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  • Pak: आतंकी संगठनों में अब महिलाओं की हो रही भर्ती… हनी ट्रैप की भी दी जा रही ट्रेनिंग

    Pak: आतंकी संगठनों में अब महिलाओं की हो रही भर्ती… हनी ट्रैप की भी दी जा रही ट्रेनिंग


    नई दिल्ली।
    भारत (India) की केंद्रीय खुफिया एजेंसियों (Intelligence agencies) के ताजा आकलन में पाकिस्तान (Pakistan) स्थित आतंकी संगठनों (Terrorist organizations) की रणनीति में बड़ा बदलाव सामने आया है। खुफिया इनपुट के अनुसार, आतंकी संगठन अब महिलाओं की सुनियोजित तरीके से भर्ती के लिए गुप्त प्रशिक्षण कार्यक्रम चला रहे हैं। इन प्रशिक्षण मॉड्यूल का उद्देश्य महिलाओं को आतंकवादी नेटवर्क में अलग-अलग भूमिकाओं के लिए तैयार करना है।

    ये प्रशिक्षण कार्यक्रम 2 से 4 सप्ताह तक चलते हैं और इन्हें व्यावसायिक प्रशिक्षण तथा जीवन कौशल सिखाने के नाम पर आयोजित किया जाता है। हालांकि, वास्तविक मकसद महिलाओं को आतंकी संगठनों के लिए तैयार करना है। एजेंसियों के अनुसार, इन कार्यक्रमों के लिए बैच बनाए जाते हैं। कुछ चुनिंदा मदरसों को भी इस अभियान का हिस्सा बनाया जाता है।

    इन स्थानों पर आने वाली महिला परिजनों के जरिए भर्ती और प्रशिक्षण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है। प्रशिक्षण कार्यक्रम का प्रचार ऐसे किया जाता है कि यह मजबूत आस्था और उद्देश्यपूर्ण जीवन जीने की इच्छा रखने वाली महिलाओं के लिए है। इसके जरिए धार्मिक प्रतिबद्धता व व्यक्तिगत विकास को प्रमुख उद्देश्य बताकर महिलाओं को आकर्षित किया जाता है।


    ड्रोन संचालन की ट्रेनिंग

    प्रशिक्षण में महिलाओं को विभिन्न भूमिकाओं के लिए तैयार किया जा रहा है। इनमें शामिल हैं बैक-एंड लॉजिस्टिक और ऑपरेशनल सपोर्ट, तकनीकी सहायता, ड्रोन संचालन, खुफिया जानकारी जुटाना, हनी-ट्रैप के जरिए लक्ष्यों को फंसाना और समझौता कराने जैसी गतिविधियां। यह व्यवस्था आतंकियों को जमीनी स्तर पर मजबूत बैक-एंड सपोर्ट उपलब्ध कराने के उद्देश्य से तैयार की जा रही है।


    कई ठिकाने चिन्हित

    खुफिया एजेंसियों ने बहावलपुर, फैसलाबाद सहित आधा दर्जन से अधिक ऐसे स्थानों की पहचान की है, जहां महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ये इलाके पिछले दो दशकों से विभिन्न आतंकी संगठनों के प्रशिक्षण और लॉजिस्टिक केंद्र माने जाते रहे हैं।


    ऑपरेशन सिंदूर के बाद रणनीति में बदलाव

    खुफिया अधिकारियों का कहना है ऑपरेशन सिंदूर के बाद आतंकियों की भर्ती रणनीति में यह बड़ा बदलाव देखा गया है। महिलाओं की पहचान उनकी क्षमता और भूमिका के आधार पर की जा रही है और उन्हें विशेष कार्यों के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है।

  • इस्राइल के विदेश मंत्री बोले- 'हमास का लश्कर से संबंध….. भारत इसे आतंकवादी संगठन घोषित करे

    इस्राइल के विदेश मंत्री बोले- 'हमास का लश्कर से संबंध….. भारत इसे आतंकवादी संगठन घोषित करे


    तेल अवीव।
    इस्राइल के विदेश मंत्री गिदोन सार (Israeli Foreign Minister Gideon Saar) ने कहा कि यरूशलम और नई दिल्ली (Jerusalem and New Delhi) के बीज संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के संबंधों में सकारात्मक बदलाव दिख रहा है।

    गिदोन सार ने एक्स पर एक पोस्ट में बताया कि उन्होंने एक वैश्विक प्रतिनिधिमंडल के साथ जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि उन्हें दुनिया भर से आए सम्मानित हिंदू नेताओं के एक समूह को जानकारी देने का अवसर मिला। इस बातचीत में उन्होंने क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति और इस्राइल से जुड़े संघर्ष की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस्राइल पिछले ढाई साल से इस्लामी चरमपंथ के खिलाफ एक गंभीर युद्ध लड़ रहा है, जिसका लक्ष्य इस्राइल को खत्म करना है। उन्होंने इसे एक ‘बहुत बड़ा खतरा’ बताया।

    सार ने यह भी कहा कि इस्राइल ने कई मोर्चों पर बढ़त हासिल की है और उसने इस्लामी चरमपंथ के ‘आतंकी नेटवर्क’ को काफी कमजोर किया है, जिसका नेतृत्व ईरान करता है। उन्होंने कहा कि इस संघर्ष का असर पश्चिम एशिया से बाहर भी देखने को मिलेगा। भारत के साथ सुरक्षा सहयोग का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भारत को हमास को एक आतंकवादी संगठन घोषित करना चाहिए।

    उन्होंने कहा कि हमास के संबंध अन्य चरमपंथी संगठनों से हैं, जिनमें लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) भी शामिल है। इस्राइली विदेश मंत्री ने कहा कि इस तरह के संगठनों के बीच वैश्विक स्तर पर जुड़ाव है और ये मिलकर काम करते हैं। इस्राइल पहले ही लश्कर-ए-तैयबा को आतंकवादी संगठन घोषित कर चुका है और वह चाहता है कि भारत भी हमास को उसी तरह सूचीबद्ध करे। इस्राइल के विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि भारत सरकार इन नेटवर्क और उनके संबंधों के बारे में जानकारी रखती है।

    उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के आईआरजीसी, हमास और हिजबुल्ला जैसे संगठन अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क की मदद से हमले करते हैं। अधिकारी ने कहा कि आमतौर पर ईरानी एजेंट सीधे यूरोप में हमला नहीं करते, बल्कि वे किसी स्थानीय आपराधिक समूह के जरिये हमला करवाते हैं।

    एक अन्य अधिकारी ने कहा कि अगर भारत सिर्फ यह घोषणा भी करता है, तो इसका वैश्विक स्तर पर बड़ा असर होगा, क्योंकि बांग्लादेश, पाकिस्तान और मालदीव जैसे देश भारत के रुख को देखते हैं और उसी के अनुसार प्रतिक्रिया देते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इससे यह संदेश जाएगा कि भारत की जमीन पर ऐसे किसी भी व्यक्ति को काम करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।