रिफंड की राशि घटाने के बाद अक्टूबर में शुद्ध जीएसटी राजस्व 25.6 प्रतिशत बढ़कर 2.03 लाख करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले इसी महीने में यह 1.61 लाख करोड़ रुपये दर्ज किया गया था। सकल और शुद्ध दोनों तरह के राजस्व में हुई वृद्धि से कर संग्रह में मजबूती का संकेत मिला है।
अक्टूबर के दौरान घरेलू जीएसटी संग्रह में 15.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई और यह 1.59 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। इसके मुकाबले आयात से प्राप्त जीएसटी राजस्व में कहीं अधिक तेजी देखने को मिली। आयात पर मिलने वाला कर 42.2 प्रतिशत बढ़कर 72,246 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल अक्टूबर में इस मद से 50,796 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था।
घरेलू जीएसटी संग्रह में केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (सीजीएसटी) का योगदान 42,935 करोड़ रुपये रहा। राज्य वस्तु एवं सेवा कर (एसजीएसटी) के रूप में 51,340 करोड़ रुपये प्राप्त हुए, जबकि एकीकृत वस्तु एवं सेवा कर (आईजीएसटी) का घरेलू संग्रह 64,769 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। आयात से प्राप्त आईजीएसटी में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई, जिसने कुल कर संग्रह को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
चालू वित्त वर्ष 2026-27 के पहले सात महीनों यानी अप्रैल से अक्टूबर के दौरान भी जीएसटी संग्रह में सकारात्मक रुझान बना रहा। इस अवधि में सकल जीएसटी कलेक्शन 13.2 प्रतिशत बढ़कर 14.77 लाख करोड़ रुपये हो गया। पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह 13.05 लाख करोड़ रुपये था। वहीं, शुद्ध जीएसटी राजस्व 12.6 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 12.69 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया, जबकि एक साल पहले यह 11.27 लाख करोड़ रुपये दर्ज किया गया था।
अक्टूबर में जीएसटी रिफंड की राशि में भी बढ़ोतरी हुई। कुल रिफंड 6.5 प्रतिशत बढ़कर 27,934 करोड़ रुपये रहा, जबकि अक्टूबर 2025 में यह 26,225 करोड़ रुपये था। घरेलू कारोबार से संबंधित रिफंड 9.8 प्रतिशत बढ़कर 14,007 करोड़ रुपये हो गया। वहीं, आईसीईजीएटीई के माध्यम से संसाधित निर्यात रिफंड 3.4 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 13,927 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।
रिफंड को समायोजित करने के बाद घरेलू शुद्ध जीएसटी संग्रह 16.4 प्रतिशत बढ़कर 1.45 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। दूसरी ओर, कस्टम्स से जुड़े शुद्ध जीएसटी राजस्व में 56.2 प्रतिशत की बड़ी वृद्धि दर्ज की गई और यह 58,319 करोड़ रुपये रहा। इससे आयात पर मिलने वाले कर राजस्व की मजबूत स्थिति सामने आई।
अप्रैल से अक्टूबर 2026 के बीच कुल जीएसटी रिफंड 16.9 प्रतिशत बढ़कर 2.08 लाख करोड़ रुपये हो गया। इसमें घरेलू रिफंड 19.7 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 1.18 लाख करोड़ रुपये और आयात से जुड़े रिफंड 13.4 प्रतिशत बढ़कर 89,733 करोड़ रुपये रहे। इस तरह चालू वित्त वर्ष के शुरुआती सात महीनों में जीएसटी संग्रह और रिफंड दोनों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।




