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  • चेन्नई: IT कंपनी टेक महिंद्रा परिसर में एक वैयरहाउस में लगी भीषण आग… दूर से देखे गए धुएं के गुबार

    चेन्नई: IT कंपनी टेक महिंद्रा परिसर में एक वैयरहाउस में लगी भीषण आग… दूर से देखे गए धुएं के गुबार


    चेन्नई।
    चेन्नई (Chennai) के शोलिंगनल्लूर (Sholinganallur) के पास करपक्कम (Karapakkam) में एलकॉट सेज के अंदर टेक महिंद्रा परिसर (Tech Mahindra Campus) में शुक्रवार को आग लग गई। सूत्रों के मुताबिक, आईटी सेवा कंपनी कैंपस (IT Services Company Campus.) में स्थित वेयरहाउस में भयंकर आग लगी। हालांकि किसी को चोट नहीं आई है। घटना के वक्त सभी कर्मचारियों को सुरक्षित रूप से निकाल लिया गया। दुर्घटना के बाद, शोलिंगनल्लूर के पूरे क्षेत्र में कैंपस में घना धुआं उठता देखा गया। इसके बाद वहां पर सड़कें भी खाली कर दी गईं। एक टेक महिंद्रा प्रवक्ता ने चेन्नई वेयरहाउस सुविधा में आग की घटना की पुष्टि की है।


    कंपनी ने क्या कहा

    प्रवक्ता द्वारा जारी बयान में कहा गया कि हम आग अपने कैंपस में आग लगने की घटना की पुष्टि करते हैं। हालांकि स्थानीय प्रशासन और इमरजेंसी टीम की मदद से खतरा टाल दिया गया। बयान में कहा गया है कि घटना के दौरान वहां मौजूद सभी कर्मचारियों और अन्य लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया था। प्रवक्ता ने आगे बताया कि हालात फिलहाल पूरी तरह से नियंत्रण में हैं। हम चीजों पर पूरी तरह से नजर बनाए हुए हैं और जरूरत में मुताबिक मदद मुहैया कराई जा रही है।


    काफी ज्यादा दहशत

    घटना के बारे में मिली जानकारी के मुताबिक आग बहुत तेजी से फैली। कुछ ही देर के बाद वहां पर घना धुआं उठने लगा। धुआं इतना घना और तेज था कि दूर से ही नजर आ रहा था। इस भीषण हादसे के चलते आसपास के इलाके में काफी ज्यादा दशहत फैल गई। लोग काफी ज्यादा डर गए थे। सिक्योरिटी के लिहाज से वहां की तमाम सड़कों को बंद कर दिया गया। इससे राहत और बचाव कार्य में काफी आसानी हुई। हालांकि घटना के बारे में जानकारी होते ही फायर ब्रिगेड और बचाव की टीमें पहुंच गई थीं।

  • निफ्टी आईटी में 5.5% की भारी गिरावट, मार्केट कैप 1.6 लाख करोड़ रुपए घटा..

    निफ्टी आईटी में 5.5% की भारी गिरावट, मार्केट कैप 1.6 लाख करोड़ रुपए घटा..


    नई दिल्ली। मुंबई। गुरुवार के कारोबारी सत्र में आईटी सेक्टर में भारी बिकवाली ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी। निफ्टी आईटी इंडेक्स 5.51 प्रतिशत गिरकर चार महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया। इससे न केवल इंडेक्स प्रभावित हुआ बल्कि आईटी कंपनियों की कुल बाजार पूंजी में भी 1.6 लाख करोड़ रुपए की भारी कमी दर्ज की गई।

    इस दौरान निफ्टी आईटी कंपनियों का मार्केट कैप घटकर 27,32,579 करोड़ रुपए रह गया। प्रमुख सॉफ्टवेयर कंपनियों में गिरावट विशेष रूप से गंभीर रही। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) का शेयर 5.48 प्रतिशत गिरकर 2,750 रुपए पर पहुंच गया, जो पिछले 52 हफ्तों का सबसे निचला स्तर है। इंफोसिस में भी 5.48 प्रतिशत की गिरावट आई। टेक महिंद्रा 6.40 प्रतिशत गिरा, जबकि एचसीएल टेक, एमफैसिस और विप्रो के शेयरों में 4.5 से 5 प्रतिशत तक की कमी दर्ज की गई।

    विशेषज्ञों का कहना है कि इस बिकवाली के पीछे सबसे बड़ा कारण उभरती एआई तकनीक है। हाल ही में ‘एंथ्रोपिक’ नामक कंपनी ने ‘क्लॉड कोवर्क’ नामक नया एआई टूल लॉन्च किया है, जो कई व्यावसायिक कामों को स्वतः पूरा करने में सक्षम है। इस एआई टूल में ऐसे ऑटोमेशन सिस्टम शामिल हैं जो पहले कई अलग-अलग सॉफ्टवेयर की जरूरत वाले कामों को एक ही प्लेटफॉर्म पर कर सकते हैं।

    अंतरराष्ट्रीय ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने इस स्थिति को ‘सासपोकैलिप्स’ कहा है, यानी एआई पारंपरिक सॉफ्टवेयर कंपनियों की जगह ले सकता है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि अगर एआई ने पारंपरिक आईटी सेवाओं का काम ले लिया, तो कंपनियों की आमदनी में 40 प्रतिशत तक की गिरावट हो सकती है।

    इसके अलावा अमेरिका से मिले मजबूत रोजगार आंकड़े भी बाजार पर दबाव बनाने वाले रहे। जनवरी में अमेरिका में 1.3 लाख नई नौकरियां जुड़ीं और बेरोजगारी दर घटकर 4.3 प्रतिशत हो गई। इससे संकेत मिला कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व जल्दी ब्याज दरें कम नहीं करेगा। इससे भारतीय आईटी कंपनियों की विदेशी आय पर असर पड़ सकता है और शेयरों पर दबाव बढ़ा।

    ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने कहा कि आने वाले समय में नए एआई टूल पुराने सॉफ्टवेयर और टेस्टिंग सेवाओं की मांग को घटा सकते हैं। पारंपरिक आईटी कंपनियों को इस बदलाव के लिए तैयार रहना होगा।

    विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि निवेशक एआई तकनीक के प्रभाव और अमेरिका की मौद्रिक नीति पर नजर बनाए रखें। आईटी सेक्टर में उच्च लागत वाले पारंपरिक सॉफ्टवेयर प्रोजेक्ट्स की मांग में कमी आने की संभावना है, जिससे शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।

    निवेशक और कंपनियां दोनों ही इस बदलाव की जटिलताओं को समझने की कोशिश कर रहे हैं। आईटी कंपनियों के लिए यह समय चुनौतीपूर्ण है, क्योंकि उन्हें न केवल टेक्नोलॉजी में बदलाव अपनाना होगा बल्कि वैश्विक आर्थिक संकेतों के आधार पर अपनी रणनीति भी बदलनी होगी।

  • लिंक्डइन पर निकली अनोखी ‘फुलटाइम हाइब्रिड गर्लफ्रेंड’ की जॉब! यूजर्स पूछ रहे- सैलरी कितनी मिलेगी

    लिंक्डइन पर निकली अनोखी ‘फुलटाइम हाइब्रिड गर्लफ्रेंड’ की जॉब! यूजर्स पूछ रहे- सैलरी कितनी मिलेगी


    नई दिल्ली । सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर आए दिन कुछ न कुछ नया और अजीब वायरल होता रहता है लेकिन इस बार एक शख्स ने प्रोफेशनल नेटवर्किंग साइट लिंक्डइन को ही डेटिंग का मंच बना डाला है। एक यूजर ने लिंक्डइन पर गर्लफ्रेंड के पद के लिए बाकायदा एक आधिकारिक ‘वेकेंसी पोस्ट’ की है जो इंटरनेट पर तेज़ी से वायरल हो गई है।

    यह पोस्ट करने वाले यूजर का नाम दिनेश बताया जा रहा है जिनका प्रोफाइल बताता है कि वह पहले टेक महिंद्रा जैसी कंपनी में सीनियर एसोसिएट के तौर पर काम कर चुके हैं। दिनेश ने इस वेकेंसी को ‘फुलटाइम हाइब्रिड गर्लफ्रेंड’ का नाम दिया है जिसने प्रोफेशनल जगत में इस्तेमाल होने वाले शब्द हाइब्रिड वर्क मॉडल का इस्तेमाल व्यक्तिगत रिश्ते के लिए किया है।

    जॉब डिस्क्रिप्शन लंबी योग्यता लिस्ट

    दिनेश ने इस पोस्ट में गर्लफ्रेंड की भूमिका के लिए जरूरी योग्यताओं और खूबियों की एक लंबी-चौड़ी लिस्ट साझा की है। इस लिस्ट में संभावित रूप से ऐसे गुण शामिल हैं जो वे अपने आदर्श साथी में देखना चाहते हैं और जिसके आधार पर ‘सही उम्मीदवार’ का चुनाव किया जाएगा। यह पोस्ट किसी कॉर्पोरेट जॉब वेकेंसी की तरह डिज़ाइन की गई है जिससे इसकी हास्यास्पद अपील और बढ़ गई है।

    यूजर्स की प्रतिक्रिया और मुख्य सवाल
    यह अनोखी जॉब पोस्ट देखते ही देखते वायरल हो गई और लिंक्डइन के साथ साथ अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी चर्चा का विषय बन गई। प्रोफेशनल यूजर्स ने इसे मज़ाकिया अंदाज़ में लिया और इस पर मजेदार प्रतिक्रियाएं देना शुरू कर दिया।

    सबसे ज़्यादा जो सवाल पूछा गया वह था इस फुलटाइम हाइब्रिड गर्लफ्रेंड की सैलरी कितनी मिलेगी यह प्रतिक्रिया दर्शाती है कि यूजर्स ने इस पोस्ट को एक ‘प्रोफेशनल’ ऑफर के रूप में लेते हुए इसके सबसे महत्वपूर्ण जॉब क्राइटेरिया’ यानी पारिश्रमिक के बारे में जानने की उत्सुकता दिखाई। कुछ यूजर्स ने यह भी पूछा कि क्या इस जॉब में वर्क फ्रॉम होम की सुविधा उपलब्ध है और इसमें ईयरली बोनस मिलेगा या नहीं।

    इस तरह की पोस्ट यह दिखाती है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की सीमाएं अब धुंधली हो रही हैं और लोग प्रोफेशनल साइट्स पर भी अपने व्यक्तिगत या मनोरंजक विचारों को खुलकर साझा कर रहे हैं। हालांकि दिनेश की इस वेकेंसी का उद्देश्य स्पष्ट रूप से मनोरंजन और ध्यान आकर्षित करना ही रहा होगा।