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  • सितंबर में GST कलेक्शन 14.7% बढ़कर 2.03 लाख करोड़ रुपये के पार, पहली छमाही में भी 11.6% की बढ़त

    सितंबर में GST कलेक्शन 14.7% बढ़कर 2.03 लाख करोड़ रुपये के पार, पहली छमाही में भी 11.6% की बढ़त


    नई दिल्ली, 1 अक्टूबर 2026। त्योहारों के मौसम से पहले देश के कर संग्रह से जुड़े आंकड़ों में मजबूत बढ़त दर्ज की गई है। सितंबर 2026 में कुल सकल वस्तु एवं सेवा कर यानी जीएसटी कलेक्शन 14.7 प्रतिशत बढ़कर 2,03,521 करोड़ रुपये के नए स्तर पर पहुंच गया। पिछले साल सितंबर की तुलना में यह उल्लेखनीय वृद्धि है। चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से सितंबर के दौरान भी जीएसटी संग्रह में लगातार बढ़ोतरी दर्ज हुई है। इस छह महीने की अवधि में कुल कलेक्शन 12,46,278 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 11.6 प्रतिशत अधिक है।

    सितंबर के दौरान घरेलू आर्थिक गतिविधियों से होने वाले जीएसटी कलेक्शन में भी अच्छी वृद्धि दर्ज की गई। घरेलू स्तर पर प्राप्त जीएसटी राजस्व 10.1 प्रतिशत बढ़कर लगभग 1.38 लाख करोड़ रुपये रहा। इसके साथ ही आयात से मिलने वाले राजस्व में इससे भी अधिक तेजी देखी गई। आयात से प्राप्त जीएसटी राजस्व 26 प्रतिशत बढ़कर 65,525 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। इस तरह सितंबर में कुल जीएसटी कलेक्शन बढ़ाने में घरेलू गतिविधियों के साथ आयात से प्राप्त राजस्व की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही।

    सितंबर के आंकड़ों के साथ चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही का प्रदर्शन भी सामने आया है। अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच कुल जीएसटी कलेक्शन 12,46,278 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। यह पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में दर्ज संग्रह से 11.6 प्रतिशत अधिक है। छह महीने के संचयी आंकड़ों में दर्ज यह वृद्धि कर संग्रह में लगातार बने सुधार को दर्शाती है। सितंबर में दर्ज 2.03 लाख करोड़ रुपये से अधिक का मासिक कलेक्शन भी इस अवधि के दौरान कर संग्रह में आई तेजी को रेखांकित करता है।

    त्योहारी सीजन से ठीक पहले जीएसटी कलेक्शन में यह वृद्धि कारोबारी और घरेलू आर्थिक गतिविधियों के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, बेहतर कर अनुपालन और व्यापारिक गतिविधियों में तेजी ने संग्रह बढ़ाने में योगदान दिया है। सितंबर में घरेलू गतिविधियों से प्राप्त राजस्व में 10.1 प्रतिशत और आयात से मिलने वाले राजस्व में 26 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई। इससे संकेत मिलता है कि कर संग्रह में बढ़ोतरी केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रही, बल्कि घरेलू आर्थिक गतिविधियों और आयात दोनों से राजस्व में वृद्धि हुई है।

    चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में 12,46,278 करोड़ रुपये का कुल जीएसटी कलेक्शन और सितंबर में 2,03,521 करोड़ रुपये का मासिक संग्रह सरकार के राजस्व आंकड़ों में दर्ज महत्वपूर्ण बढ़ोतरी को दिखाता है। त्योहारी खरीदारी का दौर शुरू होने से पहले आए इन आंकड़ों में बाजार की गतिविधियों और कर संग्रह में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सितंबर के दौरान कुल संग्रह में 14.7 प्रतिशत की वृद्धि और अप्रैल से सितंबर की अवधि में 11.6 प्रतिशत की संचयी बढ़त रही। इससे चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में जीएसटी राजस्व संग्रह की स्थिति मजबूत बनी हुई है।

  • आर्थिक मजबूती का संकेत, अप्रैल 2026 में रिकॉर्ड तोड़ GST कलेक्शन ₹2.43 लाख करोड़ तक पहुंचा, बाजार और व्यापार गतिविधियों में दिखी तेजी

    आर्थिक मजबूती का संकेत, अप्रैल 2026 में रिकॉर्ड तोड़ GST कलेक्शन ₹2.43 लाख करोड़ तक पहुंचा, बाजार और व्यापार गतिविधियों में दिखी तेजी

    नई दिल्ली।
    April 2026 भारत की आर्थिक कहानी में एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में दर्ज हो गया है, जब वस्तु एवं सेवा कर यानी GST कलेक्शन ने अब तक के सभी रिकॉर्ड तोड़ते हुए ₹2.43 लाख करोड़ का ऐतिहासिक आंकड़ा छू लिया। यह उपलब्धि केवल एक वित्तीय आंकड़ा नहीं बल्कि देश की आर्थिक गतिविधियों में आई मजबूती और बाजार में बढ़ती रफ्तार का संकेत भी मानी जा रही है। इस भारी-भरकम कलेक्शन के पीछे घरेलू कारोबार की स्थिर गति के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय व्यापार में आए बदलावों का भी बड़ा योगदान देखा गया है।

    इस बार GST संग्रह में सबसे बड़ा प्रभाव आयात क्षेत्र से देखने को मिला है, जहां वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल और अन्य कमोडिटी की कीमतों में आई तेज बढ़ोतरी ने टैक्स संग्रह को अप्रत्याशित रूप से ऊपर पहुंचा दिया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा कीमतों के बढ़ने से आयात बिल महंगा हुआ, जिसका सीधा असर कर संग्रह पर पड़ा और यह हिस्सेदारी पिछले साल की तुलना में काफी अधिक दर्ज की गई। इसके साथ ही घरेलू बाजार में मांग स्थिर बनी रहने से भी कुल राजस्व को मजबूती मिली, जिससे पूरे कर ढांचे में संतुलन बना रहा।

    सरकारी अनुमानों के अनुसार अप्रैल 2026 में नेट GST कलेक्शन भी उल्लेखनीय रूप से बढ़कर लगभग ₹2.11 लाख करोड़ तक पहुंच गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में बेहतर प्रदर्शन को दर्शाता है। यह वृद्धि इस बात का संकेत है कि देश में आर्थिक गतिविधियां लगातार विस्तार की ओर बढ़ रही हैं और कर अनुपालन में भी सुधार देखा जा रहा है। घरेलू लेनदेन से प्राप्त राजस्व में भी हल्की लेकिन स्थिर बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिसने कुल संग्रह को मजबूत आधार प्रदान किया।

    इस अवधि में एक और महत्वपूर्ण पहलू GST रिफंड से जुड़ा रहा, जहां कुल रिफंड राशि बढ़कर लगभग ₹31,793 करोड़ तक पहुंच गई। यह पिछले साल की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि को दर्शाता है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि कारोबारी लेनदेन में तेजी के साथ-साथ कर समायोजन की प्रक्रिया भी सक्रिय रही है। विशेष रूप से घरेलू रिफंड में तेज उछाल देखा गया, जो लगभग आधे से अधिक की वृद्धि को दर्शाता है। हालांकि निर्यात से जुड़े रिफंड में हल्की गिरावट दर्ज की गई, जो वैश्विक व्यापार परिस्थितियों में आए बदलावों का संकेत देती है।

    आर्थिक विश्लेषण में यह भी देखा जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल और भू-राजनीतिक परिस्थितियों ने आयात लागत को प्रभावित किया, जिससे अप्रत्यक्ष रूप से कर संग्रह बढ़ा। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि वैश्विक बाजार की गतिविधियां भारत की कर प्रणाली पर सीधा प्रभाव डालती हैं। कुल मिलाकर अप्रैल 2026 का GST प्रदर्शन यह दर्शाता है कि भारतीय अर्थव्यवस्था एक मजबूत और स्थिर विकास पथ पर आगे बढ़ रही है, जहां घरेलू मांग और अंतरराष्ट्रीय व्यापार दोनों मिलकर राजस्व वृद्धि को गति दे रहे हैं।