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  • यूएस ओपन के पहले दिन मचा घमासान: राखिमोवा ने 27वीं सीड क्रेजिकोवा को किया बाहर, प्लिस्कोवा की सनसनीखेज वापसी

    यूएस ओपन के पहले दिन मचा घमासान: राखिमोवा ने 27वीं सीड क्रेजिकोवा को किया बाहर, प्लिस्कोवा की सनसनीखेज वापसी


    नई दिल्ली। यूएस ओपन 2026 के पहले दिन महिला सिंगल्स में मुकाबलों का रोमांच चरम पर रहा। टूर्नामेंट में उतरी कई शीर्ष वरीयता प्राप्त खिलाड़ियों ने अपने अभियान की शुरुआत जीत के साथ की लेकिन इसी बीच 27वीं वरीयता प्राप्त बारबोरा क्रेजिकोवा के बाहर होने से बड़ा उलटफेर देखने को मिला। कामिला राखिमोवा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए क्रेजिकोवा को मात दी और टूर्नामेंट से बाहर का रास्ता दिखा दिया। दूसरी ओर एलिना स्वितोलिना मार्ता कोस्त्युक और जैस्मीन पाओलिनी ने जीत दर्ज कर अगले दौर में जगह बनाई। पहले दिन सात सीडेड खिलाड़ी मुकाबले में उतरे थे और पाओलिनी को छोड़कर बाकी सभी सीडेड खिलाड़ियों ने सीधे सेटों में जीत हासिल की।

    यूक्रेन की नौवीं वरीयता प्राप्त एलिना स्वितोलिना ने लुइस आर्मस्ट्रांग स्टेडियम में शानदार अंदाज में अपने अभियान की शुरुआत की। उन्होंने सोलाना सिएरा को महज 52 मिनट में 6-1 6-2 से हराया। स्वितोलिना का ग्रैंड स्लैम के शुरुआती दौर में रिकॉर्ड भी प्रभावशाली रहा है। पिछले 11 ग्रैंड स्लैम ओपनिंग मुकाबलों में उन्होंने नौ जीत दर्ज की हैं। ग्रैंड स्लैम में उनकी कुल जीत का आंकड़ा 117 तक पहुंच चुका है जो किसी भी यूक्रेनी खिलाड़ी के लिए सबसे ज्यादा है।

    11वीं वरीयता प्राप्त मार्ता कोस्त्युक ने भी शानदार खेल दिखाया। उन्होंने स्टॉर्म हंटर को 67 मिनट में 6-4 6-1 से शिकस्त दी। कोस्त्युक ने मुकाबले के आखिरी पांच गेम लगातार जीते और पिछले आठ में से सात गेम अपने नाम किए। इस जीत के साथ इस सीजन में उनका रिकॉर्ड 33-8 हो गया है। मुकाबले में उन्होंने आठ ऐस और 22 विनर्स लगाए जबकि 12 अनफोर्स्ड एरर किए।

    19वीं वरीयता प्राप्त जैस्मीन पाओलिनी के लिए हालांकि मुकाबला आसान नहीं रहा। उन्हें वेरोनिका एर्जावेक के खिलाफ तीन सेट तक संघर्ष करना पड़ा। पाओलिनी ने 1 घंटे 46 मिनट में 6-3 3-6 6-4 से जीत हासिल की। दूसरे सेट में उनका प्रदर्शन कमजोर पड़ा लेकिन निर्णायक सेट में उन्होंने वापसी करते हुए मुकाबला अपने नाम कर लिया। पाओलिनी ने मैच में 36 विनर्स लगाए लेकिन 27 अनफोर्स्ड एरर भी किए। अब उनकी नजर यूएस ओपन में पहली बार क्वार्टर फाइनल तक पहुंचने पर होगी।

    18वीं वरीयता प्राप्त एकातेरिना अलेक्जेंड्रोवा ने मैककार्टनी केसलर को 6-2 6-2 से हराया जबकि 31वीं वरीयता प्राप्त लेयला फर्नांडीज ने झांग शुआई को 6-3 6-2 से मात दी। इन दोनों खिलाड़ियों ने भी बिना ज्यादा परेशानी के दूसरे दौर में प्रवेश किया।

    दिन का एक और रोमांचक मुकाबला पूर्व विश्व नंबर एक कैरोलिना प्लिस्कोवा ने खेला। बिना सीडिंग के उतर रहीं प्लिस्कोवा एक समय हैने वैंडेविंकेल के खिलाफ 2-6 2-5 से पीछे थीं और उनके सामने मैच प्वाइंट भी था। इसके बावजूद उन्होंने जबरदस्त वापसी की। प्लिस्कोवा ने लगातार नौ गेम जीतकर मुकाबले का रुख पलट दिया और 2 घंटे 30 मिनट में 2-6 7-5 6-3 से जीत हासिल की। इस जीत के साथ वह लगातार 10वें यूएस ओपन में दूसरे दौर तक पहुंचने में सफल रही हैं। इस तरह यूएस ओपन का पहला दिन कई बड़े सितारों की जीत और एक बड़े उलटफेर के साथ यादगार बन गया।

  • यूएस ओपन में जोकोविच को झटका, नवोन ने रचा इतिहास: पांच सेट की जंग के बाद दिग्गज को हराकर दूसरे दौर में बनाई जगह

    यूएस ओपन में जोकोविच को झटका, नवोन ने रचा इतिहास: पांच सेट की जंग के बाद दिग्गज को हराकर दूसरे दौर में बनाई जगह


    नई दिल्ली। यूएस ओपन 2026 की शुरुआत टेनिस जगत के सबसे बड़े उलटफेर के साथ हुई है। 24 बार के ग्रैंड स्लैम चैंपियन और चार बार के यूएस ओपन विजेता नोवाक जोकोविच को अर्जेंटीना के मारियानो नवोन ने टूर्नामेंट के पहले ही दौर में हराकर बाहर कर दिया। पांच सेट तक चले रोमांचक मुकाबले में नवोन ने जोकोविच को 7-6 5-7 4-6 6-2 6-1 से शिकस्त दी। यह मुकाबला 4 घंटे 36 मिनट तक चला और किसी भी ग्रैंड स्लैम के पहले दौर का अब तक का सबसे लंबा मैच बन गया।

    जोकोविच के लिए यह हार इसलिए भी बेहद निराशाजनक रही क्योंकि 2006 ऑस्ट्रेलियन ओपन के बाद पहली बार उन्हें किसी ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट के शुरुआती दौर में हार का सामना करना पड़ा है। 39 वर्षीय सर्बियाई खिलाड़ी मुकाबले की शुरुआत में पिछड़ने के बावजूद शानदार वापसी करने में सफल रहे थे। उन्होंने दूसरा और तीसरा सेट जीतकर मैच पर अपनी पकड़ बना ली थी। ऐसे में माना जा रहा था कि अनुभव के दम पर जोकोविच मुकाबला अपने नाम कर लेंगे लेकिन इसके बाद उनकी शारीरिक परेशानियां बढ़ती चली गईं।

    चौथे सेट में जोकोविच ने बढ़त बनाने की कोशिश की लेकिन नवोन ने शानदार वापसी की और सेट 6-2 से अपने नाम कर लिया। निर्णायक पांचवें सेट में अर्जेंटीना के खिलाड़ी ने कोई मौका नहीं दिया और 6-1 से सेट जीतकर इतिहास रच दिया। इस दौरान जोकोविच शारीरिक रूप से काफी संघर्ष करते नजर आए। उनकी ऊर्जा कम होती गई और मैच के दौरान उन्हें उल्टी और शरीर में दर्द जैसी परेशानियों का भी सामना करना पड़ा। कई मौकों पर उन्हें कोर्ट पर चलने फिरने में भी परेशानी दिखाई दी।

    दिलचस्प बात यह थी कि मुकाबले से पहले आंकड़े पूरी तरह जोकोविच के पक्ष में थे। पांच सेट वाले मुकाबलों में उनका रिकॉर्ड 42-12 था जबकि नवोन इससे पहले ऐसे किसी मुकाबले में जीत दर्ज नहीं कर सके थे। हार्ड कोर्ट पर भी नवोन का रिकॉर्ड ज्यादा प्रभावशाली नहीं था। इसके बावजूद अर्जेंटीना के खिलाड़ी ने दबाव के बीच बेहतरीन मानसिक मजबूती दिखाई और दिग्गज खिलाड़ी को मात दे दी।

    मैच के निर्णायक दौर में न्यूयॉर्क की भीड़ लगातार जोकोविच का हौसला बढ़ा रही थी। पांचवें सेट में जब उन्होंने एक गेम जीतकर स्कोर 1-3 किया तो दर्शकों की आवाज और तेज हो गई। इस दौरान जोकोविच बेसलाइन के पीछे खड़े होकर भावुक भी नजर आए। प्रशंसकों का समर्थन उन्हें मुकाबले में वापस लाने के लिए पर्याप्त नहीं रहा और नवोन ने कुछ ही देर बाद मैच खत्म कर दिया।

    निर्णायक प्वाइंट पर भी नवोन ने अपनी फुर्ती का शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने जोकोविच की ड्रॉप वॉली तक तेजी से पहुंचकर गेंद को खाली कोर्ट में भेज दिया और जीत पक्की कर ली। मुकाबला खत्म होने के बाद नवोन नेट पर पहुंचे और जोकोविच को गले लगाया। जोकोविच ने भी हार के बावजूद खेल भावना का परिचय दिया और कोर्ट से बाहर जाते समय प्रशंसकों को ऑटोग्राफ देकर उनका अभिवादन किया।

    नवोन के लिए यह जीत किसी सपने के सच होने जैसी रही। जोकोविच जैसे दिग्गज खिलाड़ी को ग्रैंड स्लैम में हराना उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हो गया है। वहीं जोकोविच के लिए यह हार इसलिए और बड़ा झटका है क्योंकि उनके पास अपना 25वां मेजर खिताब जीतकर इतिहास रचने का मौका था। लेकिन यूएस ओपन में उनका सफर पहले ही दौर में समाप्त हो गया।

  • दो सेट जीतकर भी मैच नहीं बचा पाए जोकोविच: उल्टी और ऐंठन ने बढ़ाई मुश्किलें, हार के बाद बोले- अनुभव बहुत बुरा था

    दो सेट जीतकर भी मैच नहीं बचा पाए जोकोविच: उल्टी और ऐंठन ने बढ़ाई मुश्किलें, हार के बाद बोले- अनुभव बहुत बुरा था


    नई दिल्ली। 24 बार के ग्रैंड स्लैम चैंपियन नोवाक जोकोविच के लिए यूएस ओपन 2026 का सफर बेहद निराशाजनक तरीके से खत्म हो गया। 39 साल के सर्बियाई स्टार को पहले ही राउंड में अर्जेंटीना के मारियानो नवोन के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। मुकाबले के दौरान जोकोविच लगातार शारीरिक परेशानियों से जूझते नजर आए। उन्हें उल्टी हुई और शरीर में ऐंठन के साथ दर्द की शिकायत भी रही। मैच खत्म होने के बाद जोकोविच ने कोर्ट पर अपने अनुभव को बेहद खराब बताया और कहा कि इस साल लगभग हर मैच में उन्हें ऐसी समस्याओं का सामना करना पड़ा है।

    जोकोविच के मुताबिक उल्टी के बाद उनका पूरा शरीर जवाब देने लगता है और खासतौर पर ऐंठन और दर्द की वजह से उनके लिए खेलना मुश्किल हो जाता है। इस मुकाबले में उनकी पीठ और कंधे ने भी आखिरकार उनका साथ छोड़ दिया। हालांकि शारीरिक परेशानियों के बावजूद उन्होंने मुकाबले में वापसी की कोशिश जारी रखी और एक समय मैच में मजबूत स्थिति बना ली थी। जोकोविच शुरुआती चरण में दो सेट अपने नाम कर चुके थे और चौथे सेट में भी एक ब्रेक की बढ़त हासिल कर चुके थे लेकिन इसके बाद उनकी शारीरिक परेशानी लगातार बढ़ती चली गई।

    जोकोविच ने बताया कि चौथे सेट के चौथे गेम से ही उन्हें लगातार संघर्ष करना पड़ रहा था। इसके बावजूद उन्होंने मुकाबला छोड़ने के बजाय आखिरी तक लड़ने का फैसला किया। उन्होंने माना कि एक समय उनके मन में मैच से हटने का विचार भी आया था लेकिन जब उन्होंने एक सेट जीत लिया और फिर तीसरे सेट में भी वापसी की तो उन्हें लगा कि शायद मुकाबला अभी बचाया जा सकता है। वह चौथे और पांचवें सेट में हार मानने के बजाय मैच को किसी भी तरह पूरा करना चाहते थे।

    इस हार के साथ जोकोविच के ग्रैंड स्लैम रिकॉर्ड में भी बड़ा बदलाव आया। 2006 के ऑस्ट्रेलियन ओपन के बाद से वह किसी ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट के शुरुआती राउंड में नहीं हारे थे। इससे पहले ग्रैंड स्लैम में उनकी शुरुआती दौर की हार 2005 के ऑस्ट्रेलियन ओपन में हुई थी। ऐसे में यूएस ओपन के पहले ही राउंड में मिली यह हार उनके लंबे और शानदार ग्रैंड स्लैम रिकॉर्ड के लिहाज से काफी बड़ी मानी जा रही है।

    मैच के आखिरी दौर में जोकोविच को न्यूयॉर्क के दर्शकों का जबरदस्त समर्थन मिला। निर्णायक सेट में जब वह 1-3 से पीछे चल रहे थे तब स्टेडियम में मौजूद दर्शक उनका हौसला बढ़ाते रहे। दर्शकों के समर्थन से जोकोविच भावुक भी नजर आए। चार बार के यूएस ओपन चैंपियन ने कहा कि भीड़ ने शुरुआत से ही उनका शानदार समर्थन किया और अहम पलों में उन्हें प्रोत्साहित करने की कोशिश की।

    जोकोविच ने दर्शकों के इस प्यार और समर्थन के लिए आभार जताया। हालांकि उन्होंने साफ कहा कि मैच और अपने शरीर के साथ उनका अनुभव बिल्कुल सुखद नहीं था। कोर्ट पर बिताया गया हर पल उन्हें बेहद कठिन लगा। उन्हें इस बात का भी अफसोस रहा कि वह दर्शकों के लिए वैसा प्रदर्शन नहीं कर पाए जैसा वह करना चाहते थे।

    दूसरी ओर जोकोविच ने मारियानो नवोन की जीत का पूरा श्रेय उन्हें दिया। उन्होंने अर्जेंटीना के खिलाड़ी को बधाई देते हुए उन्हें अच्छा इंसान और मजबूत फाइटर बताया। जोकोविच की इस हार ने जहां यूएस ओपन में बड़ा उलटफेर किया वहीं उनकी शारीरिक परेशानियों ने उनके भविष्य के ग्रैंड स्लैम अभियान को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल इस मुकाबले की सबसे बड़ी तस्वीर यही रही कि दो सेट जीतने और वापसी की तमाम कोशिशों के बावजूद शारीरिक समस्याओं के आगे जोकोविच को हार माननी पड़ी।

  • स्वियाटेक ने लौटाया अपना जलवा! रायबाकिना को सीधे सेटों में हराकर बनीं कैनेडियन ओपन चैंपियन

    स्वियाटेक ने लौटाया अपना जलवा! रायबाकिना को सीधे सेटों में हराकर बनीं कैनेडियन ओपन चैंपियन


    नई दिल्ली। पोलैंड की स्टार टेनिस खिलाड़ी इगा स्वियाटेक ने आखिरकार लंबे इंतजार के बाद खिताबी सूखा खत्म कर दिया है। स्वियाटेक ने कैनेडियन ओपन 2026 महिला एकल का खिताब अपने नाम कर लिया। टोरंटो में खेले गए फाइनल मुकाबले में सातवीं वरीयता प्राप्त स्वियाटेक ने दुनिया की नंबर दो खिलाड़ी एलेना रायबाकिना को सीधे सेटों में 6-2, 6-3 से मात दी। इस जीत के साथ स्वियाटेक ने इस सीजन की अपनी पहली ट्रॉफी हासिल की। उनके लिए यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि पिछले कुछ महीनों से उन्हें खिताब नहीं जीत पाने के कारण आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा था।

    फाइनल में स्वियाटेक ने शुरुआत से ही अपने खेल पर नियंत्रण बनाए रखा। पहले सेट में उन्होंने रायबाकिना पर दबाव बनाया और अपनी आक्रामकता के दम पर लगातार अंक जुटाए। दूसरी ओर रायबाकिना की गलतियों ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दीं। कजाकिस्तान की खिलाड़ी ने लगातार दो डबल फॉल्ट किए और इसके कारण महत्वपूर्ण ब्रेक पॉइंट गंवा दिया। स्वियाटेक ने मौके का फायदा उठाते हुए अपनी बढ़त मजबूत की और पहला सेट 6-2 से अपने नाम कर लिया।

    दूसरे सेट में भी मुकाबले की तस्वीर ज्यादा नहीं बदली। रायबाकिना को अपनी गलतियों का खामियाजा भुगतना पड़ा। उनके दो बैकहैंड शॉट चूकने से स्वियाटेक को एक और ब्रेक हासिल करने का मौका मिला और पोलिश खिलाड़ी ने इसे हाथ से जाने नहीं दिया। रायबाकिना ने वापसी की कोशिश जरूर की और एक चैंपियनशिप पॉइंट बचाने में भी सफल रहीं लेकिन स्वियाटेक ने अगले मौके पर मैच खत्म कर दिया। उन्होंने दूसरा सेट 6-3 से जीतकर खिताब पर कब्जा जमा लिया।

    स्वियाटेक के लिए यह जीत केवल एक ट्रॉफी नहीं बल्कि आत्मविश्वास लौटाने वाली उपलब्धि भी है। पिछले सितंबर के बाद यह उनका पहला खिताब है। लगातार खिताब से दूर रहने के कारण उनके प्रदर्शन पर सवाल उठ रहे थे लेकिन कैनेडियन ओपन में उन्होंने पूरे टूर्नामेंट के दौरान अपने खेल में निरंतरता दिखाई और फाइनल में भी दबाव के बीच बेहतरीन प्रदर्शन किया। अब उनकी नजर यूएस ओपन पर होगी और कैनेडियन ओपन की यह जीत उनके लिए ग्रैंड स्लैम से पहले मनोबल बढ़ाने वाली साबित हो सकती है।

    खिताब जीतने के बाद स्वियाटेक ने अपनी भावनाएं खुलकर जाहिर कीं। उन्होंने माना कि पिछले कुछ महीने उनके लिए आसान नहीं रहे हैं। ऑनलाइन और सोशल मीडिया पर लगातार होने वाली आलोचनाओं और लोगों की राय से निपटना उनके लिए चुनौतीपूर्ण रहा। इसके बावजूद उन्होंने अपने खेल में बदलाव करने और खुद को बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित किया। स्वियाटेक ने कहा कि उनके आसपास मौजूद लोगों का समर्थन उन्हें हर दिन आगे बढ़ने और अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए प्रेरित करता रहा।

    स्वियाटेक ने अपनी खिताबी जीत को उन लोगों को समर्पित किया जिन्हें गलत तरीके से जज किया जाता है या जिन्हें खेल और जिंदगी के दूसरे क्षेत्रों में नफरत का सामना करना पड़ता है। उन्होंने संदेश दिया कि नकारात्मक विचारों को खुद पर हावी होने देना सही नहीं है। इसके बजाय आगे बढ़ते रहना अपनी कोशिशों पर ध्यान देना और खुद पर भरोसा बनाए रखना जरूरी है।

    कैनेडियन ओपन की यह जीत स्वियाटेक के लिए एक नए दौर की शुरुआत भी मानी जा सकती है। लंबे अंतराल के बाद मिली ट्रॉफी ने उनके आत्मविश्वास को मजबूत किया है। अब सभी की नजरें इस बात पर होंगी कि वह इस लय को यूएस ओपन तक कैसे कायम रखती हैं और क्या इस जीत के बाद ग्रैंड स्लैम में भी अपना दबदबा दोबारा कायम कर पाती हैं।

  • सिनर की चोट ने बढ़ाई टेंशन, सिनसिनाटी ओपन से नाम लिया वापस; अब यूएस ओपन पर टिकी नजरें

    सिनर की चोट ने बढ़ाई टेंशन, सिनसिनाटी ओपन से नाम लिया वापस; अब यूएस ओपन पर टिकी नजरें


    नई दिल्ली । दुनिया के नंबर एक टेनिस खिलाड़ी यानिक सिनर को यूएस ओपन से पहले बड़ा झटका लगा है। इटली के स्टार खिलाड़ी ने दाहिने घुटने की चोट के कारण सिनसिनाटी ओपन से अपना नाम वापस ले लिया है। टूर्नामेंट आयोजकों ने सिनर के हटने की पुष्टि कर दी है। साल के आखिरी ग्रैंड स्लैम यूएस ओपन की तैयारियों के लिहाज से सिनर के लिए यह फैसला काफी अहम माना जा रहा है क्योंकि उन्हें हार्ड कोर्ट पर अपनी लय हासिल करने के लिए सिनसिनाटी ओपन में उतरना था। अब उनका पूरा ध्यान चोट से उबरने और यूएस ओपन के लिए खुद को फिट करने पर होगा।

    24 वर्षीय सिनर ने अपने फैसले के बारे में बताते हुए कहा कि डॉक्टरों और अपनी टीम से सलाह लेने के बाद उन्होंने सिनसिनाटी में होने वाले मास्टर्स 1000 टूर्नामेंट से हटने का फैसला किया। उन्होंने बताया कि उनके दाहिने घुटने में परेशानी है और मेडिकल टीम उनके साथ लगातार काम कर रही है। हालांकि अभी वह मुकाबले के लिए पूरी तरह तैयार नहीं हैं, इसलिए उन्होंने जोखिम लेने के बजाय आराम और रिकवरी को प्राथमिकता देने का फैसला किया है।

    सिनर के लिए यह इस महीने का दूसरा बड़ा हार्ड कोर्ट टूर्नामेंट होगा जिससे उन्हें बाहर रहना पड़ेगा। इससे पहले उन्होंने कैनेडियन ओपन से भी अपना नाम वापस लिया था। ऐसे में यूएस ओपन से पहले उनके पास प्रतिस्पर्धी मुकाबले के जरिए अपनी तैयारी मजबूत करने के मौके काफी कम हो गए हैं। पिछले महीने विंबलडन में अपना पांचवां ग्रैंड स्लैम खिताब जीतने के बाद सिनर से उम्मीद की जा रही थी कि वह नॉर्थ अमेरिका के हार्ड कोर्ट टूर्नामेंटों में शानदार प्रदर्शन करते हुए यूएस ओपन में अपने खिताब की रक्षा की तैयारी करेंगे।

    सिनर ने सिनसिनाटी ओपन से हटने पर निराशा भी जताई। उन्होंने कहा कि इस टूर्नामेंट में नहीं खेल पाना उनके लिए निराशाजनक है, लेकिन इस समय सबसे जरूरी पूरी तरह फिट होना है। उन्होंने संकेत दिया कि अब उनका ध्यान यूएस ओपन की तैयारी पर रहेगा और वह चोट को लेकर किसी तरह का जोखिम नहीं उठाना चाहते।

    सिनर के हटने से सिनसिनाटी ओपन की स्टार पावर को भी बड़ा झटका लगा है। इससे पहले यूएस ओपन चैंपियन कार्लोस अल्काराज भी कलाई की चोट के कारण टूर्नामेंट से बाहर हो चुके हैं। ऐसे में सिनसिनाटी के मुख्य ड्रॉ में दो बड़े नामों की गैरमौजूदगी ने टूर्नामेंट की तस्वीर बदल दी है। वहीं सिनर के लिए इसका सीधा असर यूएस ओपन की तैयारियों पर पड़ सकता है क्योंकि अब उन्हें हार्ड कोर्ट पर प्रतिस्पर्धी अभ्यास का सीमित अवसर मिलेगा।

    सिनसिनाटी ओपन का मेन ड्रॉ 13 अगस्त से शुरू होना है, जबकि यूएस ओपन का मेन ड्रॉ 30 अगस्त से शुरू होगा। ऐसे में सिनर के पास लगभग दो सप्ताह से थोड़ा अधिक समय रहेगा जिसमें उन्हें घुटने की समस्या से पूरी तरह उबरना होगा। उनके लिए चुनौती यह होगी कि वह बिना जल्दबाजी किए फिटनेस हासिल करें और यूएस ओपन में अपने खिताब की रक्षा के लिए कोर्ट पर उतरें।

    सिनर का इस समय चोट से बचने का फैसला उनके लंबे सीजन को देखते हुए भी महत्वपूर्ण है। लगातार बड़े टूर्नामेंट खेलने के बाद शरीर पर दबाव बढ़ना स्वाभाविक है और घुटने की समस्या को गंभीर होने से रोकने के लिए आराम करना जरूरी हो सकता है। अब टेनिस प्रशंसकों की नजर इस बात पर होगी कि सिनर अगले कुछ हफ्तों में कितनी तेजी से रिकवरी करते हैं और क्या वह यूएस ओपन में पूरी फिटनेस के साथ अपने अभियान की शुरुआत कर पाते हैं।

  • विराट संग क्रिकेट खेलना चाहते हैं नोवाक जोकोविच: बोले- भारत आकर कोहली से सीखूंगा बैटिंग तकनीक

    विराट संग क्रिकेट खेलना चाहते हैं नोवाक जोकोविच: बोले- भारत आकर कोहली से सीखूंगा बैटिंग तकनीक


    नई दिल्ली । दुनिया के महान टेनिस खिलाड़ियों में शामिल नोवाक जोकोविच ने भारतीय क्रिकेट स्टार विराट कोहली की जमकर तारीफ करते हुए कहा है कि वह जल्द भारत आने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने अपनी इच्छा जाहिर की कि भारत दौरे के दौरान वह विराट कोहली के साथ क्रिकेट और टेनिस दोनों खेलना चाहेंगे। जोकोविच ने कहा कि उनके मन में विराट और भारतीय क्रिकेट के प्रति बेहद सम्मान है और वह भारत आकर इस दोस्ती को और मजबूत बनाना चाहते हैं।

    एक बातचीत के दौरान जोकोविच ने कहा कि वह लंबे समय से भारत आने की योजना बना रहे हैं और इस संबंध में विराट कोहली से भी चर्चा हो चुकी है। उन्होंने कहा कि विराट केवल भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के सबसे बड़े खेल सितारों में शामिल हैं। यदि उन्हें भारत आने का अवसर मिला तो वह चाहेंगे कि विराट उनके मेजबान बनें और उन्हें देश की संस्कृति तथा प्रमुख स्थानों से परिचित कराएं।

    सर्बिया के रहने वाले जोकोविच ने बताया कि उनके देश में क्रिकेट लोकप्रिय खेल नहीं है, लेकिन उनकी टीम के कुछ सदस्य ब्रिटेन से हैं और उन्हें क्रिकेट का काफी शौक है। इसी वजह से पिछले कई वर्षों में उन्होंने क्रिकेट को समझने और उसके नियम सीखने की कोशिश की है। हालांकि उन्होंने मुस्कुराते हुए स्वीकार किया कि उनकी क्रिकेट तकनीक अभी भी बहुत बेहतर नहीं है और उन्हें उम्मीद है कि विराट कोहली उनकी बैटिंग तकनीक और बैट स्विंग सुधारने में मदद करेंगे।

    जोकोविच ने कहा कि विराट कोहली की खेल भावना, अनुशासन और मैदान पर समर्पण उन्हें हमेशा प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि भारतीय क्रिकेट ने विश्व खेल जगत में अपनी अलग पहचान बनाई है और उसके लिए उनके मन में विशेष सम्मान है। उन्होंने विश्वास जताया कि भारत आकर विराट के साथ समय बिताना उनके लिए यादगार अनुभव होगा।

    इस बीच जोकोविच ने विंबलडन में भी शानदार प्रदर्शन जारी रखा है। उन्होंने चौथे दौर के मुकाबले में रोमन सफीउलिन को हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। इस जीत के साथ उन्होंने विंबलडन पुरुष एकल में सबसे अधिक जीत दर्ज करने का नया रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। लगातार नौवीं बार विंबलडन के क्वार्टर फाइनल में पहुंचने वाले जोकोविच ने अपनी इस उपलब्धि को बेहद खास बताया।

    उन्होंने कहा कि विंबलडन उनके लिए केवल एक टूर्नामेंट नहीं बल्कि बचपन का सपना है। बचपन से ही वह यहां चैंपियन बनने और दुनिया का नंबर एक खिलाड़ी बनने का सपना देखते थे। सात बार विंबलडन का खिताब जीतना और इतने वर्षों तक लगातार शीर्ष स्तर पर खेलना उनके लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि सेंटर कोर्ट पर खेलने का अनुभव हमेशा उन्हें अतिरिक्त ऊर्जा और आत्मविश्वास देता है तथा वह इस वर्ष भी खिताब जीतने की पूरी कोशिश करेंगे।

    अब क्वार्टर फाइनल में जोकोविच का मुकाबला फेलिक्स ऑगर अलियासिमे और एलेजांद्रो डेविडोविच फोकिना के बीच होने वाले विजेता से होगा। टेनिस प्रेमियों की नजर एक बार फिर इस दिग्गज खिलाड़ी के अगले मुकाबले पर टिकी हुई है।

  • सीधे सेटों में जीते जेवरेव, बेरेटिनी और आर्थर फेरी ने भी अगले दौर का टिकट कटाया

    सीधे सेटों में जीते जेवरेव, बेरेटिनी और आर्थर फेरी ने भी अगले दौर का टिकट कटाया


    नई दिल्ली। विंबलडन 2026 में दूसरी वरीयता प्राप्त अलेक्जेंडर जेवरेव ने अपने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए पुरुष एकल के तीसरे दौर में जगह बना ली है। जर्मनी के स्टार खिलाड़ी ने फ्रांस के वैलेंटिन रॉयर को सीधे सेटों में 6-1, 6-3, 7-6(3) से हराकर जीत दर्ज की। वहीं इटली के माटेओ बेरेटिनी और मेजबान ब्रिटेन के युवा खिलाड़ी आर्थर फेरी ने भी अपने-अपने मुकाबले जीतकर अगले दौर का टिकट हासिल कर लिया।

    फ्रेंच ओपन चैंपियन जेवरेव ने मुकाबले की शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज अपनाया और पहले दो सेट बेहद आसानी से अपने नाम कर लिए। तीसरे सेट में रॉयर ने कड़ी चुनौती पेश की और मुकाबले को टाई-ब्रेक तक पहुंचा दिया, लेकिन निर्णायक क्षणों में जेवरेव का अनुभव भारी पड़ा। दो घंटे चार मिनट तक चले मुकाबले में उन्होंने संयम बनाए रखते हुए जीत अपने नाम कर ली।

    जीत के बाद जेवरेव ने कहा कि लगभग ढाई सेट तक उन्होंने अपना सर्वश्रेष्ठ टेनिस खेला। इसके बाद उनका ध्यान थोड़ा भटका, जिसका प्रतिद्वंद्वी ने फायदा उठाने की कोशिश की। उन्होंने माना कि ग्रैंड स्लैम के आगे के दौर में ऊर्जा बचाकर रखना बेहद जरूरी होता है और सीधे सेटों में मिली जीत उनके आत्मविश्वास को भी बढ़ाएगी। जेवरेव ने यह भी कहा कि विंबलडन हमेशा से उनका पसंदीदा टूर्नामेंट रहा है और इस बार वह यहां बड़ी सफलता हासिल करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

    इटली के माटेओ बेरेटिनी ने भी प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए फ्रांस के आर्थर फिल्स को 6-4, 7-5, 3-6, 6-3 से मात दी। 2021 के विंबलडन उपविजेता बेरेटिनी ने सेंटर कोर्ट पर दमदार सर्विस और शानदार शॉट्स से मुकाबले पर नियंत्रण बनाए रखा। तीसरा सेट गंवाने के बाद उन्होंने बेहतरीन वापसी करते हुए चौथा सेट जीत लिया और 2023 के बाद पहली बार विंबलडन के तीसरे दौर में प्रवेश किया।

    दिन का सबसे चर्चित प्रदर्शन ब्रिटेन के 23 वर्षीय आर्थर फेरी का रहा। उन्होंने फिनलैंड के ओटो विर्टानेन को 5-7, 7-6(3), 6-3, 6-3 से हराकर अपने करियर की सबसे बड़ी जीत दर्ज की। पहला सेट हारने के बाद फेरी ने शानदार वापसी करते हुए लगातार तीन सेट अपने नाम किए। इस उपलब्धि के साथ वह वर्ष 2000 के बाद विंबलडन पुरुष एकल के तीसरे दौर में पहुंचने वाले केवल चौथे ब्रिटिश वाइल्ड कार्ड खिलाड़ी बन गए हैं।

    फेरी का मुकाबला देखने के लिए प्रिंसेस ऑफ वेल्स भी कुछ समय तक स्टेडियम में मौजूद रहीं। हालांकि घरेलू दर्शकों और खास मेहमानों की मौजूदगी के बावजूद युवा खिलाड़ी पर किसी तरह का दबाव नहीं दिखा। उन्होंने पूरे आत्मविश्वास के साथ अपना खेल जारी रखा। हाल के सप्ताहों में भी उनकी फॉर्म शानदार रही है। वह बर्मिंघम और नॉटिंघम के ग्रास कोर्ट टूर्नामेंट के फाइनल तक पहुंचे थे और पहले दौर में चौथी वरीयता प्राप्त बेन शेल्टन को हराकर बड़ा उलटफेर भी कर चुके हैं।

    जीत के बाद फेरी ने कहा कि जिस इलाके में वह बड़े हुए वहां से कुछ ही मिनट की दूरी पर स्थित विंबलडन में खेलना उनके लिए किसी सपने के सच होने जैसा है। उन्होंने बताया कि स्टेडियम में परिवार, दोस्त और कई परिचितों की मौजूदगी ने उन्हें अतिरिक्त आत्मविश्वास दिया। अब तीसरे दौर में उनकी कोशिश इस शानदार लय को बरकरार रखते हुए अपने यादगार अभियान को आगे बढ़ाने की होगी।

  • Italian Open 2026: कोको गॉफ ने मिरा एंड्रीवा को हराकर सेमीफाइनल में बनाई जगह, रोम में दिखाया दमदार कमबैक

    Italian Open 2026: कोको गॉफ ने मिरा एंड्रीवा को हराकर सेमीफाइनल में बनाई जगह, रोम में दिखाया दमदार कमबैक


    नई दिल्ली। इटली की राजधानी रोम में चल रहे इटैलियन ओपन में महिला टेनिस का रोमांच चरम पर है। इस टूर्नामेंट में दुनिया की नंबर 3 खिलाड़ी Coco Gauff ने रूस की युवा स्टार Mirra Andreeva को एक कड़े मुकाबले में हराकर सेमीफाइनल में जगह बना ली है।
    यह मैच बेहद उतार-चढ़ाव भरा रहा, जिसमें गॉफ को जीत हासिल करने के लिए पांच मैच पॉइंट्स तक का संघर्ष करना पड़ा। मुकाबला 4-6, 0-2 की मुश्किल स्थिति से शुरू होकर गॉफ के शानदार कमबैक के साथ खत्म हुआ और उन्होंने तीसरे सेट में 6-4 से जीत दर्ज की।
    पहले सेट में एंड्रीवा ने आक्रामक शुरुआत करते हुए बढ़त बना ली थी और लगातार विनर्स के साथ गॉफ को दबाव में रखा। वहीं दूसरे सेट में गॉफ ने अपनी रणनीति बदली और एंड्रीवा की गलतियों का फायदा उठाते हुए मैच को निर्णायक सेट तक पहुंचा दिया।
    तीसरे सेट में शुरुआत में गॉफ 5-1 से आगे थीं, लेकिन एंड्रीवा ने वापसी की कोशिश की और मुकाबले को और रोमांचक बना दिया। हालांकि, दबाव के क्षणों में गॉफ ने संयम बनाए रखा और मैच अपने नाम कर लिया।
    इस जीत के साथ कोको गॉफ का यह सीजन और मजबूत हो गया है। यह उनका लगातार तीसरा WTA 1000 सेमीफाइनल है, जिसमें दुबई और मियामी ओपन भी शामिल हैं। इस जीत के साथ उन्होंने अपने करियर का 15वां WTA 1000 सेमीफाइनल भी हासिल किया।
    अब सेमीफाइनल में गॉफ का सामना रोमानिया की खिलाड़ी Sorana Cirstea से होगा, जो उनके लिए एक और चुनौतीपूर्ण मुकाबला साबित हो सकता है। गौरतलब है कि पिछले साल भी कोको गॉफ ने इसी टूर्नामेंट के फाइनल तक का सफर तय किया था, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। ऐसे में इस बार उनकी नजर खिताब जीतने पर टिकी है।

  • ऑस्ट्रेलियन ओपन फाइनल को लेकर बड़ा खुलासा, ईशान-अर्शदीप किसे बनाना चाहते हैं चैंपियन

    ऑस्ट्रेलियन ओपन फाइनल को लेकर बड़ा खुलासा, ईशान-अर्शदीप किसे बनाना चाहते हैं चैंपियन

    नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलियन ओपन 2026 का पुरुष एकल फाइनल टेनिस प्रेमियों के लिए किसी महायुद्ध से कम नहीं है। रविवार को मेलबर्न पार्क में 24 बार के ग्रैंड स्लैम विजेता सर्बिया के दिग्गज नोवाक जोकोविच और स्पेन के युवा स्टार कार्लोस अल्काराज आमने-सामने होंगे। यह मुकाबला न सिर्फ खिताब का फैसला करेगा, बल्कि टेनिस इतिहास में एक नए अध्याय की शुरुआत भी कर सकता है। एक ओर जहां जोकोविच अपने 25वें ग्रैंड स्लैम खिताब की ओर बढ़ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर अल्काराज करियर ग्रैंड स्लैम पूरा करने के बेहद करीब हैं।

    ईशान किशन को पसंद आया अल्काराज का आक्रामक अंदाज
    भारतीय क्रिकेट टीम के विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन ने इस फाइनल में कार्लोस अल्काराज को समर्थन दिया है। बीसीसीआई द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा किए गए वीडियो में ईशान ने कहा कि अल्काराज का खेलने का अंदाज उन्हें खासा पसंद है। उनके मुताबिक, “अल्काराज जिस तरह से खेलते हैं, वह हमारे क्रिकेट खेलने के तरीके जैसा है। वह तेज खेलते हैं, गैप मिलते ही शॉट मारते हैं और ज्यादा इंतजार नहीं करते।” किशन का मानना है कि यही आक्रामकता और मौके भुनाने की क्षमता बड़े मैचों में अल्काराज को खतरनाक बनाती है।

    पहले ऑस्ट्रेलियन ओपन खिताब की तलाश में अल्काराज
    ईशान किशन ने यह भी कहा कि अल्काराज अपना पहला ऑस्ट्रेलियन ओपन खिताब जीतने की कोशिश में हैं और इसी वजह से वह उनके पक्ष में हैं। 22 वर्षीय अल्काराज पहले ही फ्रेंच ओपन, विंबलडन और यूएस ओपन जीत चुके हैं। अगर वह मेलबर्न में खिताब जीतते हैं, तो सबसे कम उम्र में करियर ग्रैंड स्लैम पूरा करने वाले खिलाड़ी बन जाएंगे। अब तक यह रिकॉर्ड स्पेन के ही दिग्गज राफेल नडाल के नाम है, जिन्होंने 24 साल की उम्र में यह उपलब्धि हासिल की थी।

    अर्शदीप सिंह का भरोसा ‘आइसमैन’ जोकोविच पर
    वहीं भारतीय टीम के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह की पसंद ईशान से बिल्कुल अलग है। अर्शदीप ने नोवाक जोकोविच को अपना फेवरेट बताया है। उन्होंने साफ कहा, “मैं आइसमैन यानी जोकोविच को सपोर्ट कर रहा हूं।” जोकोविच का अनुभव, मानसिक मजबूती और बड़े मैचों में दबदबा उन्हें इस मुकाबले में बेहद खतरनाक बनाता है।

    दो पीढ़ियों की ऐतिहासिक जंग
    ऑस्ट्रेलियन ओपन 2026 का यह फाइनल दो पीढ़ियों के बीच टकराव का प्रतीक है। एक तरफ अनुभव और रिकॉर्ड्स से सजे जोकोविच हैं, तो दूसरी ओर युवा जोश और आक्रामक खेल के पर्याय अल्काराज। अगर जोकोविच जीतते हैं, तो वह 25 ग्रैंड स्लैम के साथ टेनिस इतिहास के सबसे सफल खिलाड़ी बन जाएंगे। वहीं अल्काराज की जीत उन्हें भविष्य का निर्विवाद सुपरस्टार बना देगी। ऐसे में फैंस को एक यादगार और रोमांचक फाइनल की पूरी उम्मीद है।