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  • निंगबो ओपन में युवा अमेरिकी खिलाड़ी का जलवा, पाओलिनी को सीधे सेटों में हराकर रचा कमाल

    निंगबो ओपन में युवा अमेरिकी खिलाड़ी का जलवा, पाओलिनी को सीधे सेटों में हराकर रचा कमाल


    नई दिल्ली। अमेरिका की युवा टेनिस खिलाड़ी इवा जोविक ने निंगबो ओपन में शानदार प्रदर्शन करते हुए बड़ा उलटफेर किया है। 18 वर्षीय जोविक ने गुरुवार को राउंड ऑफ 16 के मुकाबले में इटली की स्टार खिलाड़ी जैस्मीन पाओलिनी को सीधे सेटों में हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली। दो बार ग्रैंड स्लैम फाइनल तक पहुंच चुकीं पाओलिनी के खिलाफ जोविक ने 6-4 और 6-3 से जीत दर्ज की। इस मुकाबले में युवा अमेरिकी खिलाड़ी ने शुरुआत में पिछड़ने के बावजूद शानदार वापसी की और अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।

    निंगबो ओपन में चौथी वरीयता प्राप्त इवा जोविक को पहले दौर में बाय मिलने के कारण सीधे अगले राउंड में प्रवेश मिला था। राउंड ऑफ 16 में उनका सामना अनुभवी पाओलिनी से हुआ। पहले सेट में जोविक की शुरुआत अच्छी नहीं रही और वह 1-3 से पिछड़ गईं। पाओलिनी ने उनकी सर्विस तोड़कर मुकाबले में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश की। हालांकि जोविक ने दबाव में धैर्य बनाए रखा और धीरे-धीरे मैच में वापसी शुरू कर दी।

    अमेरिकी खिलाड़ी ने पहले सेट के पांचवें और नौवें गेम में पाओलिनी की सर्विस ब्रेक की। इस शानदार वापसी के दम पर उन्होंने पहला सेट 6-4 से अपने नाम कर लिया। शुरुआती पिछड़ने के बाद सेट जीतना जोविक के आत्मविश्वास के लिए महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने अपनी आक्रामकता बनाए रखी और पाओलिनी को आसानी से अंक हासिल करने का मौका नहीं दिया।

    दूसरे सेट में भी इटली की खिलाड़ी को अपनी सर्विस बचाने के लिए संघर्ष करना पड़ा। जोविक ने उनकी सर्विस पर लगातार दबाव बनाया और चार बार सर्विस ब्रेक करने में सफलता हासिल की। हालांकि इस दौरान अमेरिकी खिलाड़ी की सर्विस भी दो बार टूटी लेकिन वह अपनी बढ़त बनाए रखने में सफल रहीं। अंततः उन्होंने दूसरा सेट 6-3 से जीत लिया और मुकाबला अपने नाम कर लिया।

    इस जीत के साथ जोविक और पाओलिनी के बीच आमने-सामने के मुकाबलों का रिकॉर्ड 2-2 से बराबर हो गया है। यह पाओलिनी के खिलाफ जोविक की लगातार दूसरी जीत भी है। इससे पहले उन्होंने इसी साल ऑस्ट्रेलियन ओपन में भी इटली की खिलाड़ी को हराया था। इस प्रदर्शन से साफ है कि जोविक बड़ी खिलाड़ियों के खिलाफ भी दबाव में बेहतर खेल दिखाने की क्षमता रखती हैं।

    यह मौजूदा सीजन में जोविक का सातवां क्वार्टर फाइनल है। इससे पहले वह छह क्वार्टर फाइनल मुकाबलों में से पांच जीतकर सेमीफाइनल तक पहुंच चुकी हैं। पाओलिनी के खिलाफ जीत उनकी शानदार फॉर्म का एक और उदाहरण है। इस सीजन में वह टूर स्तर पर 42 जीत दर्ज कर चुकी हैं जो उनके करियर का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।

    जोविक ने पिछले महीने ग्वाडलहारा ओपन का खिताब भी सफलतापूर्वक अपने नाम किया था। उन्होंने 2025 में भी यह खिताब जीता था। इसके अलावा यूएस ओपन में पहली बार चौथे दौर तक पहुंचना भी उनके लिए बड़ी उपलब्धि रही। अब निंगबो ओपन के क्वार्टर फाइनल में उनका सामना एलेक्जेंड्रा एला या फ्रेंच ओपन की सेमीफाइनलिस्ट डायना श्नाइडर में से किसी एक से होगा। एला के खिलाफ जोविक का रिकॉर्ड 3-0 है जबकि श्नाइडर के खिलाफ वह 1-0 से आगे हैं। युवा खिलाड़ी की मौजूदा फॉर्म को देखते हुए उनसे अगले मुकाबले में भी शानदार प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी।

  • चाइना ओपन में इगा स्वियातेक का धमाका, एक सेट और दो ब्रेक से पिछड़ने के बाद डोना वेकिक को हराकर राउंड ऑफ 16 में पहुंचीं

    चाइना ओपन में इगा स्वियातेक का धमाका, एक सेट और दो ब्रेक से पिछड़ने के बाद डोना वेकिक को हराकर राउंड ऑफ 16 में पहुंचीं


    नई दिल्ली। चाइना ओपन में छह बार की ग्रैंड स्लैम चैंपियन इगा स्वियातेक ने शानदार वापसी करते हुए राउंड ऑफ 16 में जगह बना ली है। पोलैंड की स्टार खिलाड़ी ने राउंड ऑफ 32 के रोमांचक मुकाबले में 30वीं वरीयता प्राप्त क्रोएशिया की डोना वेकिक को शिकस्त दी। मुकाबले की शुरुआत स्वियातेक के लिए मुश्किल रही और वह पहले सेट में हार गईं। इसके बाद दूसरे सेट में भी वह 2-5 से पीछे थीं। एक समय ऐसा लग रहा था कि मुकाबला उनके हाथ से निकल जाएगा लेकिन स्वियातेक ने अपना खेल बदला और शानदार वापसी करते हुए मैच अपने नाम कर लिया।

    स्वियातेक ने पहला सेट 4-6 से गंवाया। इसके बाद दूसरे सेट में भी उनकी मुश्किलें कम नहीं हुईं। वेकिक ने आक्रामक खेल जारी रखा और स्वियातेक को दो बार अपनी सर्विस गंवानी पड़ी। स्कोर 2-5 होने के बाद स्वियातेक पर मैच से बाहर होने का खतरा मंडराने लगा था। लेकिन यहीं से उन्होंने मुकाबले की दिशा बदल दी।

    पोलिश खिलाड़ी ने लगातार दबाव बनाते हुए वेकिक की सर्विस दो बार तोड़ी और स्कोर 5-5 से बराबर कर दिया। इसके बाद दोनों खिलाड़ियों ने अपनी अपनी सर्विस बचाई और दूसरा सेट टाईब्रेकर तक पहुंच गया। यहां स्वियातेक ने ऐसा दबदबा बनाया कि वेकिक एक भी अंक हासिल नहीं कर सकीं। स्वियातेक ने टाईब्रेकर 7-0 से जीतकर मुकाबले में वापसी की उम्मीद जगा दी।

    दूसरे सेट की इस शानदार जीत के बाद निर्णायक सेट में स्वियातेक का आत्मविश्वास साफ नजर आया। तीसरे सेट की शुरुआत दोनों खिलाड़ियों ने एक दूसरे की सर्विस तोड़कर की। इसके बाद मुकाबला कुछ समय तक बराबरी का रहा। लेकिन 3-2 के स्कोर पर स्वियातेक ने वेकिक की सर्विस तोड़कर बढ़त हासिल कर ली। इसके बाद उन्होंने अपनी सर्विस बरकरार रखी और एक बार फिर वेकिक की सर्विस तोड़कर निर्णायक सेट 6-2 से अपने नाम कर लिया।

    इस तरह स्वियातेक ने करीब 2 घंटे 40 मिनट चले मुकाबले में 4-6 7-6 और 6-2 से जीत दर्ज की। मैच के बाद उन्होंने माना कि शुरुआत में वह काफी नाराज थीं। उन्हें लग रहा था कि उनका खेल पूरी तरह खराब नहीं था लेकिन कुछ गलतियों की वजह से वह मुश्किल स्थिति में पहुंच गई थीं। दूसरे सेट के दौरान उन्होंने अपने खेल में बदलाव किया और उसी का फायदा उन्हें मिला।

    अब राउंड ऑफ 16 में स्वियातेक का सामना अमेरिकी खिलाड़ी इवा जोविक से होगा। जोविक ने राउंड ऑफ 32 में कामिला राखिमोवा को सीधे सेटों में 6-1 और 7-5 से हराया है। स्वियातेक के सामने अब इस लय को बरकरार रखने की चुनौती होगी। बीजिंग में उनका पिछला प्रदर्शन भी शानदार रहा है क्योंकि वह 2023 में चाइना ओपन का खिताब जीत चुकी हैं। ऐसे में उनकी नजर इस बार भी खिताब की दौड़ में आगे बढ़ने पर होगी।

  • US Open में रिबाकिना का तूफान सबालेंका को हराकर जीता खिताब अब करियर में 3 ग्रैंड स्लैम

    US Open में रिबाकिना का तूफान सबालेंका को हराकर जीता खिताब अब करियर में 3 ग्रैंड स्लैम


    नई दिल्ली। कजाकिस्तान की स्टार टेनिस खिलाड़ी एलेना रिबाकिना ने यूएस ओपन 2026 के फाइनल में शानदार प्रदर्शन करते हुए आर्यना सबालेंका को शिकस्त देकर पहली बार इस प्रतिष्ठित खिताब पर कब्जा कर लिया है। न्यूयॉर्क के आर्थर ऐश स्टेडियम में शनिवार को खेले गए रोमांचक फाइनल में रिबाकिना ने वर्ल्ड नंबर दो सबालेंका को 6-4 5-7 6-2 से हराया। दोनों खिलाड़ियों के बीच मुकाबला करीब 2 घंटे 21 मिनट तक चला और निर्णायक सेट में रिबाकिना ने अपने आक्रामक खेल से मैच पूरी तरह अपने नाम कर लिया।

    फाइनल का सबसे खास पल तब आया जब रिबाकिना ने चैंपियनशिप प्वाइंट पर शानदार ऐस लगाकर मुकाबला खत्म किया। उनके करियर का यह तीसरा ग्रैंड स्लैम खिताब है। इससे पहले वह 2022 में विम्बलडन चैंपियन बनी थीं। इसके बाद 2026 में उन्होंने ऑस्ट्रेलियन ओपन का खिताब भी अपने नाम किया था। अब उसी साल यूएस ओपन जीतकर रिबाकिना ने अपने करियर के सबसे शानदार दौर में एक और बड़ी उपलब्धि जोड़ ली है।

    इस जीत के साथ रिबाकिना ने आर्यना सबालेंका का लगातार तीसरी बार यूएस ओपन चैंपियन बनने का सपना भी तोड़ दिया। सबालेंका के पास ओपन एरा में लगातार तीन बार यूएस ओपन खिताब जीतने वाली चुनिंदा महिला खिलाड़ियों की सूची में शामिल होने का बड़ा मौका था लेकिन रिबाकिना ने उनके अभियान पर रोक लगा दी। दोनों खिलाड़ियों के बीच हाल के मुकाबलों में भी रिबाकिना ने लगातार अपनी मजबूत चुनौती पेश की है। उन्होंने इससे पहले डब्ल्यूटीए फाइनल्स और इस साल ऑस्ट्रेलियन ओपन में भी सबालेंका को हराया था।

    फाइनल के पहले सेट में दोनों खिलाड़ियों ने शुरुआत में अपनी सर्विस बचाई लेकिन रिबाकिना लगातार दबाव बनाने में सफल रहीं। 2-2 के स्कोर के बाद उन्हें ब्रेक प्वाइंट मिला और उन्होंने इसका फायदा उठाते हुए 3-2 की बढ़त हासिल कर ली। इसके बाद उन्होंने अपनी सर्विस को मजबूती से संभाला और सबालेंका को वापसी का मौका नहीं दिया। रिबाकिना ने पहला सेट 6-4 से जीतकर मुकाबले में शुरुआती बढ़त बना ली।

    दूसरे सेट में सबालेंका ने जोरदार वापसी की। उन्होंने अहम मौकों पर ब्रेक प्वाइंट बचाए और रिबाकिना की आक्रामकता का सामना करते हुए स्कोर को बराबरी के करीब पहुंचा दिया। 4-4 के बाद मुकाबला बेहद रोमांचक हो गया। रिबाकिना ने 4-5 पर दो ब्रेक प्वाइंट बचाए लेकिन इसके बाद सबालेंका ने दबाव बनाए रखा। रिबाकिना की कुछ गलतियों का फायदा उठाकर उन्होंने दूसरा सेट 7-5 से जीत लिया और मुकाबले को निर्णायक सेट में पहुंचा दिया।

    तीसरे सेट में रिबाकिना ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। 2-1 के बाद उन्होंने सबालेंका की सर्विस तोड़ दी और अपनी बढ़त मजबूत कर ली। सबालेंका ने वापसी की कोशिश की लेकिन रिबाकिना की तेज सर्विस और सटीक ग्राउंडस्ट्रोक के सामने वह ज्यादा देर टिक नहीं सकीं। 4-2 के बाद रिबाकिना ने एक और ब्रेक हासिल किया और मैच पूरी तरह अपनी मुट्ठी में कर लिया। आखिरकार 5-2 पर खिताब के लिए सर्व करते हुए उन्होंने मुकाबला खत्म किया और पहली बार यूएस ओपन चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया।

    जीत के बाद रिबाकिना ने रैकेट गिराकर दोनों हाथ ऊपर उठाए और भावुक अंदाज में जश्न मनाया। दूसरी ओर सबालेंका इस हार से बेहद निराश नजर आईं और उन्होंने गुस्से में अपना रैकेट तोड़ दिया। रिबाकिना की यह जीत न सिर्फ उनके लिए बल्कि महिला टेनिस के लिहाज से भी बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है क्योंकि उन्होंने दुनिया की नंबर दो खिलाड़ी को हराकर यूएस ओपन की नई चैंपियन के रूप में अपनी जगह पक्की कर ली है।

  • पेगुला ने नवारो का सपना तोड़ा, अब सबालेंका की चुनौती: US Open खिताब से सिर्फ 2 जीत दूर अमेरिकी स्टार

    पेगुला ने नवारो का सपना तोड़ा, अब सबालेंका की चुनौती: US Open खिताब से सिर्फ 2 जीत दूर अमेरिकी स्टार

    नई दिल्ली। यूएस ओपन 2026 में अमेरिकी स्टार जेसिका पेगुला ने शानदार वापसी करते हुए महिला एकल के सेमीफाइनल में जगह बना ली है। आर्थर ऐश स्टेडियम में खेले गए क्वार्टर फाइनल मुकाबले में पेगुला ने अपनी हमवतन एमा नवारो को तीन सेट तक चले रोमांचक मुकाबले में 3-6 6-4 6-3 से हराया। करीब 2 घंटे 21 मिनट तक चले इस मुकाबले में पेगुला को शुरुआत में मुश्किलों का सामना करना पड़ा लेकिन उन्होंने दबाव से बाहर निकलते हुए लगातार शानदार खेल दिखाया और मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ पेगुला ने लगातार तीसरे सेमीफाइनल में जगह बनाई है और अब वह अपने पहले ग्रैंड स्लैम खिताब की ओर एक और कदम बढ़ा चुकी हैं।

    मुकाबले की शुरुआत पेगुला के लिए उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। एमा नवारो ने पहले सेट में आक्रामक खेल दिखाया और पेगुला को लगातार दबाव में रखा। नवारो ने पहला सेट 6-3 से अपने नाम कर लिया जिसके बाद पेगुला के सामने मैच में वापसी की बड़ी चुनौती थी। हालांकि अमेरिकी खिलाड़ी ने धैर्य नहीं खोया और दूसरे सेट में अपने खेल को बेहतर करते हुए वापसी शुरू कर दी। पेगुला ने महत्वपूर्ण मौकों पर अंक हासिल किए और दूसरा सेट 6-4 से जीतकर मुकाबला बराबरी पर ला दिया।

    निर्णायक तीसरे सेट में पेगुला का आत्मविश्वास और बढ़ता गया। उन्होंने नवारो की गलतियों का फायदा उठाया और अपने अनुभव का इस्तेमाल करते हुए लगातार दबाव बनाए रखा। तीसरा सेट 6-3 से जीतते ही पेगुला ने क्वार्टर फाइनल मुकाबला अपने नाम कर लिया। जीत के बाद पेगुला के चेहरे पर राहत साफ दिखाई दी। उन्होंने माना कि परिस्थितियां आसान नहीं थीं और उन्हें मैच के दौरान कई तरह की चुनौतियों से जूझना पड़ा। पेगुला ने बताया कि न्यूयॉर्क में उमस के कारण वह अपनी सर्विस का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं कर पा रही थीं लेकिन उन्होंने मुश्किल परिस्थितियों के बावजूद मुकाबले में खुद को बनाए रखा।

    पेगुला ने मैच के बाद स्टेडियम में मौजूद दर्शकों का भी आभार जताया। उन्होंने कहा कि अपने घरेलू दर्शकों के सामने खेलना उनके लिए बेहद खास अनुभव है। बड़ी संख्या में अमेरिकी प्रशंसकों की मौजूदगी ने उन्हें मुकाबले के दौरान हौसला दिया और वापसी करने में मदद की। पेगुला के लिए यह जीत इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि वह लगातार अच्छे प्रदर्शन के बावजूद अब तक ग्रैंड स्लैम खिताब जीतने में सफल नहीं हुई हैं।

    अब सेमीफाइनल में पेगुला के सामने सबसे बड़ी चुनौती के रूप में एरिना सबालेंका होंगी। सबालेंका ने लिंडा नोस्कोवा को हराकर अंतिम चार में अपनी जगह बनाई है। सबालेंका लगातार तीसरी बार यूएस ओपन खिताब जीतने की कोशिश में हैं और इस लक्ष्य से वह अब केवल दो जीत दूर हैं। दूसरी तरफ पेगुला भी अपने करियर का पहला ग्रैंड स्लैम खिताब जीतने के इरादे से कोर्ट पर उतरेंगी। ऐसे में दोनों खिलाड़ियों के बीच होने वाला सेमीफाइनल मुकाबला बेहद रोमांचक होने की उम्मीद है।

    पेगुला और सबालेंका के बीच इससे पहले कई मुकाबले हो चुके हैं और आमने सामने के रिकॉर्ड में सबालेंका का पलड़ा भारी है। सबालेंका ने पेगुला के खिलाफ 9 मुकाबले जीते हैं जबकि पेगुला को 4 जीत मिली हैं। दोनों खिलाड़ियों की पिछली बड़ी भिड़ंत 2024 यूएस ओपन फाइनल में हुई थी जहां सबालेंका ने जीत दर्ज कर खिताब अपने नाम किया था। ऐसे में इस बार पेगुला के पास उस हार का हिसाब बराबर करने और फाइनल में पहुंचने का सुनहरा मौका होगा।

    पेगुला की इस जीत से उनके लिए एक और बड़ा अवसर भी खुल गया है। यदि वह यूएस ओपन का खिताब जीतने में सफल रहती हैं और एलेना रयबाकिना सेमीफाइनल में हार जाती हैं तो पेगुला डब्ल्यूटीए रैंकिंग में दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी बन सकती हैं। फिलहाल उनका लक्ष्य सेमीफाइनल की चुनौती पार करना है जहां उन्हें दो बार की चैंपियन सबालेंका के खिलाफ अपनी सर्वश्रेष्ठ टेनिस दिखानी होगी।

  • यूएस ओपन के पहले दिन मचा घमासान: राखिमोवा ने 27वीं सीड क्रेजिकोवा को किया बाहर, प्लिस्कोवा की सनसनीखेज वापसी

    यूएस ओपन के पहले दिन मचा घमासान: राखिमोवा ने 27वीं सीड क्रेजिकोवा को किया बाहर, प्लिस्कोवा की सनसनीखेज वापसी


    नई दिल्ली। यूएस ओपन 2026 के पहले दिन महिला सिंगल्स में मुकाबलों का रोमांच चरम पर रहा। टूर्नामेंट में उतरी कई शीर्ष वरीयता प्राप्त खिलाड़ियों ने अपने अभियान की शुरुआत जीत के साथ की लेकिन इसी बीच 27वीं वरीयता प्राप्त बारबोरा क्रेजिकोवा के बाहर होने से बड़ा उलटफेर देखने को मिला। कामिला राखिमोवा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए क्रेजिकोवा को मात दी और टूर्नामेंट से बाहर का रास्ता दिखा दिया। दूसरी ओर एलिना स्वितोलिना मार्ता कोस्त्युक और जैस्मीन पाओलिनी ने जीत दर्ज कर अगले दौर में जगह बनाई। पहले दिन सात सीडेड खिलाड़ी मुकाबले में उतरे थे और पाओलिनी को छोड़कर बाकी सभी सीडेड खिलाड़ियों ने सीधे सेटों में जीत हासिल की।

    यूक्रेन की नौवीं वरीयता प्राप्त एलिना स्वितोलिना ने लुइस आर्मस्ट्रांग स्टेडियम में शानदार अंदाज में अपने अभियान की शुरुआत की। उन्होंने सोलाना सिएरा को महज 52 मिनट में 6-1 6-2 से हराया। स्वितोलिना का ग्रैंड स्लैम के शुरुआती दौर में रिकॉर्ड भी प्रभावशाली रहा है। पिछले 11 ग्रैंड स्लैम ओपनिंग मुकाबलों में उन्होंने नौ जीत दर्ज की हैं। ग्रैंड स्लैम में उनकी कुल जीत का आंकड़ा 117 तक पहुंच चुका है जो किसी भी यूक्रेनी खिलाड़ी के लिए सबसे ज्यादा है।

    11वीं वरीयता प्राप्त मार्ता कोस्त्युक ने भी शानदार खेल दिखाया। उन्होंने स्टॉर्म हंटर को 67 मिनट में 6-4 6-1 से शिकस्त दी। कोस्त्युक ने मुकाबले के आखिरी पांच गेम लगातार जीते और पिछले आठ में से सात गेम अपने नाम किए। इस जीत के साथ इस सीजन में उनका रिकॉर्ड 33-8 हो गया है। मुकाबले में उन्होंने आठ ऐस और 22 विनर्स लगाए जबकि 12 अनफोर्स्ड एरर किए।

    19वीं वरीयता प्राप्त जैस्मीन पाओलिनी के लिए हालांकि मुकाबला आसान नहीं रहा। उन्हें वेरोनिका एर्जावेक के खिलाफ तीन सेट तक संघर्ष करना पड़ा। पाओलिनी ने 1 घंटे 46 मिनट में 6-3 3-6 6-4 से जीत हासिल की। दूसरे सेट में उनका प्रदर्शन कमजोर पड़ा लेकिन निर्णायक सेट में उन्होंने वापसी करते हुए मुकाबला अपने नाम कर लिया। पाओलिनी ने मैच में 36 विनर्स लगाए लेकिन 27 अनफोर्स्ड एरर भी किए। अब उनकी नजर यूएस ओपन में पहली बार क्वार्टर फाइनल तक पहुंचने पर होगी।

    18वीं वरीयता प्राप्त एकातेरिना अलेक्जेंड्रोवा ने मैककार्टनी केसलर को 6-2 6-2 से हराया जबकि 31वीं वरीयता प्राप्त लेयला फर्नांडीज ने झांग शुआई को 6-3 6-2 से मात दी। इन दोनों खिलाड़ियों ने भी बिना ज्यादा परेशानी के दूसरे दौर में प्रवेश किया।

    दिन का एक और रोमांचक मुकाबला पूर्व विश्व नंबर एक कैरोलिना प्लिस्कोवा ने खेला। बिना सीडिंग के उतर रहीं प्लिस्कोवा एक समय हैने वैंडेविंकेल के खिलाफ 2-6 2-5 से पीछे थीं और उनके सामने मैच प्वाइंट भी था। इसके बावजूद उन्होंने जबरदस्त वापसी की। प्लिस्कोवा ने लगातार नौ गेम जीतकर मुकाबले का रुख पलट दिया और 2 घंटे 30 मिनट में 2-6 7-5 6-3 से जीत हासिल की। इस जीत के साथ वह लगातार 10वें यूएस ओपन में दूसरे दौर तक पहुंचने में सफल रही हैं। इस तरह यूएस ओपन का पहला दिन कई बड़े सितारों की जीत और एक बड़े उलटफेर के साथ यादगार बन गया।

  • यूएस ओपन में जोकोविच को झटका, नवोन ने रचा इतिहास: पांच सेट की जंग के बाद दिग्गज को हराकर दूसरे दौर में बनाई जगह

    यूएस ओपन में जोकोविच को झटका, नवोन ने रचा इतिहास: पांच सेट की जंग के बाद दिग्गज को हराकर दूसरे दौर में बनाई जगह


    नई दिल्ली। यूएस ओपन 2026 की शुरुआत टेनिस जगत के सबसे बड़े उलटफेर के साथ हुई है। 24 बार के ग्रैंड स्लैम चैंपियन और चार बार के यूएस ओपन विजेता नोवाक जोकोविच को अर्जेंटीना के मारियानो नवोन ने टूर्नामेंट के पहले ही दौर में हराकर बाहर कर दिया। पांच सेट तक चले रोमांचक मुकाबले में नवोन ने जोकोविच को 7-6 5-7 4-6 6-2 6-1 से शिकस्त दी। यह मुकाबला 4 घंटे 36 मिनट तक चला और किसी भी ग्रैंड स्लैम के पहले दौर का अब तक का सबसे लंबा मैच बन गया।

    जोकोविच के लिए यह हार इसलिए भी बेहद निराशाजनक रही क्योंकि 2006 ऑस्ट्रेलियन ओपन के बाद पहली बार उन्हें किसी ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट के शुरुआती दौर में हार का सामना करना पड़ा है। 39 वर्षीय सर्बियाई खिलाड़ी मुकाबले की शुरुआत में पिछड़ने के बावजूद शानदार वापसी करने में सफल रहे थे। उन्होंने दूसरा और तीसरा सेट जीतकर मैच पर अपनी पकड़ बना ली थी। ऐसे में माना जा रहा था कि अनुभव के दम पर जोकोविच मुकाबला अपने नाम कर लेंगे लेकिन इसके बाद उनकी शारीरिक परेशानियां बढ़ती चली गईं।

    चौथे सेट में जोकोविच ने बढ़त बनाने की कोशिश की लेकिन नवोन ने शानदार वापसी की और सेट 6-2 से अपने नाम कर लिया। निर्णायक पांचवें सेट में अर्जेंटीना के खिलाड़ी ने कोई मौका नहीं दिया और 6-1 से सेट जीतकर इतिहास रच दिया। इस दौरान जोकोविच शारीरिक रूप से काफी संघर्ष करते नजर आए। उनकी ऊर्जा कम होती गई और मैच के दौरान उन्हें उल्टी और शरीर में दर्द जैसी परेशानियों का भी सामना करना पड़ा। कई मौकों पर उन्हें कोर्ट पर चलने फिरने में भी परेशानी दिखाई दी।

    दिलचस्प बात यह थी कि मुकाबले से पहले आंकड़े पूरी तरह जोकोविच के पक्ष में थे। पांच सेट वाले मुकाबलों में उनका रिकॉर्ड 42-12 था जबकि नवोन इससे पहले ऐसे किसी मुकाबले में जीत दर्ज नहीं कर सके थे। हार्ड कोर्ट पर भी नवोन का रिकॉर्ड ज्यादा प्रभावशाली नहीं था। इसके बावजूद अर्जेंटीना के खिलाड़ी ने दबाव के बीच बेहतरीन मानसिक मजबूती दिखाई और दिग्गज खिलाड़ी को मात दे दी।

    मैच के निर्णायक दौर में न्यूयॉर्क की भीड़ लगातार जोकोविच का हौसला बढ़ा रही थी। पांचवें सेट में जब उन्होंने एक गेम जीतकर स्कोर 1-3 किया तो दर्शकों की आवाज और तेज हो गई। इस दौरान जोकोविच बेसलाइन के पीछे खड़े होकर भावुक भी नजर आए। प्रशंसकों का समर्थन उन्हें मुकाबले में वापस लाने के लिए पर्याप्त नहीं रहा और नवोन ने कुछ ही देर बाद मैच खत्म कर दिया।

    निर्णायक प्वाइंट पर भी नवोन ने अपनी फुर्ती का शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने जोकोविच की ड्रॉप वॉली तक तेजी से पहुंचकर गेंद को खाली कोर्ट में भेज दिया और जीत पक्की कर ली। मुकाबला खत्म होने के बाद नवोन नेट पर पहुंचे और जोकोविच को गले लगाया। जोकोविच ने भी हार के बावजूद खेल भावना का परिचय दिया और कोर्ट से बाहर जाते समय प्रशंसकों को ऑटोग्राफ देकर उनका अभिवादन किया।

    नवोन के लिए यह जीत किसी सपने के सच होने जैसी रही। जोकोविच जैसे दिग्गज खिलाड़ी को ग्रैंड स्लैम में हराना उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हो गया है। वहीं जोकोविच के लिए यह हार इसलिए और बड़ा झटका है क्योंकि उनके पास अपना 25वां मेजर खिताब जीतकर इतिहास रचने का मौका था। लेकिन यूएस ओपन में उनका सफर पहले ही दौर में समाप्त हो गया।

  • दो सेट जीतकर भी मैच नहीं बचा पाए जोकोविच: उल्टी और ऐंठन ने बढ़ाई मुश्किलें, हार के बाद बोले- अनुभव बहुत बुरा था

    दो सेट जीतकर भी मैच नहीं बचा पाए जोकोविच: उल्टी और ऐंठन ने बढ़ाई मुश्किलें, हार के बाद बोले- अनुभव बहुत बुरा था


    नई दिल्ली। 24 बार के ग्रैंड स्लैम चैंपियन नोवाक जोकोविच के लिए यूएस ओपन 2026 का सफर बेहद निराशाजनक तरीके से खत्म हो गया। 39 साल के सर्बियाई स्टार को पहले ही राउंड में अर्जेंटीना के मारियानो नवोन के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। मुकाबले के दौरान जोकोविच लगातार शारीरिक परेशानियों से जूझते नजर आए। उन्हें उल्टी हुई और शरीर में ऐंठन के साथ दर्द की शिकायत भी रही। मैच खत्म होने के बाद जोकोविच ने कोर्ट पर अपने अनुभव को बेहद खराब बताया और कहा कि इस साल लगभग हर मैच में उन्हें ऐसी समस्याओं का सामना करना पड़ा है।

    जोकोविच के मुताबिक उल्टी के बाद उनका पूरा शरीर जवाब देने लगता है और खासतौर पर ऐंठन और दर्द की वजह से उनके लिए खेलना मुश्किल हो जाता है। इस मुकाबले में उनकी पीठ और कंधे ने भी आखिरकार उनका साथ छोड़ दिया। हालांकि शारीरिक परेशानियों के बावजूद उन्होंने मुकाबले में वापसी की कोशिश जारी रखी और एक समय मैच में मजबूत स्थिति बना ली थी। जोकोविच शुरुआती चरण में दो सेट अपने नाम कर चुके थे और चौथे सेट में भी एक ब्रेक की बढ़त हासिल कर चुके थे लेकिन इसके बाद उनकी शारीरिक परेशानी लगातार बढ़ती चली गई।

    जोकोविच ने बताया कि चौथे सेट के चौथे गेम से ही उन्हें लगातार संघर्ष करना पड़ रहा था। इसके बावजूद उन्होंने मुकाबला छोड़ने के बजाय आखिरी तक लड़ने का फैसला किया। उन्होंने माना कि एक समय उनके मन में मैच से हटने का विचार भी आया था लेकिन जब उन्होंने एक सेट जीत लिया और फिर तीसरे सेट में भी वापसी की तो उन्हें लगा कि शायद मुकाबला अभी बचाया जा सकता है। वह चौथे और पांचवें सेट में हार मानने के बजाय मैच को किसी भी तरह पूरा करना चाहते थे।

    इस हार के साथ जोकोविच के ग्रैंड स्लैम रिकॉर्ड में भी बड़ा बदलाव आया। 2006 के ऑस्ट्रेलियन ओपन के बाद से वह किसी ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट के शुरुआती राउंड में नहीं हारे थे। इससे पहले ग्रैंड स्लैम में उनकी शुरुआती दौर की हार 2005 के ऑस्ट्रेलियन ओपन में हुई थी। ऐसे में यूएस ओपन के पहले ही राउंड में मिली यह हार उनके लंबे और शानदार ग्रैंड स्लैम रिकॉर्ड के लिहाज से काफी बड़ी मानी जा रही है।

    मैच के आखिरी दौर में जोकोविच को न्यूयॉर्क के दर्शकों का जबरदस्त समर्थन मिला। निर्णायक सेट में जब वह 1-3 से पीछे चल रहे थे तब स्टेडियम में मौजूद दर्शक उनका हौसला बढ़ाते रहे। दर्शकों के समर्थन से जोकोविच भावुक भी नजर आए। चार बार के यूएस ओपन चैंपियन ने कहा कि भीड़ ने शुरुआत से ही उनका शानदार समर्थन किया और अहम पलों में उन्हें प्रोत्साहित करने की कोशिश की।

    जोकोविच ने दर्शकों के इस प्यार और समर्थन के लिए आभार जताया। हालांकि उन्होंने साफ कहा कि मैच और अपने शरीर के साथ उनका अनुभव बिल्कुल सुखद नहीं था। कोर्ट पर बिताया गया हर पल उन्हें बेहद कठिन लगा। उन्हें इस बात का भी अफसोस रहा कि वह दर्शकों के लिए वैसा प्रदर्शन नहीं कर पाए जैसा वह करना चाहते थे।

    दूसरी ओर जोकोविच ने मारियानो नवोन की जीत का पूरा श्रेय उन्हें दिया। उन्होंने अर्जेंटीना के खिलाड़ी को बधाई देते हुए उन्हें अच्छा इंसान और मजबूत फाइटर बताया। जोकोविच की इस हार ने जहां यूएस ओपन में बड़ा उलटफेर किया वहीं उनकी शारीरिक परेशानियों ने उनके भविष्य के ग्रैंड स्लैम अभियान को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल इस मुकाबले की सबसे बड़ी तस्वीर यही रही कि दो सेट जीतने और वापसी की तमाम कोशिशों के बावजूद शारीरिक समस्याओं के आगे जोकोविच को हार माननी पड़ी।

  • स्वियाटेक ने लौटाया अपना जलवा! रायबाकिना को सीधे सेटों में हराकर बनीं कैनेडियन ओपन चैंपियन

    स्वियाटेक ने लौटाया अपना जलवा! रायबाकिना को सीधे सेटों में हराकर बनीं कैनेडियन ओपन चैंपियन


    नई दिल्ली। पोलैंड की स्टार टेनिस खिलाड़ी इगा स्वियाटेक ने आखिरकार लंबे इंतजार के बाद खिताबी सूखा खत्म कर दिया है। स्वियाटेक ने कैनेडियन ओपन 2026 महिला एकल का खिताब अपने नाम कर लिया। टोरंटो में खेले गए फाइनल मुकाबले में सातवीं वरीयता प्राप्त स्वियाटेक ने दुनिया की नंबर दो खिलाड़ी एलेना रायबाकिना को सीधे सेटों में 6-2, 6-3 से मात दी। इस जीत के साथ स्वियाटेक ने इस सीजन की अपनी पहली ट्रॉफी हासिल की। उनके लिए यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि पिछले कुछ महीनों से उन्हें खिताब नहीं जीत पाने के कारण आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा था।

    फाइनल में स्वियाटेक ने शुरुआत से ही अपने खेल पर नियंत्रण बनाए रखा। पहले सेट में उन्होंने रायबाकिना पर दबाव बनाया और अपनी आक्रामकता के दम पर लगातार अंक जुटाए। दूसरी ओर रायबाकिना की गलतियों ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दीं। कजाकिस्तान की खिलाड़ी ने लगातार दो डबल फॉल्ट किए और इसके कारण महत्वपूर्ण ब्रेक पॉइंट गंवा दिया। स्वियाटेक ने मौके का फायदा उठाते हुए अपनी बढ़त मजबूत की और पहला सेट 6-2 से अपने नाम कर लिया।

    दूसरे सेट में भी मुकाबले की तस्वीर ज्यादा नहीं बदली। रायबाकिना को अपनी गलतियों का खामियाजा भुगतना पड़ा। उनके दो बैकहैंड शॉट चूकने से स्वियाटेक को एक और ब्रेक हासिल करने का मौका मिला और पोलिश खिलाड़ी ने इसे हाथ से जाने नहीं दिया। रायबाकिना ने वापसी की कोशिश जरूर की और एक चैंपियनशिप पॉइंट बचाने में भी सफल रहीं लेकिन स्वियाटेक ने अगले मौके पर मैच खत्म कर दिया। उन्होंने दूसरा सेट 6-3 से जीतकर खिताब पर कब्जा जमा लिया।

    स्वियाटेक के लिए यह जीत केवल एक ट्रॉफी नहीं बल्कि आत्मविश्वास लौटाने वाली उपलब्धि भी है। पिछले सितंबर के बाद यह उनका पहला खिताब है। लगातार खिताब से दूर रहने के कारण उनके प्रदर्शन पर सवाल उठ रहे थे लेकिन कैनेडियन ओपन में उन्होंने पूरे टूर्नामेंट के दौरान अपने खेल में निरंतरता दिखाई और फाइनल में भी दबाव के बीच बेहतरीन प्रदर्शन किया। अब उनकी नजर यूएस ओपन पर होगी और कैनेडियन ओपन की यह जीत उनके लिए ग्रैंड स्लैम से पहले मनोबल बढ़ाने वाली साबित हो सकती है।

    खिताब जीतने के बाद स्वियाटेक ने अपनी भावनाएं खुलकर जाहिर कीं। उन्होंने माना कि पिछले कुछ महीने उनके लिए आसान नहीं रहे हैं। ऑनलाइन और सोशल मीडिया पर लगातार होने वाली आलोचनाओं और लोगों की राय से निपटना उनके लिए चुनौतीपूर्ण रहा। इसके बावजूद उन्होंने अपने खेल में बदलाव करने और खुद को बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित किया। स्वियाटेक ने कहा कि उनके आसपास मौजूद लोगों का समर्थन उन्हें हर दिन आगे बढ़ने और अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए प्रेरित करता रहा।

    स्वियाटेक ने अपनी खिताबी जीत को उन लोगों को समर्पित किया जिन्हें गलत तरीके से जज किया जाता है या जिन्हें खेल और जिंदगी के दूसरे क्षेत्रों में नफरत का सामना करना पड़ता है। उन्होंने संदेश दिया कि नकारात्मक विचारों को खुद पर हावी होने देना सही नहीं है। इसके बजाय आगे बढ़ते रहना अपनी कोशिशों पर ध्यान देना और खुद पर भरोसा बनाए रखना जरूरी है।

    कैनेडियन ओपन की यह जीत स्वियाटेक के लिए एक नए दौर की शुरुआत भी मानी जा सकती है। लंबे अंतराल के बाद मिली ट्रॉफी ने उनके आत्मविश्वास को मजबूत किया है। अब सभी की नजरें इस बात पर होंगी कि वह इस लय को यूएस ओपन तक कैसे कायम रखती हैं और क्या इस जीत के बाद ग्रैंड स्लैम में भी अपना दबदबा दोबारा कायम कर पाती हैं।

  • सिनर की चोट ने बढ़ाई टेंशन, सिनसिनाटी ओपन से नाम लिया वापस; अब यूएस ओपन पर टिकी नजरें

    सिनर की चोट ने बढ़ाई टेंशन, सिनसिनाटी ओपन से नाम लिया वापस; अब यूएस ओपन पर टिकी नजरें


    नई दिल्ली । दुनिया के नंबर एक टेनिस खिलाड़ी यानिक सिनर को यूएस ओपन से पहले बड़ा झटका लगा है। इटली के स्टार खिलाड़ी ने दाहिने घुटने की चोट के कारण सिनसिनाटी ओपन से अपना नाम वापस ले लिया है। टूर्नामेंट आयोजकों ने सिनर के हटने की पुष्टि कर दी है। साल के आखिरी ग्रैंड स्लैम यूएस ओपन की तैयारियों के लिहाज से सिनर के लिए यह फैसला काफी अहम माना जा रहा है क्योंकि उन्हें हार्ड कोर्ट पर अपनी लय हासिल करने के लिए सिनसिनाटी ओपन में उतरना था। अब उनका पूरा ध्यान चोट से उबरने और यूएस ओपन के लिए खुद को फिट करने पर होगा।

    24 वर्षीय सिनर ने अपने फैसले के बारे में बताते हुए कहा कि डॉक्टरों और अपनी टीम से सलाह लेने के बाद उन्होंने सिनसिनाटी में होने वाले मास्टर्स 1000 टूर्नामेंट से हटने का फैसला किया। उन्होंने बताया कि उनके दाहिने घुटने में परेशानी है और मेडिकल टीम उनके साथ लगातार काम कर रही है। हालांकि अभी वह मुकाबले के लिए पूरी तरह तैयार नहीं हैं, इसलिए उन्होंने जोखिम लेने के बजाय आराम और रिकवरी को प्राथमिकता देने का फैसला किया है।

    सिनर के लिए यह इस महीने का दूसरा बड़ा हार्ड कोर्ट टूर्नामेंट होगा जिससे उन्हें बाहर रहना पड़ेगा। इससे पहले उन्होंने कैनेडियन ओपन से भी अपना नाम वापस लिया था। ऐसे में यूएस ओपन से पहले उनके पास प्रतिस्पर्धी मुकाबले के जरिए अपनी तैयारी मजबूत करने के मौके काफी कम हो गए हैं। पिछले महीने विंबलडन में अपना पांचवां ग्रैंड स्लैम खिताब जीतने के बाद सिनर से उम्मीद की जा रही थी कि वह नॉर्थ अमेरिका के हार्ड कोर्ट टूर्नामेंटों में शानदार प्रदर्शन करते हुए यूएस ओपन में अपने खिताब की रक्षा की तैयारी करेंगे।

    सिनर ने सिनसिनाटी ओपन से हटने पर निराशा भी जताई। उन्होंने कहा कि इस टूर्नामेंट में नहीं खेल पाना उनके लिए निराशाजनक है, लेकिन इस समय सबसे जरूरी पूरी तरह फिट होना है। उन्होंने संकेत दिया कि अब उनका ध्यान यूएस ओपन की तैयारी पर रहेगा और वह चोट को लेकर किसी तरह का जोखिम नहीं उठाना चाहते।

    सिनर के हटने से सिनसिनाटी ओपन की स्टार पावर को भी बड़ा झटका लगा है। इससे पहले यूएस ओपन चैंपियन कार्लोस अल्काराज भी कलाई की चोट के कारण टूर्नामेंट से बाहर हो चुके हैं। ऐसे में सिनसिनाटी के मुख्य ड्रॉ में दो बड़े नामों की गैरमौजूदगी ने टूर्नामेंट की तस्वीर बदल दी है। वहीं सिनर के लिए इसका सीधा असर यूएस ओपन की तैयारियों पर पड़ सकता है क्योंकि अब उन्हें हार्ड कोर्ट पर प्रतिस्पर्धी अभ्यास का सीमित अवसर मिलेगा।

    सिनसिनाटी ओपन का मेन ड्रॉ 13 अगस्त से शुरू होना है, जबकि यूएस ओपन का मेन ड्रॉ 30 अगस्त से शुरू होगा। ऐसे में सिनर के पास लगभग दो सप्ताह से थोड़ा अधिक समय रहेगा जिसमें उन्हें घुटने की समस्या से पूरी तरह उबरना होगा। उनके लिए चुनौती यह होगी कि वह बिना जल्दबाजी किए फिटनेस हासिल करें और यूएस ओपन में अपने खिताब की रक्षा के लिए कोर्ट पर उतरें।

    सिनर का इस समय चोट से बचने का फैसला उनके लंबे सीजन को देखते हुए भी महत्वपूर्ण है। लगातार बड़े टूर्नामेंट खेलने के बाद शरीर पर दबाव बढ़ना स्वाभाविक है और घुटने की समस्या को गंभीर होने से रोकने के लिए आराम करना जरूरी हो सकता है। अब टेनिस प्रशंसकों की नजर इस बात पर होगी कि सिनर अगले कुछ हफ्तों में कितनी तेजी से रिकवरी करते हैं और क्या वह यूएस ओपन में पूरी फिटनेस के साथ अपने अभियान की शुरुआत कर पाते हैं।

  • विराट संग क्रिकेट खेलना चाहते हैं नोवाक जोकोविच: बोले- भारत आकर कोहली से सीखूंगा बैटिंग तकनीक

    विराट संग क्रिकेट खेलना चाहते हैं नोवाक जोकोविच: बोले- भारत आकर कोहली से सीखूंगा बैटिंग तकनीक


    नई दिल्ली । दुनिया के महान टेनिस खिलाड़ियों में शामिल नोवाक जोकोविच ने भारतीय क्रिकेट स्टार विराट कोहली की जमकर तारीफ करते हुए कहा है कि वह जल्द भारत आने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने अपनी इच्छा जाहिर की कि भारत दौरे के दौरान वह विराट कोहली के साथ क्रिकेट और टेनिस दोनों खेलना चाहेंगे। जोकोविच ने कहा कि उनके मन में विराट और भारतीय क्रिकेट के प्रति बेहद सम्मान है और वह भारत आकर इस दोस्ती को और मजबूत बनाना चाहते हैं।

    एक बातचीत के दौरान जोकोविच ने कहा कि वह लंबे समय से भारत आने की योजना बना रहे हैं और इस संबंध में विराट कोहली से भी चर्चा हो चुकी है। उन्होंने कहा कि विराट केवल भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के सबसे बड़े खेल सितारों में शामिल हैं। यदि उन्हें भारत आने का अवसर मिला तो वह चाहेंगे कि विराट उनके मेजबान बनें और उन्हें देश की संस्कृति तथा प्रमुख स्थानों से परिचित कराएं।

    सर्बिया के रहने वाले जोकोविच ने बताया कि उनके देश में क्रिकेट लोकप्रिय खेल नहीं है, लेकिन उनकी टीम के कुछ सदस्य ब्रिटेन से हैं और उन्हें क्रिकेट का काफी शौक है। इसी वजह से पिछले कई वर्षों में उन्होंने क्रिकेट को समझने और उसके नियम सीखने की कोशिश की है। हालांकि उन्होंने मुस्कुराते हुए स्वीकार किया कि उनकी क्रिकेट तकनीक अभी भी बहुत बेहतर नहीं है और उन्हें उम्मीद है कि विराट कोहली उनकी बैटिंग तकनीक और बैट स्विंग सुधारने में मदद करेंगे।

    जोकोविच ने कहा कि विराट कोहली की खेल भावना, अनुशासन और मैदान पर समर्पण उन्हें हमेशा प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि भारतीय क्रिकेट ने विश्व खेल जगत में अपनी अलग पहचान बनाई है और उसके लिए उनके मन में विशेष सम्मान है। उन्होंने विश्वास जताया कि भारत आकर विराट के साथ समय बिताना उनके लिए यादगार अनुभव होगा।

    इस बीच जोकोविच ने विंबलडन में भी शानदार प्रदर्शन जारी रखा है। उन्होंने चौथे दौर के मुकाबले में रोमन सफीउलिन को हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। इस जीत के साथ उन्होंने विंबलडन पुरुष एकल में सबसे अधिक जीत दर्ज करने का नया रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। लगातार नौवीं बार विंबलडन के क्वार्टर फाइनल में पहुंचने वाले जोकोविच ने अपनी इस उपलब्धि को बेहद खास बताया।

    उन्होंने कहा कि विंबलडन उनके लिए केवल एक टूर्नामेंट नहीं बल्कि बचपन का सपना है। बचपन से ही वह यहां चैंपियन बनने और दुनिया का नंबर एक खिलाड़ी बनने का सपना देखते थे। सात बार विंबलडन का खिताब जीतना और इतने वर्षों तक लगातार शीर्ष स्तर पर खेलना उनके लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि सेंटर कोर्ट पर खेलने का अनुभव हमेशा उन्हें अतिरिक्त ऊर्जा और आत्मविश्वास देता है तथा वह इस वर्ष भी खिताब जीतने की पूरी कोशिश करेंगे।

    अब क्वार्टर फाइनल में जोकोविच का मुकाबला फेलिक्स ऑगर अलियासिमे और एलेजांद्रो डेविडोविच फोकिना के बीच होने वाले विजेता से होगा। टेनिस प्रेमियों की नजर एक बार फिर इस दिग्गज खिलाड़ी के अगले मुकाबले पर टिकी हुई है।