Tag: terrorist attack

  • Flydubai को-पायलट पर विमान क्रैश कराने की साजिश का आरोप, UAE ने आतंकी हमले के प्रयास के तौर पर शुरू की जांच

    Flydubai को-पायलट पर विमान क्रैश कराने की साजिश का आरोप, UAE ने आतंकी हमले के प्रयास के तौर पर शुरू की जांच

    नई दिल्ली: दुबई से तेल अवीव जा रही Flydubai की फ्लाइट FZ1073 में भारतीय मूल के कैप्टन Smit Machchhar पर हमला करने वाले ओमानी को-पायलट हमाम-अल-हम्मामी की पहचान सामने आई है। UAE के अटॉर्नी जनरल ने इस मामले को कथित तौर पर आतंकवादी हमले के प्रयास के तौर पर जांच के दायरे में रखा है। जांच से जुड़ी जानकारी के अनुसार, पूछताछ के दौरान हमाम-अल-हम्मामी ने कथित रूप से स्वीकार किया कि वह विमान को क्रैश करना चाहता था। मामले में को-पायलट द्वारा कैप्टन पर किए गए हमले और विमान को दुर्घटनाग्रस्त कराने की कथित साजिश की जांच जारी है।

    फ्लाइट जब हवा में थी, उसी दौरान ओमानी को-पायलट ने कैप्टन Smit Machchhar पर अचानक चाकू या किसी अन्य धारदार हथियार से हमला कर दिया। हमले के बाद विमान की स्थिति अचानक गंभीर हो गई और वह हजारों फीट नीचे की ओर जाने लगा। इस घटना के बाद विमान को सुरक्षित रखने और स्थिति को नियंत्रित करने की कार्रवाई की गई। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि हमाम-अल-हम्मामी ने कथित तौर पर विमान को क्रैश कराने की कोशिश क्यों की और इस घटना के पीछे उसकी क्या मंशा थी। UAE के प्रॉसिक्यूटर जनरल के अनुसार, पूछताछ में को-पायलट ने इस घटना को आतंकवादी हमले के तौर पर अंजाम देने की कोशिश किए जाने की बात स्वीकार की है।

    जांच के दौरान हमाम-अल-हम्मामी के पुराने रिकॉर्ड और गतिविधियों की भी पड़ताल की जा रही है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, पिछले साल ओमान की राष्ट्रीय एयरलाइन Oman Air ने कथित तौर पर उसके कट्टरपंथी विचारों के कारण उसे प्रशिक्षण से जुड़ी भूमिका से हटा दिया था। जांच अधिकारियों को उसके निजी सामान से ‘फ्री फिलिस्तीन’ से जुड़े पर्चे और फिलिस्तीन समर्थक दस्तावेज मिलने की बात भी सामने आई है। बताया गया है कि वह सार्वजनिक और निजी तौर पर लगातार फिलिस्तीन के समर्थन तथा इजरायल के विरोध में बातें करता रहा था। इन तथ्यों की जांच मौजूदा मामले के संदर्भ में की जा रही है।

    रिपोर्टों के अनुसार, हमाम-अल-हम्मामी के पुराने सोशल मीडिया अकाउंट्स की भी जांच की गई है। इनमें अल-कायदा से जुड़े लोगों की तस्वीरें और अन्य संदिग्ध सामग्री मिलने की बात कही गई है। जांच एजेंसियां इस सामग्री और उसके कथित विचारों के बीच संबंधों की पड़ताल कर रही हैं। साथ ही यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि विमान को नुकसान पहुंचाने की कथित कोशिश केवल उसकी व्यक्तिगत कार्रवाई थी या इसके पीछे किसी अन्य व्यक्ति, संगठन या नेटवर्क की भूमिका थी। मामले में संभावित संपर्कों और निर्देशों की भी जांच जारी है।

    इस घटना को लेकर UAE में जांच का दायरा अब को-पायलट की कार्रवाई से आगे बढ़कर कथित साजिश और संभावित नेटवर्क तक पहुंच गया है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या हमाम-अल-हम्मामी को किसी अन्य व्यक्ति से निर्देश मिले थे या किसी बड़े नेटवर्क से उसका संबंध था। फिलहाल जांच में सामने आए उसके कथित कबूलनामे, निजी सामान, पुराने सोशल मीडिया अकाउंट्स और पूर्व गतिविधियों को अलग-अलग पहलुओं से देखा जा रहा है। विमान में कैप्टन Smit Machchhar पर हमला और फ्लाइट को कथित तौर पर क्रैश कराने की कोशिश इस जांच का मुख्य केंद्र बनी हुई है।

  • कोलंबिया में बस में भीषण धमाका, 14 की मौत; सरकार ने बताया आतंकी हमला

    कोलंबिया में बस में भीषण धमाका, 14 की मौत; सरकार ने बताया आतंकी हमला


    नई दिल्ली! दक्षिण-पश्चिमी कोलंबिया में शनिवार को एक यात्री बस को निशाना बनाकर किए गए भीषण विस्फोट में कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई, जबकि 38 से अधिक यात्री घायल हो गए। कोलंबियाई सेना ने इस घटना को आतंकी हमला बताया है।

    यह धमाका काउका क्षेत्र के काजिबियो नगर स्थित पैनअमेरिकन हाईवे पर उस समय हुआ, जब बस वहां से गुजर रही थी। स्थानीय प्रशासन के अनुसार विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि बस के परखच्चे उड़ गए और आसपास का इलाका दहल उठा।

    घायलों में बच्चे भी शामिल

    काउका क्षेत्र की स्वास्थ्य अधिकारी कैरोलिना कामार्गो ने बताया कि घायलों में पांच बच्चे भी शामिल हैं। सभी घायलों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज जारी है, जबकि कई लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है।

    आतंकी गुटों पर आरोप

    कोलंबिया सेना के कमांडर जनरल ह्यूगो लोपेज ने हमले के लिए इवान मोर्दिस्को गिरोह और जैमी मार्टिनेज गुट को जिम्मेदार ठहराया है। ये दोनों गुट पूर्व विद्रोही संगठन एफएआरसी (FARC) के असंतुष्ट धड़े माने जाते हैं, जिन्होंने वर्ष 2016 के शांति समझौते को स्वीकार नहीं किया था।

    राष्ट्रपति की कड़ी प्रतिक्रिया

    कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने हमले की निंदा करते हुए कहा कि निर्दोष नागरिकों, विशेषकर आदिवासी समुदाय के लोगों को निशाना बनाना आतंकवाद है। उन्होंने हमलावरों को मादक पदार्थ तस्करी से जुड़े हिंसक गिरोह बताया।

    क्षेत्र में बढ़ रही हिंसा

    दक्षिण-पश्चिमी कोलंबिया में हाल के दिनों में हिंसा की घटनाएं लगातार बढ़ी हैं। रिपोर्ट के अनुसार पिछले दो दिनों में ही क्षेत्र में 26 से अधिक हिंसक घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें सार्वजनिक ढांचे और आम नागरिकों को निशाना बनाया गया।

    मेक्सिको में भी गोलीबारी

    इसी बीच मेक्सिको में भी एक अलग घटना सामने आई है। टियोटिहुआकन पिरामिड परिसर में एक हथियारबंद व्यक्ति ने पर्यटकों पर गोलीबारी कर दी। इस हमले में एक कनाडाई नागरिक की मौत हो गई, जबकि 13 अन्य लोग घायल बताए जा रहे हैं। बाद में हमलावर ने खुद को गोली मार ली।

    घायलों में विभिन्न देशों के नागरिक शामिल हैं और सभी का उपचार जारी है।

  • सिडनी शूटआउट के बाद इजरायलियों के लिए 'अर्जेंट एडवाइजरी'  सुरक्षा को लेकर जारी हुए नए निर्देश

    सिडनी शूटआउट के बाद इजरायलियों के लिए 'अर्जेंट एडवाइजरी' सुरक्षा को लेकर जारी हुए नए निर्देश


    नई दिल्ली । ऑस्ट्रेलिया के सिडनी स्थित बोंडी बीच पर हनुका उत्सव के दौरान हुई गोलीबारी की घटना ने इजरायल सरकार को गंभीर सुरक्षा कदम उठाने के लिए मजबूर कर दिया है। इस घटना में अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है। इजरायल की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने अपने नागरिकों को विदेश यात्रा करते समय खास सुरक्षा दिशानिर्देश जारी किए हैं।

    इन दिशानिर्देशों में मुख्य रूप से सामूहिक आयोजनों से बचने की सलाह दी गई है विशेषकर उन स्थानों पर जहां सुरक्षा व्यवस्था ठीक से लागू नहीं हो पाती। इसके अलावा यहूदी और इजरायली स्थलों के आसपास सतर्कता बढ़ाने का आह्वान किया गया है और यात्रियों को संदिग्ध व्यक्तियों या वस्तुओं की जानकारी तुरंत स्थानीय सुरक्षा बलों को देने की सलाह दी गई है।

    इस बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने यहूदी-विरोधी भावना को रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए और इसके परिणामस्वरूप यहूदियों पर हमले हुए। नेतन्याहू ने यह भी कहा कि तुष्टीकरण की बजाय कड़ी कार्रवाई की आवश्यकता है।

    सिडनी में हुई इस गोलीबारी के बाद ऑस्ट्रेलिया की सरकार ने बंदूक कानूनों को सख्त करने की योजना बनाई है। राष्ट्रीय बंदूक समझौते पर फिर से चर्चा की जाएगी और नए कानून पारित करने के लिए एनएसडब्ल्यू संसद को जल्द बुलाया जा सकता है। प्रमुख सुधारों में बंदूकों की अधिकतम संख्या को सीमित करना कानूनी बंदूकों के प्रकारों पर प्रतिबंध लगाना और बंदूक लाइसेंस के लिए ऑस्ट्रेलियाई नागरिकता अनिवार्य करना शामिल है। यह घटनाक्रम न केवल इजरायल और ऑस्ट्रेलिया के बीच सुरक्षा संबंधों को प्रभावित कर रहा है बल्कि इसने दुनिया भर में आतंकवादी हमलों और बंदूक नियंत्रण पर नए सिरे से बहस शुरू कर दी है।

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संसद भवन पर आतंकी हमले में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संसद भवन पर आतंकी हमले में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी


    मध्य प्रदेश/3 दिसंबर 2001 को संसद भवन पर हुआ आतंकी हमला भारतीय लोकतंत्र पर एक बड़ा हमला था, जिसमें आतंकियों ने संसद भवन में घुसने का प्रयास किया और भारी गोलाबारी शुरू कर दी। इस हमले में सुरक्षा बलों के जवानों ने अदम्य साहस और वीरता का परिचय दिया। कई जवानों ने अपनी जान की आहुति देकर संसद भवन और देश की सुरक्षा को सुनिश्चित किया।
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस अवसर पर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि यह घटना भारतीय इतिहास में एक काले दिन के रूप में याद की जाती है। डॉ. यादव ने यह भी कहा कि आतंकवाद का सामना करते हुए हमारे वीर जवानों ने न केवल अपने प्राणों की आहुति दी, बल्कि देश के स्वाभिमान की रक्षा भी की। यह बलिदान देशवासियों के लिए हमेशा प्रेरणा का स्रोत रहेगा।
    मुख्यमंत्री ने कहा, “हमारे पराक्रमी जवानों ने उस समय आतंकवादियों को कड़ी टक्कर दी और आतंकियों को मौके पर ही ढेर कर दिया। आज पूरा देश उन जवानों की वीरता को याद कर रहा है। यह घटना हम सभी को यह याद दिलाती है कि देश की रक्षा करने वाले सुरक्षा बलों के जवान अपने प्राणों की आहुति देने से भी पीछे नहीं हटते।
    शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए मुख्यमंत्री ने उनके साहस और बलिदान को नमन किया और कहा कि उनका योगदान देश के लिए अविस्मरणीय है। “हम सभी शहीदों की वीरता को सलाम करते हैं, और उनकी बलिदान की भावना को अपने दिलों में हमेशा जिंदा रखते हैं।”
    यह हमला उस समय हुआ था जब संसद में एक सत्र चल रहा था और इसमें कई महत्वपूर्ण नेता उपस्थित थे। आतंकवादियों का मकसद संसद में घुसकर बड़े पैमाने पर आतंक फैलाना था, लेकिन सुरक्षा बलों की तत्परता और साहस ने उन्हें नाकाम कर दिया। इस हमले में 9 सुरक्षा कर्मी और 5 आतंकवादी मारे गए थे, जिनमें से कई जवानों ने अपने प्राणों की आहुति दी थी।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि यह शहीद जवानों के परिवारों के लिए सबसे कठिन समय था, और उनके परिवारों का संघर्ष और बलिदान भी कभी भुलाया नहीं जाएगा। उन्होंने शहीदों के परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त की और कहा कि राज्य सरकार हर संभव मदद देने के लिए तत्पर है।
    आज पूरा देश उन जवानों की वीरता को याद कर रहा है जिन्होंने अपने प्राणों की आहुति देकर हमें सुरक्षा प्रदान की। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने का संकल्प लिया और कहा कि हम सभी को इस प्रकार के हमलों को नाकाम करने के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए।

  • Somalia में बड़ा आतंकी हमला, मोगादिशु के हयात होटल में घुसे आतंकवादी, 10 लोगों की मौत

    Somalia में बड़ा आतंकी हमला, मोगादिशु के हयात होटल में घुसे आतंकवादी, 10 लोगों की मौत


    मोगादिशु।
    सोमालिया (Somalia) में आतंकी समूह अल-शबाब (Al-Shabaab) के बंदूकधारियों ने एक होटल (Hotel) पर हमला कर दिया. इस घटना में 10 लोगों की मौत हो गई है तो वहीं करीब 9 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. घटना मोहादिशु (Mogadishu) की है जहां हयात होटल पर बंदूकधारियों ने गोलियों की बौछार कर दो कारों में विस्फोट किया. वहीं, अल-कायदा (Al-Qaeda) से जुड़े अल-शबाब समूह ने हमले की जिम्मेदारी ली है।

    एक सुरक्षा अधिकारी ने कहा कि, होटल हयात (Hotel Hyatt) में अब भी आतंकी घुसे हुए हैं और सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ जारी है. उन्होंने बताया होटल हयात पर हमले की सूचना मिलने पर मौके पर सुरक्षा बल पहुंचा जिसके बाद जिहादी समूह लड़ाकों और सुरक्षा बलों के बीच मुठभेड़ शुरू हुई. इन बंदूकधारियों के हयात होटल में घुसने से करीब एक मिनट पहले बड़ा धमाका हुआ था।


    दो सुरक्षा अधिकारी घायल हुए

    वहीं, पुलिस मेजर हसन दाहिर ने बताया कि, सुरक्षा बल और जिहादी समूह लड़ाकों के बीच हुई मुठभेड़ में मोगादिशु के खुफिया प्रमुख मुहीदीन मोहम्मद समेत दो सुरक्षा अधिकारी घायल हो गए हैं. वहीं, घटना के वक्त मौजूद लोगों के मुताबिक, पहले विस्फोट के कुछ मिनट बाद दूसरा विस्फोट हुआ. इन विस्फोटो के चलते सुरक्षा बलों के कुछ सदस्य और नागरिक हताहत हुए. एक शख्स ने बताया, घटना के बाद से इलाके भर में घेराबंदी कर दी गई है।


    पहला भी कर चुका है आतंकी समूह हमला

    वहीं, इस पूरी घटना की अल-कायदा से जुड़े अल-शबाब समूह ने जिम्मेदारी ली है. आतंकी समूह ने समर्थक वेबसाइट पर एक बयान में कहा, अल शबाब हमलावरों का एक समूह मोगादिशु में होटल हयात में घुस गया है और इस वक्त वो गोलीबारी कर रहे हैं. बता दें, सोमालिया सरकार के खिलाफ आतंकी संगठन का ये पहला हमला नहीं है. इससे पहले भी कई भयानक विस्फोटों को ये आतंकी समूह अंजाम दे चुका है।