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  • MP: CM मोहन यादव की बड़ी घोषणा… विश्वविद्यालयों में शुरू किया जाएगा मंदिर प्रवंधन का कोर्स

    MP: CM मोहन यादव की बड़ी घोषणा… विश्वविद्यालयों में शुरू किया जाएगा मंदिर प्रवंधन का कोर्स


    भोपाल।
    एमपी (MP) के सीएम मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने घोषणा की है कि अब राज्य के विश्वविद्यालयों (Universities) में मंदिर प्रबंधन (Temple Management) को एक सब्जेक्ट के रूप में पढ़ाया जाएगा। इसका मकसद धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देकर राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है। इन पाठ्यक्रमों में मंदिरों की सुरक्षा, वित्तीय और प्रशासनिक व्यवस्था का प्रशिक्षण दिया जाएगा। उज्जैन के विक्रम विश्वविद्यालय (Vikram University) ने डिप्लोमा और पीजी कोर्स शुरू भी कर दिए हैं।


    अकादमिक पाठ्यक्रम शुरू करने का निर्णय

    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रविवार को घोषणा की कि धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देकर अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए राज्य के विश्वविद्यालयों में मंदिर प्रबंधन को एक विषय के रूप में पढ़ाया जाएगा। इंदौर में संवाददाताओं से बात करते हुए सीएम मोहन यादव ने कहा कि उन्होंने मंदिर प्रबंधन को यूनिवर्सिटी की पढ़ाई से जोड़ने और इस विषय पर अकादमिक पाठ्यक्रम शुरू करने का निर्णय लिया है।


    मंदिरों की वित्तीय और प्रशासनिक व्यवस्था और सुरक्षा की पढ़ाई

    सीएम मोहन यादव ने बताया कि इन पाठ्यक्रमों में धार्मिक पर्यटन के साथ ही मंदिरों की वित्तीय और प्रशासनिक व्यवस्था और सुरक्षा की पढ़ाई कराई जाएगी। उज्जैन के सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय ने इस दिशा में पहल करते हुए मंदिर प्रबंधन विषय पर डिप्लोमा और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम शुरू किए हैं। इनके जरिए विद्यार्थियों को विद्वानों द्वारा सैद्धांतिक और व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।


    13 तीर्थस्थलों पर बनाए जा रहे धार्मिक गलियारे

    मोहन यादव ने कहा कि मंदिर हमेशा से हमारी आस्था और विश्वास के केंद्र रहे हैं। हम मंदिरों के सही प्रबंधन से अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। उज्जैन के महाकाल महालोक की तरह राज्य के 13 तीर्थस्थलों पर धार्मिक गलियारे बनाए जा रहे हैं। राज्य सरकार ने महाकाल महालोक परिसर से फाइबर की मूर्तियां हटाकर वहां पत्थर और धातु की प्रतिमाएं लगाने का फैसला किया है।


    उज्जैन में बनाई जा रही प्रतिमाएं

    मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि देश की प्राचीन स्थापत्य कला पर आधारित ये प्रतिमाएं उज्जैन में ही गढ़ी जा रही हैं। इससे स्थानीय लोगों को भी रोजगार मिल रहा है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रविवार को एक अन्य कार्यक्रम में कहा कि मध्य प्रदेश दिव्यांग खेलों का प्रमुख केंद्र बन रहा है और यहां के खिलाड़ी दुनिया भर में नाम रोशन कर रहे हैं। सीएम भोपाल में राष्ट्रीय दिव्यांगजन क्रिकेट खेल महोत्सव के उद्घाटन समारोह में बोल रहे थे।

  • महाकाल मंदिर में 31 दिसंबर को भस्म आरती ऑफलाइन बुकिंग बंद 1 जनवरी से चलायमान दर्शन होंगे

    महाकाल मंदिर में 31 दिसंबर को भस्म आरती ऑफलाइन बुकिंग बंद 1 जनवरी से चलायमान दर्शन होंगे


    उज्जैन । उज्जैन महाकाल मंदिर में नए साल के मौके पर भक्तों की भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए 31 दिसंबर को भस्म आरती की ऑफलाइन बुकिंग व्यवस्था बंद रहेगी। साथ ही 25 दिसंबर से 5 जनवरी तक ऑनलाइन बुकिंग भी ब्लॉक कर दी जाएगी ताकि दर्शनार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

    कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने बताया कि 31 दिसंबर को अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार नए साल 2026 के मौके पर महाकाल मंदिर में दर्शनार्थियों की अत्यधिक संख्या की संभावना है। इसी को ध्यान में रखते हुए दर्शन की व्यापक योजना बनाई गई है।

    जनवरी को चलायमान दर्शन

    जनवरी को दर्शनार्थियों को कार्तिकेय मंडपम से चलायमान दर्शन कराया जाएगा। यह दर्शन सुबह 4:15 बजे से शुरू होंगे और भस्म आरती के बाद सामान्य दर्शन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इसके बाद सामान्य दर्शनार्थियों को चारधाम मंदिर से शक्तिपथ के रास्ते त्रिवेणी संग्रहालय द्वार से महाकाल महालोक होते हुए मंदिर में प्रवेश दिया जाएगा।
    दर्शन के बाद श्रद्धालु आपातकालीन निर्गम द्वार से मंदिर के बाहर निकलकर बड़ा गणेश मंदिर और हरसिद्धि चौराहा होते हुए पुनः चारधाम मंदिर लौटेंगे। महाकाल मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं को सूचित किया है कि इस व्यवस्था का पालन करके वे अधिक सुविधा और आराम से दर्शन कर सकेंगे। इस विशेष व्यवस्था से श्रद्धालुओं को मंदिर में दिक्कत नहीं होगी और सभी को दर्शन का अवसर मिलेगा।