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  • मध्य प्रदेश में शिक्षा विभाग में बंपर भर्ती का ऐलान, 20 हजार पदों पर होगी नियुक्ति, आदिवासी क्षेत्रों में बनेंगे 200 नए स्कूल भवन

    मध्य प्रदेश में शिक्षा विभाग में बंपर भर्ती का ऐलान, 20 हजार पदों पर होगी नियुक्ति, आदिवासी क्षेत्रों में बनेंगे 200 नए स्कूल भवन


    भोपाल। मध्य प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को भोपाल के रवींद्र भवन में आयोजित स्कूल शिक्षा विभाग के कार्यक्रम में विभाग के अंतर्गत 20 हजार पदों पर नई भर्ती करने की घोषणा की। इसके साथ ही प्रदेश में 200 नए सांदीपनि विद्यालय खोलने और जनजातीय क्षेत्रों में 200 नए स्कूल भवन बनाने की योजना भी सामने रखी गई। सरकार का कहना है कि इन पहलों से शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। हालांकि नई भर्तियों की तारीख और चयन प्रक्रिया को लेकर अभी विस्तृत जानकारी जारी नहीं की गई है।

    मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में कहा कि राज्य सरकार अब तक 85 हजार नियुक्तियां कर चुकी है और आने वाले समय में स्कूल शिक्षा विभाग में 20 हजार पदों पर और भर्ती की जाएगी। इस घोषणा से उन युवाओं की उम्मीदें बढ़ी हैं जो शिक्षक और शिक्षा विभाग से जुड़े अन्य सरकारी पदों पर नौकरी पाने की तैयारी कर रहे हैं। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि कुल पदों में शिक्षकों और गैर शिक्षक कर्मचारियों के लिए कितनी रिक्तियां होंगी। भर्ती का विज्ञापन कब जारी होगा और चयन परीक्षा या अन्य प्रक्रिया किस तरह पूरी की जाएगी इसकी जानकारी भी अभी सामने नहीं आई है। ऐसे में अभ्यर्थियों को आधिकारिक सूचना का इंतजार करना होगा।

    मुख्यमंत्री ने प्रदेश में शिक्षा के बजट में हुई बढ़ोतरी का उल्लेख करते हुए बताया कि वर्ष 2003 से पहले स्कूल शिक्षा विभाग का बजट करीब 400 करोड़ रुपये था जो अब बढ़कर 38 हजार करोड़ रुपये हो गया है। सरकार स्कूलों में बुनियादी सुविधाएं बेहतर बनाने के साथ शैक्षणिक माहौल मजबूत करने पर जोर दे रही है। इसी दिशा में सांदीपनि विद्यालयों के विस्तार की योजना तैयार की गई है। मुख्यमंत्री के मुताबिक प्रदेश में फिलहाल 369 सांदीपनि विद्यालय संचालित हो रहे हैं और अब 200 नए विद्यालय खोलने की पहल की जा रही है। इन स्कूलों का उद्देश्य विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण और सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

    शिक्षा सुविधाओं के विस्तार में जनजातीय क्षेत्रों को भी प्राथमिकता देने की बात कही गई है। इन इलाकों में 200 नए विद्यालय भवन बनाए जाने की योजना है। नए भवन बनने से विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए बेहतर स्थान मिल सकेगा और स्कूलों की बुनियादी व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलेगी। हालांकि इन भवनों का निर्माण किन जिलों में होगा और काम कब तक पूरा किया जाएगा इस बारे में अभी विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है। योजना के क्रियान्वयन से संबंधित जानकारी आगे जारी होने की उम्मीद है।

    कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने करीब 950 लोगों को अनुकंपा नियुक्ति के आदेश भी सौंपे। इनमें 661 सहायक ग्रेड-3 के कर्मचारी 31 प्राथमिक शिक्षक और 262 चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी शामिल हैं। स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने कहा कि पहले अनुकंपा नियुक्ति की प्रक्रिया में कई बार वर्षों लग जाते थे लेकिन अब इसमें तेजी लाने के प्रयास किए गए हैं। उन्होंने बताया कि पदोन्नति के कारण खाली हुए पदों पर नियुक्तियों का रास्ता तैयार किया गया है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि परिवार के मुखिया की मृत्यु के बाद आश्रितों को समय पर नौकरी मिलना उनके लिए आर्थिक सहारा बन सकता है। उन्होंने नवनियुक्त कर्मचारियों से ईमानदारी निष्ठा और संवेदनशीलता के साथ जिम्मेदारी निभाने की अपेक्षा की। कार्यक्रम में शिक्षा के क्षेत्र में विद्यार्थियों को दी जा रही सुविधाओं का भी उल्लेख हुआ। मुख्यमंत्री के अनुसार पहले 500 विद्यार्थियों को लैपटॉप दिए जाते थे जबकि अब 1 लाख 45 हजार विद्यार्थियों को लैपटॉप वितरित किए गए हैं। विद्यार्थियों को स्कूटी जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। अब 20 हजार पदों पर प्रस्तावित भर्ती और नए विद्यालयों की योजना के संबंध में युवाओं तथा अभिभावकों की नजर सरकार की अगली आधिकारिक घोषणाओं पर रहेगी।

  • MP में शिक्षक भर्ती को लेकर दिग्विजय सिंह का बड़ा ऐलान, 5 सितंबर से भूख हड़ताल की चेतावनी; पदवृद्धि की मांग पर अड़े अभ्यर्थी

    MP में शिक्षक भर्ती को लेकर दिग्विजय सिंह का बड़ा ऐलान, 5 सितंबर से भूख हड़ताल की चेतावनी; पदवृद्धि की मांग पर अड़े अभ्यर्थी


    भोपाल। मध्य प्रदेश में शिक्षक भर्ती 2025 को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। भोपाल के नीलम पार्क में पदवृद्धि की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे अभ्यर्थियों के बीच बुधवार को पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों से मुलाकात की और उनकी मांगों को जायज बताते हुए सरकार से जल्द समाधान निकालने की मांग की। दिग्विजय सिंह ने इस दौरान सरकार को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि अगर अभ्यर्थियों की मांगों पर शिक्षक दिवस तक कोई निर्णय नहीं लिया गया तो वे खुद 24 घंटे की भूख हड़ताल पर बैठेंगे।

    दिग्विजय सिंह ने कहा कि उनके राजनीतिक जीवन में शिक्षा और स्वास्थ्य हमेशा महत्वपूर्ण विषय रहे हैं। उन्होंने अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल का जिक्र करते हुए दावा किया कि उस दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा का विस्तार करने के लिए बड़ी संख्या में स्कूल खोले गए थे। उनके मुताबिक करीब 45 हजार नए स्कूल खोले गए और शिक्षकों की भर्ती का अधिकार भोपाल से स्थानीय स्तर पर दिया गया था। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना और स्थानीय स्तर पर शिक्षकों की कमी को पूरा करना था।

    पूर्व मुख्यमंत्री ने मौजूदा शिक्षक भर्ती व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था और सिलेबस में बदलाव का सीधा असर उन शिक्षकों पर पड़ रहा है जिन्होंने वर्षों तक पुराने पाठ्यक्रम के आधार पर विद्यार्थियों को पढ़ाया है। अब उन्हें नए सिलेबस के अनुसार परीक्षा देने के लिए कहा जा रहा है। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि जब शिक्षकों के पद खाली हैं तो उन रिक्त पदों पर भर्ती क्यों नहीं की जा रही है।

    दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार की प्राथमिकता शिक्षा और युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के बजाय दूसरे राजनीतिक और धार्मिक मुद्दों पर ज्यादा है। उन्होंने भाजपा और आरएसएस पर भी निशाना साधा और कई राजनीतिक आरोप लगाए। उन्होंने अपनी उम्र का जिक्र करते हुए कहा कि 80 वर्ष की उम्र में भी वे खुद को नौजवान मानते हैं और युवाओं के अधिकारों की लड़ाई में उनके साथ खड़े रहेंगे।

    इस दौरान पूर्व मंत्री पीसी शर्मा भी उनके साथ मौजूद रहे। प्रदर्शन स्थल पर महिला अभ्यर्थियों ने दिग्विजय सिंह को राखी भी बांधी। अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों और आंदोलन की स्थिति से पूर्व मुख्यमंत्री को अवगत कराया। दिग्विजय सिंह ने उन्हें भरोसा दिलाया कि उनकी आवाज सरकार तक पहुंचाने के लिए वे प्रयास करेंगे।

    नीलम पार्क में वर्ग 2 माध्यमिक और वर्ग 3 प्राथमिक शिक्षक भर्ती 2025 में पदवृद्धि की मांग को लेकर अभ्यर्थियों का अनिश्चितकालीन धरना जारी है। एक दिन पहले आंदोलनकारी अभ्यर्थी नरेंद्र राजपूत की अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। इसके बाद आंदोलन और तेज हो गया। अभ्यर्थियों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर अलग अलग स्तर पर आंदोलन कर रहे हैं लेकिन अब तक सरकार की ओर से ठोस समाधान नहीं निकला है।

    अभ्यर्थी 21 अगस्त को भी भोपाल में बड़ा प्रदर्शन कर चुके हैं। प्रदेशभर से आए अभ्यर्थियों ने डीपीआई कार्यालय के सामने प्रदर्शन और ज्ञापन देने के बाद रैली निकाली और नीलम पार्क पहुंचकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया। बुधवार को इस आंदोलन का छठवां दिन रहा।

    अभ्यर्थियों का कहना है कि नवंबर 2025 से जुलाई 2026 के बीच कई चरणों में आंदोलन किए गए लेकिन पदवृद्धि की मांग पर सरकार की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। अब वे तत्काल निर्णय की मांग कर रहे हैं। वहीं दिग्विजय सिंह की 24 घंटे की भूख हड़ताल की चेतावनी के बाद शिक्षक भर्ती का मुद्दा एक बार फिर प्रदेश की सियासत में गरमाता नजर आ रहा है। अब निगाहें सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं कि वह अभ्यर्थियों की मांगों पर क्या फैसला लेती है।