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  • मासूम छात्रा की मौत ने भड़काया गुस्सा, शिक्षक और भाई सलाखों के पीछे; शिक्षा विभाग ने किया सस्पेंड

    मासूम छात्रा की मौत ने भड़काया गुस्सा, शिक्षक और भाई सलाखों के पीछे; शिक्षा विभाग ने किया सस्पेंड


    नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में 14 वर्षीय नाबालिग छात्रा की मौत के बाद सनसनी फैल गई है। छात्रा की गर्भावस्था और उसकी मौत को लेकर एक सरकारी स्कूल के शिक्षक पर गंभीर आरोप लगे हैं। पुलिस ने मामले में शिक्षक खालिद हुसैन शेख और उसके भाई तारिक हुसैन को गिरफ्तार किया है। आरोपी शिक्षक किश्तवाड़ के बुमालपोरा मिडिल स्कूल में शिक्षक ग्रेड-द्वितीय के पद पर तैनात था और प्रभारी हेडमास्टर की जिम्मेदारी भी संभाल रहा था। शिक्षा विभाग ने गिरफ्तारी के बाद उसे निलंबित कर दिया है। मामले की जांच जारी है।

    पुलिस के अनुसार छात्रा को गर्भावस्था से जुड़ी चिकित्सीय प्रक्रिया के लिए किश्तवाड़ से बाहर ले जाया जा रहा था। रास्ते में उसकी हालत गंभीर हो गई और बाद में उसने दम तोड़ दिया। अलग-अलग रिपोर्टों में गर्भावस्था की अवधि को लेकर अलग जानकारी सामने आई है। पोस्टमार्टम से गर्भावस्था की पुष्टि हुई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि छात्रा गर्भवती कैसे हुई और उसकी मौत से पहले उसके साथ क्या परिस्थितियां बनीं।

    परिवार की शिकायत के आधार पर पुलिस ने शिक्षक के खिलाफ पॉक्सो समेत कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस जांच में यौन शोषण और गर्भावस्था से जुड़े आरोपों की पड़ताल की जा रही है। आरोपी शिक्षक और उसके भाई को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और आगे की कार्रवाई उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगी।

    घटना के बाद शिक्षा विभाग ने भी तत्काल कार्रवाई की है। मुख्य शिक्षा अधिकारी किश्तवाड़ ने आरोपी शिक्षक को सेवा से निलंबित कर दिया है। निलंबन आदेश में दर्ज एफआईआर और शिक्षक के पुलिस हिरासत में होने का हवाला दिया गया है। विभागीय स्तर पर भी मामले की जांच की जा रही है। रिपोर्टों के अनुसार छात्रा कुछ समय से स्कूल नहीं आ रही थी। इस पहलू की भी जांच की जा रही है कि उसकी अनुपस्थिति के बावजूद स्कूल और संबंधित अधिकारियों की ओर से क्या कार्रवाई की गई थी।

    घटना सामने आने के बाद किश्तवाड़ और छात्रू क्षेत्र में लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। स्थानीय लोगों ने प्रदर्शन कर मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग की। कई स्थानों पर बाजार बंद रहे और प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्र

    वाई की मांग उठाई। सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने मामले की न्यायिक जांच तथा दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की है।

    इस घटना ने नाबालिगों की सुरक्षा और स्कूलों में बच्चों के संरक्षण को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। शिक्षक और छात्र के बीच भरोसे का रिश्ता होता है और इसी कारण शिक्षक पर लगे ऐसे आरोप बेहद गंभीर माने जा रहे हैं। हालांकि मामले की जांच अभी शुरुआती चरण में है और अदालत में आरोपों की पुष्टि होना बाकी है। इसलिए आरोपी के खिलाफ लगे आरोपों को जांच के निष्कर्ष और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही देखा जाना चाहिए।

    फिलहाल पुलिस का मुख्य फोकस छात्रा की मौत की पूरी परिस्थितियों को सामने लाने और उसके साथ कथित यौन शोषण से जुड़े सभी पहलुओं की जांच करने पर है। पुलिस ने संबंधित साक्ष्य जुटाए हैं और आरोपियों से पूछताछ जारी है। किश्तवाड़ में इस घटना को लेकर आक्रोश बना हुआ है और लोग पीड़ित परिवार के लिए न्याय तथा दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

  • कलंकित हुआ शिक्षा का मंदिर: टीकमगढ़ में 58 वर्षीय शिक्षक ने मासूम छात्रा के साथ की दरिंदगी की कोशिश, आरोपी गिरफ्तार

    कलंकित हुआ शिक्षा का मंदिर: टीकमगढ़ में 58 वर्षीय शिक्षक ने मासूम छात्रा के साथ की दरिंदगी की कोशिश, आरोपी गिरफ्तार


    टीकमगढ़ । मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले से मानवता और गुरु-शिष्य की पवित्र परंपरा को शर्मसार करने वाली एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। जहाँ एक ओर शिक्षक को समाज में ‘गुरु’ का दर्जा देकर भगवान से ऊपर माना जाता है, वहीं पलेरा थाना क्षेत्र के एक शासकीय स्कूल में एक 58 वर्षीय शिक्षक ने इस मर्यादा को तार-तार कर दिया। इस कलयुगी शिक्षक ने स्कूल परिसर के भीतर ही एक छह वर्षीय मासूम छात्रा को अपनी हवस का शिकार बनाने का प्रयास किया, जिससे पूरे क्षेत्र में भारी आक्रोश व्याप्त है।

    मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित मासूम रोज की तरह विद्या के मंदिर में शिक्षा ग्रहण करने पहुंची थी। लेकिन उसे क्या पता था कि जिस शिक्षक की सुरक्षा में वह स्कूल जा रही है, वही उसकी मासूमियत को रौंदने की ताक में बैठा है। आरोपी शिक्षक ने मासूम को बहला-फुसलाकर स्कूल परिसर में ही बन रहे एक निर्माणाधीन कक्ष में ले गया। एकांत का फायदा उठाकर आरोपी ने छात्रा के कपड़े उतारे और उसके साथ जबरदस्ती करने का प्रयास किया। इस घिनौनी हरकत से सहमी मासूम जोर-जोर से रोने लगी। बच्ची के रोने की आवाज सुनकर और पकड़े जाने के डर से आरोपी ने उसे डराया-धमकाया और इस बारे में किसी को न बताने की चेतावनी देकर छोड़ दिया।

    रोती-बिलखती मासूम जब अपने घर पहुंची, तो उसने अपनी दादी को पूरी आपबीती सुनाई। पोती की जुबानी शिक्षक की काली करतूत सुनकर परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। बिना देर किए परिजन बच्ची को लेकर पलेरा थाने पहुंचे और आरोपी शिक्षक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए तत्काल कार्रवाई की और आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट सहित अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया।

    इस घटना की खबर जैसे ही कस्बे में फैली, लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। हिंदू संगठनों ने इस कृत्य की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। आक्रोशित लोगों और संगठनों ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर मांग की है कि दोषी शिक्षक के खिलाफ न केवल कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाए, बल्कि उसके घर पर प्रशासन का बुलडोजर चलाकर कड़ी नजीर पेश की जाए।

    अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विक्रम सिंह कुशवाहा ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपी को न्यायालय में पेश कर दिया गया है और पुलिस हर पहलू की सूक्ष्मता से जांच कर रही है। यह घटना समाज के लिए एक बड़ा चेतावनी संकेत है कि कैसे शिक्षण संस्थानों में भी बच्चों की सुरक्षा पर सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं। फिलहाल, पुलिस प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और उचित कानूनी प्रक्रिया सुनिश्चित की जा रही है।