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  • जबलपुर एयरपोर्ट पर अचानक कैंसिल हुई इंडिगो की उड़ान, यात्रियों ने जताई नाराजगी; वैकल्पिक यात्रा का दिया गया भरोसा

    जबलपुर एयरपोर्ट पर अचानक कैंसिल हुई इंडिगो की उड़ान, यात्रियों ने जताई नाराजगी; वैकल्पिक यात्रा का दिया गया भरोसा

    मध्‍य प्रदेश : जबलपुर एयरपोर्ट पर सोमवार को इंडिगो की उड़ान तकनीकी खराबी के कारण रद्द होने से करीब 45 यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हैदराबाद से जबलपुर पहुंचने के बाद इसी विमान को यात्रियों को लेकर इंदौर रवाना होना था, लेकिन तकनीकी समस्या सामने आने के बाद उड़ान संचालित नहीं की जा सकी।

    इंडिगो की फ्लाइट 6E7315 सोमवार सुबह हैदराबाद से जबलपुर पहुंची थी। इसके बाद विमान को जबलपुर से इंदौर के लिए उड़ान भरनी थी। इस चरण में करीब 45 यात्री इंदौर जाने के लिए विमान में सवार होने वाले थे। हालांकि तकनीकी खराबी के चलते उड़ान रद्द करने का फैसला लिया गया।

    यात्रियों को जब फ्लाइट कैंसिल होने की जानकारी मिली तो एयरपोर्ट पर नाराजगी की स्थिति बन गई। कई यात्रियों का कहना था कि उन्होंने इंदौर पहुंचने के लिए पहले से अपनी यात्रा की योजना बनाई थी। कुछ यात्रियों को जरूरी काम के सिलसिले में इंदौर जाना था, इसलिए अचानक उड़ान रद्द होने से उनके कार्यक्रम प्रभावित हुए।

    फ्लाइट रद्द होने की सूचना के बाद यात्रियों ने एयरपोर्ट पर अपनी नाराजगी जाहिर की। यात्रियों के मुताबिक उन्हें उड़ान रद्द होने की जानकारी अचानक मिली, जिससे आगे की यात्रा को लेकर उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा। एयरपोर्ट पर मौजूद यात्रियों को अपनी यात्रा के लिए नए विकल्प तलाशने पड़े।

    स्थिति को देखते हुए एयरलाइन अधिकारियों ने यात्रियों से बातचीत की और वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराने का भरोसा दिया। यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए दूसरे मार्गों और कनेक्टिंग फ्लाइट की संभावनाओं पर काम किया गया।

    एयरलाइन की ओर से कुछ यात्रियों को कनेक्टिंग रूट के जरिए इंदौर भेजने की व्यवस्था किए जाने की जानकारी दी गई। इससे यात्रियों के लिए तत्काल यात्रा का वैकल्पिक रास्ता उपलब्ध कराने की कोशिश की गई। हालांकि अचानक हुए बदलाव के कारण यात्रियों को अपनी यात्रा योजनाओं में परिवर्तन करना पड़ा।

    कुछ यात्रियों ने अपनी यात्रा को आगे के लिए रीशेड्यूल कराया। वहीं कुछ यात्रियों ने टिकट कैंसिल कराने का विकल्प चुना। यात्रियों का कहना था कि उड़ान रद्द होने के कारण उनके समय और आगे की निर्धारित योजनाओं पर असर पड़ा।

    तकनीकी खराबी के कारण विमान संचालन रोकना विमानन सुरक्षा से जुड़ी सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है। ऐसी स्थिति में विमान को उड़ाने के बजाय तकनीकी जांच और आवश्यक सुधार को प्राथमिकता दी जाती है। हालांकि यात्रियों के लिए अचानक उड़ान रद्द होना असुविधाजनक स्थिति पैदा करता है, खासकर तब जब उन्होंने आगे की यात्रा या जरूरी कार्यों के लिए समय निर्धारित किया हो।

    जबलपुर और इंदौर के बीच हवाई संपर्क यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे दोनों शहरों के बीच कम समय में यात्रा की सुविधा मिलती है। ऐसे में उड़ान रद्द होने से प्रभावित यात्रियों को वैकल्पिक यात्रा व्यवस्था पर निर्भर रहना पड़ा।

    फिलहाल प्रभावित यात्रियों के लिए वैकल्पिक रूट, रीशेड्यूलिंग और टिकट रद्द कराने जैसे विकल्प उपलब्ध कराए गए। घटना के बाद यात्रियों की मुख्य चिंता अपने निर्धारित समय पर इंदौर पहुंचने की रही। तकनीकी समस्या के कारण उड़ान संचालन नहीं होने से सोमवार की यह यात्रा कई यात्रियों के लिए परेशानी भरी साबित हुई।

  • बंबई उच्च न्यायालय लिपिक भर्ती परीक्षा में तकनीकी गड़बड़ी का आरोप, अभ्यर्थियों का छत्रपति संभाजीनगर में प्रदर्शन

    बंबई उच्च न्यायालय लिपिक भर्ती परीक्षा में तकनीकी गड़बड़ी का आरोप, अभ्यर्थियों का छत्रपति संभाजीनगर में प्रदर्शन


    नई दिल्ली ।
    बंबई उच्च न्यायालय में लिपिक पद के लिए आयोजित ऑनलाइन टाइपिंग परीक्षा के दौरान तकनीकी और सर्वर संबंधी गंभीर गड़बड़ियों के आरोप सामने आए हैं। परीक्षा प्रक्रिया में आई बाधाओं से आक्रोशित कई अभ्यर्थियों ने रविवार को छत्रपति संभाजीनगर में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। अभ्यर्थियों का आरोप है कि प्रणालीगत कमियों के कारण कई उम्मीदवारों को बिना किसी गलती के अनुत्तीर्ण घोषित कर दिया गया है।

    प्रदर्शन की जानकारी मिलते ही कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक और संयोजक अभिजीत दीपके प्रभावित उम्मीदवारों से मिलने सुराणा नगर स्थित परीक्षा केंद्र पहुंचे। अभ्यर्थियों का समर्थन करते हुए दीपके ने परीक्षा को नए सिरे से दोबारा आयोजित कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जब तक प्रभावित अभ्यर्थियों की मांगें पूरी नहीं हो जातीं, वे इस संघर्ष में उनके साथ खड़े रहेंगे। दीपके ने अधिकारियों पर अभ्यर्थियों की शिकायतों की अनदेखी करने का भी आरोप लगाया।

    परीक्षार्थियों के अनुसार, सुबह के सत्र में परीक्षा के दौरान कंप्यूटर स्क्रीन में पीलापन आने और कीबोर्ड द्वारा काम करना बंद कर देने जैसी गंभीर समस्याएं आईं। कई केंद्रों पर सर्वर की सुस्ती के कारण अभ्यर्थी अपना मूल्यांकन कार्य सुचारू रूप से पूरा नहीं कर सके। अभ्यर्थियों ने आशंका जताई है कि इन तकनीकी खामियों के कारण उनके भविष्य पर विपरीत असर पड़ेगा, इसलिए प्रभावित सत्र की परीक्षा दोबारा आयोजित कराई जानी चाहिए।

    उच्च न्यायालय प्रशासन की ओर से जारी एक आधिकारिक संदेश में स्पष्ट किया गया है कि परीक्षा का आयोजन तय एजेंसी के माध्यम से कराया गया था। हालांकि, प्रशासन ने माना कि औरंगाबाद और कल्याण जैसे कुछ केंद्रों पर तकनीकी बाधाएं दर्ज की गई हैं। एजेंसी द्वारा संचालित इस प्रक्रिया की विस्तृत जांच की जा रही है और उचित कार्रवाई के संबंध में उम्मीदवारों को आधिकारिक रूप से सूचित किया जाएगा।

    उल्लेखनीय है कि उच्च न्यायालय की औरंगाबाद और नागपुर पीठ के अंतर्गत 1,300 लिपिकीय पदों के लिए यह परीक्षा तीन सत्रों में आयोजित की गई थी। इसके लिए पूरे राज्य से लगभग 13,000 उम्मीदवार पात्र पाए गए थे, जिनमें से अकेले मराठवाड़ा और विदर्भ क्षेत्र के करीब 2,900 अभ्यर्थियों ने छत्रपति संभाजीनगर के केंद्रों पर भाग लिया था। मध्य प्रदेश सहित पड़ोसी राज्यों के प्रतियोगी परीक्षा विशेषज्ञों की नजरें भी इस भर्ती मामले के आगामी प्रशासनिक घटनाक्रम पर टिकी हुई हैं।