्थान हासिल किया है। आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज हारने के बाद भारत शीर्ष स्थान से नीचे खिसक गया था, लेकिन जिम्बाब्वे के खिलाफ लगातार तीन जीत के दम पर उसने एक बार फिर शीर्ष स्थान पर कब्जा मजबूत कर लिया।

    इस शानदार जीत के साथ टीम इंडिया ने न केवल श्रृंखला में क्लीन स्वीप किया, बल्कि आगामी अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों के लिए भी अपना आत्मविश्वास और मनोबल मजबूत किया।

  • श्रेयस अय्यर की कप्तानी में हरारे में युवा ब्रिगेड का शक्ति परीक्षण: प्रभसिमरन, हर्ष, अशोक और यश में से किसे मिलेगा डेब्यू का मौका?

    श्रेयस अय्यर की कप्तानी में हरारे में युवा ब्रिगेड का शक्ति परीक्षण: प्रभसिमरन, हर्ष, अशोक और यश में से किसे मिलेगा डेब्यू का मौका?

    नई दिल्ली । इंग्लैंड दौरे की समाप्ति के उपरांत भारतीय क्रिकेट टीम अब जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला में अपनी चुनौती पेश करने के लिए पूरी तरह तैयार है। 23 जुलाई से हरारे स्पोर्ट्स क्लब में शुरू हो रही इस श्रृंखला के लिए भारतीय चयनकर्ताओं ने श्रेयस अय्यर के नेतृत्व में युवा और ऊर्जावान खिलाड़ियों से सुसज्जित टीम की घोषणा की है। इस दौरे का सबसे मुख्य आकर्षण राष्ट्रीय टीम में शामिल किए गए चार नए चेहरे—विकेटकीपर बल्लेबाज प्रभसिमरन सिंह, स्पिन ऑलराउंडर हर्ष दुबे, तथा तेज गेंदबाज अशोक शर्मा और यश ठाकुर हैं। घरेलू प्रतियोगिताओं एवं इंडियन प्रीमियर लीग में निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन के बल पर राष्ट्रीय टीम का टिकट हासिल करने वाले इन खिलाड़ियों के बीच प्लेइंग इलेवन में स्थान बनाकर नीली जर्सी पहनने की होड़ लगी हुई है।

    टीम प्रबंधन के सामने पहले मुकाबले की अंतिम एकादश के चयन को लेकर सुखद धर्मसंकट की स्थिति निर्मित हो गई है। पंजाब किंग्स के लिए अपनी आक्रामक बल्लेबाजी का लोहा मनवा चुके प्रभसिमरन सिंह शीर्ष क्रम में एक विस्फोटक बल्लेबाज और बैकअप विकेटकीपर के रूप में एक मजबूत विकल्प प्रस्तुत करते हैं। उन्होंने टी20 प्रारूप में 150 से अधिक की स्ट्राइक रेट से निरंतर रन बनाए हैं। दूसरी ओर, बाएं हाथ के स्पिन ऑलराउंडर हर्ष दुबे निचले क्रम में उपयोगी बल्लेबाजी और किफायती गेंदबाजी से टीम संतुलन को मजबूती प्रदान कर सकते हैं। अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे डेब्यू कर चुके हर्ष टी20 प्रारूप में भी अपनी बहुमुखी प्रतिभा का प्रभाव छोड़ने के लिए पूरी तरह मुस्तैद दिख रहे हैं।

    गेंदबाजी आक्रमण को धार देने के लिए राजस्थान के 145-150 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गेंद फेंकने वाले अशोक शर्मा और डेथ ओवरों के विशेषज्ञ माने जाने वाले विदर्भ के यश ठाकुर कड़े दावेदार हैं। सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में सर्वाधिक विकेट लेने वाले अशोक शर्मा अपनी तीखी गति से जिम्बाब्वे के बल्लेबाजों को परेशानी में डाल सकते हैं, जबकि घरेलू क्रिकेट और इंडिया-ए के लिए 110 विकेट चटका चुके यश ठाकुर अंतिम ओवरों में अपनी सटीक यॉर्कर गेंदबाजी के लिए जाने जाते हैं। भारतीय टीम प्रबंधन परिस्थितियों और पिच के मिजाज को ध्यान में रखते हुए कम से कम दो नए खिलाड़ियों को पदार्पण का अवसर दे सकता है।

    तीन मैचों की इस टी20 श्रृंखला का दूसरा मुकाबला 25 जुलाई तथा अंतिम मैच 26 जुलाई को हरारे में ही आयोजित किया जाएगा। आगामी बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों को देखते हुए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड का ध्यान इस श्रृंखला के माध्यम से बेंच स्ट्रेंथ को परखने पर केंद्रित है। युवा खिलाड़ियों के पास अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी उपयोगिता साबित करने का यह स्वर्णिम अवसर होगा। मुख्य कोच और कप्तान श्रेयस अय्यर की रणनीतिक योजना में इन नए चेहरों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रहने वाली है, और क्रिकेट विशेषज्ञों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि 23 जुलाई को हरारे के मैदान पर कौन सा युवा खिलाड़ी भारत के लिए अपनी पहली टी20 कैप हासिल करने में सफल रहता है।

  • बदले हुए अंदाज में दिखे संजू सैमसन, शानदार फॉर्म पर दीप दासगुप्ता ने की जमकर तारीफ

    बदले हुए अंदाज में दिखे संजू सैमसन, शानदार फॉर्म पर दीप दासगुप्ता ने की जमकर तारीफ

    नई दिल्ली।
    आईपीएल 2026 में संजू सैमसन का प्रदर्शन इस समय चर्चा का केंद्र बना हुआ है। उनकी बल्लेबाजी में जो आत्मविश्वास और निरंतरता नजर आ रही है, उसने क्रिकेट प्रेमियों के साथ-साथ पूर्व खिलाड़ियों को भी प्रभावित किया है। हाल ही में खेली गई उनकी एक शानदार पारी ने यह साबित कर दिया कि वह मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं।

    दिल्ली के खिलाफ खेले गए मुकाबले में सैमसन ने नाबाद 87 रन बनाकर अपनी टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। उनकी इस पारी में धैर्य और आक्रामकता का संतुलन देखने को मिला, जिसने दर्शकों को रोमांचित कर दिया। वह शुरुआत से ही नियंत्रण में नजर आए और अंत तक टिके रहे।

    पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज दीप दासगुप्ता ने उनके इस प्रदर्शन की खुलकर सराहना की है। उन्होंने कहा कि अब वही रूप देखने को मिल रहा है, जिसकी उम्मीद लंबे समय से की जा रही थी। पहले सैमसन की बल्लेबाजी में प्रतिभा तो नजर आती थी, लेकिन निरंतरता की कमी उन्हें पीछे रखती थी। अब यह कमी दूर होती दिख रही है।

    उन्होंने यह भी कहा कि हाल के समय में सैमसन ने बड़े मुकाबलों में खुद को साबित किया है और दबाव की परिस्थितियों में बेहतर प्रदर्शन किया है। यह बदलाव उनके आत्मविश्वास को दर्शाता है और बताता है कि वह अब एक परिपक्व खिलाड़ी के रूप में उभर रहे हैं।

    दिल्ली के खिलाफ मैच में उनकी बल्लेबाजी इतनी प्रभावशाली रही कि ऐसा लगा जैसे वह बाकी खिलाड़ियों से अलग स्तर पर खेल रहे हों। उन्होंने गेंदबाजों को पूरी तरह दबाव में रखा और अपनी टीम को लक्ष्य तक आसानी से पहुंचाया।

    सीजन की शुरुआत उनके लिए कुछ खास नहीं रही थी, लेकिन उन्होंने जल्द ही अपनी लय हासिल कर ली। इसके बाद से उन्होंने लगातार अच्छी पारियां खेली हैं, जिसमें शतक और अर्धशतक शामिल हैं। उनकी इस वापसी ने टीम को भी मजबूती दी है।

    टीम की सफलता में सैमसन की भूमिका लगातार बढ़ती जा रही है। उनकी बल्लेबाजी के दम पर टीम ने कई महत्वपूर्ण मुकाबले जीते हैं और उन्होंने कई बार मैच का रुख अपने पक्ष में किया है।

    संजू सैमसन का यह प्रदर्शन उनके करियर के लिए एक अहम मोड़ साबित हो सकता है। यदि वह इसी तरह अपने खेल को बनाए रखते हैं, तो आने वाले समय में वह और भी बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं और टीम के लिए एक भरोसेमंद खिलाड़ी बनकर उभर सकते हैं।

  • BJP का कांग्रेस पर हमला: थरूर की गंभीर की तारीफ पर फिर उठे ‘फतवे’ के सवाल

    BJP का कांग्रेस पर हमला: थरूर की गंभीर की तारीफ पर फिर उठे ‘फतवे’ के सवाल



    नई दिल्ली। नागपुर में न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले टी20 से पहले कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भारतीय क्रिकेट कोच गौतम गंभीर के साथ सेल्फी शेयर की और उनकी तारीफ की, जिसके बाद भाजपा ने कांग्रेस पर सवाल खड़े कर दिए हैं। BJP का आरोप है कि थरूर की यह प्रतिक्रिया कांग्रेस की राजनीति के खिलाफ है और अब उन्हें पार्टी से ‘फतवा’ मिल सकता है।

    भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि कांग्रेस को थरूर की नागपुर यात्रा, गंभीर से मुलाकात या उनकी प्रशंसा में से कौन सी बात ज्यादा खलती है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या थरूर के खिलाफ एक और “कांग्रेस फतवा” जारी होने वाला है।

    थरूर ने गंभीर को “प्रधानमंत्री मोदी के बाद सबसे कठिन काम करने वाला इंसान” बताया और कहा कि लाखों लोग उनके फैसलों पर सवाल उठाते हैं, फिर भी वह शांत रहते हैं और आगे बढ़ते हैं। उन्होंने गंभीर की नेतृत्व क्षमता की तारीफ करते हुए उन्हें सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं।

    गंभीर ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी और कहा कि जब समय आएगा, तब कोच के कथित ‘असीमित अधिकार’ पर सच्चाई सामने आएगी। उन्होंने लिखा कि खुद के खिलाफ खड़ा देखकर उन्हें हंसी आ रही है।

    यह विवाद राजनीतिक स्तर पर बढ़ता जा रहा है, क्योंकि थरूर की आलोचना और प्रशंसा दोनों ही पक्षों के बीच नई बहस का कारण बन गई है।

  • यशस्वी जायसवाल फॉर्म और किस्मत का सही संयोजन जरूरी

    यशस्वी जायसवाल फॉर्म और किस्मत का सही संयोजन जरूरी

    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट के युवा सितारे यशस्वी जायसवाल ने खुद को एक शानदार बल्लेबाज के रूप में साबित किया है जो तीनों फॉर्मेट में शतक लगा चुका है। उनकी क्षमता किसी भी क्रिकेट फॉर्मेट में खेलने और प्रदर्शन करने की है लेकिन फिर भी उन्हें अपनी जगह पक्की करने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। 24 साल के यशस्वी जायसवाल का जन्म 28 दिसंबर 2001 को उत्तर प्रदेश के भदोही जिले में हुआ था। मुंबई में अपने परिवार के साथ बसीं जायसवाल ने यहां क्रिकेट में अपना करियर बनाने का सपना देखा और बेहद कठिन आर्थिक हालातों के बावजूद उन्होंने संघर्ष करके खुद को एक अच्छे बल्लेबाज के रूप में स्थापित किया।
    घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में शानदार प्रदर्शन के बाद उन्हें 14 जुलाई 2023 को वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू का मौका मिला। इसके बाद उन्होंने उसी साल टी20 डेब्यू किया और 2025 में वनडे डेब्यू किया। जायसवाल ने अब तक तीनों फॉर्मेट में खुद को एक विस्फोटक और भरोसेमंद सलामी बल्लेबाज के रूप में साबित किया है। वह उन चुनिंदा खिलाड़ियों में से हैं जिन्होंने तीनों फॉर्मेट में शतक लगाया है। हालांकि इसके बावजूद वनडे और टी20 में उनकी जगह अभी तक स्थिर नहीं हो पाई है।

    किस्मत का साथ जरूरी है

    क्रिकेट में फॉर्म के साथ-साथ किस्मत का भी बहुत बड़ा योगदान होता है। यशस्वी जायसवाल के पास फॉर्म तो है लेकिन उनकी किस्मत उनके साथ उतनी मेहरबान नहीं है जितनी होनी चाहिए। उदाहरण के तौर पर 2024 में होने वाले टी20 विश्व कप के लिए उनका चयन तो किया गया था लेकिन उन्हें एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला। वहीं 2026 के टी20 विश्व कप के लिए उन्हें टीम में जगह नहीं मिली जो उनके लिए एक बड़ा झटका हो सकता है।वनडे में भी जायसवाल को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ गिल की चोट के कारण मौका मिला था और उन्होंने आखिरी वनडे मैच में शतक भी लगाया। हालांकि गिल की वापसी के बाद यह देखना होगा कि उन्हें न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली आगामी वनडे सीरीज में खेलने का मौका मिलता है या नहीं।

    टेस्ट क्रिकेट में सफलता

    टेस्ट क्रिकेट में जायसवाल का प्रदर्शन बेहतरीन रहा है। डेब्यू के बाद से ही उन्हें लगातार मौके मिलते रहे हैं और उन्होंने इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसी चुनौतीपूर्ण पिचों पर भी रन बनाए हैं। टेस्ट क्रिकेट में उनकी सफलता ने उन्हें भारतीय टीम में एक महत्वपूर्ण सदस्य बना दिया है।आईपीएल में भी उनका प्रदर्शन शानदार रहा है। वह राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलते हैं और वहां भी उन्होंने अपने आक्रामक खेल से अपनी पहचान बनाई है। आईपीएल में उनका रन-स्कोरिंग फॉर्म जबरदस्त रहा है जिससे उन्होंने भारतीय क्रिकेट प्रेमियों का दिल जीता है।

    जायसवाल के आंकड़े

    यशस्वी जायसवाल ने अब तक 28 टेस्ट मैचों में 7 शतकों के साथ 2511 रन बनाए हैं। वहीं 4 वनडे मैचों में 1 शतक के साथ 171 रन और 23 टी20 मैचों में 1 शतक और 5 अर्धशतकों के साथ 723 रन उनके नाम पर दर्ज हैं। इन आंकड़ों से यह स्पष्ट होता है कि वह किसी भी फॉर्मेट में लगातार प्रदर्शन कर सकते हैं और भविष्य में भारतीय टीम के लिए एक अहम खिलाड़ी साबित हो सकते हैं।

    भविष्य की उम्मीदें

    यद्यपि यशस्वी जायसवाल को फिलहाल लगातार खेलने का मौका नहीं मिल रहा है लेकिन उनका भविष्य बेहद उज्जवल दिखता है। क्रिकेट में फॉर्म और किस्मत दोनों का साथ होना जरूरी होता है और जायसवाल के मामले में यह देखना दिलचस्प होगा कि आगे आने वाले समय में उन्हें और अधिक मौके मिलते हैं या नहीं। यशस्वी जायसवाल का क्रिकेट करियर अब तक शानदार रहा है और उनकी मेहनत और प्रतिबद्धता को देखकर यह कहना गलत नहीं होगा कि वह भविष्य में तीनों फॉर्मेट में भारतीय टीम का हिस्सा बनकर मैदान में अपना जलवा दिखाते रहेंगे।