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  • सीतापुर में हिंदुस्तान प्लाईवुड फैक्टरी पर CBIC का छापा , 15 वाहनों से पहुंची टीम, दस्तावेजों की जांच जारी

    सीतापुर में हिंदुस्तान प्लाईवुड फैक्टरी पर CBIC का छापा , 15 वाहनों से पहुंची टीम, दस्तावेजों की जांच जारी

    सीतापुर। यूपी के सीतापुर में तंबौर कस्बे में स्थित इसराइल की हिंदुस्तान प्लाईवुड फैक्टरी पर मंगलवार को केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) की टीम ने छापेमारी की। बड़ी संख्या में अधिकारी और कर्मचारी कई वाहनों से फैक्टरी पहुंचे। टीम के साथ करीब 15 वाहन बताए जा रहे हैं, जिनमें कुछ पर भारत सरकार लिखा हुआ है।

    कार्रवाई के दौरान CBIC अधिकारियों ने फैक्टरी परिसर में मौजूद दस्तावेजों और अन्य अभिलेखों की जांच शुरू की। टीम कारोबार से जुड़े कागजात और रिकॉर्ड खंगाल रही है। छापे की जानकारी मिलते ही फैक्टरी कर्मचारियों और आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया।

    इसराइल के घर पर भी पहुंची टीम
    सूत्रों के मुताबिक, CBIC की टीम ने फैक्टरी के अलावा इसराइल के आवास पर भी कार्रवाई की। घर के बाहर भी कई सरकारी वाहन खड़े देखे गए। हालांकि, छापेमारी किस मामले में की गई है और जांच का दायरा क्या है, इसे लेकर अधिकारियों की ओर से अभी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

    जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी वजह
    कार्रवाई की खबर फैलने के बाद फैक्टरी और आवास के आसपास लोगों की भीड़ जमा हो गई। स्थानीय स्तर पर छापे को लेकर अलग-अलग तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। फिलहाल अधिकारी दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड की जांच में जुटे हैं। जांच पूरी होने के बाद ही छापेमारी की वास्तविक वजह, किसी तरह की बरामदगी या अन्य कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

  • बड़ी कार्रवाईः डेढ़ करोड़ का अनियमित व्यापारः करणी ज्वेलर्स में रातभर चली जीएसटी की छापेमारी

    बड़ी कार्रवाईः डेढ़ करोड़ का अनियमित व्यापारः करणी ज्वेलर्स में रातभर चली जीएसटी की छापेमारी


    बालाघाट । बालाघाट से बड़ी खबर सामने आई है जहां जिला मुख्यालय के मां अन्नपूर्णा मंदिर के निकट संचालित करणी ज्वेलर्स में जीएसटी टीम ने छापेमारी कर डेढ़ करोड़ रुपये की टैक्स चोरी का खुलासा किया है। यह कार्रवाई रातभर चली और इसके दौरान सोने और चांदी के स्टॉक में अभिलेखों के मुकाबले भारी अंतर पाया गया।

    जानकारी के मुताबिक इस छापेमारी में जीएसटी की 8 सदस्यीय टीम ने भाग लिया। इस टीम का मार्गदर्शन लोकेश कुमार लिल्हारे आयुक्त केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर जबलपुर ने किया। टीम ने ज्वेलर्स में जेवरात की खरीदी और बिक्री से जुड़े दस्तावेजों की जांच की और साथ ही स्टॉक का भौतिक सत्यापन भी किया।

    निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने परिसर में उपलब्ध सोने और चांदी के स्टॉक की गणना की और इसे करदाता द्वारा अभिलेखों में दर्शाए गए स्टॉक से तुलना की। इस तुलना में स्पष्ट रूप से देखा गया कि अभिलेखों की तुलना में स्टॉक में महत्वपूर्ण कमी है। प्रारंभिक आकलन के अनुसार इस कमी का मूल्य लगभग 1.5 करोड़ रुपये है। यह संकेत करता है कि करदाता ने लेखांकन और कर देयता के निर्धारण में गंभीर अनियमितताएं की हैं।

    सूत्रों के अनुसार यह कार्रवाई विश्वसनीय सूचनाओं के आधार पर की गई थी। छापेमारी के दौरान टीम ने रिटर्न फाइलों की भी जाँच की ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कर गणना में कोई गड़बड़ी न हुई हो। अधिकारियों ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और आवश्यकतानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान जो भी अनियमितताएं सामने आएंगी उनके खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे।

    यह मामला न सिर्फ कर चोरी का है बल्कि यह ज्वेलरी व्यवसाय में होने वाली संभावित वित्तीय अनियमितताओं पर भी रोशनी डालता है। अब यह देखना बाकी है कि आगे जांच में और क्या खुलासा होता है और इस कार्रवाई का प्रभाव अन्य व्यवसायों पर कैसे पड़ता है।इस तरह की कार्रवाई यह संदेश देती है कि जीएसटी विभाग हर स्तर पर कर अनुपालन पर नजर रख रहा है और किसी भी अनियमित गतिविधि को बख्शा नहीं जाएगा।