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  • Tamil Nadu: CM विजय ने पूर्व सरकार के फैसले को पलटा… हिंदू मंदिरों के पैसे से बनने वाले 46 प्रोजेक्ट्स रद्द

    Tamil Nadu: CM विजय ने पूर्व सरकार के फैसले को पलटा… हिंदू मंदिरों के पैसे से बनने वाले 46 प्रोजेक्ट्स रद्द


    चेन्नई।
    तमिलनाडु (Tamil Nadu) की सत्ता संभालते ही मुख्यमंत्री ‘थलापति’ विजय (Chief Minister ‘Thalapathy’ Vijay) ने पूर्व की डीएमके (DMK) सरकार के फैसले को पलटते हुए एक बड़ा और सख्त कदम उठाया है। सीएम विजय (CM Vijay) ने हिंदू धार्मिक और धर्मार्थ बंदोबस्ती (HR&CE) विभाग के तहत 245.85 करोड़ रुपये की लागत वाले 46 प्रोजेक्ट्स की प्रशासनिक मंजूरी तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी है।

    फिल्म स्टार ‘थलापति’ सी. जोसेफ विजय ने जब राजनीति में एंट्री की थी तो लोगों ने शुरुआत में उनके प्रभाव पर शक जताया था और उन्हें सिर्फ ‘किंगमेकर’ माना था। लेकिन 4 मई 2026 को आए विधानसभा चुनाव के नतीजों ने छह दशक बाद मुख्य द्रविड़ पार्टियों को सत्ता से बाहर कर दिया और जनता ने इस अभिनेता के नेतृत्व वाली पार्टी को चुना।

    10 मई को विजय ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, लेकिन उनके प्रशासनिक अनुभव और कार्यकाल पूरा करने को लेकर संदेह बना हुआ था। हालांकि, पद संभालने के एक महीने से अधिक समय बाद, उनके कदमों से यह साबित हो रहा है कि वे सुशासन के जरिए जनता को सही संदेश दे रहे हैं।

    सोमवार को जिला कलेक्टरों और पुलिस प्रमुखों को निर्देश देते हुए विजय ने बिना किसी राजनीतिक दखल के अपराधियों पर सख्त कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि सबसे प्रभावशाली अपराधियों को भी त्वरित और निष्पक्ष न्याय का सामना करना पड़े। इसके अलावा, उन्होंने घोषणा की कि तमिलनाडु की सभी सार्वजनिक परिवहन बसें वातानुकूलित (AC) होंगी।


    सीएम के रूप में पहले दिन से ही असरदार फैसले

    सत्ता संभालने के कुछ ही घंटों के भीतर विजय ने 200 यूनिट मुफ्त बिजली का ऐलान किया, जिससे राज्य के लगभग 2.4 करोड़ घरेलू बिजली कनेक्शन धारकों को फायदा होगा। नशीले पदार्थों की तस्करी और उपयोग को रोकने के लिए हर जिले में ‘एंटी-ड्रग टास्क फोर्स’ का गठन किया गया, जिसकी निगरानी सीएम खुद करेंगे। महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों को रोकने के लिए ‘सिंगप्पेन (शेरनी) स्पेशल टास्क फोर्स’ बनाई गई।

    48 घंटों के भीतर, राज्य भर में धार्मिक स्थलों, शिक्षण संस्थानों और बस स्टैंडों के 500 मीटर के दायरे में चल रही 717 ‘तस्माक’ शराब की दुकानों को दो सप्ताह के भीतर बंद करने का आदेश दिया गया।


    कॉर्पोरेट CEO जैसी कार्यशैली और समय की पाबंदी

    सीएम विजय हर सुबह एकदम सही समय पर सचिवालय पहुंचते हैं। पारंपरिक सफेद वेष्टि की बजाय वे काले रंग का शानदार सूट और सफेद शर्ट पहनते हैं, जो उन्हें एक आधुनिक प्रशासक के रूप में पेश करता है। वे सोमवार से शुक्रवार तक अपनी डेस्क पर लगभग सात घंटे बिताते हैं और वरिष्ठ नौकरशाहों से भी समय की पाबंदी की सख्त उम्मीद रखते हैं। काम के दौरान राजनीतिक बैठकों की बजाय वे घर से अपना लंच लाना और शांति से खाना पसंद करते हैं।


    नीति आयोग द्वारा प्रशंसा और केंद्र से तालमेल

    नीति आयोग के उपाध्यक्ष अशोक कुमार लाहिड़ी ने 2035 तक तमिलनाडु की अर्थव्यवस्था को 1.5 ट्रिलियन डॉलर बनाने के विजय के विजन की तारीफ की है, जिसे राज्य को वैश्विक निवेश और तकनीकी डेस्टिनेशन बनाने के कदम के रूप में देखा जा रहा है। पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर विजय ने मेकेदातु बांध परियोजना के खिलाफ कानूनी कदम उठाने, श्रीलंकाई नौसेना द्वारा पकड़े गए मछुआरों की रिहाई और रक्षा निर्माण एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) प्रोजेक्ट्स के लिए सहयोग की मांग की।


    भ्रष्टाचार विरोधी कदम और जन कल्याण

    विजय ने हिंदू धार्मिक और धर्मार्थ बंदोबस्ती (HR&CE) विभाग के 46 प्रोजेक्ट्स के लिए दी गई प्रशासनिक मंजूरी रद्द कर दी। इन प्रोजेक्ट्स की कुल कीमत 245.85 करोड़ रुपये थी और इनमें शादी-ब्याह के हॉल और कमर्शियल कॉम्प्लेक्स शामिल थे, जिन्हें पिछली DMK सरकार के समय मंजूरी मिली थी। सरकारी अधिकारियों ने कहा कि इस कदम का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि मंदिर के संसाधनों का इस्तेमाल कमर्शियल कामों के बजाय मंदिर से जुड़ी गतिविधियों में किया जाए। सरकार ने यह भी घोषणा की है कि रद्द किए गए प्रोजेक्ट्स से बचे फंड का इस्तेमाल मंदिरों और श्रद्धालुओं के लिए नई योजनाएं शुरू करने में किया जाएगा।

    620 अम्मा कैंटीनों को आधुनिक बनाने, बर्तन बदलने और साफ-सफाई में सुधार के निर्देश दिए गए हैं। गरीब कर्जदारों के लिए सहकारी बैंक ऋण माफी के पहले चरण की घोषणा की गई और जल जीवन मिशन के रुके हुए प्रोजेक्ट्स को फिर से शुरू किया गया। कृषि क्षेत्र के समर्थन के लिए धान की खेती को बढ़ावा देने हेतु 134.83 करोड़ रुपये का पैकेज घोषित किया गया। तमिलनाडु के वित्त पर एक श्वेत पत्र जारी कर राज्य के कर्ज के बोझ को उजागर किया गया और राजकोषीय पारदर्शिता का वादा किया गया।

  • फिल्म ‘जन नायकन’ लीक मामले में बड़ा एक्शन, साइबर क्राइम जांच में तेज़ी

    फिल्म ‘जन नायकन’ लीक मामले में बड़ा एक्शन, साइबर क्राइम जांच में तेज़ी


    नई दिल्ली।
    तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और अभिनेता विजय की बहुचर्चित फिल्म ‘जन नायकन’ लीक मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गैंगस्टर कानून के तहत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में असिस्टेंट एडिटर प्रशांत, सेल्वम और बालाकृष्णन शामिल हैं, जिन्हें इस अवैध लीक का मुख्य आरोपी बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार फिल्म को 3 अप्रैल को अवैध तरीके से ऑनलाइन लीक किया गया था, जिसके बाद साइबर क्राइम यूनिट ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी और अब तक कुल 9 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

    सूत्रों के मुताबिक यह फिल्म विजय के करियर की आखिरी फिल्म मानी जा रही है, क्योंकि उन्होंने राजनीति में सक्रिय होने के लिए फिल्मी दुनिया से दूरी बना ली है। ‘जन नायकन’ का निर्देशन एच. विनोथ ने किया है और इसकी शूटिंग पहले ही पूरी हो चुकी थी। फिल्म को पोंगल 2026 में रिलीज किया जाना था, लेकिन राजनीतिक संवेदनशीलता और कुछ तकनीकी कारणों से इसकी रिलीज टाल दी गई। सेंसर बोर्ड की कमेटी अभी भी फिल्म का रिव्यू कर रही है और प्रमाणपत्र जारी होने का इंतजार किया जा रहा है।

    फिल्म में विजय के साथ बॉबी देओल, पूजा हेगड़े, प्रकाश राज और गौतम वासुदेव मेनन जैसे बड़े कलाकार नजर आने वाले हैं। प्रोड्यूसर के. वेंकट नारायण ने पहले ही स्पष्ट किया था कि जैसे ही सेंसर सर्टिफिकेट मिलेगा, फिल्म को रिलीज कर दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि विजय के मुख्यमंत्री बनने के बाद यह उनके लिए एक नया अध्याय है और फिल्म को लेकर दर्शकों में भारी उत्साह है।

    इधर फिल्म लीक मामले ने इंडस्ट्री में सुरक्षा और डिजिटल पाइरेसी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़कर आगे की जांच में जुटी हुई है।

  • तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा बदलाव, थलपति विजय के नेतृत्व में नई सरकार, राष्ट्रीय नेताओं की मौजूदगी बनी चर्चा

    तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा बदलाव, थलपति विजय के नेतृत्व में नई सरकार, राष्ट्रीय नेताओं की मौजूदगी बनी चर्चा

    नई दिल्ली । तमिलनाडु की राजनीति में लंबे इंतजार और गहन राजनीतिक हलचलों के बाद आखिरकार वह क्षण आ गया जिसने राज्य की सत्ता संरचना को नया रूप दे दिया। चेन्नई में आयोजित एक भव्य शपथ ग्रहण समारोह में लोकप्रिय अभिनेता से राजनेता बने Thalapathy Vijay ने आधिकारिक रूप से मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इस घटना को राज्य की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ के रूप में देखा जा रहा है, जहां परंपरागत राजनीतिक ढांचे से बाहर निकलकर एक नए नेतृत्व ने जिम्मेदारी संभाली है।

    इस समारोह की खास बात यह रही कि इसमें राष्ट्रीय स्तर के प्रमुख राजनीतिक नेता भी शामिल हुए। कांग्रेस नेता Rahul Gandhi ने कार्यक्रम में मौजूद रहकर नई सरकार को शुभकामनाएं दीं और इसे जनता की बदलती सोच का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि राज्य की जनता ने इस बार नई पीढ़ी, नए विचार और नई राजनीतिक कल्पना को अवसर दिया है, जो आने वाले समय में शासन की दिशा तय कर सकता है।

    इसी अवसर पर Mallikarjun Kharge ने भी विजय को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर बधाई दी। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि तमिलनाडु की राजनीति हमेशा से सामाजिक न्याय, समानता और प्रगतिशील विचारों पर आधारित रही है और उम्मीद है कि नई सरकार इन्हीं मूल्यों को आगे बढ़ाएगी। उनके अनुसार यह बदलाव केवल सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि राजनीतिक सोच के विकास का संकेत है।

    शपथ ग्रहण समारोह चेन्नई के प्रमुख आयोजन स्थल पर बड़े पैमाने पर आयोजित किया गया, जहां राजनीतिक, सांस्कृतिक और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े कई लोग मौजूद रहे। माहौल में उत्साह और ऐतिहासिक बदलाव की झलक साफ दिखाई दे रही थी। लंबे समय से चल रही राजनीतिक अनिश्चितता अब समाप्त हो गई है और राज्य को एक नई सरकार और नया नेतृत्व मिल गया है।

    मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद अपने पहले संबोधन में थलपति विजय ने खुद को जनता का प्रतिनिधि बताया। उन्होंने कहा कि उनका राजनीतिक सफर किसी पारंपरिक राजनीतिक परिवार से नहीं जुड़ा है, बल्कि जनता के विश्वास और समर्थन ने उन्हें इस स्थान तक पहुंचाया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी सरकार झूठे वादों की बजाय ठोस काम और पारदर्शी प्रशासन पर ध्यान देगी।

    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह परिवर्तन तमिलनाडु की राजनीति में एक नई दिशा का संकेत है, जहां जनता ने एक गैर-पारंपरिक नेतृत्व को मौका दिया है। यह बदलाव न केवल सत्ता परिवर्तन है, बल्कि राजनीतिक सोच और जन अपेक्षाओं में आए बदलाव का भी प्रतीक है।

    नई सरकार के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती यह होगी कि वह जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरे और प्रशासनिक अनुभव के साथ विकास कार्यों को गति दे। रोजगार, शिक्षा, बुनियादी ढांचा और सामाजिक कल्याण जैसे मुद्दे आने वाले समय में सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल रहेंगे।

    इस तरह तमिलनाडु ने एक नए राजनीतिक अध्याय की शुरुआत की है, जहां नेतृत्व, उम्मीदें और जनता की भूमिका मिलकर एक नए शासन मॉडल की ओर इशारा कर रही हैं।