Tag: temperature drop MP

  • एमपी में बदला मौसम, पारा 5 डिग्री से अधिक लुढ़का, धार-बड़वानी में भारी बारिश का अलर्ट

    एमपी में बदला मौसम, पारा 5 डिग्री से अधिक लुढ़का, धार-बड़वानी में भारी बारिश का अलर्ट

    भोपाल। मध्य प्रदेश में नौतपा के दौरान लगातार आठ दिनों से आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर जारी है। मौसम में आए इस बदलाव से प्रदेशभर में गर्मी का असर काफी कम हुआ है। हीटवेव की स्थिति समाप्त हो गई है और न्यूनतम तापमान में 5 डिग्री सेल्सियस से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है। मंगलवार को नौतपा का अंतिम दिन है और इस दौरान प्रदेश के 45 जिलों में मौसम का मिजाज बदला रहेगा।

    मौसम विभाग के भोपाल केंद्र के अनुसार, धार और बड़वानी जिलों में भारी बारिश, ओलावृष्टि और 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज आंधी चलने की संभावना है। वहीं आगर-मालवा और राजगढ़ जिलों में ओले गिरने की चेतावनी जारी की गई है।

    दिन और रात दोनों में मिली गर्मी से राहत
    लगातार हो रही बारिश और तेज हवाओं के कारण प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में दिन और रात के तापमान में उल्लेखनीय कमी आई है। रविवार और सोमवार की दरमियानी रात खंडवा का न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि पचमढ़ी में यह 19.4 डिग्री रहा।

    इसके अलावा दमोह में 21.8 डिग्री, रीवा में 22 डिग्री, खरगोन और छिंदवाड़ा में 23.4 डिग्री, उमरिया में 23.5 डिग्री, दतिया में 23.7 डिग्री, नौगांव और नरसिंहपुर में 24.2 डिग्री, धार में 24.3 डिग्री, रतलाम, टीकमगढ़ और सतना में 24.5 डिग्री तथा मंडला में 24.8 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड किया गया।

    सोमवार को दिन के तापमान में भी गिरावट देखने को मिली। प्रदेश में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे बना रहा। भोपाल में 37.6 डिग्री, इंदौर में 38.1 डिग्री, ग्वालियर में 35.9 डिग्री, उज्जैन में 38.5 डिग्री और जबलपुर में 38.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। वहीं दतिया में अधिकतम तापमान 34.4 डिग्री, पचमढ़ी में 33.6 डिग्री, गुना में 33.8 डिग्री और खंडवा में सबसे कम 32.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    मानसून की एंट्री में हो सकती है देरी
    मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में फिलहाल प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय हैं। ट्रफ लाइन और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से बारिश का सिलसिला जारी है। हालांकि इस बार मानसून की दस्तक सामान्य तिथि से 5 से 7 दिन देर से होने की संभावना जताई जा रही है।

    आमतौर पर मध्य प्रदेश में मानसून 15 जून के आसपास प्रवेश करता है और इसकी शुरुआत दक्षिणी हिस्से से होती है। पिछले वर्ष मानसून 16 जून को प्रदेश में पहुंचा था, जबकि इसकी विदाई 15 अक्टूबर तक हुई थी। इस वर्ष मानसून अभी तक केरल नहीं पहुंचा है। सामान्य परिस्थितियों में केरल पहुंचने के करीब 15 दिन बाद मानसून मध्य प्रदेश में प्रवेश करता है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इस बार प्रदेश में मानसून 20 से 22 जून के बीच दस्तक दे सकता है।

    अगले चार दिन भी बदला रहेगा मौसम
    मौसम विभाग ने 2 से 5 जून तक के लिए जारी पूर्वानुमान में प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी और बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना जताई है। राहत की बात यह है कि फिलहाल कहीं भी हीटवेव का अलर्ट जारी नहीं किया गया है।

  • धार में मानसून जैसी बारिश, सड़कों पर भरा पानी; किसानों और आमजन ने ली राहत की सांस

    धार में मानसून जैसी बारिश, सड़कों पर भरा पानी; किसानों और आमजन ने ली राहत की सांस


    धार। धार शहर और आसपास के जेतपुरा क्षेत्र में शनिवार सुबह मौसम ने अचानक ऐसा करवट बदली कि लोगों को तपती गर्मी और उमस से बड़ी राहत मिल गई। सुबह करीब छह बजे आसमान पर घने काले बादल छा गए और कुछ ही देर बाद तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश का दौर शुरू हो गया। करीब दो घंटे तक रुक-रुककर हुई बारिश ने पूरे क्षेत्र के मौसम को पूरी तरह बदल दिया। लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे लोगों के लिए यह राहत की फुहार साबित हुई।

    पिछले कई दिनों से धार जिले में भीषण गर्मी का प्रकोप जारी था। तापमान लगातार 41.6 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा रहा था। तेज धूप और उमस के कारण लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया था। दिन के समय सड़कें सूनी नजर आती थीं और लोग गर्मी से बेहाल थे। ऐसे में शनिवार सुबह अचानक बदले मौसम ने लोगों को बड़ी राहत दी।

    सुबह होते-होते आसमान में बादलों का जमावड़ा दिखाई देने लगा। तेज हवाओं के साथ मौसम में ठंडक घुलने लगी और देखते ही देखते बारिश शुरू हो गई। बारिश के दौरान कई बार बादलों की तेज गर्जना और बिजली चमकने की घटनाएं भी सामने आईं। पूरे क्षेत्र में बारिश का असर साफ दिखाई दिया और वातावरण पूरी तरह बदल गया।

    बारिश के कारण धार शहर और जेतपुरा के कई इलाकों में सड़कों तथा गलियों में पानी भर गया। कई निचले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति भी बन गई। हालांकि बारिश का समय अधिक लंबा नहीं रहा, लेकिन उसकी तीव्रता इतनी अधिक थी कि कुछ ही समय में सड़कें पानी से लबालब हो गईं। जगह-जगह पानी बहता दिखाई दिया और लोगों को आवागमन में भी थोड़ी परेशानी का सामना करना पड़ा।

    बारिश के बाद तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। ठंडी हवाएं चलने लगीं और वातावरण में ताजगी महसूस होने लगी। लंबे समय से गर्मी और उमस से परेशान लोग घरों से बाहर निकल आए। शहर के पार्कों, सार्वजनिक स्थलों और सड़कों पर लोगों की आवाजाही बढ़ गई। कई लोग परिवार और दोस्तों के साथ सुहावने मौसम का आनंद लेते नजर आए।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि यह इस सीजन की सबसे राहत देने वाली बारिश रही। गर्मी से बेहाल लोगों को मौसम के इस बदलाव ने नई ऊर्जा दी है। बारिश के बाद पूरे दिन मौसम अपेक्षाकृत ठंडा और खुशनुमा बना रहा, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली।

    इस बारिश का फायदा किसानों को भी मिलने की उम्मीद है। किसानों ने इसे खेती के लिए शुभ संकेत बताया है। उनका कहना है कि बारिश से खेतों में नमी बढ़ेगी और आगामी खरीफ सीजन की तैयारियों में मदद मिलेगी। लंबे समय से सूखी पड़ी जमीन को इस बारिश से राहत मिली है। यदि आने वाले दिनों में भी इसी तरह मौसम अनुकूल बना रहता है तो कृषि गतिविधियों को गति मिलने की संभावना है।

    फिलहाल बारिश के बाद धार और जेतपुरा क्षेत्र में मौसम सुहावना बना हुआ है। ठंडी हवाओं और बादलों की मौजूदगी ने लोगों को गर्मी से राहत दी है, जबकि किसानों को भी बेहतर खेती की उम्मीद दिखाई देने लगी है।