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  • केबीसी 18 के मंच पर पहुंचीं गायिका सुनिधि चौहान, अमिताभ बच्चन संग बातचीत का प्रोमो हुआ वायरल

    केबीसी 18 के मंच पर पहुंचीं गायिका सुनिधि चौहान, अमिताभ बच्चन संग बातचीत का प्रोमो हुआ वायरल

    नई दिल्ली ।टेलीविजन के सबसे लोकप्रिय क्विज शो कौन बनेगा करोड़पति के 18वें सीजन में इन दिनों प्रतियोगियों के ज्ञान के साथ-साथ कई मशहूर हस्तियों का मनोरंजन भी देखने को मिल रहा है। शो के आगामी एपिसोड के एक नए प्रोमो ने इंटरनेट पर लोगों का ध्यान खींचा है। इस प्रोमो में हिंदी सिनेमा की जानी-मानी पार्श्व गायिका सुनिधि चौहान हॉट सीट पर बैठी नजर आ रही हैं। शो के दौरान अमिताभ बच्चन और सुनिधि चौहान के बीच हुई बातचीत और हंसी-मजाक के पलों को दर्शक काफी पसंद कर रहे हैं।

    सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन और ओटीटी प्लेटफॉर्म द्वारा जारी किए गए इस प्रोमो में सुनिधि चौहान अमिताभ बच्चन के सामने बैठकर अपनी खुशी जाहिर करती दिख रही हैं। कार्यक्रम के दौरान सुनिधि ने अपनी गायकी का हुनर दिखाते हुए वर्ष 2006 में आई फिल्म डॉन का प्रसिद्ध गीत ‘ये मेरा दिल’ भी प्रस्तुत किया। उनकी इस शानदार परफॉर्मेंस ने मंच का माहौल संगीतमय बना दिया। अमिताभ बच्चन ने भी उनकी गायकी की जमकर सराहना की और तालियां बजाकर उनका उत्साहवर्धन किया।

    गेम शो में बातचीत के दौरान सुनिधि चौहान ने अमिताभ बच्चन की तारीफ करते हुए कहा कि वे उन्हें अलग-अलग रूपों में देखते आए हैं और वे उनके लिए एक सांता क्लॉज़ की तरह हैं। इसी क्रम में उन्होंने एक बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि अमिताभ बच्चन उनका पहला क्रश हुआ करते थे। सुनिधि की इस बात पर बिग बी ने बेहद चुटीले अंदाज में प्रतिक्रिया दी और मुस्कुराते हुए कहा कि यह बात उन्हें अब पता चल रही है, जबकि इसे पहले बताया जाना चाहिए था। अमिताभ के इस जवाब से सुनिधि शरमा गईं और मंच पर मौजूद दर्शक हंस पड़े।

    इस विशेष एपिसोड के प्रोमो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी प्रशंसकों की प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई है। संगीत और अभिनय जगत के इन दो दिग्गजों को एक साथ मंच साझा करते देख दर्शक बेहद उत्साहित नजर आ रहे हैं। कई लोगों ने सुनिधि चौहान की प्राकृतिक गायकी शैली की तारीफ की तो कई प्रशंसकों ने इस पूरे एपिसोड को देखने के लिए अपनी उत्सुकता जाहिर की है।

    मध्य प्रदेश सहित देश भर के केबीसी प्रशंसकों के बीच इस नए सीजन को लेकर जबरदस्त क्रेज बना हुआ है। हाल ही में शुरू हुए इस 18वें सीजन में पहले भी कई बड़े बॉलीवुड सितारे अपनी फिल्मों के प्रचार और सामाजिक उद्देश्यों के लिए शिरकत कर चुके हैं। सुनिधि चौहान और अमिताभ बच्चन के बीच की यह खास बॉन्डिंग इस एपिसोड के प्रसारण को लेकर दर्शकों का रोमांच और बढ़ा रही है।

  • कौन बनेगा करोड़पति 18 में लागू हुए नए नियम, सोचना पड़ेगा थीम के साथ शुरू हुआ नया सीजन

    कौन बनेगा करोड़पति 18 में लागू हुए नए नियम, सोचना पड़ेगा थीम के साथ शुरू हुआ नया सीजन

    नई दिल्ली ।भारतीय टेलिविजन के सबसे लोकप्रिय क्विज शो ‘कौन बनेगा करोड़पति’ का 18वां सीजन कई नए और अनोखे बदलावों के साथ शुरू होने जा रहा है। तकनीक और सूचना के इस आधुनिक दौर को ध्यान में रखते हुए इस बार शो के गेमप्ले और प्रारूप में काफी फेरबदल किए गए हैं। अमर उजाला को दिए एक विशेष साक्षात्कार में शो के निर्देशक अरुण शेषकुमार ने बताया कि अब केवल सामान्य ज्ञान और सही उत्तर देना ही काफी नहीं होगा, बल्कि प्रतिभागियों को हर कदम पर ठोस रणनीति बनानी होगी।

    इस नए सीजन की मुख्य थीम ‘सोचना पड़ेगा’ रखी गई है, जो यह संदेश देती है कि जानकारी के इस दौर में ज्ञान के सही इस्तेमाल और सोच का महत्व सबसे अधिक है। निर्देशक के अनुसार, इस बार फास्टेस्ट फिंगर फर्स्ट राउंड में भी ट्विस्ट लाया गया है ताकि हॉट सीट तक पहुंचने का रास्ता पहले से थोड़ा सहज हो सके। हालांकि, मुख्य खेल में प्रवेश करने के बाद प्रतियोगियों को मिलने वाली लाइफलाइन्स पाने के लिए भी प्रतिस्पर्धा करनी होगी और उन्हें हासिल करना पड़ेगा।

    नियमों में बदलाव के बावजूद शो के मूल स्वरूप से कोई समझौता नहीं किया गया है। प्रतिभागियों के सामने पहले की तरह ही 16 सवाल रखे जाएंगे और अंतिम प्रश्न की धनराशि 7 करोड़ रुपये ही बनी रहेगी। शो में पहुंचने वाले प्रतियोगियों का चयन कई कठिन चरणों, लिखित परीक्षाओं और सामान्य ज्ञान के परीक्षण के बाद किया जाता है, जिससे केवल योग्य और प्रतिभाशाली लोग ही मुख्य मंच तक पहुंच पाते हैं।

    मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों और कस्बों से भी हर साल कई मेधावी प्रतियोगी अपनी प्रतिभा और ज्ञान के बल पर इस मंच तक पहुंचते रहे हैं। राज्य के युवाओं और छात्र-छात्राओं के बीच इस कार्यक्रम का खासा प्रभाव देखने को मिलता है, जहां लोग इसे न केवल मनोरंजन बल्कि प्रेरणा और ज्ञानवर्धन के एक प्रमुख माध्यम के रूप में देखते हैं।

    शो के निर्देशक ने अमिताभ बच्चन के समर्पण और कार्यशैली की सराहना करते हुए उन्हें इस कार्यक्रम की वास्तविक आत्मा करार दिया। उन्होंने बताया कि शो की शुरुआत और अंत के अलावा अधिकांश बातचीत पूरी तरह से स्वाभाविक होती है। अमिताभ बच्चन प्रत्येक प्रतियोगी की पृष्ठभूमि को समझते हैं और उनके साथ संवेदनशीलता से संवाद स्थापित करते हैं, जिससे प्रतिभागियों को सहज महसूस होता है।

    डिजिटल युग और सोशल मीडिया के दौर में भी ‘कौन बनेगा करोड़पति’ अपनी प्रासंगिकता और विश्वसनीयता बनाए रखने में सफल रहा है। हर नए सीजन के साथ इसमें किए जाने वाले बदलाव नई पीढ़ी को जोड़ने के साथ-साथ पुराने दर्शकों के अनुभव को भी नयापन प्रदान करते हैं।

  • केबीसी 18 के मंच पर अमिताभ बच्चन ने प्रीति जिंटा से मैसेज का जवाब न मिलने पर जताई नाराजगी

    केबीसी 18 के मंच पर अमिताभ बच्चन ने प्रीति जिंटा से मैसेज का जवाब न मिलने पर जताई नाराजगी

    नई दिल्ली । टेलीविजन का लोकप्रिय गेम शो कौन बनेगा करोड़पति अपने नए सीजन के साथ एक बार फिर दर्शकों के बीच दस्तक दे रहा है। शो के 18वें सीजन के प्रीमियर एपिसोड में बॉलीवुड के कई दिग्गज कलाकार अपनी आगामी फिल्म बंटवारा 1947 के प्रचार के लिए पहुंचे। इस विशेष एपिसोड में अभिनेता सनी देओल, आमिर खान और अभिनेत्री प्रीति जिंटा शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान शो के संचालक और अभिनेता अमिताभ बच्चन ने अभिनेत्री प्रीति जिंटा से जुड़ा एक पुराना मजेदार वाकया साझा किया।

    शो के आधिकारिक प्रोमो में अमिताभ बच्चन मंच पर प्रीति जिंटा से एक हल्की-फुल्की शिकायत दर्ज कराते नजर आए। उन्होंने बताया कि हर साल 31 जनवरी को अभिनेत्री के जन्मदिन पर उनकी ओर से शुभकामना संदेश भेजा जाता है, लेकिन उन्हें कभी इसका सीधा जवाब प्राप्त नहीं हुआ। इस अप्रत्याशित बात को सुनकर मंच पर मौजूद अन्य कलाकार और दर्शक भी मुस्कुरा दिए, जबकि अभिनेत्री ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की।

    कार्यक्रम के दौरान अमिताभ बच्चन ने एक दशक से भी अधिक पुराना एक सार्वजनिक संदेश भी दिखाया, जिसमें उन्होंने मजाकिया लहजे में अभिनेत्री को जन्मदिन की बधाई देने का जिक्र किया था। अभिनेत्री ने अपनी सफाई में कहा कि संदेशों का उत्तर अक्सर देर से पहुंच पाता है। इस पूरे वाकये ने शो के शुरुआती एपिसोड में हल्का-फुल्का और मनोरंजक माहौल बना दिया, जिसे प्रशंसकों द्वारा सोशल मीडिया पर भी काफी पसंद किया जा रहा है।

    उल्लेखनीय है कि कौन बनेगा करोड़पति का यह नया सीजन तकनीक और फॉर्मेट के स्तर पर कई बदलावों के साथ प्रस्तुत किया जा रहा है। इस शो को भारत के विभिन्न हिस्सों में व्यापक लोकप्रियता हासिल है। मध्य प्रदेश सहित देश के कई राज्यों से प्रतियोगी इस मंच पर अपनी किस्मत और ज्ञान आजमाने पहुंचते हैं। प्रदेश के विभिन्न शहरों में इस कार्यक्रम को देखने वाले दर्शकों की बड़ी संख्या मौजूद है।

    प्रीमियर एपिसोड में पहुंची स्टारकास्ट की आगामी फिल्म बंटवारा 1947 आगामी 14 अगस्त को सिनेमाघरों में प्रदर्शित होने जा रही है। इस ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर आधारित फिल्म का निर्देशन राजकुमार संतोषी ने किया है, जबकि इसका निर्माण आमिर खान प्रोडक्शंस के बैनर तले हुआ है। फिल्म में सनी देओल, प्रीति जिंटा, अली फजल और शबाना आजमी जैसे वरिष्ठ कलाकार मुख्य भूमिकाओं में नजर आएंगे।

    गेम शो के इस विशेष प्रचारक एपिसोड से फिल्म और शो दोनों को लेकर दर्शकों के बीच काफी उत्सुकता देखी जा रही है। मनोरंजन जगत के विश्लेषकों का मानना है कि टेलीविजन के सबसे बड़े मंच से फिल्मों का प्रचार दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने में हमेशा से कारगर साबित होता रहा है।

  • तेजस्वी प्रकाश ने बताया क्यों एकता कपूर की लोकप्रियता आज भी कायम है, बदलाव की क्षमता को बताया सबसे बड़ी ताकत

    तेजस्वी प्रकाश ने बताया क्यों एकता कपूर की लोकप्रियता आज भी कायम है, बदलाव की क्षमता को बताया सबसे बड़ी ताकत

    नई दिल्ली । टेलीविजन और मनोरंजन की दुनिया में बदलते दर्शकों की पसंद के बीच अभिनेत्री तेजस्वी प्रकाश ने निर्माता एकता कपूर की कार्यशैली और बदलाव को अपनाने की क्षमता की सराहना की है। तेजस्वी का कहना है कि एकता कपूर ने खुद को केवल टेलीविजन सीरियल्स तक सीमित नहीं रखा, बल्कि समय के साथ अपने काम और कंटेंट के तरीके में जरूरी बदलाव किए हैं। उनके मुताबिक लंबे समय से मनोरंजन उद्योग में सक्रिय रहने के बावजूद एकता कपूर की प्रासंगिकता बनी हुई है।

    तेजस्वी प्रकाश इन दिनों गेमिंग रियलिटी शो ‘प्लेग्राउंड’ के पांचवें सीजन को लेकर चर्चा में हैं। इसी सिलसिले में उन्होंने एकता कपूर के काम और उनके व्यावसायिक नजरिए पर अपनी राय साझा की। तेजस्वी ने कहा कि एकता को केवल टेलीविजन की निर्माता के रूप में देखना उनके काम के व्यापक दायरे को सीमित करना होगा। उन्होंने एकता को एक कुशल रणनीतिकार और समझदार बिजनेसवुमन बताया।

    तेजस्वी के अनुसार, एकता कपूर को यह समझने की क्षमता है कि किसी समय दर्शकों के बीच किस तरह का कंटेंट पसंद किया जा रहा है। इसी समझ के आधार पर वह अपने काम की दिशा में बदलाव करती हैं। तेजस्वी ने कहा कि मनोरंजन उद्योग में दर्शकों की पसंद लगातार बदलती रहती है और ऐसे माहौल में पुराने तरीकों पर लगातार निर्भर रहने के बजाय बदलाव को स्वीकार करना जरूरी है।

    अभिनेत्री ने यह भी कहा कि उन्होंने अपने आसपास कई ऐसे लोगों को देखा है, जो काम करने के पुराने तरीकों को बदलने के लिए तैयार नहीं होते। चाहे उनका तरीका प्रभावी रहे या नहीं, वे उसी दिशा में काम करते रहते हैं। तेजस्वी के मुताबिक ऐसी सोच विकास की संभावनाओं को सीमित कर सकती है। उन्होंने कहा कि आगे बढ़ने के लिए यह समझना जरूरी है कि कब अपने तरीके में बदलाव किया जाना चाहिए।

    तेजस्वी ने एकता कपूर के संदर्भ में कहा कि उन्होंने अपने काम के दौरान हुई गलतियों को समझा और उनसे सीख लेकर आवश्यक बदलाव किए। उनके अनुसार, अपनी गलतियों से सीखना और परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालना किसी भी क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए महत्वपूर्ण है। यही क्षमता एकता कपूर के लंबे करियर में भी दिखाई देती है।

    तेजस्वी प्रकाश का एकता कपूर के साथ काम करने का अनुभव भी रहा है। वह चर्चित टेलीविजन शो ‘नागिन 6’ में नजर आई थीं। इस दौरान उन्हें एकता कपूर के प्रोडक्शन से जुड़े काम को करीब से देखने का अवसर मिला। तेजस्वी ने अपने अनुभव के आधार पर एकता की कार्यशैली को लेकर सकारात्मक बात कही।

    उन्होंने रियलिटी शो ‘लॉक अप’ को लेकर भी एकता कपूर की टीम की प्रशंसा की। तेजस्वी ने कहा कि शो के दूसरे सीजन की सफलता से उन्हें खुशी और गर्व महसूस हुआ। वह खुद भी ‘लॉक अप’ का हिस्सा रह चुकी हैं और उन्होंने बताया कि शो से उनका जुड़ाव भले ही सीमित स्तर पर रहा हो, लेकिन उसके मंच का हिस्सा बनना उनके लिए अच्छा अनुभव था।

    तेजस्वी ने यह भी कहा कि एकता कपूर की पहचान केवल टेलीविजन तक सीमित नहीं है। वह फिल्म निर्माण के क्षेत्र में भी सक्रिय हैं और आने वाले समय में उनके कई नए प्रोजेक्ट्स हैं। तेजस्वी का मानना है कि एकता कपूर ने बदलते मनोरंजन बाजार के अनुरूप अपनी भूमिका और काम के दायरे को लगातार विस्तार दिया है। इसी कारण उन्हें लगता है कि एकता कपूर की लोकप्रियता और चमक अभी भी कायम है।

  • मशहूर टीवी शो में काम करने का ऐसा चढ़ा जुनून, छिंदवाड़ा से 900 किमी दूर मुंबई फिल्म सिटी पहुंचा नाबालिग

    मशहूर टीवी शो में काम करने का ऐसा चढ़ा जुनून, छिंदवाड़ा से 900 किमी दूर मुंबई फिल्म सिटी पहुंचा नाबालिग

    मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले का निवासी एक 16 वर्षीय नाबालिग लड़का अभिनय क्षेत्र में अपना करियर बनाने और एक प्रसिद्ध टेलीविजन धारावाहिक में काम करने की चाहत में बिना बताए घर से निकलकर मुंबई पहुंच गया। लगभग 900 किलोमीटर की दूरी तय करके पहुंचे इस किशोर को मुंबई की गोरेगांव स्थित फिल्म सिटी परिसर में पुलिस की सतर्कता से सकुशल बरामद कर लिया गया है।

    प्राप्त विवरण के अनुसार, आरे पुलिस स्टेशन की गश्ती टीम को गोरेगांव स्थित फिल्म सिटी के पास एक नाबालिग अकेले घूमता हुआ दिखाई दिया। संदिग्ध स्थिति में घूम रहे लड़के को सुरक्षाकर्मियों और पुलिसकर्मियों ने रोककर पूछताछ की। शुरुआती पूछताछ के बाद उसे आरे पुलिस स्टेशन लाया गया, जहां उसने अपने घर से भागकर मुंबई आने की पूरी जानकारी पुलिस अधिकारियों के सामने साझा की।

    नाबालिग ने बताया कि वह गुरुवार दोपहर को अपने घर से स्कूल जाने का बहाना बनाकर निकला था, लेकिन वह स्कूल न जाकर सीधे छिंदवाड़ा रेलवे स्टेशन पहुंच गया। वहां से उसने ट्रेन पकड़कर पहले नागपुर का सफर किया और फिर नागपुर से कनेक्टिंग ट्रेन लेकर मुंबई के लिए रवाना हो गया। अगले दिन सुबह गोरेगांव रेलवे स्टेशन उतरने के बाद वह पैदल ही फिल्म सिटी परिसर तक पहुंच गया।

    पूछताछ में लड़के ने स्वीकार किया कि वह देश के लोकप्रिय कॉमेडी टेलीविजन धारावाहिक ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ से अत्यधिक प्रभावित था और उसमें अभिनय का अवसर प्राप्त करना चाहता था। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा से अभिनय के जुनून में आए इस लड़के के संदर्भ में जब मुंबई पुलिस ने स्थानीय पुलिस और परिजनों से संपर्क किया, तो पता चला कि परिजनों ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करा रखी थी।

    मुंबई पुलिस ने बालक के परिजनों को उसके सुरक्षित मिलने की जानकारी दे दी है। फिलहाल नाबालिग को आरे पुलिस स्टेशन में सुरक्षा और देखरेख में रखा गया है। सूचना मिलने के बाद उसके पिता छिंदवाड़ा से मुंबई के लिए रवाना हो चुके हैं, ताकि कानूनी औपचारिकताओं को पूरा कर अपने पुत्र को सकुशल घर वापस ले जा सकें।

  • 'ठाकुर सज्जन सिंह' से घर-घर मशहूर हुए अनुपम श्याम, बीमारी के दौर में योगी सरकार ने की थी 20 लाख रुपये की मदद

    'ठाकुर सज्जन सिंह' से घर-घर मशहूर हुए अनुपम श्याम, बीमारी के दौर में योगी सरकार ने की थी 20 लाख रुपये की मदद

    नई दिल्ली । अभिनेता अनुपम श्याम ओझा भारतीय फिल्म और टेलीविजन जगत में अपने दमदार अभिनय, प्रभावशाली आवाज और अलग अंदाज के लिए हमेशा याद किए जाएंगे। खास तौर पर लोकप्रिय धारावाहिक ‘मन की आवाज प्रतिज्ञा’ में ठाकुर सज्जन सिंह के किरदार ने उन्हें घर-घर पहचान दिलाई। फिल्मों से लेकर छोटे पर्दे तक अपने अभिनय की मजबूत छाप छोड़ने वाले अनुपम श्याम ने अपने करियर में कई तरह के किरदार निभाए। हालांकि, जीवन के अंतिम वर्षों में उन्हें गंभीर बीमारी और आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ा। इसी दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से मिली आर्थिक सहायता भी चर्चा में रही थी।

    अनुपम श्याम का जन्म 20 सितंबर 1957 को उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में हुआ था। बचपन से ही उनका रुझान अभिनय की ओर था। शुरुआती शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने अवध विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा हासिल की। इसके बाद लखनऊ स्थित भारतेंदु नाट्य अकादमी से रंगमंच और अभिनय का प्रशिक्षण लिया। प्रशिक्षण के बाद वह दिल्ली के श्रीराम सेंटर रंगमंडल से जुड़े और थिएटर के जरिए अभिनय की बारीकियों को समझा। रंगमंच पर अनुभव हासिल करने के बाद उन्होंने अभिनय के बड़े सपने के साथ मुंबई का रुख किया।

    मुंबई में शुरुआती दौर आसान नहीं था। उन्हें छोटे-छोटे किरदारों से शुरुआत करनी पड़ी, लेकिन उनकी प्रतिभा ने धीरे-धीरे फिल्म निर्माताओं का ध्यान खींचा। उनके फिल्मी करियर की शुरुआत अंतरराष्ट्रीय फिल्म ‘लिटिल बुद्धा’ से हुई। इसके बाद शेखर कपूर की चर्चित फिल्म ‘बैंडिट क्वीन’ में भी उन्होंने अभिनय किया। आगे चलकर वह ‘लगान’, ‘नायक’, ‘शक्ति’, ‘स्लमडॉग मिलियनेयर’, ‘वांटेड’, ‘हल्ला बोल’ और ‘रक्त चरित्र’ जैसी फिल्मों का हिस्सा बने। कई फिल्मों में उन्होंने दबंग और नकारात्मक भूमिकाओं को प्रभावी तरीके से पर्दे पर उतारा।

    हालांकि फिल्मों में लंबे समय तक काम करने के बाद भी उन्हें सबसे बड़ी लोकप्रियता वर्ष 2009 में शुरू हुए धारावाहिक ‘मन की आवाज प्रतिज्ञा’ से मिली। इसमें ठाकुर सज्जन सिंह की भूमिका ने उनकी पहचान को एक अलग मुकाम दिया। उनका संवाद बोलने का अंदाज और किरदार की प्रभावशाली प्रस्तुति दर्शकों को बेहद पसंद आई। इस भूमिका की लोकप्रियता इतनी अधिक थी कि बड़ी संख्या में दर्शक उन्हें उनके वास्तविक नाम के बजाय ठाकुर सज्जन सिंह के नाम से पहचानने लगे। बाद में उन्होंने ‘प्रतिज्ञा 2’, ‘कृष्णा चली लंदन’ और ‘डोली अरमानों की’ सहित कई धारावाहिकों में अभिनय किया।

    जीवन के अंतिम दौर में अनुपम श्याम गंभीर किडनी संबंधी बीमारी से जूझ रहे थे। उन्हें नियमित डायलिसिस की जरूरत पड़ती थी और लंबे इलाज के कारण आर्थिक परेशानियां भी बढ़ गई थीं। इसी दौरान उनके परिवार की ओर से मदद की अपील की गई थी। अनुपम श्याम ने बाद में एक बातचीत में बताया था कि उनकी बीमारी की जानकारी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुंची, जिसके बाद इलाज के लिए 20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता अस्पताल के खाते में भेजी गई। अभिनेता ने इस मदद के लिए आभार भी जताया था और बताया था कि इससे उनके इलाज को आगे बढ़ाने में सहायता मिली।

    इलाज के दौरान उनकी तबीयत में कुछ समय के लिए सुधार आया और उन्होंने दोबारा काम शुरू करने की कोशिश की। वह ‘मन की आवाज प्रतिज्ञा 2’ की शूटिंग से भी जुड़े, लेकिन स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां लगातार बनी रहीं। आखिरकार 8 अगस्त 2021 को मुंबई के एक अस्पताल में 63 वर्ष की उम्र में उनका निधन हो गया। उनके जाने के बाद फिल्म और टेलीविजन जगत में शोक की लहर दौड़ गई। अनुपम श्याम भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन ठाकुर सज्जन सिंह सहित उनके यादगार किरदार और अभिनय की विरासत दर्शकों के बीच लंबे समय तक जीवित रहेगी।

  • कपिल शर्मा की एक्स गर्लफ्रेंड कहे जाने पर भड़कीं प्रीति सिमोस, बोलीं- मेरी पहचान सिर्फ रिश्ते से नहीं

    कपिल शर्मा की एक्स गर्लफ्रेंड कहे जाने पर भड़कीं प्रीति सिमोस, बोलीं- मेरी पहचान सिर्फ रिश्ते से नहीं


    नई दिल्ली ।
    टीवी इंडस्ट्री की जानी-मानी प्रोड्यूसर प्रीति सिमोस ने कॉमेडियन कपिल शर्मा की एक्स गर्लफ्रेंड के टैग को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की है। प्रीति सिमोस का कहना है कि लंबे समय से उनकी पहचान उनके काम और उपलब्धियों के बजाय कपिल शर्मा के साथ रहे पुराने रिश्ते के आधार पर की जाती रही है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति उनके लिए काफी निराशाजनक है, क्योंकि उन्होंने टेलीविजन इंडस्ट्री में अपनी अलग पहचान बनाने के लिए वर्षों तक मेहनत की है।

    प्रीति सिमोस ने एक बातचीत के दौरान कहा कि एक समय तक वह किसी की गर्लफ्रेंड के रूप में जानी जाती थीं, लेकिन रिश्ता खत्म होने के बाद भी उन्हें उसी पुराने रिश्ते के नाम से जोड़कर देखा जाता है। उन्होंने कहा कि ब्रेकअप के बाद दोनों अपनी-अपनी जिंदगी में आगे बढ़ चुके हैं, लेकिन मीडिया और लोगों के एक वर्ग ने अब भी उन्हें उसी नजरिए से देखना जारी रखा है। उनके अनुसार, यह उनके काम और प्रोफेशनल पहचान के साथ न्याय नहीं करता।

    प्रीति ने कहा कि उन्हें सबसे ज्यादा परेशानी इस बात से होती है कि उनकी मेहनत और करियर की उपलब्धियों की चर्चा कम होती है, जबकि कपिल शर्मा के साथ उनके रिश्ते को ज्यादा महत्व दिया जाता है। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति की पहचान केवल उसके निजी रिश्तों से नहीं होनी चाहिए। हर इंसान की अपनी मेहनत, प्रतिभा और उपलब्धियां होती हैं, जिन्हें भी महत्व मिलना चाहिए।

    उन्होंने यह भी कहा कि दो लोगों के बीच रिश्ते की वास्तविकता को बाहर के लोग पूरी तरह नहीं जानते। कई बार लोग अलग होने के बाद भी एक-दूसरे के साथ सम्मानजनक संबंध बनाए रखते हैं या दोस्त बने रहते हैं। इसके बावजूद समाज और मीडिया अक्सर पुराने रिश्तों के आधार पर लोगों को पहचानने लगता है। प्रीति ने कहा कि खासतौर पर महिलाओं को ऐसे टैग का सामना ज्यादा करना पड़ता है और उनके बारे में गलत धारणाएं बनाई जाती हैं।

    प्रीति सिमोस ने टेलीविजन इंडस्ट्री में अपनी मजबूत पहचान बनाई है। वह कई लोकप्रिय शो और प्रोजेक्ट्स से जुड़ी रही हैं। उन्होंने ‘कॉमेडी नाइट्स विद कपिल’ और ‘द कपिल शर्मा शो’ जैसे चर्चित कार्यक्रमों के निर्माण में अहम भूमिका निभाई है। इसके अलावा वह ‘कानपुर वाले खुरानाज’, ‘गैंग्स ऑफ फिल्मिस्तान’, ‘आखिरी सच’ और कई अन्य प्रोजेक्ट्स का हिस्सा रही हैं। अपने काम के जरिए उन्होंने टीवी प्रोडक्शन क्षेत्र में खास मुकाम हासिल किया है।

    कपिल शर्मा और प्रीति सिमोस का नाम एक समय निजी रिश्ते को लेकर चर्चा में रहा था। हालांकि बाद में दोनों अलग हो गए और अपनी-अपनी जिंदगी में आगे बढ़ गए। कपिल शर्मा ने वर्ष 2018 में गिन्नी चतरथ से शादी की थी। अब कपिल अपनी पारिवारिक जिंदगी और प्रोफेशनल प्रोजेक्ट्स में व्यस्त हैं। वहीं प्रीति सिमोस भी लगातार अपने काम पर ध्यान दे रही हैं।

    प्रीति का कहना है कि किसी महिला की पहचान केवल उसके किसी प्रसिद्ध व्यक्ति के साथ जुड़े रिश्ते से नहीं होनी चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि लोगों को किसी के काम और व्यक्तिगत उपलब्धियों के आधार पर पहचान मिलनी चाहिए। उनका बयान सोशल मीडिया और मनोरंजन जगत में चर्चा का विषय बना हुआ है।

  • बॉलीवुड के 'सिंघम' अजय देवगन टेलीविजन पर कर सकते हैं धमाकेदार वापसी, क्राइम शो की मेजबानी करने की चर्चा तेज

    बॉलीवुड के 'सिंघम' अजय देवगन टेलीविजन पर कर सकते हैं धमाकेदार वापसी, क्राइम शो की मेजबानी करने की चर्चा तेज

    नई दिल्ली । बॉलीवुड के चर्चित अभिनेता अजय देवगन के प्रशंसकों के लिए टेलीविजन जगत से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। बड़े पर्दे पर अपने अभिनय और दमदार संवाद अदायगी से दर्शकों का दिल जीतने वाले अजय देवगन जल्द ही छोटे पर्दे पर एक नए अवतार में नजर आ सकते हैं। मीडिया गलियारों में चल रही खबरों के अनुसार, अभिनेता एक नए क्राइम शो के जरिए मेजबान यानी होस्ट की भूमिका निभाने की तैयारी कर रहे हैं।

    मनोरंजन उद्योग से जुड़े सूत्रों के अनुसार, टेलीविजन चैनल और निर्माताओं ने इस विशेष प्रोजेक्ट के लिए अभिनेता से संपर्क किया है। बताया जा रहा है कि प्राथमिक बातचीत सकारात्मक रही है और यदि सब कुछ तय योजना के अनुसार आगे बढ़ता है, तो वह जल्द ही इस नए शो की शूटिंग शुरू करेंगे। यह शो पूरी तरह से वास्तविक जीवन में घटित अपराध की सच्ची घटनाओं और उनकी जांच प्रक्रिया पर आधारित होगा।

    हिंदी सिनेमा में इससे पहले भी कई शीर्ष अभिनेताओं ने टेलीविजन शोज की मेजबानी कर दर्शकों के बीच अपनी खास पहचान बनाई है। यदि यह प्रोजेक्ट अंतिम रूप लेता है, तो अजय देवगन का नाम भी उन कलाकारों की सूची में शामिल हो जाएगा जो बड़े पर्दे के साथ-साथ छोटे पर्दे पर भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा चुके हैं। फिलहाल इस प्रोजेक्ट से जुड़ी विस्तृत जानकारियों को गोपनीय रखा गया है।

    मध्य प्रदेश और देश भर में अजय देवगन की फिल्मों को काफी पसंद किया जाता है। हाल के दिनों में उनकी बहुप्रतीक्षित कॉमेडी फ्रेंचाइजी की नई फिल्म सिनेमाघरों में प्रदर्शित हुई थी, जिसे दर्शकों से मिली-जुली प्रतिक्रियाएं मिलीं। इसके अलावा, अभिनेता के पास आने वाले समय में कई बड़ी फिल्में पाइपलाइन में हैं, जिनमें सस्पेंस थ्रिलर और एक्शन शैली की बहुचर्चित सीक्वल फिल्में शामिल हैं।

    टेलीविजन पर क्राइम शोज का अपना एक बड़ा दर्शक वर्ग रहा है, जहां सच्ची घटनाओं को नाटकीय रूपांतरण के साथ पेश किया जाता है। ऐसे में अजय देवगन जैसी मजबूत छवि वाले अभिनेता का इस तरह के शो से जुड़ना दर्शकों के लिए बेहद आकर्षक हो सकता है। फिलहाल आधिकारिक घोषणा का इंतजार किया जा रहा है, जिसके बाद ही शो के प्रसारण और समय से जुड़ी अन्य जानकारियां स्पष्ट हो सकेंगी।

  • भारतीय रेलवे के सहयोग से बनी 'यात्रा' ने 15 एपिसोड में देश की विविध संस्कृति और समाज को दिखाया

    भारतीय रेलवे के सहयोग से बनी 'यात्रा' ने 15 एपिसोड में देश की विविध संस्कृति और समाज को दिखाया

    नई दिल्ली । भारतीय टेलीविजन के स्वर्णिम दौर में दूरदर्शन ने ऐसे कई धारावाहिक दर्शकों को दिए, जिन्होंने केवल मनोरंजन ही नहीं किया बल्कि समाज को नई सोच और संवेदनशील दृष्टिकोण भी प्रदान किया। इन्हीं यादगार कार्यक्रमों में वर्ष 1986 में प्रसारित धारावाहिक ‘यात्रा’ का नाम प्रमुखता से लिया जाता है। प्रसिद्ध फिल्मकार श्याम बेनेगल के निर्देशन में बनी इस श्रृंखला ने भारतीय रेल के लंबे सफर को आधार बनाकर देश के अलग-अलग हिस्सों, संस्कृतियों और आम लोगों की जिंदगी से जुड़ी कहानियों को दर्शकों तक पहुंचाया। करीब चार दशक बाद भी यह धारावाहिक भारतीय टेलीविजन के सबसे अलग और प्रयोगधर्मी कार्यक्रमों में गिना जाता है।

    ‘यात्रा’ कुल 15 एपिसोड की श्रृंखला थी, जिसमें प्रत्येक कड़ी किसी न किसी रेल यात्रा के दौरान मिलने वाले यात्रियों और उनकी परिस्थितियों पर आधारित थी। ट्रेन यहां केवल परिवहन का माध्यम नहीं थी, बल्कि अलग-अलग सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि के लोगों को जोड़ने वाली एक जीवंत कड़ी के रूप में दिखाई गई। प्रत्येक एपिसोड में नई कहानी, नए पात्र और जीवन का अलग अनुभव दर्शकों के सामने प्रस्तुत किया जाता था।

    इस धारावाहिक की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि इसे भारतीय रेलवे के सहयोग से तैयार किया गया था। पूरी टीम को विशेष ट्रेन उपलब्ध कराई गई, जिससे देश के विभिन्न हिस्सों में वास्तविक स्थानों पर जाकर शूटिंग की जा सकी। इस वजह से दर्शकों को भारत के अनेक शहरों, रेलवे स्टेशनों और प्राकृतिक दृश्यों की वास्तविक झलक देखने का अवसर मिला। कन्याकुमारी से जम्मू तवी और जैसलमेर से पूर्वोत्तर भारत तक फैले लंबे रेल मार्गों को श्रृंखला का हिस्सा बनाया गया, जिससे इसकी प्रस्तुति और भी प्रामाणिक बन गई।

    ‘यात्रा’ में उस दौर के कई प्रतिष्ठित कलाकारों ने महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं। ओम पुरी, नीना गुप्ता, इला अरुण, मोहन गोखले और हरीश पटेल जैसे कलाकारों ने अपने प्रभावशाली अभिनय से साधारण लोगों की असाधारण कहानियों को जीवंत रूप दिया। प्रत्येक पात्र अपने साथ एक नया अनुभव और सामाजिक संदेश लेकर आता था, जिससे दर्शक भावनात्मक रूप से भी कहानी से जुड़ जाते थे।

    धारावाहिक में केवल मनोरंजन पर ही ध्यान नहीं दिया गया, बल्कि समाज के अनेक गंभीर विषयों को भी संवेदनशीलता के साथ प्रस्तुत किया गया। लूटपाट, दुर्घटनाएं, महिलाओं की सुरक्षा, आत्महत्या की कोशिश, पारिवारिक संघर्ष, सामाजिक असमानता और मानवीय रिश्तों जैसे विषयों को कहानियों के माध्यम से सहज ढंग से दर्शाया गया। यही कारण था कि यह कार्यक्रम केवल एक रेल यात्रा नहीं, बल्कि समाज का चलता-फिरता आईना बन गया।

    हर एपिसोड की शुरुआत भारतीय रेलवे के इतिहास और उसके महत्व से जुड़े वॉइसओवर से होती थी। इसमें बताया जाता था कि रेलवे किस प्रकार देश के अलग-अलग क्षेत्रों को जोड़ती है और करोड़ों लोगों के लिए सुलभ तथा किफायती यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण साधन बनी हुई है। इस प्रस्तुति ने कार्यक्रम को एक डॉक्यूमेंट्री जैसी गंभीरता और धारावाहिक जैसी रोचकता, दोनों प्रदान की।

    आज जब डिजिटल प्लेटफॉर्म और आधुनिक तकनीक का दौर है, तब भी ‘यात्रा’ जैसे कार्यक्रम भारतीय टेलीविजन की रचनात्मकता और सामाजिक सरोकारों की मिसाल माने जाते हैं। यह धारावाहिक केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं था, बल्कि भारत की विविधता, मानवीय संबंधों और रेल यात्रा के अनुभवों को एक साथ प्रस्तुत करने वाला ऐसा प्रयास था, जिसे आज भी दूरदर्शन के सबसे यादगार कार्यक्रमों में शामिल किया जाता है।

  • रियलिटी शो के मंच पर राम कपूर के व्यवहार को लेकर उठे सवालों के बीच पत्नी गौतमी ने साथी प्रतिभागियों से व्यक्त की खेद

    रियलिटी शो के मंच पर राम कपूर के व्यवहार को लेकर उठे सवालों के बीच पत्नी गौतमी ने साथी प्रतिभागियों से व्यक्त की खेद

    नई दिल्ली। लोकप्रिय डिजिटल रियलिटी शो के हालिया एपिसोड में उस समय एक नया मोड़ देखने को मिला, जब मंच पर बंद प्रतियोगियों से मिलने पहुंचे उनके परिजनों के दौरान गंभीर भावनात्मक और संवेदनशील स्थितियां उत्पन्न हो गईं। शो में हिस्सा ले रहे प्रसिद्ध अभिनेता राम कपूर की पत्नी गौतमी कपूर ने मंच पर प्रवेश करते ही सह-प्रतियोगी श्रेया कालरा और अन्य महिला प्रतिभागियों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने अपने पति के पिछले व्यवहार और शारीरिक संपर्क से जुड़ी कुछ घटनाओं पर हाथ जोड़कर खेद प्रकट किया। इस वाकये के प्रसारित होने के बाद से मनोरंजन जगत और सोशल मीडिया पर व्यक्तिगत सीमाओं तथा सार्वजनिक मंचों पर व्यक्तिगत व्यवहार को लेकर एक नई बहस शुरू हो गई है।

    दरअसल, बीते कुछ एपिसोड्स के दौरान शो के भीतर महिला प्रतियोगियों के बीच राम कपूर के बार-बार गले मिलने, माथे पर स्पर्श करने और अत्यधिक निकटता दर्शाने की आदत को लेकर असहजता व्यक्त की गई थी। प्रतियोगी श्रेया कालरा ने अन्य सदस्यों के साथ बातचीत में इस बात को स्पष्ट रूप से स्वीकार किया था कि इस प्रकार का व्यवहार उनके लिए आरामदायक नहीं था और इससे वे काफी असहज महसूस कर रही थीं। अन्य अतिथियों और प्रतियोगियों द्वारा भी इस प्रकार के स्नेह प्रदर्शन पर सवाल उठाए गए थे, जिससे शो के भीतर तनाव का माहौल बन गया था।

    पारिवारिक मुलाकात के लिए निर्धारित सत्र के दौरान गौतमी कपूर ने सीधे तौर पर श्रेया कालरा से संपर्क किया और अत्यंत विनम्र भाव से बात की। उन्होंने कहा कि यदि उनके पति द्वारा अनजाने में भी किसी प्रकार का अनुचित स्पर्श या असहज स्थिति पैदा की गई हो, तो वह अपनी ओर से क्षमा याचना करती हैं। इसके बाद उन्होंने घर में मौजूद अन्य सभी महिला सदस्यों से भी बात की और स्पष्ट किया कि वह अपने पति के कृत्यों का बचाव नहीं कर रही हैं, बल्कि उनका उद्देश्य केवल यह समझाना है कि उनका व्यक्तित्व स्वाभाविक रूप से बहुत अधिक मित्रवत और भावनात्मक है।

    इस मुलाकात के दौरान मंच पर अन्य प्रतियोगियों के परिजन और मित्र भी उपस्थित थे, जिससे कई अन्य समीकरण भी सामने आए। जहां श्रेया कालरा से मिलने उनके मित्र पहुंचे, वहीं अन्य प्रतिभागियों से मिलने भी उद्योग जगत के उनके करीबी सहयोगी आए। इस दौरान कुछ सदस्यों के बीच आपसी तीखी बहस और तनातनी भी देखने को मिली। परिजनों के इस आगमन ने खेल के रणनीतिक और व्यक्तिगत पहलुओं को गहराई से प्रभावित किया है।

    इस पूरे प्रकरण ने न केवल शो के भीतर के माहौल को बदल दिया है, बल्कि दर्शकों के बीच भी यह संदेश दिया है कि सार्वजनिक या व्यावसायिक जीवन में व्यक्तिगत स्थान और प्राथमिकताओं का सम्मान करना कितना आवश्यक है। किसी भी व्यक्ति का स्नेह दर्शाने का तरीका यदि दूसरे के लिए असुविधाजनक बनता है, तो उस पर बातचीत और सुधार अनिवार्य हो जाता है। आगामी एपिसोड्स में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इस घटनाक्रम का प्रतियोगियों के आपसी संबंधों और खेल की रणनीति पर क्या असर पड़ता है।