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  • हरारे में वापसी को तैयार वैभव सूर्यवंशी, कहा- प्रक्रिया पर भरोसा है, बड़ी पारी खेलने की कोशिश करूंगा

    हरारे में वापसी को तैयार वैभव सूर्यवंशी, कहा- प्रक्रिया पर भरोसा है, बड़ी पारी खेलने की कोशिश करूंगा


    नई दिल्ली ।  भारत और जिम्बाब्वे के बीच 23 जुलाई से हरारे में शुरू होने वाली तीन मैचों की टी20 सीरीज से पहले युवा सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने अपने प्रदर्शन और तैयारी को लेकर भरोसा जताया है। इंग्लैंड के खिलाफ हालिया टी20 सीरीज में लगातार तीन मैचों में बड़ी पारी नहीं खेल पाने के बावजूद वैभव ने कहा कि क्रिकेट में फॉर्म का ऊपर-नीचे होना सामान्य बात है और उनका पूरा ध्यान प्रक्रिया पर कायम रहने तथा टीम के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने पर है।

    बीसीसीआई टीवी से बातचीत में वैभव ने कहा कि पिछले चार महीनों में उनके क्रिकेट करियर में कई उतार-चढ़ाव आए हैं, लेकिन यही खेल की प्रकृति है। उन्होंने कहा कि वह अपनी तैयारियों पर पूरा भरोसा रखते हैं और कोचिंग स्टाफ से उन्हें लगातार सही मार्गदर्शन और अभ्यास का पूरा सहयोग मिल रहा है। इससे उनका आत्मविश्वास मजबूत हुआ है।

    वैभव ने हरारे स्पोर्ट्स क्लब को अपने करियर का बेहद खास मैदान बताया। उन्होंने कहा कि कुछ महीने पहले इसी मैदान पर भारत ने अंडर-19 विश्व कप का फाइनल जीता था, जो उनके जीवन का अविस्मरणीय पल है। उसी मैदान पर फिर से भारत की सीनियर टीम का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिलना उनके लिए गर्व की बात है।

    युवा बल्लेबाज ने कहा कि हरारे की पिच और परिस्थितियों की उन्हें अच्छी समझ है, क्योंकि अंडर-19 विश्व कप के दौरान यहां कई मुकाबले खेल चुके हैं। उनका मानना है कि उस टूर्नामेंट से मिले अनुभव का फायदा अब इस टी20 सीरीज में मिलेगा और वह उसी आत्मविश्वास के साथ मैदान पर उतरेंगे।

    उन्होंने कहा कि अभ्यास के दौरान जिस तरह की तैयारी की है, उसी पर भरोसा रखते हुए अपने स्वाभाविक खेल को जारी रखेंगे। उनका लक्ष्य व्यक्तिगत रिकॉर्ड बनाना नहीं, बल्कि टीम की जीत में महत्वपूर्ण योगदान देना है। वैभव ने उम्मीद जताई कि हरारे में उनका पिछला शानदार प्रदर्शन इस बार भी उन्हें बड़ी पारी खेलने का आत्मविश्वास देगा।

    गौरतलब है कि अंडर-19 विश्व कप के फाइनल में वैभव सूर्यवंशी ने इंग्लैंड के खिलाफ 80 गेंदों में 175 रनों की विस्फोटक पारी खेलकर भारत को खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। अब क्रिकेट प्रेमियों की निगाहें एक बार फिर हरारे में उनकी बल्लेबाजी पर टिकी होंगी।

  • IND vs ZIM टी20 सीरीज से पहले जिम्बाब्वे का बड़ा दांव नए विकेटकीपर त्सिगा की एंट्री अनुभवी खिलाड़ियों की वापसी

    IND vs ZIM टी20 सीरीज से पहले जिम्बाब्वे का बड़ा दांव नए विकेटकीपर त्सिगा की एंट्री अनुभवी खिलाड़ियों की वापसी


    नई दिल्ली । भारत और जिम्बाब्वे के बीच 23 जुलाई से शुरू होने वाली तीन मैचों की टी20 सीरीज से पहले मेजबान टीम ने अपने 15 सदस्यीय स्क्वॉड का ऐलान कर दिया है। टीम चयन में कई अहम बदलाव किए गए हैं जिनका उद्देश्य भारत जैसी मजबूत टीम के खिलाफ संतुलित और प्रतिस्पर्धी संयोजन तैयार करना है। सबसे बड़ी चर्चा विकेटकीपर बल्लेबाज तफादजवा त्सिगा को पहली बार टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम में शामिल किए जाने की है। टेस्ट क्रिकेट में अपनी उपयोगिता साबित कर चुके त्सिगा अब सफेद गेंद के प्रारूप में भी देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए तैयार हैं।

    जिम्बाब्वे क्रिकेट बोर्ड ने इस बार युवा खिलाड़ियों और अनुभवी चेहरों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की है। ऑलराउंडर वेस्ली मधेवेरे और तेज गेंदबाज न्यूमैन न्यामहुरी की भी टीम में वापसी हुई है। मधेवेरे लगभग एक वर्ष बाद टी20 टीम में लौटे हैं और उनके पास 79 अंतरराष्ट्रीय टी20 मैचों का अनुभव है। वहीं न्यामहुरी चोट से उबरने के बाद फिर से टीम का हिस्सा बने हैं जिससे गेंदबाजी आक्रमण को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

    इन खिलाड़ियों की वापसी के साथ क्लाइव मडेंडे टिनोटेंडा मापोसा और ताशिंगा मुसेकिवा को इस बार टीम से बाहर रखा गया है। चयनकर्ताओं का मानना है कि भारत जैसी मजबूत टीम के खिलाफ अनुभव और संतुलन दोनों की जरूरत होगी।

    टीम की कप्तानी एक बार फिर अनुभवी ऑलराउंडर सिकंदर रजा के हाथों में रहेगी। हाल के महीनों में उनकी कप्तानी में जिम्बाब्वे ने प्रभावशाली प्रदर्शन किया है। बांग्लादेश के खिलाफ टीम ने टेस्ट और वनडे सीरीज अपने नाम की थी हालांकि टी20 सीरीज में उसे 1-2 से हार झेलनी पड़ी थी। इसके बावजूद टीम का आत्मविश्वास मजबूत माना जा रहा है।

    भारत की बात करें तो टीम हाल ही में आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ टी20 मुकाबलों में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकी थी। ऐसे में यह दौरा भारतीय टीम के लिए लय हासिल करने का अच्छा अवसर माना जा रहा है। दूसरी ओर जिम्बाब्वे भी घरेलू परिस्थितियों का पूरा फायदा उठाकर उलटफेर करने की कोशिश करेगा।

    दोनों टीमों के बीच पिछली टी20 भिड़ंत 2026 टी20 विश्व कप के सुपर 8 चरण में हुई थी जिसमें भारत ने 72 रन से शानदार जीत दर्ज की थी। हालांकि इस बार जिम्बाब्वे अपनी घरेलू परिस्थितियों में बेहतर प्रदर्शन करने के इरादे से मैदान पर उतरेगा। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि हरारे की पिच पर शुरुआती ओवरों में तेज गेंदबाजों को मदद मिल सकती है जिससे मुकाबले और भी रोमांचक होने की संभावना है।

    तीनों मुकाबले हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले जाएंगे। पहला मैच 23 जुलाई दूसरा 25 जुलाई और अंतिम मुकाबला 26 जुलाई को होगा। दोनों टीमों के पास युवा खिलाड़ियों को परखने और आगामी बड़े टूर्नामेंटों की तैयारी का यह अहम अवसर होगा।

    भारत के खिलाफ जिम्बाब्वे टी20 टीम
    सिकंदर रजा कप्तान ब्रायन बेनेट रयान बर्ल तनाका चिवांगा बेन करन ब्रैड इवांस वेस्ली मधेवेरे तदीवानाशे मारुमानी वेलिंगटन मसाकाद्जा ब्लेसिंग मुजारबानी डियोन मायर्स रिचर्ड नगारवा न्यूमैन न्यामहुरी मिल्टन शुम्बा और तफादजवा त्सिगा।

  • जिम्बाब्वे कप्तान सिकंदर रजा का भारत को खुला चैलेंज बोले एकतरफा नहीं होगी सीरीज रोमांच तय

    जिम्बाब्वे कप्तान सिकंदर रजा का भारत को खुला चैलेंज बोले एकतरफा नहीं होगी सीरीज रोमांच तय


    नई दिल्ली । भारत और जिम्बाब्वे के बीच 24 जुलाई से शुरू होने वाली तीन मैचों की टी20 सीरीज से पहले मेजबान टीम के कप्तान सिकंदर रजा ने बड़ा बयान देकर मुकाबले का रोमांच और बढ़ा दिया है। रजा ने भारत को सीरीज का प्रबल दावेदार मानने से साफ इनकार करते हुए कहा कि यह मुकाबला पूरी तरह संतुलित रहेगा और दोनों टीमों के पास जीत हासिल करने का समान अवसर होगा। उनका मानना है कि क्रिकेट में नाम से नहीं बल्कि मैदान पर प्रदर्शन से नतीजे तय होते हैं।

    हरारे स्पोर्ट्स क्लब में होने वाली इस टी20 सीरीज का पहला मुकाबला 24 जुलाई को खेला जाएगा जबकि बाकी दो मैच 25 और 26 जुलाई को इसी मैदान पर आयोजित होंगे। भारतीय टीम हालिया सीमित ओवरों की सीरीज में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकी है और अब वह नई शुरुआत की तलाश में जिम्बाब्वे पहुंची है। दूसरी ओर मेजबान टीम अपने घरेलू मैदान का पूरा फायदा उठाने की तैयारी में है।

    सिकंदर रजा ने कहा कि भारतीय टीम इस समय बदलाव के दौर से गुजर रही है लेकिन जिम्बाब्वे भी युवा खिलाड़ियों के साथ नई टीम तैयार कर रहा है। ऐसे में किसी एक टीम को पहले से विजेता घोषित करना सही नहीं होगा। उन्होंने भरोसा जताया कि दोनों देशों के खिलाड़ी अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगे और दर्शकों को रोमांचक क्रिकेट देखने को मिलेगा।

    रजा ने कहा कि उनकी टीम का आत्मविश्वास हाल के प्रदर्शन से काफी बढ़ा है। जिम्बाब्वे ने इस वर्ष कई मजबूत टीमों के खिलाफ प्रभावशाली खेल दिखाया है और महत्वपूर्ण मुकाबलों में जीत दर्ज कर अपनी क्षमता साबित की है। यही कारण है कि टीम भारतीय चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

    हालांकि भारत का टी20 क्रिकेट में रिकॉर्ड काफी मजबूत रहा है लेकिन हाल के विदेशी दौरों में मिली हार ने टीम पर दबाव बढ़ाया है। ऐसे में कप्तान श्रेयस अय्यर के नेतृत्व में भारतीय खिलाड़ी वापसी की कोशिश करेंगे। वहीं जिम्बाब्वे की नजर घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाकर एक और बड़ी जीत दर्ज करने पर होगी।

    गौरतलब है कि पिछले दौरे पर भारतीय टीम ने शुरुआती हार के बाद शानदार वापसी करते हुए सीरीज अपने नाम की थी लेकिन इस बार मेजबान टीम पहले से अधिक आत्मविश्वास के साथ मैदान में उतरेगी। सिकंदर रजा का मानना है कि इस बार मुकाबला पहले से कहीं ज्यादा कड़ा होगा और परिणाम आखिरी क्षणों तक तय नहीं होगा।

    दोनों टीमों के हालिया प्रदर्शन और युवा खिलाड़ियों की मौजूदगी को देखते हुए क्रिकेट प्रेमियों को एक रोमांचक और प्रतिस्पर्धी टी20 सीरीज की उम्मीद रहेगी जहां हर मुकाबले में कांटे की टक्कर देखने को मिल सकती है।

  • चौथे टी20 में टीम इंडिया पस्त, साल्ट और ब्रूक ने 146 रन जोड़कर इंग्लैंड को दिलाई ऐतिहासिक जीत

    चौथे टी20 में टीम इंडिया पस्त, साल्ट और ब्रूक ने 146 रन जोड़कर इंग्लैंड को दिलाई ऐतिहासिक जीत


    नई दिल्ली । ब्रिस्टल के काउंटी ग्राउंड में खेले गए चौथे टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में इंग्लैंड ने भारत को 9 विकेट से हराकर पांच मैचों की सीरीज में 3-0 की अजेय बढ़त के साथ सीरीज अपने नाम कर ली। बारिश के कारण पहला मुकाबला रद्द होने के बाद इंग्लैंड ने लगातार तीन मैच जीतकर भारत के खिलाफ ऐतिहासिक टी20 द्विपक्षीय सीरीज जीत दर्ज की।

    टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। महज 48 रन तक तीन विकेट गिरने के बाद कप्तान श्रेयस अय्यर ने पारी को संभाला। उन्होंने पहले शिवम दुबे के साथ 53 रन, फिर तिलक वर्मा के साथ 29 रन और वॉशिंगटन सुंदर के साथ 27 रन की साझेदारी कर टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया।

    अय्यर ने 49 गेंदों में 80 रन की शानदार नाबाद पारी खेली, जिसमें 4 चौके और 5 छक्के शामिल रहे। उनके अलावा कोई भी भारतीय बल्लेबाज बड़ी पारी नहीं खेल सका। शिवम दुबे ने 22, तिलक वर्मा ने 11 और वॉशिंगटन सुंदर ने 5 रन बनाए। भारत ने निर्धारित 20 ओवर में 7 विकेट पर 158 रन बनाए।

    इंग्लैंड की ओर से जोफ्रा आर्चर और जोश टंग ने दो-दो विकेट लिए, जबकि आदिल रशीद और विल जैक्स को एक-एक सफलता मिली।

    159 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड को शुरुआती झटका जोस बटलर के रूप में लगा, जो सिर्फ 8 रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद कप्तान हैरी ब्रूक और फिल साल्ट ने भारतीय गेंदबाजों पर पूरी तरह दबदबा बना लिया।

    दोनों बल्लेबाजों ने दूसरे विकेट के लिए सिर्फ 68 गेंदों में नाबाद 146 रन की विस्फोटक साझेदारी की। हैरी ब्रूक ने 35 गेंदों पर 79 रन की तूफानी पारी खेली, जिसमें 8 चौके और 4 छक्के शामिल रहे। वहीं फिल साल्ट ने 42 गेंदों में नाबाद 59 रन बनाए। दोनों की शानदार बल्लेबाजी के दम पर इंग्लैंड ने लक्ष्य सिर्फ 13.5 ओवर में हासिल कर लिया।

    भारत की ओर से एकमात्र विकेट अर्शदीप सिंह ने लिया। हालांकि बाकी गेंदबाज इंग्लैंड के बल्लेबाजों पर कोई दबाव नहीं बना सके। अब दोनों टीमों के बीच सीरीज का पांचवां और अंतिम टी20 मुकाबला 11 जुलाई को साउथैम्पटन में खेला जाएगा, जहां भारत क्लीन स्वीप से बचने के इरादे से मैदान में उतरेगा।

  • टीम इंडिया फिर बल्लेबाजी में फ्लॉप, इंग्लैंड ने 9 विकेट से रौंदकर सीरीज पर किया कब्जा

    टीम इंडिया फिर बल्लेबाजी में फ्लॉप, इंग्लैंड ने 9 विकेट से रौंदकर सीरीज पर किया कब्जा


    नई दिल्ली । ब्रिस्टल में खेले गए चौथे टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में इंग्लैंड ने भारत को 9 विकेट से करारी शिकस्त देकर पांच मैचों की सीरीज में 3-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली। इस जीत के साथ इंग्लैंड ने इतिहास रचते हुए पहली बार भारत के खिलाफ दो या उससे अधिक मैचों वाली टी20 द्विपक्षीय सीरीज अपने नाम कर ली।

    इससे पहले दोनों देशों के बीच खेली गई छह टी20 द्विपक्षीय सीरीज में भारत ने पांच जीती थीं, जबकि एक सीरीज बराबरी पर समाप्त हुई थी। वहीं टीम इंडिया को आयरलैंड के बाद लगातार दूसरी टी20 सीरीज में हार झेलनी पड़ी। इससे पहले 2019 में भारत लगातार दो टी20 सीरीज न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया से हारा था।

    पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम 20 ओवर में 7 विकेट पर सिर्फ 158 रन ही बना सकी। कप्तान श्रेयस अय्यर ने शानदार 80 रन बनाकर टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन दूसरे छोर से उन्हें अपेक्षित सहयोग नहीं मिला।

    युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी 15 रन बनाकर आउट हो गए, जबकि अभिषेक शर्मा 16 रन ही बना सके। ईशान किशन का खराब फॉर्म जारी रहा और वह केवल 4 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। शिवम दुबे ने 22 रन, तिलक वर्मा ने 11 रन, वॉशिंगटन सुंदर ने 5 रन और अक्षर पटेल ने सिर्फ 1 रन का योगदान दिया। भारतीय बल्लेबाजी एक बार फिर बड़े स्कोर तक पहुंचने में नाकाम रही।

    159 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक बल्लेबाजी की। फिल साल्ट ने नाबाद 59 रन बनाए, जबकि कप्तान हैरी ब्रूक ने सिर्फ 35 गेंदों में 79 रन की विस्फोटक पारी खेलकर भारतीय गेंदबाजों को पूरी तरह बेअसर कर दिया। ब्रूक ने अपनी पारी में 8 चौके और 4 छक्के लगाए। हालांकि जोस बटलर केवल 8 रन बनाकर आउट हुए, लेकिन इसके बाद इंग्लैंड ने कोई और विकेट नहीं गंवाया।

    इंग्लैंड ने सिर्फ 13.5 ओवर में लक्ष्य हासिल कर भारत को 9 विकेट से हराया और सीरीज पर कब्जा जमा लिया। अब दोनों टीमों के बीच पांचवां और अंतिम टी20 मुकाबला 11 जुलाई को साउथेम्प्टन में खेला जाएगा, जहां भारत सम्मान बचाने के इरादे से मैदान में उतरेगा।

  • करो या मरो मुकाबले में भारत की नजर ब्रिस्टल पर, इसी मैदान पर रोहित के शतक से इंग्लैंड को मिली थी करारी शिकस्त

    करो या मरो मुकाबले में भारत की नजर ब्रिस्टल पर, इसी मैदान पर रोहित के शतक से इंग्लैंड को मिली थी करारी शिकस्त


    नई दिल्ली ।भारत और इंग्लैंड के बीच जारी पांच मैचों की टी20 सीरीज अब बेहद रोमांचक मोड़ पर पहुंच गई है। शुरुआती तीन मुकाबलों में दो हार झेलने के बाद भारतीय टीम सीरीज में 0-2 से पिछड़ चुकी है और अब ब्रिस्टल के काउंटी ग्राउंड में होने वाला चौथा मुकाबला उसके लिए करो या मरो की स्थिति बन गया है। यदि भारत यह मैच हारता है तो इंग्लैंड सीरीज अपने नाम कर लेगा, जबकि जीत मिलने पर भारतीय टीम वापसी की उम्मीदें जिंदा रख सकेगी।

    ब्रिस्टल का मैदान भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों के लिए खास महत्व रखता है। टीम इंडिया ने यहां अब तक केवल एक टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेला है, लेकिन उस मैच की याद आज भी भारतीय फैंस के दिलों में ताजा है। वर्ष 2018 में इसी मैदान पर भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ शानदार जीत दर्ज की थी और उस मुकाबले के नायक रहे थे रोहित शर्मा। उन्होंने महज 56 गेंदों में नाबाद 100 रन की विस्फोटक पारी खेलकर इंग्लैंड के गेंदबाजों की जमकर धुनाई की थी। विराट कोहली ने भी 43 रनों की अहम पारी खेली थी, जिसकी बदौलत भारत ने 199 रनों का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य केवल 18.4 ओवर में तीन विकेट खोकर हासिल कर लिया था।

    उस मुकाबले में इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में नौ विकेट के नुकसान पर 198 रन बनाए थे, लेकिन भारतीय बल्लेबाजों ने लक्ष्य का पीछा जिस अंदाज में किया, उसने मेजबान टीम को पूरी तरह बेबस कर दिया। यही वजह है कि ब्रिस्टल का मैदान भारतीय टीम के लिए आत्मविश्वास बढ़ाने वाला साबित हो सकता है।

    हालांकि मौजूदा सीरीज में परिस्थितियां भारत के पक्ष में नहीं हैं। तीसरे टी20 मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजी पूरी तरह बिखर गई थी। इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए सात विकेट पर 201 रन बनाए। फिल साल्ट ने 70 रन की शानदार पारी खेली, जबकि जोस बटलर और सैम करन ने भी तेज बल्लेबाजी कर टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया।

    202 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय बल्लेबाज पूरी तरह संघर्ष करते नजर आए। पूरी टीम केवल 76 रन पर सिमट गई और सात बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा भी पार नहीं कर सके। यह हार भारतीय टीम की टी20 इतिहास की सबसे निराशाजनक हारों में गिनी जा रही है। अब बल्लेबाजों के सामने खुद को साबित करने और सीरीज में वापसी करने की बड़ी चुनौती है।

    दूसरी ओर इंग्लैंड का ब्रिस्टल में रिकॉर्ड भी बहुत प्रभावशाली नहीं रहा है। मेजबान टीम ने इस मैदान पर अब तक पांच टी20 मुकाबले खेले हैं, जिनमें केवल दो में जीत मिली जबकि तीन मैचों में हार का सामना करना पड़ा। हालांकि वर्ष 2025 में इंग्लैंड ने इसी मैदान पर वेस्टइंडीज को हराकर जीत दर्ज की थी, जिससे टीम का आत्मविश्वास भी ऊंचा है।

    अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या भारतीय टीम 2018 की सुनहरी यादों को दोहराते हुए ब्रिस्टल में एक बार फिर जीत हासिल कर पाएगी या इंग्लैंड इसी मैदान पर सीरीज अपने नाम करने में सफल रहेगा। क्रिकेट प्रेमियों को एक हाई-वोल्टेज मुकाबले की उम्मीद है जिसमें दोनों टीमें पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरेंगी।

  • इंग्लैंड के खिलाफ जीत की नई उम्मीद के साथ उतरेगा भारत, आयरलैंड दौरे की हार भुलाकर लय हासिल करने की चुनौती

    इंग्लैंड के खिलाफ जीत की नई उम्मीद के साथ उतरेगा भारत, आयरलैंड दौरे की हार भुलाकर लय हासिल करने की चुनौती

    नई दिल्ली । आयरलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में मिली निराशाजनक हार के बाद भारतीय टीम अब इंग्लैंड के खिलाफ नई शुरुआत करने के इरादे से मैदान में उतरेगी। पांच मैचों की टी20 सीरीज का पहला मुकाबला बुधवार को डरहम के रिवरसाइड ग्राउंड में खेला जाएगा। इस सीरीज को भारतीय टीम के लिए आत्मविश्वास हासिल करने और पिछली गलतियों से सीख लेकर मजबूत वापसी करने के अवसर के रूप में देखा जा रहा है।

    आयरलैंड दौरे पर भारत की बल्लेबाजी उम्मीदों के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर सकी थी। आक्रामक बल्लेबाजों से सजी टीम बड़े स्कोर बनाने और अहम मौकों पर लंबी साझेदारियां निभाने में असफल रही। परिणामस्वरूप टीम को सीरीज गंवानी पड़ी। अब इंग्लैंड जैसी मजबूत टीम के खिलाफ भारतीय बल्लेबाजों के सामने अपनी क्षमता साबित करने की चुनौती होगी। टीम प्रबंधन चाहेगा कि बल्लेबाजी क्रम अधिक जिम्मेदारी के साथ खेलते हुए शुरुआत से ही मैच पर पकड़ बनाए।

    नए कप्तान श्रेयस अय्यर के लिए भी यह सीरीज महत्वपूर्ण मानी जा रही है। घरेलू और फ्रेंचाइजी क्रिकेट में सफल नेतृत्व का अनुभव रखने वाले अय्यर अब विदेशी परिस्थितियों में भारतीय टीम का नेतृत्व कर रहे हैं। इंग्लैंड जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में उनकी रणनीति, कप्तानी और खिलाड़ियों का उपयोग टीम के प्रदर्शन में अहम भूमिका निभाएगा। युवा खिलाड़ियों के साथ संतुलन बनाना भी उनके सामने बड़ी जिम्मेदारी होगी।

    टीम चयन को लेकर भी काफी चर्चा बनी हुई है। युवा सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी पर सभी की निगाहें रहेंगी, जिन्हें आयरलैंड दौरे पर अंतिम एकादश में मौका नहीं मिला था। यदि उन्हें इस मुकाबले में पदार्पण का अवसर मिलता है तो वह भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले सबसे युवा क्रिकेटरों में शामिल हो जाएंगे। हालांकि टीम प्रबंधन युवा खिलाड़ियों को जल्दबाजी में आगे बढ़ाने के बजाय उनके दीर्घकालिक विकास पर भी बराबर ध्यान दे रहा है।

    भारतीय गेंदबाजी आक्रमण में अनुभवी और युवा खिलाड़ियों का अच्छा मिश्रण मौजूद है। तेज गेंदबाज शुरुआती ओवरों में इंग्लैंड के बल्लेबाजों पर दबाव बनाने की कोशिश करेंगे, जबकि स्पिन विभाग में विविधता टीम की ताकत मानी जा रही है। मध्य ओवरों में विकेट निकालने की जिम्मेदारी स्पिन गेंदबाजों पर रहेगी, जिससे इंग्लैंड की मजबूत बल्लेबाजी को नियंत्रित किया जा सके।

    दूसरी ओर इंग्लैंड की टीम घरेलू परिस्थितियों का पूरा फायदा उठाने के इरादे से मैदान में उतरेगी। उसके बल्लेबाज तेज शुरुआत करने और बड़े स्कोर खड़े करने की क्षमता रखते हैं। वहीं तेज गेंदबाजी आक्रमण नई गेंद से मिलने वाली सीम मूवमेंट का लाभ उठाकर भारतीय शीर्ष क्रम को शुरुआती झटके देने की कोशिश करेगा। घरेलू मैदान पर इंग्लैंड का रिकॉर्ड भी उसे मनोवैज्ञानिक बढ़त प्रदान करता है।

    यह सीरीज दोनों टीमों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। भारत जहां पिछली हार की निराशा को पीछे छोड़ जीत की राह पर लौटना चाहेगा, वहीं इंग्लैंड घरेलू मैदान पर अपने दबदबे को कायम रखने की कोशिश करेगा। ऐसे में पहले मुकाबले का परिणाम पूरी सीरीज की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है। क्रिकेट प्रेमियों की नजरें इस बात पर भी रहेंगी कि भारतीय टीम दबाव से उबरकर किस तरह अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करती है और मजबूत प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ नई शुरुआत को सफल बनाती है।

  • भारत को घर पर मिली बड़ी हारबुमराह को लगे 4 छक्के और अर्शदीप का 13 गेंदों वाला ओवर टी-20 में टूटे कई रिकॉर्ड

    भारत को घर पर मिली बड़ी हारबुमराह को लगे 4 छक्के और अर्शदीप का 13 गेंदों वाला ओवर टी-20 में टूटे कई रिकॉर्ड


    नई दिल्ली । मुल्लांपुर स्टेडियम में खेले गए दूसरे टी-20 मुकाबले में साउथ अफ्रीका ने भारत को 51 रन से हराकर सीरीज में 1-1 की बराबरी कर ली। पहले बल्लेबाजी करते हुए साउथ अफ्रीका ने 213 रन बनाए। भारतइन रन का पीछा करते हुए 191 ओवर में 162 रन पर ऑलआउट हो गयाऔर इस हार के साथ भारत को अपने घरेलू मैदान पर टी-20 क्रिकेट में सबसे बड़ी हार का सामना करना पड़ा। इससे पहले4 अक्टूबर 2022 को इंदौर में साउथ अफ्रीका ने भारत को 49 रन से हराया था।

    बुमराह को पहली बार पड़ी 4 छक्के

    इस मैच में एक और दिलचस्प मोमेंट आया जब जसप्रीत बुमराह को अपने टी-20 अंतरराष्ट्रीय करियर में पहली बार एक पारी में 4 छक्के लगे। यह उनके 82वें टी-20 मैच का हिस्सा था। इससे पहले बुमराह के खिलाफ कभी एक पारी में तीन से अधिक छक्के नहीं लगे थेऔर उनका पिछला सबसे खराब रिकॉर्ड 2016 में वेस्टइंडीज के खिलाफ थाजब उन्हें तीन छक्के पड़े थे।

    अर्शदीप सिंह का 13 गेंदों वाला ओवर

    अर्शदीप सिंह ने इस मैच में एक नया रिकॉर्ड बनाया जब उन्होंने एक ओवर में 13 गेंद फेंकीं। साउथ अफ्रीका की पारी के 11वें ओवर में अर्शदीप ने 7 वाइड गेंदें फेंकीजिसके चलते उनका ओवर 13 गेंदों का हो गया। यह रिकॉर्ड फुल मेंबर देशों के मैचों में अब तक का सबसे लंबा ओवर था। इससे पहले2024 में अफगानिस्तान के नवीन-उल-हक ने जिम्बाब्वे के खिलाफ एक ओवर में 13 गेंदें फेंकी थीं।

    भारत ने डालीं 16 वाइड गेंदें

    भारत के गेंदबाजों ने इस मैच में 16 वाइड गेंदें डालींजो टी-20 इंटरनेशनल इतिहास में भारत का दूसरा सबसे खराब प्रदर्शन था। इससे पहले2009 में मोहाली में श्रीलंका के खिलाफ भारत ने 17 वाइड फेंकी थींजो अब भी सबसे खराब रिकॉर्ड है। 2018 में वेस्टइंडीज के खिलाफ भी भारत ने 16 वाइड डाली थींऔर 2007 में डरबन में साउथ अफ्रीका के खिलाफ 15 वाइड डाली थीं।

    तिलक वर्मा का छक्का रिकॉर्ड

    इस मैच में भारतीय युवा बल्लेबाज तिलक वर्मा ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ 27 छक्के लगाकर भारतीय बल्लेबाजों के बीच सबसे ज्यादा छक्के लगाने का रिकॉर्ड बनाया। इस सूची में दूसरे स्थान पर सूर्यकुमार यादव हैंजिन्होंने 25 छक्के लगाए हैंजबकि तीसरे स्थान पर संजू सैमसन हैंजिनके नाम 19 छक्के हैं।

    डी कॉक का 50+ स्कोर

    साउथ अफ्रीका के विकेटकीपर बल्लेबाज क्विंटन डी कॉक ने भारत के खिलाफ पांचवीं बार 50 से अधिक रन बनाए। उन्होंने केवल 12 पारियों में यह उपलब्धि हासिल कीजो भारत के खिलाफ सबसे तेजी से 50+ स्कोर बनाने का रिकॉर्ड है। इससे पहले निकोलस पूरन और जोस बटलर ने इसे करने में 20 और 24 पारियां ली थीं। डी कॉक का यह प्रदर्शन भारत के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हुआ।

    साउथ अफ्रीका का छक्का रिकॉर्ड

    साउथ अफ्रीका ने इस मैच में 15 छक्के लगाएजो भारत के खिलाफ उनके टी-20 इंटरनेशनल में दूसरे सबसे ज्यादा छक्के थे। इससे पहले2022 में इंदौर में उन्होंने भारत के खिलाफ 16 छक्के लगाए थे। इस मैच में साउथ अफ्रीका का छक्का लगाने का प्रदर्शन उनकी बल्लेबाजी शक्ति को दर्शाता हैऔर यह भारत के गेंदबाजों के लिए एक कड़ा संदेश था।

    भारत की यह हार एक कड़ा संदेश है कि घरेलू मैदान पर भी एक मजबूत टीम को हराना आसान नहीं होता। भारतीय टीम को अपनी गेंदबाजी में सुधार करना होगाखासकर वाइड बॉल्स और गेंदबाजों की लय को लेकर। वहींबुमराह को भी अपनी लय में लौटने की आवश्यकता हैजबकि युवा खिलाड़ियों जैसे तिलक वर्मा को सकारात्मक प्रदर्शन जारी रखना होगा। साउथ अफ्रीका ने इस मैच में सभी विभागों में शानदार प्रदर्शन कियाऔर उन्होंने भारत को साबित किया कि उन्हें हल्के में नहीं लिया जा सकता।

  • धर्मशाला में आज पहुंचेगी भारत-दक्षिण अफ्रीका टीमें: तीसरे T20 से पहले कल अलग-अलग स्लॉट में प्रैक्टिस, ऑफलाइन टिकटों की बिक्री शुरू

    धर्मशाला में आज पहुंचेगी भारत-दक्षिण अफ्रीका टीमें: तीसरे T20 से पहले कल अलग-अलग स्लॉट में प्रैक्टिस, ऑफलाइन टिकटों की बिक्री शुरू

    नई दिल्ली। भारत और दक्षिण अफ्रीका की टीमें पांच मैचों की टी-20 सीरीज के तीसरे मुकाबले के लिए आज धर्मशाला पहुंचने वाली हैं। चंडीगढ़ से खिलाड़ी चार्टर प्लेन के जरिए गगल एयरपोर्ट आएंगे जहां से दोनों टीमें सीधे होटल में चेक-इन करेंगी और आराम करेंगी। बीसीसीआई ने मुकाबले से एक दिन पहले होने वाले अभ्यास सत्रों का कार्यक्रम जारी कर दिया है। दक्षिण अफ्रीका की टीम 13 दिसंबर को शाम 4:30 बजे से 7:30 बजे तक नेट्स पर अभ्यास करेगी जबकि टीम इंडिया का सेशन रात 7:30 बजे से 10 बजे तक रहेगा।

    इधर धर्मशाला स्टेडियम में आज से ऑफलाइन टिकटों की बिक्री शुरू हो गई है। टिकट 1500 रुपए में उपलब्ध हैं और प्रत्येक आधार कार्ड पर अधिकतम दो टिकट जारी किए जाएंगे ताकि ब्लैक मार्केटिंग पर रोक लगाई जा सके। इससे पहले ऑनलाइन सबसे सस्ती टिकट 1750 रुपए की थी। सीरीज फिलहाल 1-1 की बराबरी पर है और चंडीगढ़ में भारत की 51 रन से हार के बाद यह तीसरा मैच दोनों टीमों के लिए बढ़त तय करने का अहम मौका है। HPCA ने भी मैच के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं और हिमालय की गोद में बसे विश्व के सबसे खूबसूरत स्टेडियमों में से एक धर्मशाला फिर से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की मेजबानी के लिए तैयार है।

  • शादी टूटने के बाद पहली बार पब्लिक में दिखीं स्मृति मंधाना, बोलीं -“क्रिकेट ही मेरा सबसे बड़ा प्यार”, हरमनप्रीत ने दिया भावनात्मक सहारा

    शादी टूटने के बाद पहली बार पब्लिक में दिखीं स्मृति मंधाना, बोलीं -“क्रिकेट ही मेरा सबसे बड़ा प्यार”, हरमनप्रीत ने दिया भावनात्मक सहारा


    नई दिल्ली/ भारतीय महिला क्रिकेट की स्टार ओपनर स्मृति मंधाना शादी टूटने के बाद पहली बार सार्वजनिक कार्यक्रम में नजर आईं। उनके साथ टीम इंडिया की कप्तान और करीबी साथी हरमनप्रीत कौर भी थीं, जिन्होंने मंधाना को भावनात्मक सहारा दिया।

    मंच पर पहुंचते ही मंधाना के चेहरे पर हल्की थकान और उदासी झलक रही थी। हरमनप्रीत कौर ने उन्हें तुरंत गले लगाया, जिससे इवेंट का माहौल भावुक हो गया।

    क्रिकेट ही सबसे बड़ा सहारा
    मंच पर मंधाना ने कहा, “क्रिकेट ही मेरा सबसे बड़ा प्यार है। इंडियन जर्सी पहनते ही बाकी सब पीछे छूट जाता है। देश को रिप्रेजेंट करने का एहसास हर परेशानी से ऊपर है। मैदान पर कदम रखते ही दो अरब लोगों की उम्मीदें मेरे साथ चलती हैं और यही एहसास मुझे हर चुनौती से लड़ने की ताकत देता है।”

    टीम के भीतर मतभेद पर दो-टूक बात
    हाल ही में टीम में मतभेद की खबरों पर मंधाना ने कहा, मतभेद होना कोई गलत बात नहीं। अगर बहसें नहीं होंगी, तो पैशन कहां दिखेगा? हमारी लड़ाई हमेशा एक ही चीज़ के लिए होती है – भारत को मैच जिताना।

    शादी टूटने के बाद पहली पब्लिक अपीयरेंस
    स्मृति मंधाना और संगीतकार पलाश मुच्छल की शादी 23 नवंबर को होने वाली थी, लेकिन पिता की तबीयत खराब होने के चलते इसे टाल दिया गया। बाद में 7 दिसंबर को दोनों ने शादी कैंसिल होने की घोषणा की। इस इवेंट में मंधाना की उपस्थिति ने यही संदेश दिया कि वह मुश्किल दौर से बाहर निकलने की कोशिश कर रही हैं और क्रिकेट ही उनका सबसे बड़ा सहारा है।

    टीम इंडिया का अगला पड़ाव
    भारतीय महिला क्रिकेट टीम अब श्रीलंका के खिलाफ टी20 सीरीज की तैयारी में जुटी है, जिसकी शुरुआत 21 दिसंबर से होगी। मंधाना बतौर उप-कप्तान टीम की जिम्मेदारी निभाने के लिए तैयार हैं।