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  • फिल्मी पर्दे से सब्जी मंडी तक पहुंचे एक्टर विमल, दुकानदारों के साथ बैठकर बेची सब्जियां; 4.5 करोड़ के चेक केस से भी चर्चा में

    फिल्मी पर्दे से सब्जी मंडी तक पहुंचे एक्टर विमल, दुकानदारों के साथ बैठकर बेची सब्जियां; 4.5 करोड़ के चेक केस से भी चर्चा में

    नई दिल्ली । तमिल सिनेमा के अभिनेता विमल इन दिनों अपनी फिल्मों से ज्यादा एक अनोखी वजह से चर्चा में हैं। तिरुचिरापल्ली जिले में मनाप्पराई के पास अपने होमटाउन पहुंचे अभिनेता का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में विमल स्थानीय दुकानदारों के साथ बैठकर सब्जियां बेचते नजर आ रहे हैं। खास बात यह है कि यह पूरा मामला उस समय सामने आया है जब अभिनेता हाल ही में 4.5 करोड़ रुपये के चेक बाउंस मामले में एक साल की जेल की सजा को लेकर सुर्खियों में आए थे। हालांकि उनकी सजा पर फिलहाल रोक लगाई गई है ताकि वह अदालत के फैसले के खिलाफ अपील कर सकें।

    विमल तिरुचिरापल्ली के पास पन्नानकोम्बु में शुरू हुए एक साप्ताहिक बाजार में पहुंचे थे। वह इलाके में अपनी एक फिल्म की शूटिंग के सिलसिले में आए थे। इसी दौरान उन्होंने बाजार का रुख किया और वहां मौजूद स्थानीय व्यापारियों के बीच जाकर बैठ गए। इसके बाद उन्होंने कुछ समय तक दुकानदारों के साथ सब्जियां बेचने में मदद की। अभिनेता को इस अंदाज में देखकर वहां मौजूद लोग भी हैरान रह गए और देखते ही देखते बाजार में उन्हें देखने के लिए लोगों की भीड़ जमा हो गई।

    वायरल वीडियो में विमल बेहद सहज अंदाज में नजर आ रहे हैं। वह किसी बड़े स्टार की तरह अलग रहने के बजाय स्थानीय दुकानदारों के साथ बैठकर बातचीत करते दिखाई देते हैं। उन्होंने ग्राहकों के साथ भी बातचीत की और कुछ देर तक सब्जियां बेचने में हाथ बंटाया। रिपोर्ट के मुताबिक इस दौरान अभिनेता ने आसपास के कुछ दुकानदारों को 500 रुपये भी दिए। उनके इस व्यवहार को लेकर सोशल मीडिया पर कई लोग उनकी सादगी की तारीफ कर रहे हैं।

    विमल का यह अंदाज इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि कुछ समय पहले ही वह एक कानूनी मामले को लेकर सुर्खियों में थे। चेन्नई की अदालत ने जुलाई 2026 में फिल्म मन्नार वर्गीयारा के निर्माण से जुड़े 4.5 करोड़ रुपये के चेक बाउंस मामले में उन्हें एक साल की जेल की सजा सुनाई थी। रिपोर्टों के अनुसार अभिनेता ने फिल्म के लिए फाइनेंसर गोपी से 4.5 करोड़ रुपये उधार लिए थे। रकम लौटाने के लिए दिया गया चेक बैंक में पर्याप्त धनराशि नहीं होने के कारण बाउंस हो गया था। इसके बाद मामला अदालत तक पहुंचा।

    फैसले के बाद विमल की ओर से अपील करने की बात कही गई थी। अदालत ने भी उन्हें अपील के लिए समय देते हुए सजा को फिलहाल एक महीने के लिए निलंबित कर दिया था। इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि अभिनेता इस समय जेल की सजा काट रहे हैं। उनका कानूनी मामला अभी अपील की प्रक्रिया से जुड़ा हुआ है।

    इस कानूनी विवाद के बीच विमल का अपने गृह क्षेत्र के लोगों के साथ इस तरह घुलना मिलना उनके फैंस के लिए भी खास रहा। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर लोगों की अलग अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे अभिनेता की जमीन से जुड़ी सादगी बता रहे हैं तो कुछ इसे अपने क्षेत्र के लोगों के साथ जुड़ने का सहज तरीका मान रहे हैं।

    वर्कफ्रंट की बात करें तो विमल ने तमिल सिनेमा में लंबे समय तक काम किया है। उन्हें कलवाणी वागई सूडा वा और केडी बिल्ला किल्लाडी रंगा जैसी फिल्मों से पहचान मिली। उनकी हालिया फिल्म वधम को दर्शकों और समीक्षकों से मिली जुली प्रतिक्रिया मिली थी। अब अभिनेता कई नए प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहे हैं। ऐसे में सब्जी बाजार में उनका यह अलग अंदाज फिल्मी करियर से इतर उनकी चर्चा का नया कारण बन गया है।

  • थलापति विजय की फिल्म 'जन नायकन' पर सियासी और सिने विवाद, रिलीज क्यों टल रही है?

    थलापति विजय की फिल्म 'जन नायकन' पर सियासी और सिने विवाद, रिलीज क्यों टल रही है?

    नई दिल्ली। साउथ के सुपरस्टार एक्टर थलापति विजय की आखिरी फिल्म ‘जन नायकन’ इन दिनों लगातार सुर्खियों में बनी हुई है। यह फिल्म 18 दिसंबर 2025 को सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) को सबमिट की गई थी और इसे 9 जनवरी को रिलीज होना था। लेकिन सेंसर सर्टिफिकेट में देरी की वजह से इसकी रिलीज टल गई। सेंसर बोर्ड ने फिल्म के कुछ सीन्स और डायलॉग्स पर आपत्ति जताई है। बोर्ड का मानना है कि फिल्म में कुछ ऐसे राजनीतिक कमेंट हैं जो विवाद पैदा कर सकते हैं। इसी वजह से फिल्म को सर्टिफिकेट मिलने में देरी हुई। लेकिन बात बस इतनी सी नहीं है।

    धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप
    एक कम्प्लेंट में दावा किया गया कि फिल्म धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाती है। मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुका है और फैंस बेसब्री से अपने चहेते एक्टर की आखिरी फिल्म का इंतजार कर रहे हैं। प्रोड्यूसर वेंकट के नारायण ने बताया कि 22 दिसंबर को सेंसर बोर्ड ने ईमेल भेजा था कि कुछ छोटे बदलावों के बाद फिल्म को U/A 16+ सर्टिफिकेट दे दिया जाएगा। मेकर्स ने बताए गए बदलाव कर दिए और फिल्म को दोबारा सबमिट किया, लेकिन फिर भी वक्त पर सर्टिफिकेट नहीं मिला।

    हाई कोर्ट ने दिया सर्टिफिकेट देने का आदेश
    बाद में पता चला कि सेंसर बोर्ड के एक मेंबर ने चेयरपर्सन को शिकायत भेजी थी, जिसके बाद फिल्म को रिवाइजिंग कमेटी के पास भेज दिया गया। मद्रास हाई कोर्ट ने पहले फिल्म को तुरंत सर्टिफिकेट देने का आदेश दिया था, लेकिन फिर डिवीजन बेंच ने इस पर रोक लगा दी। विजय ने हाल ही में अपनी पॉलिटिकल पार्टी ‘तमिलगा वेत्री कझगम’ (Tamilaga Vettri Kazhagam) की शुरुआत की है और ‘जन नायकन’ उनकी राजनीति में एंट्री से पहले की आखिरी फिल्म है। गॉसिप्स की मानें तो पॉलिटिकल वजहों से सेंसर बोर्ड की तरफ से देरी की गई।

    बार-बार रिलीज में देरी से फैंस में आक्रोश
    फिल्म की रिलीज डेट बार-बार टलने के कारण विजय के फैंस काफी नाराज हैं। केरल और तमिलनाडु में कई जगहों पर फैंस ने विरोध प्रदर्शन भी किए हैं। हाल ही में विवाद के चलते कई प्री-प्लान्ड कार्यक्रमों (जैसे बाइक रैली और डीजे इवेंट्स) को रद्द करना पड़ा। एच विनोथ द्वारा निर्देशित इस पॉलिटिकल एक्शन थ्रिलर में एक आम आदमी की कहानी है जो समाज और राजनीति में बदलाव लाने के लिए संघर्ष करता है। फिल्म में विजय के साथ पूजा हेगड़े, बॉबी देओल, मामिता बैजू और प्रकाश राज जैसे एक्टर्स हैं।

    सु्प्रीम कोर्ट पहुंचा मामला, क्या बोला CBFC?
    अब मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुका है। केवीएन प्रोडक्शंस ने मद्रास हाई कोर्ट के स्टे ऑर्डर के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। सीबीएफसी ने भी सुप्रीम कोर्ट में कहा है कि कोई भी फैसला देने से पहले उन्हें भी सुना जाए। सुप्रीम कोर्ट ने अब मामले की अगली सुनवाई 21 जनवरी के लिए तय की है। प्रोड्यूसर ने वीडियो जारी करके फैंस से माफी मांगी है और कहा है कि मामला कोर्ट में है, इसलिए वे सब कुछ नहीं बता सकते।