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  • सर्विस सेक्टर में कीमतों का मिला-जुला रुख, टेलीकॉम महंगाई 0.72 प्रतिशत रही, बैंकिंग सेवाओं के सूचकांक में गिरावट आई

    सर्विस सेक्टर में कीमतों का मिला-जुला रुख, टेलीकॉम महंगाई 0.72 प्रतिशत रही, बैंकिंग सेवाओं के सूचकांक में गिरावट आई

    नई दिल्ली । केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही यानी अप्रैल से जून की अवधि के लिए सर्विस प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स का प्रोविजनल डेटा जारी किया है। आंकड़ों में अलग-अलग सेवा क्षेत्रों में कीमतों के रुझान में अंतर देखने को मिला। इंश्योरेंस और टेलीकॉम सेवाओं की कीमतों में सालाना आधार पर मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि बैंकिंग और सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन सेवाओं के मूल्य सूचकांक में गिरावट आई। हवाई यात्री सेवाओं में सबसे तेज वार्षिक बढ़ोतरी दर्ज की गई।

    वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2027 की जून तिमाही में इंश्योरेंस सर्विस प्राइस इंडेक्स 102.9 रहा। इसमें सालाना आधार पर 0.98 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इसका मतलब है कि बीमा सेवाओं की कीमतों में पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में मामूली बढ़ोतरी हुई। टेलीकॉम सर्विसेज प्राइस इंडेक्स 112.2 रहा और इसमें सालाना आधार पर 0.72 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

    सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन सर्विस प्राइस इंडेक्स में इसके विपरीत गिरावट देखने को मिली। जून तिमाही में यह सूचकांक 89.9 रहा, जो सालाना आधार पर 1.32 प्रतिशत कम है। बैंकिंग सर्विस प्राइस इंडेक्स भी 100.9 पर रहा और इसमें सालाना आधार पर 3.35 प्रतिशत की कमी दर्ज हुई। हालांकि, बैंकिंग सर्विस कॉन्ट्रिब्यूशन इंडेक्स 134.8 रहा और इसमें सालाना आधार पर 6.90 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।

    पेंशन क्षेत्र से जुड़ी सेवाओं में भी कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज हुई। मैनेजमेंट ऑफ पेंशन फंड्स सर्विस प्राइस इंडेक्स 113.3 रहा और इसमें सालाना आधार पर 5.20 प्रतिशत की वृद्धि हुई। इससे संकेत मिलता है कि इस क्षेत्र से जुड़ी सेवाओं की कीमतों में पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले वृद्धि हुई है।

    हवाई यात्री सेवाओं में सबसे उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई। जून तिमाही में एयर पैसेंजर सर्विस प्राइस इंडेक्स 126.4 रहा, जो सालाना आधार पर 31.94 प्रतिशत अधिक है। यह वृद्धि अन्य प्रमुख सेवा क्षेत्रों की तुलना में काफी अधिक रही। इससे हवाई यात्री सेवाओं की कीमतों में सालाना आधार पर तेज बदलाव का पता चलता है।

    रेलवे सेवाओं के सूचकांक में भी सीमित बढ़ोतरी दर्ज हुई। वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में रेलवे सर्विस प्राइस इंडेक्स 103.4 रहा और इसमें सालाना आधार पर 1.27 प्रतिशत की वृद्धि हुई। रेलवे फ्रेट सर्विस प्राइस इंडेक्स 103.3 रहा, जो सालाना आधार पर 0.10 प्रतिशत बढ़ा। वहीं रेलवे पैसेंजर सर्विस प्राइस इंडेक्स 103.5 रहा और इसमें 3.50 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई।

    सरकार के अनुसार सर्विस पीपीआई में सात प्रकार की सेवाओं को शामिल किया जाता है और इसका बेस ईयर 2022-23 निर्धारित है। हालांकि, इन सूचकांकों में सेवाओं के भारांक को शामिल नहीं किया जाता, क्योंकि यह पूरे सर्विस सेक्टर को कवर नहीं करते हैं। वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही यानी जुलाई से सितंबर के लिए सर्विस पीपीआई का अगला प्रोविजनल डेटा 25 नवंबर 2026 को जारी किया जाएगा।

  • सरकार का स्पैम कॉल और मैसेज पर बड़ा शिकंजा, पहली तिमाही में 1.83 लाख टेलीकॉम संसाधनों पर कार्रवाई

    सरकार का स्पैम कॉल और मैसेज पर बड़ा शिकंजा, पहली तिमाही में 1.83 लाख टेलीकॉम संसाधनों पर कार्रवाई

    नई दिल्ली । अनचाहे व्यावसायिक कॉल और संदेशों पर नियंत्रण के लिए केंद्र सरकार ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में व्यापक कार्रवाई की है। संचार मंत्रालय के अनुसार अप्रैल से जून के बीच नियमों का उल्लंघन करने वाले 1.83 लाख टेलीकॉम संसाधनों के खिलाफ कार्रवाई की गई, जबकि 263 प्रेषकों को ब्लैकलिस्ट किया गया। सरकार का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य मोबाइल उपभोक्ताओं को स्पैम कॉल और अवांछित प्रचार संदेशों से राहत दिलाना तथा दूरसंचार सेवाओं को अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद बनाना है।

    मंत्रालय के मुताबिक बार-बार नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रेषकों के खिलाफ कई स्तरों पर कार्रवाई की गई। इनमें आउटगोइंग सेवाओं पर रोक लगाना, लंबे समय तक कनेक्शन निलंबित करना, सभी टेलीकॉम कंपनियों के स्तर पर ब्लैकलिस्ट करना और एसएमएस हेडर ब्लॉक करना जैसे कदम शामिल हैं। सरकार का मानना है कि ऐसे कड़े उपायों से अनधिकृत प्रचार गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा।

    आंकड़ों के अनुसार पहली तिमाही के दौरान देश के दूरसंचार नेटवर्क से कुल 730.82 अरब कॉल की गईं। इस दौरान अनचाहे व्यावसायिक संचार से संबंधित 10.85 लाख शिकायतें दर्ज हुईं। औसतन प्रत्येक 10 लाख कॉल पर लगभग 1.5 शिकायतें प्राप्त हुईं। मंत्रालय का कहना है कि लगातार निगरानी और कार्रवाई के कारण शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है।

    स्पैम कॉल और संदेशों की पहचान के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित तकनीक का भी उपयोग किया जा रहा है। एआई प्रणाली ने पहली तिमाही में 24.43 अरब संदिग्ध स्पैम कॉल और एसएमएस की पहचान की। इससे उपभोक्ताओं को ऐसे कॉल और संदेशों को लेकर सतर्क रहने तथा उन्हें स्वीकार या नजरअंदाज करने का बेहतर विकल्प मिला। मंत्रालय के अनुसार भविष्य में इस तकनीक को और अधिक उन्नत बनाया जाएगा ताकि धोखाधड़ी और स्पैम गतिविधियों पर तेजी से अंकुश लगाया जा सके।

    सरकार ने नियमों के पालन को बढ़ावा देने के लिए बड़े पैमाने पर चेतावनी अभियान भी चलाया। नई चेतावनी प्रणाली लागू होने के केवल एक सप्ताह के भीतर 2.43 लाख से अधिक चेतावनी संदेश संदिग्ध प्रेषकों को भेजे गए। इसका उद्देश्य नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और उल्लंघन की घटनाओं को शुरुआती स्तर पर ही रोकना है।

    मंत्रालय ने बताया कि स्पैम शिकायत दर्ज कराने के लिए ट्राई का डीएनडी ऐप सबसे अधिक उपयोग किया जा रहा है। कुल शिकायतों में लगभग 89 प्रतिशत शिकायतें इसी ऐप के माध्यम से दर्ज हुईं। इसके अलावा उपभोक्ता अपने टेलीकॉम सेवा प्रदाता की वेबसाइट, मोबाइल ऐप या 1909 पर कॉल अथवा एसएमएस के जरिए भी अपनी डू नॉट डिस्टर्ब प्राथमिकताएं दर्ज और संशोधित कर सकते हैं।

    सरकार के अनुसार देश में अब भी 112 करोड़ से अधिक मोबाइल उपभोक्ताओं ने डीएनडी प्राथमिकताएं दर्ज नहीं कराई हैं। ऐसे उपभोक्ताओं तक पंजीकृत टेलीमार्केटर और कंपनियां व्यावसायिक कॉल तथा संदेश भेज सकती हैं। मंत्रालय ने लोगों से अपनी डीएनडी प्राथमिकताएं दर्ज कराने की अपील की है। सरकार का दावा है कि डीएनडी व्यवस्था के कारण पहली तिमाही में 1.48 अरब प्रमोशनल कॉल और 7.30 अरब प्रमोशनल एसएमएस ब्लॉक किए गए। साथ ही प्रमोशनल कॉल के लिए 140 सीरीज और बैंकिंग तथा सरकारी सेवाओं से जुड़े कॉल के लिए 1600 सीरीज का उपयोग जारी है, जिससे उपभोक्ताओं को आधिकारिक और प्रचार संबंधी कॉल की पहचान करने में आसानी मिल रही है।