Tag: Tax Evasion

  • जिम 365 डिग्री में करोड़ों की टैक्स चोरी का आरोप! CGST की 30 अफसरों वाली टीम ने 5 ठिकानों पर मारा छापा

    जिम 365 डिग्री में करोड़ों की टैक्स चोरी का आरोप! CGST की 30 अफसरों वाली टीम ने 5 ठिकानों पर मारा छापा


    भोपाल। राजधानी भोपाल में टैक्स चोरी के मामले में सेंट्रल जीएसटी यानी CGST ने बड़ी कार्रवाई की है। विभाग की टीम ने जिम 365 डिग्री के पांच अलग अलग ठिकानों पर छापेमारी कर जांच शुरू की है। शुरुआती जांच में एक करोड़ रुपए से ज्यादा की टैक्स चोरी का मामला सामने आने की बात कही जा रही है। अधिकारियों को जांच के दौरान बिलिंग व्यवस्था में अनियमितताएं मिलने की जानकारी सामने आई है। आरोप है कि जिम में ग्राहकों को बिल जारी नहीं किए जा रहे थे और इसी के जरिए टैक्स चोरी की जा रही थी।

    CGST की कार्रवाई जिम संचालक कुरैशी से जुड़े चूनाभट्टी कोहेफिजा बावड़िया कलां सिंधी कॉलोनी और जेके रोड स्थित प्रतिष्ठानों पर की गई। पांचों स्थानों पर एक साथ पहुंची टीम ने जिम के दस्तावेजों बिलिंग रिकॉर्ड और टैक्स से जुड़े अन्य दस्तावेजों की जांच की। कार्रवाई इतनी बड़ी थी कि इसके लिए करीब 30 अधिकारियों की टीम लगाई गई। यह कार्रवाई प्रधान आयुक्त CGST एन पदमश्री के निर्देश पर की गई जबकि एडिशनल कमिश्नर जी मनिगंडा स्वामी के नेतृत्व में जांच दल ने पांचों ठिकानों पर कार्रवाई को अंजाम दिया।

    जांच में सितंबर 2025 के बाद लागू हुए जीएसटी नियमों से जुड़े प्रावधान भी सामने आए हैं। जानकारी के अनुसार नियमों में बदलाव के बाद संबंधित संस्थाओं के लिए टैक्स क्रेडिट की व्यवस्था समाप्त कर दी गई थी। इसके बाद ऐसे प्रतिष्ठानों को 5 प्रतिशत जीएसटी जमा करना जरूरी था। जांच एजेंसी का आरोप है कि जिम संचालक की ओर से यह टैक्स जमा नहीं किया जा रहा था। इससे पहले ऐसे प्रतिष्ठानों पर 18 प्रतिशत जीएसटी का प्रावधान लागू था लेकिन नियमों में बदलाव के बाद टैक्स की दर में संशोधन किया गया।

    CGST अधिकारियों के मुताबिक दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जांच के दौरान यह भी देखा जा रहा है कि जिम की ओर से ग्राहकों से ली जाने वाली राशि का रिकॉर्ड किस तरह रखा गया और टैक्स का भुगतान नियमों के अनुसार किया गया या नहीं। शुरुआती जांच में एक करोड़ रुपए से ज्यादा की टैक्स चोरी का मामला सामने आने के बाद अब विभाग सभी दस्तावेजों की गहन जांच कर रहा है। कार्रवाई पूरी होने के बाद टैक्स चोरी की वास्तविक राशि तय की जाएगी और नियमानुसार जिम संचालक से बकाया टैक्स की राशि जमा कराई जा सकती है।

    बताया गया कि CGST की टीम ने कार्रवाई एक दिन पहले शुरू की थी लेकिन जांच पूरी नहीं हो सकी। इसके बाद रात के समय जिम 365 डिग्री के प्रतिष्ठानों को सील कर दिया गया था। अगले दिन अधिकारी फिर से संबंधित ठिकानों पर पहुंचकर दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड की जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की तैयारी में हैं। जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि टैक्स चोरी का वास्तविक आंकड़ा कितना है और इसमें किन स्तरों पर नियमों का उल्लंघन किया गया।

    इधर भोपाल के अलावा राजगढ़ जिले के सारंगपुर में भी स्टेट जीएसटी विभाग ने बड़े किराना कारोबारियों के प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। टीम ने दुकानों की बिलिंग व्यवस्था बिक्री और जीएसटी अनुपालन से जुड़े दस्तावेजों की जांच की। विभाग के पहुंचने की सूचना मिलते ही कुछ दुकानदार दुकानें बंद कर चले गए जबकि कुछ प्रतिष्ठानों पर संचालक मौजूद नहीं मिले।

    सारंगपुर में बिना बिल सामान बेचने और ग्राहकों से जीएसटी सहित राशि लेने के बावजूद बिल जारी नहीं करने की शिकायतों के आधार पर निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान कुछ प्रतिष्ठान अनरजिस्टर्ड भी मिले। अधिकारियों के अनुसार कुछ दुकानों का सालाना टर्नओवर 40 लाख रुपए से कम पाया गया है और ऐसे मामलों में जीएसटी नियमों के तहत पात्रता की जांच की जाएगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि केवल किसी प्रतिष्ठान के अनरजिस्टर्ड मिलने पर तत्काल कार्रवाई तय नहीं होती। निरीक्षण के बाद रिपोर्ट तैयार की जाएगी और नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर संबंधित कारोबारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

  • भोपाल: मिलन स्वीट्स पर इनकम टैक्स की रेड, टैक्स चोरी के शक में दस्तावेज खंगाले, संचालक से पूछताछ जारी

    भोपाल: मिलन स्वीट्स पर इनकम टैक्स की रेड, टैक्स चोरी के शक में दस्तावेज खंगाले, संचालक से पूछताछ जारी


     

    भोपाल। भोपाल के एमपी नगर स्थित प्रतिष्ठित मिलन स्वीट्स और रेस्टोरेंट पर रविवार सुबह इनकम टैक्स विभाग की टीम ने अचानक सर्वे कार्रवाई की, जिससे रेस्टोरेंट में हड़कंप मच गया। टीम ने टैक्स चोरी की आशंका को लेकर रेस्टोरेंट में मौजूद दस्तावेजों और रिटर्न से जुड़े रिकॉर्ड खंगाले और संचालक से पूछताछ की। जानकारी के मुताबिक, टीम इस जांच में कर चोरी के सबूत जुटाने में जुटी है।

    स्थानीय लोगों के अनुसार, आईटी विभाग की टीम के आने के बाद रेस्टोरेंट में अफरातफरी का माहौल बन गया और भीड़ जमा हो गई। इनकम टैक्स विभाग का उद्देश्य इस कार्रवाई के माध्यम से कर से जुड़े नियमों का पालन सुनिश्चित करना और किसी भी तरह की आर्थिक गड़बड़ी पर नज़र रखना है।

    गौरतलब है कि जून 2024 में भी मिलन स्वीट्स में भीषण आग लगी थी। आग पर काबू पाने के लिए एक दर्जन से अधिक दमकल की गाड़ियां मौके पर आई थीं और लगभग तीन घंटे की मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया गया। इस घटना में रेस्टोरेंट को बड़ा नुकसान हुआ था, जिसमें मिठाइयां, अन्य खाद्य सामग्री और कई दस्तावेज जलकर खाक हो गए थे।

    इस बार की सर्वे कार्रवाई में आईटी टीम ने वही दस्तावेज और रिटर्न रिकॉर्ड खंगाले, जो पहले आग में नष्ट हो चुके थे, ताकि वित्तीय जांच पूरी तरह से निष्पक्ष और सटीक हो सके। टीम रेस्टोरेंट संचालक से विस्तृत पूछताछ कर रही है और कर चोरी या किसी भी नियम उल्लंघन की पुष्टि करने की कोशिश कर रही है।

    पुलिस भी इस कार्रवाई में सहयोग कर रही है ताकि किसी तरह की अफरातफरी या सुरक्षा संबंधी समस्या न हो। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ऐसे प्रतिष्ठित रेस्टोरेंटों में भी अगर टैक्स नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो विभाग कठोर कार्रवाई करेगा।

    इस मामले में कर विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार इन्वेस्टिगेशन और दस्तावेज़ जांच से न केवल कर चोरी रोकने में मदद मिलेगी, बल्कि अन्य व्यापारियों के लिए भी नैतिक और कानूनी उदाहरण स्थापित होगा।

    यदि जांच में सबूत मिलते हैं, तो मिलन स्वीट्स संचालक के खिलाफ विभाग आवश्यक कानूनी कार्रवाई कर सकता है। फिलहाल, आईटी टीम पूरे रेस्टोरेंट में दस्तावेजों की पड़ताल और पूछताछ जारी रखे हुए है, ताकि सभी वित्तीय रिकॉर्ड का सत्यापन हो सके और कर नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।