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  • TET परीक्षा का दूसरा दिन: महिला अभ्यर्थियों की सख्त जांच, 15 फर्जी परीक्षार्थी पकड़े गए

    TET परीक्षा का दूसरा दिन: महिला अभ्यर्थियों की सख्त जांच, 15 फर्जी परीक्षार्थी पकड़े गए


    लखनऊ । UP-TET 2026 के दूसरे दिन शुक्रवार को प्रदेशभर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच परीक्षा आयोजित की गई। सुबह 7:15 बजे से अभ्यर्थियों की प्रवेश प्रक्रिया शुरू हुई, जिसमें एडमिट कार्ड की जांच, बायोमेट्रिक सत्यापन और रेटिना स्कैन के बाद ही परीक्षा केंद्रों में प्रवेश दिया गया। पहली पाली सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 2:30 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित की जा रही है।

    परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा इतनी सख्त रही कि महिला अभ्यर्थियों के हेयरपिन, क्लचर, चूड़ियां और अन्य धातु के आभूषण उतरवाए गए। कई केंद्रों पर जूड़े खुलवाकर जांच की गई, जबकि पुरुष अभ्यर्थियों की बेल्ट उतरवाकर और जूतों की जांच के बाद ही प्रवेश मिला। ललितपुर में एक नवविवाहिता महिला घूंघट में परीक्षा देने पहुंची। पूछताछ में उसने बताया कि वह अपने जेठ के साथ आई है, इसलिए घूंघट कर रखा है। वहीं लखनऊ में एक महिला सिपाही ने समय पर परीक्षा केंद्र न पहुंच पाने वाली अभ्यर्थी को अपनी स्कूटी से परीक्षा केंद्र तक पहुंचाकर मानवता की मिसाल पेश की।

    इस बीच बस्ती जिले से दुखद खबर सामने आई। टीईटी परीक्षा ड्यूटी पर जा रहे 51 वर्षीय हेड कॉन्स्टेबल राजेंद्र यादव की शुक्रवार सुबह सड़क हादसे में मौत हो गई। बताया गया कि ड्यूटी के लिए बाइक से जा रहे हेड कॉन्स्टेबल को तेज रफ्तार कार ने टक्कर मार दी। हादसे में कार सवार एक ही परिवार के तीन लोग भी गंभीर रूप से घायल हो गए।

    महाराष्ट्र में हाल ही में हुए टीईटी पेपर लीक मामले के बाद उत्तर प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था और अधिक कड़ी कर दी गई है। पहली बार शिक्षा चयन आयोग एआई इंटीग्रेटेड कंट्रोल कमांड रूम के माध्यम से परीक्षा की लाइव निगरानी कर रहा है। प्रदेशभर के 60 जिलों में 955 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां खुफिया एजेंसियां भी सतर्क हैं।

    पहले दिन आयोजित परीक्षा में फर्जीवाड़े की कई कोशिशें भी सामने आईं। दूसरे अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा देने पहुंचे 15 सॉल्वर गिरफ्तार किए गए। पहले दिन दोनों पालियों में 8 लाख 7 हजार 636 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 6 लाख 84 हजार 614 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी, जिससे उपस्थिति 84.76 प्रतिशत रही।

    प्रदेश में चार दिनों तक चलने वाली इस परीक्षा में कुल 19.94 लाख अभ्यर्थी शामिल हो रहे हैं। इनमें 17.67 लाख उत्तर प्रदेश के निवासी हैं, जबकि 2.27 लाख अभ्यर्थी अन्य राज्यों से परीक्षा देने पहुंचे हैं। इनमें बड़ी संख्या में सेवारत शिक्षक भी शामिल हैं।

    उधर बदायूं में भाजपा नेता के स्वागत के दौरान लगे जाम के कारण कई परीक्षार्थियों की परीक्षा छूट गई। इसे लेकर विपक्ष ने सरकार और प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। समाजवादी पार्टी सांसद आदित्य यादव ने प्रभावित अभ्यर्थियों के लिए दोबारा परीक्षा कराने की मांग करते हुए इसे युवाओं के भविष्य के साथ अन्याय बताया।

  • महाराष्ट्र TET पेपर लीक: परीक्षा से एक दिन पहले स्थगित, 4.28 लाख अभ्यर्थियों को झटका

    महाराष्ट्र TET पेपर लीक: परीक्षा से एक दिन पहले स्थगित, 4.28 लाख अभ्यर्थियों को झटका


    मुंबई। महाराष्ट्र में शिक्षक बनने का सपना देख रहे लाखों अभ्यर्थियों को बड़ा झटका लगा है। 28 जून 2025 को आयोजित होने वाली महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) को परीक्षा से ठीक एक दिन पहले स्थगित कर दिया गया। यह फैसला ठाणे जिले के भिवंडी में छापेमारी के दौरान संदिग्ध प्रश्नपत्र मिलने के बाद लिया गया।

    महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद (MSCE), पुणे ने बताया कि परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए फिलहाल परीक्षा स्थगित की गई है। मामले की विस्तृत जांच जारी है और जांच पूरी होने के बाद ही नई परीक्षा तिथि घोषित की जाएगी।

    भिवंडी में छापेमारी के दौरान मिला संदिग्ध प्रश्नपत्र

    परीक्षा परिषद के अनुसार, पुलिस को गोपनीय सूचना मिली थी कि परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र लीक होने की आशंका है। इसके आधार पर 27 जून को भिवंडी में छापेमारी की गई। कार्रवाई के दौरान बरामद दस्तावेजों में मौजूद कुछ प्रश्न TET परीक्षा के प्रश्नपत्र से मेल खाते पाए गए।

    इसके बाद भिवंडी पुलिस थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई। फिलहाल अधिकारी यह भी जांच कर रहे हैं कि बरामद सामग्री असली प्रश्नपत्र है या केवल अभ्यास (मॉक टेस्ट) से जुड़ी सामग्री।

    4.28 लाख अभ्यर्थी हुए प्रभावित

    इस वर्ष महाराष्ट्र टीईटी परीक्षा में लगभग 4.28 लाख अभ्यर्थियों को शामिल होना था। परीक्षा स्थगित होने से सभी उम्मीदवारों को नई तारीख का इंतजार करना होगा।

    परीक्षा परिषद ने भरोसा दिलाया है कि परीक्षा पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी व्यवस्था के तहत दोबारा आयोजित की जाएगी, ताकि किसी भी अभ्यर्थी के साथ अन्याय न हो।

    दोबारा आवेदन या फीस देने की जरूरत नहीं

    परीक्षा परिषद की उपायुक्त प्रिया शिंदे ने स्पष्ट किया है कि अभ्यर्थियों को दोबारा आवेदन करने या अतिरिक्त परीक्षा शुल्क जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी। पहले से किया गया पंजीकरण और आवेदन पूरी तरह वैध रहेगा।

    उन्होंने कहा कि पेपर लीक मामले में शामिल दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी और परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के बाद ही नई तारीख घोषित की जाएगी।

    तीन आरोपियों पर केस, पूरे नेटवर्क की जांच

    अब तक इस मामले में तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया जा चुका है। पुलिस और शिक्षा विभाग संयुक्त रूप से पूरे नेटवर्क की जांच कर रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि कथित पेपर लीक के पीछे कौन लोग शामिल हैं।

    अधिकारियों के अनुसार, शिक्षक पात्रता परीक्षा आयोजित करने की पूरी प्रक्रिया में लगभग तीन सप्ताह का समय लगता है। ऐसे में नई परीक्षा तिथि उचित तैयारियों के बाद घोषित की जाएगी। परिषद ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक सूचना पर ही भरोसा करें और किसी भी अफवाह से बचें।

  • TET अनिवार्य मामले में सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी: “नौकरी नहीं, पहले बच्चों की शिक्षा सोचें”, फैसला सुरक्षित

    TET अनिवार्य मामले में सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी: “नौकरी नहीं, पहले बच्चों की शिक्षा सोचें”, फैसला सुरक्षित



    नई दिल्ली। शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षकों की याचिकाओं पर कड़ा रुख अपनाते हुए अहम टिप्पणी की है। अदालत ने कहा कि शिक्षकों को केवल अपनी नौकरी बचाने की चिंता में नहीं रहना चाहिए, बल्कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने की जिम्मेदारी को भी समझना चाहिए।

    यह मामला उन याचिकाओं से जुड़ा है, जो मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरल के शिक्षक संघों द्वारा दायर की गई थीं। इन याचिकाओं में 2025 के उस फैसले की समीक्षा की मांग की गई थी, जिसमें कहा गया था कि कक्षा 1 से 8 तक के सभी सेवारत शिक्षकों को दो साल के भीतर TET पास करना अनिवार्य होगा, अन्यथा उन्हें सेवा से हटाया जा सकता है या अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी जा सकती है।

    सुनवाई के दौरान जस्टिस मनमोहन और जस्टिस दीपांकर दत्ता की पीठ ने स्पष्ट किया कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009) का उद्देश्य बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है और इसके लिए योग्य शिक्षकों का होना बेहद जरूरी है। कोर्ट ने कहा कि जब तक बच्चों को अच्छी शिक्षा नहीं मिलेगी, तब तक उनके समग्र विकास की कल्पना नहीं की जा सकती।

    तमिलनाडु सरकार की ओर से यह तर्क दिया गया कि इस फैसले से राज्य में लगभग चार लाख शिक्षक प्रभावित हो सकते हैं और कई स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी हो जाएगी। इस पर अदालत ने कहा कि केवल नौकरी बचाने के तर्क से बच्चों के अधिकारों की अनदेखी नहीं की जा सकती।

    जस्टिस दत्ता ने सुनवाई के दौरान कड़ा शब्दों में कहा कि यह सोच सही नहीं है कि कोई सिर्फ अदालत से आदेश लेकर अपनी नौकरी सुरक्षित करना चाहता है, जबकि बच्चों की शिक्षा के बारे में गंभीरता से विचार न किया जाए।

    वहीं कुछ याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया कि लंबे समय से सेवा दे रहे अनुभवी शिक्षकों पर TET लागू करना अनुचित है और इससे लाखों शिक्षकों की नौकरी प्रभावित होगी। इस पर अदालत ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता सर्वोपरि है और कानून के अनुसार न्यूनतम योग्यता का पालन जरूरी है।

    सुप्रीम कोर्ट ने इस पूरे मामले पर विस्तार से सुनवाई के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। अब देशभर के लगभग 25 लाख से अधिक शिक्षकों की नजर इस फैसले पर टिकी हुई है, क्योंकि इसका सीधा असर उनकी नौकरी और सेवा शर्तों पर पड़ सकता है।

  • शिक्षक बनने का सपना होगा पूरा, CTET 2026 के लिए आवेदन शुरू, जानें पूरी डिटेल

    शिक्षक बनने का सपना होगा पूरा, CTET 2026 के लिए आवेदन शुरू, जानें पूरी डिटेल


    नई दिल्ली । 
    शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे देशभर के लाखों युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर सामने आया है। केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी CTET सितंबर 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह परीक्षा उन उम्मीदवारों के लिए बेहद जरूरी मानी जाती है जो केंद्र सरकार के स्कूलों में शिक्षक के रूप में करियर बनाना चाहते हैं। आवेदन करने की अंतिम तारीख 10 जून 2026 निर्धारित की गई है, इसलिए उम्मीदवारों को समय पर प्रक्रिया पूरी करने की सलाह दी जा रही है।

    इस परीक्षा का आयोजन 6 सितंबर 2026 को पूरे देश में एक साथ किया जाएगा। हर साल बड़ी संख्या में अभ्यर्थी इस परीक्षा में शामिल होते हैं क्योंकि इसे शिक्षक भर्ती की दिशा में पहला और अनिवार्य कदम माना जाता है। यह परीक्षा उम्मीदवारों की शिक्षण क्षमता और योग्यता को परखने का माध्यम होती है।

    आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी गई है, जिससे उम्मीदवार आसानी से घर बैठे आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले रजिस्ट्रेशन करना होता है, उसके बाद व्यक्तिगत और शैक्षणिक जानकारी भरनी होती है। आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने और फीस जमा करने के बाद फॉर्म को अंतिम रूप से सबमिट करना होता है। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम समय का इंतजार न करें।

    CTET परीक्षा देशभर के विभिन्न शहरों में आयोजित की जाएगी और इसे कई भाषाओं में कराया जाएगा ताकि अलग-अलग क्षेत्रों के उम्मीदवार आसानी से परीक्षा दे सकें। यह परीक्षा कंप्यूटर आधारित मोड में होगी और इसमें दो पेपर शामिल होंगे। पहला पेपर कक्षा 1 से 5 तक पढ़ाने के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए होता है, जबकि दूसरा पेपर कक्षा 6 से 8 तक के लिए निर्धारित है।

    इस परीक्षा को पास करने वाले उम्मीदवार केंद्र सरकार के प्रतिष्ठित विद्यालयों में शिक्षक भर्ती के लिए पात्र माने जाते हैं। इसमें केंद्रीय विद्यालय और नवोदय विद्यालय जैसे संस्थान प्रमुख रूप से शामिल होते हैं। इसके अलावा कई अन्य सरकारी स्कूलों में भी CTET को अनिवार्य योग्यता के रूप में स्वीकार किया जाता है।

    शैक्षणिक योग्यता के तहत प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर के लिए अलग-अलग मानदंड तय किए गए हैं, जिसमें डिप्लोमा, स्नातक और B.Ed जैसी योग्यताएं शामिल होती हैं।