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  • इशाक डार की अफगानिस्तान को चेतावनी…. बोले- अपनी धरती से पाक में होने आतंकी हमलों की रोके

    इशाक डार की अफगानिस्तान को चेतावनी…. बोले- अपनी धरती से पाक में होने आतंकी हमलों की रोके


    इस्लामाबाद।
    पाकिस्तान (Pakistan) ने सोमवार को अफगानिस्तान (Afghanistan) की तालिबान सरकार से आग्रह किया कि वह अपनी धरती से पाकिस्तान के अंदर होने वाले आतंकी हमलों (Terrorist attacks) को रोके। पाकिस्तान ने चेतावनी दोहराई कि यही सशस्त्र समूह अंततः तालिबान के अपने शासन के लिए भी खतरा बन सकते हैं। पड़ोसी देशों के बीच सीमा पर बार-बार झड़पों और पाकिस्तानी हवाई हमलों के कारण तनाव बढ़ गया है। इससे आतंकी गतिविधियों को लेकर लंबे समय से चला आ रहा विवाद गहरा गया है।

    सितंबर में संयुक्त राष्ट्र मिशन इन अफगानिस्तान ने बताया था कि इस साल अफगानिस्तान में सीमा पार हिंसा से 1,100 से अधिक नागरिकों की मौतें और चोटें दर्ज की गई हैं। पाकिस्तानी टेलीविजन पर प्रसारित एक थिंक टैंक में अपने भाषण में विदेश मंत्री इशाक डार ने कहा कि उन्होंने जुलाई 2025 में काबुल यात्रा के दौरान अफगान प्रधान मंत्री मुल्ला मोहम्मद हसन अखुंद को एक बार चेतावनी दी थी।

    डार ने कहा, “मैंने उन्हें विनम्रता से याद दिलाया कि यदि अफगान अधिकारी अपने क्षेत्र से संचालित होने वाले आतंकवादी समूहों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने में विफल रहते हैं, तो वह दिन आएगा जब यही समूह उनकी सरकार को भी धमकी देंगे।” उन्होंने अफगानिस्तान की प्रतिक्रिया का कोई विवरण नहीं दिया।


    क्या हैं अफगानिस्तान के आरोप और पाकिस्तान की प्रतिक्रिया?

    अफगान सरकार के प्रवक्ता जाबिहुल्लाह मुजाहिद ने एक्स पर एक पोस्ट में पाकिस्तान के आरोपों को खारिज कर दिया। उन्होंने पाकिस्तानी अधिकारियों पर बातचीत को कमजोर करने और समाधानों पर प्रचार को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया।

    मुजाहिद ने लिखा, “पाकिस्तानी अधिकारियों द्वारा अपनी विफलताओं के लिए अफगानिस्तान को दोषी ठहराना किसी भी समस्या का समाधान नहीं है।” पाकिस्तान के सूचना मंत्रालय ने मुजाहिद की टिप्पणियों को खारिज कर दिया।

    मंत्रालय ने एक्स पर कहा कि इस्लामाबाद बातचीत के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन प्रगति के लिए काबुल को अपनी आतंकवाद विरोधी प्रतिबद्धताओं को पूरा करना होगा। साथ ही, आतंकी ठिकानों और समर्थन नेटवर्क के खिलाफ सत्यापन योग्य कार्रवाई करनी होगी।


    पाकिस्तान किन आतंकी समूहों पर लगाता है आरोप?

    पाकिस्तान अक्सर काबुल पर तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) को पनाह देने का आरोप लगाता है। इसके अलावा, प्रतिबंधित बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) और अल-कायदा इन द इंडियन सबकॉन्टिनेंट को भी पनाह देने का आरोप है। टीटीपी अफगानिस्तान के सत्तारूढ़ तालिबान से अलग है, लेकिन उससे घनिष्ठ रूप से संबद्ध है।

    अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने पाकिस्तान को निशाना बनाने वाले आतंकियों को सुरक्षित पनाहगाह देने से बार-बार इन्कार किया है। डार ने कहा कि काबुल के प्रति पाकिस्तान के राजनयिक और आर्थिक प्रयासों से उसकी केंद्रीय सुरक्षा मांग पर कोई सार्थक प्रगति नहीं हुई है। यह मांग अफगान धरती से संचालित होने वाले आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई की है।


    सीमा पार से हमलों का क्या है पैमाना?

    डार ने कहा कि पाकिस्तान एक स्थिर और समृद्ध अफगानिस्तान चाहता है, लेकिन सीमा पार से लगातार आतंकी खतरे को अब और नजरअंदाज नहीं कर सकता। उन्होंने कहा, “पाकिस्तान के अंदर हमले सीमा पार से नियोजित, निर्देशित और शुरू किए जाते हैं।”

    डार ने बताया कि पाकिस्तान की सेना ने अफगानिस्तान के साथ 2,600 किलोमीटर से अधिक लंबी सीमा पर बाड़ का लगभग 95 फीसदी काम पूरा कर लिया है। यह बाड़ 2017 में आतंकियों के सीमा पार हमलों के बाद शुरू की गई थी। डार ने टीटीपी को पाकिस्तान के सबसे गंभीर सुरक्षा खतरों में से एक बताया। उन्होंने स्कूलों, मस्जिदों, बाजारों और सुरक्षा प्रतिष्ठानों पर हमलों का हवाला दिया।

    पाकिस्तान का कहना है कि जनवरी से 2,800 से अधिक आतंकी हमलों में लगभग 3,000 लोग मारे गए या घायल हुए हैं। सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार ने हिंसा में वृद्धि के लिए अफगानिस्तान स्थित आतंकियों, विशेषकर टीटीपी को जिम्मेदार ठहराया।

    तरार ने संयुक्त राष्ट्र और स्वतंत्र आकलन का हवाला देते हुए कहा कि अफगानिस्तान में 6,000 से अधिक टीटीपी लड़ाके और कुल मिलाकर 20,000 से अधिक आतंकी मौजूद हैं। उन्होंने टीटीपी पर 2021 में अफगान तालिबान के सत्ता में लौटने के बाद से पाकिस्तान पर हमले करने के लिए अफगान क्षेत्र का उपयोग करने का आरोप लगाया।

  • गणतंत्र दिवस से पहले दिल्ली समेत कई शहरों में आतंकी हमले की साजिश… सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

    गणतंत्र दिवस से पहले दिल्ली समेत कई शहरों में आतंकी हमले की साजिश… सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट


    नई दिल्ली।
    दिल्ली (Delhi) में लालकिला ब्लास्ट (Red Fort blast) के बाद से सतर्क खुफिया एजेंसियों (Intelligence agencies.) ने गणतंत्र दिवस (गणतंत्र दिवस) से पहले दिल्ली समेत कई राज्यों में बांग्लादेशी आतंकियों (Bangladeshi terrorists) के हमले को लेकर अलर्ट जारी किया है। एजेंसियों को सतर्क किया गया है कि बांग्लादेशी आतंकी संगठन और खालिस्तान समर्थित संगठन तबाही की साजिश रच रहे हैं।

    दिल्ली सहित पूरे उत्तर भारत में सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट मोड में रहने की सलाह दी गई है। साथ ही इन आतंकी संगठनों पर पैनी नजर रखने को कहा गया है।


    एक साथ निशाना बनाने की साजिश

    खुफिया इनपुट के मुताबिक, आतंकी संगठन दिल्ली समेत देश के कई शहरों को एक साथ निशाना बनाने की साजिश रच रहे हैं। अलर्ट में कहा गया कि गणतंत्र दिवस से ठीक पहले उत्तर भारत के कुछ शहरों में सक्रिय गैंगस्टरों की इसमें विशेष भूमिका हो सकती है।


    पंजाब के गिरोह मदद कर रहे

    सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क करते हुए कहा गया कि पंजाब में सक्रिय स्थानीय अपराधिक गिरोह और उनके सरगना पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई की मदद से देश में तबाही मचाने की कोशिश कर रहे हैं।


    स्लीपर सेल भी सक्रिय

    खुफिया एजेंसियों के अनुसार, कुछ स्लीपर सेल और गैंगस्टरों के गुर्गे विदेश से संचालित खालिस्तान समर्थक और कट्टरपंथी संगठनों के आकाओं के इशारे पर काम कर रहे हैं। ये तत्व कट्टरपंथी युवाओं को खालिस्तान समर्थक संदिग्धों से जोड़ने की भी कोशिश कर रहे हैं।


    आईएसआई की भूमिका

    खालिस्तानी संगठनों, बांग्लादेशी आतंकी समूहों के एजेंडे को आगे बढ़ाने में आईएसआई सक्रिय है। आंतरिक सुरक्षा पर हमला करने के लिए आपराधिक नेटवर्क के इस्तेमाल की योजना है। ये संदिग्ध गैंगस्टर हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में सक्रिय हैं और खालिस्तानी आतंकी तत्वों से संपर्क बढ़ा रहे हैं।


    दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी, चार मॉक ड्रिल की गईं

    दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। पुलिस ने संवेदनशील इलाकों में मॉक ड्रिल कर सुरक्षा तैयारियों का आकलन किया। जनवरी के पहले पखवाड़े में चार मॉक ड्रिल आयोजित की गईं। इन मॉक ड्रिल में लाल किला, आईएसबीटी कश्मीरी गेट, चांदनी चौक, खारी बावली, सदर बाजार और मेट्रो स्टेशन जैसे संवेदनशील स्थान शामिल रहे। इसका उद्देश्य आतंकी घटनाओं से निपटने की तैयारी मजबूत करना और आम लोगों को सतर्क करना है।


    कार धमाके में 15 मरे थे

    दिल्ली में पिछले वर्ष 10 नवंबर को लालकिले के करीब मेट्रो स्टेशन के पास कार में आतंकी हमला हुआ था। इस हमले में 15 लोगों की मौत हुई थी। इस मामलें में डॉक्टर समेत कई आरोपी गिरफ्तार किए गए थे।