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  • आएशा जफर की ऑलराउंड चमक, पाकिस्तान ने आखिरी मैच जीता, सीरीज श्रीलंका के कब्जे में

    आएशा जफर की ऑलराउंड चमक, पाकिस्तान ने आखिरी मैच जीता, सीरीज श्रीलंका के कब्जे में


    नई दिल्ली । श्रीलंका और पाकिस्तान महिला क्रिकेट टीमों के बीच खेली गई तीन मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज का समापन रोमांचक मुकाबले के साथ हुआ। दांबुला के रंगिरी दांबुला इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले गए तीसरे और अंतिम मैच में पाकिस्तान ने शानदार प्रदर्शन करते हुए श्रीलंका को 4 विकेट से हरा दिया। हालांकि यह जीत पाकिस्तान के लिए केवल सांत्वना साबित हुई क्योंकि शुरुआती दोनों मुकाबले जीतकर श्रीलंका पहले ही सीरीज अपने नाम कर चुकी थी। इसके साथ ही मेजबान टीम ने 2-1 से सीरीज जीतकर घरेलू मैदान पर अपनी श्रेष्ठता कायम रखी।

    मैच में पाकिस्तान ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया और उसके गेंदबाजों ने कप्तान के इस निर्णय को सही साबित किया। श्रीलंका की बल्लेबाजी शुरुआत से ही संघर्ष करती नजर आई और नियमित अंतराल पर विकेट गिरते रहे। कप्तान चमारी अथापथु ने जिम्मेदारी संभालते हुए सबसे अधिक 34 रन बनाए। उन्होंने 33 गेंदों की अपनी पारी में पांच चौकों की मदद से टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाने की कोशिश की। उनके अलावा संजाना काविंदी ने 20 और इमेशा दुलानी ने 17 रन का योगदान दिया। निर्धारित 20 ओवर में श्रीलंका की टीम 6 विकेट खोकर 113 रन ही बना सकी।

    पाकिस्तान की गेंदबाजी काफी अनुशासित रही। मोमिमा रियासत ने दो विकेट हासिल किए, जबकि उमे हानी, नशरा संधू, तुबा हसन और आएशा जफर ने एक-एक सफलता अर्जित की। गेंदबाजों ने श्रीलंका को बड़े शॉट खेलने का मौका नहीं दिया और पूरे मैच में दबाव बनाए रखा।

    114 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान की टीम ने संयमित बल्लेबाजी की। कप्तान मुनीबा अली ने 19 रन बनाकर अच्छी शुरुआत दिलाई, जबकि शावल जुल्फिकार ने 21 रन का उपयोगी योगदान दिया। मैच की सबसे महत्वपूर्ण पारी चौथे नंबर पर बल्लेबाजी करने आईं आएशा जफर ने खेली। उन्होंने 31 गेंदों पर 39 रन बनाए, जिसमें छह चौके शामिल रहे। दबाव के बीच उनकी यह पारी पाकिस्तान की जीत की नींव साबित हुई। अंत में सायरा जबीन ने नाबाद 12 रन बनाकर टीम को 18.2 ओवर में 6 विकेट खोकर लक्ष्य तक पहुंचा दिया।

    श्रीलंका की ओर से कप्तान चमारी अथापथु ने गेंद से भी शानदार प्रदर्शन किया और चार ओवर में 20 रन देकर दो विकेट झटके। कविशा दिल्हाड़ी ने भी दो विकेट हासिल किए, जबकि निमाशा मीपागे को एक सफलता मिली। बावजूद इसके श्रीलंकाई गेंदबाज पाकिस्तान की जीत नहीं रोक सके।

    शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन के लिए आएशा जफर को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। उन्होंने बल्ले से 39 रन बनाने के साथ गेंदबाजी में भी एक विकेट लेकर अपनी टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। वहीं पूरी सीरीज में लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन करने वाली श्रीलंका की इमेशा दुलानी को प्लेयर ऑफ द सीरीज का पुरस्कार मिला। उन्होंने तीन मैचों में कुल 123 रन बनाकर टीम की सफलता में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

    हालांकि पाकिस्तान ने अंतिम मुकाबला जीतकर आत्मविश्वास हासिल किया, लेकिन शुरुआती दोनों मैचों में छह-छह विकेट से मिली जीत के दम पर श्रीलंका ने 2-1 से सीरीज अपने नाम कर यह साबित कर दिया कि घरेलू परिस्थितियों में उसकी टीम कितनी मजबूत है। दूसरी ओर पाकिस्तान इस जीत से सकारात्मक संकेत लेकर आगामी अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों की तैयारी करेगा।

  • सीरीज गंवा चुका भारत अब प्रतिष्ठा बचाने की चुनौती में इंग्लैंड से आखिरी मुकाबला आज पिच और मौसम देंगे बल्लेबाजों का साथ

    सीरीज गंवा चुका भारत अब प्रतिष्ठा बचाने की चुनौती में इंग्लैंड से आखिरी मुकाबला आज पिच और मौसम देंगे बल्लेबाजों का साथ


    नई दिल्ली। भारत और इंग्लैंड के बीच खेली जा रही पांच मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला का आखिरी मुकाबला शनिवार को साउथैम्पटन के रोज बाउल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा। यह मुकाबला भारतीय टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि एक तरफ टीम सीरीज में सम्मान बचाने के इरादे से मैदान पर उतरेगी तो दूसरी ओर आईसीसी टी20 रैंकिंग में दुनिया की नंबर एक टीम बने रहने की चुनौती भी उसके सामने होगी। यदि इंग्लैंड इस मुकाबले में जीत दर्ज करने में सफल रहता है तो वह भारत को पीछे छोड़ते हुए टी20 क्रिकेट की नई नंबर वन टीम बन जाएगा। ऐसे में यह मुकाबला केवल सीरीज का अंतिम मैच नहीं बल्कि प्रतिष्ठा और रैंकिंग की जंग भी बन गया है।

    हैरी ब्रूक की कप्तानी में इंग्लैंड ने पूरी श्रृंखला में शानदार प्रदर्शन किया है। मेजबान टीम पहले ही 3-0 की अजेय बढ़त हासिल कर चुकी है और उसके खिलाड़ियों ने बल्लेबाजी तथा गेंदबाजी दोनों विभागों में लगातार दमदार खेल दिखाया है। कप्तान हैरी ब्रूक ने चौथे मुकाबले में विस्फोटक बल्लेबाजी करते हुए केवल 35 गेंदों में 79 रन बनाए थे जबकि फिल साल्ट जैकब बेथेल और टॉम बैंटन ने भी लगातार उपयोगी पारियां खेलकर भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा। जरूरत पड़ने पर सैम करन ने भी बल्ले से अहम योगदान दिया है।

    गेंदबाजी में जोफ्रा आर्चर और जोश टंग की जोड़ी भारत के लिए सबसे बड़ी चुनौती साबित हुई है। नई गेंद से दोनों तेज गेंदबाजों ने भारतीय शीर्ष क्रम को लगातार परेशान किया है। इंग्लैंड के स्पिन और तेज गेंदबाजों के संतुलित प्रदर्शन ने पूरी श्रृंखला में भारतीय बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया।

    दूसरी ओर भारतीय टीम का प्रदर्शन उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा। युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी लगातार मिले अवसरों का फायदा नहीं उठा सके जबकि अभिषेक शर्मा पिछले दो मुकाबलों में बड़ी पारी खेलने में असफल रहे। ईशान किशन भी रनों के लिए संघर्ष करते दिखाई दिए। तिलक वर्मा और अक्षर पटेल का बल्ला भी इस श्रृंखला में खामोश रहा। हालांकि कप्तान श्रेयस अय्यर ने चौथे मुकाबले में 80 रन की शानदार पारी खेलकर अपने शानदार फॉर्म का परिचय दिया और टीम को संघर्ष करने का मौका दिया।

    गेंदबाजी विभाग में भी भारतीय टीम अपेक्षित प्रभाव नहीं छोड़ सकी। अर्शदीप सिंह हर्षित राणा और प्रसिद्ध कृष्णा लगातार रन लुटाते नजर आए जबकि स्पिन विभाग में भी विपक्षी बल्लेबाजों पर दबाव बनाने में सफलता नहीं मिली। ऐसे में आखिरी मुकाबले में भारतीय टीम अपने सभी विभागों में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद करेगी।

    साउथैम्पटन के रोज बाउल मैदान की बात करें तो यहां की पिच आमतौर पर बल्लेबाजों के लिए अनुकूल मानी जाती है। अच्छी बाउंस और तेज आउटफील्ड के कारण बल्लेबाज खुलकर शॉट खेल सकते हैं। इस मैदान पर पहली पारी का औसत स्कोर लगभग 166 रन है जबकि दूसरी पारी में औसतन 138 रन बने हैं। आंकड़े बताते हैं कि यहां पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम को अधिक सफलता मिली है। अब तक खेले गए 24 टी20 मुकाबलों में 16 बार पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम विजयी रही है जबकि लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम केवल 8 मैच जीत सकी है। ऐसे में टॉस की भूमिका भी काफी महत्वपूर्ण रहने वाली है।

    मौसम की बात करें तो क्रिकेट प्रेमियों के लिए अच्छी खबर है। मौसम विभाग के अनुसार पूरे मुकाबले के दौरान आसमान साफ रहने की संभावना है और बारिश की आशंका बेहद कम है। ऐसे में दर्शकों को बिना किसी रुकावट के पूरे 40 ओवर का रोमांचक मुकाबला देखने को मिल सकता है।

    भारतीय टीम के लिए यह मुकाबला केवल हार जीत का नहीं बल्कि आत्मविश्वास वापस हासिल करने और दुनिया की नंबर एक टी20 टीम का ताज बचाने का अवसर भी है। वहीं इंग्लैंड की नजर सीरीज में क्लीन स्वीप करने के साथ दुनिया की नंबर एक टीम बनने के गौरव पर होगी। यही वजह है कि दोनों टीमों के बीच यह मुकाबला बेहद रोमांचक और हाई वोल्टेज होने की पूरी उम्मीद है।

  • टॉप ऑर्डर फ्लॉप खराब कॉम्बिनेशन और कमजोर बल्लेबाजी टीम इंडिया की हार के पांच बड़े कारण

    टॉप ऑर्डर फ्लॉप खराब कॉम्बिनेशन और कमजोर बल्लेबाजी टीम इंडिया की हार के पांच बड़े कारण


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट टीम को आयरलैंड के खिलाफ पहली बार टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज में हार का सामना करना पड़ा है। बेलफास्ट में खेले गए दूसरे मुकाबले में एक रन की रोमांचक हार के साथ भारत ने दो मैचों की सीरीज 2 0 से गंवा दी। इस हार ने टीम इंडिया की तैयारियों रणनीति और बल्लेबाजी क्रम पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पूरी सीरीज के दौरान भारतीय टीम कई विभागों में उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकी और यही उसकी हार का सबसे बड़ा कारण बना।

    सबसे बड़ी चिंता टीम इंडिया के टॉप ऑर्डर का खराब प्रदर्शन रहा। सलामी बल्लेबाजों और शुरुआती क्रम के बल्लेबाजों ने दोनों मुकाबलों में निराश किया। संजू सैमसन पूरी सीरीज में रन बनाने के लिए संघर्ष करते नजर आए। पहले मैच में वह केवल पांच रन बना सके जबकि दूसरे मुकाबले में बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए। अभिषेक शर्मा ने पहले मैच में शानदार 49 रन बनाए लेकिन दूसरे मैच में शून्य पर आउट हो गए। ईशान किशन भी दोनों मैचों में प्रभाव छोड़ने में नाकाम रहे और कुल मिलाकर केवल 13 रन ही बना सके। शुरुआती बल्लेबाजों की नाकामी ने पूरी टीम पर अतिरिक्त दबाव डाल दिया।

    दूसरा बड़ा कारण कप्तान श्रेयस अय्यर का फीका प्रदर्शन रहा। बतौर कप्तान यह उनकी पहली टी20 सीरीज थी और उनसे बड़ी पारी की उम्मीद थी लेकिन उनका बल्ला पूरी तरह शांत रहा। दो मुकाबलों में वह केवल 13 रन बना सके। कप्तान का खराब प्रदर्शन टीम के आत्मविश्वास पर भी असर डालता है और यही इस सीरीज में देखने को मिला।

    भारतीय टीम का मध्यक्रम भी उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सका। हार्दिक पांड्या की गैरमौजूदगी साफ महसूस हुई। अक्षर पटेल शिवम दुबे और अन्य बल्लेबाज बड़ी पारियां खेलने में असफल रहे। तिलक वर्मा ने दूसरे मैच में अर्धशतक जरूर लगाया लेकिन उनका स्ट्राइक रेट टी20 क्रिकेट के हिसाब से काफी धीमा रहा। तेजी से रन नहीं बनने के कारण टीम बड़ा स्कोर खड़ा नहीं कर सकी और इसका फायदा आयरलैंड को मिला।

    टीम चयन और प्लेइंग इलेवन का संतुलन भी सवालों के घेरे में रहा। पहले मुकाबले में दो स्पिनरों के साथ उतरने का फैसला परिस्थितियों के अनुकूल नहीं था। वॉशिंगटन सुंदर से केवल एक ओवर गेंदबाजी कराई गई जिसमें उन्होंने 19 रन खर्च किए। वहीं तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा को मौका देना भी टीम के लिए महंगा साबित हुआ। उन्होंने चार ओवर में बिना विकेट लिए 57 रन लुटा दिए जिससे आयरलैंड को खुलकर खेलने का मौका मिल गया।

    पांचवां बड़ा कारण युवा प्रतिभा वैभव सूर्यवंशी को मौका नहीं देना माना जा रहा है। पहले मैच में बल्लेबाजी के खराब प्रदर्शन के बावजूद टीम प्रबंधन ने दूसरे मुकाबले में भी उन्हें अंतिम एकादश में शामिल नहीं किया। भारत ए के लिए हालिया शानदार प्रदर्शन के बाद उम्मीद थी कि उन्हें अवसर मिलेगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ। कई क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि वैभव जैसे आक्रामक बल्लेबाज मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते थे।

    इस सीरीज ने भारतीय टीम को यह स्पष्ट संदेश दिया है कि केवल प्रतिभा के दम पर लगातार सफलता हासिल नहीं की जा सकती। बेहतर टीम संयोजन स्पष्ट बल्लेबाजी क्रम और परिस्थितियों के अनुसार रणनीति बनाना उतना ही जरूरी है। आगामी बड़े टूर्नामेंटों से पहले टीम प्रबंधन को इन कमियों पर गंभीरता से काम करना होगा ताकि भविष्य में ऐसी निराशाजनक हार से बचा जा सके।

  • कोहरा, धुंध और जहरीली हवा की मार: IND vs SA चौथा T20I रद्द, BCCI की प्लानिंग पर उठे सवाल

    कोहरा, धुंध और जहरीली हवा की मार: IND vs SA चौथा T20I रद्द, BCCI की प्लानिंग पर उठे सवाल


    नई दिल्ली ।लखनऊ/भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेला जाने वाला चौथा टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला बुधवार, 17 दिसंबर को लखनऊ के इकाना स्टेडियम में होना था, लेकिन खराब मौसम और बेहद कम दृश्यता के कारण मैच को रद्द करना पड़ा। घने कोहरे, धुंध और खतरनाक स्तर तक पहुंच चुके वायु प्रदूषण ने मैदान को पूरी तरह अपनी गिरफ्त में ले लिया था। कई बार निरीक्षण के बावजूद मैच शुरू नहीं हो सका, जिससे भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड BCCI की मैच शेड्यूलिंग नीति पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

    यह मुकाबला आधिकारिक तौर पर ‘अत्यधिक कोहरे’ के कारण रद्द किया गया, लेकिन वास्तविकता यह थी कि लखनऊ में प्रदूषण और स्मॉग की मोटी परत ने पूरे स्टेडियम को ढक लिया था। बुधवार को शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स AQI 400 के पार पहुंच गया था, जो ‘गंभीर’ से भी ऊपर की खतरनाक श्रेणी में आता है। ऐसे हालात में खिलाड़ियों की सेहत और सुरक्षा को लेकर चिंताएं स्वाभाविक रूप से बढ़ गईं।मैच शाम सात बजे शुरू होना था, लेकिन टॉस तक नहीं हो पाया। अंपायरों ने कुल छह बार मैदान और परिस्थितियों का निरीक्षण किया। हर बार दृश्यता इतनी कम पाई गई कि खेल कराना संभव नहीं था। अंततः रात करीब साढ़े नौ बजे मैच को औपचारिक रूप से रद्द करने का फैसला लिया गया। तब तक यह लगभग तय हो चुका था कि जैसे-जैसे रात बढ़ेगी, कोहरा और घना होता जाएगा।

    खराब हवा का असर खिलाड़ियों पर भी साफ दिखा। भारतीय टीम के स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या को वार्मअप के दौरान सर्जिकल मास्क पहने देखा गया, जो इस बात का संकेत था कि प्रदूषण का स्तर कितना गंभीर था। खिलाड़ी शाम साढ़े सात बजे तक वार्मअप कर चुके थे और उसके बाद ड्रेसिंग रूम लौट गए। ठंड और धुंध के चलते दर्शकों की संख्या भी धीरे-धीरे कम होने लगी।निरीक्षण के दौरान बीसीसीआई के उपाध्यक्ष और उत्तर प्रदेश क्रिकेट संघ के वरिष्ठ अधिकारी राजीव शुक्ला भी मैदान पर मौजूद थे। उन्होंने मैच अधिकारियों से बातचीत की, लेकिन उनकी निराशा उनके हाव-भाव से साफ झलक रही थी। मैदान और मौसम की हालत ऐसी थी कि किसी भी तरह का जोखिम लेना उचित नहीं माना गया।

    इस पूरी स्थिति ने बीसीसीआई की सर्दियों के दौरान उत्तर भारत में अंतरराष्ट्रीय मैच कराने की योजना पर सवाल खड़े कर दिए हैं। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पूरी सीरीज के लिए जिन शहरों को आयोजन स्थल चुना गया था, उनमें लखनऊ, न्यू चंडीगढ़ और धर्मशाला जैसे स्थान शामिल थे। यह वे इलाके हैं जहां नवंबर-दिसंबर के महीनों में प्रदूषण और कोहरे की समस्या आम तौर पर सबसे ज्यादा रहती है।इससे पहले धर्मशाला में खेले गए तीसरे टी20 इंटरनेशनल में तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया था। उस मैच के बाद भारतीय स्पिनर वरुण चक्रवर्ती ने भी स्वीकार किया था कि इतनी ठंड में खेलना उनके लिए बेहद चुनौतीपूर्ण था। उन्होंने कहा था कि उन्होंने इससे पहले कभी इतने ठंडे हालात में क्रिकेट नहीं खेला।

    अब सीरीज का आखिरी टी20 मुकाबला शुक्रवार को अहमदाबाद में खेला जाएगा। कोई रिजर्व डे नहीं होने के कारण लखनऊ वाला मैच दोबारा नहीं कराया जाएगा। फिलहाल भारत सीरीज में 2-1 से आगे है। माना जा रहा है कि बीसीसीआई आने वाली न्यूजीलैंड सीरीज के लिए आयोजन स्थलों में बदलाव पर दोबारा विचार कर सकता है, ताकि खिलाड़ियों को मौसम और प्रदूषण से होने वाली परेशानियों से बचाया जा सके।यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि क्या अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की योजना बनाते समय मौसम और पर्यावरणीय हालात को प्राथमिकता दी जा रही है या नहीं।