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  • नए इनकम टैक्स कानून में बड़ा बदलाव Form 128 से प्रॉपर्टी समेत कई ट्रांजैक्शन पर मिलेगा लोअर या NIL TDS का रास्ता आसान

    नए इनकम टैक्स कानून में बड़ा बदलाव Form 128 से प्रॉपर्टी समेत कई ट्रांजैक्शन पर मिलेगा लोअर या NIL TDS का रास्ता आसान


    नई दिल्ली। इनकम टैक्स एक्ट 2025 के लागू होते ही टैक्सपेयर्स के लिए एक अहम बदलाव सामने आया है। अब प्रॉपर्टी और अन्य ट्रांजैक्शन पर लोअर या NIL TDS सर्टिफिकेट के लिए नया Form 128 लागू किया गया है जो पुराने Form 13 की जगह लेगा। सरकार का मकसद नियमों को आसान बनाना और प्रोसेस को ज्यादा पारदर्शी तथा स्ट्रीमलाइन करना है ताकि जिन लोगों पर वास्तविक टैक्स देनदारी कम है उन्हें अनावश्यक रूप से ज्यादा TDS कटने की परेशानी न झेलनी पड़े।

    यदि कोई व्यक्ति प्रॉपर्टी बेच रहा है और उसे लगता है कि उसकी कुल टैक्स देनदारी कम है या शून्य है तो वह निर्धारित अवधि के लिए लोअर या NIL TDS सर्टिफिकेट के लिए अप्लाई कर सकता है। उदाहरण के तौर पर अगर कोई संपत्ति अप्रैल से अक्टूबर के बीच बिकनी है तो उसी अवधि के लिए सर्टिफिकेट जारी किया जा सकता है। इससे टैक्सपेयर्स को कैश फ्लो मैनेज करने में आसानी होगी और बाद में रिफंड के झंझट से राहत मिलेगी।

    नए Form 128 में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। पहले Form 13 में पिछले चार साल के ITR की कॉपी अपलोड करनी पड़ती थी जिससे प्रोसेस लंबा और दस्तावेज आधारित हो जाता था। अब केवल ITR से जुड़ी जरूरी जानकारियां जैसे अकनॉलेजमेंट नंबर फाइलिंग डेट टैक्सेबल इनकम और टैक्स लाइबिलिटी देना पर्याप्त होगा। इसी तरह पहले पेयर्स का TAN PAN या आधार नंबर देना होता था लेकिन अब केवल TAN या PAN देना ही काफी है। इससे दस्तावेजों का बोझ कम हुआ है और आवेदन प्रक्रिया अपेक्षाकृत सरल हुई है।

    बजट 2026 में सरकार ने NIL TDS सर्टिफिकेट के लिए ऑटोमैटेड सिस्टम लाने की घोषणा की थी। हालांकि फिलहाल Form 128 के तहत प्रक्रिया मैन्युअल ही है। फॉर्म में चार कैटेगरी दी गई हैं जिनमें NPO स्पेसिफाइड एंटिटी बिजनेस या प्रोफेशन वाले व्यक्ति और अन्य शामिल हैं। माना जा रहा है कि भविष्य में अन्य कैटेगरी में आने वाले छोटे टैक्सपेयर्स को ऑटोमैटिक सर्टिफिकेट जारी करने की सुविधा मिल सकती है जिससे उन्हें Assessing Officer की मैन्युअल मंजूरी का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

    अभी की प्रक्रिया के अनुसार टैक्सपेयर को ई फाइलिंग पोर्टल पर Form 128 भरना होगा। इसके बाद Assessing Officer संबंधित दस्तावेज और इनकम रिकॉर्ड की जांच करेगा। संतुष्ट होने पर वह लोअर या NIL TDS सर्टिफिकेट जारी करेगा। यह सर्टिफिकेट संबंधित पेयर को दिया जाएगा और उसी के आधार पर तय दर से TDS काटा जाएगा।

    पहले सेक्शन 197 के तहत Form 13 भरकर यह सुविधा ली जाती थी लेकिन अब नए कानून में यही काम Form 128 के जरिए होगा। कुल मिलाकर यह बदलाव टैक्स सिस्टम को डिजिटल और सरल बनाने की दिशा में एक कदम माना जा रहा है जिससे प्रॉपर्टी डील समेत अन्य बड़े ट्रांजैक्शन में टैक्सपेयर्स को राहत मिल सके।

  • 31 दिसंबर तक न करें ये काम, वरना पैन कार्ड वॉलेट में बेकार हो जाएगा!

    31 दिसंबर तक न करें ये काम, वरना पैन कार्ड वॉलेट में बेकार हो जाएगा!


    नई दिल्ली। अगर आपके पास पैन कार्ड है और आपने इसे अभी तक आधार कार्ड से लिंक नहीं कराया है, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने सभी पैन कार्ड होल्डर्स को चेतावनी दी है कि 31 दिसंबर, 2025 तक पैन और आधार लिंक न कराने पर 1 जनवरी, 2026 से आपका पैन कार्ड इनएक्टिव हो जाएगा।
    लेट फीस और छूट की जानकारी
    31 दिसंबर, 2025 तक लिंक न कराने वाले लोगों को पैन-आधार लिंक करते समय 1000 रुपये की लेट फीस देनी होगी। हालांकि, 1 अक्टूबर, 2024 के बाद आधार से पैन बनवाने वालों को यह लेट फीस नहीं देनी होगी। समय पर लिंक न कराने से TDS/TCS अधिक कट सकता है और अन्य वित्तीय परेशानियां भी हो सकती हैं।
    पैन को आधार से लिंक कैसे करें
    सबसे पहले ऑफिशियल इनकम टैक्स ई-फाइलिंग पोर्टल पर जाएं: www.incometax.gov.in
    ‘क्विक लिंक्स’ सेक्शन में जाएं और ‘लिंक आधार ऑप्शन’ पर क्लिक करें।
    अपना पैन कार्ड और आधार नंबर डालें और वैलिडेट पर क्लिक करें।
    अगर पैन पहले से आधार से लिंक है, तो स्क्रीन पर मैसेज दिखेगा।
    अगर लिंक नहीं है, तो आपको NSDL पोर्टल पर 1000 रुपये का चालान जमा करना होगा।
    वैलिडेशन के बाद एक पॉप-अप नोटिफिकेशन मिलेगा, जिसमें लिखा होगा ‘आपकी पेमेंट डिटेल्स वेरिफाई हो गई है’।
    जरूरी डिटेल्स डालने के बाद लिंक आधार ऑप्शन पर क्लिक करें।
    रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर मिला 6-डिजिट OTP डालें और रिक्वेस्ट सबमिट करें।
    पैन कार्ड को आधार से लिंक होने में 4-5 वर्किंग डे का समय लग सकता है।
    इस बार की आखिरी डेट 31 दिसंबर, 2025 है। समय रहते पैन और आधार लिंक कर लें, वरना न केवल आपका पैन कार्ड इनएक्टिव होगा बल्कि वित्तीय परेशानियां भी बढ़ सकती हैं।