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  • Pakistan: कराची में भीषण आतंकी हमला, 6 आतंकवादी और 4 रेंजर्स ढेर…एक पकड़ाया

    Pakistan: कराची में भीषण आतंकी हमला, 6 आतंकवादी और 4 रेंजर्स ढेर…एक पकड़ाया


    कराची।
    पाकिस्तान (Pakistan) के सबसे बड़े शहर कराची (Karachi) में शनिवार रात एक बड़ा आतंकी हमला (Terrorist Attack) हुआ. आतंकियों ने सिंध रेंजर्स के मुख्यालय पर धावा बोल दिया. सुरक्षा बलों की त्वरित कार्रवाई में छह आतंकवादी (Six Terrorists) मार गिराए गए, जबकि एक हमलावर को जिंदा पकड़ लिया गया. करीब 90 मिनट तक चली इस मुठभेड़ में चार रेंजर्स की भी मौत हो गए. अक्टूबर 2024 के बाद कराची में यह पहला बड़ा आतंकी हमला माना जा रहा है, जिसने एक बार फिर पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    विश्वसनीय सुरक्षा सूत्रों के अनुसार प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) से जुड़े आतंकी संगठन जमात-उल-अहरार के सात आतंकियों ने शनिवार रात करीब 8:30 बजे कराची के घनी आबादी वाले गुलिस्तान-ए-जौहर इलाके में स्थित सिंध रेंजर्स के भिट्टाई विंग मुख्यालय पर हमला किया. आतंकियों ने पहले विस्फोटकों से भरे वाहन को मुख्य गेट से टकराकर परिसर में प्रवेश किया और इसके बाद हैंड ग्रेनेड फेंकते हुए अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी. हमले के तुरंत बाद रेंजर्स के जवानों ने मोर्चा संभाल लिया।

    बाद में स्पेशल सिक्योरिटी यूनिट (एसएसयू) के कमांडो और एंटी टेररिस्ट फोर्स (एटीएफ) की टीमें भी मौके पर पहुंच गईं. संयुक्त अभियान के दौरान करीब डेढ़ घंटे तक भीषण गोलीबारी हुई, जिसके बाद सुरक्षा बलों ने छह आतंकियों को मार गिराया और एक घायल हमलावर को जिंदा गिरफ्तार कर लिया. हालांकि इस मुठभेड़ में चार रेंजर्स जवानों ने भी अपनी जान गंवा दी. घटना के बाद पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया. रेंजर्स मुख्यालय के आसपास की सभी सड़कों को बंद कर दिया गया और स्थानीय लोगों को घरों के भीतर रहने की सलाह दी गई।


    हमले की जिम्मेदारी जमात-उल-अहरार ने ली

    सुरक्षा अभियान के दौरान आसपास के कुछ इलाकों में बिजली आपूर्ति भी बाधित रही. बचाव और राहत एजेंसियों को भी तत्काल मौके पर भेजा गया ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके. हमले की जिम्मेदारी जमात-उल-अहरार ने ली है. यह संगठन टीटीपी का एक कट्टरपंथी धड़ा है, जो मुख्य रूप से पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी प्रांत खैबर पख्तूनख्वा में सक्रिय रहा है. यह संगठन पहले भी सुरक्षा बलों, सरकारी प्रतिष्ठानों और आम नागरिकों पर कई बड़े हमले कर चुका है. हालांकि हाल के वर्षों में इसकी गतिविधियां सीमित मानी जा रही थीं, लेकिन कराची में हुआ यह हमला संगठन की नई रणनीति की ओर इशारा करता है. सिंध के पुलिस महानिरीक्षक जावेद आलम ओधो ने बताया कि शुरुआती जांच से पुष्टि हुई है कि आतंकी एक वाहन में सवार होकर आए थे और मुख्य गेट को तोड़कर परिसर में घुसे।

    उन्होंने कहा कि हमला शुरू होते ही रेंजर्स के जवानों ने तत्काल जवाबी कार्रवाई की और आतंकियों को आगे बढ़ने का मौका नहीं दिया. उन्होंने यह भी बताया कि हमले के दौरान जोरदार विस्फोट की आवाज सुनी गई थी, जिसकी जांच की जा रही है. सिंध के मुख्यमंत्री मुराद अली शाह ने घटना का संज्ञान लेते हुए पुलिस महानिदेशक और कराची के अतिरिक्त पुलिस महानिरीक्षक से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है. वहीं रेस्क्यू 1122 सिंध ने बताया कि गुलिस्तान-ए-जौहर ब्लॉक-5 के पास विस्फोट की सूचना मिलते ही राहत और बचाव दलों को मौके पर रवाना कर दिया गया था।


    अक्टूबर 2024 में बड़ा आतंकी हमला हुआ था

    कराची में इससे पहले अक्टूबर 2024 में बड़ा आतंकी हमला हुआ था, जब कराची एयरपोर्ट के पास हुए आत्मघाती विस्फोट में दो चीनी इंजीनियरों की मौत हो गई थी. उस हमले की जिम्मेदारी बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने ली थी. वहीं टीटीपी का कराची में पिछला बड़ा हमला फरवरी 2023 में हुआ था, जब आतंकियों ने कराची पुलिस कार्यालय पर हमला किया था. यह हमला ऐसे समय हुआ है जब पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है. पाकिस्तान लंबे समय से अफगानिस्तान की तालिबान सरकार पर टीटीपी आतंकियों को सुरक्षित पनाह देने का आरोप लगाता रहा है।

    पाकिस्तान का दावा है कि अफगान सीमा पार मौजूद टीटीपी के ठिकानों से लगातार हमलों की साजिश रची जाती है. इसके जवाब में पाकिस्तान की सेना हाल के महीनों में अफगानिस्तान के भीतर कथित टीटीपी ठिकानों पर कई कार्रवाई भी कर चुकी है. ऐसे में कराची में हुआ यह हमला पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था के सामने एक नई चुनौती के रूप में देखा जा रहा है।

  • बलूचिस्तान में बड़ा हमला: सेना के जवानों और नागरिकों को ले जा रही ट्रेन बनी निशाना

    बलूचिस्तान में बड़ा हमला: सेना के जवानों और नागरिकों को ले जा रही ट्रेन बनी निशाना



    नई दिल्ली। पाकिस्तान के अशांत प्रांत बलूचिस्तान की राजधानी क्वेटा में रविवार को एक भीषण बम धमाके से हड़कंप मच गया। यह धमाका उस समय हुआ जब सेना के जवानों और उनके परिवारों को लेकर जा रही एक ट्रेन चमन फाटक के पास से गुजर रही थी। शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार इस हमले में कम से कम 24 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 50 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं।

    पाकिस्तानी पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक मरने वालों में सेना के जवान और आम नागरिक दोनों शामिल हैं। धमाका इतना शक्तिशाली था कि ट्रेन के दो डिब्बे पटरी से उतरकर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए और उनमें आग लग गई।

    प्रत्यक्षदर्शियों और सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में घटनास्थल से घना काला धुआं उठता देखा गया, जबकि राहत और बचाव दल मलबे में फंसे लोगों को निकालने में जुटे रहे। कई घायल यात्रियों को स्ट्रेचर के जरिए अस्पताल पहुंचाया गया, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।

    अधिकारियों के अनुसार यह ट्रेन क्वेटा से पेशावर की ओर जा रही थी और उसमें जवान अपने परिवारों के साथ ईद की छुट्टियां मनाने के लिए यात्रा कर रहे थे। धमाके के बाद पूरे इलाके को सुरक्षा बलों ने घेर लिया और जांच शुरू कर दी गई है।

    फिलहाल किसी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन बलूचिस्तान में लंबे समय से सक्रिय अलगाववादी और उग्रवादी गुटों की गतिविधियों को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां सभी संभावनाओं की जांच कर रही हैं।

    बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे बड़ा लेकिन सबसे पिछड़ा प्रांत माना जाता है, जहां लंबे समय से अलगाववादी आंदोलन और सुरक्षा बलों के बीच तनाव की स्थिति बनी रहती है। इस घटना ने एक बार फिर क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • खैबर पख्तूनख्वा में भीषण बम धमाका: 9 की मौत, कई घायल; पाकिस्तान में सुरक्षा हालात पर फिर उठे सवाल

    खैबर पख्तूनख्वा में भीषण बम धमाका: 9 की मौत, कई घायल; पाकिस्तान में सुरक्षा हालात पर फिर उठे सवाल



    नई दिल्ली। पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में मंगलवार को एक भीषण विस्फोट की घटना सामने आई, जिसमें कम से कम 9 लोगों की मौत हो गई और 20 से अधिक लोग घायल हो गए। यह धमाका लक्की मारवत जिले के एक भीड़भाड़ वाले बाजार में हुआ, जहां रोजमर्रा की तरह काफी भीड़ मौजूद थी। शुरुआती जानकारी के अनुसार, विस्फोट एक लोडर रिक्शा में लगाए गए विस्फोटक उपकरण के फटने से हुआ।

    स्थानीय पुलिस और बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंचे और घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। कई घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। धमाके के बाद पूरे इलाके को घेरकर जांच शुरू कर दी गई है और बम निरोधक दस्ता (Bomb Disposal Unit) सबूत जुटाने में लगा हुआ है।

    पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यह विस्फोट उस समय हुआ जब बाजार में सामान्य गतिविधियां चल रही थीं, जिससे जान-माल का नुकसान ज्यादा हुआ। सुरक्षा एजेंसियां इस बात की जांच कर रही हैं कि क्या यह हमला किसी आतंकी संगठन द्वारा किया गया है या इसके पीछे कोई स्थानीय नेटवर्क शामिल है।

    इससे पहले भी खैबर पख्तूनख्वा में कई सुरक्षा घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिसमें पुलिस चौकियों और सुरक्षा बलों को निशाना बनाया गया था। हाल ही में बन्नू जिले में हुए एक हमले में कई पुलिसकर्मियों की मौत हुई थी, जिससे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे थे।

    पाकिस्तान सरकार और सुरक्षा एजेंसियों ने इस घटना की जांच तेज कर दी है और इलाके में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों की पहचान कर जल्द कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल यह धमाका पाकिस्तान में लगातार बढ़ती सुरक्षा चुनौतियों की ओर इशारा करता है, जहां आम नागरिक बार-बार हिंसा और विस्फोटों का शिकार हो रहे हैं।

  • खैबर पख्तूनख्वा में पुलिस चौकी पर बड़ा आतंकी हमला, 21 जवानों की मौत; अस्पतालों में इमरजेंसी

    खैबर पख्तूनख्वा में पुलिस चौकी पर बड़ा आतंकी हमला, 21 जवानों की मौत; अस्पतालों में इमरजेंसी


    नई दिल्ली। पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में शनिवार रात बड़ा आतंकी हमला हुआ, जिसमें कम से कम 21 पुलिसकर्मियों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल बताए जा रहे हैं। हमला बन्नू जिले की एक पुलिस चौकी पर किया गया, जहां पहले विस्फोटकों से भरी कार में जोरदार धमाका किया गया और उसके बाद घात लगाकर फायरिंग शुरू कर दी गई। इस हमले के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई और सरकारी अस्पतालों में आपातकाल घोषित कर दिया गया।

    रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमलावरों ने पहले सुरक्षा चौकी के पास बारूद से भरी गाड़ी को उड़ा दिया। धमाका इतना तेज था कि पुलिस पोस्ट का बड़ा हिस्सा मलबे में तब्दील हो गया। इसके बाद हथियारबंद विद्रोहियों ने चौकी पर धावा बोल दिया और भारी गोलीबारी शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि हमले के दौरान ड्रोन का भी इस्तेमाल किया गया, जिससे सुरक्षा एजेंसियों की चिंता और बढ़ गई है।

    स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, धमाके के बाद जब अतिरिक्त पुलिस बल और राहत टीमें मौके पर पहुंचीं, तब हमलावरों ने उन पर भी घात लगाकर हमला कर दिया। इस वजह से मृतकों की संख्या तेजी से बढ़ी। कई घायल पुलिसकर्मियों को बन्नू के सरकारी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां इमरजेंसी लागू कर दी गई है।

    इस हमले की जिम्मेदारी ‘इत्तेहाद-उल-मुजाहिदीन पाकिस्तान’ नाम के हथियारबंद संगठन ने ली है। बन्नू जिला अफगानिस्तान सीमा से लगा हुआ है और लंबे समय से आतंकियों तथा विद्रोही गुटों की गतिविधियों का केंद्र माना जाता रहा है। आशंका जताई जा रही है कि हमलावर वारदात को अंजाम देने के बाद सीमा पार अफगानिस्तान की ओर भाग निकले।

    घटना के बाद सामने आई तस्वीरों में पूरी पुलिस चौकी तबाह नजर आई। इलाके में ईंटों, जली हुई गाड़ियों और मलबे के ढेर दिखाई दिए। धमाके से आसपास के रिहायशी इलाकों को भी नुकसान पहुंचा और कुछ आम नागरिकों के घायल होने की खबर है।

    सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे इलाके को घेरकर सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। पाकिस्तान में हाल के महीनों में सुरक्षा बलों पर हमलों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है, खासकर खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान जैसे संवेदनशील इलाकों में। इस हमले के बाद अफगान सीमा से जुड़े इलाकों में सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है।