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  • दीपावली के बाद तमिलनाडु सरकार का बड़ा फैसला, 9 नवंबर को छुट्टी और कोयंबेडु मंडी भी रहेगी बंद

    दीपावली के बाद तमिलनाडु सरकार का बड़ा फैसला, 9 नवंबर को छुट्टी और कोयंबेडु मंडी भी रहेगी बंद

    नई दिल्ली ।तमिलनाडु सरकार ने दीपावली के बाद राज्य के लोगों को राहत देते हुए 9 नवंबर को अतिरिक्त सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। यह छुट्टी सरकारी कार्यालयों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और शैक्षणिक संस्थानों में लागू होगी। सरकार के इस फैसले का उद्देश्य त्योहार मनाने के लिए अपने गृहनगर जाने वाले लोगों को वापस लौटने के लिए अतिरिक्त समय देना है। इसी दिन चेन्नई की प्रमुख कोयंबेडु सब्जी मंडी भी बंद रहेगी। ऐसे में सरकारी कर्मचारियों, विद्यार्थियों और सब्जी कारोबार से जुड़े लोगों को अपनी योजनाएं पहले से तय करनी होंगी।

    इस वर्ष दीपावली 8 नवंबर को रविवार के दिन मनाई जाएगी। त्योहार के अगले दिन सोमवार, 9 नवंबर को सरकारी छुट्टी मिलने से लोगों को परिवार के साथ समय बिताने का अतिरिक्त अवसर मिलेगा। खासकर वे लोग जो नौकरी, पढ़ाई या अन्य कारणों से दूसरे शहरों में रहते हैं और दीपावली मनाने के लिए अपने पैतृक शहर या गांव जाते हैं, उन्हें वापसी की तैयारी के लिए एक दिन और मिल सकेगा।

    सरकार के आदेश के मुताबिक, 9 नवंबर का अवकाश पूरे तमिलनाडु में लागू रहेगा। इसके दायरे में सभी सरकारी कार्यालय, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम, स्कूल, कॉलेज और अन्य शैक्षणिक संस्थान शामिल हैं। इसका मतलब है कि इन संस्थानों में सोमवार को नियमित कामकाज और शैक्षणिक गतिविधियां संचालित नहीं होंगी। छुट्टी का लाभ सरकारी कर्मचारियों के साथ विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों को भी मिलेगा।

    हालांकि, अतिरिक्त अवकाश के कारण सरकारी कामकाज के निर्धारित दिनों में बदलाव किया गया है। 9 नवंबर की छुट्टी की भरपाई के लिए 28 नवंबर को कार्यदिवस घोषित किया गया है। यह तारीख शनिवार को पड़ रही है। इसलिए संबंधित सरकारी कार्यालयों और संस्थानों को इस संशोधित कार्यक्रम के अनुसार काम करना होगा। निर्धारित व्यवस्था के तहत 9 नवंबर को बंद रहने वाले संस्थानों में 28 नवंबर को सामान्य कामकाज किया जाएगा।

    इस फैसले से त्योहार के बाद एक साथ यात्रा करने वाले परिवारों को भी सुविधा मिलने की उम्मीद है। रविवार को दीपावली मनाने के तुरंत बाद सोमवार को काम या पढ़ाई के लिए लौटने की बाध्यता नहीं रहेगी। लोग अपनी यात्रा को सुविधानुसार आगे बढ़ा सकेंगे। सरकार ने अवकाश के साथ उसकी भरपाई की तारीख भी तय कर दी है, जिससे संस्थानों के कामकाजी कार्यक्रम में संतुलन बनाए रखा जा सके।

    दूसरी ओर, चेन्नई स्थित कोयंबेडु सब्जी मंडी भी 9 नवंबर को एक दिन के लिए बंद रहेगी। यह फैसला बाजार से जुड़े व्यापारी संगठनों की बैठक में लिया गया है। एकीकृत बाजार संघ महासंघ के अध्यक्ष जीटी राजशेखरन की अध्यक्षता में हुई सलाहकार बैठक में इस प्रस्ताव को सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई।

    बैठक में तय किया गया कि दीपावली तक बाजार की सभी सब्जी दुकानें सामान्य रूप से खुली रहेंगी। इससे त्योहार से पहले ग्राहकों को आवश्यक सब्जियां खरीदने और व्यापारियों को अपना कारोबार संचालित करने का अवसर मिलेगा। बाजार में खरीदारी करने वाले लोगों को 9 नवंबर की बंदी को ध्यान में रखते हुए अपनी जरूरत का सामान पहले ही खरीदना होगा।

    व्यापारी संघ के निर्णय के अनुसार, कोयंबेडु सब्जी मंडी मंगलवार, 10 नवंबर से दोबारा सामान्य रूप से खुल जाएगी। यह बंदी केवल दीपावली के अगले दिन के लिए निर्धारित की गई है। इस तरह 9 नवंबर को तमिलनाडु में सरकारी संस्थानों के साथ चेन्नई की प्रमुख सब्जी मंडी भी बंद रहेगी, जबकि अगले दिन से बाजार का कारोबार नियमित रूप से शुरू हो जाएगा।

  • तमिलनाडु दिवस पर सीएम विजय की अपील, तमिल भाषा और सांस्कृतिक विरासत बचाने के लिए दिया खास संदेश..

    तमिलनाडु दिवस पर सीएम विजय की अपील, तमिल भाषा और सांस्कृतिक विरासत बचाने के लिए दिया खास संदेश..

    नई दिल्ली ।चेन्नई। तमिलनाडु दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री विजय ने राज्य के नागरिकों से तमिल भाषा की रक्षा करने और अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखने की अपील की। रविवार, 1 नवंबर को जारी अपने संदेश में उन्होंने तमिलनाडु की ऐतिहासिक पहचान, मातृभाषा के महत्व और राज्य के गठन के लिए हुए संघर्षों को याद किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि तमिल भाषा और संस्कृति का संरक्षण समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक गौरव को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का आग्रह किया।

    मुख्यमंत्री विजय ने अपने संदेश में उन लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की, जिन्होंने तमिल भाषा की रक्षा और तमिल भाषी क्षेत्रों को एक राज्य के अंतर्गत लाने के लिए संघर्ष किया था। उन्होंने कहा कि इन लोगों के प्रयास और बलिदान तमिल समाज की एकता तथा साझा पहचान के लिए हमेशा प्रेरणा बने रहेंगे। उनके संघर्षों ने तमिलनाडु के गठन और उसकी विशिष्ट पहचान को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

    उन्होंने तमिलनाडु दिवस को केवल राज्य स्थापना की वर्षगांठ तक सीमित नहीं बताया, बल्कि इसे राज्य के इतिहास, भाषा और सांस्कृतिक विरासत को याद करने का अवसर भी माना। मुख्यमंत्री के अनुसार, यह दिन उन ऐतिहासिक प्रयासों को सम्मान देने का मौका है, जिनके माध्यम से तमिल भाषी लोगों की पहचान को एकजुट स्वरूप मिला।

    विजय ने नागरिकों से तमिल थाई यानी मातृ तमिल भाषा के प्रति सम्मान बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि भाषा किसी भी समाज के इतिहास, संस्कृति और सामूहिक पहचान से गहराई से जुड़ी होती है। इसलिए तमिल भाषा की रक्षा करना अपनी सांस्कृतिक परंपराओं और ऐतिहासिक विरासत को सुरक्षित रखने के समान है। उन्होंने लोगों से भाषा से जुड़ी परंपराओं को निरंतर आगे बढ़ाने का आग्रह किया।

    मुख्यमंत्री ने उन शहीदों और संघर्षकर्ताओं के योगदान को भी याद किया, जिन्होंने तमिल भाषी क्षेत्रों को एकजुट करने तथा मातृभाषा के सम्मान के लिए प्रयास किए। उन्होंने कहा कि उनका योगदान आने वाली पीढ़ियों को अपनी भाषाई और सांस्कृतिक पहचान के प्रति जागरूक करता रहेगा। ऐसे ऐतिहासिक प्रयासों को याद रखना समाज में एकता और अपनत्व की भावना को मजबूत करने के लिए जरूरी है।

    तमिलनाडु दिवस का संबंध राज्यों के भाषाई आधार पर पुनर्गठन और राज्य के गठन की ऐतिहासिक प्रक्रिया से है। हर साल 1 नवंबर को यह दिवस मनाया जाता है। इस अवसर पर राज्य के गठन में योगदान देने वाले लोगों और उन संघर्षों को याद किया जाता है, जिन्होंने तमिल भाषी क्षेत्रों को एक अलग पहचान दिलाने में भूमिका निभाई।

    मुख्यमंत्री विजय ने अपने शुभकामना संदेश में इस ऐतिहासिक अवसर को तमिलनाडु की विशिष्ट पहचान और गौरव से जोड़ते हुए नागरिकों से अपनी विरासत के प्रति प्रतिबद्ध रहने का आह्वान किया। उन्होंने भाषा, संस्कृति और इतिहास के संरक्षण को राज्य की पहचान बनाए रखने का महत्वपूर्ण आधार बताया। उनका संदेश तमिलनाडु दिवस के ऐतिहासिक महत्व के साथ मातृभाषा और सांस्कृतिक परंपराओं को सम्मान देने पर केंद्रित रहा।

  • तमिलनाडु में मूसलाधार बारिश से बाढ़ जैसे हालात, सड़कें क्षतिग्रस्त, कई इलाकों में बिजली गुल

    तमिलनाडु में मूसलाधार बारिश से बाढ़ जैसे हालात, सड़कें क्षतिग्रस्त, कई इलाकों में बिजली गुल

    नई दिल्ली । तमिलनाडु के कई जिलों में भारी बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। जगह-जगह सड़कों और घरों में पानी भरने से आवागमन बाधित हुआ है, जबकि कुछ इलाकों में सड़कें क्षतिग्रस्त होने और लंबे समय तक बिजली आपूर्ति ठप रहने की समस्या सामने आई है। लगातार बारिश के कारण लोगों को दैनिक गतिविधियों में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस बीच मौसम विभाग ने राज्य के पश्चिमी घाट से लगे जिलों और दक्षिणी हिस्सों में अगले दो दिनों के दौरान कुछ स्थानों पर बारिश होने का अनुमान जताया है।

    तिरुपत्तुर जिले के वायमपट्टू इलाके में भारी बारिश के कारण सड़कें पानी में डूब गईं। जलभराव के बीच वाहन चालकों को आवाजाही करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। पानी से भरे रास्तों के कारण यातायात प्रभावित हुआ और स्थानीय लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में परेशानी हुई।

    शिवगंगा के शहरी क्षेत्रों में भी तेज बारिश दर्ज की गई। यहां बिजली आपूर्ति 10 घंटे से अधिक समय तक बाधित रही। लंबे समय तक बिजली नहीं रहने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गईं। बारिश के कारण पहले से प्रभावित जनजीवन के बीच बिजली गुल रहने से सामान्य कामकाज भी प्रभावित हुआ।

    कोयंबटूर जिले के पुलियामारथुपलायम, सुलूर और वरपट्टी में मूसलाधार बारिश हुई। पुलियामारथुपलायम में बारिश के चलते डामर से बनी एक सड़क क्षतिग्रस्त हो गई। इससे सड़क पर आवागमन प्रभावित हुआ और वहां से गुजरने वाले लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी।

    मयिलादुथुराई जिले के तरंगमबाडी इलाके में भी बारिश का असर देखने को मिला। बारिश के बीच छात्र स्कूल पहुंचे, जिनमें कई बच्चे पूरी तरह भीग गए थे। सुबह के समय खराब मौसम के कारण बच्चों और उनके साथ जाने वाले लोगों को सफर करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

    कोडैकनाल में भारी बारिश से सिल्वर कैस्केड झरने में पानी का बहाव काफी बढ़ गया। वहीं, थोप्पिकनल इलाके में पानी घरों के भीतर तक पहुंच गया। घरों में जलभराव होने से लोगों की रोजमर्रा की गतिविधियां प्रभावित हुईं। पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश से पैदा हुई चुनौतियों के बीच उदगमंडलम जाने वाली सड़क के भूस्खलन प्रभावित हिस्से को साफ करने और उसकी मरम्मत का काम भी जारी रहा। इस कार्य में सेना के जवान जुटे रहे, ताकि बाधित मार्ग को दोबारा चालू किया जा सके।

    इस बीच मौसम विभाग ने पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी की ओर बढ़ रहे चक्रवात के और तीव्र होकर बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान में बदलने की आशंका जताई है। विभाग के बुलेटिन के अनुसार, इसके आंध्र प्रदेश के तट पर बापटला और विशाखापत्तनम के बीच यानम के पास पहुंचने और तट से टकराने की संभावना है।

    मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, मंगलवार को तमिलनाडु के पश्चिमी घाट वाले जिलों और दक्षिणी हिस्सों में एक-दो स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। राज्य के बाकी क्षेत्रों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने की उम्मीद है। बुधवार को पश्चिमी घाट के जिलों में कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश और दक्षिणी तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश होने का अनुमान है।

    राजधानी चेन्नई में मंगलवार को आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने और कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिनों में राज्य में बारिश का दायरा काफी सीमित रह सकता है। हालांकि, अलग-अलग जिलों में बारिश की तीव्रता और स्थानीय परिस्थितियों के कारण लोगों को सतर्क रहने की जरूरत होगी।

  • विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना ने मुख्यमंत्री थलापति विजय से की मुलाकात, अभिनेता ने की तारीफ, रश्मिका बोलीं- मैं उनकी फैन हूं

    विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना ने मुख्यमंत्री थलापति विजय से की मुलाकात, अभिनेता ने की तारीफ, रश्मिका बोलीं- मैं उनकी फैन हूं

    नई दिल्ली ।अभिनेता विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री थलापति विजय से मुलाकात की। इस मुलाकात की तस्वीरें दोनों कलाकारों ने साझा की हैं। विजय देवरकोंडा ने मुख्यमंत्री के साथ हुई बातचीत को खास अनुभव बताया और उनके व्यवहार की तारीफ की। वहीं, रश्मिका मंदाना ने भी मुख्यमंत्री विजय के प्रति अपना सम्मान जाहिर करते हुए कहा कि एक प्रशंसक के रूप में उन्हें हमेशा से उनसे लगाव रहा है।

    विजय देवरकोंडा ने मुलाकात की तीन तस्वीरें साझा कीं। इनमें एक तस्वीर में मुख्यमंत्री विजय दोनों कलाकारों के साथ खड़े होकर तस्वीर खिंचवाते दिखाई दे रहे हैं। दूसरी तस्वीर में तीनों बैठकर बातचीत करते नजर आ रहे हैं, जबकि तीसरी तस्वीर में मुख्यमंत्री अभिनेता विजय देवरकोंडा को गले लगाते दिख रहे हैं। इन तस्वीरों के साथ अभिनेता ने मुलाकात के अनुभव को भी साझा किया।

    विजय देवरकोंडा ने अपने संदेश में कहा कि थलापति विजय के साथ समय बिताना उनके लिए बेहद सुखद रहा। उन्होंने बताया कि व्यस्त दिन होने के बावजूद मुख्यमंत्री ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान निजी जीवन, काम और दुनिया से जुड़े विभिन्न विषयों पर बातचीत हुई। अभिनेता ने यह भी कहा कि एक ही मुलाकात के बाद थलापति विजय उनके पसंदीदा लोगों में शामिल हो गए। उनके संदेश से मुख्यमंत्री के प्रति सम्मान और उनके साथ हुई बातचीत को लेकर उत्साह जाहिर हुआ।

    रश्मिका मंदाना ने भी मुलाकात की तस्वीरें साझा करते हुए मुख्यमंत्री विजय के लिए खास संदेश लिखा। उन्होंने कहा कि लंबे समय बाद विजय सर से मिलना उनके लिए अच्छा अनुभव रहा। रश्मिका ने एक प्रशंसक के रूप में उन्हें पसंद करने से लेकर उनके साथ काम करने का अवसर मिलने तक के सफर का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आज उन्हें मुख्यमंत्री के रूप में उनकी प्रशंसा करते हुए खुशी हो रही है। अभिनेत्री ने उन्हें आगे के लिए प्यार और शुभकामनाएं भी दीं।

    थलापति विजय के तमिलनाडु का मुख्यमंत्री बनने पर विजय देवरकोंडा ने पहले भी खुशी जाहिर की थी और उन्हें बधाई दी थी। हालांकि, अभिनेता ने वर्ष 2018 में एक साक्षात्कार के दौरान कहा था कि उन्होंने थलापति विजय की कोई भी फिल्म पूरी नहीं देखी है, लेकिन उनकी फिल्मों के ट्रेलर उन्हें पसंद आते हैं। हालिया मुलाकात के बाद अभिनेता की टिप्पणी ने दोनों कलाकारों के बीच हुई बातचीत को फिर चर्चा में ला दिया है।

    कामकाज की बात करें तो विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना आगामी फिल्म ‘राणाबाली’ में एक साथ नजर आने वाले हैं। फिल्म से जुड़े कई वीडियो पहले ही चर्चा में आ चुके हैं। फिल्म 16 अक्टूबर को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। दर्शक दोनों कलाकारों को एक बार फिर पर्दे पर साथ देखने का इंतजार कर रहे हैं।

    विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना इससे पहले ‘गीता गोविंदम’ और ‘डियर कॉमरेड’ में साथ काम कर चुके हैं। ‘राणाबाली’ में दोनों तीसरी बार एक साथ पर्दे पर दिखाई देंगे। दोनों के निजी जीवन को लेकर भी प्रशंसकों में दिलचस्पी रही है। दी गई जानकारी के मुताबिक, दोनों ने इसी साल फरवरी में उदयपुर में शादी की थी और इसके बाद हैदराबाद में भव्य रिसेप्शन आयोजित किया था। शादी के बाद ‘राणाबाली’ उनकी पहली साथ आने वाली फिल्म है।

  • पीएम मोदी ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय को दिया केंद्र की मदद का भरोसा, 13 हजार करोड़ की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास

    पीएम मोदी ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय को दिया केंद्र की मदद का भरोसा, 13 हजार करोड़ की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास

    नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को तमिलनाडु के विकास के लिए केंद्र सरकार की ओर से हर जरूरी सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया। चेन्नई में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि केंद्र पूरी प्रतिबद्धता के साथ तमिलनाडु के साथ खड़ा है। उन्होंने राज्य के मुख्यमंत्री विजय के नेतृत्व में तमिलनाडु के विकास और देश को विकसित बनाने के साझा लक्ष्य पर जोर दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों मिलकर विकसित तमिलनाडु के माध्यम से विकसित भारत के संकल्प को साकार कर सकते हैं।

    प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि केंद्र सरकार तमिलनाडु को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए आवश्यक सहयोग देने को तैयार है। उन्होंने कहा कि राज्य को केंद्र से जिस भी सहायता की जरूरत होगी, उसे उपलब्ध कराने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। उनके मुताबिक, तमिलनाडु के विकास को आगे बढ़ाने के लिए केंद्र और राज्य के बीच सहयोग महत्वपूर्ण है। उन्होंने राज्य के लोगों को विकास परियोजनाओं से जुड़े इस अवसर पर बधाई भी दी।

    चेन्नई में आयोजित कार्यक्रम में लगभग 13 हजार करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया गया। प्रधानमंत्री ने इसे तमिलनाडु के लिए ऐतिहासिक दिन बताया। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के तहत कुछ ऐसी परियोजनाएं जनता को समर्पित की जा रही हैं, जिनका काम पूरा हो चुका है, जबकि कई नई परियोजनाओं की आधारशिला रखी जा रही है। इन योजनाओं का संबंध परिवहन, उद्योग, व्यापार और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों से है।

    मोदी ने कहा कि विकास परियोजनाओं में से कुछ लोगों की रोजमर्रा की यात्रा को आसान बनाएंगी। वहीं, दूसरी परियोजनाओं से उद्योग और व्यापार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि इन पहलों का संयुक्त उद्देश्य तमिलनाडु के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार करना है। प्रधानमंत्री ने राज्य के विकास में बुनियादी ढांचे की भूमिका को भी रेखांकित किया।

    अपने दौरे के दौरान प्रधानमंत्री ने चेन्नई मेट्रो के एक अन्य चरण को जनता को समर्पित करने का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि उन्हें भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान में ब्रेन रिसर्च सेंटर जाने का अवसर मिला। प्रधानमंत्री के अनुसार, इस क्षेत्र में होने वाला अनुसंधान सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में कई नए अवसर पैदा कर सकता है। इस तरह उनके कार्यक्रम में आधुनिक परिवहन व्यवस्था के साथ वैज्ञानिक अनुसंधान और स्वास्थ्य से जुड़े विषय भी शामिल रहे।

    प्रधानमंत्री ने तमिलनाडु की सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक विकास के बीच संबंध पर भी बात की। उन्होंने कहा कि मंदिरों से लेकर मेट्रो तक राज्य के अनुभव आज के भारत की भावना को दर्शाते हैं। उनके अनुसार, भारत अपनी सांस्कृतिक शक्ति से प्रेरणा लेते हुए विज्ञान में प्रगति कर रहा है और आधुनिक बुनियादी ढांचे के माध्यम से नए अवसर तैयार कर रहा है। उन्होंने विरासत और भविष्य की आकांक्षाओं को साथ लेकर आगे बढ़ने की आवश्यकता पर जोर दिया।

    प्रधानमंत्री का यह संबोधन तमिलनाडु में विकास परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास के अवसर पर हुआ। उन्होंने राज्य के विकास के लिए केंद्र की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि सरकार तमिलनाडु को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक सहायता देने को तैयार है। 13 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं के जरिए परिवहन, उद्योग, व्यापार और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में विकास को गति देने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में मुख्यमंत्री विजय की ओर से इस प्रस्ताव पर किसी प्रतिक्रिया का उल्लेख नहीं है।

  • पीएम मोदी के 76वें जन्मदिन पर तमिलनाडु CM सी. जोसेफ विजय ने दी शुभकामनाएं, मजबूत भारत बनाने के प्रयासों की सराहना

    पीएम मोदी के 76वें जन्मदिन पर तमिलनाडु CM सी. जोसेफ विजय ने दी शुभकामनाएं, मजबूत भारत बनाने के प्रयासों की सराहना

    नई दिल्ली ।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन पर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने उन्हें शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री विजय के संदेश में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और मजबूत भारत के निर्माण के लिए किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख किया गया। विजय ने प्रधानमंत्री के अच्छे स्वास्थ्य और लंबी उम्र की कामना भी की।

    मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से साझा किए गए संदेश में विजय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मजबूत भारत के निर्माण के लिए समर्पण के साथ नेतृत्व कर रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री के स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की कामना की। विजय का यह संदेश 17 सितंबर को प्रधानमंत्री मोदी के 76वें जन्मदिन के अवसर पर सामने आया।

    मुख्यमंत्री विजय के संदेश में इस्तेमाल की गई भाषा को लेकर राजनीतिक चर्चा भी शुरू हुई है। इसकी वजह यह है कि विजय ने प्रधानमंत्री को केवल औपचारिक जन्मदिन की शुभकामना देने के बजाय उनके नेतृत्व और मजबूत भारत के निर्माण के प्रयासों का विशेष रूप से उल्लेख किया। संदेश में प्रधानमंत्री के प्रति सम्मान और सकारात्मक भाषा दिखाई दी।

    सी. जोसेफ विजय तमिलनाडु के मुख्यमंत्री होने के साथ तमिलगा वेत्री कषगम के प्रमुख भी हैं। उनके राजनीतिक रुख को देखते हुए प्रधानमंत्री मोदी के लिए इस्तेमाल किए गए शब्दों पर विशेष ध्यान गया है। हालांकि, जन्मदिन की शुभकामना में व्यक्त किए गए विचारों से किसी व्यापक राजनीतिक बदलाव का निष्कर्ष निकालना अलग विषय है। फिलहाल संदेश में प्रधानमंत्री के नेतृत्व और मजबूत भारत के निर्माण के प्रयासों की सराहना स्पष्ट रूप से दिखाई देती है।

    विजय और भारतीय जनता पार्टी के बीच राजनीतिक मतभेद सार्वजनिक रूप से सामने आते रहे हैं। विधानसभा चुनाव से पहले विजय ने भाजपा को अपनी पार्टी का वैचारिक विरोधी बताया था। इसके बावजूद मुख्यमंत्री बनने के बाद केंद्र और तमिलनाडु सरकार के बीच विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर संवाद और समन्वय भी देखने को मिला है। ऐसे में प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर दिया गया यह संदेश राजनीतिक रूप से चर्चा का विषय बना है।

    प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर देश के अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी उन्हें शुभकामनाएं दीं। इनमें विपक्षी दलों के नेता भी शामिल रहे। तमिलनाडु में मुख्यमंत्री विजय के अलावा राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर और अन्य राजनीतिक नेताओं ने भी प्रधानमंत्री को जन्मदिन की बधाई दी।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्म 17 सितंबर 1950 को गुजरात के वडनगर में हुआ था। इस वर्ष उनका 76वां जन्मदिन मनाया जा रहा है। जन्मदिन के अवसर पर देशभर में अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान राजनीतिक नेताओं ने प्रधानमंत्री के अच्छे स्वास्थ्य और लंबी उम्र की कामना की।

    मुख्यमंत्री विजय का संदेश ऐसे समय आया है जब तमिलनाडु की राजनीति में केंद्र और राज्य के संबंधों को लेकर लगातार चर्चा बनी हुई है। उनके संदेश में प्रधानमंत्री के साथ राजनीतिक मुद्दों पर मतभेदों का कोई उल्लेख नहीं था। इसके बजाय संदेश पूरी तरह जन्मदिन की शुभकामनाओं और मजबूत भारत के निर्माण के लिए प्रधानमंत्री के नेतृत्व की सराहना पर केंद्रित रहा।

  • मद्रास हाईकोर्ट ने मदुरंतकम और धारापुरम उपचुनाव पर रोक से किया इनकार, इस्तीफा देकर दोबारा चुनाव लड़ने पर उठाए सवाल

    मद्रास हाईकोर्ट ने मदुरंतकम और धारापुरम उपचुनाव पर रोक से किया इनकार, इस्तीफा देकर दोबारा चुनाव लड़ने पर उठाए सवाल


    नई दिल्ली ।
    मद्रास उच्च न्यायालय ने तमिलनाडु की मदुरंतकम और धारापुरम विधानसभा सीटों पर छह अक्टूबर को होने वाले उपचुनावों पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। हालांकि, सुनवाई के दौरान अदालत ने चुनाव जीतने के कुछ समय बाद विधायक पद से इस्तीफा देकर उसी सीट से दूसरी पार्टी के टिकट पर दोबारा चुनाव लड़ने की स्थिति पर गंभीर टिप्पणी की।

    न्यायालय ने ऐसी स्थिति को लोकतांत्रिक प्रक्रिया और मतदाताओं के जनादेश से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा बताया। अदालत ने कहा कि निर्वाचित विधायक का जल्द इस्तीफा देकर दूसरी पार्टी के टिकट पर उसी सीट से फिर चुनाव लड़ना मतदाताओं के दिए जनादेश का अनादर है।

    चेन्नई के अधिवक्ता के सुथन की ओर से दायर जनहित याचिका पर न्यायमूर्ति एसएम सुब्रमण्यम और न्यायमूर्ति के गोविंदराजन की पीठ ने बुधवार को सुनवाई की। याचिका में मांग की गई थी कि जिन नेताओं ने दल बदलकर दोबारा चुनाव लड़ने के लिए अपनी विधायक सीट छोड़ी है, उनसे उपचुनाव कराने का खर्च वसूला जाए।

    पीठ ने चुनाव आयोग से कहा कि संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत उपलब्ध शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए इस तरह की परिस्थितियों से निपटने के लिए दिशानिर्देश तैयार किए जाने चाहिए। अदालत ने यह भी कहा कि इस्तीफा देकर ऐसी स्थिति पैदा करने वाले विधायकों पर उपचुनाव के वित्तीय बोझ को डालने की व्यवस्था पर विचार होना चाहिए।

    याचिकाकर्ता की ओर से अदालत को बताया गया कि एस जयकुमार, मरगथम कुमारवेल, पी सत्यभामा, इसाक्की सुबैया, सी विजयभास्कर और एमआर विजय भास्कर ने इस्तीफा देकर तमिझगा वेत्री कषगम यानी टीवीके का रुख किया था। इनमें से मदुरंतकम और धारापुरम सीटों पर उपचुनाव की घोषणा की गई है, जबकि बाकी पांच सीटों पर कानूनी याचिकाएं लंबित होने के कारण चुनाव नहीं कराया गया है।

    याचिकाकर्ता के वकील ने बताया कि मरगथम कुमारवेल और पी सत्यभामा को टीवीके ने उन्हीं सीटों से दोबारा उम्मीदवार बनाया है, जिन्हें उन्होंने विधायक पद से इस्तीफा देकर खाली किया था। याचिका में आशंका जताई गई कि यदि ऐसी स्थिति के लिए कोई स्पष्ट व्यवस्था नहीं बनाई गई तो भविष्य में बड़े पैमाने पर इस्तीफे हो सकते हैं और इसका अतिरिक्त वित्तीय भार सरकारी खजाने पर पड़ेगा।

    सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम ने कहा कि किसी विधायक को इस्तीफा देने से रोका नहीं जा सकता। लेकिन समस्या तब उत्पन्न होती है, जब इस्तीफा देने वाला वही व्यक्ति अपनी छोड़ी हुई सीट से फिर चुनाव लड़ता है। अदालत ने कहा कि इस असाधारण स्थिति के समाधान के लिए संसद या चुनाव आयोग को व्यवस्था पर विचार करना चाहिए।

    महाधिवक्ता विजय नारायण ने अदालत को बताया कि मौजूदा कानून पूर्व विधायकों को दोबारा चुनाव लड़ने से नहीं रोकता। इसलिए उपचुनाव रोकने की मांग वाली याचिका स्वीकार किए जाने योग्य नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि छह विधायकों के इस्तीफे की स्वीकृति से संबंधित याचिका पर पहली पीठ ने फैसला सुरक्षित रखा है। इसके बाद अदालत ने मामले की सुनवाई शुक्रवार तक स्थगित कर दी।

    याचिका 12 सितंबर को दायर की गई थी। इसमें मदुरंतकम और धारापुरम उपचुनावों पर रोक लगाने के साथ दोनों टीवीके उम्मीदवारों के नामांकन रद्द करने की मांग की गई थी। याचिकाकर्ता ने असामयिक इस्तीफों से चुनाव आयोग और सरकार पर पड़ने वाले अतिरिक्त वित्तीय बोझ का मुद्दा भी उठाया था।

    मूल मामले के अनुसार, अन्नाद्रमुक के बागी विधायक मरगथम कुमारवेल और सत्यभामा ने 13 मई को विधानसभा में टीवीके सरकार के पक्ष में मतदान किया था। इसके बाद दोनों ने अपनी विधानसभा सीटों से इस्तीफा दे दिया और सीटें रिक्त घोषित की गईं। बाद में टीवीके ने उन्हें अपने गठबंधन के उम्मीदवार के रूप में इन्हीं सीटों से मैदान में उतारा।

    मदुरंतकम और धारापुरम सीटों के लिए द्रमुक और अन्नाद्रमुक ने भी उम्मीदवार घोषित किए हैं। नाम तमिलर काची और वामपंथी दलों के चुनाव मैदान में उतरने के कारण इन सीटों पर कई दलों के बीच मुकाबला होने की स्थिति बनी है।

  • तमिलनाडु में नवजात बच्चों को सोने की अंगूठी देने की योजना टली, मुख्यमंत्री विजय के विदेश दौरे से बदली शुरुआत की तारीख

    तमिलनाडु में नवजात बच्चों को सोने की अंगूठी देने की योजना टली, मुख्यमंत्री विजय के विदेश दौरे से बदली शुरुआत की तारीख

    नई दिल्ली । तमिलनाडु में नवजात शिशुओं के लिए शुरू की जाने वाली एक खास सरकारी योजना की शुरुआत फिलहाल टाल दी गई है। मुख्यमंत्री विजय थलापति की सरकार ने सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाले बच्चों को सोने की अंगूठी देने की योजना बनाई थी। ‘थाइमामन थंगा मोथिरम थिट्टम’ नाम की इस योजना को पहले 15 सितंबर 2026 से शुरू किया जाना था, लेकिन मुख्यमंत्री विजय के विदेश दौरे के कारण तय कार्यक्रम को आगे बढ़ा दिया गया है।

    सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि योजना को रद्द नहीं किया गया है। इसमें केवल शुरुआत की तारीख में बदलाव किया गया है। योजना की नई तारीख अभी घोषित नहीं की गई है। मुख्यमंत्री के विदेश दौरे को राज्य में नए निवेश लाने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण बताया गया है। इसी वजह से वह 15 सितंबर को तमिलनाडु में मौजूद नहीं रहेंगे और योजना के निर्धारित कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाएंगे।

    इस योजना का लाभ 22 जून 2026 यानी मुख्यमंत्री विजय के जन्मदिन से सरकारी अस्पतालों में पैदा हुए नवजात बच्चों को देने का फैसला किया गया है। योजना के तहत पात्र बच्चों को एक ग्राम वजन की हॉलमार्क सोने की अंगूठी दी जाएगी। सरकार के अनुसार इस पहल का उद्देश्य नवजात बच्चों वाले परिवारों को सहायता देना है।

    इसके साथ ही योजना के पीछे सरकारी अस्पतालों को लेकर लोगों का भरोसा बढ़ाने का उद्देश्य भी बताया गया है। सरकार चाहती है कि अधिक संख्या में लोग बच्चों की डिलीवरी के लिए सरकारी अस्पतालों का इस्तेमाल करें। इस पहल के जरिए सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं के प्रति लोगों का विश्वास मजबूत करने की कोशिश की जाएगी।

    योजना में तारीख के अलावा किसी अन्य नियम में बदलाव नहीं किया गया है। यानी जिन बच्चों को निर्धारित अवधि के अनुसार योजना का लाभ मिलना है, उनके लिए एक ग्राम हॉलमार्क सोने की अंगूठी देने का प्रावधान पहले की तरह ही रहेगा। कार्यक्रम की नई तारीख तय होने के बाद योजना को उसी व्यवस्था के अनुसार आगे बढ़ाया जाएगा।

    राज्य के स्वास्थ्य मंत्री के. जी अरुणराज ने योजना के टलने की जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री विजय विदेश यात्रा पर जाने वाले हैं और यह दौरा राज्य में नए निवेश आकर्षित करने के लिए जरूरी है। इसी कारण 15 सितंबर को योजना की शुरुआत संभव नहीं होगी।

    मुख्यमंत्री के विदेश दौरे और योजना के कार्यक्रम की तारीख के बीच पैदा हुई स्थिति के कारण अब राज्य सरकार को नई तारीख तय करनी होगी। हालांकि अभी तक यह जानकारी सामने नहीं आई है कि कार्यक्रम किस दिन आयोजित किया जाएगा। सरकार ने यह जरूर साफ किया है कि योजना की मूल व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

    इस योजना को लेकर नवजात बच्चों के परिवारों के बीच भी उम्मीद बनी हुई है, क्योंकि पात्र बच्चों को एक ग्राम की हॉलमार्क सोने की अंगूठी देने का प्रावधान पहले से तय है। अब निगाहें सरकार की ओर से घोषित होने वाली नई शुरुआत की तारीख पर रहेंगी।

  • उपचुनाव की तारीखों का ऐलान, 9 सितंबर को अधिसूचना जारी होगी और 9 अक्टूबर को सभी सीटों के नतीजे आएंगे

    उपचुनाव की तारीखों का ऐलान, 9 सितंबर को अधिसूचना जारी होगी और 9 अक्टूबर को सभी सीटों के नतीजे आएंगे

    नई दिल्ली । भारतीय निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और पुडुचेरी की विधानसभा सीटों के साथ असम की एक लोकसभा सीट पर उपचुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है। घोषित कार्यक्रम के अनुसार इन सभी सीटों पर 6 अक्टूबर 2026 को मतदान होगा, जबकि मतगणना के बाद 9 अक्टूबर को नतीजे घोषित किए जाएंगे। चुनाव की अधिसूचना 9 सितंबर को जारी होगी और उम्मीदवारों के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 16 सितंबर निर्धारित की गई है।

    उपचुनाव के तहत तमिलनाडु की मदुरांतकम और धारापुरम विधानसभा सीटों पर मतदान होगा। पुडुचेरी की थट्टानचावड़ी विधानसभा सीट और पश्चिम बंगाल की रेजीनगर तथा नंदीग्राम विधानसभा सीट भी इस चुनाव में शामिल हैं। इसके अलावा असम की नगांव लोकसभा सीट पर भी उपचुनाव कराया जाएगा। निर्वाचन आयोग के अनुसार चुनाव की पूरी प्रक्रिया 11 अक्टूबर 2026 से पहले पूरी कर ली जाएगी।

    उपचुनाव की घोषणा के साथ ही संबंधित जिलों में चुनावी आचार संहिता लागू हो गई है। आयोग ने मतदाता सूची को लेकर भी जानकारी दी है। उसके मुताबिक नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख तक मतदाता सूची को लगातार अपडेट किया जाएगा। इसके लिए जरूरी है कि संबंधित आवेदन नामांकन की समयसीमा से कम से कम 10 दिन पहले प्राप्त हो जाएं।

    मतदान के दौरान एपिक कार्ड मुख्य पहचान दस्तावेज बना रहेगा। इसके साथ मतदाता आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर कार्ड और पासपोर्ट का भी इस्तेमाल कर सकेंगे। सभी मतदान केंद्रों पर ईवीएम और वीवीपेट के जरिए मतदान कराया जाएगा।

    असम की नगांव लोकसभा सीट पर उपचुनाव प्रद्युत बोरदोलोई के इस्तीफे के कारण हो रहा है। इस सीट की अंतिम मतदाता सूची 10 फरवरी को जारी की गई थी। पश्चिम बंगाल की रेजीनगर विधानसभा सीट हुमायूं कबीर के इस्तीफे के बाद खाली हुई है, जबकि नंदीग्राम विधानसभा सीट मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के इस्तीफे के बाद रिक्त हुई। दोनों सीटों की अंतिम मतदाता सूची 28 फरवरी को प्रकाशित की गई थी।

    तमिलनाडु की मदुरांतकम विधानसभा सीट मरागथम कुमारवेल के इस्तीफे के बाद खाली हुई है। वहीं धारापुरम विधानसभा सीट पी. सत्यबामा के इस्तीफे के चलते रिक्त हुई। इन दोनों सीटों की अंतिम मतदाता सूची 23 फरवरी को प्रकाशित की गई थी।

    पुडुचेरी की थट्टानचावड़ी विधानसभा सीट एन. रंगासामी के इस्तीफे के बाद खाली हुई है। इस सीट की अंतिम मतदाता सूची 14 फरवरी को जारी की गई थी। अब निर्वाचन आयोग द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार इन सभी रिक्त सीटों पर 6 अक्टूबर को मतदान कराया जाएगा और 9 अक्टूबर को परिणाम सामने आएंगे।

    नामांकन प्रक्रिया 9 सितंबर को अधिसूचना जारी होने के साथ शुरू होगी और 16 सितंबर तक उम्मीदवार अपने नामांकन दाखिल कर सकेंगे। आयोग ने चुनाव प्रक्रिया निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरी करने का कार्यक्रम तय किया है। इसके साथ ही संबंधित क्षेत्रों में आचार संहिता प्रभावी हो चुकी है और मतदान के लिए ईवीएम तथा वीवीपेट का इस्तेमाल किया जाएगा।

  • राजनीतिक मतभेदों के बीच महिलाओं के सम्मान पर समझौता नहीं, तृषा विवाद के बाद विजय ने आपत्तिजनक भाषा के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया

    राजनीतिक मतभेदों के बीच महिलाओं के सम्मान पर समझौता नहीं, तृषा विवाद के बाद विजय ने आपत्तिजनक भाषा के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया

    नई दिल्ली । तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने महिलाओं के खिलाफ की जाने वाली अभद्र और आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर सख्त रुख अपनाया है। विधानसभा में सोमवार को उन्होंने स्पष्ट कहा कि राजनीति में विचारों और नीतियों को लेकर तीखी बहस हो सकती है, लेकिन किसी महिला के सम्मान को ठेस पहुंचाने वाली भाषा को स्वीकार नहीं किया जा सकता।

    मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि उनकी राजनीतिक यात्रा और सफलता में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। ऐसे में महिलाओं के खिलाफ गलत, गंदी या अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल उन्हें स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने राजनीतिक विरोध और व्यक्तिगत अपमान के बीच अंतर बनाए रखने की जरूरत पर जोर दिया।

    विजय का यह बयान अभिनेत्री तृषा कृष्णन से जुड़े हालिया विवाद के बीच सामने आया है। इस विवाद ने तमिलनाडु की राजनीति में भी काफी चर्चा पैदा की है। मामले को लेकर विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम यानी टीवीके की ओर से विरोध दर्ज कराया गया था।

    विवाद की शुरुआत कावेरी नदी के पानी के बंटवारे से जुड़े राजनीतिक मुद्दे को लेकर हुई बहस के दौरान हुई। डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन ने तमिलनाडु सरकार को इस मुद्दे पर घेरा था। इसी दौरान अभिनेत्री तृषा कृष्णन को लेकर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी ने राजनीतिक विवाद का रूप ले लिया।

    इसके बाद टीवीके कार्यकर्ताओं ने मामले के विरोध में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लिया था। बाद में इस कार्रवाई को लेकर कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ी और संबंधित लोगों की रिहाई हुई। पूरे घटनाक्रम ने राजनीतिक बयानबाजी में भाषा और मर्यादा को लेकर नई बहस छेड़ दी।

    मुख्यमंत्री विजय ने अपने बयान के जरिए यह संकेत देने की कोशिश की कि राजनीतिक असहमति लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है, लेकिन महिलाओं को निशाना बनाकर आपत्तिजनक टिप्पणी करना अलग विषय है। उनका कहना है कि राजनीतिक नेताओं के बीच आलोचना और बहस हो सकती है, मगर व्यक्तिगत गरिमा और महिलाओं के सम्मान की सीमा नहीं टूटनी चाहिए।

    इसी विवाद से जुड़े एक अन्य घटनाक्रम में चेन्नई साइबर क्राइम पुलिस ने उद्यमी प्रवीन गणेशन को गिरफ्तार किया है। 35 वर्षीय गणेशन हांगकांग से भारत लौट रहे थे। दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर इमिग्रेशन अधिकारियों ने उन्हें रोक लिया, जिसके बाद उन्हें पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ा।

    गणेशन ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि उनके खिलाफ जून में किए गए एक पोस्ट को लेकर लुक आउट सर्कुलर जारी किया गया था। उनका कहना है कि संबंधित पोस्ट बाद में हटा दिया गया था। इसके बावजूद मामले में उनके खिलाफ कार्रवाई की गई।

    तृषा कृष्णन से जुड़ा विवाद अब केवल राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि साइबर अपराध और कानूनी कार्रवाई का विषय भी बन चुका है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच विजय का विधानसभा में दिया गया बयान महिलाओं के सम्मान को लेकर उनकी पार्टी और सरकार के रुख को सामने रखता है।

    तमिलनाडु की राजनीति में टीवीके के सत्ता में आने के बाद राजनीतिक प्रतिस्पर्धा का माहौल भी तेज हुआ है। ऐसे में महिला सम्मान, सार्वजनिक बयानबाजी और सोशल मीडिया पर की जाने वाली टिप्पणियों को लेकर नेताओं तथा राजनीतिक कार्यकर्ताओं की भूमिका पर भी नजर बनी हुई है। मुख्यमंत्री विजय ने साफ किया है कि राजनीतिक संघर्ष अपनी जगह है, लेकिन महिलाओं के खिलाफ अपमानजनक भाषा को किसी भी परिस्थिति में उचित नहीं ठहराया जा सकता।