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  • 31 जुलाई से पहले ITR फाइल करते समय न भूलें ये जरूरी टैक्स छूट, सही क्लेम से बच सकते हैं हजारों रुपये

    31 जुलाई से पहले ITR फाइल करते समय न भूलें ये जरूरी टैक्स छूट, सही क्लेम से बच सकते हैं हजारों रुपये

    नई दिल्ली । आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि नजदीक आने के साथ ही लाखों करदाता अपनी टैक्स प्रक्रिया पूरी करने में जुटे हैं। हालांकि जल्दबाजी में रिटर्न भरते समय कई लोग ऐसे महत्वपूर्ण टैक्स डिडक्शन का दावा करना भूल जाते हैं, जिनसे उनकी कर देनदारी काफी कम हो सकती है। विशेष रूप से पुरानी टैक्स व्यवस्था अपनाने वाले करदाताओं के लिए उपलब्ध विभिन्न छूटों की सही जानकारी होना आवश्यक है, क्योंकि एक छोटी सी चूक भी अतिरिक्त टैक्स भुगतान का कारण बन सकती है।

    पुरानी टैक्स व्यवस्था के तहत सबसे अधिक उपयोग किए जाने वाले प्रावधानों में धारा 80C प्रमुख है। इसके अंतर्गत पीपीएफ, ईपीएफ, ईएलएसएस, टैक्स सेविंग फिक्स्ड डिपॉजिट, राष्ट्रीय बचत पत्र, सुकन्या समृद्धि योजना, जीवन बीमा प्रीमियम, बच्चों की ट्यूशन फीस और होम लोन की मूल राशि के भुगतान जैसी योग्य निवेश एवं खर्च पर अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक की टैक्स छूट प्राप्त की जा सकती है। यदि किसी करदाता ने इन योजनाओं में निवेश किया है, तो रिटर्न दाखिल करते समय उसका सही दावा करना आवश्यक है।

    राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली यानी एनपीएस में निवेश करने वाले करदाताओं को भी अतिरिक्त लाभ मिलता है। धारा 80CCD(1B) के अंतर्गत 80C की सीमा से अलग 50 हजार रुपये तक की अतिरिक्त कटौती उपलब्ध है। कई करदाता इस अलग प्रावधान का लाभ लेना भूल जाते हैं, जबकि इससे कुल टैक्स देनदारी में उल्लेखनीय कमी आ सकती है।

    स्वास्थ्य बीमा पर चुकाया गया प्रीमियम भी टैक्स बचाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। धारा 80D के तहत स्वयं, जीवनसाथी, बच्चों और माता-पिता के लिए खरीदे गए स्वास्थ्य बीमा पर निर्धारित सीमा तक कर छूट का दावा किया जा सकता है। वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह सीमा अधिक निर्धारित की गई है, जिससे परिवार के स्वास्थ्य सुरक्षा खर्च पर भी कर राहत मिलती है।

    जिन लोगों ने घर खरीदने के लिए होम लोन लिया है, वे धारा 24(b) के अंतर्गत होम लोन के ब्याज पर दो लाख रुपये तक की टैक्स छूट प्राप्त कर सकते हैं। वहीं लोन की मूल राशि के भुगतान का लाभ अलग से धारा 80C के अंतर्गत लिया जा सकता है। इस प्रकार दोनों प्रावधानों का सही उपयोग कर टैक्स बचत को और प्रभावी बनाया जा सकता है।

    उच्च शिक्षा के लिए लिए गए एजुकेशन लोन पर भी कर राहत उपलब्ध है। धारा 80E के तहत शिक्षा ऋण पर चुकाए गए ब्याज की पूरी राशि पर कटौती का दावा किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त सरकार से मान्यता प्राप्त संस्थाओं, ट्रस्टों या राहत कोष में किए गए दान पर धारा 80G के अंतर्गत निर्धारित नियमों के अनुसार 50 प्रतिशत या 100 प्रतिशत तक टैक्स छूट मिल सकती है। इसके लिए संबंधित रसीद और आवश्यक दस्तावेज सुरक्षित रखना जरूरी होता है।

    आईटीआर दाखिल करने से पहले सभी वित्तीय विवरणों का मिलान करना भी बेहद महत्वपूर्ण है। करदाताओं को फॉर्म-16, वार्षिक सूचना विवरण और फॉर्म 26एएस में दर्ज जानकारी की जांच करनी चाहिए ताकि आय और कर कटौती से संबंधित कोई अंतर न रहे। साथ ही सभी निवेश प्रमाण, बीमा प्रीमियम की रसीदें और अन्य आवश्यक दस्तावेज अपने पास सुरक्षित रखें। पुरानी और नई टैक्स व्यवस्था की तुलना कर वही विकल्प चुनें, जिससे अधिक कर लाभ मिले। बैंक खाते की जानकारी सावधानीपूर्वक भरने के बाद रिटर्न का ई-वेरिफिकेशन समय पर पूरा करना भी आवश्यक है, क्योंकि इसके बिना आयकर रिटर्न की प्रक्रिया अधूरी मानी जाती है और रिफंड में भी देरी हो सकती है।

  • मार्केट चले ऊपर या नीचे, इन्वेस्टर रहें बेफिक्र! जानें 5 सबसे सुरक्षित निवेश विकल्प

    मार्केट चले ऊपर या नीचे, इन्वेस्टर रहें बेफिक्र! जानें 5 सबसे सुरक्षित निवेश विकल्प


    नई दिल्ली । शेयर बाजार की चाल कभी स्थिर नहीं रहती-कभी तेज़ी तो कभी भारी गिरावट देखने को मिलती है। ऐसे हालात में हर कोई ऐसे इन्वेस्टमेंट की तलाश करता है, जो बिना जोखिम के स्थिर और भरोसेमंद रिटर्न दे सके। अच्छी इन्वेस्टमेंट प्लानिंग में मार्केट-लिंक्ड और सेफ दोनों तरह के विकल्प शामिल होने चाहिए, ताकि रिस्क बैलेंस रहे और रिटर्न भी आता रहे।

    अगर आप भी मार्केट के उतार-चढ़ाव से घबराते हैं, तो PPF, FD, NSC, SCSS और NPS जैसी सरकारी व सुरक्षित स्कीमें आपके लिए बेहतरीन विकल्प हो सकती हैं। ये योजनाएं न सिर्फ स्थिर रिटर्न देती हैं, बल्कि टैक्स बचत भी कराती हैं। आइए इन 5 बेस्ट सुरक्षित निवेश विकल्पों को विस्तार से समझते हैं।

    क्यों जरूरी है सुरक्षित निवेश?

    पिछले कुछ समय से शेयर बाजार में भारी अस्थिरता देखने को मिली है। जोखिम बढ़ने के कारण कई निवेशक फिर से सुरक्षित और गारंटीड रिटर्न वाली स्कीमों की ओर लौट रहे हैं। सरकारी योजनाओं और RBI समर्थित स्कीमों में निवेश सबसे सुरक्षित माना जाता है क्योंकि इनमें पैसा काफी हद तक सुरक्षित होता है।

    1. पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (PPF)

    सबसे भरोसेमंद लॉन्ग-टर्म सुरक्षित योजना

    अवधि: 15 साल

    न्यूनतम निवेश: 500

    अधिकतम निवेश: 1.5 लाख प्रति वर्ष

    ब्याज दर: 7% से अधिक (सरकार द्वारा तय)

    टैक्स लाभ: ब्याज और मैच्योरिटी पूरी तरह टैक्स-फ्री

    7 साल बाद आंशिक निकासी की सुविधा

    PPF उन लोगों के लिए बेस्ट है जो लंबी अवधि के लिए सेविंग करना चाहते हैं। रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए यह एक शानदार विकल्प है क्योंकि इसमें सुरक्षित और टैक्स-फ्री रिटर्न मिलता है।

    2. फिक्स्ड डिपॉजिट (FD)

    सबसे आसान और लोकप्रिय सेफ इन्वेस्टमेंट

    अवधि: 1 साल से 5 साल

    ब्याज दर: लगभग 6.5%–7.5%

    सीनियर सिटीजन को अतिरिक्त ब्याज

    5 साल की टैक्स सेविंग FD पर 80C का लाभ

    डीआईसीजीसी इंश्योरेंस के तहत 5 लाख तक सुरक्षित

    FD उन लोगों के लिए अच्छा विकल्प है जो तय समय पर फिक्स्ड रिटर्न चाहते हैं। जरूरत पड़ने पर FD पर लोन भी मिल जाता है।

    3. नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC)

    पोस्ट ऑफिस की भरोसेमंद योजना

    लॉक-इन अवधि: 5 साल

    मिनिमम निवेश: 100

    ब्याज दर: लगभग 7.7%

    80C में टैक्स छूट

    बच्चों और छोटे निवेशकों के लिए उपयुक्त

    NSC पूरी तरह मार्केट से अलग योजना है। जिन लोगों को निश्चित रिटर्न चाहिए और ज्यादा जोखिम नहीं लेना, उनके लिए यह बेहतर विकल्प है।

    4. सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS)

    वरिष्ठ नागरिकों के लिए सबसे सुरक्षित और हाई रिटर्न स्कीम

    पात्रता: 60 वर्ष से ऊपर

    अधिकतम निवेश: 30 लाख

    ब्याज: 8% से अधिक

    ब्याज तिमाही आधार पर मिलता है

    5 साल लॉक-इन, 3 साल का एक्सटेंशन संभव

    रिटायर लोगों के लिए यह सबसे अच्छी इनकम सोर्स है, जिसमें सुरक्षा, नियमित आय और अच्छा ब्याज-all in one मिलता है।

    5. नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS)

    भविष्य की पेंशन प्लानिंग के लिए बेस्ट

    न्यूनतम निवेश: 1,000 प्रति वर्ष

    इक्विटी + डेब्ट का संतुलित मिश्रण

    टैक्स लाभ: 80C के अलावा 50,000 अतिरिक्त छूट

    60 साल पर पेंशन + एकमुश्त राशि

    NPS युवाओं और नौकरीपेशा लोगों के लिए शानदार है, क्योंकि यह कम खर्च में लॉन्ग-टर्म रिटर्न और पेंशन दोनों देता है।

    निवेश कैसे शुरू करें?

    बैंक या पोस्ट ऑफिस जाएं

    आधार-पैन के साथ KYC पूरी करें

    PPF, NSC, SCSS आदि ऑनलाइन भी ओपन हो सकते हैं

    अधिकांश स्कीमें बैंक ऐप और सरकारी पोर्टल पर उपलब्ध हैं

    टैक्स लाभ क्या मिलते हैं?

    PPF, NSC, टैक्स सेविंग FD और SCSS पर 80C के तहत छूट

    NPS पर अतिरिक्त 50,000 की छूट

    PPF और NSC का ब्याज पूरी तरह टैक्स-फ्री

    FD और SCSS का ब्याज टैक्स के दायरे में

    सुरक्षित निवेश = सुरक्षित भविष्य

    बाजार की चाल चाहे कितनी भी तेज या कमजोर क्यों न हो, ये पांच सुरक्षित स्कीमें हमेशा स्थिर और भरोसेमंद रिटर्न देती हैं। सही उम्र और लक्ष्य के अनुसार इनमें निवेश करके आप अपना वित्तीय भविष्य मजबूत बना सकते हैं।