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  • कुलगाम में आतंकियों ने दो गैर-स्थानीय मजदूरों को मारी गोली, एक की मौत, दूसरा गंभीर

    कुलगाम में आतंकियों ने दो गैर-स्थानीय मजदूरों को मारी गोली, एक की मौत, दूसरा गंभीर


    श्रीनगर।
    दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले में आतंकवादियों ने एक बार फिर गैर-स्थानीय मजदूरों को निशाना बनाया। केलम क्षेत्र में गुरुवार शाम आतंकियों की गोलीबारी में दो मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां एक मजदूर ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया, जबकि दूसरे की हालत गंभीर बनी हुई है।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, केलम इलाके में काम कर रहे दो गैर-स्थानीय मजदूरों पर अज्ञात आतंकियों ने अचानक गोलीबारी कर दी। घटना के बाद दोनों घायल मजदूरों को अस्पताल ले जाया गया। चिकित्सकों ने एक मजदूर को मृत घोषित कर दिया, जबकि दूसरे का उपचार जीएमसी अनंतनाग में जारी है।

    घटना के तुरंत बाद पुलिस, सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर संयुक्त तलाशी अभियान शुरू कर दिया। हमलावर आतंकियों की तलाश के लिए इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।

    हाल के वर्षों में गैर-स्थानीय लोगों पर प्रमुख आतंकी हमले

    • 31 जुलाई 2026, केलम (कुलगाम): दो गैर-स्थानीय मजदूरों पर गोलीबारी, एक की मौत और एक गंभीर रूप से घायल।
    • 22 अप्रैल 2025, बैसरन (पहलगाम): पर्यटकों और गैर-स्थानीय लोगों पर आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत।
    • 20 अक्टूबर 2024, गगनगीर (गांदरबल): जेड-मोड़ सुरंग परियोजना शिविर पर हमले में छह गैर-स्थानीय मजदूर और एक चिकित्सक की हत्या।
    • 17 अप्रैल 2024, बिजबिहाड़ा (अनंतनाग): बिहार निवासी गैर-स्थानीय विक्रेता राजा शाह की गोली मारकर हत्या।
    • 7-8 फरवरी 2024, हब्बा कदल (श्रीनगर): पंजाब के दो गैर-स्थानीय मजदूरों अमृतपाल सिंह और रोहित मसीह की आतंकियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।

    सुरक्षा एजेंसियों ने घटना की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों की पहचान कर उन्हें जल्द पकड़ने के लिए व्यापक अभियान जारी है।

  • PAK: आतंकियों ने विस्फोटक से भरी गाड़ी सुरक्षा चौकी से टकराई, 12 सैनिकों समेत 15 की मौत

    PAK: आतंकियों ने विस्फोटक से भरी गाड़ी सुरक्षा चौकी से टकराई, 12 सैनिकों समेत 15 की मौत


    इस्लामाबाद ।
    पाकिस्तानी सेना (Pakistan Army) ने शुक्रवार (24 जुलाई) को बताया कि उत्तर-पश्चिमी पाकिस्तान (North-western Pakistan) में इस्लामी आतंकवादियों (Islamic Terrorists) ने विस्फोटकों से भरी एक गाड़ी को सुरक्षा चौकी से टकरा दिया. इस हमले में 12 सैनिकों समेत 15 लोगों की मौत हो गई. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, सेना ने बताया कि जवाबी कार्रवाई में 12 आतंकवादी भी मारे गए।

    सेना और पुलिस की ओर से ज्वाइंट रूप से संचालित इस चौकी पर हमला गुरुवार और शुक्रवार की दरमियानी रात अफगानिस्तान की सीमा के पास टैंक जिले में हुआ. यह इलाका लंबे समय से इस्लामी आतंकवादियों का गढ़ रहा है।

    आतंकवाद के गढ़ के तौर पर जाने जाने वाले पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में हाल के महीनों में आतंकी गतिविधियों के मामले काफी बढ़े हैं. सेना की ओर से जारी बयान में बताया गया कि सुरक्षाबलों ने आतंकवादियों का मुकाबला किया. जब आतंकवादी चौकी की सुरक्षा को भेदने में नाकाम रहे तो उन्होंने विस्फोटकों से भरी गाड़ी को चौकी की बाहरी दीवार से टकरा दिया।

    स्थानीय तालिबान आतंकवादियों यानी तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान ने हमले की जिम्मेदारी ली है. संगठन ने एक बयान जारी कर दावा किया कि हमले में चार आत्मघाती हमलावर शामिल थे. TTP लंबे समय से पाकिस्तानी सरकार के खिलाफ लड़ाई लड़ रहा है.

    अफगानिस्तान पर लगाता रहा है आरोप
    पाकिस्तान लंबे समय से आरोप लगाता रहा है कि आतंकवादी अफगानिस्तान में मौजूद सुरक्षित ठिकानों का इस्तेमाल ट्रेनिंग लेने और पाकिस्तान में हमलों की योजना बनाने के लिए करते हैं. दूसरी तरफ अफगानिस्तान इन आरोपों से इनकार करता रहा है. अफगानिस्तान का कहना है कि आतंकवाद पाकिस्तान की घरेलू समस्या है. तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान 2007 से पाकिस्तानी सरकार के खिलाफ विद्रोह कर रहा है. संगठन का उद्देश्य सरकार को उखाड़ फेंकना और इस्लामी कानून लागू करना है.

  • J&K: सुरक्षा बलों ने LoC पर घुसपैठ की कोशिश को किया नाकाम… आतंकियों को खदेड़ा

    J&K: सुरक्षा बलों ने LoC पर घुसपैठ की कोशिश को किया नाकाम… आतंकियों को खदेड़ा


    श्रीनगर।
    जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) के राजौरी जिले (Rajouri district) में नियंत्रण रेखा (LoC) पर शनिवार को सुरक्षा बलों ने मुस्तैदी दिखाते हुए घुसपैठ (Infiltration) की एक संभावित कोशिश को नाकाम कर दिया। अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, सीमा पर तैनात सेना के जवानों ने एक संदिग्ध गतिविधि देखने के बाद फायरिंग शुरू कर दी। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार यह घटना शुक्रवार रात करीब 10 बजे राजौरी के तारकुंडी फॉरवर्ड एरिया में हुई।

    सीमा की रखवाली कर रहे सतर्क जवानों ने कुछ संदिग्ध आतंकवादियों को भारतीय सीमा में घुसने की कोशिश करते देखा, जिसके बाद सैनिकों ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए छोटे हथियारों से फायरिंग शुरू कर दी। भारतीय सेना की इस कार्रवाई के बाद सीमा पार पाकिस्तान की ओर से भी जवाबी फायरिंग की गई। दोनों तरफ से यह गोलाबारी करीब डेढ़ घंटे तक रुक-रुक कर चलती रही। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इस पूरी घटना में भारतीय पक्ष की ओर से किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान की कोई खबर नहीं है।


    इलाके में हाई अलर्ट, तलाशी अभियान शुरू

    शनिवार सुबह होते ही सेना ने पूरे तारकुंडी और उसके आस-पास के इलाकों की घेराबंदी कर एक बड़ा सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। इस अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि रात के अंधेरे और गोलीबारी का फायदा उठाकर कोई घुसपैठिए भारतीय क्षेत्र में छिपने में कामयाब तो नहीं रहा। फिलहाल पूरे इलाके को कड़े पहरे में रखा गया है और आधुनिक उपकरणों के जरिए निगरानी को काफी बढ़ा दिया गया है।

    आपको बता दें कि जैसलमेर जिला प्रशासन ने भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे इलाकों में सरकारी जमीन पर बनी छह कथित अवैध मस्जिदों और मदरसों की इमारतों को अतिक्रमण रोधी अभियान के तहत हटा दिया। यह कार्रवाई बीते गुरुवार को प्रशासन के ‘ऑपरेशन क्लीन’ के तहत नाचना, तनोट और शाहगढ़ इलाकों में की गई। अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान मीरपुर, हिंदोलों की ढाणी, अहमदपुरा और धानाना जैसे गांवों में चलाया गया। राजस्व, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में जेसीबी का इस्तेमाल कर इन ढांचों को हटा दिया गया।

    प्रशासन के अनुसार, जिन निर्माण या ढांचों को ढहाया गया वे सरकारी जमीन पर बनाए गए थे, जिसमें पोंग बांध परियोजना से विस्थापित परिवारों के लिए आरक्षित जमीन भी शामिल है। इसने कहा कि जिन गांवों या ढाणियों में अभियान चला गया वे अंतरराष्ट्रीय सीमा के लगभग 50 किलोमीटर के दायरे में आते हैं। सीमावर्ती क्षेत्र की संवेदनशीलता को देखते हुए ‘ऑपरेशन’ के दौरान पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की भारी तैनाती रही।

  • J&K में तेज हुआ आतंकवाद रोधी अभियान…जगहृ-जगह चप्पा किए आतंकियों के पोस्टर

    J&K में तेज हुआ आतंकवाद रोधी अभियान…जगहृ-जगह चप्पा किए आतंकियों के पोस्टर


    जम्मू।
    जम्मू-कश्मीर पुलिस (Jammu and Kashmir Police) ने आतंकवाद रोधी अभियान (Anti-Terrorism Operations) तेज करते हुए डोडा जिले (Doda district) में सक्रिय आतंकवादियों के बारे में सूचना देने के संबंध में कई अहम स्थानों पर पोस्टर चस्पा किए हैं। अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि इनमें प्रतिबंधित संगठन जैश-ए-मोहम्मद के पाकिस्तानी कमांडर सैफुल्लाह का नाम भी शामिल है।

    हालिया मुठभेड़ और क्षेत्र में आतंकवादियों की मौजूदगी से जुड़ी खुफिया जानकारी मिलने के बाद जम्मू संभाग के ऊंचाई वाले इलाकों में सुरक्षा अभियान तेज कर दिए गए हैं। इसी क्रम में यह कदम उठाया गया है।पोस्टर डोडा के प्रवेश बिंदु पर गणपत पुल, नागरी, डेसा और ठाठरी समेत प्रमुख चौक-चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर लगाए गए हैं।

    अधिकारियों ने बताया कि जनसहभागिता बढ़ाने के लिए संवेदनशील इलाकों में और भी नोटिस लगाए जा रहे हैं। इस बीच, शनिवार सुबह सुरक्षा बलों ने डोडा के गांदो क्षेत्र के चिल्ली जंगल में आंतकवादियों के एक ठिकाने का भंडाफोड़ किया। वहां से खाने-पीने का सामान और कंबल बरामद किए गए। अधिकारियों के अनुसार आसपास के जंगलों में तलाशी अभियान और तेज कर दिया गया है।

    उन्होंने कहा कि संदिग्धों की तस्वीरों और संक्षिप्त विवरण वाले पोस्टरों के जरिये आम लोगों से कोई भी विश्वसनीय सूचना को पुलिस के साथ साझा करने की अपील की गई है। साथ ही सूचना देने वालों की पहचान गोपनीय रखने और सुरक्षा सुनिश्चित करने का आश्वासन भी दिया गया है।

    अधिकारियों ने बताया कि यह पोस्टर अभियान चेनाब घाटी क्षेत्र में सक्रिय आतंकी नेटवर्क को ध्वस्त करने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है। डोडा और पड़ोसी किश्तवाड़ जिलों में हाल के वर्षों में कई मुठभेड़ हुई हैं, क्योंकि आतंकियों ने जम्मू क्षेत्र के उन हिस्सों में फिर से गतिविधियां बढ़ाने की कोशिश की है, जहां पहले आतंकवाद पर काफी हद तक काबू पा लिया गया था।

    पिछले एक महीने से डोडा, किश्तवाड़, कठुआ, उधमपुर, राजौरी और पुंछ जिलों के ऊंचाई वाले इलाकों में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान जारी है। इस दौरान 10 से अधिक मुठभेड़ हुई हैं। इनमें से ज्यादातर किश्तवाड़, उधमपुर और कठुआ में हुई हैं, जिनमें जेईएम के चार पाकिस्तानी आतंकवादी ढेर हो गए और सेना का एक जवान शहीद हो गया। चार फरवरी को उधमपुर के रामनगर वन क्षेत्र और किश्तवाड़ के छत्रू इलाके में मुठभेड़ में दो आतंकवादी ढेर हो गए, जबकि 23 जनवरी को कठुआ के परेहतर इलाके में एक अन्य आतंकी मारा गया। वहीं, 18 जनवरी को छत्रू में हुई मुठभेड़ में सेना का एक ‘पैरा ट्रूपर’ शहीद हो गया।

  • J&K में गणतंत्र दिवस से पहले आतंकियों के खिलाफ बड़ा अभियान, 8 जवान घयाल

    J&K में गणतंत्र दिवस से पहले आतंकियों के खिलाफ बड़ा अभियान, 8 जवान घयाल

    जम्मू। जम्मू कश्मीर (Jammu and Kashmir) में किश्तवाड़ जिले (Kishtwar district) के एक सुदूर वन क्षेत्र में रविवार को सुरक्षाबलों (Security forces) और आतंकवादियों (Terrorists) के बीच छिड़ी मुठभेड़ में आठ जवान घायल हो गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच घंटों तक भीषण गोलीबारी हुई। उन्होंने बताया कि फिलहाल गोलीबारी बंद है। अधिकारियों के मुताबिक, घेराबंदी को मजबूत करने और आतंकवादियों को मार गिराने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं। सेना की जम्मू आधारित व्हाइट नाइट कोर द्वारा ‘ऑपरेशन त्राशी-1’ नाम से शुरू किया गया यह अभियान दोपहर के समय शुरू हुआ।

    ‘व्हाइट नाइट कोर’ ने ‘एक्स’ पर बताया कि जम्मू कश्मीर पुलिस के साथ मिलकर चलाए जा रहे संयुक्त आतंकवाद रोधी अभियान के तहत तलाशी के दौरान सुरक्षाबलों का चतरू के उत्तर-पूर्व में सोननार क्षेत्र में आतंकवादियों से सामना हुआ।

    सेना ने कहा, ‘‘घेराबंदी को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त बलों को तैनात किया गया है तथा नागरिक प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के साथ घनिष्ठ समन्वय के साथ अभियान जारी है।’’ सेना ने चुनौतीपूर्ण भौगोलिक स्थिति और परिस्थितियों में गोलीबारी का जवाब देते हुए असाधारण पेशेवर अंदाज एवं दृढ़ रुख प्रदर्शित करने पर जवानों की सराहना की।


    रुक-रुककर होती रही गोलीबारी

    अधिकारियों ने कहा कि एक तलाशी दल का सामना दो- तीन विदेशी आतंकवादियों से हुआ, जो कथित तौर पर पाकिस्तान आधारित जैश-ए-मोहम्मद से संबंधित हैं। उन्होंने कहा कि इन आतंकवादियों ने अंधाधुंध गोलीबारी की और घेराबंदी तोड़कर भागने की कोशिश के तहत हथगोले फेंके। उन्होंने बताया कि सुरक्षाबलों ने जवाबी कार्रवाई की तथा घेराबंदी को और कड़ा करने के लिए सेना, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और पुलिस के अतिरिक्त जवान मौके पर भेजे गए। उन्होंने बताया कि शाम 5.40 बजे तक दोनों पक्षों के बीच रुक-रुककर गोलीबारी होती रही।


    तीसरी मुठभेड़

    अधिकारियों ने बताया कि मुठभेड़ के दौरान आठ सैनिक घायल हो गए और उन्हें अस्पताल ले जाया गया। उन्होंने कहा कि घायलों में अधिकतर को हथगोले में धमाके से निकले छर्रे लगने से चोटें आई हैं। अधिकारियों ने बताया कि अभियान में तेजी लाने के लिए ड्रोन सहित उन्नत निगरानी उपकरण और खोजी कुत्तों को तैनात किया गया है। जम्मू क्षेत्र में इस साल सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच यह तीसरी मुठभेड़ है। इससे पहले कठुआ जिले के बिलवार क्षेत्र के कहोग और नजोते जंगलों में 7 और 13 जनवरी को मुठभेड़ हुई थी।


    गणतंत्र दिवस से पहले घुसपैठ की फिराक में आतंकी

    पिछले साल 15 दिसंबर को उधमपुर जिले के माजलता क्षेत्र के सोआन गांव में आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में एक पुलिस अधिकारी की जान गई थी जबकि घने जंगल और अंधेरे का फायदा उठाकर आतंकवादी फरार होने में सफल रहे थे।

    अधिकारियों ने बताया कि ये मुठभेड़ पिछले साल दिसंबर में जम्मू क्षेत्र के वन क्षेत्र में छिपे लगभग तीन दर्जन आतंकवादियों को खदेड़ने के लिए शुरू किए गए एक बड़े आतंकवाद रोधी अभियान के बाद हुई है। उन्होंने बताया कि गणतंत्र दिवस से पहले शांतिपूर्ण समारोह सुनिश्चित करने के लिए अभियान को तेज किया गया है, क्योंकि खुफिया जानकारी मिली है कि पाकिस्तान में बैठे आतंकियों के आका और अधिक आतंकवादियों को भेजने की फिराक में हैं।

  • Somalia में बड़ा आतंकी हमला, मोगादिशु के हयात होटल में घुसे आतंकवादी, 10 लोगों की मौत

    Somalia में बड़ा आतंकी हमला, मोगादिशु के हयात होटल में घुसे आतंकवादी, 10 लोगों की मौत


    मोगादिशु।
    सोमालिया (Somalia) में आतंकी समूह अल-शबाब (Al-Shabaab) के बंदूकधारियों ने एक होटल (Hotel) पर हमला कर दिया. इस घटना में 10 लोगों की मौत हो गई है तो वहीं करीब 9 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. घटना मोहादिशु (Mogadishu) की है जहां हयात होटल पर बंदूकधारियों ने गोलियों की बौछार कर दो कारों में विस्फोट किया. वहीं, अल-कायदा (Al-Qaeda) से जुड़े अल-शबाब समूह ने हमले की जिम्मेदारी ली है।

    एक सुरक्षा अधिकारी ने कहा कि, होटल हयात (Hotel Hyatt) में अब भी आतंकी घुसे हुए हैं और सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ जारी है. उन्होंने बताया होटल हयात पर हमले की सूचना मिलने पर मौके पर सुरक्षा बल पहुंचा जिसके बाद जिहादी समूह लड़ाकों और सुरक्षा बलों के बीच मुठभेड़ शुरू हुई. इन बंदूकधारियों के हयात होटल में घुसने से करीब एक मिनट पहले बड़ा धमाका हुआ था।


    दो सुरक्षा अधिकारी घायल हुए

    वहीं, पुलिस मेजर हसन दाहिर ने बताया कि, सुरक्षा बल और जिहादी समूह लड़ाकों के बीच हुई मुठभेड़ में मोगादिशु के खुफिया प्रमुख मुहीदीन मोहम्मद समेत दो सुरक्षा अधिकारी घायल हो गए हैं. वहीं, घटना के वक्त मौजूद लोगों के मुताबिक, पहले विस्फोट के कुछ मिनट बाद दूसरा विस्फोट हुआ. इन विस्फोटो के चलते सुरक्षा बलों के कुछ सदस्य और नागरिक हताहत हुए. एक शख्स ने बताया, घटना के बाद से इलाके भर में घेराबंदी कर दी गई है।


    पहला भी कर चुका है आतंकी समूह हमला

    वहीं, इस पूरी घटना की अल-कायदा से जुड़े अल-शबाब समूह ने जिम्मेदारी ली है. आतंकी समूह ने समर्थक वेबसाइट पर एक बयान में कहा, अल शबाब हमलावरों का एक समूह मोगादिशु में होटल हयात में घुस गया है और इस वक्त वो गोलीबारी कर रहे हैं. बता दें, सोमालिया सरकार के खिलाफ आतंकी संगठन का ये पहला हमला नहीं है. इससे पहले भी कई भयानक विस्फोटों को ये आतंकी समूह अंजाम दे चुका है।