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  • दुनिया के लिए नजीर बना ताइवान… आरक्षण ने बदली संसद की तस्वीर…. 42% सीटों पर महिलाएं काबिज

    दुनिया के लिए नजीर बना ताइवान… आरक्षण ने बदली संसद की तस्वीर…. 42% सीटों पर महिलाएं काबिज


    ली युआन।
    भारत (India) में संसद से लेकर विधानसभाओं तक महिलाओं के उचित प्रतिनिधित्व के लिए चल रही सियासत के बीच ताइवान (Taiwan) दुनियाभर के लिए नजीर बनकर सामने आया है। जिस ताइवान (Taiwan) को दुनिया अत्याधुनिक सेमीकंडक्टर चिप (State-art Semiconductor Chip) के सबसे बड़े निर्माता के नजरिये से देखती है, उसी 2.3 करोड़ की आबादी वाले द्वीप ने लोकतंत्र में महिलाओं की भागीदारी के लिए और लैंगिक भेदभाव खत्म करने के लिए दुनिया का सबसे लंबा अभियान चलाया है।

    करीब 80 साल पहले शुरू की गई आरक्षण व्यवस्था का नतीजा यह निकला कि आज ताइवान की संसद में 42% सीटों पर महिलाएं काबिज हैं। यह पूरे एशिया में सबसे अधिक है और यूरोपीय देशों के बराबर है। यही नहीं, ताइवान 2016 में त्साइ इंग-वेन के रूप में अपनी पहली महिला राष्ट्रपति चुन चुका है और दो बार महिलाओं को उप-राष्ट्रपति भी बना चुका है। इस उपाय ने ऐसा रास्ता तैयार किया कि आज बड़ी संख्या में महिलाएं सामान्य चुनावी मुकाबलों में भी अपनी जगह बना रही हैं।

    खास बात यह है कि ताइवान ने 2008 में एकल-सदस्यीय निर्वाचन क्षेत्रों में लैंगिक कोटा समाप्त कर दिया। इसके बाद भी संसद में महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ता रहा। ताइवान का यह प्रयोग साबित करता है कि जब महिलाओं को कानूनी सुरक्षा (कोटा) के जरिए शुरुआती मंच दिया जाता है, तो समय के साथ वे अपनी काबिलियत के दम पर उस बैसाखी को बेअसर कर देती हैं और बराबरी के मैदान में अपनी योग्यता का परचम लहराती हैं।


    1946 से बदलाव की नींव, 5-10% आरक्षण से शुरू हुआ सफर

    ताइवान ने महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व को बढ़ाने के लिए आरक्षित सीटों और चुनावी कोटा का इस्तेमाल दूसरे कई देशों से पहले शुरू किया था। जरूरत पड़ने पर समय-समय पर इसमें बदलाव भी करता रहा।

    चीन गणराज्य ने 1946 के संविधान में महिलाओं के लिए सीटें आरक्षित की थीं। 1949 में जब नेशनलिस्ट सरकार ताइवान स्थानांतरित हुई, तो तानाशाही दौर के बावजूद स्थानीय चुनावों में 5 से 10% कोटा लागू रखा गया।


    2002 का क्रांतिकारी नियम :

    यदि किसी जिला परिषद सीट से 4 या उससे अधिक सदस्य चुने जाते हैं, तो कम से कम 1 सीट महिला उम्मीदवार को मिलेगी। इससे राजनीतिक दलों में महिला उम्मीदवारों को टिकट देने की होड़ मच गई। ताइवान की 113 सदस्यीय संसद में 47 महिलाएं हैं। वर्ष 1992 के आसपास संसद में महिलाओं की हिस्सेदारी करीब 10 फीसदी थी। इसके बाद इसमें लगातार वृद्धि हुई।


    जीत के लिए आरक्षित सीटों की जरूरत खत्म

    नेशनल ताइवान यूनिवर्सिटी की प्रो. चांग-लिंग हुआंग कहती हैं, लोग तर्क देते हैं कि चुनाव का मकसद केवल सबसे बेहतर और सबसे सक्षम व्यक्ति को चुनना होना चाहिए। ताइवान का अनुभव बताता है कि लैंगिक आरक्षण ही वह माध्यम है, जो किसी समाज को वास्तव में सबसे बेहतर और सबसे सक्षम लोगों को चुनने का मौका देता है। 2002 में 31 जिलों में कोटे का इस्तेमाल करना पड़ा था, वहीं 2022 में केवल 4 जिलों में ही इसकी जरूरत पड़ी, यानी महिलाएं आसानी से पुरुषों को हरा रही हैं।

  • ताइवान में तूफान चांपी से जनजीवन ठप…. 931 उड़ानें रद्द, स्कूलों से लेकर शेयर बाजार तक बंद

    ताइवान में तूफान चांपी से जनजीवन ठप…. 931 उड़ानें रद्द, स्कूलों से लेकर शेयर बाजार तक बंद


    ताइपे।
    ताइवान (Taiwan) में तूफान चांपी (Cyclone Champi) के खतरे को देखते हुए शुक्रवार को लगभग पूरे द्वीप पर जनजीवन ठप हो गया। तूफान कमजोर जरूर पड़ रहा है, लेकिन इसके बावजूद ताइवान पर सीधे टकराने का खतरा बना हुआ है। तेज हवाओं (Strong Winds) और मूसलाधार बारिश (Torrential Rain) की आशंका के बीच अधिकारियों ने एहतियाती कदम उठाए हैं। अब तक तूफान के कारण एक व्यक्ति की मौत हो गई है, जबकि 94 लोग घायल हुए हैं। सरकार के मुताबिक, पहाड़ी इलाकों से करीब 1,300 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।

    तूफान के चलते हवाई यातायात पर व्यापक असर पड़ा है। ताइवान के परिवहन मंत्रालय के अनुसार, शुक्रवार को सभी 262 घरेलू उड़ानें रद्द कर दी गईं। इसके अलावा 669 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें भी रद्द करनी पड़ीं। हालांकि, उत्तर से दक्षिण को जोड़ने वाली हाई-स्पीड रेल सेवा सामान्य रूप से चल रही थी। राजधानी ताइपे में बारिश के बीच मेट्रो समेत सार्वजनिक परिवहन सेवाएं भी जारी रहीं, लेकिन उनमें कटौती की गई।

    तूफान के खतरे को देखते हुए ताइवान के वित्तीय बाजार भी शुक्रवार को बंद रहे। चीन के तट के पास स्थित ताइवान के नियंत्रण वाले किनमेन द्वीप समूह में ही स्कूल और कार्यालय सामान्य रूप से खुले रहने थे।


    191 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रहीं हवाएं

    ताइवान के केंद्रीय मौसम प्रशासन के मुताबिक, तूफान चांपी के केंद्र के आसपास हवा के झोंकों की रफ्तार करीब 191 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच रही थी। यह तूफान एक समय सुपर टाइफून की श्रेणी में था और इस साल प्रशांत महासागर में आए सबसे शक्तिशाली तूफानों में शामिल रहा है।

    मौसम विभाग के अनुसार, तूफान ताइवान के दक्षिणी छोर से करीब 320 किलोमीटर पूर्व में था। अनुमान है कि यह ताइवान के पूर्वोत्तर तट के पास से गुजरने के बाद उत्तर की ओर मुड़ेगा और चीन के तट की दिशा में बढ़ते हुए अंततः दक्षिणी जापान की ओर चला जाएगा।

    हालांकि, ताइवान के मौसम विभाग के पूर्वानुमानकर्ता लियू पेई-तेंग ने कहा कि तूफान के सीधे ताइवान से टकराने की आशंका को खारिज नहीं किया जा सकता। अगर यह आगे बढ़ने के बजाय एक जगह ठहरता है, चक्कर लगाता है या अपना रास्ता बदलता है, तो इसके ताइवान में दस्तक देने की संभावना बनी रहेगी।


    तूफान का दायरा बड़ा, दो दिन तक रह सकता है असर

    मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, चांपी का दायरा करीब 320 किलोमीटर है। इसका विस्तार इतना बड़ा है कि यह ताइवान के ज्यादातर हिस्सों को प्रभावित कर सकता है। विशेषज्ञों ने आशंका जताई है कि तूफान का असर करीब दो दिनों तक रह सकता है।

    लियू पेई-तेंग ने कहा कि हाल के वर्षों के बड़े तूफानों की तुलना में चांपी का हवा का दायरा काफी व्यापक है। अगर इसकी गति धीमी पड़ती है, तो ताइवान में तेज हवाओं का असर लंबे समय तक बना रह सकता है।


    तटीय इलाकों में अलर्ट, पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश का अनुमान

    ताइवान के तटीय कस्बों में मोबाइल फोन के जरिए अलर्ट भेजे गए। लोगों को 150 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक रफ्तार वाले हवा के झोंकों के प्रति आगाह करते हुए तुरंत सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई। ताइपे के आसपास समेत उत्तरी पहाड़ी इलाकों में करीब एक मीटर तक बारिश होने का अनुमान जताया गया है।

    पूर्वोत्तर ताइवान के यिलान काउंटी में तेज हवाओं और भारी बारिश का असर बढ़ने लगा था। यहां अधिकारियों ने लोगों को सुरक्षित रखने के लिए रेत से भरी बोरियां बांटीं। साथ ही, उभयचर वाहनों और हवा भरकर इस्तेमाल की जाने वाली बचाव नौकाओं को तैयार रखा गया।

    सुआओ बंदरगाह कस्बे के प्रमुख ली मिंग-चेन ने कहा कि जरूरत पड़ने पर सेना की मदद ली जाएगी। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और आपदा राहत कार्यों के लिए उभयचर वाहनों का इस्तेमाल किया जा सकता है।


    जापान के ओकिनावा की ओर भी बढ़ सकता है तूफान

    पूर्वानुमान के मुताबिक, चांपी सबसे पहले जापान के ओकिनावा प्रांत के सबसे पश्चिमी आबादी वाले द्वीप योनागुनी के ऊपर से गुजर सकता है। इसके बाद तूफान के आगे बढ़ने की दिशा पर नजर रखी जा रही है।

    ताइवान में आमतौर पर तूफानों से निपटने की अच्छी तैयारी रहती है, जिससे जनहानि सीमित रखने में मदद मिलती है। हालांकि, ऐसे तूफान गर्मियों में ज्यादा आम हैं, लेकिन शरद ऋतु में भी इनका असर देखने को मिल सकता है।

  • ताइवान के पास अमेरिका-फिलीपींस की बड़ी चाल: NMESIS एंटी-शिप मिसाइल की तैनाती से चीन की बढ़ी बेचैनी

    ताइवान के पास अमेरिका-फिलीपींस की बड़ी चाल: NMESIS एंटी-शिप मिसाइल की तैनाती से चीन की बढ़ी बेचैनी


    नई दिल्ली ।अमेरिका और फिलीपींस ने ताइवान के बेहद करीब बटानेस प्रांत में अपने वार्षिक Balikatan सैन्य अभ्यास के दौरान NMESIS एंटी-शिप मिसाइल सिस्टम तैनात किया है। यह प्रांत फिलीपींस का सबसे उत्तरी इलाका है और ताइवान से लगभग 100 मील दक्षिण में स्थित है, इसलिए इस तैनाती को चीन के लिए एक स्पष्ट रणनीतिक संदेश माना जा रहा है।

    NMESIS यानी Navy Marine Expeditionary Ship Interdiction System एक भूमि-आधारित, रिमोट-ऑपरेटेड मिसाइल सिस्टम है, जिसे दुश्मन के युद्धपोतों को निशाना बनाने के लिए डिजाइन किया गया है। Reuters के मुताबिक इसे C-130 विमान से बटानेस पहुंचाया गया और बेस्को इलाके में रखा गया, लेकिन यह सिर्फ प्रदर्शन और व्यवहार्यता जांच के लिए था, लाइव-फायर हमले के लिए नहीं। इसकी मारक क्षमता लगभग 185 किलोमीटर बताई गई है।

    अमेरिकी स्टाफ सार्जेंट डैरेन गिब्स के अनुसार, बटानेस जैसा इलाका सिस्टम को वास्तविक परिस्थितियों में परखने का मौका देता है, क्योंकि यहां प्रशिक्षण रोजमर्रा के माहौल से अलग है। उन्होंने यह भी कहा कि NMESIS को इस तरह बनाया गया है कि इसे दूर से संचालित किया जा सके, यानी इसके लिए वाहन के अंदर ड्राइवर या यात्री की जरूरत नहीं पड़ती।

    इस साल के Balikatan अभ्यास अब तक के सबसे बड़े अभ्यासों में से एक हैं। Reuters के मुताबिक इनमें 17,000 से ज्यादा सैनिक शामिल हैं, जिनमें करीब 10,000 अमेरिकी सैनिक हैं। अभ्यास 20 अप्रैल से 8 मई तक चल रहे हैं और इनमें समुद्री हमले, वायु-रक्षा और बहुराष्ट्रीय समन्वय की वास्तविक परिस्थितियों जैसी ट्रेनिंग पर जोर दिया जा रहा है।

    फिलीपींस के अधिकारियों का कहना है कि ऐसे अभ्यास दूरदराज के इलाकों में हथियारों की तैनाती और संचालन की व्यवहार्यता जांचने के लिए भी जरूरी हैं। बटानेस में NMESIS की तैनाती को इसी व्यापक तैयारी का हिस्सा बताया गया है।

    चीन ने इन अभ्यासों और अमेरिकी हथियारों की उपस्थिति पर बार-बार आपत्ति जताई है। Reuters के मुताबिक बीजिंग इसे क्षेत्रीय तनाव बढ़ाने वाला कदम मानता है, जबकि अमेरिका और फिलीपींस का कहना है कि ये अभ्यास किसी एक देश को निशाना बनाकर नहीं किए जा रहे।

    कुल मिलाकर, बटानेस में NMESIS की तैनाती सिर्फ एक सैन्य अभ्यास नहीं, बल्कि दक्षिण चीन सागर और ताइवान जलडमरूमध्य के बीच बदलते शक्ति-संतुलन का संकेत है। समुद्री युद्ध की रणनीति में अब छोटे द्वीप, रिमोट मिसाइल सिस्टम और तेज तैनाती वाले हथियार बेहद अहम हो चुके हैं।
     

  • बढ़ते व्यापारिक सहयोग के संकेत, भारत-ताइवान का कारोबार 12 अरब डॉलर से ऊपर

    बढ़ते व्यापारिक सहयोग के संकेत, भारत-ताइवान का कारोबार 12 अरब डॉलर से ऊपर


    नई दिल्ली भारत और ताइवान के बीच सकल व्यापार 2025 के आधार पर 17 प्रतिशत अनुपात 12.5 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। यह जानकारी ताइपे निकोलाईक एंड कल्चरल सेंटर (टीआइसीसी) ने जारी किये आंकड़े में दी। भारत का ताइवान 3.3 अरब डॉलर का है, जिसमें ईंधन, एल्यूमीनियम, लोहा, स्टील, जैविक रसायन और प्लास्टिक शामिल हैं। ताइवान का भारत 9.2 अरब डॉलर का है, जिसमें इलेक्ट्रॉनिक्स, इंटेग्रेटेड सर्किट, प्लास्टिक, बायोलॉजिकल केमिकल, इलेक्ट्रिकल इलेक्ट्रानिक्स, लोहा और स्टील प्रमुख हैं।

    टीआईसीके के डायरेक्ट डिवीजन के डायरेक्टर एस्टेला चेन ने ‘ताइवान एक्सीलेंस’ एक्सपो के दौरान कहा कि ताइवान सेमीकंडक्टर, स्टूडियो सर्वर, प्लेसओटी टोटल सॉल्यूशन और एज लीडर प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने बताया कि पिछले साल भारत-ताइवान व्यापार ने 12.5 अरब डॉलर का रिकॉर्ड स्तर गिरा दिया और दोनों देशों के बीच निवेश और व्यापार सहयोग मजबूत हुआ।

    चेन ने आगे कहा कि ताइवानी उद्योगपति भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर और ऑटोमोटिव सेक्टर में सक्रिय निवेश कर रहे हैं, जबकि भारतीय उद्योगपति ताइवान के आईटी और इंजीनियरिंग क्षेत्र में अवसर तलाश रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ताइवान भारत के प्रमुख पहल जैसे डिजिटल इंडिया और इंडिया मिशन में शामिल होकर योगदान दे रहे हैं। टेक्नोलॉजी और आईओटी मैन्युफैक्चरिंग से लेकर एडवांस हाई-टेक उत्पाद डिजाइन तक ताइवान की विशेषज्ञता भारत के डिजिटल बदलाव में मदद कर रही है।

    वर्तमान में भारत में 300 से अधिक ताइवानी पर्यटक सक्रिय हैं। हालाँकि, अमेरिका (246.43 अरब डॉलर), चीन (100.1 अरब डॉलर), दक्षिण कोरिया (90.2 अरब डॉलर) और जापान (84.85 अरब डॉलर) जैसे देशों के साथ ताइवान के व्यापार की तुलना में भारत के साथ व्यापार में और अधिक वृद्धि की संभावना है। यह बढ़ती आर्थिक और तकनीकी सहायता के लिए नई स्टैमिना का मार्ग प्रशस्त किया जा रहा है।