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  • ‘सीआईडी’ और ‘आहट’ के निर्माता-निर्देशक बी.पी. सिंह का निधन, 28 अक्टूबर को होगा अंतिम संस्कार

    ‘सीआईडी’ और ‘आहट’ के निर्माता-निर्देशक बी.पी. सिंह का निधन, 28 अक्टूबर को होगा अंतिम संस्कार

    नई दिल्ली ।भारतीय टेलीविजन के लोकप्रिय धारावाहिक ‘सीआईडी’ और ‘आहट’ के निर्माता-निर्देशक बी.पी. सिंह का मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 की सुबह निधन हो गया। उनके निधन की जानकारी फिल्म निर्माता अशोक पंडित ने साझा की। उन्होंने बताया कि बी.पी. सिंह को सुबह तड़के दिल का दौरा पड़ा था। उनके जाने से टेलीविजन जगत में शोक का माहौल है। अशोक पंडित ने उन्हें एक प्रतिभाशाली फिल्मकार और करीबी मित्र बताते हुए उनके योगदान को याद किया।

    अशोक पंडित ने बी.पी. सिंह के निधन पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि उनके बनाए अपराध और डर पर आधारित धारावाहिकों ने देशभर के दर्शकों को लंबे समय तक बांधे रखा। उन्होंने कहा कि बी.पी. सिंह का काम आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणा बना रहेगा। पंडित ने यह भी बताया कि जब बी.पी. सिंह भारतीय फिल्म एवं टेलीविजन निर्देशक संघ के अध्यक्ष थे, तब उन्हें उनके साथ करीबी सहयोगी के रूप में काम करने का अवसर मिला था।

    उन्होंने दिवंगत निर्माता-निर्देशक को बेहतरीन इंसान और प्रिय मित्र बताते हुए उनके परिवार तथा करीबियों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कीं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, बी.पी. सिंह का अंतिम संस्कार 28 अक्टूबर को किया जाएगा। अंतिम संस्कार के समय और स्थान से जुड़ी विस्तृत जानकारी बाद में साझा किए जाने की बात कही गई है।

    बी.पी. सिंह का पूरा नाम बृजेंद्रपाल सिंह था। उनका जन्म उत्तराखंड के देहरादून में हुआ था। उन्होंने वर्ष 1973 में दूरदर्शन के साथ समाचार कैमरामैन के रूप में अपने पेशेवर करियर की शुरुआत की। करीब दस वर्षों तक कैमरे के पीछे काम करने के बाद वह मुंबई पहुंचे। इसके बाद उन्होंने टेलीविजन कार्यक्रमों के निर्माण और निर्देशन की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई।

    उनके करियर में दूरदर्शन के लिए बनाई गई टेलीफिल्म ‘सिर्फ चार दिन’ का अहम स्थान रहा। इस फिल्म की तैयारी के दौरान वह पुलिस की अपराध शाखा में जाने लगे थे। इसी दौरान उनकी मुलाकात निरीक्षक जयंत वागले से हुई। पुलिस की जांच प्रक्रिया और अपराधों को सुलझाने के तरीकों में उनकी रुचि बढ़ी। आगे चलकर यही दिलचस्पी उनके चर्चित अपराध धारावाहिक ‘सीआईडी’ की पृष्ठभूमि बनी।

    वर्ष 1998 में शुरू हुए ‘सीआईडी’ ने बी.पी. सिंह को भारतीय टेलीविजन के प्रमुख निर्माताओं और निर्देशकों में शामिल कर दिया। अपराधों की जांच, रहस्य और पुलिस की कार्यप्रणाली पर आधारित इस धारावाहिक ने दर्शकों के बीच व्यापक पहचान बनाई। लंबे समय तक प्रसारित होने के कारण यह भारतीय टेलीविजन के चर्चित कार्यक्रमों में गिना गया।

    ‘सीआईडी’ से पहले वर्ष 1995 में प्रसारित हुए डर और रहस्य पर आधारित धारावाहिक ‘आहट’ के निर्माण और निर्देशन में भी बी.पी. सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही। डरावनी कहानियों और रहस्यमय घटनाओं पर आधारित इस कार्यक्रम ने भी दर्शकों के बीच लोकप्रियता हासिल की। इन दोनों धारावाहिकों के जरिए उन्होंने टेलीविजन पर अपराध और हॉरर शैली को मजबूत पहचान दिलाने में योगदान दिया।

    उनके काम का दायरा इन दो धारावाहिकों तक सीमित नहीं था। वह ‘एक शून्य शून्य’, ‘सीआईडी: स्पेशल ब्यूरो’, ‘अचानक 37 साल बाद’, ‘रात होने को है’, ‘जिंदगी बदल सकता है हादसा’, ‘गुटुर गू’, ‘सूर्य द सुपर कॉप’, ‘हम ने ली है शपथ’, ‘सुपरकॉप्स वर्सेज सुपर विलेन’ और ‘दिव्य दृष्टि’ जैसे कार्यक्रमों से भी जुड़े रहे।

    बी.पी. सिंह का निधन भारतीय टेलीविजन के उस दौर की एक महत्वपूर्ण हस्ती का जाना है, जिन्होंने समाचार कैमरे से अपने करियर की शुरुआत कर अपराध और रहस्य आधारित धारावाहिकों के जरिए व्यापक पहचान बनाई। उनके काम और लोकप्रिय कार्यक्रमों को लंबे समय तक याद किया जाएगा।

  • 10 साल बाद टीवी पर लौटीं कांची कौल, पति शब्बीर अहलूवालिया के साथ नए रियलिटी शो में शुरू किया करियर का नया अध्याय

    10 साल बाद टीवी पर लौटीं कांची कौल, पति शब्बीर अहलूवालिया के साथ नए रियलिटी शो में शुरू किया करियर का नया अध्याय

    नई दिल्ली । अभिनेत्री कांची कौल ने करीब 10 साल के लंबे अंतराल के बाद टेलीविजन पर वापसी की है। वह रियलिटी शो ‘पति पत्नी और पंगा’ में अपने पति और अभिनेता शब्बीर अहलूवालिया के साथ नजर आ रही हैं। छोटे पर्दे पर वापसी को लेकर कांची उत्साहित हैं। उनका कहना है कि बीते एक दशक में जिंदगी, काम और महत्वाकांक्षाओं को लेकर उनका नजरिया काफी बदल गया है। ऐसे में वह अपने पुराने दौर को दोहराने के बजाय एक नए अनुभव के साथ आगे बढ़ना चाहती हैं।

    टेलीविजन पर वापसी को लेकर अपनी सोच साझा करते हुए कांची ने कहा कि पहले जहां थे, वहां लौटने और आज जो इंसान बन चुके हैं, उसके रूप में आगे बढ़ने में अंतर होता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह अपने पुराने समय को दोबारा जीने के इरादे से वापस नहीं आई हैं। उनके लिए यह वापसी एक नई शुरुआत और नए अनुभव का हिस्सा है। पिछले 10 वर्षों में मिले अनुभवों ने उनके काम करने के तरीके, महत्वाकांक्षाओं और जिंदगी को देखने के नजरिए में बदलाव किया है। कांची इन बदलावों को अपने सफर का महत्वपूर्ण हिस्सा मानती हैं।

    अभिनेत्री के मुताबिक, ‘पति पत्नी और पंगा’ के माध्यम से उन्हें दर्शकों से एक अलग अंदाज में जुड़ने का अवसर मिल रहा है। वह इस नए अनुभव को लेकर रोमांचित हैं। जिंदगी के इस पड़ाव पर वह अपने सफर का आनंद लेना चाहती हैं और अपनी सहज सोच पर भरोसा करते हुए ऐसे काम करना चाहती हैं, जो वास्तव में उनके दिल के करीब हों। उनके बयान से स्पष्ट है कि इस वापसी को वह केवल पुराने करियर की निरंतरता के रूप में नहीं, बल्कि अपने वर्तमान व्यक्तित्व के अनुरूप नए अवसर के तौर पर देख रही हैं।

    कांची कौल और शब्बीर अहलूवालिया को एक बार फिर साथ देखना उनके प्रशंसकों के लिए खास है। दोनों इस रियलिटी शो में पति-पत्नी के रूप में हिस्सा ले रहे हैं। करीब एक दशक तक टेलीविजन से दूर रहने के बाद कांची की वापसी ने उनके दर्शकों के बीच नई दिलचस्पी पैदा की है। शो में वास्तविक जीवन के जोड़ों के रिश्तों और शादीशुदा जिंदगी से जुड़े अनुभवों को मनोरंजक तरीके से प्रस्तुत किया जाता है।

    ‘पति पत्नी और पंगा’ के नए सीजन की मेजबानी अभिनेत्री सोनाली बेंद्रे बहल और कॉमेडियन मुनव्वर फारूकी कर रहे हैं। कार्यक्रम में शामिल जोड़ों को कई मजेदार और अप्रत्याशित चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इन गतिविधियों के माध्यम से शादीशुदा जिंदगी के रोजमर्रा के अनुभवों को मनोरंजन के अंदाज में सामने लाया जाता है।

    इस सीजन में कांची कौल और शब्बीर अहलूवालिया के अलावा राहुल वैद्य और दिशा परमार, अर्जुन बिजलानी और नेहा स्वामी बिजलानी, दीपिका सिंह और रोहित राज गोयल, दिव्यांका त्रिपाठी दहिया और विवेक दहिया भी शामिल हैं। इनके साथ मनोज तिवारी और सुरभि तिवारी तथा अर्चना पूरन सिंह और परमीत सेठी भी कार्यक्रम का हिस्सा हैं।

    स्टोरी वीवर्स कलेक्टिव के निर्माण में तैयार इस शो का प्रीमियर 10 अक्टूबर को हुआ। ‘पति पत्नी और पंगा’ का प्रसारण हर शनिवार और रविवार को जियोहॉटस्टार पर किया जाता है। कांची कौल के लिए यह वापसी दर्शकों के साथ नए तरीके से जुड़ने और अपने बदले हुए नजरिए के साथ मनोरंजन की दुनिया में आगे बढ़ने का अवसर है।

  • 90 के दशक का ‘चंद्रकांता’ शो, जिसे देखने सुनसान हो जाती थीं सड़कें, इरफान खान भी थे अहम किरदारों में

    90 के दशक का ‘चंद्रकांता’ शो, जिसे देखने सुनसान हो जाती थीं सड़कें, इरफान खान भी थे अहम किरदारों में


    नई दिल्ली । 90 के दशक का दौर भारतीय टेलीविजन के लिए बेहद खास था। उस समय मनोरंजन के साधन सीमित थे और कुछ टीवी कार्यक्रम ऐसे थे, जिनका प्रसारण शुरू होते ही लोगों की दिनचर्या तक बदल जाती थी। इन्हीं लोकप्रिय धारावाहिकों में ‘चंद्रकांता’ का नाम भी शामिल है। यह शो रविवार की सुबह प्रसारित होता था और इसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग अपने जरूरी काम तक टाल देते थे। कहा जाता है कि इसके प्रसारण के दौरान कई जगहों पर सड़कें तक सुनसान नजर आती थीं।

    ‘चंद्रकांता’ का प्रसारण 1994 से 1996 के बीच रविवार सुबह 9 बजे हुआ करता था। अपने दौर में इस धारावाहिक ने दर्शकों के बीच अलग पहचान बनाई। इसकी कहानी, रहस्य, रोमांच और काल्पनिक दुनिया ने लोगों को टेलीविजन से जोड़े रखा। उस समय घरों में परिवार के लोग एक साथ बैठकर इस शो को देखा करते थे।

    इस धारावाहिक की कहानी देवकी नंदन खत्री के प्रसिद्ध उपन्यास ‘चंद्रकांता’ पर आधारित थी। उपन्यास की काल्पनिक दुनिया को टेलीविजन पर प्रस्तुत करना उस समय एक बड़ी चुनौती थी। शो में अय्यारी और तिलिस्म जैसे तत्वों को प्रमुखता दी गई थी। अय्यारी में भेष बदलने और चालाकी से परिस्थितियों को प्रभावित करने की कला दिखाई जाती थी, जबकि तिलिस्म रहस्यमय और जादुई दुनिया से जुड़ा था।

    शो के कई किरदार दर्शकों के बीच बेहद लोकप्रिय हुए। चंद्रकांता, वीरेंद्र सिंह और क्रूर सिंह के साथ बद्रीनाथ और सोमनाथ जैसे किरदारों ने भी अपनी अलग पहचान बनाई। खास बात यह रही कि बाद में हिंदी सिनेमा के चर्चित अभिनेता इरफान खान भी इस धारावाहिक का हिस्सा रहे। उन्होंने बद्रीनाथ और सोमनाथ नाम के जुड़वां भाइयों की भूमिकाएं निभाईं। यह उनके शुरुआती टेलीविजन कामों में से एक था और इसने उनके अभिनय सफर में महत्वपूर्ण स्थान बनाया।

    ‘चंद्रकांता’ को उस समय की तकनीकी सीमाओं के बावजूद इसके दृश्य प्रभावों और काल्पनिक प्रस्तुति के लिए भी याद किया जाता है। अय्यारी, तिलिस्म और रहस्यमय घटनाओं को पर्दे पर दिखाने का तरीका दर्शकों के लिए नया अनुभव था। धारावाहिक की लोकप्रियता इतनी अधिक थी कि इसके किरदार और संवाद लंबे समय तक लोगों के बीच चर्चा में बने रहे।

    हालांकि, शो का सफर पूरी तरह आसान नहीं रहा। प्रसारण को लेकर दूरदर्शन के साथ विवाद और कानूनी लड़ाई की स्थिति बनी। इसी विवाद के चलते धारावाहिक को एक समय बीच में ही बंद करना पड़ा। अचानक प्रसारण रुकने से इसके प्रशंसकों में निराशा फैल गई। बाद में शो को दोबारा शुरू किया गया, लेकिन पहले जैसी लोकप्रियता कायम नहीं रह सकी।

    आज भी ‘चंद्रकांता’ को 90 के दशक के उन धारावाहिकों में याद किया जाता है, जिन्होंने भारतीय टेलीविजन दर्शकों के बीच फैंटेसी और रहस्य आधारित कहानियों के लिए मजबूत जगह बनाई। इसके साथ जुड़ी दर्शकों की यादें, लोकप्रिय किरदार और इरफान खान की मौजूदगी इसे उस दौर के चर्चित टीवी शो में शामिल करती है।

  • Bigg Boss 20 में ईशा रिखी के बार-बार ट्रॉमा का जिक्र करने पर माही विज ने उठाए सवाल, बादशाह के रिश्ते का भी आया संदर्भ

    Bigg Boss 20 में ईशा रिखी के बार-बार ट्रॉमा का जिक्र करने पर माही विज ने उठाए सवाल, बादशाह के रिश्ते का भी आया संदर्भ


    नई दिल्ली । 
    Bigg Boss 20 में इन दिनों कंटेस्टेंट्स के बीच विवाद और बहस का सिलसिला जारी है। हालिया एपिसोड में कैप्टेंसी टास्क के दौरान काजी तौकीर और यंग डीएसए के बीच तीखी बहस हुई। इसी दौरान ईशा रिखी ने मामले में हस्तक्षेप किया और उनकी काजी के साथ भी बहस हो गई। इस घटना के बाद ईशा भावुक होकर रोने लगीं। उन्होंने कहा कि इस घटना ने उनके पुराने ट्रॉमा और एंग्जायटी को ट्रिगर कर दिया।

    ईशा के इस बयान पर माही विज ने सवाल उठाए। उदिति सिंह और अरिश्फा खान के साथ बातचीत के दौरान माही ने कहा कि अगर किसी व्यक्ति ने केवल चिल्लाया है तो इससे किसी पुराने ट्रॉमा के ट्रिगर होने की बात को कैसे समझा जाए। उन्होंने ईशा की प्रतिक्रिया को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की और कहा कि जीवन में हर व्यक्ति किसी न किसी तरह की कठिन परिस्थितियों से गुजरता है।

    माही ने यह भी कहा कि जब किसी घटना को ट्रॉमा से जोड़कर बताया जाता है तो बाहर मौजूद लोग उसके अलग-अलग अर्थ निकाल सकते हैं। इसी बातचीत में उन्होंने बादशाह का संदर्भ देते हुए सवाल किया कि आखिर उन्होंने ईशा के साथ ऐसा क्या किया था। माही का कहना था कि इस तरह की बातों से लोगों के मन में ईशा के पूर्व पति बादशाह को लेकर भी अलग धारणा बन सकती है।

    माही ने ईशा की बातों को काजी के संदर्भ में भी गंभीर बताया। उनका कहना था कि ऐसी टिप्पणी अप्रत्यक्ष रूप से किसी व्यक्ति के चरित्र पर सवाल खड़े कर सकती है। उन्होंने इसे कैरेक्टर अक्यूजेशन और कैरेक्टर असैसिनेशन जैसा बताया और कहा कि इस तरह किसी के बारे में धारणा बनाना उचित नहीं है।

    दरअसल, इस घटना से कुछ दिन पहले ईशा रिखी ने कनिका मान के साथ बातचीत के दौरान अपने पिछले रिश्ते को लेकर कई बातें साझा की थीं। उन्होंने सीधे तौर पर बादशाह का नाम लेकर रिश्ते के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी थी, लेकिन उनकी बातचीत को उनके पूर्व पति बादशाह से जोड़कर देखा गया।

    ईशा ने बताया था कि जब कोई व्यक्ति उनके पार्टनर के बारे में कुछ कहता था तो वह तब तक उस बात पर भरोसा नहीं करती थीं, जब तक खुद कुछ देख न लें। उन्होंने कहा कि रिश्ते में भी उनका यही रवैया था और वह दूसरों की बात पर तुरंत विश्वास करने के बजाय खुद सबूत देखना पसंद करती थीं।

    ईशा ने कहा था कि रिश्ता खत्म होने के बाद उन्हें पता चला कि उनके साथ धोखा हुआ और उन्हें बेवकूफ बनाया गया। बातचीत के दौरान जब उनसे पूछा गया कि क्या रिश्ते में उन्हें फिजिकली या मेंटली चीट किया गया था, तो उन्होंने कहा था कि ऐसा दोनों तरह से हुआ।

    ईशा ने यह भी बताया था कि रिश्ते में बीच में लटके रहना और यह महसूस करना कि सामने वाला उन्हें अपना सबसे अच्छा दोस्त मानता है, जबकि बाद में स्थिति अलग सामने आए, उनके लिए बेहद टॉक्सिक अनुभव था। उन्होंने कहा था कि वह सामने वाले को अपना सबसे अच्छा दोस्त मानकर उसी तरह व्यवहार करती थीं, लेकिन बाद में उन्हें पता चला कि वह उस व्यक्ति की इकलौती या सबसे खास दोस्त नहीं थीं।

    बादशाह और ईशा रिखी के रिश्ते को लेकर पहले भी चर्चाएं होती रही हैं। मार्च 2026 में ईशा की मां पूनम रिखी ने सोशल मीडिया पर शादी की तस्वीरें और रस्मों से जुड़े वीडियो साझा किए थे। इसके बाद जून 2026 में ईशा ने सोशल मीडिया पर अपनी शादी की पुष्टि की थी। हालांकि, यह रिश्ता ज्यादा समय तक नहीं चला। 31 अगस्त 2026 को दोनों ने संयुक्त बयान जारी कर अलग होने की पुष्टि की और लोगों से उनकी निजी जिंदगी और प्राइवेसी का सम्मान करने की अपील की।

  • क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2 के सेट पर दिखी छठ पूजा की रौनक, पारंपरिक अंदाज में नजर आईं अभिनेत्रियां

    क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2 के सेट पर दिखी छठ पूजा की रौनक, पारंपरिक अंदाज में नजर आईं अभिनेत्रियां


    नई दिल्ली ।
    लोक आस्था का महापर्व छठ जल्द ही आने वाला है और इसकी तैयारियों के साथ त्योहार का उत्साह भी बढ़ने लगा है। इस बार छठ पूजा की झलक टेलीविजन के लोकप्रिय धारावाहिक के सेट पर भी देखने को मिलेगी। चर्चित शो ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2’ के आगामी एपिसोड में छठ पूजा से जुड़ा ट्रैक दिखाया जाएगा।

    इसी दौरान अभिनेत्री गौरी प्रधान ने शो के सेट से छठ पूजा के जश्न की तस्वीरें साझा की हैं। उन्होंने बताया कि यह उनकी पहली छठ पूजा है। तस्वीरों में अभिनेत्री पारंपरिक लाल परिधान में नजर आ रही हैं और उनके साथ शो की अन्य अभिनेत्रियां भी त्योहार के रंग में दिखाई दे रही हैं।

    गौरी प्रधान ने लाल साड़ी पहनी हुई है। इसके साथ उन्होंने पारंपरिक आभूषण और सिर पर दुपट्टा लिया हुआ है। उनके माथे पर सिंदूर भी नजर आ रहा है। तस्वीर में उनके साथ रावी गुप्ता और प्राची सिंह भी पारंपरिक लाल परिधानों में दिखाई दे रही हैं। तीनों अभिनेत्रियों का लुक छठ पूजा के अनुरूप तैयार किया गया है।

    रावी गुप्ता शो में दामिनी विरानी की भूमिका निभा रही हैं, जबकि प्राची सिंह मुन्नी विरानी के किरदार में नजर आती हैं। तस्वीर में तीनों अभिनेत्रियां साथ खड़ी होकर कैमरे के लिए पोज देती दिखाई दे रही हैं। उनके पारंपरिक परिधान और साज-सज्जा से सेट पर त्योहार की तैयारियों का अंदाजा लगाया जा सकता है।

    गौरी प्रधान ने तस्वीर साझा करते हुए अपनी पहली छठ पूजा का जिक्र किया। शो की कहानी में भी इस समय छठ पूजा के उत्सव को शामिल किया गया है। आगामी एपिसोड में विरानी परिवार की महिलाएं इस महापर्व में हिस्सा लेती हुई दिखाई देंगी। इस तरह वास्तविक जीवन के त्योहार और धारावाहिक की कहानी को एक साथ जोड़ा गया है।

    गौरी प्रधान फिलहाल नंदिनी विरानी का किरदार निभा रही हैं। कहानी में नंदिनी, करण विरानी की पत्नी हैं। करण की भूमिका उनके पति हितेन तेजवानी निभा रहे हैं। वहीं रावी गुप्ता दामिनी विरानी के किरदार में हैं और प्राची सिंह का किरदार मुन्नी विरानी एक आईपीएस अधिकारी के रूप में दिखाया गया है। मुन्नी का संबंध विरानी परिवार से भी जुड़ा हुआ है।

    ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2’ पुराने लोकप्रिय धारावाहिक की अगली कड़ी और रीबूट के रूप में तैयार किया गया है। इसका प्रीमियर 29 जुलाई 2025 को हुआ था। शो में पुराने किरदारों और नए चेहरों के साथ कहानी को आगे बढ़ाया जा रहा है।

    गौरी प्रधान द्वारा साझा की गई तस्वीरों ने शो के सेट पर छठ पूजा के माहौल की झलक दी है। पारंपरिक परिधान में नजर आ रहीं अभिनेत्रियों की तस्वीरें आगामी एपिसोड में दिखने वाले त्योहार से जुड़े ट्रैक की ओर भी संकेत करती हैं।

  • बिग बॉस 20 से पहले जानें पिछले 19 सीजन के विजेताओं की पूरी सूची, राहुल रॉय से गौरव खन्ना तक किसने जीती ट्रॉफी

    बिग बॉस 20 से पहले जानें पिछले 19 सीजन के विजेताओं की पूरी सूची, राहुल रॉय से गौरव खन्ना तक किसने जीती ट्रॉफी

    नई दिल्ली ।रियलिटी शो बिग बॉस भारतीय टेलीविजन के सबसे चर्चित और लंबे समय से दर्शकों का मनोरंजन करने वाले कार्यक्रमों में शामिल है। साल 2006 में शुरू हुआ यह शो अब अपने 20वें सीजन में प्रवेश करने जा रहा है। छह सितंबर से शुरू होने वाले नए सीजन को लेकर दर्शकों के बीच उत्सुकता बनी हुई है। शो की मेजबानी एक बार फिर सलमान खान करते नजर आएंगे। नए सीजन की थीम और कुछ नियमों में बदलाव की भी चर्चा है। ऐसे में बिग बॉस 20 की शुरुआत से पहले पिछले 19 सीजन के विजेताओं पर नजर डालना दिलचस्प है।

    बिग बॉस के पहले सीजन की ट्रॉफी अभिनेता राहुल रॉय ने अपने नाम की थी। आशिकी जैसी फिल्मों से पहचान बनाने वाले राहुल रॉय ने कैरोल ग्रेशियास और रवि किशन को पीछे छोड़ते हुए खिताब जीता था। इस सीजन को अरशद वारसी ने होस्ट किया था और विजेता को एक करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि मिली थी।

    दूसरे सीजन में आशुतोष कौशिक विजेता बने। उन्होंने राजा चौधरी को पीछे छोड़कर ट्रॉफी अपने नाम की थी। इस सीजन की मेजबानी शिल्पा शेट्टी ने की थी और विजेता को ट्रॉफी के साथ एक करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि मिली थी।

    तीसरे सीजन में अभिनेता विंदु दारा सिंह ने खिताब जीता। उन्होंने फाइनल में प्रवेश राणा को मात दी थी। अमिताभ बच्चन ने इस सीजन की मेजबानी की थी। चौथे सीजन में अभिनेत्री श्वेता तिवारी विजेता बनीं और बिग बॉस की पहली महिला विजेता के रूप में पहचान बनाई। उन्होंने फाइनल में द ग्रेट खली को पीछे छोड़ा था।

    पांचवें सीजन की ट्रॉफी अभिनेत्री जूही परमार ने जीती। फाइनल में उनका मुकाबला महक चहल से था। इसके बाद छठे सीजन में उर्वशी ढोलकिया विजेता बनीं। उन्होंने इमाम सिद्दीकी को हराया था। सातवें सीजन में गौहर खान ने तनिषा मुखर्जी को पीछे छोड़कर ट्रॉफी जीती।

    आठवें सीजन के विजेता गौतम गुलाटी रहे। उन्होंने फाइनल में करिश्मा तन्ना को मात दी। नौवें सीजन में प्रिंस नरूला विजेता बने और ऋषभ सिन्हा उपविजेता रहे। दसवें सीजन में पहली बार आम आदमी के तौर पर शामिल हुए मनवीर गुर्जर ने वीजे बानी को पीछे छोड़कर खिताब अपने नाम किया।

    इसके बाद बिग बॉस के 11वें सीजन में शिल्पा शिंदे विजेता बनीं। टीवी धारावाहिक में अंगूरी भाभी के किरदार से लोकप्रिय शिल्पा ने फाइनल में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई। 12वें सीजन की ट्रॉफी दीपिका कक्कड़ ने जीती।

    13वां सीजन शो के सबसे चर्चित सीजन में गिना जाता है। इसकी ट्रॉफी अभिनेता सिद्धार्थ शुक्ला ने अपने नाम की थी। साल 2021 में उनके निधन के बाद यह सीजन और उनका सफर दर्शकों की यादों का हिस्सा बना रहा।

    14वें सीजन में रुबीना दिलैक विजेता बनीं। इसके बाद 15वें सीजन की ट्रॉफी तेजस्वी प्रकाश ने जीती। 16वें सीजन में एमसी स्टैन विजेता बने, जबकि 17वें सीजन का खिताब मुनव्वर फारूकी ने अपने नाम किया। 18वें सीजन में करणवीर मेहरा विजेता बनकर सामने आए।

    बिग बॉस के 19वें सीजन की ट्रॉफी गौरव खन्ना ने अपने नाम की। उन्होंने फिनाले में फरहाना भट्ट को पीछे छोड़कर खिताब हासिल किया। अब 20वें सीजन की शुरुआत के साथ दर्शकों की नजर नए प्रतिभागियों, बदले नियमों और इस बार ट्रॉफी जीतने वाले नए नाम पर होगी। लंबे सफर में अलग अलग क्षेत्रों से आए प्रतियोगियों ने शो को नई पहचान दी है और हर सीजन ने दर्शकों के बीच अपनी अलग चर्चा बनाई है।

  • केबीसी 18 के मंच पर पहुंचीं गायिका सुनिधि चौहान, अमिताभ बच्चन संग बातचीत का प्रोमो हुआ वायरल

    केबीसी 18 के मंच पर पहुंचीं गायिका सुनिधि चौहान, अमिताभ बच्चन संग बातचीत का प्रोमो हुआ वायरल

    नई दिल्ली ।टेलीविजन के सबसे लोकप्रिय क्विज शो कौन बनेगा करोड़पति के 18वें सीजन में इन दिनों प्रतियोगियों के ज्ञान के साथ-साथ कई मशहूर हस्तियों का मनोरंजन भी देखने को मिल रहा है। शो के आगामी एपिसोड के एक नए प्रोमो ने इंटरनेट पर लोगों का ध्यान खींचा है। इस प्रोमो में हिंदी सिनेमा की जानी-मानी पार्श्व गायिका सुनिधि चौहान हॉट सीट पर बैठी नजर आ रही हैं। शो के दौरान अमिताभ बच्चन और सुनिधि चौहान के बीच हुई बातचीत और हंसी-मजाक के पलों को दर्शक काफी पसंद कर रहे हैं।

    सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन और ओटीटी प्लेटफॉर्म द्वारा जारी किए गए इस प्रोमो में सुनिधि चौहान अमिताभ बच्चन के सामने बैठकर अपनी खुशी जाहिर करती दिख रही हैं। कार्यक्रम के दौरान सुनिधि ने अपनी गायकी का हुनर दिखाते हुए वर्ष 2006 में आई फिल्म डॉन का प्रसिद्ध गीत ‘ये मेरा दिल’ भी प्रस्तुत किया। उनकी इस शानदार परफॉर्मेंस ने मंच का माहौल संगीतमय बना दिया। अमिताभ बच्चन ने भी उनकी गायकी की जमकर सराहना की और तालियां बजाकर उनका उत्साहवर्धन किया।

    गेम शो में बातचीत के दौरान सुनिधि चौहान ने अमिताभ बच्चन की तारीफ करते हुए कहा कि वे उन्हें अलग-अलग रूपों में देखते आए हैं और वे उनके लिए एक सांता क्लॉज़ की तरह हैं। इसी क्रम में उन्होंने एक बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि अमिताभ बच्चन उनका पहला क्रश हुआ करते थे। सुनिधि की इस बात पर बिग बी ने बेहद चुटीले अंदाज में प्रतिक्रिया दी और मुस्कुराते हुए कहा कि यह बात उन्हें अब पता चल रही है, जबकि इसे पहले बताया जाना चाहिए था। अमिताभ के इस जवाब से सुनिधि शरमा गईं और मंच पर मौजूद दर्शक हंस पड़े।

    इस विशेष एपिसोड के प्रोमो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी प्रशंसकों की प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई है। संगीत और अभिनय जगत के इन दो दिग्गजों को एक साथ मंच साझा करते देख दर्शक बेहद उत्साहित नजर आ रहे हैं। कई लोगों ने सुनिधि चौहान की प्राकृतिक गायकी शैली की तारीफ की तो कई प्रशंसकों ने इस पूरे एपिसोड को देखने के लिए अपनी उत्सुकता जाहिर की है।

    मध्य प्रदेश सहित देश भर के केबीसी प्रशंसकों के बीच इस नए सीजन को लेकर जबरदस्त क्रेज बना हुआ है। हाल ही में शुरू हुए इस 18वें सीजन में पहले भी कई बड़े बॉलीवुड सितारे अपनी फिल्मों के प्रचार और सामाजिक उद्देश्यों के लिए शिरकत कर चुके हैं। सुनिधि चौहान और अमिताभ बच्चन के बीच की यह खास बॉन्डिंग इस एपिसोड के प्रसारण को लेकर दर्शकों का रोमांच और बढ़ा रही है।

  • कौन बनेगा करोड़पति 18 में लागू हुए नए नियम, सोचना पड़ेगा थीम के साथ शुरू हुआ नया सीजन

    कौन बनेगा करोड़पति 18 में लागू हुए नए नियम, सोचना पड़ेगा थीम के साथ शुरू हुआ नया सीजन

    नई दिल्ली ।भारतीय टेलिविजन के सबसे लोकप्रिय क्विज शो ‘कौन बनेगा करोड़पति’ का 18वां सीजन कई नए और अनोखे बदलावों के साथ शुरू होने जा रहा है। तकनीक और सूचना के इस आधुनिक दौर को ध्यान में रखते हुए इस बार शो के गेमप्ले और प्रारूप में काफी फेरबदल किए गए हैं। अमर उजाला को दिए एक विशेष साक्षात्कार में शो के निर्देशक अरुण शेषकुमार ने बताया कि अब केवल सामान्य ज्ञान और सही उत्तर देना ही काफी नहीं होगा, बल्कि प्रतिभागियों को हर कदम पर ठोस रणनीति बनानी होगी।

    इस नए सीजन की मुख्य थीम ‘सोचना पड़ेगा’ रखी गई है, जो यह संदेश देती है कि जानकारी के इस दौर में ज्ञान के सही इस्तेमाल और सोच का महत्व सबसे अधिक है। निर्देशक के अनुसार, इस बार फास्टेस्ट फिंगर फर्स्ट राउंड में भी ट्विस्ट लाया गया है ताकि हॉट सीट तक पहुंचने का रास्ता पहले से थोड़ा सहज हो सके। हालांकि, मुख्य खेल में प्रवेश करने के बाद प्रतियोगियों को मिलने वाली लाइफलाइन्स पाने के लिए भी प्रतिस्पर्धा करनी होगी और उन्हें हासिल करना पड़ेगा।

    नियमों में बदलाव के बावजूद शो के मूल स्वरूप से कोई समझौता नहीं किया गया है। प्रतिभागियों के सामने पहले की तरह ही 16 सवाल रखे जाएंगे और अंतिम प्रश्न की धनराशि 7 करोड़ रुपये ही बनी रहेगी। शो में पहुंचने वाले प्रतियोगियों का चयन कई कठिन चरणों, लिखित परीक्षाओं और सामान्य ज्ञान के परीक्षण के बाद किया जाता है, जिससे केवल योग्य और प्रतिभाशाली लोग ही मुख्य मंच तक पहुंच पाते हैं।

    मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों और कस्बों से भी हर साल कई मेधावी प्रतियोगी अपनी प्रतिभा और ज्ञान के बल पर इस मंच तक पहुंचते रहे हैं। राज्य के युवाओं और छात्र-छात्राओं के बीच इस कार्यक्रम का खासा प्रभाव देखने को मिलता है, जहां लोग इसे न केवल मनोरंजन बल्कि प्रेरणा और ज्ञानवर्धन के एक प्रमुख माध्यम के रूप में देखते हैं।

    शो के निर्देशक ने अमिताभ बच्चन के समर्पण और कार्यशैली की सराहना करते हुए उन्हें इस कार्यक्रम की वास्तविक आत्मा करार दिया। उन्होंने बताया कि शो की शुरुआत और अंत के अलावा अधिकांश बातचीत पूरी तरह से स्वाभाविक होती है। अमिताभ बच्चन प्रत्येक प्रतियोगी की पृष्ठभूमि को समझते हैं और उनके साथ संवेदनशीलता से संवाद स्थापित करते हैं, जिससे प्रतिभागियों को सहज महसूस होता है।

    डिजिटल युग और सोशल मीडिया के दौर में भी ‘कौन बनेगा करोड़पति’ अपनी प्रासंगिकता और विश्वसनीयता बनाए रखने में सफल रहा है। हर नए सीजन के साथ इसमें किए जाने वाले बदलाव नई पीढ़ी को जोड़ने के साथ-साथ पुराने दर्शकों के अनुभव को भी नयापन प्रदान करते हैं।

  • केबीसी 18 के मंच पर अमिताभ बच्चन ने प्रीति जिंटा से मैसेज का जवाब न मिलने पर जताई नाराजगी

    केबीसी 18 के मंच पर अमिताभ बच्चन ने प्रीति जिंटा से मैसेज का जवाब न मिलने पर जताई नाराजगी

    नई दिल्ली । टेलीविजन का लोकप्रिय गेम शो कौन बनेगा करोड़पति अपने नए सीजन के साथ एक बार फिर दर्शकों के बीच दस्तक दे रहा है। शो के 18वें सीजन के प्रीमियर एपिसोड में बॉलीवुड के कई दिग्गज कलाकार अपनी आगामी फिल्म बंटवारा 1947 के प्रचार के लिए पहुंचे। इस विशेष एपिसोड में अभिनेता सनी देओल, आमिर खान और अभिनेत्री प्रीति जिंटा शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान शो के संचालक और अभिनेता अमिताभ बच्चन ने अभिनेत्री प्रीति जिंटा से जुड़ा एक पुराना मजेदार वाकया साझा किया।

    शो के आधिकारिक प्रोमो में अमिताभ बच्चन मंच पर प्रीति जिंटा से एक हल्की-फुल्की शिकायत दर्ज कराते नजर आए। उन्होंने बताया कि हर साल 31 जनवरी को अभिनेत्री के जन्मदिन पर उनकी ओर से शुभकामना संदेश भेजा जाता है, लेकिन उन्हें कभी इसका सीधा जवाब प्राप्त नहीं हुआ। इस अप्रत्याशित बात को सुनकर मंच पर मौजूद अन्य कलाकार और दर्शक भी मुस्कुरा दिए, जबकि अभिनेत्री ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की।

    कार्यक्रम के दौरान अमिताभ बच्चन ने एक दशक से भी अधिक पुराना एक सार्वजनिक संदेश भी दिखाया, जिसमें उन्होंने मजाकिया लहजे में अभिनेत्री को जन्मदिन की बधाई देने का जिक्र किया था। अभिनेत्री ने अपनी सफाई में कहा कि संदेशों का उत्तर अक्सर देर से पहुंच पाता है। इस पूरे वाकये ने शो के शुरुआती एपिसोड में हल्का-फुल्का और मनोरंजक माहौल बना दिया, जिसे प्रशंसकों द्वारा सोशल मीडिया पर भी काफी पसंद किया जा रहा है।

    उल्लेखनीय है कि कौन बनेगा करोड़पति का यह नया सीजन तकनीक और फॉर्मेट के स्तर पर कई बदलावों के साथ प्रस्तुत किया जा रहा है। इस शो को भारत के विभिन्न हिस्सों में व्यापक लोकप्रियता हासिल है। मध्य प्रदेश सहित देश के कई राज्यों से प्रतियोगी इस मंच पर अपनी किस्मत और ज्ञान आजमाने पहुंचते हैं। प्रदेश के विभिन्न शहरों में इस कार्यक्रम को देखने वाले दर्शकों की बड़ी संख्या मौजूद है।

    प्रीमियर एपिसोड में पहुंची स्टारकास्ट की आगामी फिल्म बंटवारा 1947 आगामी 14 अगस्त को सिनेमाघरों में प्रदर्शित होने जा रही है। इस ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर आधारित फिल्म का निर्देशन राजकुमार संतोषी ने किया है, जबकि इसका निर्माण आमिर खान प्रोडक्शंस के बैनर तले हुआ है। फिल्म में सनी देओल, प्रीति जिंटा, अली फजल और शबाना आजमी जैसे वरिष्ठ कलाकार मुख्य भूमिकाओं में नजर आएंगे।

    गेम शो के इस विशेष प्रचारक एपिसोड से फिल्म और शो दोनों को लेकर दर्शकों के बीच काफी उत्सुकता देखी जा रही है। मनोरंजन जगत के विश्लेषकों का मानना है कि टेलीविजन के सबसे बड़े मंच से फिल्मों का प्रचार दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने में हमेशा से कारगर साबित होता रहा है।

  • तेजस्वी प्रकाश ने बताया क्यों एकता कपूर की लोकप्रियता आज भी कायम है, बदलाव की क्षमता को बताया सबसे बड़ी ताकत

    तेजस्वी प्रकाश ने बताया क्यों एकता कपूर की लोकप्रियता आज भी कायम है, बदलाव की क्षमता को बताया सबसे बड़ी ताकत

    नई दिल्ली । टेलीविजन और मनोरंजन की दुनिया में बदलते दर्शकों की पसंद के बीच अभिनेत्री तेजस्वी प्रकाश ने निर्माता एकता कपूर की कार्यशैली और बदलाव को अपनाने की क्षमता की सराहना की है। तेजस्वी का कहना है कि एकता कपूर ने खुद को केवल टेलीविजन सीरियल्स तक सीमित नहीं रखा, बल्कि समय के साथ अपने काम और कंटेंट के तरीके में जरूरी बदलाव किए हैं। उनके मुताबिक लंबे समय से मनोरंजन उद्योग में सक्रिय रहने के बावजूद एकता कपूर की प्रासंगिकता बनी हुई है।

    तेजस्वी प्रकाश इन दिनों गेमिंग रियलिटी शो ‘प्लेग्राउंड’ के पांचवें सीजन को लेकर चर्चा में हैं। इसी सिलसिले में उन्होंने एकता कपूर के काम और उनके व्यावसायिक नजरिए पर अपनी राय साझा की। तेजस्वी ने कहा कि एकता को केवल टेलीविजन की निर्माता के रूप में देखना उनके काम के व्यापक दायरे को सीमित करना होगा। उन्होंने एकता को एक कुशल रणनीतिकार और समझदार बिजनेसवुमन बताया।

    तेजस्वी के अनुसार, एकता कपूर को यह समझने की क्षमता है कि किसी समय दर्शकों के बीच किस तरह का कंटेंट पसंद किया जा रहा है। इसी समझ के आधार पर वह अपने काम की दिशा में बदलाव करती हैं। तेजस्वी ने कहा कि मनोरंजन उद्योग में दर्शकों की पसंद लगातार बदलती रहती है और ऐसे माहौल में पुराने तरीकों पर लगातार निर्भर रहने के बजाय बदलाव को स्वीकार करना जरूरी है।

    अभिनेत्री ने यह भी कहा कि उन्होंने अपने आसपास कई ऐसे लोगों को देखा है, जो काम करने के पुराने तरीकों को बदलने के लिए तैयार नहीं होते। चाहे उनका तरीका प्रभावी रहे या नहीं, वे उसी दिशा में काम करते रहते हैं। तेजस्वी के मुताबिक ऐसी सोच विकास की संभावनाओं को सीमित कर सकती है। उन्होंने कहा कि आगे बढ़ने के लिए यह समझना जरूरी है कि कब अपने तरीके में बदलाव किया जाना चाहिए।

    तेजस्वी ने एकता कपूर के संदर्भ में कहा कि उन्होंने अपने काम के दौरान हुई गलतियों को समझा और उनसे सीख लेकर आवश्यक बदलाव किए। उनके अनुसार, अपनी गलतियों से सीखना और परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालना किसी भी क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए महत्वपूर्ण है। यही क्षमता एकता कपूर के लंबे करियर में भी दिखाई देती है।

    तेजस्वी प्रकाश का एकता कपूर के साथ काम करने का अनुभव भी रहा है। वह चर्चित टेलीविजन शो ‘नागिन 6’ में नजर आई थीं। इस दौरान उन्हें एकता कपूर के प्रोडक्शन से जुड़े काम को करीब से देखने का अवसर मिला। तेजस्वी ने अपने अनुभव के आधार पर एकता की कार्यशैली को लेकर सकारात्मक बात कही।

    उन्होंने रियलिटी शो ‘लॉक अप’ को लेकर भी एकता कपूर की टीम की प्रशंसा की। तेजस्वी ने कहा कि शो के दूसरे सीजन की सफलता से उन्हें खुशी और गर्व महसूस हुआ। वह खुद भी ‘लॉक अप’ का हिस्सा रह चुकी हैं और उन्होंने बताया कि शो से उनका जुड़ाव भले ही सीमित स्तर पर रहा हो, लेकिन उसके मंच का हिस्सा बनना उनके लिए अच्छा अनुभव था।

    तेजस्वी ने यह भी कहा कि एकता कपूर की पहचान केवल टेलीविजन तक सीमित नहीं है। वह फिल्म निर्माण के क्षेत्र में भी सक्रिय हैं और आने वाले समय में उनके कई नए प्रोजेक्ट्स हैं। तेजस्वी का मानना है कि एकता कपूर ने बदलते मनोरंजन बाजार के अनुरूप अपनी भूमिका और काम के दायरे को लगातार विस्तार दिया है। इसी कारण उन्हें लगता है कि एकता कपूर की लोकप्रियता और चमक अभी भी कायम है।