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  • एक साल बाद फिर मंदिर में चोरी देवास के हनुमान मंदिर से चांदी का मुकुट गायब सीसीटीवी बना अहम सुराग

    एक साल बाद फिर मंदिर में चोरी देवास के हनुमान मंदिर से चांदी का मुकुट गायब सीसीटीवी बना अहम सुराग


    देवास । मध्य प्रदेश के देवास शहर में एक बार फिर मंदिर से चोरी की घटना सामने आई है। मोती बंगला क्षेत्र स्थित हनुमान मंदिर से भगवान का चांदी का मुकुट चोरी हो गया। पूरी वारदात मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। फुटेज के आधार पर पुलिस एक संदिग्ध महिला की तलाश में जुट गई है। खास बात यह है कि इसी मंदिर में करीब एक वर्ष पहले भी मुकुट चोरी की घटना हो चुकी है।

    मंदिर से जुड़े किशोर तिलवंकर ने बताया कि मंगलवार सुबह करीब 10 बजकर 45 मिनट पर एक महिला मंदिर में प्रवेश करती हुई दिखाई दी। वह कुछ समय तक मंदिर के अंदर रही और करीब दो मिनट बाद बाहर निकल गई। सीसीटीवी फुटेज में महिला के हाथ में चांदी के मुकुट जैसा सामान दिखाई दे रहा है जिससे चोरी की आशंका और मजबूत हो गई।

    शाम के समय जब किशोर तिलवंकर के पिता नियमित पूजा के लिए मंदिर पहुंचे तो उन्होंने देखा कि भगवान हनुमान का चांदी का मुकुट अपने स्थान पर नहीं है। इसके बाद मंदिर परिसर की जांच की गई और सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। रिकॉर्डिंग देखने पर महिला की गतिविधियां संदिग्ध नजर आईं और मुकुट चोरी होने की पुष्टि हुई।

    मंदिर प्रबंधन के अनुसार चोरी हुए चांदी के मुकुट की कीमत सात हजार रुपए से अधिक आंकी जा रही है। घटना की जानकारी तुरंत पुलिस को दी गई जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। अधिकारियों ने सीसीटीवी फुटेज अपने कब्जे में लेकर महिला की पहचान करने और उसे जल्द गिरफ्तार करने के प्रयास तेज कर दिए हैं।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि एक ही मंदिर में बार बार चोरी की घटनाएं होना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। लगभग एक वर्ष पहले भी इसी मंदिर से भगवान का मुकुट चोरी हुआ था। लगातार दूसरी घटना के बाद श्रद्धालुओं में नाराजगी है और उन्होंने मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।

    पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदिग्ध महिला की पहचान की जा रही है। आसपास के क्षेत्रों में भी जांच की जा रही है और जल्द ही मामले का खुलासा करने का प्रयास किया जा रहा है।

  • उज्जैन में मंदिर की दान पेटी पर चोरों का हाथ साफ: तीन साल से जमा राशि चोरी, जीर्णोद्धार के लिए रखे गए थे पैसे

    उज्जैन में मंदिर की दान पेटी पर चोरों का हाथ साफ: तीन साल से जमा राशि चोरी, जीर्णोद्धार के लिए रखे गए थे पैसे


    मध्य प्रदेश। धार्मिक नगरी उज्जैन में एक बार फिर चोरी की घटना ने लोगों को चिंतित कर दिया है। इस बार चोरों ने आस्था के केंद्र को निशाना बनाते हुए एक मंदिर की दान पेटी से नकदी चोरी कर ली। घटना चिमनगंज मंडी थाना क्षेत्र स्थित राज रॉयल एनक्लेव कॉलोनी के हिमानेश्वर महादेव मंदिर की है, जहां अज्ञात बदमाश दान पेटी का ताला तोड़कर उसमें रखी राशि लेकर फरार हो गए।

    जानकारी के अनुसार गुरुवार देर रात बदमाश मंदिर परिसर में घुसे और दान पेटी को निशाना बनाया। शुक्रवार सुबह जब कॉलोनी के निवासी नियमित पूजा-अर्चना के लिए मंदिर पहुंचे तो उन्होंने दान पेटी का टूटा हुआ ताला और मंदिर परिसर में बिखरा सामान देखा। इसके बाद स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी।

    सूचना मिलते ही चिमनगंज मंडी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है। साथ ही आसपास के लोगों से पूछताछ कर संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही है।

    स्थानीय निवासी युवराज सिंह पवार ने बताया कि मंदिर की दान पेटी पिछले लगभग तीन वर्षों से नहीं खोली गई थी। उनका कहना है कि मंदिर के जीर्णोद्धार और निर्माण कार्य के लिए दान राशि एकत्रित की जा रही थी। चूंकि मंदिर का जीर्णोद्धार कार्य अभी पूरा नहीं हुआ है, इसलिए दान पेटी को बंद रखा गया था। ऐसे में अनुमान लगाया जा रहा है कि उसमें पर्याप्त मात्रा में नकदी जमा हो चुकी थी।

    हालांकि दान पेटी में कितनी राशि मौजूद थी, इसका आधिकारिक आंकड़ा अभी सामने नहीं आया है। पुलिस और मंदिर प्रबंधन इस संबंध में जानकारी जुटाने में लगे हुए हैं। जांच के दौरान दान पेटी की स्थिति और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर चोरी की गई रकम का अनुमान लगाने का प्रयास किया जा रहा है।

    घटना के बाद कॉलोनी और आसपास के क्षेत्र में लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। रहवासियों का कहना है कि मंदिर जैसे धार्मिक स्थल को निशाना बनाना न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि लोगों की आस्था को भी ठेस पहुंचाने वाला कृत्य है। स्थानीय लोगों ने पुलिस से जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की है।

    पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और विभिन्न पहलुओं से जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही मामले का खुलासा कर आरोपियों तक पहुंचा जाएगा। फिलहाल मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है।

  • गाजीपुर माता मंदिर में बड़ी वारदात, चांदी सिंहासन उखाड़कर ले गए चोर; जांच जारी

    गाजीपुर माता मंदिर में बड़ी वारदात, चांदी सिंहासन उखाड़कर ले गए चोर; जांच जारी


    मध्य प्रदेश । सतना जिले के सिंहपुर थाना क्षेत्र के शिवराजपुर स्थित गाजीपुर माता मंदिर में बुधवार रात बड़ी वारदात हुई। अज्ञात चोर मंदिर परिसर में घुसे और वहां स्थापित चांदी का भारी सिंहासन उखाड़कर ले गए। इस चोरी की अनुमानित कीमत करीब 15 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है, जिससे स्थानीय श्रद्धालुओं में गहरा आक्रोश है।

     पुलिस मौके पर पहुंची, जांच तेज
    घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची। नागौद एसडीओपी रघु केसरी और सिंहपुर थाना प्रभारी पंकज शुक्ला ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने मंदिर परिसर के आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है ताकि चोरों की पहचान की जा सके।

     तकनीकी जांच और सुराग तलाश
    पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कई टीमें गठित की हैं। आसपास के क्षेत्रों में संदिग्धों की तलाश की जा रही है और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि हर एंगल से जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जाएगा।

     ग्रामीणों में नाराजगी, सुरक्षा बढ़ाने की मांग
    मंदिर में हुई इस बड़ी चोरी के बाद स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में गहरी नाराजगी है। लोगों ने मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और दोषियों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की है।

     प्रशासन का आश्वासन
    पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और सभी पहलुओं पर काम किया जा रहा है। जल्द ही इस चोरी का खुलासा करने की कोशिश की जा रही है।

  • सतना में चांदी की चमक पर चोरों की टेढ़ी नजर: दो मंदिरों में सेंधमारी, डेढ़ किलो वजनी छत्र और मुकुट पार

    सतना में चांदी की चमक पर चोरों की टेढ़ी नजर: दो मंदिरों में सेंधमारी, डेढ़ किलो वजनी छत्र और मुकुट पार


    सतना । चांदी की आसमान छूती कीमतों ने अब चोरों को मंदिरों की ओर रुख करने पर मजबूर कर दिया है। मध्यप्रदेश के सतना शहर में गुरुवार-शुक्रवार की दरम्यानी रात अज्ञात बदमाशों ने आस्था पर प्रहार करते हुए दो प्रमुख मंदिरों को निशाना बनाया। चोरों ने बड़ी सफाई से देवताओं के सिर से चांदी के मुकुट और छत्र पार कर दिए। इस दोहरी वारदात से न केवल पुलिस की गश्त पर सवाल खड़े हुए हैं बल्कि शहर के श्रद्धालुओं में भी गहरा रोष है।

    पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह वारदात शहर कोतवाली थाना क्षेत्र के दो अलग-अलग इलाकों में हुई राजेंद्र नगर देवी मंदिर: यहाँ बदमाशों ने मंदिर का ताला तोड़कर माता रानी के ऊपर लगा चांदी का छत्र और अन्य आभूषण चोरी कर लिए। सुबह जब पुजारी और भक्त मंदिर पहुंचे, तब उन्हें इस चोरी की जानकारी हुई। हनुमान मंदिर: इसी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले हनुमान मंदिर में भी बदमाशों ने हाथ साफ किया। यहाँ पवनपुत्र हनुमान जी का चांदी का मुकुट चोरी हो गया। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, दोनों मंदिरों से चोरी की गई चांदी का कुल वजन लगभग डेढ़ किलो बताया जा रहा है।

    वारदात की सूचना मिलते ही शहर कोतवाली पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थलों का निरीक्षण किया और साक्ष्य जुटाने के लिए फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट्स की मदद ली जा रही है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस घटना के पीछे किसी ऐसे गिरोह का हाथ हो सकता है जो केवल कीमती धातुओं के लिए धार्मिक स्थलों को निशाना बना रहा है चोरी की बढ़ती वारदातों को देखते हुए पुलिस अब आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि बदमाशों का सुराग लग सके। वहीं, स्थानीय लोगों ने मांग की है कि मंदिरों की सुरक्षा के लिए रात के समय गश्त बढ़ाई जाए।

  • बस्तर की आस्था पर प्रहार: मां दंतेश्वरी मंदिर में देर रात सेंधमारी, मुख्य द्वार का ताला तोड़ अंदर घुसे चोर

    बस्तर की आस्था पर प्रहार: मां दंतेश्वरी मंदिर में देर रात सेंधमारी, मुख्य द्वार का ताला तोड़ अंदर घुसे चोर


    जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग की अधिष्ठात्री देवी और लाखों लोगों की अटूट आस्था का केंद्र मां दंतेश्वरी मंदिर में चोरी की एक दुस्साहसिक वारदात सामने आई है। 24 जनवरी की दरमियानी रात अज्ञात चोरों ने मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए मुख्य फाटक का ताला तोड़ दिया और भीतर प्रवेश कर गए। इस घटना ने न केवल मंदिर की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं बल्कि पूरे बस्तर संभाग के श्रद्धालुओं में आक्रोश और शोक की लहर पैदा कर दी है।

    घटना का खुलासा शनिवार सुबह उस वक्त हुआ जब मंदिर के पुजारी और प्रबंधन समिति के सदस्य नित्य पूजन के लिए मंदिर पहुंचे। मुख्य द्वार को क्षतिग्रस्त और ताले टूटे देख उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। मंदिर के गर्भगृह और आसपास के कमरों की स्थिति को देखते हुए प्राथमिक रूप से इसे चोरी का प्रयास माना जा रहा है, हालांकि चोरों ने मंदिर की पवित्रता को भारी ठेस पहुंचाई है।

    चोरी गई सामग्री को लेकर अभी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाई है। मंदिर प्रशासन और ट्रस्ट के सदस्य फिलहाल मां दंतेश्वरी के आभूषणों, मुकुट और दान पेटी की राशि का मिलान करने में जुटे हैं। मुख्य पुजारी ने मीडिया से चर्चा करते हुए बताया कि मंदिर में कई प्राचीन और बहुमूल्य सामग्रियां हैं, जिनका आकलन करने के बाद ही यह पता चल सकेगा कि चोर अपने साथ क्या-क्या ले जाने में सफल रहे। पुलिस ने पूरे परिसर की घेराबंदी कर दी है और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।

    बस्तर पुलिस ने इस मामले की जांच के लिए विशेष टीम गठित की है। फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स और डॉग स्क्वाड की भी मदद ली जा रही है ताकि अपराधियों का सुराग लगाया जा सके। जगदलपुर के नागरिकों में इस घटना को लेकर गहरा गुस्सा है, क्योंकि मां दंतेश्वरी का मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि बस्तर की सांस्कृतिक पहचान का सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ है। प्रशासन ने जल्द से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया है।

  • पुलिस अभिरक्षा से दो संदिग्ध फरार, थाने में मचा हड़कंप; मंदिर चोरी मामले में पूछताछ के लिए लाए गए थे

    पुलिस अभिरक्षा से दो संदिग्ध फरार, थाने में मचा हड़कंप; मंदिर चोरी मामले में पूछताछ के लिए लाए गए थे


    नई दिल्ली। देवास जिले के कांटाफोड़ थाना क्षेत्र में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब पुलिस अभिरक्षा में रखे गए दो संदिग्ध अचानक थाने से फरार हो गए। यह घटना पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था और कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। फरार हुए दोनों संदिग्धों पर नगर के प्रसिद्ध गणेश मंदिर में कुछ माह पूर्व हुई चोरी सहित अन्य आपराधिक वारदातों में शामिल होने का संदेह है।

    जानकारी के अनुसार, पुलिस को हाल ही में सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कुछ अहम सुराग हाथ लगे थे। इन्हीं फुटेज के आधार पर जानसूर निवासी दोनों संदिग्धों को पूछताछ के लिए कांटाफोड़ थाने लाया गया था। प्रारंभिक पूछताछ के दौरान दोनों से मंदिर चोरी और अन्य मामलों को लेकर सवाल-जवाब किए जा रहे थे। इसी बीच दोनों संदिग्धों ने पानी पीने का बहाना बनाया और पुलिसकर्मियों की नजरों से ओझल होते हुए थाने से बाहर निकलकर फरार हो गए।घटना का पता चलते ही थाना परिसर में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में पुलिसकर्मियों ने आसपास के इलाकों में तलाश शुरू की, लेकिन तब तक दोनों संदिग्ध काफी दूर निकल चुके थे। थाने से संदिग्धों के फरार होने की खबर फैलते ही पुलिस महकमे में खलबली मच गई और उच्च अधिकारियों को सूचना दी गई।

    सूत्रों के मुताबिक, फरार संदिग्धों की तलाश के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है, ताकि फरार आरोपियों के भागने के रास्ते और दिशा का पता लगाया जा सके। हालांकि, खबर लिखे जाने तक दोनों संदिग्धों का कोई सुराग नहीं लग पाया है।इस पूरे मामले को लेकर पुलिस अधिकारी फिलहाल आधिकारिक रूप से कुछ भी कहने से बचते नजर आ रहे हैं। जब इस संबंध में कांटाफोड़ थाना प्रभारी सुरेखा निमोदा से दूरभाष पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने फोन उठाना उचित नहीं समझा। वहीं, बागली एसडीओपी से जब फोन पर बात की गई तो उन्होंने बताया कि उन्हें फिलहाल इस मामले की कोई जानकारी नहीं है।

    थाने से दो संदिग्धों के फरार होने की घटना ने पुलिस की लापरवाही और सुरक्षा इंतजामों पर सवालिया निशान लगा दिया है। आमजन के बीच भी इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। लोगों का कहना है कि यदि संदिग्ध पुलिस अभिरक्षा से ही फरार हो जाएं, तो आम जनता की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी।फिलहाल पुलिस दोनों फरार संदिग्धों की तलाश में जुटी हुई है और उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। वहीं, इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका और लापरवाही की भी जांच किए जाने की संभावना है। घटना ने एक बार फिर पुलिस की सतर्कता और थानों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर बहस छेड़ दी है।